साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), साहिबगंज के कार्यकर्ताओं ने साहिबगंज कॉलेज के नवनियुक्त प्राचार्य डॉ. रंजीत सिंह से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हुए महाविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन तथा छात्रहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक सहयोग का विश्वास व्यक्त किया।
डॉ. रंजीत सिंह ने अभाविप के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाने के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा जताई।
इस अवसर पर प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह, प्रदेश छात्रा प्रमुख निधि सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अविनाश कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, नगर मंत्री चंदन गुप्ता, परनब कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रांची। JSLPS के अधीन काम करने वाले कर्मियों के लिए एक अच्छी खबर है । लंबे समय के इंतजार के बाद JSLPS की नई मानव संसाधन व्यवस्था ( HR पॉलिसी ) को हरी झंडी मिल गई है । राज्य की ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की विशेष पहल के बाद ये संभव हो सका है । नई मानव संसाधन व्यवस्था लागू होने से JSLPS में करीब 13 सौ अतिरिक्त पदों पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे । ये कदम संस्था की कार्य क्षमता को बढ़ाने के साथ - साथ राज्य के बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर प्रदान करने में मददगार साबित होगा ।
JSLPS की नई मानव संसाधन व्यवस्था पर गौर करें तो L 5 से L 8 तक के कर्मचारियों के वेतन में 60 प्रतिशत तक का इजाफा किया गया है । नई व्यवस्था में कर्मचारियों के लैपटॉप और संचार भत्ते में वृद्धि की गई है , जो आज के बदलते हुए दौर के लिहाज से काम के लिए जरूरी है । इसके साथ ही पहली बार JSLPS के कर्मियों को शिक्षा भत्ता के साथ व्यावसायिक विकास भत्ता मिलने जा रहा है । ये कदम कर्मचारियों के परिवार के शैक्षणिक विकास और उनके बौद्धिक ज्ञान के लिए लाभकारी सिद्ध होगा । वहीं JSLPS के कर्मी अब प्रतिमाह स्वास्थ्य लाभ के मद में 1 हजार रुपये तक का दावा कर सकेंगे ।
इतना ही नहीं नई मानव संसाधन व्यवस्था में JSLPS के पात्र कर्मियों को ग्रेच्युटी , प्रखंड स्तर पर कार्यरत कर्मियों को क्षेत्र भ्रमण भत्ता में वृद्धि , जिला स्तर के कर्मियों को भी क्षेत्र भ्रमण भत्ते का लाभ के साथ कर्मचारियों के समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा राशि को 20 लाख से बढ़ा कर 30 लाख कर दिया गया है । वहीं समूह मेडिक्लेम बीमा राशि 5 लाख से बढ़ा कर 20 लाख कर दी गई है । ऐसा होने से कर्मचारियों और उनके परिजनों को गंभीर बीमारी एवं आकस्मिक चिकित्सा के समय बेहतर आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा ।
ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि JSLPS के कर्मियों के सुरक्षित , समृद्ध और खुशहाल भविष्य के लिहाज से ये बड़ा कदम है । लंबे समय से नई मानव संसाधन व्यवस्था लागू करने की मांग उठ रही थी । आज सरकार ने JSLPS कर्मियों को ये सौगात दी है । अब अतिरिक्त पदों पर रोजगार सृजन के साथ काम को गति मिलेगी । आने वाले समय में JSLPS सफलता के नये आयाम गढ़ने में सफल होगा , इसकी उम्मीद ही नहीं , पूरा भरोसा भी है ।
सिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की ओर से हर घर तिरंगा अभियान एवं संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कलश वंदन अभियान की तैयारियों को लेकर विधानसभा स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सिल्ली मंडल अध्यक्ष अम्बुज रजक ने की।बैठक कार्यक्रम का संचालन पतराहातू मंडल अध्यक्ष भगीरथ महतो तथा धन्यवाद ज्ञापन सोनाहातू मंडल अध्यक्ष खगेश महतो ने किया।बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विनय कुमार महतो ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के विचार आज भी समाज को समानता, समरसता और मानवता का मार्ग दिखाते हैं। उनकी 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में काशी से लाई गई पवित्र मिट्टी के कलश को विभिन्न मंदिरों में ले जाकर पूजन एवं वंदन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। कार्यकर्ताओं को प्रत्येक घर तक तिरंगा पहुंचाने और अभियान को जन-जन का उत्सव बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।बैठक में दोनों अभियानों की सफलता के लिए व्यापक जनसंपर्क, संगठनात्मक तैयारियों और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।मौके पर महिला मोर्चा की जिला महामंत्री रेखा देवी, रामपुर मंडल अध्यक्ष अमित बेदिया, जोन्हा मंडल अध्यक्ष बसंत सुंडी, राहे मंडल अध्यक्ष मेघनाथ महतो, बारेंदा मंडल अध्यक्ष सुभाष महतो, पूर्व मंडल अध्यक्ष दिलेश्वर कोईरी, ज्योति प्रसाद कोईरी, पदलोचन महतो, शायन त्रिपाठी, भेंगराज प्रसाद, हरिहर महतो, ज्ञान रंजन महतो, रविंद्र साहू, राजीव रंजन, राधानाथ महतो, रमेश महतो, स्नेहलता देवी, अमिता कुमारी, सजल सोनी, श्याम सुंदर महतो सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सिल्ली/मूरी: सिल्ली प्रखंड क्षेत्र के आईटीसी स्कूल, सिंगपुर में बुधवार को विद्यार्थियों के बीच साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आरवी एंटरप्राइजेज द्वारा संचालित साइकिल योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ बासारुली पंचायत के मुखिया लालू उरांव ने विद्यार्थियों को साइकिलें वितरित कर किया।मुखिया लालू उरांव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध होने से विद्यालय आने-जाने में सहूलियत मिलेगी और उनकी पढ़ाई में नियमितता आएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की योजनाएं अत्यंत उपयोगी हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि साइकिल मिलने से विद्यार्थियों का समय बचेगा और उनकी विद्यालय में उपस्थिति बढ़ेगी।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। साइकिल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योजना से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
सिल्ली: ग्रामीण विकास एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रुडसेट संस्थान, सिल्ली द्वारा 10 अगस्त से 30 दिवसीय निःशुल्क मोटरसाइकिल मरम्मत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। संस्थान के प्रशिक्षकों ने बताया कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा मोटरसाइकिल मरम्मत का व्यावहारिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को एनसीवीटी (NCVT) मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण अवधि में रहने, खाने एवं प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था संस्थान की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।रुडसेट संस्थान ने इच्छुक युवाओं से समय पर नामांकन कराने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए 95233 81187, 97173 69763 एवं 93085 44400 पर संपर्क किया जा सकता है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा एमटीसी, एचआरडी में सैप/ईआरपी के ह्यूमन कैपिटल मैनेजमेंट (एचसीएम) मॉड्यूल पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों से आए लगभग 70 नोडल अधिकारियों और संबंधित सहायक कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन महाप्रबंधक (ईई) एस. के. ठाकुर, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक तथा विभागाध्यक्ष (औद्योगिक संबंध) पल्लब चक्रवर्ती की उपस्थिति में किया गया। तकनीकी सत्र का संचालन कोल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) अशोक पाल ने किया।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक ने कहा कि संगठनात्मक दक्षता बढ़ाने, कर्मचारियों की क्षमता विकसित करने तथा कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार के उद्देश्य से एचआरडी विभाग ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (ईई) एस. के. ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल प्रणाली के प्रभावी उपयोग, पारदर्शिता, कार्यकुशलता और समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लाइव डेमो, व्यावहारिक उदाहरणों और संवादात्मक चर्चा के माध्यम से सैप/ईआरपी के एचसीएम मॉड्यूल की कार्यप्रणाली, उपयोगिता तथा विभिन्न प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-संचालित बनाना था।
रांची। झारखंड प्रदेश सीएनजी ऑटो चालक महासंघ के प्रदेश पदाधिकारियों एवं कार्यकारी सदस्यों की बैठक बुधवार को दिन के 3:00 बजे ड्यूक मेंशन, लाइन टैंक रोड स्थित महासंघ कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सोनी ने की।
बैठक में संगठन एवं ऑटो चालकों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वप्रथम महासंघ के निष्क्रिय पदाधिकारियों की समीक्षा करते हुए संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
बैठक में यातायात प्रशासन द्वारा ऑटो चालकों पर कथित रूप से बेवजह और मनमाने ढंग से जुर्माना लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। महासंघ ने ऐसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि नियमों का पालन करते हुए चालकों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए।
इसके अलावा शहर में ऑटो परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए वर्दी चौक-चौराहों से 50 मीटर की दूरी से ऑटो संचालन सुनिश्चित करने, विभिन्न रूटों का निर्धारण, भाड़ा चार्ट लागू करने तथा सभी चालकों के लिए पहचान पत्र (आई-कार्ड) की व्यवस्था जल्द लागू करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक के दौरान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सोनी को नेशनल फेडरेशन ऑफ अनऑर्गनाइज्ड एंड माइग्रेंट वर्कर्स का राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किए जाने पर सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारी सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कहा गया कि ट्रेड यूनियन के माध्यम से गरीब ऑटो चालकों एवं वाहन मालिकों की समस्याओं के समाधान के लिए और प्रभावी ढंग से कार्य किया जाएगा। साथ ही यह भी बताया गया कि यह प्रवासी मजदूरों का देश का पहला पंजीकृत ट्रेड यूनियन है।
बैठक में प्रदेश संरक्षक मदन केसरी, प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार सिंह, प्रदेश सचिव आकाश भारती, रमाशंकर सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री अमर मुंडा, प्रदेश कोषाध्यक्ष भोला सिंह, कार्यकारी सदस्य विक्रम कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
बोरियो, साहिबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) बोरियो इकाई ने नगर मंत्री निखिल राज के नेतृत्व में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं, घोटाले और भ्रष्टाचार के विरोध में सोमवार को मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने "सेटिंग-गेटिंग नहीं चलेगा", "14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करो" और "60/40 नहीं चलेगा" जैसे नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने जेपीएससी एवं जेएसएससी की परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दोनों आयोगों से संबंधित कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एबीवीपी के विभाग संयोजक संजय दादा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 11 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं की जायज मांगों पर मौन है, जिससे उनके भविष्य के प्रति सरकार की उदासीनता झलकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद आयोजित अधिकांश जेपीएससी परीक्षाओं पर प्रश्नपत्र लीक, उत्तर पुस्तिकाओं में कथित हेरफेर और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने पूर्व में हुई परीक्षाओं में सीबीआई जांच और कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए वर्तमान मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।
