रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के अरगड़ा क्षेत्र द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत स्थानीय समुदाय के लिए विभिन्न विकासात्मक एवं जनोपयोगी परियोजनाओं की शुरुआत की गई। इस क्रम में हेसलोंग में सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास तथा विभिन्न स्थानों पर ओपन जिम सुविधाओं का उद्घाटन किया गया।
मुख्य बिंदु :
-हेसलोंग में सामुदायिक भवन का शिलान्यास- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद श्री मनीष जायसवाल एवं मांडू विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने संयुक्त रूप से सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी।
-ओपन जिम सुविधाओं का लोकार्पण, स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गिद्दी ‘सी’, गिद्दी ‘ए’ तथा महाप्रबंधक कार्यालय के समीप स्थित सामुदायिक पार्क में ओपन जिम सुविधाओं का उद्घाटन किया गया।
सीसीएल अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर सीसीएल अरगड़ा क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री सत्यजीत कुमार, स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन) श्री राजीव कुमार, स्टाफ अधिकारी (असैनिक) श्री नासिर तौहीद सहित सीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, ओपन जिम के माध्यम से क्षेत्रवासियों को नियमित व्यायाम एवं स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
सीसीएल अरगड़ा क्षेत्र की ये पहल स्थानीय समुदाय के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार और स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सीसीएल अपने परिचालन क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ समुदाय के समग्र कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कोलकाता। गुरुवार को गीतिका पाण्डेय, महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे ने हावड़ा स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरणीय स्थिरता तथा जनभागीदारी के प्रति पूर्व रेलवे की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के दौरान सुश्री पाण्डेय ने सफाई मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट वितरित किए। इस पहल के माध्यम से रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वच्छता कर्मियों की व्यावसायिक सुरक्षा, गरिमा एवं कल्याण के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में शीलेन्द्र प्रताप सिंह, अपर महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे; परमानंद शर्मा, प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर; अन्य प्रधान विभागाध्यक्ष; हावड़ा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक तथा विभिन्न विभागों और मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
भारतीय रेल द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत” है, जो स्वच्छ एवं विकसित भारत के निर्माण में सामूहिक भागीदारी और साझा जिम्मेदारी पर बल देती है।
अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों का रूपांतरण तथा अधिक आवागमन वाले सार्वजनिक स्थलों की सफाई; ‘स्वच्छ पाठशाला – युवा फॉर स्वच्छता’ के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं की भागीदारी; ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविरों’ के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी पहल; व्यापक जनभागीदारी; चार-तरफा स्रोत पृथक्करण एवं जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना; तथा ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ और अन्य सर्कुलर इकोनॉमी पहलों को प्रोत्साहित करना शामिल है।
सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों के लिए निवारक स्वास्थ्य जांच, पात्र कर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, पीपीई एवं सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, उनके योगदान को सम्मानित करने तथा पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
हावड़ा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ई-कचरा प्रबंधन विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों तथा अन्य हितधारकों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के अनुचित निपटान से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति जागरूक करना था। नाटक के माध्यम से ई-कचरे के पृथक्करण, जिम्मेदार संग्रहण तथा पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इसके वैज्ञानिक निपटान के महत्व को रेखांकित किया गया।
पूर्व रेलवे में विभिन्न समन्वित अभियानों के माध्यम से स्वच्छता संबंधी गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का आयोजन 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक, जबकि विशेष अभियान 6.0 का आयोजन 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक किया जाएगा। इन अभियानों के दौरान निरंतर स्वच्छता एवं सैनिटेशन, अपशिष्ट प्रबंधन, रेलवे परिसरों में सुधार, ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निपटान तथा स्वच्छता संबंधी कार्यप्रणालियों को संस्थागत रूप देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री गीतिका पाण्डेय, महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे ने रेलवे कर्मचारियों, यात्रियों एवं सभी हितधारकों से स्वेच्छा से स्वच्छता अभियान में भाग लेने और ‘स्वच्छता’ को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल किसी अभियान या निर्धारित अवधि तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे निरंतर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों एवं यात्रियों से स्टेशनों, ट्रेनों तथा अन्य रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को सक्रिय रूप से अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ रेलवे पारिस्थितिकी तंत्र एक हरित, स्वस्थ और सतत भविष्य के निर्माण में योगदान देगा।
यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रव्यापी स्वच्छता आंदोलन का आह्वान 15 अगस्त, 2014 को लाल किले की प्राचीर से किया गया था, जिसके पश्चात 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ हुआ। तब से स्वच्छता संबंधी पहलों में जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर लगातार अधिक जोर दिया गया है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा, “स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि साझा और निरंतर जिम्मेदारी है। पूर्व रेलवे रेलवे कर्मचारियों, सफाई मित्रों, यात्रियों और अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रेलवे परिसरों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। हम सभी से अपील करते हैं कि स्वच्छता बनाए रखने, उचित अपशिष्ट पृथक्करण का पालन करने और पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाकर इस सामूहिक प्रयास में सहयोग करें। प्रत्येक जिम्मेदार कदम एक स्वच्छ रेलवे और अधिक सतत भविष्य की दिशा में योगदान देता है।”
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने गुरुवार से राष्ट्रव्यापी अभियान स्वच्छता ही सेवा–2026 के अंतर्गत स्वच्छता एवं यात्री जागरूकता संबंधी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया। यह अभियान 17 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में “स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत” थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है।
मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम की शुरुआत मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक/मालदा द्वारा स्वच्छता शपथ दिलाने के साथ हुई। इस अवसर पर श्री अमरेंद्र कुमार मौर्य, अपर मंडल रेल प्रबंधक/मालदा, शाखा अधिकारी, रेलवे कर्मचारी, हाउसकीपिंग कर्मचारी, स्काउट्स एवं गाइड्स तथा स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय श्री प्रदीप दास, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन), मालदा द्वारा किया गया।
अभियान के तहत भागलपुर, जमालपुर, नाथनगर, पीरपैंती, सुल्तानगंज, अकबरनगर, साहिबगंज, हंसडीहा, बांका और गोड्डा सहित प्रमुख स्टेशनों तथा जमालपुर लोको शेड और मालदा मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी स्वच्छता शपथ दिलाई गई। इसमें रेलवे कर्मचारियों एवं विभिन्न हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
जनभागीदारी एवं जागरूकता को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा नुक्कड़ नाटक आयोजित किया गया। इन संवादात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। स्काउट्स एवं गाइड्स टीम ने स्टेशन परिसर के साथ-साथ ट्रेनों में यात्रियों से संवाद कर स्वच्छता, कचरे के उचित निस्तारण तथा स्वच्छ रेलवे परिवेश बनाए रखने के संबंध में जागरूक किया।
अभियान के तहत यात्रियों के बीच 4-बिन कचरा पृथक्करण प्रणाली* के संबंध में जागरूकता पैदा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मालदा टाउन सहित मंडल के अन्य स्टेशनों पर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यात्रियों को कचरे को स्रोत पर ही उचित रूप से अलग-अलग करने एवं निर्धारित डिब्बों में डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने में जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने 4-बिन कचरा पृथक्करण प्रणाली के उचित उपयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान केंद्रित स्वच्छता गतिविधियों के लिए मालदा मंडल में कुल 1,000 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की पहचान की गई है।*
मालदा मंडल स्वच्छता संबंधी पहलों में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा यात्रियों एवं आम जनता के बीच स्वच्छ, स्वस्थ एवं सतत रेलवे परिसरों को बनाए रखने के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
धनबाद/गिरिडीह: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), धनबाद ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए मधुबन थाना प्रभारी के सहयोगी को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 16 सितंबर 2026 को गिरिडीह जिले के मधुबन थाना में की गई।
एसीबी के अनुसार, परिवादी की स्कॉर्पियो वाहन संख्या JH15K4933 19 जुलाई 2026 को चैनपुर, मधुबन थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में किसी की जानमाल की क्षति नहीं हुई थी। वाहन के बीमा क्लेम के लिए परिवादी ने थाना में लिखित सनहा दर्ज कराने का अनुरोध किया था।
आरोप है कि इस काम के लिए थाना प्रभारी दिपेश कुमार द्वारा परिवादी से 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई। परिवादी ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने पर एसीबी ने कांड संख्या 03/2026, दिनांक 15.09.2026 दर्ज किया और धावादल गठित कर कार्रवाई की। एसीबी की टीम ने थाना प्रभारी के निर्देश पर कथित तौर पर रिश्वत की राशि लेते अप्राथमिकी अभियुक्त विक्रम कुमार चौधरी को पकड़ लिया।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपी को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के मामलों में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। CID की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, JPSC प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े कांड संख्या 16/2026 में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक रोशन (29 वर्ष), पिता संजय कुमार सिंह, निवासी सुंदर नगर गार्डन मानगो, थाना उलीडीह, जिला जमशेदपुर तथा पंकज प्रसून (32 वर्ष), पिता अनिल कुमार सिंह, निवासी शिव भवन, कमलाकांत रोड, थाना सुखदेवनगर, जिला रांची के रूप में बताई गई है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
CID के मुताबिक, इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी “शिवांगन की पाठशाला, लालपुर” के कोचिंग संचालक संजित कुमार पर परीक्षाओं में अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। जांच के क्रम में अब दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
वहीं, JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित CID थाना कांड संख्या 01/2025 में भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें राजेश प्रसाद यादव, पिता जगदीश यादव, निवासी गोलवाढ़ाब, थाना डोमचांच, जिला कोडरमा और संदीप कुमार, पिता रामदेव सिंह, निवासी पूर्णा नगर, थाना कोडरमा, जिला कोडरमा शामिल हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन दोनों आरोपियों पर JSSC-CGL के कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में स्वच्छता को लेकर व्यापक अभियान की शुरुआत की गई है। स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत मंगलवार को सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची समेत कंपनी के सभी कोयला क्षेत्रों एवं इकाइयों में स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कंपनी के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यस्थल के साथ-साथ स्वच्छ समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
सीसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक (CCMC) श्री वी.के. शुक्ला ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। शपथ के दौरान सभी ने स्वच्छता को केवल कार्यालय अथवा कार्यस्थल तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसे अपने घर, गांव, मोहल्ले और पूरे समाज तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक और प्रत्येक कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने का संकल्प लिया।
100 लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प
स्वच्छता शपथ के दौरान सीसीएल कर्मियों ने अपने आसपास, गांव, मोहल्ले और कार्यस्थल को साफ-सुथरा रखने के साथ ही कम से कम 100 अन्य लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही लोगों को प्रत्येक वर्ष 100 घंटे स्वच्छता के लिए समर्पित करने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई।
कंपनी की ओर से माना जा रहा है कि इस तरह की गतिविधियों से स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और इसका सकारात्मक प्रभाव कार्यस्थल से निकलकर समाज के व्यापक स्तर तक पहुंचेगा।
तीन चरणों में चलेगा स्पेशल कैंपेन 6.0
स्पेशल कैंपेन 6.0 को इस वर्ष निर्धारित चरणों में संचालित किया जाएगा। अभियान का प्रिपरेटरी फेज 16 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में अभियान से जुड़ी तैयारियों, गतिविधियों और आवश्यक कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद 2 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही अभियान का मुख्य इंप्लीमेंटेशन फेज 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
इस दौरान सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों में स्वच्छता से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें कार्यस्थलों की साफ-सफाई, स्वच्छ वातावरण का निर्माण, लंबित मामलों का निस्तारण तथा कार्यालयों में स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्वच्छता को कार्यसंस्कृति से जोड़ने पर जोर
स्पेशल कैंपेन 6.0 के माध्यम से सीसीएल का उद्देश्य स्वच्छता को महज एक निर्धारित अवधि तक चलने वाला अभियान नहीं, बल्कि नियमित कार्यप्रणाली और व्यवहार का हिस्सा बनाना है। कार्यक्रम में कर्मचारियों ने यह संकल्प लिया कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को लगातार बनाए रखा जाएगा।
सीसीएल परिवार ने स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर कार्य वातावरण को एक-दूसरे से जोड़ते हुए इसे कंपनी की कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी से मुख्यालय से लेकर कोयला क्षेत्रों तक अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है।
हजारीबाग/चतरा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की टीम ने मंगलवार को चतरा जिले में कार्रवाई करते हुए एक राजस्व कर्मचारी को 15,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तुलसी यादव (46 वर्ष), पिता झमन यादव, ग्राम न्याखाप, प्रखंड एवं थाना गिद्धौर, जिला चतरा ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी अंगी देवी के नाम से ग्राम असडीया में स्थित 20 डिसमिल जमीन (खाता संख्या-20, प्लॉट संख्या-459) के म्यूटेशन के लिए राजस्व कर्मचारी सतीश सिन्हा द्वारा 35,000 रु रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत के आधार पर ACB द्वारा तकनीकी माध्यम से सत्यापन कराया गया। सत्यापन में पहली किस्त के रूप में 15,000 रु रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद हजारीबाग ACB थाना कांड संख्या 09/2026, दिनांक 14 सितंबर 2026, दर्ज किया गया।
मंगलवार 15 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग की गठित ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी एवं दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की। इस दौरान प्राथमिक अभियुक्त सतीश प्रसाद (57 वर्ष), पिता स्वर्गीय सुरेश प्रसाद, ग्राम गुली, पोस्ट पितीज, थाना इटखोरी, जिला चतरा को शिकायतकर्ता तुलसी यादव से 15,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया.गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रांची। झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ (JESA) की ओर से रांची में 59वें इंजीनियर्स डे एवं भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उनके कार्य, दूरदृष्टि और तकनीकी दक्षता के कारण आज भी उन्हें पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियर किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होते हैं। झारखंड में ऐसी संरचनाओं का निर्माण किया जाना चाहिए, जो जनता के लिए उपयोगी, मजबूत और टिकाऊ हों। निर्माण कार्य इस सोच और मजबूती के साथ किए जाने चाहिए कि उनकी चर्चा 100 वर्ष बाद भी हो।
मंत्री ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अपेक्षाकृत सुरक्षित राज्य है। ऐसे में यहां निर्मित होने वाली संरचनाओं में गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अभियंताओं से अनुशासन, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही, डीपीआर (DPR) में बार-बार संशोधन की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए योजना निर्माण के स्तर पर ही तकनीकी पहलुओं का गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ द्वारा रखी गई मांगें जायज हैं। चाहे वह वाहनों की आवश्यकता का विषय हो अथवा तकनीकी प्रशिक्षण से संबंधित मांग, सरकार के स्तर पर इनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड के अभियंताओं में क्षमता और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी तकनीकी दक्षता और अनुभव का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में ऐसी विशिष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण किया जाए, जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो और जिन्हें देखने के लिए देशभर से लोग झारखंड आएं।
मंत्री ने कहा कि मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की कार्य संस्कृति, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरणा लेकर झारखंड के विकास को नई दिशा दी जा सकती है। समारोह के दौरान इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मियों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफ़िज़ुल हसन, विभागीय सचिव, झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अभियंता एवं तकनीकी कर्मी उपस्थित रहे।
साहिबगंज के बाढ़ प्रभावित स्कूल दो दिन रहेंगे बंद
साहिबगंज। जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। गंगा नदी के किनारे स्थित और बाढ़ से प्रभावित सरकारी एवं निजी विद्यालयों को 9 और 10 सितंबर 2026 को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, साहिबगंज की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय जल आयोग, निचली गंगा मंडल-2, पटना की रिपोर्ट के अनुसार साहिबगंज जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.25 मीटर ऊपर बह रहा है। वहीं 9 सितंबर की सुबह 6 बजे तक जलस्तर में करीब 13 सेंटीमीटर और वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा नदी के किनारे स्थित उन विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है, जो बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
प्रधानाध्यापकों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश
जारी आदेश में सभी बाढ़ प्रभावित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें।
साथ ही आदेश की प्रतिलिपि संबंधित शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अपर समाहर्ता एवं उप विकास आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद करने का यह फैसला प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम माना जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
साहिबगंज। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और जिले में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
इसी क्रम में साहिबगंज के अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द एवं अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू ने बाढ़ प्रभावित बड़ा रामपुर दियारा, टोपरा दियारा, रामनगर दियारा एवं बलुआटोली दियारा का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा जरूरतमंद परिवारों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण किया।
इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ की चुनौतीपूर्ण स्थिति में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप राहत सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर स्थिति का आकलन करने और जरूरतमंद परिवारों तक समय पर खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
वहीं, प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू ने भी संबंधित कर्मियों को प्रभावित इलाकों में नियमित रूप से भ्रमण कर स्थिति की जानकारी लेने तथा जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में साहिबगंज जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
???? 9006963963, 9631155933, 9065370630
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काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे थे कुछ लोग, मारपीट कर जबरन गाड़ी में बैठाने का आरोप; सूचना मिलते ही रांची पुलिस ने शहर में चलाया सघन एंटी क्राइम चेकिंग अभियान
रांची। राजधानी रांची में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के सामने से चतरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ को कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से मारपीट कर जबरन गाड़ी में बैठाकर अपहरण करने का प्रयास करने की सूचना पुलिस को मिली। घटना की जानकारी मिलते ही रांची पुलिस तत्काल हरकत में आ गई और पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय कर दिया गया।
पुलिस को 7 सितंबर 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्ति काले रंग की स्कॉर्पियो से एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के सामने पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने विधायक के बेटे सौरभ के साथ मारपीट की और इसके बाद उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर वहां से ले गए।
सूचना मिलते ही शहर में शुरू हुई नाकेबंदी
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने बिना समय गंवाए शहर के विभिन्न हिस्सों में एंटी क्राइम चेकिंग शुरू कर दी। प्रमुख मार्गों और संभावित रास्तों पर पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गईं। विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ स्थानीय विधानसभा थाना की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सकुशल बरामद हुए सौरभ
रांची पुलिस के अनुसार, मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अत्यल्प समय में विधायक जनार्दन पासवान के पुत्र सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया।
सौरभ के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि, उन्हें किन लोगों ने जबरन गाड़ी में बैठाया, घटना के पीछे क्या कारण था और मारपीट क्यों की गई—इन सवालों का जवाब पुलिस की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
आरोपियों की तलाश और पूछताछ पर नजर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से मिले संभावित सुरागों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि सौरभ को कहां ले जाया गया था और इस पूरी घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
त्वरित पुलिस कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
राजधानी में विधायक के बेटे को कथित रूप से जबरन ले जाने की सूचना ने पुलिस महकमे में भी तत्काल सक्रियता बढ़ा दी। सूचना मिलते ही शहर में चेकिंग अभियान शुरू करना और बेहद कम समय में सौरभ को सकुशल बरामद कर लेना रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।
अब पूरे मामले में पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह घटना वास्तव में अपहरण थी या इसके पीछे कोई अन्य विवाद अथवा कारण था। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और विधि-सम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
पटवर टोला में 56 वर्षीय जीछु राम की डूबने से मौत, कृष्ण प्रसाद दियारा में कंचन कुमारी की तलाश जारी; आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी पर ग्रामीणों में आक्रोश
साहिबगंज। जिले में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार विकराल होती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ अब शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटे में बाढ़ के पानी में डूबने की दो घटनाओं ने इलाके में दहशत पैदा कर दी है। एक घटना में 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में छह वर्षीय बच्ची लापता है।
पटवर टोला में 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत
सदर प्रखंड के बड़ी कोदरजन्ना स्थित पटवर टोला में सोमवार सुबह 56 वर्षीय जीछु राम, पिता धन्नी राम, की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण घर के चारों ओर पानी भर गया था। परिवार के सदस्य घर का सामान सुरक्षित स्थान पर निकालने में जुटे थे। इसके बाद जीछु राम देर शाम घर में सोने चले गए।
सुबह तक जब वह बाहर नहीं निकले तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उनका शव पानी में मिला। घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना प्रभारी अनीश कुमार पाण्डेय, एएसआई उमाकांत ओझा और एएसआई केशव मालाकार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।
नहाने के दौरान छह वर्षीय बच्ची बाढ़ के पानी में डूबी
वहीं, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कृष्ण प्रसाद दियारा में रविवार को नहाने के दौरान छह वर्षीय कंचन कुमारी बाढ़ के पानी में डूब गई। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बच्ची की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
सोमवार पूर्वाह्न करीब 10 बजे तक गोताखोरों और मुफस्सिल थाना पुलिस की टीम बाढ़ के पानी में बच्ची की तलाश में जुटी रही। बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बाढ़ के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से जूझ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक केंद्र में सीएचओ नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हैं और एएनएम की भी पर्याप्त मौजूदगी नहीं है। ग्रामीणों का दावा है कि यहां पदस्थापित सीएचओ को सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि बड़ी कोदरजन्ना में पदस्थापित छह एएनएम को जिला मुख्यालय में कार्य लिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस समय पूरा गांव बाढ़ की चपेट में है और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे अधिक जरूरत है, उस समय स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू, डायरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति लोगों की परेशानी को और बढ़ा सकती है।
ग्रामीणों, वार्ड सदस्य और मुखिया की ओर से स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग को लेकर उपायुक्त और सिविल सर्जन को लिखित आवेदन दिए जाने की बात कही गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की व्यवस्था नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने तत्काल मेडिकल टीम भेजने की मांग की
ग्रामीणों ने बड़ी कोदरजन्ना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तत्काल सीएचओ और एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष मेडिकल टीम भेजने, पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराने और आवश्यक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण जब लोगों के सामने जीवन बचाने की चुनौती है और बीमारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है, तब स्वास्थ्य केंद्र में कर्मियों की कमी दूर करना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मौत और बच्ची के लापता होने की घटना ने राहत एवं बचाव व्यवस्था के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई पर है।
नई दिल्ली/रांची। खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर देशभर में चर्चा के बीच राजनीतिक रूप से बहस छिड़ी हुई है साथ ही राज्यों के अधिकार, खनिज राजस्व और जमीन के नियंत्रण को लेकर कई सवाल और भ्रांतियां सामने आ रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह संशोधन खनिज क्षेत्र में कराधान और नियमन से जुड़े प्रावधानों को अधिक स्पष्ट, पारदर्शी और एकरूप बनाने पर केंद्रित है। दस्तावेज के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को संसद ने MMDR संशोधन विधेयक, 2026 को पारित किया।
क्या राज्यों के अधिकार खत्म हो जाएंगे?
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या इस संशोधन के बाद खनिज संपदा से जुड़े राज्यों के अधिकार कम हो जाएंगे। दस्तावेज के अनुसार ऐसा नहीं है। राज्यों की जमीन पर उनका अधिकार बना रहेगा और खनन से प्राप्त राजस्व में राज्यों का हिस्सा भी जारी रहेगा। इसके अलावा गौण खनिजों के नियमन और नियंत्रण की जिम्मेदारी भी राज्यों के पास ही रहेगी।
विधेयक के सेक्शन 9(घ) के तहत खनिज अधिकारों या खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर अथवा अन्य शुल्क लगाने का अधिकार राज्यों के पास रहेगा। हालांकि, ऐसे कराधान को केंद्र सरकार द्वारा विनियमित किया जा सकता है।
राज्यों के राजस्व में कटौती नहीं
खनिज क्षेत्र से राज्यों को मिलने वाले राजस्व को लेकर भी महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया गया है। दस्तावेज में कहा गया है कि संशोधन का उद्देश्य राज्यों की आय कम करना नहीं है। इसमें राज्यों का हिस्सा लगभग 90 प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखने की बात कही गई है।
इसका अर्थ यह है कि खनिज क्षेत्र में कराधान और नियमन की व्यवस्था को स्पष्ट करने के साथ राज्यों के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है।
राज्यों की जमीन पर नहीं होगा कोई असर?
खनिज-युक्त जमीन को लेकर भी कई तरह की आशंकाएं सामने आती रही हैं। दस्तावेज के मुताबिक MMDR संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य जमीन के मालिकाना हक को बदलना नहीं है।
जिस जमीन पर राज्य का अधिकार है, वह अधिकार इस संशोधन के कारण समाप्त नहीं होता। विधेयक का संबंध मुख्य रूप से खनिज-युक्त भूमि पर कराधान से जुड़े विषयों को स्पष्ट और व्यवस्थित करने से है।
यानी जमीन का मालिकाना हक और खनिज से संबंधित कराधान दो अलग-अलग विषय हैं। इन्हें एक-दूसरे से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।
रेत, बजरी, बोल्डर और मोरम पर राज्यों का नियंत्रण बरकरार
गौण खनिजों यानी Minor Minerals को लेकर भी विधेयक में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। दस्तावेज के अनुसार करीब 50 गौण खनिज राज्यों के नियंत्रण में ही रहेंगे।
रेत, बजरी, बोल्डर और मोरम जैसे खनिजों के नियमन एवं प्रशासन में राज्यों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी। इन खनिजों का सीधा संबंध स्थानीय निर्माण कार्यों, सड़क, मकान और बुनियादी ढांचे से है। इसलिए इनके प्रशासन में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
रॉयल्टी से लेकर DMF और GST तक राज्यों का हिस्सा सुरक्षित
खनन से राज्यों को कई माध्यमों से राजस्व प्राप्त होता है। इनमें रॉयल्टी, ऑक्शन प्रीमियम, जिला खनिज फाउंडेशन यानी DMF और GST में राज्यों का हिस्सा प्रमुख हैं।
दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि इन राजस्व स्रोतों में राज्यों के हिस्से को सुरक्षित रखा गया है। रॉयल्टी से मिलने वाला राजस्व जारी रहेगा, ऑक्शन प्रीमियम से राज्यों को मिलने वाला हिस्सा बना रहेगा और DMF के माध्यम से मिलने वाले लाभ भी जारी रहेंगे। इसके अलावा GST में राज्यों का हिस्सा भी सुरक्षित बताया गया है।
आखिर संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी?