नगर मंत्री निखिल राज ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ही शिक्षा मंत्री भी हैं, इसलिए जेपीएससी में कथित धांधली की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने के बजाय युवाओं को गुमराह कर रही है तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को योजनाओं से अधिक रोजगार की आवश्यकता है।
कार्यकारिणी सदस्य सूरज तुरी ने कहा कि वर्षों तक मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। यदि प्रश्नपत्र लीक होता है या पैसे के बल पर चयन संभव होता है, तो मेहनत और ईमानदारी का कोई मूल्य नहीं रह जाता। उन्होंने मांग की कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी हों तथा पेपर लीक और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मशाल यात्रा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अंकित कुमार, विप्लव दास, नगर सह मंत्री सौरव यादव, रौशन दत्त, प्रवीण कुमार, आर्यन्द्र कुमार, प्रेमानंद कुमार, छोटू कुमार, इन्द्रोजीत कुमार, दीपक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
सिल्ली /मूरी : फैक्ट्री मोड़ स्थित राजप्रिया गैस एजेंसी, मुरी ने सभी एलपीजी उपभोक्ताओं से अपने गैस कनेक्शन की बायोमेट्रिक केवाईसी शीघ्र कराने की अपील की है। एजेंसी की संचालिका अंजू सुवर्णा ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 15 अगस्त तक बायोमेट्रिक केवाईसी कराना अनिवार्य है। समय सीमा के भीतर केवाईसी नहीं कराने पर उपभोक्ताओं के खाते में मिलने वाली गैस सब्सिडी बंद हो सकती है।उन्होंने बताया कि लाभुक एजेंसी कार्यालय पहुंचकर बायोमेट्रिक केवाईसी करा सकते हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर भी विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को हलमाद, डोमडीह एवं हाकेदाग पंचायतों में शिविर आयोजित कर बड़ी संख्या में लाभुकों की बायोमेट्रिक केवाईसी की गई। एजेंसी ने सभी उपभोक्ताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
रांची जेसीआई एक्सपो उत्सव जिसे रांची का त्यौहार भी कहा जाता है विगत पिछले 28 वर्षों से झारखंड का सबसे बड़ा कंज्यूमर फेस्ट माना गया है। मोरहाबादी मैदान में लगने वाला 7 दिनों का ये एक्सपो, जहां आप कपड़े, इलेक्ट्रोनिकस, कंप्यूटर, फ्लैट, घर से जुड़ी हर जरूरत की वस्तु, नई गाड़ियां एवं फर्नीचर इत्यादि खरीद सकते है, 5 लाख से ज्यादा लोगों को आकर्षित करता है इस बार अक्टूबर के महीने में लगने जा रहा है।
इस साल जेसीआई एक्सपो उत्सव के चीफ कोऑर्डिनेटर के तौर पर जेसी प्रशांत पाटोदिया को चयनित किया गया है। जेसी प्रशांत पाटोदिया विगत 17 वर्षों से जेसीआई एक्सपो उत्सव में अपनी सहभागिता दे रहे है। पेशे से जेसी प्रशांत पाटोदिया चार्टर्ड अकाउंटेंट है। वे 17 सालों से जेसीआई रांची के मेंबर है। सह संचालक के रूप मैं जेसी राहुल टिबरेवाल, जेसी सौरभ जालान, जेसी सौरव नरेडी एवं कोषाध्य जेसी सीए दीपक पटेल है।
यह जानकारी जेसीआई रांची के प्रवक्ता जेसी रवि कांत समोटा ने दिया है।
सिल्ली : प्रखंड क्षेत्र के मुरी स्थित तुलसी पोखर तालाब में सोमवार शाम मगरमच्छ देखे जाने की चर्चा से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण तालाब के किनारे पहुंच गए और देर शाम तक मगरमच्छ की एक झलक पाने के लिए जुटे रहे।स्थानीय युवकों का दावा है कि उन्होंने तालाब में एक मगरमच्छ को तैरते हुए देखा। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। हालांकि, अब तक वन विभाग अथवा प्रशासन की ओर से मगरमच्छ होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले की शीघ्र जांच कर तालाब का निरीक्षण कराने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों से तालाब के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने और बच्चों को वहां से दूर रखने की अपील की जा रही है।
साहिबगंज। 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समारोह के सफल एवं गरिमामय आयोजन के लिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी 15 अगस्त का मुख्य जिला स्तरीय समारोह सिद्धो-कान्हो स्टेडियम, साहिबगंज में आयोजित होगा। सभी सरकारी कार्यालयों, संस्थानों एवं विद्यालयों में मुख्य समारोह से पूर्व निर्धारित समय पर ध्वजारोहण किया जाएगा तथा राष्ट्रीय ध्वज संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
समारोह से पहले विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। सिद्धो-कान्हो की प्रतिमा पर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक संयुक्त रूप से श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, जबकि अन्य प्रतिमाओं पर संबंधित अधिकारियों द्वारा माल्यार्पण किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाली भव्य परेड का संचालन पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में किया जाएगा। परेड में जिला सशस्त्र बल, जैप-9, महिला पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल 13 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
जिले में देशभक्ति का माहौल बनाने के लिए 15 अगस्त की सुबह 7 से 8 बजे तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी। वहीं 14 अगस्त की शाम 6:30 बजे टाउन हॉल, साहिबगंज में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें विद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकार देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर क्रिकेट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मुख्य समारोह स्थल पर अग्निशमन दल, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग एवं अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों को सम्मानित करने का भी अवसर है जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ऐसे व्यक्तियों को जिला प्रशासन मुख्य समारोह में सम्मानित करेगा।
बैठक में सभी विभागों को स्वतंत्रता दिवस से पूर्व कार्यालयों एवं परिसरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त , परियोजना निदेशक आईटीडीए , अपर समाहर्ता , सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
साहिबगंज, 3 अगस्त 2026। जिले में आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त ने सोमवार को सदर अस्पताल, साहिबगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवा उपलब्धता तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड), चिकित्सकों की उपस्थिति पंजी, ओपीडी, पुरुष एवं महिला वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण केंद्र तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार, दवा उपलब्धता और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। साथ ही अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने, अल्ट्रासाउंड सहित सभी जांच सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित रखने तथा मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध, पारदर्शी और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
निरीक्षण के बाद उन्होंने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एवं सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार, नियमित अनुश्रवण तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के निर्देश दिए।
रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के त्वरित हस्तक्षेप और झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की पहल से ओमान (मस्कट) में फंसी सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। प्रीति 1 अगस्त को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त को अपने गृह राज्य झारखंड पहुंच जाएंगी।
सोशल मीडिया पर मामला सामने आते ही सक्रिय हुए मुख्यमंत्री
प्रीति कुजूर की परेशानी का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के संज्ञान में आया। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को तत्काल कार्रवाई कर युवती की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद श्रमायुक्त कार्यालय के तहत संचालित राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) और प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (पीओई), रांची के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी प्रक्रिया शुरू की।
23 जून 2026 को यह मामला भारतीय दूतावास को भेजा गया और अगले ही दिन 24 जून को दूतावास ने प्रीति कुजूर से संपर्क कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी शुरू कर दी।
दुबई में नौकरी का झांसा देकर भेज दिया ओमान
जानकारी के अनुसार, सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के मरारोमा गंझूटोली निवासी रंतु कुजूर ने 19 जून 2026 को अपनी बहन प्रीति की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से मदद की अपील की थी।
परिजनों के अनुसार, मार्च 2026 में एक एजेंट ने प्रीति को दुबई में 45 से 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का लालच दिया, लेकिन उन्हें धोखे से ओमान भेज दिया गया। वहां उनसे मात्र 23 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह पर काम कराया गया। जब उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई तो कंपनी मालिक ने भारी रकम की मांग कर दी। परिवार ने 1.92 लाख रुपये देने के बावजूद उन्हें वापस नहीं भेजा गया।
भारतीय दूतावास की पहल से कम हुई राशि
कंपनी मालिक दो वर्ष का अनुबंध पूरा होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग कर रहा था। राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर प्रीति की आर्थिक स्थिति से अवगत कराया और राशि में राहत दिलाने का अनुरोध किया।
लगातार बातचीत के बाद कंपनी मालिक 950 रियाल से घटाकर 600 ओमानी रियाल लेने पर सहमत हो गया। राशि जमा होने के बाद प्रीति कुजूर का पासपोर्ट और अन्य सभी मूल दस्तावेज वापस कर दिए गए, जिसके बाद उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया।
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
झारखंड सरकार ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार देश और विदेश में कार्यरत झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी संकट की स्थिति में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय रहकर जरूरतमंद श्रमिकों को सहायता उपलब्ध करा रहा है।
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों और उनके परिजनों से अपील की है कि विदेश में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें, ताकि समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
रांची।। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम उठाए हैं। कंपनी ने पेंशन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, शिकायत निवारण और सामाजिक सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्यापक सुधार लागू किए हैं। इन पहलों से 4.5 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
कोल इंडिया ने बताया कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अपने पूर्व कर्मचारियों के प्रति कंपनी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी सोच के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर ₹1,000 की गई
कंपनी ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोल माइंस पेंशन योजना के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को 8 मार्च 2024 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया है। इस निर्णय से करीब 40 हजार पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिला है। इससे सेवानिवृत्त खनिकों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।
डिजिटल हुई पेंशन प्रक्रिया, दावों के निपटान में आई तेजी
कोल इंडिया ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड संगठन (CMPFO) के सहयोग से सी-केयर्स (C-CARES) डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इस पहल के कारण सेवानिवृत्ति संबंधी दावों के निपटान की औसत अवधि 30 दिनों से घटकर मात्र 10 दिन रह गई है।
इसके अलावा संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी करने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था पारदर्शी, सरल और पेपरलेस बन सकेगी। अब सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने और सीएमपीएफ से जुड़े मामलों के त्वरित निपटान की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
पीआरबी सेल बने एकल सहायता केंद्र
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया ने अपने मुख्यालय और सभी अनुषंगी कंपनियों में पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट (PRB) सेल स्थापित किए हैं। ये सेल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां उन्हें सभी आवश्यक सेवाएं और सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।
532 अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा
कोल इंडिया की सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा योजना (CPRMS) के तहत लगभग 1.13 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त अधिकारियों को ₹25 लाख तथा गैर-अधिकारियों को ₹8 लाख तक का चिकित्सा कवरेज दिया जाता है। वहीं गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च इन वित्तीय सीमाओं से अलग रखा गया है, ताकि कर्मचारियों को बड़े इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पीएफ और पेंशन वितरण में रिकॉर्ड वृद्धि
कोल इंडिया के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भविष्य निधि (पीएफ) वितरण 19.5 प्रतिशत बढ़कर ₹13,608.8 करोड़ पहुंच गया, जबकि पेंशन वितरण 22.9 प्रतिशत बढ़कर ₹6,427 करोड़ हो गया। पिछले वर्ष की तुलना में पीएफ और पेंशन वितरण में कुल ₹3,415.1 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई है।
सामाजिक जुड़ाव पर भी विशेष ध्यान
कंपनी अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विभिन्न स्थानों पर संचालित हॉलिडे होम्स की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामाजिक जुड़ाव, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, दरभंगा हाउस स्थित मानव संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से आए सामान्य सहायक कर्मचारियों के लिए एक सप्ताह का कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों की डिजिटल दक्षता को सुदृढ़ करना तथा उन्हें कार्यालयीन कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक कंप्यूटर अनुप्रयोगों एवं डिजिटल प्रणालियों से परिचित कराना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 26 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एमएस वर्ड, एमएस एक्सेल, ऑफिस एप्लिकेशन्स, ई-ऑफिस, हिंदी एवं अंग्रेजी टाइपिंग के साथ-साथ कंपनी में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न डिजिटल एप्लिकेशन्स एवं ऑनलाइन प्रणालियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को दैनिक कार्यालयीन कार्यों को अधिक दक्षता, गति एवं प्रभावशीलता के साथ संपादित करने हेतु आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सह प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता तथा मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक श्री एम. एफ. हक की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कंपनी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अवसर विशेष पर सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर ज्ञान और तकनीकी दक्षता प्रत्येक कर्मचारी के लिए अनिवार्य हो गई है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों के कौशल को निखारने के साथ-साथ संगठन की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता को भी नई गति प्रदान करते हैं। निरंतर सीखने की संस्कृति ही किसी भी संस्थान को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।"
मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक एम. एफ. हक ने अपने संबोधन में कहा कि, "सीसीएल अपने कर्मचारियों के सतत कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बदलते कार्य परिवेश और बढ़ती डिजिटल आवश्यकताओं को देखते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। हमें विश्वास है कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग प्रतिभागी अपने दैनिक कार्यों में करेंगे और संगठन की कार्यकुशलता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
रांची। सीसीएल द्वारा 01 अगस्त, 2026 को गांधीनगर क्रीड़ांगन में संविदा कर्मियों के लिए एक फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया।
मैच का औपचारिक उद्घाटन आदिल हुसैन प्रबंधक (खेल), विलफ्रेड माणिक लकड़ा, आशीष सिरिल कच्छप तथा श्री मारियो तनुज एक्का द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
यह मुकाबला सीसीएल के अस्पताल संविदा कर्मियों एवं कॉलोनी संविदा कर्मियों की टीमों के बीच खेला गया। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला रहा, परंतु कोई भी गोल न हो पाने के कारण मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। अंततः परिणाम के लिए पेनाल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया, जिसमें अस्पताल संविदा कर्मियों की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4-1 के अंतर से शानदार जीत हासिल की।
समारोह के समापन अवसर पर संजय कुमार ठाकुर महाप्रबंधक (कल्याण) ने विजेता टीम, उपविजेता टीम तथा 'मैन ऑफ द मैच' 'विकास मिर्धा' को पुरस्कृत कर सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस प्रकार की खेल गतिविधियाँ कर्मियों के मध्य शारीरिक सक्रियता, आपसी सहयोग और सामूहिक कार्यशैली को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रांची । मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित 'सावन सिंधारा' कार्यक्रम एवं 'परंपरा आर्ट एंड हेरिटेज एग्ज़ीबिशन' में ग्रामीण विकाश मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह पहुंची। जहां उन्होंने कहा महिला उद्यमियों की प्रतिभा, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली । प्रदर्शनी में महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प, गगारमेंट्सतथा दैनिक उपयोग की अनेक उपयोगी वस्तुओं का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि उचित मंच और अवसर मिले, तो उनकी प्रतिभा समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा दे सकती है।
आगे मंत्री ने कहा आज अनेक महिलाएँ अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने हुनर को पहचान दिलाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, बल्कि नए लोगों से जुड़ने, बाज़ार तक पहुँच बनाने और आत्मनिर्भर बनने का भी सशक्त माध्यम मिलता है। मारवाड़ी समाज द्वारा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
महिलाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना ही सशक्त समाज और आत्मनिर्भर झारखंड की मजबूत नींव है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में आज एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जुलाई, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 06 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 77 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएँ एवं स्मृतियाँ साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- श्री अवनीश कुमार, महाप्रबंधक(खनन), भूविज्ञान विभाग; श्री प्रतुल कुमार, महाप्रबंधक(मानव संसाधन), मानव संसाधन & आईआर विभाग; श्री चंद्र भूषण प्रसाद, मुख्य प्रबंधक (खनन), सुरक्षा विभाग; श्रीमती पूनम देवी, ओ. एस. ग्रेड-A-1, ईई विभाग; श्री जनेश्वर राम, मुख्य फार्मासिस्ट- A-1, गांधीनगर अस्पताल एवं श्री बलराम सिंह मुंडा, सहायक फोरमैन, ई एंड एम।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सीवीओ श्री पंकज कुमार ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने कार्यकाल के दौरान संगठन की प्रगति में अमूल्य योगदान देता है। वर्षों की आपकी मेहनत, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी ने न केवल कंपनी की विकास यात्रा को गति दी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति की मिसाल कायम की है। सेवानिवृत्ति जीवन का एक नया अध्याय है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसरों के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के उत्तम स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा उज्ज्वल एवं आनंदमय जीवन की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की 37वीं कॉर्पोरेट स्तरीय त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति (Corporate-Level Tripartite Safety Committee) की बैठक आज यानी 28 जुलाई, 2026 को रांची में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में डीजीएमएस, सीसीएल प्रबंधन तथा सीसीएल सेफ्टी बोर्ड के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। बैठक की अध्यक्षता सीसीएल, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने की।
बैठक के दौरान सीसीएल के सुरक्षा मानकों एवं उसके अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही, पिछली Tripartite Safety Committee Meeting में दिए गए सुझावों एवं अनुशंसाओं के अनुपालन की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल सुरक्षा, व्यावसायिक स्वास्थ्य (Occupational Health), वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) तथा खदान कर्मियों के कल्याण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत आर. टी. मंडेकर, DDG, CZ ने डी.जी.एम.एस., सीसीएल के निदेशकगण सह अधिकारियों एवं सेफ्टी बोर्ड सदस्यों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। तत्पश्चात सभी डीजीएमएस के अधिकारियों एवं सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों को शॉल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
बैठक की शुरुआत में सेफ्टी बोर्ड के सभी सम्मानित सदस्यों ने कोयला खदानों में सुरक्षा संबंधित पूर्व के अनुभव एवं चुनौतियों के संदर्भ में अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसको सदन ने सराहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एस.एस. प्रसाद, DDG, SEZ ने खदान में कार्य करने वाली महिलाओं के लिए आधारभूत संरचना एवं सुरक्षा के पहलुओं पर जोर दिया। साथ ही हरेक साल होने वाली PME (Preliaminary Medical Examination) के लिए आवश्यक संरचना को अद्यतन बनाने का सुझाव दिया।
आर. टी. मंडेकर, DDG, CZ ने अपने संबोधन में महिलाओं के लिए अलग वॉशरुम तुरंत बनाने का सुझाव दिया. साथ ही अत्याधुनिक Vocational Training Centre भी बनाने पर जोर दिया. अन्य महत्वपूर्ण सलाह में न्यू लेबर कोड के अंतर्गत OSH (Occupational Safety & Health) के तहत एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाकर तत्काल लागू करने का सुझाव दिया. उन्होंने अपने अन्य उपक्रमों में कार्य करने के अनुभव को साझा करते हुए छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसका सदन ने स्वागत किया.