अब सवाल यह है कि यदि राज्यों के अधिकार और राजस्व में कटौती नहीं की जा रही है तो फिर MMDR कानून में संशोधन की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?
दस्तावेज के अनुसार खनिज क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उद्योग, निर्माण, ऊर्जा, सड़क, रेलवे और बुनियादी ढांचे की अनेक परियोजनाएं खनिज संसाधनों पर निर्भर हैं। समय के साथ इस क्षेत्र में नई परिस्थितियां और चुनौतियां सामने आई हैं। ऐसे में कराधान और नियमन से जुड़े नियमों में स्पष्टता और एकरूपता की आवश्यकता महसूस हुई।
14 तरह की मौजूदा लेवी से व्यवस्था हुई जटिल
खनिज क्षेत्र में अलग-अलग स्तरों पर कई प्रकार के कर और शुल्क पहले से लागू रहे हैं। दस्तावेज के अनुसार राज्यों की ओर से 14 मौजूदा लेवी लगाए जाने की स्थिति में कराधान की व्यवस्था कई बार जटिल हो सकती है।
इसी वजह से स्पष्ट और समान कर व्यवस्था की जरूरत बताई गई है, ताकि सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों के बीच नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति कम हो और सभी पक्ष अपने अधिकारों एवं दायित्वों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
MMDR संशोधन विधेयक के पीछे एक महत्वपूर्ण तर्क यह है कि खनिज क्षेत्र में विकास, निवेश और बेहतर व्यवस्था के साथ राज्यों के अधिकार एवं राजस्व भी सुरक्षित रहें।
दस्तावेज में कहा गया है कि राज्यों के अधिकार बने रहें, उनका राजस्व बना रहे और साथ ही खनिज क्षेत्र में सुधार हो—इसी संतुलन को इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण विशेषता के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्यों के लिए मुद्दा अहम
खनिज संसाधनों से जुड़े राज्यों के लिए यह विषय विशेष महत्व रखता है, क्योंकि खनन से प्राप्त राजस्व राज्य की आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि राज्यों की जमीन नहीं ली जा रही है, गौण खनिज राज्यों के नियंत्रण में रहेंगे और खनन क्षेत्र से मिलने वाले राजस्व में राज्यों का हिस्सा सुरक्षित रहेगा।
लगभग 90 प्रतिशत खनन क्षेत्र के राजस्व हिस्से को राज्यों के पास बनाए रखने तथा रॉयल्टी, ऑक्शन प्रीमियम, DMF और GST जैसे स्रोतों में राज्यों के हिस्से को सुरक्षित रखने की बात कही गई है।
विकास की रफ्तार बढ़ने से राज्यों को भी लाभ
देश में एक्सप्रेस-वे, रेलवे लाइन, उद्योग, आवास और ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है। इन सभी के लिए बड़ी मात्रा में खनिज संसाधनों की आवश्यकता होती है।
यदि खनिज क्षेत्र में नियम सरल और स्पष्ट होते हैं, निवेश का वातावरण बेहतर होता है और परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ती हैं, तो इसका लाभ केवल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा। दस्तावेज के अनुसार इससे रोजगार, स्थानीय कारोबार और राज्यों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ सकते हैं।
MMRD का क्या है निष्कर्ष
MMDR संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि राज्यों की जमीन का मालिकाना हक समाप्त नहीं किया जा रहा है, गौण खनिजों पर राज्यों का नियंत्रण बरकरार है और खनन से जुड़े प्रमुख राजस्व स्रोतों में राज्यों के हिस्से को सुरक्षित रखने की बात कही गई है।
ऐसे में इस संशोधन को केवल केंद्र बनाम राज्य के नजरिए से देखने के बजाय खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, स्पष्ट कर व्यवस्था, निवेश, विकास और राज्यों के आर्थिक हितों के बीच संतुलन के रूप में समझने की जरूरत है।
दस्तावेज में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच सहयोग और समन्वय बनाए रखते हुए ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया गया है।
साहिबगंज। झारखंड सरकार के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन पर साहिबगंज जिला प्रशासन की ओर से समाहरणालय सभागार में शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं समाहरणालय कर्मियों ने दिवंगत मंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
शोक सभा में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार, मुख्यालय डीएसपी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं समाहरणालय के कर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
जनसेवा और विकास में योगदान को किया याद
शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार का असामयिक निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई तथा राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ी क्षति हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के कार्यों और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से उनके सहयोगियों, समर्थकों और आम लोगों में गहरा शोक है।
परिवार के प्रति जताई संवेदना
शोक सभा के दौरान जिला प्रशासन के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने दिवंगत मंत्री के शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले तथा परिजनों को इस कठिन और दुखद घड़ी में अपार दुःख सहन करने की शक्ति और संबल प्राप्त हो।
गिरिडीह। झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। हरसिंहरायडीह स्थित उनके आवास से निकली अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और श्मशान घाट तक पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
दिवंगत मंत्री की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई दी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अंतिम यात्रा में पैदल शामिल हुए और पार्थिव शरीर को कंधा देकर श्मशान घाट तक पहुंचे। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा—झारखंड ने खोया कर्मठ जनप्रतिनिधि
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देर रात हृदयाघात के कारण सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। यह सरकार और पूरे झारखंड के लिए अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे और गंभीरता एवं परिपक्वता के साथ उन्होंने विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार का इतनी कम उम्र में असमय चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व को खो दिया है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार के योगदान को झारखंड हमेशा याद रखेगा।
सरकार परिवार के साथ खड़ी—हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार दिवंगत मंत्री के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। सरकार की ओर से परिवार को हर संभव सहयोग और संबल दिया जाएगा। उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
कल्पना सोरेन ने भी दी श्रद्धांजलि
विधायक कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी, गिरिडीह जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मंत्रिमंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
अंतिम यात्रा के दौरान लोगों में अपने प्रिय नेता को खोने का गहरा दुख दिखाई दिया। हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से पूरे गिरिडीह सहित झारखंड के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।
दिवंगत मंत्री के निधन को मुख्यमंत्री ने झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उनका योगदान और जनसेवा के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
गिरिडीह । झारखंड सरकार में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री तथा गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर है। युवा और सक्रिय जनप्रतिनिधि के असामयिक निधन से राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है।
दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को गिरिडीह पहुंचे। मुख्यमंत्री हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए और उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है। उनका निधन केवल उनके परिवार और समर्थकों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
‘राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि और युवा नेतृत्व खो दिया’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार के निधन से झारखंड ने एक ऐसे जनप्रतिनिधि को खो दिया है, जो लगातार जनता से जुड़े मुद्दों और राज्य के विकास के लिए सक्रिय रहते थे। सरकार में मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके योगदान, सेवाओं और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस कठिन और दुख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।
कल्पना सोरेन ने भी दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन भी दिवंगत मंत्री के आवास पहुंचीं। उन्होंने सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।
सुदिव्य कुमार के निधन की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, समर्थक और आम लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। गिरिडीह में उनके आवास पर लोगों की भीड़ जुट रही है और हर कोई अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहा है।
दो दिवसीय राजकीय शोक, 7 सितंबर को सरकारी कार्यालय बंद
दिवंगत मंत्री के सम्मान में झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। वहीं 7 सितंबर 2026 को झारखंड सरकार के अधीन सभी सरकारी कार्यालय कार्यपालक आदेश के तहत बंद रहेंगे।
सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन ने झारखंड की राजनीति में एक बड़ी रिक्तता पैदा कर दी है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
रांची । झारखंड सरकार ने नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर राज्य में दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से 6 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, दिवंगत मंत्री के सम्मान में 6 और 7 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राजकीय शोक मनाया जाएगा।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 7 सितंबर 2026 (सोमवार) को झारखंड सरकार के अधीन सभी कार्यालय कार्यपालक आदेश के तहत बंद रहेंगे।
अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा जारी सूचना के आलोक में लिया गया है। झारखंड के राज्यपाल के आदेश से सरकार के अवर सचिव दिलीप कुमार साह द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई है।
सरकार की ओर से संबंधित सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों सहित विभिन्न संवैधानिक एवं प्रशासनिक संस्थानों को आवश्यक कार्रवाई और सूचना के लिए आदेश की प्रति भेजी गई है।
एक दिन बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय
➡️ 6 सितंबर: राजकीय शोक
➡️ 7 सितंबर: राजकीय शोक और सभी सरकारी कार्यालय बंद
➡️ 8 सितंबर से: कार्यालयों के सामान्य रूप से खुलने की संभावना
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में मुख्यमंत्री ने सुदिव्य कुमार सोनू को केवल वरिष्ठ राजनीतिक साथी और सहकर्मी नहीं, बल्कि “बड़े भाई” के समान बताया।
हेमंत सोरेन ने लिखा कि देर रात उन्हें अपने बड़े भाई और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की दुखद खबर मिली। उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया के जाने से उनके जीवन में ऐसी रिक्तता पैदा हुई है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
राजनीतिक साथी से बढ़कर था भाई जैसा रिश्ता
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि सोनू भैया उनके लिए केवल एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वे स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले बड़े भाई की तरह थे।
उन्होंने कहा कि सोनू कुमार के साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेगी।
झारखंड आंदोलन से जुड़ा रहा संघर्ष
हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सोनू स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरु के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू ने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि झारखंडियत के प्रति सोनू की प्रतिबद्धता और जुड़ाव की भावना हमेशा याद की जाएगी।
“जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है”—हेमंत सोरेन
सुदिव्य कुमार सोनू को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने जीवन की क्षणभंगुरता पर भी भावुक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कल तक जो आवाज उनके बीच थी, वह आज सिर्फ स्मृतियों में रह गई है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू भैया का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनकी कमी उन्हें हमेशा महसूस होगी।
“आपका स्नेह और संघर्ष जीवनभर साथ लेकर चलूंगा”
मुख्यमंत्री ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके स्नेह, संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को वे जीवनभर अपने साथ लेकर चलेंगे।
अपने संदेश के अंत में हेमंत सोरेन ने बेहद भावुक शब्दों में लिखा—“आप हमेशा याद आएंगे भैया…”
कोलकाता / मालदा। मालदा रेल मंडल के न्यू फरक्का क्षेत्र में जमीन धंसने (Land Subsidence) की घटना के कारण रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने के साथ-साथ लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है।वही पूर्व रेलवे जीएम गीतिका पांडे ने घटना स्थल पर पहुंच कर निरीक्षण किया है।
पूर्व रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 5 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली कुछ ट्रेन सेवाओं को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है।
ये ट्रेनें रहेंगी रद्द
5 सितंबर को यात्रा शुरू करने वाली निम्नलिखित ट्रेनें रद्द रहेंगी—
- 53028 मालदा टाउन–आजिमगंज पैसेंजर
- 63402 मालदा टाउन–साहिबगंज मेमू
- 63422 साहिबगंज–आजिमगंज मेमू
- 53030 भागलपुर–आजिमगंज पैसेंजर
- 63401 साहिबगंज–मालदा टाउन मेमू
- 63421 आजिमगंज–साहिबगंज मेमू
- 53433 आजिमगंज–बरहरवा पैसेंजर
- 53029 आजिमगंज–भागलपुर पैसेंजर
कटिहार-मांसी-मुंगेर-किऊल होकर चलेंगी ट्रेनें
न्यू फरक्का की स्थिति के कारण कुछ ट्रेनों को कटिहार–मांसी–मुंगेर–किऊल के रास्ते डायवर्ट किया गया है। इनमें—
- 14003 मालदा टाउन–नई दिल्ली एक्सप्रेस — 5 सितंबर से
- 15744 भटिंडा–बालुरघाट फरक्का एक्सप्रेस — 3 सितंबर से
- 09033 उधना–मालदा टाउन स्पेशल — 3 सितंबर से
शामिल हैं।
न्यू फरक्का–आजिमगंज–कटवा–बंडेल होकर चलेंगी ट्रेनें
इस मार्ग से डायवर्ट की गई ट्रेनों में—
- 12042 न्यू जलपाईगुड़ी–हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस
- 12346 गुवाहाटी–हावड़ा सरायघाट एक्सप्रेस
- 22301 हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस
- 13053 हावड़ा–राधिकापुर कुलिक एक्सप्रेस
- 12363 कोलकाता–हल्दीबाड़ी सुपरफास्ट एक्सप्रेस
शामिल हैं। इनमें संबंधित ट्रेनों की यात्रा तिथि के अनुसार मार्ग परिवर्तन लागू किया गया है।
न्यू फरक्का–आजिमगंज–नलहाटी मार्ग से भी डायवर्जन
कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को न्यू फरक्का–आजिमगंज–नलहाटी के रास्ते चलाया जा रहा है। इनमें—
- 16524 बालुरघाट–एसएमवीबी बेंगलुरु एक्सप्रेस
- 17032 अगरतला–चारलापल्ली एक्सप्रेस
- 13175 सियालदह–सिलचर कंचनजंघा एक्सप्रेस
- 16223 एसएमवीबी बेंगलुरु–राधिकापुर एक्सप्रेस
- 15929 तांबरम–न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस
शामिल हैं।
यात्रियों से अपील
न्यू फरक्का में जमीन धंसने की स्थिति को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के नवीनतम परिचालन, रद्दीकरण या मार्ग परिवर्तन की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि स्टेशन पहुंचने के बाद किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रांची: बिजली विभाग की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पिठौरिया प्रखंड की कोकोदरो पंचायत में राजमिस्त्री का काम करने वाले कैलाश के तीन कमरों के मकान का अगस्त महीने का बिजली बिल करीब 29 लाख 88 हजार रुपये पहुंच गया। हैरानी की बात यह है कि घर में सिर्फ तीन बल्ब और तीन पंखे हैं।
कैलाश के घर का बिजली कनेक्शन उनकी मां रूपन देवी के नाम पर है। इतना भारी-भरकम बिल देखकर परिवार के लोग भी सकते में आ गए और बिजली विभाग से शिकायत की।
बताया जा रहा है कि कोकोदरो पंचायत के कई अन्य उपभोक्ताओं को भी लाखों रुपये के गलत बिजली बिल भेजे गए हैं। मामले की जांच में विभाग ने माना कि मीटर रीडिंग के दौरान ऊर्जा मित्र से दशमलव दर्ज करने में गलती हुई, जिसके कारण बिजली की खपत वास्तविक खपत से कई गुना अधिक दर्ज हो गई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, कैलाश के बिजली बिल में सुधार कर दिया गया है। वहीं, पंचायत के अन्य प्रभावित उपभोक्ताओं के बिलों की भी जांच कर उन्हें दुरुस्त करने की प्रक्रिया जारी है।
इस घटना ने बिजली बिल की मीटर रीडिंग और उसकी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी गंभीर गलतियों से बचने के लिए बिल जारी करने से पहले रीडिंग की उचित जांच की जाए।
मालदा। मालदा मंडल में न्यू फरक्का के पास जमीन धंसने की घटना के बाद रेलवे ने ट्रेनों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 4 सितंबर 2026 को यात्रा शुरू करने वाली कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है।
रद्द की गई ट्रेनें:
4 सितंबर को यात्रा शुरू करने वाली 53433/53434 आजीमगंज–बरहरवा–आजीमगंज पैसेंजर, 63421/63422 आजीमगंज–साहिबगंज–आजीमगंज मेमू, 53027 आजीमगंज–मालदा टाउन पैसेंजर और 53029 आजीमगंज–भागलपुर पैसेंजर को रद्द कर दिया गया है।
इन ट्रेनों के मार्ग में बदलाव:
न्यू फरक्का–आजीमगंज–कटवा–बंडेल होकर 13054 राधिकापुर–हावड़ा एक्सप्रेस और 13162 बालुरघाट–कोलकाता एक्सप्रेस का परिचालन किया जाएगा। दोनों ट्रेनें 4 सितंबर को अपनी यात्रा शुरू करेंगी।
वहीं, 15743 बालुरघाट–भटिंडा फरक्का एक्सप्रेस और 15657 दिल्ली–कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल को कटिहार–मुंगेर–किऊल मार्ग से चलाया जाएगा। ब्रह्मपुत्र मेल 3 सितंबर को यात्रा शुरू कर चुकी है।
इसके अलावा 15227 एसएमवीबी बेंगलुरु–मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, जिसकी यात्रा 3 सितंबर से शुरू हुई है, को पहले निर्धारित बरहरवा–साहिबगंज–मुंगेर मार्ग के बजाय नलहाटी–आजीमगंज–न्यू फरक्का होकर डायवर्ट किया गया है।
साहिबगंज से शुरू होगी पटना एक्सप्रेस
रेलवे ने 13415 मालदा टाउन–पटना एक्सप्रेस के परिचालन में भी बदलाव किया है। 4 सितंबर को यात्रा शुरू करने वाली यह ट्रेन मालदा टाउन के बजाय साहिबगंज से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
साहिबगंज। बाढ़ का पानी उतरने के बाद साहिबगंज के प्रभावित इलाकों में अब संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। जगह-जगह जमा गंदगी, जलजमाव और बढ़ते मच्छरों के प्रकोप के कारण ग्रामीणों में मलेरिया, डेंगू, डायरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच कोर्दाजनना गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 10 हजार की आबादी वाले कोर्दाजनना गांव में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लंबे समय से सीएचओ और एएनएम की नियमित उपलब्धता नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पदस्थापित सीएचओ राजेश कुमार यादव आयुष्मान आरोग्य मंदिर के बजाय सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। वहीं, केंद्र में पदस्थापित एएनएम से भी मुख्यालय अस्पताल में कार्य लिए जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। इसके कारण गांव के स्वास्थ्य केंद्र में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है।
बाढ़ के बाद बढ़ी बीमारी की आशंका
बाढ़ का पानी घटने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर गंदगी और जलजमाव बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम होने के साथ ही मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मलेरिया और डेंगू के अलावा दूषित पानी से डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ के पानी के संपर्क में रहने के कारण त्वचा संबंधी संक्रमण की आशंका भी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित मौजूदगी बेहद जरूरी है, ताकि बीमारियों के लक्षण सामने आने पर तत्काल जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उपायुक्त और सिविल सर्जन से की जा चुकी है मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य ग्रामीणों ने कुछ दिन पूर्व उपायुक्त एवं सिविल सर्जन को लिखित आवेदन देकर कोर्दाजनना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थापित सीएचओ को वापस केंद्र पर भेजने की मांग की थी। साथ ही एएनएम को भी नियमित रूप से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सेवा देने की मांग की गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार आवेदन दिए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि बाढ़ के बाद किसी संक्रामक बीमारी का प्रकोप बढ़ता है तो स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य शिविर, दवा छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से कोर्दाजनना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ और एएनएम की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने, मलेरिया-डेंगू समेत अन्य संभावित बीमारियों की जांच कराने और जरूरतमंदों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने गांव में साफ-सफाई, मच्छररोधी दवा का छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बीमारी फैलने का इंतजार करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग को अभी से प्रभावित क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ानी चाहिए, ताकि संभावित संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
रांची। झारखंड में बंद हो रही कोयला खदानों को नई उपयोगिता देने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। गिरिडीह ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) और रामगढ़ जिले की करमा OCP को पायलट परियोजना के लिए चयनित किया गया है। दोनों खदानों के लिए भारत सरकार को अनुशंसा भेजने पर सहमति बनी है।
यह पहल भारत सरकार के कोयला मंत्रालय और जर्मनी की संस्था GIZ के सहयोग से चल रही Technical Cooperation on To-be-Closed Coal Mines (TCCM) परियोजना के तहत की जा रही है। रांची में हुई उच्चस्तरीय बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल समेत राज्य सरकार, GIZ, कोल कंट्रोलर ऑर्गनाइजेशन, CCL और CMPDI के अधिकारी मौजूद रहे।
बंद खदानों को बनाया जाएगा उपयोगी
परियोजना के तहत दोनों खदानों के लिए Final Mine Closure and Repurposing Plan तैयार किया जाएगा। इसमें खदान बंद होने के बाद जमीन, जल संसाधन, पर्यावरण, आधारभूत संरचना और स्थानीय अर्थव्यवस्था के पुनर्पयोग की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य खदान बंदी को केवल खनन गतिविधि खत्म होने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों को पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित, सामाजिक रूप से समावेशी और आर्थिक रूप से उत्पादक बनाना है।
नवीकरणीय ऊर्जा से पर्यटन तक खुलेंगे नए रास्ते
बंद खदानों की भूमि का उपयोग भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, कौशल विकास केंद्र समेत अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इससे खनन प्रभावित इलाकों में पर्यावरण सुधार के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
करमा OCP के 8 गांवों पर विशेष फोकस
करमा OCP के पांच किलोमीटर के प्रभाव क्षेत्र में आने वाले सुगिया, मरार, बोंगाबार, करमा, कैथा, कंडेर, लोढ़मा और पैंकी गांवों को चिन्हित किया गया है। इन गांवों में सामाजिक-आर्थिक स्थिति, कमजोर वर्गों और आजीविका के अवसरों का आकलन किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर समन्वय के लिए Mine Closure Advisory Committee का भी गठन किया गया है।
मार्च 2030 तक चलेगी परियोजना
परियोजना के तहत विस्तृत DPR तैयार की जाएगी, जिसमें पर्यावरणीय पुनर्स्थापन, भूमि उपयोग, जल प्रबंधन, माइन वॉइड मैनेजमेंट और आधारभूत संरचना के पुनर्पयोग को शामिल किया जाएगा। उपयुक्त स्थानों पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और अन्य निवेश की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
TCCM परियोजना मार्च 2030 तक संचालित होगी। इसके अनुभवों के आधार पर तैयार मॉडल को देश की अन्य बंद हो रही कोयला खदानों में भी लागू करने की योजना है। राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल झारखंड में सस्टेनेबल पोस्ट-माइनिंग डेवलपमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अगस्त, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 06 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 132 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएं एवं स्मृतियां साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- राजेश मोहन, महाप्रबंधक(सिविल), वेलफेयर एंड सर्विसेज/सिविल विभाग; डॉ राजीव कुमार जायसवाल, सीएमओ, दरभंगा हाउस डिस्पेंसरी; सुनीता रवि, मैट्रन ए-1, गांधी नगर अस्पताल; अबनिधर मुखर्जी, ड्राइवर, उत्खनन विभाग; गोवर्धन राम, डुप्लीकेट/जेरॉक्स ऑपरेटर, वित्त (वेतन प्रकोष्ठ) एवं तुलसी केरकेट्टा, वार्ड परिचारक, गांधी नगर अस्पताल।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक(मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को उनके दीर्घकालीन सेवाकाल और कंपनी के प्रति समर्पण के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीसीएल की प्रगति में प्रत्येक कर्मी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध भविष्य की कामना की।
वहीं, सीवीओ पंकज कुमार ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों ने अपने अनुभव, मेहनत और प्रतिबद्धता से सीसीएल को निरंतर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके योगदान और अनुभव कंपनी की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिवारजनों को उज्ज्वल, स्वस्थ एवं खुशहाल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची। राज्य में H1N1 (स्वाइन फ्लू) को लेकर झारखंड सरकार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को राज्यभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षक/प्राचार्य एवं जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा सतत् निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने संभावित मामलों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, निगरानी एवं आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर एवं प्रतिबद्ध है।
*“स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जाएगी”*
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा—
*“स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। राज्य में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान से लेकर जांच, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल तक हर स्तर पर व्यवस्था को मजबूत किया गया है। हमारा संकल्प है कि स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जाएगी।”*
स्वास्थ्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों एवं राज्य के विभिन्न जिलों के सिविल सर्जनों से संवाद कर तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
*सभी जिलों में सर्विलेंस मजबूत करने का निर्देश*
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों में Influenza Like Illness (ILI) एवं Severe Acute Respiratory Infection (SARI) के मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि संभावित एवं गंभीर मामलों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो, ताकि मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
*अस्पतालों में अतिरिक्त बेड एवं आवश्यक संसाधन सुरक्षित रखने के निर्देश*
स्वास्थ्य मंत्री ने RIMS, रांची सहित सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों एवं सदर अस्पतालों में अतिरिक्त 10 बेड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही अस्पतालों में—
- ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता,
- आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक,
- जांच की सुविधा,
- ICU/HDU की तैयारी,
- प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल टीम
की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने सभी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि संभावित मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।
*एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर विशेष निगरानी*
राज्य के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम अथवा सांस संबंधी परेशानी जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों का आवश्यकतानुसार Clinical Assessment किया जाएगा। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार Influenza/H1N1 की जांच कराई जाएगी तथा गंभीर मरीजों को तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
*समय पर जांच और उपचार पर विशेष जोर*
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि H1N1 एक Respiratory Viral Infection है और समय पर पहचान एवं उचित चिकित्सकीय उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज स्वस्थ हो जाते हैं। इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सतर्क रहते हुए लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने से बचें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें।
*“सतर्क रहें, घबराएं नहीं”*
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी मशीनरी को सक्रिय रखा गया है।
उन्होंने कहा—
झारखंड सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग की सभी इकाइयां अलर्ट मोड में हैं और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील है कि सतर्क रहें, सावधानी बरतें और लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
कोलकाता भागलपुर। श्रावणी मेला एवं आगामी पूजा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के परिचालन को 30 नवंबर 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
रेलवे के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस विशेष ट्रेन का परिचालन वर्तमान समय-सारणी और निर्धारित ठहराव के साथ जारी रहेगा। इससे भागलपुर, मुंगेर और कटिहार समेत मार्ग के विभिन्न स्टेशनों के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
ट्रेन संख्या 03407 भागलपुर–कटिहार अनारक्षित स्पेशल प्रतिदिन भागलपुर से सुबह 7:00 बजे रवाना होगी और उसी दिन दोपहर 1:00 बजे कटिहार जंक्शन पहुंचेगी।
वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 03408 कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल प्रतिदिन कटिहार जंक्शन से दोपहर 2:10 बजे रवाना होगी और उसी दिन रात 8:20 बजे भागलपुर पहुंचेगी।
रेलवे के अनुसार, दोनों दिशाओं में यह ट्रेन अकबरनगर, सुल्तानगंज, कल्याणपुर रोड, बरियारपुर, रतनपुर और मुंगेर सहित निर्धारित स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे के इस निर्णय से श्रावणी मेला एवं आगामी पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
रांची/धनबाद। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को रांची और धनबाद में पांच ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान हुई। अधिकारियों पर कुल 48,400 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि मामला CISF के Pay and Accounts Office से जुड़ा है। CBI ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए अधिकारियों को पकड़ा गया।
CBI की टीम ने कार्रवाई के दौरान संबंधित दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की भी जांच की। रांची और धनबाद स्थित कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा भ्रष्टाचार का नेटवर्क कितना बड़ा है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में CBI की जांच आगे जारी है।
रांची, 25 अगस्त। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुलिस व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में 100 नए विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने, मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस एवं पीजी सीटें बढ़ाने तथा राज्य के 606 पुलिस थानों में 9,006 CCTV कैमरे लगाने समेत कई अहम फैसले लिए गए।
100 और स्कूल बनेंगे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय
मंत्रिपरिषद ने आदर्श विद्यालय योजना के तहत पहले से संचालित 80 विद्यालयों के अतिरिक्त राज्य के 100 और विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दी। इसके लिए 721 करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
एमजीएम और एसएनएमएमसीएच में बढ़ेंगी मेडिकल सीटें
जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने तथा नए स्नातकोत्तर विषय शुरू करने और पीजी सीटों में वृद्धि के लिए करीब 393.91 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई।
वहीं, धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) के विस्तार के लिए करीब 495.03 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की राशि से मेडिकल कॉलेज एवं शिक्षण अस्पताल के व्यापक उन्नयन के लिए करीब 275.18 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी मिली है।
606 थानों में लगेंगे 9,006 CCTV कैमरे
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राज्य के 606 पुलिस थानों में कुल 9,006 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए 90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। योजना का उद्देश्य पुलिस थानों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