वहीं, सीसीएल, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने डीजीएमएस के सभी अधिकारियों, मुख्य़त DDG, CZ और DDG, SEZ को उनके श्रमिकों के हित में दिए गए बहुमूल्य सुझावों की प्रशंसा करते हुए सभी को तय कार्यक्रम के अनुरुप लागू करने का आश्वसन दिया और सीसीएल के दृष्टिकोण, श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि को रेखांकित करते हुए, सभी सम्मानित सदस्यगणों के साथ कदम से कदम मिलाकर देशहित में कोयला उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने का आह्वन किया.
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के विभिन्न क्षेत्रों के श्रेणी-1 कर्मचारियों के कौशल उन्नयन के उद्देश्य से बीटीटीआई, भुरकुंडा द्वारा 20 जुलाई, 2026 से 24 जुलाई, 2026 तक कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान सीसीएल के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग के मार्गदर्शन में बीटीटीआई द्वारा आयोजित की जा रही कौशल विकास पहलों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम का समापन समारोह आज 24 जुलाई, 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें रंजय सिन्हा, महाप्रबंधक (खनन), बरका-सयाल क्षेत्र, एम. एफ. हक, महाप्रबंधक (एचआरडी), सीसीएल तथा विकास कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (एचआरडी) सहित बीटीटीआई, भुरकुंडा के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त किया, उनसे संवाद स्थापित किया तथा उन्हें अपने कौशल का निरंतर विकास करने और भविष्य की कार्य आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ-साथ कंप्यूटर पर व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस कौशल विकास कार्यक्रम में कुल 63 कर्मियों ने भाग लिया।
साहिबगंज: शहरवासियों के लिए रविवार, 26 जुलाई को मनोरंजन और प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर मिलने जा रहा है। मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के तत्वावधान में अ. म. ख. पंचायत भवन में दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक भव्य "फन फेट" का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए कई आकर्षक प्रतियोगिताएं एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी।
आयोजकों के अनुसार फन फेट में डांस प्रतियोगिता, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज़ प्रतियोगिता, हाऊजी, विभिन्न मनोरंजक गेम्स, फूड स्टॉल और कई अन्य आकर्षक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। आयोजन का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ शहरवासियों को पारिवारिक मनोरंजन उपलब्ध कराना है।
डांस प्रतियोगिता केवल कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएगी। वहीं, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता दो वर्गों में होगी। ग्रुप-ए (कक्षा 1 से 5) के प्रतिभागियों को "Independence Day" विषय पर चित्र बनाना होगा, जबकि ग्रुप-बी (कक्षा 6 से 10) के विद्यार्थियों को "Save Water, Save Earth" विषय पर अपनी कला का प्रदर्शन करना होगा।
कार्यक्रम में सभी प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के अध्यक्ष गोकुल टिबड़ेवाल एवं सचिव श्वेता चौधरी ने शहरवासियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि पूरे परिवार के लिए मनोरंजन का बेहतरीन अवसर भी साबित होगा। रविवार को होने वाले इस फन फेट को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है।
सोनाहातू, । वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गुरुवार को सोनाहातू थाना परिसर में जन शिकायत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना था।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश उपस्थित रहे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर बेझिझक थाना आएं। पुलिस जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है और विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा प्राथमिकता है।
शिविर के दौरान कुल दो मामलों की सुनवाई की गई। पहला मामला दुलमी गांव का था, जो प्रेम प्रसंग से संबंधित था। परिजनों की शिकायत पर दोनों पक्षों को थाना बुलाकर समझाइश दी गई, जिसके बाद आपसी सहमति से विवाद का समाधान हो गया।
दूसरा मामला तिलाईपीड़ी गांव का जमीन विवाद से जुड़ा था। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में डीएसपी एवं थाना प्रभारी की मौजूदगी में भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। बातचीत और आपसी सहमति के बाद मामले का सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया गया।
इस अवसर पर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप कुमार, एएसआई दलगोविंद महतो, उपप्रमुख प्रतिनिधि निशिकांत गौंझू, सुदामा पुरान सहित कई गणमान्य लोग एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जन शिकायत समाधान शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
रांची। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या AI इंसानों की जगह ले लेगा? इसी महत्वपूर्ण विषय पर गुरुवार को रांची में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (एनआईपीएम) रांची चैप्टर द्वारा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय के नवीन भवन स्थित प्रकाश हॉल में "इंटीग्रेटिंग ए.आई. विद एच.आई." विषय पर एक विशेष ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य AI बनाम Human Intelligence का नहीं, बल्कि AI और Human Intelligence के समन्वय का होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र रहे। वहीं एनआईपीएम पूर्वी क्षेत्र के उपाध्यक्ष संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता और अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
AI नहीं, ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस है भविष्य'
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जी.पी. राव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवीय बुद्धिमत्ता के संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI को इंसानों का प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में देखा जाना चाहिए। जब AI और Human Intelligence का संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग किया जाता है, तब वह "ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस" (Augmented Intelligence) का स्वरूप लेता है, जो निर्णय क्षमता, कार्यकुशलता और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने कार्यस्थलों पर AI के नैतिक, उत्तरदायित्वपूर्ण और प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए मानव संसाधन प्रबंधन (HR Management) में इसके बढ़ते महत्व और संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
डिजिटल युग में AI और मानवीय संवेदनशीलता का संतुलन जरूरी
मुख्य अतिथि हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है। यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ मानवीय संवेदनशीलता, अनुभव और विवेक का समावेश किया जाए, तो किसी भी संगठन की कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।उन्होंने एनआईपीएम रांची चैप्टर की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।बड़ी संख्या में पहुंचे विशेषज्ञ और अधिकारी
इस कार्यक्रम में एनआईपीएम के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एवं निजी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों, मानव संसाधन विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने सत्र को अत्यंत समसामयिक, उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए वक्ता की प्रस्तुति और आयोजन की सराहना की।
ज्ञान साझा करने का बना प्रभावी मंच
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस आयोजन को ज्ञान साझा करने का एक सफल मंच बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी एनआईपीएम रांची चैप्टर ऐसे समसामयिक विषयों पर नियमित रूप से संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
AI के तेजी से बदलते दौर में यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि भविष्य मशीनों का नहीं, बल्कि मशीनों और इंसानों की साझी बुद्धिमत्ता का होगा।
रांची । रांची में अग्निवीर भर्ती रैली-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में सेना के अधिकारी एम.के. शर्मा ने बताया कि अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा, जो लगभग 12 से 13 दिनों तक चलेगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी भर्ती रैली के दौरान अभ्यर्थियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने भर्ती स्थल पर एम्बुलेंस, चिकित्सकों की तैनाती, स्ट्रेचर, कूलिंग रूम तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मौसम को देखते हुए वाटरप्रूफ जर्मन शेल्टर, पर्याप्त रेस्ट एरिया, बैरिकेडिंग, कार्पेट, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षित प्रतीक्षा स्थल तैयार करने को कहा गया। चूंकि अभ्यर्थियों का प्रवेश रात 12 बजे से शुरू होगा, इसलिए पर्याप्त लाइटिंग, जेनरेटर बैकअप, एलईडी स्क्रीन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा मोबाइल शौचालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, नियमित कचरा निष्पादन, टेंट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर तथा फूड एंड बेवरेज की व्यवस्था के लिए रांची नगर निगम सहित संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने भर्ती स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित पेट्रोलिंग और समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से तैयारियां पूरी कर अग्निवीर भर्ती रैली के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने को कहा।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा "Role of AI in Financial Decision" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय निर्णय प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग से अधिकारियों को अवगत कराना था। प्रशिक्षण में सीसीएल के 52 वित्त अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) एवं संकाय सुरेश बेहरा, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक तथा निदेशक (वित्त) के तकनीकी सचिव संजय सिंह उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि एआई के उपयोग से वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और समयबद्ध निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बेंचमार्किंग और एआई आधारित कौशल संगठन के प्रदर्शन तथा प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत बनाएंगे।
तकनीकी सचिव संजय सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से निरंतर प्रणालीगत सुधार के लिए एआई को अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) सुरेश बेहरा ने वित्तीय निर्णय प्रक्रिया और प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन में एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम संवादात्मक रहा और डिजिटल लर्निंग तथा नवाचार के माध्यम से भविष्य के लिए सक्षम कार्यबल विकसित करने की दिशा में सीसीएल की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