सरकारी डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु 67 से घटकर 65 वर्ष
कैबिनेट ने झारखंड स्वास्थ्य सेवा के गैर-शैक्षणिक चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने की स्वीकृति दी है।
इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक और विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए नियमावली-2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई।
सरकारी स्कूलों की छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन
राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को हर माह अधिकतम 10 ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए 124.38 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
बिजली गिरने और हीट वेव को लेकर बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने वज्रपात और ग्रीष्म लहर को गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदाओं की सूची में शामिल किए जाने के बाद इन्हें झारखंड की विशिष्ट स्थानीय आपदा की सूची से हटाने की स्वीकृति दी। साथ ही प्राकृतिक एवं विशिष्ट स्थानीय आपदाओं से जुड़े पुराने प्रावधानों में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।
शिक्षा क्षेत्र में कई अहम फैसले
मंत्रिपरिषद ने झारखंड छात्र अनुसंधान और नवाचार नीति-2026 के गठन को मंजूरी दी। वहीं, राज्य के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए ज्ञानोदय योजना के तहत Bilingual Parental Calendar और कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए Student Diary उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
इसके अलावा राज्य के पांच नवसृजित प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय स्थापित करने और भवन निर्माण के लिए करीब 49.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए अंशकालीन शिक्षकों से सेवा लेने की अवधि बढ़ाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
सड़क और पुल परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़क निर्माण, मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण की कई योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी। इनमें चाईबासा क्षेत्र की करीब 38.65 किलोमीटर सड़क के लिए 29.87 करोड़ रुपये, चतरा क्षेत्र की 24.80 किलोमीटर सड़क के लिए 25.53 करोड़ रुपये, मनोहरपुर क्षेत्र की 19.149 किलोमीटर सड़क के लिए करीब 114.01 करोड़ रुपये और रामगढ़ में बरलंगा-गोला-मुरी पथ के लिए करीब 56.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है।
गिरिडीह में बरगंडा चौक से कॉलेज मोड़ तक सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए भी करीब 30.46 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
तोपचांची झील के सौंदर्यीकरण को हरी झंडी
धनबाद की तोपचांची झील एवं आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए Public Private Partnership (PPP) के DBFOT मॉडल पर करीब 184.29 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई।
जेलों में बनेंगे Open/Semi Open Barrack
सुप्रीम कोर्ट के न्यायादेश के आलोक में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, दुमका केंद्रीय कारा, घाघीडीह केंद्रीय कारा जमशेदपुर और हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में Open/Semi Open Barrack स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।
ग्रामीण पुलों के रखरखाव के लिए नई नीति
ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत निर्मित पुलों के रखरखाव एवं अनुरक्षण के लिए झारखंड ग्रामीण पुल अनुरक्षण नीति-2025 को मंजूरी दी गई है।
रोजगार और प्रशासन से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना को झारखंड में लागू करने की स्वीकृति दी। वित्त विभाग के Project Monitoring Unit को मजबूत करने के लिए पूर्व में सृजित 37 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए संविदा/बाह्यस्रोत के आधार पर 76 नए पदों पर मानव बल की सेवा लेने की अनुमति दी गई।
12 संविदा कनिष्ठ अभियंताओं के नियमितीकरण को मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में कृषि अभियंत्रण से जुड़े पूर्व संविदा आधारित 12 कनिष्ठ अभियंताओं के सेवा नियमितीकरण को भी मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति दी।
जल जीवन मिशन और जलवायु कार्ययोजना पर भी निर्णय
जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय जल मिशन के तहत झारखंड के लिए State Specific Action Plan (SSAP) तैयार करने हेतु NIH रुड़की के साथ संशोधित MoU करने की मंजूरी दी गई। वहीं, जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र सरकार के साथ किए गए MoU को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने झारखंड न्यायालय शुल्क विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी देते हुए राज्य में Court Fees Act, 1870 को निरस्त करने की स्वीकृति दी। झारखंड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक-2026 को अधिनियमित करने की भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना में संशोधन, गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की मार्गदर्शिका में संशोधन, झारखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2024 से पहले जमा आवेदन शुल्क एवं Endowment Fund की राशि लौटाने तथा चतरा में NDPS Act के तहत गठित विशेष न्यायालय के लिए जिला न्यायाधीश स्तर के एक पद के सृजन को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों में विभिन्न विभागों में सेवा नियमितीकरण, पदोन्नति, लंबित वेतन एवं वित्तीय लाभ के भुगतान, भूमि हस्तांतरण और पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे।
धनबाद। जेएलकेएम प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो का बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार से कथित गाली-गलौज का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद धनबाद में पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच विवाद गहरा गया है। वायरल ऑडियो-वीडियो की onthespot24 पुष्टि नहीं करता है। बताया जा रहा है कि यह व्हाट्सऐप कॉल की रिकॉर्डिंग है, जिसे दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया।
मामले को लेकर बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार ने विधायक जयराम महतो समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। यह मामला इसी थाने में पहले से दर्ज एक प्राथमिकी में जोड़ा गया है, जिसमें पहले से 50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
थाना प्रभारी की शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त की रात करीब 8:09 बजे वह थाना परिसर में सरकारी कार्य कर रहे थे। इसी दौरान विधायक जयराम महतो का व्हाट्सऐप कॉल आया। आरोप है कि विधायक ने अपने समर्थक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने और उसकी गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जतायी। थाना प्रभारी द्वारा मामले की जानकारी देने का प्रयास किये जाने के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज की गयी।
शिकायत में विधायक पर वर्दी उतरवाने और सरकार बदलने के बाद देख लेने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही ऑफ ड्यूटी मिलने पर कार्रवाई करने की बात कहने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
एफआईआर में जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो, महेंद्र साव और त्रिपुरी पांडेय को नामजद किया गया है। इनके साथ 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
फर्जी प्रमाण पत्र के आरोप से शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र तैयार करने के आरोप में जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लिये जाने के बाद शुरू हुआ। इसके बाद शुक्रवार की रात बरवाअड्डा थाने में पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी और झड़प की भी बात सामने आयी।
पुलिस मेंस एसोसिएशन ने जताया आक्रोश
मामले को लेकर धनबाद पुलिस मेंस एसोसिएशन भी बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के समर्थन में सामने आया है। एसोसिएशन ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन की ओर से यह भी कहा गया कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो धनबाद में पुलिसकर्मी काम नहीं करेंगे।
एसोसिएशन का कहना है कि पुलिसकर्मी माननीयों की सुरक्षा में बॉडीगार्ड के रूप में तैनात रहते हैं, लेकिन जब वे किसी गलत कार्य का समर्थन नहीं करते हैं तो उन्हें ही अपशब्द सुनने पड़ते हैं।
साहिबगंज। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि लोग घबराएं नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों को बाढ़ की आशंका से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करने की सलाह दी गई है। जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, टॉर्च, पीने का पानी, सूखा भोजन और अन्य आवश्यक सामान सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर रखने को कहा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ऊंचे स्थान पर रखें
प्रशासन ने सलाह दी है कि बाढ़ की आशंका होने पर फ्रिज, वाटर पंप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बिजली के पैनल को ऊंचे स्थान पर रखा जाए। घर की नालियों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए मोटी जाली या सीवर ट्रैप लगाने की भी सलाह दी गई है।
लोगों से अपने अंचल और प्रखंड के अधिकारियों से संपर्क कर बांध, तटबंध और फ्लड वाल आदि की जानकारी पहले से रखने को कहा गया है। बेसमेंट में पानी के रिसाव को रोकने के लिए उसे वाटरप्रूफ कम्पाउंड से सुरक्षित करने की सलाह भी दी गई है।
अचानक आ सकती है बाढ़, सुरक्षित स्थान पर जाएं
प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति में रेडियो, टीवी और प्रशासनिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर लगातार ध्यान दें। अचानक बाढ़ आने की स्थिति में किसी निर्देश की प्रतीक्षा किए बिना ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
नदी, नाले, घाट और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की गई है। करीब छह इंच या उससे अधिक बहते पानी में पैदल चलने से बचने की सलाह दी गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वाहन नहीं चलाने और वाहन पानी में फंसने पर सुरक्षित अवसर मिलते ही उसे छोड़कर ऊंचे स्थान पर जाने को कहा गया है।
बिजली के उपकरणों से रहें दूर
बाढ़ के पानी में बिजली के उपकरणों को नहीं छूने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति गीला है या पानी में खड़ा है, तो उसे विद्युत उपकरणों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
मछुआरों और नाविकों से विशेष अपील
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने मछुआरों और छोटी नावों के नाविकों से नदी से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नदी, घाट और तेज जलधारा वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “बाढ़ से डरें नहीं, तैयार रहें—सुरक्षित रहें।” साथ ही लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
बाढ़ की स्थिति में संपर्क करें
साहिबगंज जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर:
9006963963, 9631155933, 9065370630
06436-356485, 06436-222101, 06436-222202
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की पहली बैठक हुई। बैठक में राज्य की आर्द्रभूमियों के संरक्षण, सीमांकन, दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेटलैंड राज्य की जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण को सरकार प्राथमिकता दे रही है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इसरो से प्राप्त एटलस के आधार पर झारखंड में 2119 संभावित वेटलैंड की सूची मिली है। अब जिला स्तरीय आर्द्रभूमि समितियों के माध्यम से इन स्थलों का भौतिक एवं तथ्यात्मक सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद चिन्हित वेटलैंड का सीमांकन और नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राज्य की सभी आर्द्रभूमियों की पहचान, गहन अध्ययन और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने वेटलैंड की सूची नियमित रूप से अपडेट करने तथा उनका व्यापक डेटाबेस तैयार कर संधारित करने को कहा।
अतिक्रमण और अनियमित गतिविधियों पर रहेगी नजर
बैठक में तय किया गया कि संभावित वेटलैंड के सत्यापन के दौरान आर्द्रभूमि नियमों के अनुपालन, अतिक्रमण की स्थिति और वहां संचालित गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। जिला स्तरीय समितियां अपनी रिपोर्ट राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण को देंगी। इसके आधार पर राज्य स्तरीय समिति वेटलैंड की पहचान और सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक महत्वपूर्ण वेटलैंड के लिए उसकी आवश्यकता के अनुसार मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। इसमें जल स्रोत, आसपास की गतिविधियों, वर्तमान स्थिति और समय के साथ हुए बदलावों का व्यवस्थित रिकॉर्ड शामिल किया जाएगा।
जल संकट से निपटने में अहम भूमिका
बैठक में कहा गया कि प्राकृतिक जल निकायों और आर्द्रभूमियों का संरक्षण राज्य के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ जल संकट से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए वेटलैंड के संरक्षण के लिए उपलब्ध आंकड़ों और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर प्रभावी प्रबंधन योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
प्राधिकरण के संचालन को लेकर भी चर्चा
बैठक में झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के प्रभावी संचालन से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। टेंडर एवं प्रोक्योरमेंट दस्तावेजों की स्क्रीनिंग और टेंडर अनुमोदन के लिए समिति गठित करने, तकनीकी समिति बनाने तथा जनता से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई कर अनुशंसा के साथ मामलों को प्राधिकरण के समक्ष भेजने के लिए समिति गठन पर चर्चा हुई।
इसके अलावा प्राधिकरण के कार्यालय संचालन के लिए आवश्यक राशि, पर्याप्त बजट और मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा आर्द्रभूमि संरक्षण एवं प्रबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-वन बल प्रमुख संजीव कुमार, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी., राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का आक्रोश शुक्रवार को एक बार फिर सड़क पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने के दौरान रांची में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
आंदोलनकारी छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ पुतला दहन करने अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान एक युवक द्वारा पुतला दहन रोकने की कोशिश के बाद एक युवक द्वारा एक लड़की के साथ मारपीट कर दी जिसके बाद छात्रों का संगठन और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए।
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तथा सीबीआई जांच समेत अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को राज्य के विभिन्न जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का आह्वान किया गया था।
इससे पहले भी रांची में आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया था। छात्रों का आरोप है कि उन्हें लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
घटना के बाद रांची में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल आंदोलनकारी छात्रों की ओर से प्रदर्शन जारी रखने की बात कही गई है।
रांची। हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC), रांची के पुनरुद्धार को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से HEC के पुनरुद्धार के लिए गठित छह सदस्यीय केंद्रीय संसदीय उप-समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान HEC की वर्तमान स्थिति और संस्थान को फिर से मजबूत करने को लेकर भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के साथ HEC की मौजूदा परिस्थितियों, संस्थान के सामने मौजूद चुनौतियों और इसके पुनरुद्धार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक में HEC को नई दिशा देने तथा उसके भविष्य को लेकर आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल में सांसद विजय हांसदा, केंद्रीय संसदीय उप-समिति के अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद तिरुची शिवा, राज्यसभा सांसद सुलता देव, सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी, सांसद हँसमुखभाई सोमाभाई पटेल तथा सांसद चंदन चौहान शामिल रहे।
HEC के भविष्य को लेकर अहम मानी जा रही मुलाकात
रांची स्थित HEC झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का प्रतिष्ठित संस्थान रहा है। ऐसे में इसके पुनरुद्धार को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर होने वाली पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय संसदीय उप-समिति के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद HEC के पुनरुद्धार से जुड़ी आगे की रणनीति को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। बैठक में हुई चर्चा को संस्थान के पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
रांची। झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (झारखंड रेरा) की ओर से रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन और इसके व्यावहारिक पहलुओं को लेकर 23 अगस्त 2026 को रांची में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। सेमिनार का आयोजन रेडिसन ब्लू होटल, रांची में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
सेमिनार का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों को रेरा अधिनियम के प्रावधानों और नियामकीय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा परियोजना पंजीकरण, प्रमोटर एवं आवंटियों के अधिकार और दायित्व, अनुपालन प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन तथा शिकायत निवारण व्यवस्था समेत अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
व्यावहारिक समस्याओं पर होगी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रतिभागी रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अपने व्यावहारिक सवाल और जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रख सकेंगे। विशेषज्ञ इन सवालों का समाधान करते हुए रेरा अधिनियम के प्रावधानों और उनके अनुपालन से जुड़ी आवश्यक जानकारी देंगे।
बिल्डर से लेकर होमबायर्स तक की भागीदारी की अपील
झारखंड रेरा ने बिल्डरों, प्रमोटरों, भूमि स्वामियों, होमबायर्स, बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों सहित रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों से सेमिनार में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
प्राधिकरण का मानना है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से रियल एस्टेट क्षेत्र में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत करने में मदद मिलेगी।
झारखंड रेरा के अनुसार, रेरा अधिनियम के प्रावधानों की सही जानकारी और प्रभावी अनुपालन से रियल एस्टेट परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रमोटरों और आवंटियों के बीच उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान में भी मदद मिलेगी।
रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसके तहत JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के परिणाम/नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले से इन परीक्षाओं के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
राज्य सरकार ने हाल ही में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच के आधार पर कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में JSSC-CGL परीक्षा और CDPO भर्ती भी रद्द करने का आदेश जारी किया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों में भारी असंतोष था और वे अपनी नियुक्तियों को बचाने के लिए न्यायालय की शरण में पहुंचे थे।
हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के रद्दीकरण संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल राहत दी। अदालत ने सरकार से इस मामले में जवाब भी मांगा है। रिपोर्टों के अनुसार अगली सुनवाई 24 अगस्त को होने की बात सामने आई है।
अदालत की इस कार्रवाई का अहम पहलू यह है कि जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल की थी, उनकी नियुक्ति को केवल व्यापक जांच के आधार पर समाप्त करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। हाईकोर्ट की कार्यवाही में प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांत को महत्वपूर्ण माना गया है।
करीब दो हजार चयनित अभ्यर्थियों को राहत
JSSC-CGL को लेकर सरकार के रद्दीकरण आदेश के बाद करीब 2,000 चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानकर उनकी नौकरी खत्म करना उचित नहीं है।
वहीं CDPO भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को भी हाईकोर्ट के आदेश से राहत मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार JSSC-CGL और CDPO भर्ती के जरिए चयनित कुल 1,932 अभ्यर्थियों को इस न्यायिक हस्तक्षेप से तत्काल राहत मिली है।
सरकार के फैसले के बाद बढ़ा था विवाद
झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर व्यापक कार्रवाई का फैसला लिया था। सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और पुरानी परीक्षाओं की जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद एक तरफ परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे आंदोलनकारी छात्रों में संतोष दिखा, तो दूसरी तरफ पहले से चयनित अभ्यर्थियों ने नौकरी बचाने के लिए आंदोलन और कानूनी लड़ाई शुरू कर दी।
अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ गया है। सरकार को अदालत के सामने अपना पक्ष और रद्दीकरण के आधार स्पष्ट करने होंगे। अंतिम फैसला आने तक JSSC-CGL और CDPO से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
छात्रों और चयनित अभ्यर्थियों के बीच फिर बढ़ सकता है टकराव
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भर्ती परीक्षा विवाद का अगला चरण और महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच और निष्पक्ष भर्ती की मांग करने वाले छात्र संगठन हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों की मेहनत के बाद चयनित होकर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर टिकी हैं। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियों को लेकर आगे की कानूनी स्थिति क्या बनती है। फिलहाल इतना साफ है कि सरकार के रद्दीकरण आदेश पर लगी हाईकोर्ट की रोक ने हजारों चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल बड़ी राहत दी है।
रांची। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने मामले में राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जवाब भी मांगा है।
नियुक्तियां रद्द किए जाने के खिलाफ दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पीएएस पति ने पक्ष रखा।
342 चयनित अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत
11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, विज्ञापन संख्या 1/2024 के तहत 342 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी जारी किया गया और वे प्रशिक्षण एवं सेवा प्रक्रिया में शामिल हो चुके थे।
सरकार की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के बाद इन नियुक्तियों पर संकट खड़ा हो गया था। अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद चयनित अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है।
दूसरी नौकरी छोड़कर झारखंड आई थीं सोनम कुमारी
याचिकाकर्ता सोनम कुमारी ने अदालत को बताया कि उन्होंने दूसरी जगह की नौकरी छोड़कर झारखंड में नियुक्ति स्वीकार की थी। उन्हें 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था और उन्होंने प्रशिक्षण भी पूरा किया। इसके बाद 18 अगस्त 2026 की सरकारी अधिसूचना के जरिए उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई।
याचिका में कहा गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और सेवा में शामिल होने के बाद अचानक नियुक्ति रद्द किए जाने से उनके करियर और भविष्य पर गंभीर असर पड़ा है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति पर भी रोक
तीसरी याचिका सौरव सिंह एवं अन्य की ओर से दायर की गई थी। इसमें JPSC की विज्ञापन संख्या 18/2023 के तहत आयोजित फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई।
हाईकोर्ट ने इस मामले में भी नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए राज्य सरकार और JPSC को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
CID जांच के बाद सरकार ने लिया था नियुक्तियां रद्द करने का फैसला
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने जांच का फैसला लिया है। CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया, जिनमें TDPL की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित भर्ती परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की भी जांच कराई जा रही है। कार्मिक विभाग की अधिसूचना के अनुसार कुल 45 परीक्षाओं को जांच एवं कार्रवाई के दायरे में रखा गया है। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को संभावित अनियमितताओं की जांच के दायरे में रखा गया है।
अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर
सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं चयनित अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन पूरी चयन प्रक्रिया में सफल अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश अंतरिम है। नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के फैसले पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। राज्य सरकार और JPSC को अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत मामले के कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं पर आगे सुनवाई करेगी। ऐसे में चयनित अभ्यर्थियों के साथ-साथ पूरे राज्य की नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है।
चक्रधरपुर/जमशेदपुर। । पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना प्रभारी सह पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), जमशेदपुर की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी जमशेदपुर थाना कांड संख्या 04/2026 के तहत की गई।
एसीबी के अनुसार, बंदगांव थाना क्षेत्र के निवासी बिजयराय मुंडू ने पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर को लिखित शिकायत देकर बताया था कि बंदगांव थाना कांड संख्या 07/2025, एनडीपीएस एक्ट के मामले में उनके बड़े भाई लाचो मुंडू उर्फ गुलज का नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता के अनुसार, नाम हटाने के एवज में थाना प्रभारी मनीष कुमार द्वारा 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने मामले का विधिवत सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान थाना प्रभारी द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जमशेदपुर थाना में कांड संख्या 04/2026 दर्ज कर धावा दल का गठन किया गया।
एसीबी की टीम ने बुधवार, 20 अगस्त 2026 को कार्रवाई करते हुए बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध विधि-सम्मत अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।
मूरी : सिल्ली–बोकारो रेलखंड पर शनिवार देर रात श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की एक बोगी बेपटरी हो जाने से बड़ा हादसा टल गया। श्रावणी मेला से लौट रहे कांवरियों को लेकर मधुपुर जा रही ट्रेन संख्या 08895 की इंजन से तीसरी बोगी अचानक पटरी से उतर गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा रात करीब 2:30 बजे पोल संख्या 354/SA4 के समीप हुआ, जब इंजन से तीसरी बोगी (कोच संख्या SEC 64776) पटरी से उतर गई। घटना के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और तेज झटके से लोग सहम गए।वरिष्ठ डीसीएम श्रेया सिंह ने बताया कि दुर्घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। उन्होंने कहा कि यात्रियों को केवल हल्का झटका महसूस हुआ, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। घटना के तुरंत बाद रेलवे ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की। प्रभावित रेलखंड पर परिचालन में आवश्यक बदलाव किए गए तथा यात्रियों को अन्य ट्रेनों के माध्यम से रवाना किया गया। बोकारो जाने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष परिवहन व्यवस्था की गई।सूचना मिलते ही हटिया मंडल के डीआरएम, आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचे। तकनीकी टीम ने बेपटरी हुई बोगी को दोबारा पटरी पर लाने और रेल परिचालन सामान्य करने का कार्य शुरू कर दिया। यात्रियों ने रेलवे की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों ने समय रहते स्थिति संभाल ली, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।रेलवे ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजटीय प्रावधान के विरुद्ध व्यय, भुगतान की स्थिति और योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मनरेगा एवं जेएसएलपीएस कर्मियों के लंबित वेतन का भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में प्रत्येक माह के वेतन का बिल 25 तारीख तक ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से भेज दिया जाए, ताकि सभी कर्मियों को प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा में लेबर एवं मटेरियल भुगतान में आ रही तकनीकी समस्याओं को भारत सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र दूर करने का निर्देश दिया, ताकि श्रमिकों एवं संबंधित एजेंसियों का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। इसी क्रम में ड्राई बोरवेल को सीपेज वाटर टैंक के रूप में विकसित करने की योजना को मनरेगा से जोड़ने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि जल संरक्षण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को बढ़ावा मिल सके।
साथ ही मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों का निर्माण नई तकनीक के माध्यम से कार्य शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा कि मनरेगा की योजनाओं में ऐसे नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ एवं उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।
बैठक में जेएसएलपीएस के अंतर्गत संचालित आजीविका एवं ग्रामीण महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने जोहार -2 एवं जायका जैसी योजनाओं को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को और मजबूत किया जा सके तथा स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण परिवारों को इन योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अबुआ आवास योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों आवास योजनाओं के लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए। पेसा कानून के धरातलीय क्रियान्वयन को लेकर मंत्री ने पारंपरिक ग्राम सभाओं के गठन की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान नई योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी करने और पूर्व से चल रही निविदाओं का निष्पादन इसी माह के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में विभाग के अंतर्गत प्राप्त बजटीय प्रावधानों के विरुद्ध हुए व्यय की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने तथा जनता से जुड़ी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से लाभुकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस दौरान ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, पंचायती राज निदेशक बी. राजेश्वरी, मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय वर्णवाल, जेएसएलपीएस के सीईओ श्री अनन्य मित्तल, अभियंता प्रमुख सहित विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच CID ने सोमवार को JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज है।
रिपोर्टों के अनुसार, CID की जांच में परीक्षा संचालन से जुड़ी TDPL कंपनी को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। आरोप है कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी को नियमों को दरकिनार कर परीक्षा संचालन का काम दिया गया था। CID ने खियांग्ते से पहले कई चरणों में पूछताछ भी की थी।
छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ा एक्शन
खियांग्ते की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब सोमवार को JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर हजारों छात्र विधानसभा घेराव के लिए रांची पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी और पुलिस ने वाटर कैनन तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
यानी एक तरफ विधानसभा के बाहर छात्रों का उग्र प्रदर्शन और दूसरी तरफ JPSC के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी—झारखंड में परीक्षा विवाद ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है।
क्या लगा है आरोप
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते पर टेंडर देने के नाम पर 2 करोड़ रु लेने एवं 20 प्रतिशत कमीशन की बात सामने आई है।
रांची । मोरहाबादी मैदान में आयोजित दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी राज्यवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जोहार से अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस को हम सभी जानते हैं। पूरे आदिवासी समाज को आज के इस दिवस को यादगार बनाने के का इंतजार रहता है। धरती पर आदिवासी समाज की अलग पहचान है। इसे अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए इस आदिवासी महोत्सव की शुरुआत हुई है। उन्होंने महोत्सव के लिये सभी लोगों के सहयोग व आशीर्वाद प्राप्त होने का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने राज्य के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार जी की गरिमामयी उपस्थिति को समारोह की विशेष गरिमा और आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए राज्यपाल महोदय केवल राज्य के राज्यपाल ही नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के मार्गदर्शक और सर्वमान्य नेतृत्वकर्ता के रूप में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) राज्यपाल महोदय की छत्रछाया और मार्गदर्शन में कार्य करती है। टीएसी के माध्यम से आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा, उनके समग्र विकास और कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है। साथ ही, आदिवासी समाज के विकास के साथ-साथ पूरे समाज की प्रगति और भविष्य की दिशा तय करने में भी टीएसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं जीवनशैली को सामने लाने का प्रयास*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के आदिवासी दिवस को पूरे देश और दुनिया में आदिवासी समाज अपने-अपने तरीके से यादगार बनाने में जुटा हुआ है। झारखंड में भी पिछले कुछ वर्षों से इस अवसर पर छोटे-बड़े विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करके आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मोरहाबादी के पूरे मैदान में देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों की विविधता और सांस्कृतिक झलक देखने को मिल रही है। आयोजन स्थल पर पंडाल लगाए गए हैं, जहां हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग अपनी जीवनशैली, कला, संस्कृति, परंपरा और आजीविका के साधनों को प्रदर्शित कर रहे हैं। यह आयोजन हमें यह भी दिखाता है कि किस तरह आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक पहचान को संजोते हुए विकास और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए हैं। कलाकारों, कारीगरों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया है। उनके हुनर, परंपरा और अनुभवों के माध्यम से एक मजबूत और बेहतर रास्ते की तलाश में आगे बढ़ते आदिवासी समाज की तस्वीर यहां देखने को मिल रही है। इस अवसर पर राज्य में विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत को सम्मान और सशक्तिकरण का प्रदर्शन हो रहा है।
*झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज राज्य विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मना रही है, वहीं हमारे कुछ युवा, नौजवान और छात्र-छात्राएं अपनी कुछ मांगों और अधिकारों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार खुले मन से उनकी बातें सुन रही है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझने का प्रयास कर रही है। हर समस्या का समाधान संवाद से संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था का संचालन करते हुए भी सरकार की मंशा राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने की है। गांव में रहने वाला व्यक्ति हो या शहर में रहने वाला, किसान हो या मजदूर, महिला हो या पुरुष, पढ़ा-लिखा नौजवान हो या कम पढ़ा-लिखा अथवा अशिक्षित व्यक्ति—सरकार सभी की चिंता करती है और सबके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस विषय को लेकर राज्य के नौजवान अपने अधिकार की आवाज उठा रहे हैं, वह उनकी जागरूकता और अपने हक के लिए खड़े होने के साहस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नौजवानों ने हिम्मत इसलिए जुटाई है, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि उनके साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मेरे संज्ञान में गड़बड़ी सामने आई है, उसकी जांच होगी, नौजवानों को न्याय मिलेगा और जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए धरती पुत्र की भांति कहा कि आप विश्वास रखिए, हम इसी मिट्टी में जन्मे हैं और इसी मिट्टी में दफन भी होंगे। इसलिए हम आपके साथ गलत नहीं होने देंगे।
*संवाद से हर समस्या का समाधान संभव, दिग्भ्रमित नहीं हों युवा*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि इस पूरे विषय को राजनीतिक रूप से देखने की आवश्यकता नहीं है, और न ही युवाओं को किसी राजनीतिक छत्रछाया की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पालते हैं और राजनीतिक दलों का इस्तेमाल कर युवा पीढ़ी को अपने हित में इस्तेमाल करने का रास्ता अख्तियार करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से नौजवानों से कहा कि वे विद्यार्थी हैं, उनका अपना अधिकार है और उन्हें उनका अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। यह जिम्मेदारी सरकार की है और सरकार इसे पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश में अलग-अलग तरीके से राजनीतिक दलों की नजर युवा पीढ़ी पर है। किस तरह युवाओं को सही और गलत तथ्यों के बीच दिग्भ्रमित किया जाए, इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें केवल सामान्य लोग ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े विद्वान, पढ़े-लिखे और ज्ञानी लोग भी शामिल हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी बात सरकार के समक्ष पूरी स्पष्टता और निर्भीकता के साथ रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब केवल आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से ही8 युवाओं की बातें सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन युवाओं तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो घर बैठे अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को लेकर चिंतित हैं। इसके लिए सरकार ने संवाद का माध्यम भी बनाया है।
*व्यक्ति अमीर हो या गरीब, संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को जो संविधान दिया है, वह देश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार प्रदान करता है। व्यक्ति अमीर हो या गरीब, संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के 75 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समाज में असमानता पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। आने वाले वर्षों में देश आजादी की शताब्दी की ओर बढ़ेगा, लेकिन आज भी समाज के विभिन्न वर्गों के बीच बड़ी असमानताएं मौजूद हैं। समाज, राज्य और देश में आर्थिक एवं सामाजिक असमानताएं जितनी बढ़ेंगी, तनाव भी उतना ही बढ़ेगा। इसलिए इन असमानताओं को दूर करना और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना समय की बड़ी आवश्यकता है।
*झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज लोकतंत्र की मूल भावना को चुनौती देने के लिए भी एक बड़ा समूह पूरी ताकत और शिद्दत के साथ प्रयासरत है। हालांकि, झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है। यह वह धरती है, जहां देश के बड़े हिस्से में आजादी का सपना देखने की शुरुआत भी नहीं हुई थी, उस समय से झारखंड के वीर पूर्वज अपने अधिकार, अस्मिता और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे हैं। संघर्ष की यह परंपरा आज भी जारी है। उन्होंने कहा कि झारखंड को अलग राज्य बने 25 वर्ष हो चुके हैं और इन वर्षों में राज्य ने अपने पैरों पर खड़े होने तथा अपनी अलग पहचान स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब झारखंड को केवल संसाधनों के दोहन के लिए एक चारागाह की तरह देखा गया, लेकिन आज जब यह राज्य अपनी ताकत और क्षमता के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है, तो यह बात कई लोगों को स्वीकार नहीं हो रही है।
*युवाओं को सजग रहने की आवश्यकता*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की प्रगति और उसकी बढ़ती ताकत को रोकने के लिए कभी चेहरा छिपाकर, कभी चेहरा बदलकर और कभी पर्दे के पीछे से गलत संदेश देने तथा लोगों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों के प्रति समाज और विशेषकर युवाओं को सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जा सकता है। सीमाओं पर देश के दुश्मनों से मुकाबला अलग विषय है, लेकिन देश के भीतर रहने वाले अपने ही लोगों के साथ लाठी-डंडे के बल पर किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
*युवाओं, विद्यार्थियों का पारदर्शिता के साथ होगा न्याय*
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि वे स्वयं को युवाओं से अलग नहीं मानते। आपकी भावनाएं और सभी की चिंताएं उनकी चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि आज संवैधानिक जिम्मेदारी के स्थान पर रहते हुए वे युवाओं को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय केवल होगा ही नहीं, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देगा।
*आदिवासी महोत्सव गौरवशाली विरासत, संघर्ष और पहचान को याद करने का अवसर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी गौरवशाली विरासत, संघर्ष और पहचान को याद करने का अवसर है। उन्होंने कामना की कि यह महोत्सव यादगार और प्रेरणादायक बने तथा आदिवासी समाज अपने गौरव और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे ऐसे वीर सपूतों के वंशज हैं, जिन्होंने अपने हक-अधिकार और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। जल, जंगल और जमीन केवल उनके जीवन के संसाधन नहीं, बल्कि उनके जीवन की शुरुआत से लेकर अंत तक उनकी संस्कृति और अस्तित्व से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि आज उन्हें गर्व है कि वे आदिवासी हैं।
*मुख्यमंत्री ने जताया आभार*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आदिवासी महोत्सव में सशरीर एवं अन्य माध्यमों से उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
*इनकी रही उपस्थिति..*
इस अवसर पर राज्य के मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, सांसद राज्यसभा श्रीमती महुआ माजी, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, विधायक श्री अमित महतो, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव श्री नितिन मदन कुलकर्णी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण, राज्य सरकार के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आदिवासी महोत्सव में सशरीर एवं अन्य माध्यमों से उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
इनकी रही उपस्थिति..
इस अवसर पर राज्य के मंत्री राधा कृष्ण किशोर, सांसद राज्यसभा महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक अमित महतो, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण, राज्य सरकार के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोग उपस्थित थे।
रांची:- झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFFDCL) द्वारा आगामी आदिवासी महोत्सव-2026 के तहत 9 अगस्त को मोराबादी मैदान, रांची में विशेष फिल्म फेस्टिवल एवं मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण, दृश्य कथानक (विजुअल स्टोरीटेलिंग) और मीडिया उद्योग की बारीकियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
इस संबंध में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति को पत्र भेजकर कार्यक्रम में सहभागिता का आमंत्रण दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय से जनसंचार, पत्रकारिता, मीडिया स्टडीज, फिल्म स्टडीज, परफॉर्मिंग आर्ट्स, विजुअल कम्युनिकेशन एवं संबंधित विषयों के कम से कम 50 विद्यार्थियों को नामित कर कार्यक्रम में भेजने का अनुरोध किया गया है।
फिल्म फेस्टिवल के दौरान आदिवासी जीवन, स्वदेशी संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और उत्कृष्ट सिनेमा पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं "फिल्म मेकिंग एंड करियर ऑपर्च्युनिटीज इन द फिल्म इंडस्ट्री" विषय पर विशेष मास्टर क्लास आयोजित होगी। इसका संचालन सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के विशेषज्ञ एवं प्राध्यापक करेंगे।
मास्टर क्लास में प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की मूलभूत तकनीक, विजुअल स्टोरीटेलिंग, पटकथा लेखन, निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, संपादन, साउंड डिजाइन तथा फिल्म, टेलीविजन, ओटीटी और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में उभरते करियर अवसरों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही सिनेमा एवं मीडिया के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का मानना है कि यह कार्यक्रम युवाओं को फिल्म एवं मीडिया उद्योग की व्यावहारिक समझ विकसित करने के साथ-साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए अवसर प्रदान करेगा। आदिवासी महोत्सव के दौरान आयोजित यह पहल राज्य के युवा मीडिया एवं फिल्म विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीखने और करियर निर्माण का मंच साबित होगी। ज्ञात हो कि विगत 22 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झारखंड राज्य फिल्म विकास निगम एवं सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट कोलकाता के बीच स्थानीय सूचना भवन में फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना को लेकर एमओयू (MoU) हस्ताक्षरित किया गया था।
रांची । 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक प्रस्तावित षष्ठम झारखंड विधानसभा के षष्ठम (मॉनसून) सत्र की तैयारियों एवं रणनीति को लेकर बुधवार को डॉ. श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (एटीआई), रांची में सत्ता पक्ष के मंत्रियों एवं विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की। इस दौरान आगामी मॉनसून सत्र के सफल, सार्थक एवं सुचारू संचालन को लेकर विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सरकार की ओर से सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले मुद्दों, विपक्ष के संभावित सवालों के जवाब की तैयारी तथा जनहित से जुड़े विषयों पर समन्वित रणनीति बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों एवं विधायकों से विधानसभा सत्र के दौरान पूरी तैयारी के साथ सदन में उपस्थित रहने तथा सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से सदन के समक्ष रखने का आह्वान किया। बैठक में सत्र को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक समन्वय और रणनीतिक पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
रांची। आगामी 06 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाले षष्ठम झारखंड विधानसभा के षष्ठम (मॉनसून) सत्र के सफल, सुचारू एवं गरिमापूर्ण संचालन को लेकर आज झारखंड विधानसभा स्थित स्पीकर कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी शामिल हुए। बैठक में मॉनसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को लोकतांत्रिक परंपराओं एवं संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप संचालित किए जाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन हेतु सकारात्मक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया। उक्त बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, अरूप चटर्जी, जयराम कुमार महतो, निर्मल महतो सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशालय के द्वारा बुधवार को अरगड़ा क्षेत्र में एक दिवसीय समाधान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं एवं शिकायतों को प्रबंधन के समक्ष रखा।
शिविर की अध्यक्षता समाधान प्रकोष्ठ के मुख्य प्रबंधक गौतम चौधरी ने की। इस अवसर पर अरगड़ा क्षेत्र के स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन एवं प्रशासन ) राजीव कुमार , मुख्य प्रबंधक (कार्मिक) तेजविंदर सिंह सहित ऋचा टाइटस (वरि प्रबंधक मानव संसाधन /नोडल अधिकारी समाधान सेल ) ,स्टाफ अधिकारी ( सिविल), सभी इकाईओं के मानव संसाधन अधिकारी एवं अन्य उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान कर्मचारियों द्वारा आवास (क्वार्टर) अनुरक्षण, पदोन्नति तथा अन्य सेवा संबंधी मामलों की समीक्षा की गईं। संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय देते हुए अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर कर्मचारियों को तत्काल राहत प्रदान की। वहीं, जिन मामलों के समाधान हेतु विस्तृत प्रक्रिया आवश्यक थी, उन्हें नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई के लिए दर्ज किया गया।
यह पहल कर्मचारियों की शिकायतों के शीघ्र निस्तारण तथा पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
नेमरा (रामगढ़), 04 अगस्त। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को उनके पैतृक क्षेत्र नेमरा-लुकैयाटांड़ में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विकास मेला-सह-पारितोषिक वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र को 105.2 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी गई।
मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन, उनकी माता रूपी सोरेन, परिवार के अन्य सदस्य, राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
"आज का दिन पूरे झारखंड के लिए भावुक क्षण"
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड तथा आदिवासी, दलित, शोषित और पिछड़े समाज के लिए अत्यंत भावुक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन पंचतत्व में विलीन हुए थे। उनकी स्मृति को अमर बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास एवं संघर्ष से जोड़ने के उद्देश्य से लुकैयाटांड़ स्थित सोना-सोबरन +2 उच्च विद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है।
राज्य निर्माण और सामाजिक न्याय के संघर्ष को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु ने अलग झारखंड राज्य के सपने को साकार करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने राज्य की अस्मिता, सामाजिक न्याय और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। उनका संघर्ष आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को आज भी असामाजिक और विभाजनकारी ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, भाईचारा और आपसी सम्मान में निहित है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सही दिशा में आगे बढ़ें और समाज व राज्य के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।
वीरों की धरती है झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान वीरों की भूमि है। इन महापुरुषों के संघर्ष और बलिदान की बदौलत झारखंड को नई पहचान मिली। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह, योगेंद्र प्रसाद, शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक उमाकांत रजक, कुमार जयमंगल सिंह, अमित महतो, ममता देवी, पूर्व मंत्री बेबी देवी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रांची। रांची ट्रैफिक पुलिस ने जुलाई महीने में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए रिकॉर्ड कार्रवाई की है। वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1,20,197 चालान काटे गए, जबकि 1,015 मामलों में अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा गया। इस कार्रवाई के तहत कुल 7 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
रांची ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान के दौरान शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में दोपहिया, चारपहिया, ऑटो, टोटो और अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए ई-चालान जारी किए गए।
बिना हेलमेट और नो-पार्किंग बने सबसे बड़ी समस्या
जुलाई महीने में सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई। इस दौरान 51,055 चालान काटे गए। वहीं नो-पार्किंग और सड़क पर वाहन खड़ा करने के मामले में 56,032 चालान जारी किए गए, जो पूरे अभियान में सबसे अधिक रहे।
इसके अलावा रेड लाइट जंप करने पर 4,471, ओवर स्पीड पर 2,367, नो-एंट्री उल्लंघन पर 1,547, एक्स्ट्रा पैसेंजर बैठाने पर 710, रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर 648 तथा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर 505 चालान काटे गए।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस ने 62 ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में भी कार्रवाई की। इसके अलावा ट्रिपल राइडिंग के 64, प्रेशर हॉर्न के 115, बिना बीमा के 180, फैंसी नंबर प्लेट के 217, प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के 252, मॉडिफाइड साइलेंसर के 101 और ब्लैक फिल्म लगाने के 24 मामलों में चालान जारी किए गए।
1,015 मामलों में कोर्ट में अभियोजन
सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि गंभीर उल्लंघनों के मामलों में ट्रैफिक पुलिस ने 1,015 मामलों को अभियोजन के लिए न्यायालय भेजा। इनमें 984 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द (डीएल कैंसिलेशन) की अनुशंसा, 17 ऑटो/टोटो तथा 14 नंबर प्लेट संबंधी मामले शामिल हैं।
यातायात नियमों के पालन की अपील
रांची ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए मोटरयान अधिनियम के सभी नियमों का पालन करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी विशेष जांच अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रांची/न्यू दिल्ली । झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली से झारखंड की एक वांछित महिला मानव तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस संयुक्त अभियान में मानव तस्करी की शिकार खूंटी जिले की एक नाबालिग बालिका को भी सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। यह कार्रवाई चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस, एक स्थानीय एनजीओ तथा झारखंड भवन, नई दिल्ली स्थित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र के संयुक्त समन्वय से की गई।
गिरफ्तार महिला तस्कर के खिलाफ वर्ष 2023 से चाईबासा में मानव तस्करी के कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज थी और न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। आरोपी लंबे समय से फरार चल रही थी। चाईबासा पुलिस ने पहले भी कई बार दिल्ली जाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
इस बार संयुक्त टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत पिछले दो-तीन दिनों तक आरोपी के संभावित ठिकानों की लगातार रेकी की। शनिवार सुबह करीब छह बजे पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चाईबासा पुलिस को चार दिनों की रिमांड मिली है।
इसी अभियान के दौरान पुलिस ने एक अन्य मानव तस्कर को भी गिरफ्तार किया। उसके घर से खूंटी जिले की एक नाबालिग बालिका को बरामद किया गया, जिसे दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। बालिका का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और फिलहाल उसे सुरक्षित गृह में रखा गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उसके सुरक्षित पुनर्वास की आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा कि मानव तस्करी के मामलों में विभाग की नीति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संयुक्त टीम बनाकर नई दिल्ली भेजें, ताकि पीड़ित महिलाओं और बच्चों को शीघ्र रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके गृह जनपद पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि रेस्क्यू के बाद पीड़ित बच्चों और महिलाओं को झारखंड सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा उनकी नियमित निगरानी भी की जाएगी, जिससे वे दोबारा मानव तस्करी के जाल में न फंसें।
विभाग के अनुसार, मानव तस्करी के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों के परिणामस्वरूप अब तक झारखंड के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं को देश के विभिन्न राज्यों से सुरक्षित रेस्क्यू कर उनका सफल पुनर्वास कराया जा चुका है। साथ ही उन्हें सामाजिक सुरक्षा और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड भवन, नई दिल्ली स्थित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र मानव तस्करी एवं अन्य संकटग्रस्त परिस्थितियों में फंसी महिलाओं और बच्चों के संरक्षण, बचाव, पुनर्वास एवं सुरक्षित गृह वापसी के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह पूरी कार्रवाई झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त अरवा राजकमल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
रांची: राज्य के चर्चित शराब प्रकरण की जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के महत्वपूर्ण चरण में एसीबी ने तीन प्रमुख व्यक्तियों को 6 अगस्त 2026 को पूछताछ के लिए पुनः समन जारी किया है। एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजी साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और विभिन्न व्यक्तियों के बयानों के पारस्परिक सत्यापन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
एसीबी ने बताया कि पूर्व में जारी नोटिस का पालन नहीं करने के कारण श्यामजी शरण को एक बार फिर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। उन्हें 6 अगस्त को जांच में सहयोग करते हुए आवश्यक जानकारी और अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व प्रबंध निदेशक तथा छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी को भी दोबारा पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है। एसीबी उनके पूर्व बयानों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करेगी।
इसी क्रम में Nexgen Solution Pvt. Ltd. के सीईओ अरुण कुमार सिंह को भी पुनः तलब किया गया है। उनसे कंपनी की भूमिका, उससे जुड़े अनुबंधों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के साथ कारोबारी संबंधों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
एसीबी के अनुसार 6 अगस्त को होने वाली पूछताछ का उद्देश्य केवल बयान दर्ज करना नहीं है, बल्कि दस्तावेजी साक्ष्यों, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और पहले दर्ज बयानों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक कड़ी स्थापित करना है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध प्रत्येक तथ्य और साक्ष्य का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सत्यापन किया जा रहा है। एसीबी का दावा है कि जांच पूरी तरह तथ्यपरक, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 79 कैदियों की रिहाई से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। गहन समीक्षा के बाद 26 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी।
बैठक में राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद द्वारा अनुशंसित 37 नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत 42 मामलों पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ पात्रता, जेल में आचरण, सजा की अवधि, कानूनी प्रावधान, न्यायालय की टिप्पणियां, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक एवं प्रोबेशन पदाधिकारियों की रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी प्रमंडलों में ओपन जेल स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जेल से रिहा होने वाले व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और उनके पुनर्वास तथा सम्मानजनक जीवन-यापन के लिए हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सुधारात्मक दृष्टिकोण को भी समान महत्व दे रही है। उन्होंने मानसिक रूप से बीमार बंदियों का डाटाबेस तैयार कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून और नियमों के अनुरूप रिहा हुए व्यक्तियों को समाज में नई शुरुआत का अवसर मिलना चाहिए, जिससे उनके पुनर्वास के साथ-साथ सामाजिक समरसता भी मजबूत होगी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल, न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने मानव संसाधन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मानव संसाधन (HR) अधिकारियों के लिए "मानव संसाधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस प्रशिक्षण में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों और मुख्यालय से लगभग 50 मानव संसाधन अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सीसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संकाय देशबंधु मिश्रा तथा महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक भी उपस्थित रहे।
महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक ने अपने संबोधन में कहा कि आज के बदलते कार्य परिवेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली उपकरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन अधिकारियों के लिए AI की कार्यप्रणाली को समझना और उसके प्रभावी उपयोग के लिए स्वयं को तैयार करना समय की आवश्यकता है।
वहीं, निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी ने कहा कि AI तकनीक मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक दक्ष, तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI के उपयोग के साथ जुड़े नैतिक पहलुओं, संभावित चुनौतियों और ग्रे-एरिया पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है, ताकि इसका उपयोग जिम्मेदारी और संतुलन के साथ किया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने AI के विभिन्न आयामों, मानव संसाधन प्रबंधन में इसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव, सुझाव और जिज्ञासाएं साझा कीं। सीसीएल का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजिटल युग में मानव संसाधन प्रबंधन को तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आज रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में राज्य स्तरीय झारखंड इनक्यूबेटर प्रोग्राम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने झारखंड इनक्यूबेटर प्रोग्राम की आधिकारिक वेबसाइट और ठाकुर गंगटी मँडरो सखी सिल्क हैंडलूम वीवर्स की वेबसाइट का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि अब तक झारखंड की पहचान मुख्य रूप से खनिज संपदा के लिए होती रही है, लेकिन राज्य की महिलाओं ने अपनी मेहनत, कौशल और आत्मविश्वास के बल पर यह साबित किया है कि वे सफल उद्यमी बनने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन महिलाओं की प्रतिभा को पहचान दिलाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल 150 उद्यमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे राज्य में महिला उद्यमिता का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना आने वाले समय में और अधिक नॉलेज पार्टनर्स को जोड़कर इस पहल का विस्तार करने की है, ताकि JSLPS से जुड़े 1.54 लाख से अधिक उद्यमों को चरणबद्ध तरीके से बेहतर बाजार, तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
मंत्री ने कहा कि "हमारा राज्य अभी केवल 25 वर्ष पुराना है। लंबे समय तक हमने बुनियादी आवश्यकताओं और विकास की चुनौतियों का सामना किया है। अब समय आ गया है कि झारखंड केवल खनिजों के लिए नहीं, बल्कि अपने नवाचार, महिला उद्यमिता और सफल ग्रामीण एंटरप्राइजेज के लिए भी देशभर में पहचाना जाए।" उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10,000 से अधिक ऐसे उद्यम हैं जो उपलब्ध संसाधनों के साथ उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। इन्हीं महिलाओं के प्रयासों से पलाश और आजीविका जैसे ब्रांड राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। सरकार इन सफल मॉडलों को और सशक्त बनाकर राज्य में लाखों महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ना चाहती है।
दीपिका पांडेय सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि IIM कोलकाता इनोवेशन पार्क के तकनीकी सहयोग, JSLPS के मजबूत नेटवर्क तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से झारखंड महिला-नेतृत्व वाली ग्रामीण उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIMCIP) के सहयोग से संचालित यह तीन वर्षीय राज्यव्यापी कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म एवं नैनो उद्यमों को पहचान, प्रशिक्षण, मेंटोरिंग, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव, ब्रांडिंग तथा औपचारिक स्वरूप प्रदान कर उन्हें प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में 150 महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों का चयन कर उन्हें तीन वर्षों तक व्यापक इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें व्यवसाय का मूल्यांकन, मेंटोरिंग, क्षमता निर्माण, प्रमाणन, वित्तीय एवं बाजार से जुड़ाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स, ब्रांडिंग और व्यवसाय विस्तार जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। कार्यक्रम के तहत रांची में एक केंद्रीय हब तथा संभागीय स्तर पर पाँच क्षेत्रीय स्पोक स्थापित किए जाएंगे, जिससे पूरे राज्य में उद्यमियों तक अंतिम छोर (Last Mile) तक गुणवत्तापूर्ण सहायता पहुंचाई जा सके। इस मौके पर विभागीय सचिव मनोज कुमार, जेएसएलपीएस सीईओ अनन्य मित्तल, झारक्राफ्ट एमडी गरिमा सिंह, अटल इनोवेशन मिशन के डायरेक्टर हिमांशु जोशी सहित विभागीय अधिकारी और महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं मौजूद रही.