रांची: रांची पुलिस ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे किसी भी आपराधिक मामले की जांच पूरी होने तक ऐसी संवेदनशील या अप्रमाणित जानकारी का प्रसारण या प्रकाशन न करें, जिससे पुलिस की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने कहा कि समाज को जागरूक करने और सच्चाई सामने लाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मीडिया हमेशा से पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है।
रांची पुलिस द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि हाल के कुछ मामलों में यह संज्ञान में आया है कि कुछ मीडिया चैनलों और समाचार पत्रों द्वारा चल रही पुलिस जांच (Ongoing Investigation) से जुड़ी बारीक और संवेदनशील जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं। इनमें पुलिस की आगामी कार्रवाई, संदिग्धों के नाम, छापेमारी के संभावित स्थान तथा जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों जैसी जानकारियां शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकार की सूचनाओं के सार्वजनिक होने से जांच की दिशा और गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। साथ ही अपराधियों और आरोपियों को सतर्क होने का अवसर मिल जाता है, जिससे वे फरार होने, साक्ष्य नष्ट करने या पुलिस कार्रवाई से बचने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा ऐसे मामलों में गवाहों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
रांची पुलिस ने सभी मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच पूरी होने तक ऐसी संवेदनशील जानकारियां साझा करने से बचें, जो पुलिस की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि समय-समय पर आधिकारिक माध्यमों से प्रमाणित और तथ्यात्मक जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
रांची पुलिस ने अपने प्रेस रिलीज में कहा कि न्याय सुनिश्चित करने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के इस साझा प्रयास में मीडिया का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। पुलिस ने उम्मीद जताई कि सभी मीडिया संस्थान जिम्मेदार पत्रकारिता का परिचय देते हुए जांच की गोपनीयता बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
रांची | झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बुधवार को रांची स्थित अपने आवासीय कार्यालय में PASWA (Public Schools and Children Welfare Association) के "One Student One Tree" अभियान के तहत पौधारोपण कर देशभर में 50 लाख वृक्षारोपण के महाअभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने ड्रग्स विरोधी जन-जागरूकता अभियान के पोस्टर का भी लोकार्पण किया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी ने पर्यावरण के महत्व को सभी के सामने स्पष्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि महागामा विधानसभा क्षेत्र में अब तक डेढ़ लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि झारखंड की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने 2 करोड़ 75 लाख से अधिक पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि "पेड़ को बढ़ते हुए देखना अपने बच्चों को बढ़ते हुए देखने जैसा सुखद अनुभव है। आने वाली पीढ़ियों को हरा-भरा झारखंड देना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।"
मंत्री ने पासवा के "One Student One Tree" अभियान की सराहना करते हुए प्रत्येक छात्र से एक पौधा लगाने और प्रत्येक परिवार से उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में डीएवी नंदराज के प्राचार्य आर.पी. तिवारी, डीएवी बरियातू के प्राचार्य एस.के. मिश्रा, गुरुनानक पब्लिक स्कूल की प्राचार्या गुरमीत कौर, PASWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ सहदेव, शांतनु मिश्रा सहित संस्था के पदाधिकारी, स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मालदा। देशभर में आधुनिक, सुगम एवं यात्री-केंद्रित रेलवे स्टेशनों के विकास के प्रति भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को साकार करते हुए, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के अंतर्गत स्थित शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत व्यापक पुनर्विकास किया गया है। पुनर्विकसित स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी समाहित करता है तथा सुरक्षित, सुविधाजनक एवं आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मालदा मंडल के साहिबगंज–भागलपुर रेलखंड पर स्थित एनएसजी-5 श्रेणी का शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन, बिहार के भागलपुर जिले के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण रेल संपर्क केंद्र है। राष्ट्रीय राजमार्ग-80 के निकट स्थित यह स्टेशन प्रतिदिन हजारों यात्रियों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों एवं व्यवसायियों को महत्वपूर्ण रेल संपर्क उपलब्ध कराता है। यह क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा "भारत की सिल्क सिटी" के नाम से प्रसिद्ध भागलपुर की निकटता के लिए जाना जाता है, जो अपनी सदियों पुरानी रेशम बुनाई की परंपरा के लिए विश्वविख्यात है। पुनर्विकसित स्टेशन से यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि होगी, क्षेत्रीय आवागमन को गति मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार एवं रोजगार तक लोगों की पहुँच और अधिक सुगम होगी।
विकसित भारत के भारतीय रेल के दृष्टिकोण के अनुरूप, *शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत ₹17.94 करोड़ की स्वीकृत लागत से पुनर्विकसित किया गया है।* इस परियोजना का उद्देश्य यात्री सुविधाओं का विस्तार, सुगम पहुँच सुनिश्चित करना, सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना तथा स्टेशन परिसर को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करना है, साथ ही क्षेत्र की स्थानीय पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। स्टेशन की वास्तुकला को भागलपुर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के अनुरूप विकसित किया गया है, जिससे यह आधुनिक यात्री सुविधाओं और स्थानीय परंपरा का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत करता है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन पर किए गए प्रमुख विकास कार्य:
• स्टेशन भवन का आधुनिक अग्रभाग (फसाड), कॉन्कोर्स एवं बुकिंग काउंटरों का उन्नयन।
• प्रतीक्षालय, रिजर्व लाउंज एवं शौचालयों का आधुनिकीकरण।
• नए सर्कुलेटिंग एरिया एवं पार्किंग क्षेत्र का विकास।
• यात्रियों के सहज मार्गदर्शन हेतु आधुनिक एवं उन्नत संकेतक (साइनेज) की व्यवस्था।
• स्टेशन भवन एवं सर्कुलेटिंग क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था।
• यात्रियों की सुविधा हेतु 02 यात्री लिफ्टों की व्यवस्था।
• दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित (Barrier-Free) सुविधाओं का विकास।
• स्थानीय संस्कृति एवं क्षेत्रीय पहचान को प्रतिबिंबित करने वाले वास्तुशिल्पीय सुधार।
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिक अवसंरचना एवं उन्नत सुविधाओं के साथ यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इन सुविधाओं से यात्रियों को बेहतर आराम, सहज आवागमन तथा उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्र की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति हो सकेगी।
यात्री सुविधाओं के अतिरिक्त, इस पुनर्विकास से क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलने की अपेक्षा है। बेहतर रेल संपर्क के माध्यम से स्थानीय व्यापार, कृषि गतिविधियों तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही यह आधुनिक स्टेशन क्षेत्र के निवासियों एवं आगंतुकों के लिए एक आकर्षक एवं स्वागतयोग्य प्रवेश द्वार के रूप में सतत क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देगा।
रेल विभाग के मालदा रेल मंडल ने बताया, अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेल की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त, टिकाऊ, भविष्य उन्मुख एवं जीवंत परिवहन केंद्रों के रूप में विकसित करना है, साथ ही उनकी स्थानीय विरासत एवं वास्तुशिल्पीय पहचान को भी संरक्षित रखना है। शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास यात्रियों को विश्वस्तरीय रेल अवसंरचना, सुरक्षित, स्मार्ट एवं आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में पूर्व रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
रांची । राजधानी रांची में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मंगलवार देर रात शहर के विभिन्न थानों, रात्रि गश्ती दलों, पीसीआर वैन और महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसपी सिटी भी मौजूद रहे। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस की आपातकालीन तैयारियों, अनुशासन, सतर्कता और आम जनता के प्रति पुलिस की उपलब्धता का आकलन करना था।
रात्रि भ्रमण के दौरान एसएसपी ने कई थानों का निरीक्षण किया और वहां ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं जवानों की कार्यशैली का जायजा लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि रात के समय पुलिस बल पूरी तरह सक्रिय रहे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हो।
महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान शहर के संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर तैनात सुरक्षा गार्डों की भी गहन जांच की गई। एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी पर मौजूद जवानों की सतर्कता तथा सुरक्षा मानकों का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट किया कि शहर की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हिंदपीढ़ी थाना में मिली बड़ी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान हिंदपीढ़ी थाना में अनुशासनहीनता सामने आई। ओडी (ऑफिसर ऑन ड्यूटी) पर तैनात अधिकारी वर्दी में मौजूद नहीं थे। इतना ही नहीं, थाना प्रभारी अपने ही ओडी अधिकारी का नाम तक नहीं बता सके। इस गंभीर लापरवाही को एसएसपी ने बेहद गंभीरता से लेते हुए हिंदपीढ़ी थाना प्रभारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करने का निर्देश दिया।
PCR वैन की सक्रियता भी परखी गई
एसएसपी ने शहर के विभिन्न इलाकों में तैनात पीसीआर वैन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जवानों की उपस्थिति, वाहन की स्थिति, वायरलेस संचार व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता की जांच की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी सूचना पर बिना विलंब कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुस्तैद पुलिसकर्मियों की हुई सराहना
जहां एक ओर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर पूरी ईमानदारी, अनुशासन और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों की एसएसपी ने खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मी पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा हैं।
एसएसपी का सख्त संदेश
निरीक्षण के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों, पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे हर समय पूरी तरह अलर्ट रहें। आम नागरिकों की हरसंभव सहायता करें और रात के समय कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, हुड़दंग करने या असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रांची । झारखंड के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक के निधन पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं उनकी धर्मपत्नी विधायक कल्पना सोरेन मंगलवार को झारखंड विधानसभा पहुंचे और दिवंगत मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने मरांग बुरु से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि मन्नान मल्लिक लंबे समय तक जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उन्होंने झारखंड खासकर धनबाद की जनता की आवाज को मजबूती से उठाने का कार्य किया। उनके निधन से राज्य ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता को खो दिया है।