सखी सिल्क को लेकर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा*
हमने सखी सिल्क का वेब पोर्टल लॉन्च किया है। इसके माध्यम से ठाकुरगंगटी के भगैया सिल्क बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हमारी दीदियों को एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिलेगा। एफपीओ के माध्यम से उनके उत्पाद लिए जाएंगे, उनकी ब्रांडिंग सखी सिल्क के तहत की जाएगी और उन्हें पलाश एवं अदिवा स्टोर्स के माध्यम से भी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। यह हमारे लिए लंबे समय से एक सपना था कि झारखंड के सिल्क को उसकी वास्तविक पहचान मिले। अब तक भगैया सिल्क को लोग भागलपुर सिल्क के नाम से जानते थे, जबकि इसके असली बुनकर गोड्डा और दुमका के विभिन्न प्रखंडों में हैं। जीआई टैग मिलने के बाद अब इन बुनकरों और हमारी महिला दीदियों को उनकी मेहनत का उचित सम्मान और पहचान मिलेगी।मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल न केवल भगैया सिल्क को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएगी, बल्कि हमारे बुनकर परिवारों और महिला उद्यमियों की आय बढ़ाने के साथ-साथ झारखंड की पारंपरिक हस्तशिल्प विरासत को भी नई पहचान दिलाएगी।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची ने भारतीय फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। पहली बार शहर में आयोजित 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप की शानदार ओपनिंग सेरेमनी ने न केवल खेल प्रेमियों का दिल जीता, बल्कि पूरे देश को झारखंड की समृद्ध संस्कृति और आयोजन क्षमता का भी परिचय कराया।
बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में भारतीय सेना, झारखंड सरकार और खेल जगत की कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही। सेना के बैंड की प्रस्तुति, झारखंड की पारंपरिक सांस्कृतिक झलकियों और रंगारंग कार्यक्रमों ने उद्घाटन समारोह को यादगार बना दिया। आदिवासी लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झारखंड की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।
समारोह के दौरान डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का भव्य प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से 138 वर्षों से भी अधिक पुराने डूरंड कप के गौरवशाली इतिहास और भारतीय फुटबॉल में उसके योगदान को दर्शाया गया। मैच से पहले दोनों टीमों का औपचारिक परिचय, किक-ऑफ और दर्शकों की जोरदार तालियों के बीच रांची ने फुटबॉल महाकुंभ का शानदार आगाज़ किया।
एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट
डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का तीसरा सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। इसकी शुरुआत वर्ष 1888 में शिमला से हुई थी। भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड के नेतृत्व में आयोजित यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता आज भी भारतीय फुटबॉल की सबसे सम्मानजनक प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है।
इस वर्ष डूरंड कप के मुकाबले कोलकाता, रांची, कोकराझार, इम्फाल और सिलिगुड़ी में खेले जा रहे हैं। टूर्नामेंट में 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं और मैचों का सीधा प्रसारण Sony Sports Network तथा Sony LIV पर किया जा रहा है।
झारखंड के लिए बड़ी उपलब्धि
रांची को डूरंड कप की मेजबानी मिलना झारखंड के खेल इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राज्य में फुटबॉल को नई पहचान मिलेगी, युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की छवि और मजबूत होगी। आयोजन से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हावड़ा/साहिबगंज। पूर्व रेलवे ने महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में यात्रियों की सुरक्षा, रेल परिचालन की गुणवत्ता और रेलवे परिसंपत्तियों की मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मालदा टाउन से साहिबगंज रेलखंड तक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान पटरियों, पुलों, स्टेशनों तथा अन्य महत्वपूर्ण रेल परिसंपत्तियों का गहन निरीक्षण किया गया। इस अभियान का उद्देश्य सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध रेल सेवा सुनिश्चित करना तथा भविष्य में रेल संचालन को और अधिक प्रभावी बनाना है।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विशेष विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया, जिसके तहत चलती ट्रेन के पिछले हिस्से से रेल पटरियों और परिचालन की वास्तविक स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से पटरियों की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न रेल पुलों की संरचनात्मक मजबूती का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई, पेयजल, प्रतीक्षालय और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
साहिबगंज रेलवे हाई स्कूल को मिला नया स्वरूप
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के साथ साहिबगंज स्थित पूर्व रेलवे हाई स्कूल के नवीनीकृत भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया।
महाप्रबंधक ने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और निरंतर मेहनत के महत्व पर जोर देते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया तथा शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 15 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। विद्यालय परिसर में आयोजित वृक्षारोपण अभियान में भी उन्होंने हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण तथा हरित भविष्य का संदेश दिया।
रेलवे प्रशिक्षण व्यवस्था का हुआ आधुनिकीकरण
पूर्व रेलवे ने अपने कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक और उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मालदा स्थित मल्टी-डिसिप्लिनरी डिविजनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमडीडीटीआई) में महाप्रबंधक ने नवीनीकृत शैक्षणिक भवन "विक्रमशिला" तथा आधुनिक छात्रावास "महानंदा" का उद्घाटन किया।
उन्होंने प्रशिक्षण संस्थान की कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और छात्रावास का निरीक्षण किया तथा प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों से संवाद करते हुए आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग, निरंतर सीखने की संस्कृति और रेलवे संचालन में 'शून्य-समझौता सुरक्षा मानकों' का पालन करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और दक्ष कर्मचारी ही सुरक्षित रेल संचालन की सबसे मजबूत कड़ी हैं।
जनसंपर्क और संवाद पर भी विशेष जोर
साहिबगंज प्रवास के दौरान महाप्रबंधक ने मीडिया प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा अन्य गणमान्य लोगों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूर्व रेलवे द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों, यात्री सुविधाओं के विस्तार और जनसहभागिता को लेकर चर्चा की तथा रेलवे की पारदर्शी और जन-केंद्रित कार्यशैली को दोहराया।
पूर्व रेलवे PRO ने कहा
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि महाप्रबंधक द्वारा किए जा रहे निरीक्षण अभियानों का उद्देश्य केवल रेल पटरियों और पुलों की जांच करना नहीं, बल्कि यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि रेलवे लगातार अपने प्रशिक्षण संस्थानों का आधुनिकीकरण कर कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार कर रहा है। साथ ही शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्व रेलवे समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी पूर्व रेलवे यात्री सुरक्षा, आधुनिक अवसंरचना, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपनी सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करता रहेगा।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोला सिंह और पूर्व हॉकी खिलाड़ी असुंता लकड़ा के बीच हुए विवाद अब बढ़ गया है मामले में पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, आदिवासी-मूलवासी संगठनों और विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को हॉकी प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और खिलाड़ियों के सम्मान की मांग को लेकर रांची में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला।
जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुआ यह मार्च अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। मार्च में बड़ी संख्या में वर्तमान और पूर्व खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल प्रेमी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हॉकी से जुड़े हालिया विवादों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान असुंता लकड़ा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और खिलाड़ियों का खेल व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
मार्च में शामिल पूर्व खिलाड़ियों ने हॉकी झारखंड में सदस्यता, चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि खेल संगठनों का संचालन खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत अभियान चलाना नहीं, बल्कि हॉकी में सुशासन, निष्पक्षता और खिलाड़ियों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता निरंजना हेरेंज टोप्पो ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के बावजूद एक आदिवासी बेटी को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं अजय टोप्पो ने हॉकी प्रशासन में पारदर्शिता लाने की मांग करते हुए भोला सिंह को तत्काल पद से हटाने की मांग की।
विरोध मार्च में सामाजिक संगठनों के बाहा लिंडा, राहुल तिर्की, आकाश तिर्की, प्रेम शाही मुंडा, पीसी मुर्मू, राकेश बड़ाईक, बृज किशोर बेदिया, संगीता कच्छप, क्रिस्टो कुजूर सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी मनोहर टोपनो, कमल सोरों, जोसफ लुगुन, मनोहर कुल्लू, जयंत केरकेट्टा, वीरेंद्र लकड़ा, पुष्पा लकड़ा, कांति लकड़ा, विनय मुंडा, तिलोसफर एक्का, सुमराई टेटे, शशि टोपनो समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी शामिल हुए।
देवघर/रांची । विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर झारखंड सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आगामी 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सरकार इस बार सुरक्षा, सुविधा और तकनीक के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में देवघर परिसदन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें देवघर और दुमका जिला प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 28 जुलाई तक मेला क्षेत्र की सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि बाबा की नगरी से श्रद्धालु अपने साथ मधुर अनुभव लेकर लौटें, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
VIP और VVIP दर्शन पर पूरी तरह रोक
बैठक का सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि श्रावणी मेला-2026 के दौरान आउट ऑफ टर्न (VIP और VVIP) दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मंत्री ने कहा कि बाबा के दरबार में सभी श्रद्धालु समान हैं और किसी भी विशेष व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य लंबी कतारों में लगे श्रद्धालुओं को राहत देना और दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुचारु बनाना है।
श्रद्धालुओं के लिए विशाल टेंट सिटी और बेहतर आवास व्यवस्था
इस बार मेला क्षेत्र में तीन स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल टेंट सिटी बनाई जा रही है। इन टेंट सिटी में पहले की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, विश्राम स्थल, बिजली और सुरक्षा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गर्मी से राहत के लिए मिस्ट कूलिंग और इंद्र वर्षा सिस्टम
श्रावणी मेले के दौरान उमस और गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने मिस्ट कूलिंग सिस्टम और इंद्र वर्षा (Artificial Rain System) की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिलेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविरों और मेडिकल टीमों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि आपात स्थिति में तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
AI तकनीक से होगी पूरे मेले की निगरानी
श्रावणी मेला-2026 तकनीक के लिहाज से भी अत्याधुनिक होगा। पहली बार बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत—
- AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम
- AI कैमरे और फेस रिकग्निशन सिस्टम
- AI ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
- AI ड्रोन से निगरानी
- ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे
- हेड काउंटिंग सिस्टम
- डिजिटल पवेलियन
- लोकेशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम
का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
QR कोड से दर्ज होगी शिकायत, तुरंत होगा समाधान
मेला क्षेत्र में जगह-जगह QR कोड आधारित फीडबैक एवं शिकायत प्रणाली विकसित की गई है। श्रद्धालु QR कोड स्कैन कर अपनी शिकायत या सुझाव सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर समस्या का समाधान करेगा।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक ओपी, स्वास्थ्य केंद्र, सूचना एवं सहायता केंद्र, विद्युत केंद्र, पर्यटन सहायता केंद्र और मातृत्व विश्राम गृह स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, कूड़ा प्रबंधन, पर्याप्त रोशनी, आकर्षक सजावट, तोरण द्वार और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
देवघर-बासुकीनाथ मार्ग होगा पूरी तरह व्यवस्थित
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देवघर से बासुकीनाथ तक श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
29 जुलाई को होगी अंतिम समीक्षा
मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि 29 जुलाई को एक बार फिर देवघर और दुमका में तैयारियों की अंतिम समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
सरकार का लक्ष्य—श्रद्धालुओं को मिले सुरक्षित, सुगम और यादगार अनुभव
बैठक के अंत में मंत्री श्रावणी मेला 2026.मंत्री सुदिव्य कुमार ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला झारखंड की पहचान है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण, बेहतर सुविधाओं और सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ जलार्पण कर संतोष और सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटे। इस उद्देश्य से सभी विभाग समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।
SRFTI कोलकाता के सहयोग से युवाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय फिल्म और मीडिया प्रशिक्षण
रांची। झारखंड में फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) की स्थापना की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। प्रारंभिक चरण में यह संस्थान रांची स्थित सूचना भवन से संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में 22 जुलाई को झारखंड फिल्म एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच हुए एमओयू के बाद संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सूचना भवन पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर उपलब्ध संसाधनों एवं भवन का निरीक्षण किया।
पहले चरण में शुरू होंगे शॉर्ट टर्म कोर्स
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक आनंद ने बताया कि संस्थान के शुरुआती चरण में विद्यार्थियों और कामकाजी युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक, दो, तीन और छह महीने की अवधि वाले शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सों को पार्ट-टाइम, फुल-टाइम और ईवनिंग क्लास के रूप में संचालित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि SRFTI के तकनीकी सहयोग से विभाग के उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
इन विषयों में मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
JFTI में फिल्म और मीडिया उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- साउंड डिजाइनिंग
- फिल्म एडिटिंग
- एनीमेशन
- स्क्रिप्ट एवं स्क्रीनप्ले राइटिंग
- सिनेमैटोग्राफी
- फिल्म डायरेक्शन
- फिल्म प्रोडक्शन
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य झारखंड के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी कौशल से लैस करना है।
SRFTI देगा हर स्तर पर तकनीकी सहयोग
SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता ने कहा कि झारखंड में फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की स्थापना राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्थान के ब्लूप्रिंट तैयार करने, क्लासरूम डिजाइन, तकनीकी ढांचा विकसित करने और गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था तक हर स्तर पर SRFTI सहयोग करेगा।
उन्होंने सुझाव दिया कि संस्थान के पूरी तरह शुरू होने के बाद राज्य के मीडियाकर्मियों के लिए भी शॉर्ट-टर्म प्रोफेशनल ट्रेनिंग आयोजित की जाए, ताकि वे आधुनिक फिल्म और मीडिया तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। साथ ही उन्होंने शुरुआत फिल्म एप्रिशिएशन कोर्स से करने की भी सलाह दी।
झारखंड की प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच
राज्य सरकार का मानना है कि JFTI की स्थापना से झारखंड की स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया उद्योग में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य में फिल्म निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक शाहिद आलम, राशिद अख्तर, बीरू कुशवाहा, सुनीता धान, अभय कुमार तथा SRFTI के एसोसिएट प्रो. नीलाजन बनर्जी एवं प्रो. इंद्रनील मुखर्जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची। झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची में JCI Ranchi Udaan द्वारा आयोजित Glitz & Glam Exhibition का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा उनसे संवाद कर उनके उत्पादों, नवाचारों और उद्यमिता के अनुभवों की जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी महिला उद्यमिता, स्थानीय प्रतिभाओं और स्वरोज़गार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, उत्पादों के लिए नए बाज़ार उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का सशक्त अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा, "Glitz & Glam Exhibition एक बेहद प्रतिष्ठित और लंबे समय से आयोजित होने वाला आयोजन है। JCI Ranchi Udaan की महिलाओं द्वारा इसका सफल आयोजन किया जाता है। इस प्रदर्शनी में महिला उद्यमिता की प्रेरणादायक झलक देखने को मिलती है, जहाँ महिलाएँ अपने स्टार्टअप और नवाचारों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। चाहे ज्वेलरी हो, गारमेंट्स हों या होम डेकोर से जुड़े उत्पाद यहाँ महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिलता है। हर वर्ष लोग इस प्रदर्शनी का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय महिला उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने और अधिक लोगों तक पहुँच बनाने का अवसर भी देते हैं।"
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्वरोज़गार के अवसर बढ़ाने तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण आजीविका मिशन और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में और अधिक महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने, नए उद्यम स्थापित करने तथा झारखंड की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने JCI Ranchi Udaan की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसी पहल आत्मनिर्भर झारखंड के निर्माण को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी।
इस अवसर पर JCI Ranchi Udaan की प्रेसिडेंट जेएफ़एम डॉ. प्रिया लखोटिया, सेक्रेटरी पूजा बुधिया, फाउंडर प्रेसिडेंट जीएफएस राखी जैन सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहें।
शिवनारायणपुर। (मालदा) भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में शुक्रवार को एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के जालंधर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया। लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इन स्टेशनों का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और भारतीय रेलवे को आधुनिक स्वरूप देना है।
इसी कड़ी में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को भी पुनर्विकसित कर "अमृत स्टेशन" के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया गया। लगभग 17.94 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं, आकर्षक वास्तुकला और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम बनकर उभरा है।
उद्घाटन समारोह में उमड़ा जनसैलाब
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित भव्य समारोह में भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल, कहलगांव के विधायक शभानंद मुकेश, मालदा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार मौर्य, रेल अधिकारियों, जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों, रेल यात्रियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत शिवनारायणपुर स्टेशन के पुनर्विकास पर आधारित एक विशेष प्रस्तुति दिखाई गई। मालदा मंडल की ओर से आयोजित निबंध, चित्रकला और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंच से सम्मानित किया गया।
इसके उपरांत उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा, जिसमें शिवनारायणपुर स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ शिवनारायणपुर स्टेशन
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का कायाकल्प किया गया है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
नई सुविधाओं में शामिल हैं—
- आकर्षक एवं आधुनिक स्टेशन भवन और भव्य फ़ासाद।
- विशाल कॉनकोर्स और उन्नत टिकट बुकिंग काउंटर।
- आधुनिक प्रतीक्षालय, आरक्षित लाउंज एवं स्वच्छ शौचालय।
- नए सर्कुलेटिंग एरिया एवं समर्पित पार्किंग सुविधा।
- अत्याधुनिक यात्री सूचना प्रणाली और दिशा-सूचक संकेतक।
- स्टेशन परिसर एवं बाहरी क्षेत्र में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था।
- यात्रियों की सुविधा के लिए दो आधुनिक लिफ्ट।
- दिव्यांग यात्रियों के लिए बाधारहित आवागमन की विशेष व्यवस्था।
- मधुबनी कला, विक्रमशिला महाविहार और भागलपुर की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित आकर्षक आंतरिक सज्जा।
विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम
राष्ट्रीय राजमार्ग-80 के समीप तथा ऐतिहासिक विक्रमशिला महाविहार के नजदीक स्थित शिवनारायणपुर स्टेशन को इस तरह विकसित किया गया है कि यहां आने वाला प्रत्येक यात्री बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का अनुभव कर सके।
स्टेशन के डिज़ाइन में मधुबनी पेंटिंग, भागलपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय स्थापत्य कला को विशेष स्थान दिया गया है। आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कला के इस मेल ने स्टेशन को केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बना दिया है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों को पहले से अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही—
- क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
- स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- रोजगार एवं आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
- आसपास के क्षेत्रों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेज होगा।
विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना, स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अवसंरचना विकसित करना है।
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास इसी सोच का उदाहरण है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बिहार की सांस्कृतिक विरासत को भी पूरी गरिमा के साथ संरक्षित किया गया है। यह स्टेशन अब न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि क्षेत्र की पहचान, पर्यटन और आर्थिक प्रगति का भी नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
रांची। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा पिछले पाँच वर्षों की कार्य योजनाओं, निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें सड़कों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज एवं पुल-पुलियों से संबंधित परियोजनाओं के स्थिति प्रतिवेदन से अवगत कराया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति का गहन अवलोकन करते हुए अधिकारियों को कार्यों में विलंब एवं लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य योजनाओं की समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाए। लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। किसी भी परियोजना में निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता से किसी प्रकार के समझौते को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी परियोजनाओं का डेटाबेस व जियो-टैगिंग अनिवार्य, पारदर्शिता के साथ समयबद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पथ निर्माण विभाग को सभी परियोजनाओं का अद्यतन एवं सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने तथा जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की स्थिति, लागत, समय-सीमा और प्रगति का स्पष्ट विवरण उपलब्ध हो, ताकि कार्यों की सटीक निगरानी की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जियो-टैगिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी और निगरानी प्रणाली मजबूत होगी। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं की समय पर पहचान कर शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं का अद्यतन विवरण नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित होगी तथा आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
गड्ढे, जलजमाव और खराब सड़कों पर तुरंत कार्रवाई करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव एवं निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की लगातार जानकारी मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करें तथा उनका अद्यतन रिकॉर्ड रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु में सड़कों की स्थिति बिगड़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था एवं सड़कों की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, संकीर्ण मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।
लंबित परियोजनाओं में तेजी लाएं, दो माह में पूर्ण करें प्रमुख कार्य, अन्यथा होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में कई सड़क, फ्लाईओवर एवं पुल-पुलिया परियोजनाएं वर्षों से लंबित हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने राजधानी रांची सहित अन्य क्षेत्रों की लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ प्रमुख परियोजनाओं को आगामी दो माह के भीतर पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक एवं अन्य नवीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता, मजबूती एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को सुदृढ़ बनाने, जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा सभी निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों के पालन के निर्देश दिए।
उक्त बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रांची। झारखंड में बांस आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS) में आयोजित Bamboo Ecosystem Conclave 2026 में राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर आयोजित नीति संवाद में मंत्री ने झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। सम्मेलन में बांस आधारित उद्योगों के विकास, नई नीति, निवेश, तकनीकी सहयोग, मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बांस उद्योग से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की अपार संपदा है। उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि यहां के जल, जंगल और जमीन से भी है। इन संसाधनों का संरक्षण करते हुए युवाओं, किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है। बांस ऐसा क्षेत्र है, जिसमें खेती से लेकर प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, निर्माण सामग्री और उद्योग तक रोजगार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता का किया जिक्र
मंत्री ने बिरसा हरित ग्राम योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इस योजना के बेहतर परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। झारखंड के किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की मेहनत से तैयार आम अब दुबई, इटली और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस योजना ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम किया है, उसी प्रकार बांस आधारित आजीविका मॉडल भी ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव ला सकता है।
झारखंड बन सकता है बांस उद्योग का प्रमुख केंद्र
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में बांस आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए नीति, तकनीक, वित्तीय सहायता, डिजाइन, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण और बाजार व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि इन सभी पहलुओं पर प्रभावी तरीके से काम किया जाए तो आने वाले वर्षों में झारखंड देश का अग्रणी बांस उत्पादक राज्य और बांस आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार बांस आधारित नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलेगी, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा और आत्मनिर्भर झारखंड के लक्ष्य को गति मिलेगी।
सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच हुआ संवाद