उन्होंने कहा कि मन्नान मल्लिक का निधन अपूरणीय क्षति है और उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।
परिजनों से मुलाकात कर जताई संवेदना
श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने दिवंगत नेता के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। मंगलवार सुबह रांची के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया।
मालदा। आगामी श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की ओर से दानापुर और साहिबगंज के बीच श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा।
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 03236/03235 दानापुर–साहिबगंज–दानापुर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन प्रत्येक रविवार को चलेगी। यह स्पेशल ट्रेन 02 अगस्त 2026 से 30 अगस्त 2026 तक कुल 5 फेरे लगाएगी।
यह ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग, समय और ठहराव के अनुसार चलेगी। इसका परिचालन 13236/13235 दानापुर–साहिबगंज–दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के समय और मार्ग के आधार पर किया जाएगा।
मालदा मंडल क्षेत्र में यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें मिर्जा चौकी, शिवनारायणपुर, पीरपैंती, कहलगांव, एकचारी, घोघा, भागलपुर, अकबरनगर, सुल्तानगंज, बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा, अभयपुर और कजरा स्टेशन शामिल हैं।
रेलवे विभाग के अनुसार श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा धाम एवं अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। यात्रियों की सुविधा, सुगम आवागमन और अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह विशेष ट्रेन सेवा शुरू की जा रही है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय में दिनांक 13 जुलाई, 2026 को द्वि-दिवसीय अंतर-विभागीय शतरंज एवं कैरम प्रतियोगिता 2026-27 का शुभारंभ मुख्य अतिथि संजय कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (वित्त) द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने आदिल हुसैन, प्रबंधक (खेल) के साथ शतरंज की पहली चाल चलकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में संजय कुमार सिंह ने कहा कि खेल केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का माध्यम ही नहीं हैं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन, एकाग्रता तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्य की व्यस्तता के बीच इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं कर्मचारियों में मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा तथा कार्यक्षमता का संचार करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रतियोगिता के प्रथम दिन शतरंज प्रतियोगिता का संचालन श्री आर.आर. सिंह के नेतृत्व में तथा कैरम प्रतियोगिता का संचालन शशि भूषण मंडल के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में शतरंज के 33 एवं कैरम के 69 प्रतिभागियों सहित कुल 102 कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिता के दौरान दोनों खेलों में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट कौशल और खेल भावना का परिचय दिया। कैरम एकल मुकाबलों में अमित जुनैद अख्तर, शशि भूषण मंडल, मनोहर कर्माली, संदीप कुमार एवं प्रभात दयाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबले जीते। वहीं, शतरंज प्रतियोगिता में राजकुमार सिंह, दीपक श्रीवास्तव, रोहित, रामजी उरांव तथा श्री आर.आर. सिंह ने अपनी रणनीतिक सोच और बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में स्थान बनाया।
इस द्वि-दिवसीय अंतर-विभागीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी 'सीसीएल अंतर-क्षेत्रीय शतरंज एवं कैरम प्रतियोगिता 2026-27' में सीसीएल मुख्यालय टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा। प्रतियोगिता का समापन एवं फाइनल मुकाबले 14 जुलाई, 2026 को आयोजित किए जाएंगे।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सीसीएल कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
साहिबगंज। जिले में नागरिकों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। यह अभ्यास भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार, यह मॉक ड्रिल शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य हवाई हमले अथवा किसी बड़ी आपदा की स्थिति में नागरिकों की तत्परता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना है।
मॉक ड्रिल के दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। इसमें आपातकालीन चेतावनी के लिए सायरन बजाना, ब्लैकआउट अभ्यास, नागरिकों की सुरक्षित निकासी प्रक्रिया, आपदा बचाव कार्यों का डेमो प्रदर्शन और राहत-बचाव व्यवस्था का परीक्षण शामिल है।
इस अभ्यास में जिला पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस एवं स्वयंसेवी संगठन सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इसके अलावा पूरे अभ्यास की निगरानी के लिए शैडो कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जहां से रियल टाइम मॉनिटरिंग और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
प्रशासन ने बताया कि ब्लैकआउट अभ्यास के दौरान ड्रोन से निगरानी भी की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उसका विश्लेषण किया जाएगा, ताकि भविष्य के लिए जिले की सिविल डिफेंस योजना को और बेहतर बनाया जा सके।
इन स्थानों पर होगा मॉक ड्रिल
- प्रखंड कार्यालय – शाम 4:00 बजे
- संध्या कॉलेज – शाम 4:00 बजे
- साहिबगंज रेलवे स्टेशन – रात 8:00 बजे
प्रशासन की नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनकर घबराएं नहीं, क्योंकि यह केवल एक अभ्यास होगा। नागरिक अपने घरों की बिजली बंद रखें, कृत्रिम प्रकाश का उपयोग न करें और सुरक्षित स्थानों की जानकारी पहले से रखें।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल सरकारी माध्यमों से जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जनभागीदारी से ही यह मॉक ड्रिल सफल हो सकेगा।
जिला प्रशासन, साहिबगंज ने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय बेहतर तैयारी सुनिश्चित की जा सकेगी।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विद्यार्थी सप्ताह का रविवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, साहिबगंज में भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। सप्ताहभर नगर के विभिन्न विद्यालयों में भाषण, चित्रकला, वाद-विवाद, संगीत तथा कला एवं शिल्प (आर्ट्स एंड क्राफ्ट) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को सम्मानित करने के साथ-साथ प्रतिभा सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें 150 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, साहिबगंज विभाग के विभाग प्रचारक श्री अजय जी एवं अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य व राजमहल विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान विधायक श्री अनंत कुमार ओझा जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं अभाविप के प्रदेश छात्रा सह प्रमुख सुश्री निधि सिंह,विभाग संयोजक श्री संजय दत्ता एवं जिला प्रमुख प्रो. चंद्रशेखर परमानिक की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री श्री चंदन कुमार गुप्ता ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं परिषद गीत के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया।
मुख्य अतिथि श्री अजय जी ने अपने संबोधन में कहा कि “विद्यार्थी जीवन केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभाव विकसित करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी परिचय दें। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद वर्षों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। विद्यार्थी सप्ताह जैसे आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करते हैं। हमें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो अपने व्यक्तिगत विकास के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ।”
मुख्य अतिथि श्री अनंत कुमार ओझा ने कहा कि “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसने अपने 78 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में छात्रहित, शिक्षा सुधार, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। परिषद केवल छात्र समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व निर्माण और राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध विकसित करने का कार्य भी करती है। विद्यार्थी सप्ताह जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम हैं। आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी आने वाले समय में समाज और राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर मंत्री श्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि “विद्यार्थी सप्ताह के अंतर्गत नगर के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं को विद्यार्थियों का अभूतपूर्व सहयोग और उत्साह प्राप्त हुआ। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों में ‘ज्ञान, शील और एकता’ के आदर्शों को विकसित करते हुए उनकी छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। भविष्य में भी परिषद विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।”
समारोह के दौरान प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले 150 से अधिक छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इंद्रोजीत साह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अविनाश साह, विभाग छात्रा प्रमुख लक्ष्मी कुमारी, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, नगर उपाध्यक्ष विवेक कुमार, पूर्णब कुमार, अनमोल कुमार, निखिल राज, बादल कुमार,पीयूष कुमार, सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी एवं परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समारोह का समापन वंदे मातरम्, भारत माता की जय एवं परिषद के उद्घोष के साथ हुआ।
शेखपुरा।भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर शेखपुरा में बिगुल बज गया है.चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह आरटीआई एक्टिविस्ट सैयद अरशद नसर ने शेखपुरा अंचल अधिकारी शंभू कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है.आरोप है कि सीओ ने भू-माफियाओं से "मोटी रकम" लेकर एक खारिज होने वाले म्यूटेशन केस को असंवैधानिक तरीके से पास कर दिया.रविवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और जमुई सांसद अरुण भारती के शेखपुरा आगमन पर अरशद नसर ने उन्हें लिखित ज्ञापन सौंप कर सीओ शंभू कुमार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की साथ ही अरशद ने स्थानीय जद यू विधायक रणधीर कुमार सोनी को भी आवेदन दिया.इससे पहले शनिवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और सिविल एसडीओ प्रियंका कुमारी को भी ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की जा चुकी है.ज्ञापन में अरशद ने सीधे आरोप लगाया कि सीओ शंभू कुमार ने भू-माफिया मुकुल महतो और सुबोध महतो से मोटी रकम लेकर म्यूटेशन वाद संख्या-926/2026-2027 को खारिज करने के बजाय नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध स्वीकृति दे दी.अरशद ने कहा यह सिर्फ एक फाइल का मामला नहीं है.यह आम जनता की जमीन, कानून का मजाक और प्रशासनिक तंत्र में बैठे भ्रष्टाचारियों की नग्न तस्वीर है.अरशद ने ऐलान किया कि जब तक सीओ शंभू कुमार के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती,उनका अभियान रुकेगा नहीं.उन्होंने कहा कि अब वो पटना जाकर मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री,विभागीय सचिव सहित सभी बड़े अधिकारियों को आवेदन देकर शंभू कुमार को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की मांग करेंगे.अरशद की इस बेबाक पहल के बाद जिले में हड़कंप मच गया है.एक तरफ भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों और भू-माफियाओं में खलबली है, तो दूसरी तरफ आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है.लोगों का कहना है कि आखिर किसी ने तो भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज उठाई.फिलहाल जिला प्रशासन की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
रांची। सावन समारोह के पावन अवसर पर अर्पिता महिला मंडल, रांची की ओर से सेवा और जनकल्याण की मिसाल पेश करते हुए संविदा पर कार्यरत श्रमिकों के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जवाहर नगर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रमिकों के बीच उपयोगी सामग्री का वितरण किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन अर्पिता महिला मंडल, रांची की अध्यक्षा प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें अर्पिता महिला मंडल रांची के साथ-साथ राजहरा, बरकाकाना एवं गिरिडीह क्षेत्र की महिला मंडल सदस्यों ने संयुक्त रूप से भागीदारी निभाई।
इस सेवा कार्यक्रम के तहत संविदा श्रमिकों के बीच 40 ट्रॉली बैग एवं भोजन के पैकेट वितरित किए गए। महिला मंडल की इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों के कठिन परिश्रम, समर्पण और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करना था। साथ ही, उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा उपलब्ध कराना भी इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रहा।
कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल की सदस्यों ने श्रमिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को भी जाना। सभी महिला मंडलों के आपसी सहयोग और बेहतर समन्वय से सामग्री का वितरण व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा प्रीति सिंह ने कहा कि समाज के निर्माण में श्रमिक वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि अर्पिता महिला मंडल आगे भी समाज हित से जुड़े सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखेगा।
कार्यक्रम में मौजूद श्रमिकों ने अर्पिता महिला मंडल की इस पहल की सराहना करते हुए सभी सदस्यों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
अर्पिता महिला मंडल रांची, राजहरा, बरकाकाना एवं गिरिडीह क्षेत्र की महिला मंडलों के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम सावन समारोह के अवसर पर सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।
रांची: भारत रत्न राजीव गांधी ग्रामीण प्रतिभा प्रतियोगिता-2026 का आयोजन 12 जुलाई को रांची जिले के मांडर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सभी पांच प्रखंडों में किया जाएगा। पूर्व मंत्री एवं झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता परीक्षा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं में शिक्षा, जागरूकता और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ाना है।
बंधु तिर्की ने बताया कि प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा मांडर, बेड़ो, ईटकी, लापुंग और चान्हो प्रखंड के कुल 20 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। इनमें चान्हो में 5, मांडर में 3, बेड़ो में 5, ईटकी में 4 और लापुंग प्रखंड में 3 केंद्र बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की निगरानी रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक और सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, जबकि अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे रिपोर्टिंग करनी होगी।
कक्षा 8 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए होगी परीक्षा
इस प्रतियोगिता परीक्षा में कक्षा 8वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं। प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने वाले प्रतिभागी फाइनल प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होंगे, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।
बंधु तिर्की ने बताया कि परीक्षा में लगभग 6500 छात्र-छात्राओं के शामिल होने की संभावना है, जबकि परीक्षा संचालन के लिए 500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को जिम्मेदारी दी गई है।
संविधान और स्थानीय विषयों से जुड़े होंगे प्रश्न
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा में 60 प्रतिशत प्रश्न भारतीय संविधान से संबंधित होंगे, जबकि शेष प्रश्नों में सामान्य विषयों के साथ-साथ मांडर विधानसभा क्षेत्र के प्रखंड, जिले और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े विषयों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना और उन्हें भविष्य में झारखंड एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
बंधु तिर्की ने विश्वास जताया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और इससे पूरे क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रतियोगी भावना को बढ़ावा मिलेगा।
सोनाहातु : प्रखंड क्षेत्र में SIR (मतदाता सूची विशेष सत्यापन) कार्य में लगी एक आंगनबाड़ी सेविका की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो जाने से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बकाया मानदेय भुगतान, मृतक के परिवार को मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
मृतका की पहचान पांडाडीह पंचायत के रूगड़ी गांव निवासी 55 वर्षीय वृंदा देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वृंदा देवी माहील बूथ संख्या-254 पर SIR कार्य में तैनात थीं। बुधवार को वह अन्य कर्मियों के साथ मतदाता सूची सत्यापन के कार्य में जुटी थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
काम के दबाव और आर्थिक संकट से परेशान थीं सेविका: पति
मृतका के पति अयोध्या पुराण ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले कई दिनों से लगातार काम के दबाव में थीं। उन्होंने कहा कि सुबह बिना नाश्ता-पानी किए ही वह ड्यूटी के लिए घर से निकल गई थीं। काम के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।
पति ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण के लिए उनके किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार का सहारा बना रहे।
7 महीने से मानदेय नहीं मिलने का आरोप
घटना के बाद बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं सामने आईं और उन्होंने अपनी समस्याएं रखीं। सेविकाओं का आरोप है कि उन्हें पिछले सात महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। मानदेय नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है, लेकिन इसके बावजूद उनसे SIR कार्य, पोषण ट्रैकर, सर्वे और अन्य सरकारी कार्य लगातार कराए जा रहे हैं।
एक आंगनबाड़ी सेविका ने कहा कि सरकार द्वारा लगातार जिम्मेदारियां बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन उनकी आर्थिक परेशानियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई महीनों से भुगतान लंबित रहने के कारण सेविकाएं मानसिक तनाव में हैं।
अतिरिक्त कार्यभार को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं से विभागीय कार्यों के अलावा चुनाव और अन्य सर्वे कार्य भी कराए जा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सेविकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर ध्यान दे।
फिलहाल वृंदा देवी की मौत के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं में नाराजगी है। सेविकाओं ने सरकार से तत्काल बकाया मानदेय जारी करने, मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने और आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। वहीं इस घटना ने SIR ड्यूटी में लगे कर्मियों की सुविधाओं और कार्य दबाव को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रांची: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर होटल बीएनआर चाणक्या में आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य के मरीजों का पूरा दबाव फिलहाल रिम्स पर है, जिसे कम करने के लिए रांची में एम्स की स्थापना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत हुई है। इसके साथ ही रिम्स-2 को भी जल्द धरातल पर उतारने की तैयारी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य झारखंड के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि साहिया बहनों की समस्याओं को लेकर भी केंद्र सरकार को अवगत कराया गया है और उनके लिए 400 छोटे एंबुलेंस की मांग की गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। सभी सदर अस्पतालों में सी-सेक्शन प्रसव के लिए विशेष सेंटर खोलने की योजना है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में सरकार प्रयासरत है।
विश्व जनसंख्या दिवस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरा पोस्टर, इम्प्लांट और पीपीएफ पोस्टर का अनावरण किया। साथ ही परिवार नियोजन कार्यक्रम और स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सहिया, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया।
जनसंख्या को चुनौती नहीं, अवसर के रूप में देखें: अजय कुमार सिंह
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या पूरे विश्व के लिए चुनौती है, लेकिन इसे अवसर में बदलकर मानव संसाधन का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में टेलीरेडियोलॉजी जैसी आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में सी-सेक्शन के लिए विशेष सेंटर विकसित करने की योजना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से गांव-गांव जाकर परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से मृत्यु दर में आई कमी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण बीमारियों से होने वाली मौतों पर नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण से आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास को गति मिलती है।
कार्यशाला में सिविल सर्जन रांची डॉ. प्रभात कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी परिवार नियोजन डॉ. पुष्पा सहित कई चिकित्सक, अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम में परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
साहिबगंज: शहर के कोर्ट रोड स्थित तिवारी ऑटोमोबाइल्स प्रा. लि., टाटा मोटर्स कार शोरूम में Tata Next Gen Tiago का भव्य लॉन्च किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में SBI के लोन मैनेजर अवनीश झा ने फीता काटकर नई कार का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में SBI, बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, चोला फाइनेंस एवं HDB फाइनेंस के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्राहकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