गौरतलब है कि इस सम्मेलन का आयोजन रांची स्थित XISS में नेटवर्क फॉर एंटरप्राइज एन्हांसमेंट एंड डेवलपमेंट सपोर्ट (NEEDS) द्वारा यूरोपीय संघ (European Union) समर्थित "SWASHAKT" परियोजना के अंतर्गत किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य झारखंड में बांस आधारित औद्योगिक विकास, ग्रामीण उद्यमिता, महिला नेतृत्व वाले उद्यम, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी, निवेश और बाजार विस्तार को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, विकास साझेदारों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में XISS के डॉ. प्रोफेसर अनंत कुमार, NEEDS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुरारी एम चौधरी, संजीव कार्पे, डॉ. मनोज जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
दुमका: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरैयाहाट अंचल कार्यालय के प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 जुलाई 2026 को ट्रैप टीम द्वारा की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सरैयाहाट थाना क्षेत्र के मंडलडीह (तुलसी) निवासी शिकायतकर्ता दीपक दास ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी, दुमका के निर्देश पर भूमि जांच रिपोर्ट भेजने के एवज में प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज ने 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, दुमका थाना कांड संख्या 06/2026 दर्ज कर ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान आरोपी आनंद कुमार भारद्वाज को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
रांची। झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' के पहले सत्र मे आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य की तकनीकों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हम सभी झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में एक साझा उद्देश्य के साथ एकत्र हुए हैं। आईटी गवर्नेंस, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य झारखंड की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को नई गति देना है। देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। झारखंड ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब हमारी पहचान केवल 'माइंस' से नहीं, बल्कि 'माइंड्स' से, रिसोर्स से ही नहीं बल्कि रिसर्च से भी होनी चाहिए, एक्सट्रैक्शन (खनन) से ही नहीं बल्कि इनोवेशन से भी होना चाहिए साथ ही ग्रोथ ही नहीं बल्कि एक्सटेंसिव ग्रोथ से होना चाहिए। हमें प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। हमारा उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि समावेशी, व्यापक और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न अग्रणी तकनीकी संस्थानों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश को बढ़ावा देने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य को तैयार करने को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस तथा पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों पर उद्योग जगत एवं विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि इन्हें और अधिक प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान सरकार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस एवं आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के संवाद राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें।
इस मौके पर श्रीमती दीपिका पाण्डेय, माननीय मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज,श्री इरफान अंसारी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, माननीय मंत्री श्री संजय कुमार यादव, उद्योग,श्रम एवं नियोजन, श्री सुदिव्य कुमार,माननीय मंत्री पर्यटन,कला - संस्कृति खेल -कूद एवं युवाकार्य तथा नगर विकास एवं आवास उपस्थित थे। सूबे के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य के विकास में तकनीक के प्रयोग की जरूरत पर बल दिया। विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।
आई बी एम के तल्लीन कुमार, माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा एवं गूगल के राजेश रंजन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से झारखंड से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को रेखांकित किया।
स्वागत सम्बोधन एवं विषय प्रवेश सचिव सूचना प्रौद्योगिकी पूजा सिंघल का था। धन्यवाद ज्ञापन निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी माधवी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सचिव, उद्योग अरवा राजकमल, विशेष सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क राजीव लोचन बक्शी, निदेशक उद्योग विशाल सागर सहित राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारीगण एवं स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।
रांची/जमशेदपुर: जमशेदपुर में चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था तथा बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर गंभीर रुख अपनाते हुए पियूष पांडे वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पूर्वी सिंहभूम और निधि द्विवेदी पुलिस अधीक्षक (SP) सरायकेला-खरसावां को उनके पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को विधि-व्यवस्था नियंत्रित करने में विफलता एवं आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम में लापरवाही के आलोक में तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया जाता है।
स्थिति को सामान्य करने और कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने चाईबासा प्रमंडल के आयुक्त तथा ADG रांची को जमशेदपुर में लगातार कैंप करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही DIG को भी जमशेदपुर में ही कैंप कर पूरी स्थिति की लगातार निगरानी करने का आदेश दिया गया है।
सरकार के इस फैसले को हिमांशु हत्याकांड के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। हाल के दिनों में जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर आम जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल का निर्णय लिया।
सरकारी निर्देश के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। साथ ही हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
कोटालपोखर (साहिबगंज)। साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना अंतर्गत झारखंड- पश्चिम बंगाल चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने के दौरान कोटालपोखर पुलिस ने पहले पत्रकारों को थाना बुलाया और पीटा आगे चारों पत्रकारों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया ।
जानकारी के अनुसार, वसीम अकरम (WM 24/7 News), मो. मोहसिन (WM 24/7 News), लाल मोहम्मद शेख (JK 24/7 News) तथा मो. मोसर्रफ (सारी कथा) सोमवार की रात पश्चिम बंगाल के बेहुआ चेकनाका एवं झारखंड के राहीमटाड़ चेकनाका क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाने और समाचार संकलन के उद्देश्य से पहुंचे थे। जेल भेजे गए पत्रकारों का आरोप है कि इसी दौरान पेट्रोलिंग दल ने उन्हें कोटालपोखर थाना आने के लिए कहा। वे स्वयं अपने वाहन से थाना पहुंचे, जहां उन्हें बैठाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि थाना परिसर में मारपीट की गई, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो जबरन डिलीट कराए गए और बाद में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
चारों पत्रकारों के विरुद्ध कोटालपोखर थाना कांड संख्या-47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 126(2), 115(2), 117(2), 109(1), 132, 221, 308(2), 352, 351(2) एवं 3(5) लगाई गई हैं। इन धाराओं में स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, लोक सेवक को कार्य करने से रोकना, आपराधिक धमकी, हमला, उकसावा तथा सामूहिक कृत्य जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल
राजमहल प्रखंड में कार्यरत पंचायत सचिव दिनेश कुमार, जो घटना की रात राहीमटाड़ चेकनाका पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे, उन्होंने अपने लिखित आवेदन में चारों व्यक्तियों की पहचान पत्रकार के रूप नहीं बल्कि अन्य व्यक्ति के रूप में की है । पत्रकारों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम को अलग स्वरूप देते हुए रंगदारी, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप जोड़कर मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच, बिना संबंधित मीडिया संस्थानों से पहचान सत्यापित किए और बिना दोनों पक्षों की बात सुने जल्दबाजी में मामला दर्ज कर चारों पत्रकारों को जेल भेज दिया गया। मंगलवार सुबह उन्हें कोटालपोखर थाना से राधानगर थाना ले जाया गया, जहां कागजी प्रक्रिया और मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल
चेक नाका पर अवैध गतिविधि चलती है? डिलीट वीडियो में अवैध गतिविधि को रिकर्ड किया गया? क्या चेकनाका पत्रकारों ने तैनात मजिस्ट्रेट एवं पुलिसक साथ का दुर्व्यवहार किया था? पुलिस ने प्रेस को इस मामले कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की?
कोई पत्रकार संगठन ने आवाज नहीं उठाई?
जिले में कई पत्रकार संगठन चल रहे हैं लेकिन अब तक उनके द्वारा कोई आवाज नहीं उठाया गया है। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।इस सवाल में सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि पत्रकार संगठन है या पत्तलकार संगठन?
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में 16 जून, 2026 से आयोजित ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ दिनांक 30 जून, 2026 को समारोहपूर्वक समापन किया गया। सीसीएल मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों में 16 जून को ‘स्वच्छता शपथ’ के साथ प्रारंभ हुए इस अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अनेक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
समापन समारोह में सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाप्रबंधक ,विभागाध्यक्ष सहित सीसीएल के अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीसीएल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है तथा सभी कर्मियों एवं हितधारकों के सहयोग से स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।
निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने कहा कि स्वच्छ कार्यस्थल न केवल बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि सुरक्षा और उत्पादकता को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी नियमित आदत बनाएं और इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नुक्कड़ नाटक "मिस्टर लापरवाह" ने दिया स्वच्छता का संदेश
समापन समारोह का प्रमुख आकर्षण "मिस्टर लापरवाह" नामक नुक्कड़ नाटक रहा। मनोरंजन के साथ महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देने वाले इस नाटक के माध्यम से लोगों की लापरवाहीपूर्ण आदतों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी संदेश दिया गया।
सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों का सम्मान
समारोह के अंत में सीसीएल के सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया गया। ये कर्मी निरंतर अपने समर्पण एवं मेहनत से कार्यस्थलों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निदेशक (मानव संसाधन) एवं निदेशक (तकनीकी/संचालन) द्वारा मंच पर सफाई मित्रों को स्वच्छता किट (कैनवास बैग, टी-शर्ट, ग्लव्स, मास्क, सैनिटाइजर, टिफिन बॉक्स, तौलिया आदि) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रमुख गतिविधियां
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के दौरान सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों, कॉलोनियों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं श्रमदान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जागरूकता रैलियां निकाली गईं।
पखवाड़े के प्रमुख कार्यक्रमों में 28 जून को कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के सहयोग से आयोजित "स्वच्छता ऑन कैनवास-2026" चित्रकला प्रतियोगिता विशेष आकर्षण रही, जिसमें रांची के 30 विभिन्न विद्यालयों के 180 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
वहीं, अरगड़ा क्षेत्र की वर्कशॉप में अनुपयोगी सामग्री (स्क्रैप) से ‘मेक इन इंडिया’ की प्रतिमा तैयार कर "कबाड़ से कंचन" का प्रेरणादायी संदेश दिया गया। इसके अलावा रजरप्पा, कुजू एवं बरकासयाल क्षेत्रों में वॉल पेंटिंग, निबंध प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा कपड़े एवं जूट के थैलों के वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
पहाड़ी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतिम दिन रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीसीएल के महाप्रबंधकों, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है। सीसीएल परिवार स्वच्छ, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोलकाता। एक बेहद भावुक कर देने वाले समारोह में, जिसने कई लोगों की आँखों में आँसू ला दिए, 28 जून, 2026 को चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में एक गरिमामयी शहीद स्मारक समारोह का आयोजन किया गया। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) मिलिंद देउस्कर के संवेदनशील मार्गदर्शन में, यह समारोह रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जांबाज वीर, दिवंगत निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया था, जिन्होंने देश के आज के लिए अपना कल न्योछावर कर दिया।
पूरे रेलवे परिवार की ओर से, पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ए. एन. सिन्हा ने पुष्पचक्र अर्पित कर अपनी गहरी श्रद्धांजलि दी। शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े होकर, श्री सिन्हा ने सांत्वना के शब्द साझा किए और कहा कि निरीक्षक मीणा का असाधारण साहस, ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण आरपीएफ के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
समारोह का सबसे मर्मस्पर्शी क्षण तब आया जब शहीद के परिवार को अत्यंत सम्मान के साथ 'राष्ट्रीय पुलिस स्मारक' (National Police Memorial) भेंट किया गया। यह एक कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से गहरी कृतज्ञता का एक भारी और खामोश क्षण था। इस स्मारक को उनकी साहसी पत्नी श्रीमती ललिता मीणा, उनके ससुर श्री राम सुख मीणा और उनकी नन्ही बेटी दीक्षा मीणा ने प्राप्त किया, जो अपने प्रिय नायक को बल द्वारा सम्मानित किए जाने के दौरान मजबूती से खड़ी रहीं।
दिवंगत निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा वीरता और ईमानदारी के प्रतीक थे। उन्होंने 24 नवंबर, 2025 को आरपीएफ अजीमगंज टीम के साथ एक छापेमारी और जांच अभियान का निडरता से नेतृत्व करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने खुद से ऊपर कर्तव्य को चुना और अपनी आखिरी सांस तक उन नागरिकों की रक्षा की, जिनकी सेवा करने की उन्होंने कसम खाई थी।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का प्रदान किया जाना केवल एक औपचारिक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि एक वादा था कि आरपीएफ और यह देश अपने शहीद नायक को कभी नहीं भूलेगा और न ही उनके परिवार को कभी अकेला छोड़ेगा। उनकी स्मृति को नमन करते हुए, पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझी ने भावुक होकर कहा, "निरीक्षक मीणा का बलिदान हमारी सुरक्षा की कीमत की एक दिल दहला देने वाली याद दिलाता है, और उनके साहस की विरासत हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी।
रांची। झारखंड सरकार की छात्र हितैषी योजनाओं के तहत सोमवार को राजधानी रांची में निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कल्याण मंत्री चमरा लिण्डा ने TVS CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (SOE), जगन्नाथपुर क्लस्टर प्वाइंट पर 10 विद्यालयों के 693 छात्र-छात्राओं के बीच साइकिलों का वितरण किया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को संवारना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रही है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो।
मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विशेष पहल
कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को कोटा के प्रतिष्ठित संस्थानों, जैसे मोशन एजुकेशन, से जोड़कर विशेष कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
ड्रॉपआउट दर कम करने में मिलेगी मदद
मंत्री चमरा लिण्डा ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई छात्र-छात्राओं को विद्यालय की दूरी के कारण पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निःशुल्क साइकिल मिलने से उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी और विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति (ड्रॉपआउट) में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का प्रत्येक बच्चा बिना किसी बाधा के विद्यालय पहुंचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करे।
रांची जिले में 16,780 साइकिल वितरण का लक्ष्य
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2026-27 के लिए रांची जिले में कुल 16,780 साइकिलों के वितरण को स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से पात्र विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) रांची की परियोजना निदेशक मनीषा तिर्की, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, प्रखंड कल्याण पर्यवेक्षक एनुल हक, TVS CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, जगन्नाथपुर की प्राचार्य, विद्यालय प्रबंधन टीम तथा अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सोनाहातू (रांची): झारखंड में मानसून के दौरान लगातार हो रही वज्रपात की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। रविवार को रांची जिले के सोनाहातू प्रखंड क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे में खूंटी वन प्रमंडल के एक फॉरेस्ट गार्ड की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि विभाग के चालक समेत दो अन्य कर्मी घायल हो गए। घटना के बाद वन विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, खूंटी वन प्रमंडल के बुंडू वन प्रक्षेत्र में कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव रविवार को सोनाहातू थाना क्षेत्र के काला महादेव के समीप पहुंचे थे। यहां हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से वन विभाग की ओर से वॉच टावर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए रोशन श्रीवास्तव अपने विभाग के चालक और एक अन्य कर्मी के साथ निरीक्षण पर पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान अचानक मौसम ने करवट ले ली। आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे पहले कि तीनों सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाते, अचानक जोरदार वज्रपात हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिजली सीधे उस स्थान के पास गिरी, जहां वन विभाग की टीम खड़ी थी। वज्रपात की चपेट में आने से फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही अचेत हो गए, जबकि उनके साथ मौजूद चालक और एक अन्य कर्मी भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के अन्य कर्मियों की मदद से तीनों को सोनाहातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रोशन श्रीवास्तव को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की भी तैयारी की गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने मृतक वनकर्मी के परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं पुलिस ने भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रोशन श्रीवास्तव लंबे समय से वन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने उन्हें एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
गौरतलब है कि झारखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और वज्रपात की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और निर्माणाधीन स्थलों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और समय पर सुरक्षा उपाय अपनाना कितना आवश्यक है।
रांची। आप लोग बहुत लम्बे समय से के इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आप सभी ने लगभग 30 हफ्तों तक बहुत ही कड़ा और लंबा प्रशिक्षण लिया है। मुझे जानकारी दी गई है कि यहाँ बड़े पैमाने पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुए राज्य के जवान और जेपीएससी (JPSC) के माध्यम से डीएसपी के पद पर नियुक्त हुए अधिकारी शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक खुशी देने वाली बात यह है कि इस बैच में लगभग 25% महिलाओं की भागीदारी है। इस महिला पुलिस बल को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम चाहते हैं कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान और बराबर हो, जो यहाँ दिख भी रहा है। राज्य के पुलिस विभाग और हमारे पुलिस जवानों की भूमिका तथा जिम्मेदारियों को लेकर मुझे बहुत अधिक व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप सभी इसके महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज जैप 1 ग्राउंड, डोरंडा में आयोजित "बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026" को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जैप 1 ग्राउंड परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पारण परेड-2026 का निरीक्षण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने सी०टी०सी०, स्वासपुर, मुसाबनी में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक एवं विभिन्न जिला/इकाई से नव नियुक्त आरक्षियों का बुनियादी प्रक्षिणोपरांत आयोजित अंतिम परीक्षा का प्रकाशित परीक्षाफल के विभिन्न विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच पुरस्कार वितरण किया।
*आप सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले आप सभी ने झमाझम बारिश के बीच शपथ ली है। निश्चित रूप से हमारी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में शपथ ग्रहण करना सिर्फ एक प्रक्रिया या माध्यम नहीं है, इसी प्रतिज्ञा और शपथ के बदौलत हम लोगों ने इस देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का रूप दिया है। उन्होंने कहा कि यह शपथ सिर्फ वर्दी के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा के लिए भी है। चूंकि आप सभी वर्दीधारी राज्य के प्रहरी हैं, इसलिए यह शपथ आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज के बाद से आप एक व्यवस्था से बंध चुके हैं। अब सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। इस दौरान हो सकता है कि आपके सामने बहुत बड़ी चुनौतियां आकर खड़ी हो जाएं, यहाँ तक कि आपकी जान पर भी बन आए, पूर्व में इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आपके परिजनों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी है। आपके परिजनों के उसी अधूरे रास्ते और सफर को पूरा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने अब आपके कंधों पर सौंपने का निर्णय लिया है। हम सिर्फ नौकरी या तनख्वाह के लिए पुलिस बल में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि कुछ सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ इस व्यवस्था से बंध जाते हैं।
*प्रशिक्षण का परिणाम कानून एवं विधि-व्यवस्था के संधारण में दिखनी चाहिए*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आपको प्रशिक्षण के दौरान जिन अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग दी गई है, उसका परिणाम अब राज्य की कानून-व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और राज्य के भीतर घटने वाली या संभावित घटनाओं को नियंत्रित करने में दिखना चाहिए। अगर आप सभी पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे, तो हमारे बीच आने वाली हर चुनौती को समाप्त करते हुए उसका समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज मौसम अनुकूल न होने की वजह से इस पारण परेड कार्यक्रम को हमें पुलिस परिसर (Premises) के भीतर ही संपन्न करना पड़ा। लेकिन आपका उत्साह कम न हो और आपके परिजन हतोत्साहित न हों, इसके लिए हमारी सरकार लगातार आपके साथ खड़ी रहने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पुलिस विभाग के लिए अलग से आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस विभाग के अंतर्गत अलग से विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निश्चित रूप से, एक-एक करके हम अपनी सारी मंजिलों तक पहुंचेंगे। इसमें आपका भी प्रयास होना चाहिए और हमारी सरकार का भी पूरा सहयोग रहेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों एवं नव नियुक्त आरक्षियों को आज के इस बेहतरीन परेड प्रदर्शन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। साथ ही पुलिस विभाग को इस पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने *जय हिंद, जय झारखंड, जोहार।"* के साथ अपनी बातों का समापन किया।
प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवानों ने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं नव नियुक्त जवानों को अनुशासन, देश व राज्य सेवा, संविधान, पुलिस बल की गरिमा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति शपथ दिलाई गयी।
इस अवसर पर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी बर्बाद कर देता है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड को नशामुक्त करने का प्रण लिया है । और जो निर्णय लिया है उसे पूरे करने में सभी विभाग आपसी समन्वय बना झारखंड को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का काम हमलोग करेंगे । इसी उद्देश्य से पिछले 15 दिनों से नशामुक्ति हेतु जागरूकता अभियान पूरे राज्यभर में सरकार द्वारा चलाया जा रहा था जिसका आज समापन हो गया । उन्होंने कहा कि यह अभियान पिछले तीन वर्षों से चलाया जा रहा है । आने वाले समय में प्रयास रहेगा कि पूरे साल यह अभियान चलाया जाए। श्री इरफ़ान अंसारी गुरूवार को शौर्य सभागार में गृह,कारा एवं आपदा प्रबंधन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित निषिध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता अभियान के समापन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे ।
*अभियान की अच्छी शुरुआत हुई , मजबूती के साथ चलाया गया अभियान*
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का मक़सद नशामुक्त झारखंड, युवा झारखंड बनाने का है और इस दिशा में पिछले तीन साल से लगातार यह अभियान चलाया जा रहा है ।युवा हमारे राज्य हमारे देश का भविष्य हैं और नशे में अपना जीवन बर्बाद कर देते हैं । नशे से सिर्फ़ वे अपना जीवन बर्बाद नहीं करते हैं बल्कि परिवार ,पूरे समाज देश राज्य को प्रभावित करते हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निदेश पर ही झारखंड के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए यह अभियान चलाया जा रह है । उन्होंने कहा कि नशा केवल झारखंड या भारत की समस्या नहीं बल्कि यह पूरे विश्व की समस्या है । युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए नए-नए इनिशिएटिव लेना होगा । उन्हें कई प्रकार के एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा । साथ ही सभी प्रकार के संसाधनों का उपयोग करके युवाओं में नशे की लत की समस्या को दूर करने का प्रयास करना होगा ।
*जागरूकता अभियान में जन भागीदारी और सहयोग जरूरी*
डॉ. अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में नशामुक्त एवं स्वस्थ झारखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अभियान तभी सफल होगा जब आम जनता भी सरकार का सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा नशे की लत के कारण रिनपास और सीआईपी जैसे संस्थानों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा देर रात रास्ते पर , फ्लाईओवर के नीचे विशेष रूप से सिरप और सॉल्यूशन का नशा करते युवा दिखाई देते है इसके प्रति पुलिस-प्रशासन को ध्यान रखने की जरूरत है ।
मेयर रांची श्रीमती रोशनी खलखो ने कहा कि नशामुक्ति अभियान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत और जब हर एक व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तब सचमुच हम लोग झारखंड को सिर्फ़ स्वस्थ और सुरक्षित नहीं बल्कि नशामुक्त झारखंड भी बना पाएंगे । साथ ही सभी के सहयोग सुरक्षित रांची ,सुरक्षित झारखंड बना सकते है।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अजय कुमार ने कहा कि वर्ष 2024 में शुरू हुआ यह अभियान लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल झारखंड या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक चुनौती है। उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने, जोखिमग्रस्त बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से ड्रग्स कारोबार की जानकारी मिलने पर टोल-फ्री और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की अपील भी की।
अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल ने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से यह जागरूकता अभियान सफल रहा । सूचना जनसंपर्क विभाग की भूमिका प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण रही। जागरूकता अभियान का मकसद सभी कटिबद्ध ,मुखर, होकर खुलकर नशे के दुष्प्रभाव पर बात करें। सरकार और प्रशासन आपके साथ खड़ी है । उन्होंने कहा कि पूरे साल यह अभियान विशेषकर युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया जाए इसे लेकर शिक्षा विभाग द्वारा कार्यकम बनाये गए हैं ।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल पुरवार ने कहा कि नशे की समस्या पर समय रहते नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में नशे से संबंधित गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। साथ ही नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने, नशा मुक्ति से संबंधित मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ इरफान अंसारी द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति जागरूकता हेतु तैयार पुस्तिका का विमोचन किया गया साथ ही उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों जिसमें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक श्री आनंद , श्रीमती उर्वशी पांडे डीपीआरओ रांची , सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक श्री अभय कुमार ,श्रीमती अंजना भारती डीपीआरओ गिरिडीह , डॉ असीम कुमार डीपीआरओ पलामू , डॉ लाल मांझी एनएचएम से , उच्च शिक्षा से श्री नोइनिता , आलोक रंजन, निर्मला सिन्ह, सहायक शिक्षिका,डॉ सजल आशीष नाग , रिनपास , पर्यटन से आशीष कुमार बनर्जी,मुकेश कुमार ,स्वास्थ्य से सुशांत कुमार , सहित विभिन्न व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया । साथ ही झारखंड में पहली बार राज्य में फाइनेंसियल सीजर की करवाई करने पर सनोज कुमार चौधरी को सम्मानित किया गया । इसके अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मान प्रदान किया गया ।
रांची। झारखंड को मादक पदार्थों के सेवन और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से मुक्त कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को राजधानी रांची में भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों युवाओं, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से अल्बर्ट एक्का चौक तक आयोजित मैराथन दौड़ को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैराथन में शामिल प्रत्येक युवा का कदम केवल दौड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि झारखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चला रही है और इस अभियान में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे राज्य के भविष्य को प्रभावित करता है। इसलिए सरकार का उद्देश्य केवल कानून के माध्यम से कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा कर नशे से दूर रहने की संस्कृति विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि जब युवा स्वयं आगे बढ़कर इस अभियान का हिस्सा बनेंगे, तभी झारखंड को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
उन्होंने उपस्थित युवाओं को नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई। मंत्री ने कहा कि आज के युवाओं ने यह संदेश दिया है कि वे केवल अपने भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के बेहतर भविष्य के लिए भी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त झारखंड की पहचान बनेंगे और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
मैराथन दौड़ में रांची के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राओं के अलावा खिलाड़ियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी संदेश दिए और लोगों से मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की।
अल्बर्ट एक्का चौक पर मैराथन के समापन के बाद विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नशामुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं संस्थाओं को भी सम्मान देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाने वाले ऐसे लोगों को आगे भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
साइकिल प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में शरद अहीर ने प्रथम, सुभास उरांव ने द्वितीय तथा गुलशन डूंगडूंग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं महिला वर्ग में पूजा सिंह प्रथम, निशा कुमारी द्वितीय और मंजू कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम स्थल पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति विषय पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, उनके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा नशे से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि झारखंड का भविष्य उसके युवा हैं और यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ेंगे तो राज्य निश्चित रूप से स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नशामुक्त झारखंड के निर्माण के इस अभियान में सहभागी बनें और समाज में जागरूकता फैलाने का काम करें।
पटना। जिलाधिकारी, पटना कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में पटना समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में समन्वय समिति की साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था संधारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन एवं अनुश्रवण के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी करने, किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप प्रबंधन सुनिश्चित करने, सहयोग शिविरों का विधिवत संचालन करने एवं प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने, अंतर्विभागीय मामलों का त्वरित समाधान कर विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ पूर्ण पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ जनहित के कार्यों को निष्पादित करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई भी शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में जीरो टॉलरेंस की नीति का अनुपालन किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभागों में समन्वय स्थापित कर कार्यों को सुगमतापूर्वक करने का निदेश दिया, साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि विधि-व्यवस्था या आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी दिए गए दायित्वों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने निदेश दिया कि जिले में आयोजित होने वाले राजकीय समारोहों के लिए कैलेण्डर पहले से तैयार कर लें तथा उसके अनुकूल तैयारी रखें।
सभी कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति जरूरी है ताकि कर्मी व पदाधिकारी कार्यालय कार्यों में तेजी लाएँ तथा कार्यालय में अनुशासन बना रहे।
जिला पदाधिकारी के द्वारा कई विभागों यथा सात निश्चय, जल-जीवन-हरियाली, आरटीपीएस, राजस्व में जिला की राज्यवार रैंकिंग पर संबंधित पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया तथा रैंकिंग में अपेक्षित सुधार अगले 10 दिनों के अंदर करने का निदेश दिया।
जिला पदाधिकारी ने सहयोग पोर्टल पर कुल 2,424 लंबित मामलों पर असंतोष व्यक्त किया तथा इसे तुरंत ही निष्पादित करने का निदेश दिया। जिला, अनुमंडल, प्रखंड स्तर पर लंबित मामलों पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निदेश दिया गया कि वे अगली बैठक तक शत-प्रतिशत निष्पादन करें।
जिला पदाधिकारी ने एमजेसी, सीडब्ल्यूजेसी, एलपीए, राज्य एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, सीपीग्राम तथा माननीय मुख्यमंत्री सचिवालय, लोक शिकायत निवारण के लंबित मामलों पर भी काफी रोष व्यक्त किया तथा अगले 10 दिनों में लंबित मामलों में कम-से-कम 25 प्रतिशत मामले निष्पादित करने का लक्ष्य दिया है।
उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त, सभी अपर समाहर्ता सहित सभी जिला-स्तरीय विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा अनुमंडल व प्रखंड स्तर से सभी पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा समीक्षा में भाग लिया।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 को पूरे उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया। "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंडल के विभिन्न रेलवे प्रतिष्ठानों पर 3,000 से अधिक रेलकर्मियों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
रेलवे प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मालदा मंडल के अंतर्गत रेलवे संस्थानों, स्टेशनों, क्रू बुकिंग लॉबियों, रनिंग रूमों, लोको शेड, डिपो, कार्यशालाओं, विद्यालयों, रेलवे कॉलोनियों एवं अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों सहित कुल 127 स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह आयोजन मंडल स्तर पर योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
मुख्य कार्यक्रम रेलवे इंस्टीट्यूट, मालदा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कोलकाता में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के लाइव प्रसारण से हुई। इसके बाद प्रतिभागियों ने कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के तहत विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को नियमित योग के लाभों से अवगत कराते हुए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपाय बताए।
कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता एवं पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूओ) मालदा की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपा घोष, महिला कल्याण संगठन की सदस्याएं, वरिष्ठ अधिकारी, पर्यवेक्षक, कर्मचारी और उनके परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक बनाने का माध्यम है। उन्होंने सभी रेलकर्मियों और उनके परिवारजनों से नियमित योग अपनाने का आह्वान किया ताकि शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक दृढ़ता और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखा जा सके।
मालदा के अलावा भागलपुर, जमालपुर, साहिबगंज, अभयपुर, धनौरी, तीनपहाड़ और जंगीपुर रोड सहित मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में भी विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। डेमू शेड साहिबगंज, डीजल शेड जमालपुर, क्रू बुकिंग लॉबी, रनिंग रूम, टीआरडी डिपो, पीडब्ल्यूआई कार्यालय, कैरेज एवं वैगन डिपो, विद्युत कार्यालय, आरपीएफ बैरक एवं पोस्ट, सिग्नल एवं दूरसंचार कार्यालय, स्वास्थ्य इकाइयों तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मुख्यालय में भी योग कार्यक्रमों का सफल आयोजन हुआ।
जमालपुर लोको शेड में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डीजल) के नेतृत्व में विशेष योग शिविर आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्साह शैक्षणिक संस्थानों में भी देखने को मिला। पूर्व रेलवे उच्च विद्यालय साहिबगंज, केंद्रीय विद्यालय मालदा और शिशु विहार प्राथमिक विद्यालय मालदा में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर योग गतिविधियों में हिस्सा लिया। बच्चों ने विभिन्न योगासन कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
योग दिवस के अवसर पर मंडल के विभिन्न स्टेशनों और कार्यालयों में योग संबंधी संदेशों का प्रसारण किया गया। रेलवे के डिजिटल प्लेटफॉर्म और वीडियो वॉल पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का लोगो प्रदर्शित किया गया तथा विभिन्न स्थानों पर योग के व्यावहारिक प्रदर्शन कर लोगों को योग के लाभों के प्रति जागरूक किया गया।
मालदा : यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के परिचालन को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है।
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस विशेष ट्रेन का परिचालन 23 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इस अवधि में ट्रेन कुल 18 फेरे (ट्रिप्स) लगाएगी।
रेलवे ने बताया कि ट्रेन का परिचालन पूर्व निर्धारित समय-सारिणी, ठहराव (स्टॉपेज) और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। इस निर्णय से भागलपुर, कटिहार तथा बीच के स्टेशनों के यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी और बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पूर्व ट्रेन के समय और अन्य जानकारी की पुष्टि कर लें।
रामगढ़ : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री ने शुक्रवार को रामगढ़ सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मियों को "पीपुल फ्रेंडली" बनने की आवश्यकता है ताकि आम जनता का सरकार पर विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय सरकार का आईना होते हैं, जहां से ग्रामीणों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और विकास की सोच दिखाई देती है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण जनता को कम से कम प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़े, इसके लिए डिजिटल पंचायत की अवधारणा को तेजी से लागू किया जा रहा है। जाति, आवासीय एवं अन्य प्रमाण पत्रों की सुविधाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार प्रयास किए गए। वर्तमान में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए लगभग 35 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। राज्य वित्त आयोग की राशि मिलने के बाद यह राशि 50 लाख रुपये प्रति पंचायत से अधिक हो जाएगी।
मंत्री ने कहा कि डीएमएफटी (DMFT) मद से रामगढ़ समेत कई जिलों में पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं अब अपने उत्पादों और कार्यों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं।
इस मौके पर विधायक ममता देवी ने कहा कि नए भवन के निर्माण से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। क्षेत्र के लोगों को सरकारी कार्यों के लिए बेहतर व्यवस्था मिलेगी तथा कर्मचारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया तथा प्रखंड कार्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
उद्घाटन में उपायुक्त ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, बीडीओ, सीओ, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं JSLPS से जुड़ी महिलाओं सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट रहे और गठबंधन की रणनीति के अनुरूप मतदान किया। साथ ही पार्टी ने इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार की समीक्षा करने की बात कही है।
झामुमो के महासचिव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पार्टी के सभी 34 विधायकों ने शत-प्रतिशत मतदान किया और गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाला। उन्होंने बताया कि वह स्वयं पार्टी एजेंट के रूप में मतदान केंद्र पर मौजूद थे और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थे।
विनोद पांडेय ने कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने गठबंधन दलों की कई बैठकें की थीं। मतदान को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई थी तथा विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि इन सभी तैयारियों और प्रयासों के बावजूद इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। ऐसे में महागठबंधन के स्तर पर चुनाव परिणामों की समीक्षा की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि किन कारणों से अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं हो सका।
झामुमो महासचिव ने कहा कि समीक्षा के बाद भविष्य की रणनीति तय की जाएगी ताकि कमियों को दूर कर भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई में इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
रांची : झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को करारी शिकस्त देकर जीत हासिल की है। इस परिणाम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
चुनाव परिणाम के अनुसार परिमल नाथवाणी को कुल 28 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को मात्र 20 वोट मिले। मतदान के आंकड़े सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि महागठबंधन के भीतर क्रॉस वोटिंग हुई है, जिसके कारण कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। राजनीतिक जानकार इसे महागठबंधन के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।
वहीं पहली सीट पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज कर अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने में सफलता हासिल की। उन्हें 30 वोट प्राप्त हुए। हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने गठबंधन की रणनीति और समन्वय पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस चुनाव परिणाम में सबसे बड़ा सवाल यही है को महागठबंधन के पास कुल 56 वोट थे तो फिर अन्य 28 वोट कहां गए यह सबसे बड़ा सवाल है। वही NDA के पास 24 वोट थे लेकिन कुल 30 वोट मिले उनमें 2 बीजेपी के वोट रिजेक्ट हो गए। इसका मतलब महागठबंध के 6 विधायक विधायकों ने अपने ही दल के साथ खेला कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने यह संकेत दिया है कि झारखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरण बन सकते हैं। परिमल नाथवाणी की जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी मानी जा रही है। वहीं महागठबंधन के लिए यह परिणाम आगामी चुनावों से पहले आत्ममंथन का विषय बन गया है।
रांची: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रांची स्थित प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई सवाल उठने लगे हैं। घटना के करीब 36 घंटे बीत जाने के बावजूद हमलावरों की पहचान और उनके नेटवर्क को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
VHP नेता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रांची पुलिस से हमले में शामिल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन अब तक उनके नाम और हमले के पीछे की साजिश का खुलासा नहीं किया गया है।
विनोद बंसल ने अपने पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि हमले के षड्यंत्रकारियों के तार कहां-कहां से जुड़े हैं, उन्हें किसकी प्रेरणा या निर्देश प्राप्त थे और इस घटना के पीछे की पूरी साजिश क्या है, इसका शीघ्र खुलासा होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संघ कार्यालय पर आधी रात के बाद पेट्रोल बम से हमला अत्यंत गंभीर, चिंताजनक और निंदनीय घटना है तथा दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।
उधर, रांची पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने भी संघ कार्यालय पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए कई जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं। लेकिन घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और हमले के पीछे की मंशा पर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
रांची। राजधानी रांची के चुटिया थाना अंतर्गत निवारणपुर स्थित (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने के मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार की रात हुए इस हमले के दोनों आरोपियों को लोहरदगा से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने की बात सामने आ रही है। वही रांची पुलिस अभी तक आरोपियों का नाम का खुलासा नहीं किया है।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। ग्रामीण एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मंगलवार देर रात RSS कार्यालय को निशाना बनाते हुए पेट्रोल बम फेंका था। हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीर मामला माना है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच में केंद्रीय एजेंसियां भी रुचि ले रही हैं और जांच के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हमले के पीछे किसी संगठन या बड़े षड्यंत्र का हाथ तो नहीं है।
रांची: मुख्यमंत्री के विज़न और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत ने झारखंड के आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। ‘पलाश’ ब्रांड के तहत संचालित झारखंड मैंगो मार्केटिंग इनिशिएटिव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ हजारों महिलाओं और किसानों के जीवन में आर्थिक बदलाव ला रहा है।
कोरोना काल में शुरू की गई बिरसा हरित ग्राम योजना का असर अब जमीन पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। राज्य के लगभग 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में आम के बागान विकसित किए गए हैं, जिससे करीब 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार और आजीविका का साधन मिला है। वर्तमान में 52 हजार एकड़ क्षेत्र के बागान तुड़ाई के लिए तैयार हैं और इस सीजन में लगभग 50 हजार मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
इस पूरी पहल की सबसे बड़ी ताकत सखी मंडल की महिलाएं हैं, जो आम की तुड़ाई, संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से किसानों को संगठित बाजार और बेहतर मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है।
झारखंड के आम अब केवल देश के बाजारों तक सीमित नहीं हैं। इस वर्ष सिमडेगा जिले से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम लंदन भेजे गए हैं, जबकि रामगढ़ क्लस्टर से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई निर्यात किए गए हैं। इससे राज्य के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने लगी है।
आम की गुणवत्ता के आधार पर इसे ग्रेड-ए, ग्रेड-बी और ग्रेड-सी श्रेणियों में विभाजित किया गया है। प्रीमियम ग्रेड-ए आमों का निर्यात यूएई, सऊदी अरब और ब्रिटेन जैसे देशों में किया जा रहा है, जबकि घरेलू बाजार में इन्हें पलाश मार्ट और अपना मार्ट के माध्यम से बेचा जा रहा है।
झारखंड में अब तक 2,24,200 किलोग्राम आम की बिक्री हो चुकी है, जिससे ₹60.51 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है। राज्य के 115 से अधिक किसान उत्पादक संगठन इस अभियान से जुड़े हुए हैं और जिला स्तर पर संग्रहण एवं विपणन का कार्य कर रहे हैं।
सरकार अब बाजार विस्तार के लिए निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के साथ भी साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रही है। बताया गया है कि ब्लिंकिट, रिलायंस फ्रेश और कशिश मॉल जैसे कॉर्पोरेट समूहों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे झारखंड के किसानों और ग्रामीण महिलाओं को और बड़े बाजार उपलब्ध हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की इस पहल को ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल माना जा रहा है, जिसने झारखंड के आम को स्थानीय बागानों से निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा दिया है।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-
पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*
श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।
Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।
राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।
Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।*
गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।*
केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।
बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।
पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।
गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।
श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।
माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।
पटना। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रोशन आनंद ने जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। रोशन आनंद ने दावा किया कि खान सर (फैजल खान) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक ने मिलकर उनके भाई की हत्या करवाई है।
मीडिया से बातचीत में रोशन आनंद ने कहा कि जब तक वह बाहर थे तब तक उनके भाई के साथ कुछ नहीं हुआ, लेकिन उनके जेल जाने के बाद प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाल में मौत हो गई। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
रोशन आनंद ने यह भी आरोप लगाया कि फैजल खान ने उन्हें झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवाया और उनके परिवार को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, खान सर ने प्रिंस यादव की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रिंस यादव की मौत और पटना के चर्चित कोचिंग विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। रोशन आनंद के गंभीर आरोपों के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।
देवघर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए देवघर जिले के करौं प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ACB की टीम ने यह कार्रवाई शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कर की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिंडाकोली (लकरछरा) गांव निवासी भीम कुमार राणा ने ACB दुमका से शिकायत की थी कि मनरेगा योजना के तहत उनकी जमीन पर ट्रेंच सह बांध निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। योजना की कुल लागत 45,379 रुपये थी, जिसमें 41,444 रुपये का भुगतान पहले ही हो चुका था। अंतिम बिल निकासी के लिए एमबी (मेजरमेंट बुक) जमा करने के एवज में कनीय अभियंता द्वारा 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी अभियंता को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए करौं प्रखंड परिसर स्थित सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ACB टीम अपने साथ ले गई है और उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। झारखंड में ACB लगातार रिश्वतखोरी के मामलों पर कार्रवाई कर रही है और हाल के महीनों में कई सरकारी अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
रांची: अहमदाबाद में आयोजित में स्वर्ण पदक जीतकर झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले खिलाड़ी का मंगलवार को रांची एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, पदाधिकारियों और योगासना संघ के सदस्यों ने जोरदार उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया।
प्रतियोगिता में दुनिया के 78 देशों के करीब 400 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। कड़े मुकाबले के बीच रोशन थापा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और देश के साथ-साथ झारखंड का गौरव बढ़ाया।
इस अवसर पर के अध्यक्ष , सचिव , कोषाध्यक्ष तथा मुख्य सलाहकार ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।
वहीं की ओर से जिला अध्यक्ष , सचिव , कार्यकारी अध्यक्ष , कोषाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों एवं खेल प्रेमियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।
स्वागत समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि रोशन थापा की यह उपलब्धि झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और इससे राज्य में योगासना खेल को नई पहचान मिलेगी।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन और नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने तथा समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी ग्रामीण घरों तक दिसंबर 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और समय पर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
जल सहियाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल सहियाओं को समूहवार आईटीआई में प्लंबर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही उन्हें खराब चापाकलों की मरम्मत, सोलर वाटर सप्लाई सिस्टम के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जाए। बेहतर कार्य करने वाली जल सहियाओं को पुरस्कृत करने की भी बात कही गई।
रियल टाइम मॉनिटरिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने बड़ी पेयजल योजनाओं के ठेकेदारों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन कार्य प्रगति की रिपोर्ट अपडेट करने और उसकी नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए मजबूत फ्रेमवर्क और बैकअप प्लान तैयार किया जाए।
जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग को रिचार्ज पिट के रूप में उपयोग करने तथा सोक पिट निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वाले समुदायों को सरकार की ओर से प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में जल जीवन मिशन, हर घर जल, जल गुणवत्ता निगरानी, बहु ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं, नलकूप योजनाएं, , ओडीएफ प्लस गांव, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन तथा गोबरधन योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त तथा विभागीय सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ब्यूरो। पटना में ज्ञान बिंदु और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच हुए चर्चित गोलीकांड और विवाद मामले में प्रसिद्ध शिक्षक (खान सर) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
मामला 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के पास हुई फायरिंग और हिंसक झड़प से जुड़ा है। इस घटना के बाद पुलिस ने खान सर, उनके सुरक्षा कर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि विवाद के दौरान गोली चलाने की घटना हुई, जिसके बाद पुलिस जांच तेज कर दी गई थी।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इससे खान सर को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, जबकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
इस पूरे विवाद में ज्ञान बिंदु और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच प्रतिस्पर्धा और टकराव की भी चर्चा रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पक्षों के साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
कोलकाता । पूर्व रेल मंडल ने जानकारी दी है कि पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में नवादा और तिलैया स्टेशनों के बीच लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) निर्माण कार्य के लिए 09 जून 2026 को सुबह 09:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक 8 घंटे का ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इसके चलते कई ट्रेनों के परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।
रेलवे के अनुसार निम्नलिखित ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है:
19604 गोड्डा-दौराई एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) किऊल-नदवान-गया मार्ग के बजाय किऊल-पटना-जहानाबाद-गया मार्ग से चलेगी।
63387 जमालपुर-गया मेमू (09 जून को प्रस्थान करने वाली) लखीसराय-नवादा-मानपुर मार्ग के स्थान पर शेखपुरा-बिहारशरीफ-राजगीर-तिलैया मार्ग से संचालित होगी।
13024 गया-हावड़ा एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) वजीरगंज-शेखपुरा-किऊल मार्ग के बजाय गया-जहानाबाद-पटना-किऊल मार्ग से चलेगी।
15619 गया-कामाख्या एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) तिलैया-शेखपुरा-किऊल मार्ग के स्थान पर गया-जहानाबाद-पटना-किऊल मार्ग से संचालित होगी।
इसके अतिरिक्त 63388 गया-जमालपुर मेमू को 09 जून 2026 को गया स्टेशन से 2 घंटे विलंब (री-शेड्यूल) कर रवाना किया जाएगा।
पूर्व मध्य रेल मंडल ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का संशोधित परिणाम (Revised Result) जारी कर दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संशोधित Answer Key के आधार पर की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 मार्च 2024 को आयोजित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक परीक्षा (विज्ञापन संख्या-22/2023) का संशोधित परीक्षा परिणाम अब JPSC की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
क्या है पूरा मामला?
- सुप्रीम कोर्ट में लंबित SLP (Civil) No. 21079/2025 एवं अन्य संबंधित मामलों में दिए गए आदेश के आलोक में संशोधित Answer Key तैयार की गई।
- उसी संशोधित Answer Key के आधार पर परीक्षा परिणाम दोबारा प्रकाशित किया गया है।
- आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की त्रुटि या टंकण त्रुटि पाए जाने पर सुधार का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।
हाईकोर्ट में भी मामला लंबित
JPSC ने यह भी कहा है कि यह परिणाम झारखंड हाईकोर्ट में लंबित मामलों, जिनमें Civil Review (Filing) No. 1736/2026, W.P.(S) No. 6602/2024 और अन्य संबंधित याचिकाएं शामिल हैं, के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगा।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण
- संशोधित रिजल्ट JPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- अभ्यर्थी अपने परिणाम और संशोधित Answer Key की जांच कर सकते हैं।
- आगे की चयन प्रक्रिया न्यायालय के अंतिम आदेशों के अधीन रहेगी
रांची : रांची पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी कथित तौर पर 50 लाख रुपये की लेवी (रंगदारी) वसूलने के लिए पहुंचे थे।
पुलिस के अनुसार, नगड़ी थाना क्षेत्र के साहेर गांव निवासी बजरंग महतो से PLFI के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में नगड़ी थाना कांड संख्या 84/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। रंगदारी की मांग और धमकी देने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल किया गया था।
विशेष टीम ने बिछाया जाल
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में डीएसपी (मुख्यालय) द्वितीय अजय आर्यन की अगुवाई में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। तकनीकी शाखा की मदद से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि लेवी की रकम लेने के लिए अपराधी तुपुदाना क्षेत्र स्थित सफायर स्कूल, बारहमाइल चौक के पास आने वाले हैं।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। कुछ देर बाद एक लाल रंग की अपाचे मोटरसाइकिल (JH01CX4239) पर सवार दो युवकों को रोका गया और पूछताछ की गई।
पूछताछ में कबूला लेवी लेने का मकसद
गिरफ्तार युवकों की पहचान अरुण लोहरा (19 वर्ष) और सूरज लोहरा (18 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों खूंटी जिले के बेलवादाग गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे लेवी की रकम लेने के लिए आए थे। तलाशी के दौरान अरुण लोहरा के पास से PLFI का दो पर्चा भी बरामद किया गया, जिस पर संगठन से जुड़ी जानकारी लिखी हुई थी।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- एक अपाचे मोटरसाइकिल (JH01CX4239)
- एक मोटरोला एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- PLFI के दो पर्चे
बरामद किए हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
रांची पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है ताकि संगठन की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपी
- अरुण लोहरा (19 वर्ष), पिता – महादेव लोहरा
- सूरज लोहरा (18 वर्ष), पिता – सोमरा लोहरा
दोनों निवासी – बेलवादाग, थाना व जिला खूंटी।
रांची। विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर स्थित संगम सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वज फहराने (फ्लैग होस्टिंग) एवं वृक्षारोपण के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया तथा कोल इंडिया गीत का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात उपस्थित गणमान्य अतिथियों द्वारा शपथ एवं पर्यावरण विषयक पुस्तक ‘Nature’s Voice Vol-4’ का विमोचन किया गया।
अपने संबोधन में निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘जीरो प्लास्टिक’ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक की बोतलों एवं अन्य एकल-उपयोग प्लास्टिक सामग्री के प्रयोग से बचना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा, “Mother Earth has enough for everybody’s need, but not enough for everybody’s greed.” तथा पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने बताया कि विश्व के सर्वाधिक गर्म शहरों में बड़ी संख्या भारत के शहरों की है, जो पर्यावरणीय चुनौतियों की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी से जल संसाधनों के संरक्षण के लिए जागरूक और सक्रिय होने का आग्रह किया। उन्होंने “Each One, Teach One” का मंत्र देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण के प्रति कम-से-कम एक अन्य व्यक्ति को प्रेरित करे। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां भी खाली स्थान दिखाई दे, वहां पौधारोपण कर उसे हरित बनाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त सीसीएल कर्मियों के लिए आयोजित पर्यावरण जागरूकता प्रश्नोत्तरी के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष (पर्यावरण/वन) श्री प्रणव कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सीसीएल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम का सफल संचालन महाप्रबंधक ( पर्यावरण) श्रीमती संगीता द्वारा किया गया।
सीसीएल परिवार अपने सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-संतुलित भविष्य के निर्माण हेतु सीसीएल विभिन्न पर्यावरणीय पहलों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को प्रेरित करने के लिए कटिबद्ध है।"
भागलपुर(कोलकाता): दक्षिण एवं उत्तर-पूर्व बिहार के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित विशेष ट्रेन के परिचालन की अवधि को बढ़ाकर 22 जून 2026 तक कर दिया है। यह ट्रेन अपने वर्तमान मार्ग, समय-सारिणी और निर्धारित ठहरावों के साथ संचालित होती रहेगी।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 10 जून से 16 जून 2026 तक यह विशेष ट्रेन नवगछिया से ही आंशिक रूप से प्रारंभ और समाप्त (शॉर्ट ओरिजिनेट/शॉर्ट टर्मिनेट) की जाएगी। इस दौरान ट्रेन भागलपुर तक नहीं जाएगी।
गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। इसके चलते दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भागलपुर और कटिहार के बीच यह अनारक्षित विशेष ट्रेन सेवा शुरू की थी। पहले इसका संचालन 4 जून 2026 तक निर्धारित था, लेकिन यात्रियों की जरूरत और लगातार मांग को देखते हुए इसकी अवधि अब 22 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है।
रेलवे के इस फैसले से भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और सीमांचल क्षेत्र के हजारों यात्रियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ब्यूरो। पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थान के बाहर जमा हो गए और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फायरिंग में एक सुरक्षा गार्ड के घायल होने की खबर है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
खान सर ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे कोचिंग संस्थानों की आपसी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पहले कर्मचारियों को धमकाया और फिर हमला किया। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी साजिश या प्रतिद्वंद्विता के एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है।
रांची। जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी०आर० पाटिल ने की। इस समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन झारखंड मंत्रालय से ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए। समारोह का शुभारम्भ केंद्रीय मंत्री श्री सी० आर० पाटिल एवं झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के माननीय मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद के बीच अभिवादन आदान-प्रदान से हुई। समारोह में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री जल शक्ति मंत्रालय श्री वी० सोमन्ना, माननीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री, झारखंड श्री योगेंद्र प्रसाद, सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM), केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही झारखंड सरकार*
समझौता हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज जल जीवन मिशन के इस महत्वकांक्षी योजना के तहत राज्य एवं केंद्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। इस कार्यक्रम में हमसभी लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एमओयू आने वाले समय में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष, 2019 से जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ संकल्पित होकर आगे बढ़ रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार भी इस बात से सहमत है कि मिशन मोड में जल जीवन मिशन योजना का लाभ झारखंड के प्रत्येक घरों तक पहुंचाई जाए, राज्य सरकार इस निमित्त केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने को लेकर निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। यह बात सही है कि इस योजना के सफल संचालन के लिए झारखंड की भौगोलिक संरचना बहुत अनुकूल नहीं है। झारखंड प्रदेश की ग्रामीण संरचना वन क्षेत्रों में स्थापित है। सरकारी कार्यालय सहित एनएचआई, डीवीसी के कार्यों के साथ-साथ अन्य जलस्रोत स्पॉट पर जल सप्लाई का कार्य होता है, यही कारण है कि इस कार्य के लिए कभी-कभी एनओसी की समस्या होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के साझा प्रयास से एनओसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकला जा सकता है, एनओसी की समस्या का त्वरित समाधान से कार्य योजना को ससमय पूर्ण किया जा सकेगा। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 30 हजार जल सहियाओं की नियुक्ति की है। जल सहिया दीदियों द्वारा पेयजल व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार जल सहियाओं को प्रति माह दो हजार रुपए मानदेय देती है। माननीय मुख्यमंत्री ने जल सहियाओं के मानदेय हेतु केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता दिए जाने का आग्रह किया तथा जल जीवन मिशन योजना में जल सहिया कंपोनेंट को जोड़ने का भी आग्रह किया।
*समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:-*
▪️वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में कुल ₹24,635 करोड़ की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
▪️मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) पर विशेष जोर दिया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अब तक केंद्र से कोई पर्याप्त धनराशि जारी नहीं की गई है। अतएव स्वीकार्य केंद्रांश राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने जानकारी से अवगत कराया कि अभी तक 55% परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि पूर्ण कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा केवल 46% अनुदान ही उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार से लगभग ₹6,500 करोड़ राशि की लंबित सहायता मांगी गई।
▪️ मुख्यमंत्री द्वारा योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की संस्थाओं से NOC देने में समय पर सहयोग की आवश्यकता देने पर बल दिया गया।
▪️राज्य स्तर पर सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के सतत संचालन पर बल दिया गया। सरकार ने प्रत्येक गांव में जल सहिया तैनात की है और उन्हें ₹2,500 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। इस हेतु केंद्र सरकार से समुचित सहयोग की अपेक्षा की गई।
▪️भविष्य की सभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में सभी घटकों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:-
• झारखंड के लिए विशेष रूप से ₹2,500 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। राज्य को JJM 2.0 के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा और दिशा-निर्देशों के अनुसार धनराशि जारी कराने का अनुरोध किया गया।
• जिलाधिकारियों (DM/DC) को JJM परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय निगरानी और भागीदारी करने के निर्देश दिए गए।
• 100 करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं की उच्चतम स्तर पर सख्त समीक्षा की जाएगी।
• झारखंड JJM के प्रबंध निदेशक पद को संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी द्वारा संभालने की सिफारिश की गई।
• समारोह में ₹1,400 करोड़ की अनुचित (inadmissible) लागत वाले ओवरसाइज्ड घटक की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
समझौता समारोह का समापन MOU के दिशा-निर्देशों के शीघ्र क्रियान्वयन और चल रही परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के आह्वान के साथ हुआ, ताकि झारखंड के हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाया जा सके।
रांची। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष की प्रगति और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार का उपयोग बढ़ाया जाए। उन्होंने राशन कार्ड से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने तथा अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया।
तकनीक आधारित निगरानी पर जोर सीएम ने खाद्यान्न वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश देते हुए कहा कि लाभुकों तक समयबद्ध और निर्बाध खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
शहरी श्रमिकों के लिए बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र
मुख्यमंत्री ने दाल-भात योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि वर्तमान में राज्य में 370 दाल-भात केंद्र संचालित हैं, जहां मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर नए दाल-भात केंद्र खोलने और मॉडल दाल-भात केंद्र विकसित करने का निर्देश दिया।
पीवीटीजी परिवारों को मिले खाद्यान्न की गारंटी
विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर-स्टेप डिलीवरी के माध्यम से सभी पात्र परिवारों तक खाद्यान्न नियमित रूप से पहुंचना चाहिए।किसानों से सीधे संवाद धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से बातचीत की। किसान ने बताया कि उन्होंने 160 क्विंटल धान पैक्स के माध्यम से बेचा था और भुगतान एक ही दिन में उनके खाते में प्राप्त हो गया।
गोदामों की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गोदामों की मरम्मत एवं नए गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अनाज के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए। साथ ही सोना-सोवरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना की भी विस्तृत समीक्षा की।बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह तथा विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कोलकाता। एक मधुर संगीत की तरह, रेलवे नेटवर्क भी सामंजस्य पर आधारित होता है। प्लेटफॉर्म पर टिक-टिक करती हर घड़ी, वातावरण में गूंजती हर उद्घोषणा और चमकते हुए प्रत्येक डिस्प्ले बोर्ड मिलकर एक ऐसी लय का निर्माण करते हैं, जो सुरक्षित, आरामदायक और निर्बाध यात्रा का आधार बनती है। प्रत्येक यात्रा को यादगार बनाने के लिए चौबीसों घंटे कार्य करने के संकल्प के साथ, महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में पूर्व रेलवे ने अप्रैल 2026 के मात्र एक महीने के दौरान अपने स्टेशनों पर व्यापक परिवर्तन किए हैं। यह केवल तकनीकी उन्नयन की सूची नहीं है, बल्कि उन लाखों यात्रियों के प्रति एक भावनात्मक प्रतिबद्धता है जो प्रतिदिन अपने जीवन और सपनों के लिए रेलवे पर भरोसा करते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के हर चरण में यात्रियों को सुरक्षा, सुविधा और आत्मीयता का अनुभव हो।
व्यस्त रेलवे प्लेटफॉर्म पर कदम रखते समय यात्रियों को कभी-कभी भ्रम और असुविधा का सामना करना पड़ता है, लेकिन पूर्व रेलवे अब इस भ्रम को स्पष्टता और चिंता को विश्वास में बदल रहा है। ट्रेन के कोच की सही स्थिति जानना अब पूरी तरह आसान हो गया है। हावड़ा मंडल के साइंथिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 एवं 2 तथा आजिमगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर कुल 58 नए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे यात्री आत्मविश्वास के साथ अपने कोच के आगमन स्थल पर खड़े हो सकेंगे। वहीं, प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले प्रतिष्ठित सियालदह स्टेशन पर एक विशाल आउटडोर वीडियो वॉल स्थापित की गई है, जो वास्तविक समय में ट्रेन संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रदर्शित करेगी ताकि कोई भी यात्री आवश्यक जानकारी से वंचित न रहे। इसके साथ ही, कैनिंग स्टेशन पर सार्वजनिक संबोधन प्रणाली को सुदृढ़ बनाया गया है ताकि महत्वपूर्ण सुरक्षा घोषणाएं स्टेशन के हर कोने तक स्पष्ट रूप से पहुँच सकें। समय की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने और यात्रियों की यात्रा को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए कैनिंग एवं मध्यमग्राम स्टेशनों पर 10 अतिरिक्त जीपीएस आधारित प्लेटफॉर्म घड़ियां भी लगाई गई हैं।
पूर्ण सुरक्षा के बिना वास्तविक सुविधा संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से पूर्व रेलवे ने पर्दे के पीछे रहकर ऐसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जो यात्रियों और उनके प्रियजनों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करते हैं। रेलवे फाटकों पर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए हावड़ा मंडल के मसाग्राम और गुराप सहित सियालदह मंडल के बनगांव, बारासात, काकद्वीप तथा लक्ष्मीकांतपुर स्टेशनों के अंतर्गत कुल 12 इंटरलॉक्ड समपार फाटकों पर वॉयस रिकॉर्डिंग सुविधा युक्त उन्नत गेट टेलीफोन लगाए गए हैं। इससे गेटकीपर और स्टेशन मास्टर के बीच होने वाला संचार सुरक्षित, स्पष्ट और रिकॉर्डेड रहेगा। डिजिटल सेवाओं को भी और अधिक सशक्त बनाया गया है। सियालदह स्टेशन पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों के लिए कनेक्टिविटी को उन्नत किया गया है, जिससे टिकट लेने के लिए लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी। वहीं, आवश्यक माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आसनसोल और दुर्गापुर गुड्स शेडों में 8 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रेलवे संचार प्रणाली को निर्बाध बनाए रखने के लिए सोदपुर ऑप्टिकल फाइबर हट में पुराने बैटरी सेटों को बदलकर अत्यधिक विश्वसनीय नई प्रणालियां स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के बसुदेवपुर में नव-निर्मित इंटरमीडिएट ब्लॉक हट (IBH) में डेटा लॉगर और सुरक्षा प्रणालियों सहित अत्याधुनिक दूरसंचार उपकरण सफलतापूर्वक चालू किए गए हैं, जो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और दुर्घटनाओं की संभावना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अप्रैल 2026 के दौरान बिछाई गई प्रत्येक तार, स्थापित किया गया प्रत्येक कैमरा और समन्वित की गई प्रत्येक घड़ी पूर्व रेलवे और उसके यात्रियों के बीच गहरे भावनात्मक संबंध का प्रतीक है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि रेलवे स्टेशन केवल कंक्रीट और लोहे की संरचना नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, मिलन और नई शुरुआतों का केंद्र है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में किए गए प्रत्येक तकनीकी उन्नयन का उद्देश्य यात्रियों के लिए एक मौन संरक्षक के रूप में कार्य करना है। चाहे वह किसी यात्री को अपना कोच नंबर स्पष्ट रूप से देखने में मदद करना हो या किसी गेटकीपर को स्टेशन मास्टर से तुरंत बात करने में सक्षम बनाना हो। पूर्व रेलवे चौबीसों घंटे यात्रियों की सेवा में तत्पर है क्योंकि यात्री सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च कर्तव्य है और यात्री सुविधा उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि।
रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति कार्यक्रमों, रोजगार सृजन, आवासीय विद्यालयों और कौशल विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और लक्ष्य आधारित तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया। उन्होंने लाभुकों से प्राप्त ऋण, व्यवसाय की स्थिति, आय, रोजगार सृजन और बैंकिंग सहयोग से जुड़ी जानकारी ली।
लाभुकों ने बताया कि यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हुई है। मुख्यमंत्री ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन और लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया। साथ ही लाभुकों की समस्याओं और फीडबैक के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्देश दिया।
विद्यार्थियों को मिल सकती है ई-साइकिल
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक साइकिल के स्थान पर विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह पहल शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान बनाएगी।
एकलव्य विद्यालय और छात्रावासों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राज्य के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों तथा आदिवासी छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
SIR और जनगणना पर जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम चलाकर विद्यार्थियों को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान संचालित करने पर जोर दिया गया।
कौशल विकास कार्यक्रमों को बनाया जाएगा रोजगारोन्मुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें बाजार की मांग और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उद्योगों और स्थानीय उद्यमों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया।
जिला अस्पतालों में बनेगा विशेष हेल्प डेस्क
मुख्यमंत्री ने रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया। यहां प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती कर मरीजों को पंजीकरण, जांच और उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रांची : राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन (एसएसपी) ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक यातायात राजेश कुमार सिंह के साथ शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण अल्बर्ट एक्का चौक से अंजुमन प्लाजा तक किया गया।
निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन पार्क करने वालों, फुटपाथ एवं सड़क पर दुकान लगाने वालों तथा अन्य प्रकार के अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पैदल यात्रियों के लिए बने मार्ग पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहन खड़े करने वाले चालकों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें चेतावनी दी गई।
एसएसपी ने पार्किंग स्टैंड में खड़े वाहनों को सुव्यवस्थित ढंग से पार्क कराने का निर्देश दिया, ताकि यातायात प्रभावित न हो। साथ ही विभिन्न ट्रैफिक पोस्टों पर तैनात यातायात पुलिस अधिकारियों और जवानों को ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह,स्थानीय पुलिस उपाधीक्षक, संबंधित थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू एवं अधिकारियों की उपस्थिति में नगर विकास एवं आवास विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नगर विकास एवं आवास विभाग की योजनाओं का लाभ आमलोगों को समय पर मिले। नगर विकास एवं आवास विभाग का उद्देश्य सड़क निर्माण, आधारभूत संरचनाओं एवं भवनों का निर्माण के साथ-साथ आम जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। ऐसे में विकासात्मक योजनाओं के ससमय कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम अंतर्गत आधारभूत संरचना, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल आपूर्ति, यातायात प्रबंधन और कूड़ा निस्तारण आदि नगरीय व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को गति देने हेतु भूमि अधिग्रहण कार्यों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ राजस्व संग्रहण के संसाधनों पर विशेष कार्य करें। मुख्यमंत्री ने शहरी नागरिक परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक में मंत्री नगर विकास एवं आवास विभाग सुदिव्य कुमार भी उपस्थित रहे।
नदी एवं अन्य जलस्रोत क्षेत्रों से हटवायें अतिक्रमण
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शहरों से गुजरने वाली सभी नदियों, तालाबों, डैमों, नालियों अथवा अन्य जलस्रोतों पर बनी अवैध संरचनाओं एवं अन्य निर्माण कार्यों को तत्काल बंद कराएं एवं पूर्व से बनीं अवैध संरचनाओं से अतिक्रमण मुक्त कराएं। अतिक्रमण कर जो घर बनाएं गएं हैं, उनका तत्काल गहन सर्वे कराएं। उन्होंने सभी शहरी निकायों में अवस्थित नदी अथवा अन्य जलस्रोतों में हुए अवैध निर्माण को चिन्हित करते हुए लिखित नोटिस करने, अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने एवं अतिक्रमण कर निर्मित अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी किनारे और अन्य जलस्रोतों पर अतिक्रमण कर घर बनाना पर्यावरण और जल निकासी के लिए गंभीर खतरा है। इस तरह के कार्य क्षमा योग्य नहीं है, ऐसे कार्य करने वाले लोगों पर कड़ी कानूनी-कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से भी अपील किया है कि अवैध अतिक्रमण कर संरचना तैयार नहीं करें।
कांके डैम संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के राजधानी रांची में अवस्थित कांके डैम के संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाते हुए कार्य योजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने डैम एरिया में सीधे गिरने वाले नालों को तत्काल बंद कराने, डैम के कैचमेंट एरिया की शीघ्र मापी कराकर, उसकी घेराबंदी कराने का निर्देश दिया, ताकि डैम का पानी स्वच्छ, सुरक्षित एवं संरक्षित बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आसपास के लोगों को भी जागरूक करते हुए , यह सुनिश्चित कराया जाए कि वे घरों से निकलने वाले गंदे पानी को डैम में नहीं जाने दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शहरों में बसे शत-प्रतिशत घरों में पाइपलाईन के माध्यम से शुद्ध पानी उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित की जाए।
परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो, यह सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नगर विकास एवं आवास विभाग की किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी योजनाओं की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक सशक्त करें। मुख्यमंत्री ने नगर विकास एवं आवास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण, नगर निकाय क्षेत्रों में साफ-सफाई/स्वच्छता, पेय जलापूर्ति तथा आवास योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने नगर निकाय क्षेत्रों में बरसात पूर्व जल जमाव की समस्या का स्थाई समाधान एवं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरूस्त रखने का निर्देश दिए।
रांची सहित राज्य के सभी रिंग रोड के आसपास सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रांची सहित राज्य में जहां भी रिंग रोड है, उसके आसपास सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित करें। साथ ही सोलर स्ट्रीट लाइट से रोशन करें। अगले 15 दिनों में सोलर पैनल एवं स्ट्रीट लाईट लगाए जाने संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट से पारित कर कार्य को मूर्त रूप दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिंग रोड एरिया में वाटर पाइप लाइन, सीवर लाइन की भी संरचना विकसित की जाए। राज्य के भीतर जिन-जिन शहरों में वाटर सप्लाई प्लान के अंतर्गत योजनाएं चल रही है, उन योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण कर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक शहरी नियोजन तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाए। नगर विकास योजनाओं में अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने से समय की बचत के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शहरी क्षेत्र के प्रत्येक घरों में कराएं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं वाटर वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था
शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने को लेकर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्र में स्थापित प्रत्येक घर, बड़ी-बड़ी सोसाइटीज, हाउसिंग क्षेत्र, बड़े होटल, अपार्टमेंट एवं पॉश इलाके में रहने वाले लोग स्वयं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य करें। इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए लोगों को इस कार्य के लिए प्रेरित करते हुए प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए लोगों को जागरूक कर जनभागीदारी बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि भू-जलस्तर संरक्षित रहे और प्रदूषण में कमी आए।
आधुनिक तकनीक एवं उपायों के माध्यम से निकालें समाधान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान समय में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरे के पहाड़ों (Legacy Waste) का निस्तारण शहरों की एक प्रमुख पर्यावरणीय चुनौती है। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच रांची के झिरी स्थित Legacy Waste का निस्तारण हेतु विचार-विमर्श हुआ तथा आधुनिक तकनीक एवं उपायों के माध्यम से इसका समाधान निकालने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों से भी गीले एवं सूखे कचरे की अलग-अलग पृथ्कीकरण करने की व्यवस्था करने की अपील की है, जिससे एक तरफ बायोडिग्रेबल कूड़ा से ऊर्जा पैदा किया जा सके, उर्वरक के रूप में इस्तेमाल किया जा सके और नॉन बायोडिग्रेडेबल कचरे का पुनर्चक्रण कर पुन: उपयोग में लाया जा सके।
सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कर सुंदर आकार दें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बारिश के मौसम से पहले सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कराकर सुंदर आकार दें। पेड़ों को ट्रिमिंग होने से विद्युत तार एवं सड़कों पर गिरने के खतरों से बचा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से राज्य के राजमहल, साहिबगंज एवं धनबाद जिलों से जुड़कर वहां अवस्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर बातचीत की तथा उसकी संरचनाओं का अवलोकन कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग सुनील कुमार, आयुक्त रांची नगर निगम श्री सुशांत गौरव, निदेशक सूडा सूरज कुमार, निदेशक डीएमए नैंसी सहाय, पीडीटी जुडको बी०के० राय, जीएम स्मार्ट सिटी परियोजना राकेश कुमार नंदकुलियार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
धनबाद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) धनबाद की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बोकारो जिले के बालीडीह थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) मो. याकूब अंसारी को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी मुख्यालय रांची में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2009 में खरीदी गई जमीन से जुड़े मामले की जांच के नाम पर पुलिस पदाधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बालीडीह थाना में दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में एएसआई मो. याकूब अंसारी ने जमीन पर जाकर जांच करने एवं खर्चा-पानी के नाम पर 5 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी धनबाद ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद धनबाद थाना कांड संख्या-04/2026, दिनांक 25 मई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर धावादल का गठन किया गया।
एसीबी की टीम ने मंगलवार 26 मई 2026 को जाल बिछाकर आरोपी एएसआई मो. याकूब अंसारी (उम्र 56 वर्ष) को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए बोकारो जिले के नया मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान दंडाधिकारी एवं स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे।
फिलहाल एसीबी की ओर से आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।