शोरूम के ब्रांच मैनेजर हसमत तबरेज़ ने बताया कि Next Gen Tiago की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹4.69 लाख रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह कार 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग, आधुनिक फीचर्स और आकर्षक डिजाइन के साथ ग्राहकों के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
इस अवसर पर राजू प्रकाश सिन्हा, प्रिंस शाह, अनुराग यादव सहित शोरूम के सेल्स स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। लॉन्च के दौरान ग्राहकों ने नई टियागो को करीब से देखा और इसकी खूबियों की जानकारी प्राप्त की।
साहेबगंज । नगर थाना अंतर्गत पटनियाँ टोला निवासी गणेश पासवान का 15 वर्षीय पुत्र आदित्य आर्यन शुकवार दिन 11:00 बजे से लापता है। आदित्य कक्षा 9 का विद्यार्थी है और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में पढ़ाई करता है।
आदित्य के अचानक गायब होने से परिवार के लोग काफी परेशान हैं। माता-पिता और परिजन लगातार उसकी खोजबीन कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार आदित्य की मां दीप्ति देवी ने कहा बेटा को पढ़ने में मन नहीं लगता है इसी को लेकर मैने डांटा था जिसके बाद वह बैग लेकर लापता हो गया ।
परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को आदित्य आर्यन के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों पर सूचना दें।
लापता छात्र का विवरण:
नाम – आदित्य आर्यन
उम्र – 15 वर्ष
कक्षा – 9वीं
पिता – गणेश पासवान
माता – दीप्ति देवी
लापता होने का समय – शुकवार दिन के करीब 11:00 बजे
सूचना देने के लिए संपर्क करें:
9934406205
6299489829
सोनाहातू: सरकार की महत्वाकांक्षी मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण दूर करना और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। लेकिन सोनाहातू प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कुदाडीह से सामने आई तस्वीरें इस योजना की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गर्म और ताजा भोजन देने के बजाय मात्र 5 रुपये का मिक्चर (नमकीन) का पैकेट वितरित किया जा रहा है। जिस योजना के तहत बच्चों को दाल, चावल, हरी सब्जियां, दाल, अंडा एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ मिलने चाहिए, वहां बच्चों के हाथों में सिर्फ एक छोटा सा पैकेट थमा दिया जा रहा है।
विद्यालय के कई बच्चों ने बताया कि दोपहर में मिलने वाला यह मिक्चर उनके पेट की भूख नहीं मिटा पाता। बच्चों का कहना है कि उन्हें घर लौटकर फिर से खाना खाना पड़ता है। मासूम बच्चों की यह पीड़ा इस योजना के उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा करती है।
दूसरी ओर, अभिभावकों और ग्रामीणों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार बच्चों के पोषण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन विद्यालय स्तर पर लापरवाही और कथित अनियमितताओं के कारण बच्चों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि वास्तव में मध्याह्न भोजन के लिए राशि जारी हो रही है, तो उसका उपयोग आखिर कहां हो रहा है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के अधिकारों के साथ खिलवाड़ न हो।
गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन योजना के नियमों के अनुसार बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। किसी भी परिस्थिति में नियमित भोजन के स्थान पर नमकीन या मिक्चर का पैकेट वितरित करना योजना की भावना और निर्धारित मानकों के विपरीत माना जाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बच्चों के पोषण के नाम पर चल रही सरकारी योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी? क्या मासूमों के हिस्से का भोजन इसी तरह गायब होता रहेगा? और आखिर बच्चों के निवाले पर डाका डालने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और विद्यालय में नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन सुनिश्चित करने की मांग की है।
सोनाहातू । थाना क्षेत्र के कांची नदी किनारे वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान लकड़ी के बोटों से लदा एक ट्रैक्टर जब्त किया गया है।
प्रभारी वनपाल राजू कुमार महतो ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कांची नदी किनारे झाड़ियों में अवैध लकड़ी की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की गई। इस दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखा गया एक ट्रैक्टर मिला, जिसमें कीमती लकड़ी के बोटे लदे हुए थे।
छापेमारी के समय ट्रैक्टर का चालक या कोई अन्य व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था। लावारिस हालत में मिलने के कारण ट्रैक्टर को लकड़ी सहित जब्त कर लिया गया।
वन विभाग के अनुसार जब्त ट्रैक्टर बुलूबाड़ीह निवासी पवन कोइरी का है। वहीं लकड़ी के बोटे रतन महतो पुरस्ती कोटाडीह झारवा के बताए जा रहे हैं। विभाग ने वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
वही वन विभाग ने कहा कि क्षेत्र में अवैध कटाई व लकड़ी तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक दिवस है। एक ऐसा दिवस, जब शोषण के विरूद्ध जबरदस्त आवाज उठाई गई थी। देश में शोषण से निकलने के लिए किसी के पास कोई रास्ता नहीं दिख रहा था, उस समय आदिवासी समाज के वीरों ने शोषण के विरुद्ध मोर्चा खोला। परिणाम क्या होगा इसकी चिंता किए बगैर हूल क्रांति के अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, वीरांगना फूलो-झानो ने देश के लोगों पर हो रहे शोषण के विरूद्ध बिगुल फूंका। उन्होंने कहा कि आज भी यह देखा जा रहा है कि कहीं-ना-कहीं क्रांति, संघर्ष जगह-जगह पर कमजोर वर्गों के शोषण के विरुद्ध प्रतिरोध से ही शुरू होता है। आज इन वीर सपूतों पर हम सभी को गर्व है। हमारे अमर वीर सपूत देश और समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन वीर सपूतों की बदौलत ही झारखंड को वीरों की धरती कही जाता है। राज्य में कई ऐसे अवसर हैं, जिस दिन हम सभी लोग महापुरुषों को याद करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने की प्रतिज्ञा लेते हैं। उन्होंने कहा कि क्रांति की आग बुझती नहीं है। बुझाई भी नहीं जा सकती। क्रांति की चिंगारी सदैव जलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह आज भी ऐसी क्रांति के स्मारक पर निरंतर दीप जलता रहता है। उन्होंने दिल्ली के राजघाट एवं इंडिया गेट में भी दीप जलते रहने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वीरों की इस पावन भूमि का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
गोड्डा ( मालदा) । हिंदी भाषा एवं साहित्य के संवर्धन तथा महान साहित्यकारों की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा के मार्गदर्शन में, दिनांक 30 जून, 2026 को पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में गोड्डा रेलवे स्टेशन पर प्रख्यात हिंदी साहित्यकार एवं जनकवि बाबा नागार्जुन की जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्टेशन प्रबंधक श्री ज्योति सोरेन ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रेलकर्मियों एवं साहित्यप्रेमियों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वरिष्ठ अनुवादक विद्यासागर राम ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके उपरांत बाबा नागार्जुन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।* अध्यक्ष श्री ज्योति सोरेन ने आमंत्रित साहित्यकारों एवं वक्ताओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर ओम प्रकाश मंडल, प्रख्यात साहित्यकार श्री विनय सौरभ, अर्पणा कुमारी, विनिता प्रियदर्शिनी, मधुबाला शांडिल्य, शैलेन्द्र व्यास, इंद्राणी (बड़हरवा) तथा विनय कुमार झा 'विमल' (पटना) ने बाबा नागार्जुन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उन्हें हिंदी साहित्य का अद्वितीय साहित्यकार, विद्रोही जनकवि तथा जनसरोकारों के सशक्त स्वर के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को नई दिशा प्रदान की तथा सामाजिक चेतना को सुदृढ़ आधार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में बाबा नागार्जुन की रचनाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक एवं प्रेरणास्पद हैं। कार्यक्रम के दौरान कवियों द्वारा बाबा नागार्जुन की चुनिंदा रचनाओं का प्रभावपूर्ण काव्य-पाठ भी प्रस्तुत किया गया।
आगे आयोजक ने कहा, हिंदी साहित्य के प्रति जागरूकता, राजभाषा हिंदी के संवर्धन तथा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति मालदा मंडल की सतत प्रतिबद्धता का सशक्त परिचायक रहा।
कोलकाता। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दो विशेष ट्रेनों के परिचालन को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। पूर्व रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पटना–हावड़ा–पटना स्पेशल ट्रेन तथा गांधीधाम–भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन निर्धारित अवधि तक संचालित होती रहेंगी। रेलवे के अनुसार 02024/02023 पटना–हावड़ा–पटना स्पेशल ट्रेन अपने वर्तमान समय एवं सभी निर्धारित ठहरावों के साथ चलाई जाएगी। 02024 पटना–हावड़ा स्पेशल प्रत्येक रविवार 5 जुलाई 2026 से 27 सितंबर 2026 तक कुल 13 फेरे लगाएगी। वहीं 02023 हावड़ा–पटना स्पेशल भी इसी अवधि में प्रत्येक रविवार 13 फेरे संचालित होगी। इससे बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा रेलवे ने 09451/09452 गांधीधाम–भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन का परिचालन भी जारी रखने का निर्णय लिया है। हालांकि उत्तरी रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर ब्लॉक के कारण यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएगी।
अब यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल–फतेहपुर–प्रयागराज–ज्ञानपुर रोड–वाराणसी–औंड़िहार–गाजीपुर सिटी–छपरा–हाजीपुर होकर चलेगी। इस परिवर्तित मार्ग पर ट्रेन दोनों दिशाओं में फतेहपुर, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, औंड़िहार, गाजीपुर सिटी, छपरा और हाजीपुर स्टेशनों पर रुकेगी।
वहीं इस दौरान ट्रेन लखनऊ, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, बगहा, हरिनगर, नरकटियागंज, बेतिया, सगौली, बापूधाम मोतिहारी, चकिया और मुजफ्फरपुर जैसे पुराने मार्ग के स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
रेलवे के अनुसार 09451 गांधीधाम–भागलपुर स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार 3 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक कुल 5 फेरे लगाएगी। वहीं 09452 भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल प्रत्येक सोमवार 6 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक कुल 5 फेरे संचालित होगी।
जमशेदपुर । झारखंड में शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग–अकादमिक साझेदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand एवं Arka Jain University, गम्हरिया (जमशेदपुर) के बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति , कुल सचिव तथा विभिन्न विभागों के Heads of Departments (HODs) ने भाग लिया। वहीं JRGA Foundation की ओर से संस्था के अध्यक्ष अभिताभ श्रीवास्तव, महासचिव उत्तम रॉय, Lead – CSR सुजीत कुमार तथा Creative Head – Fashion & Apparel अलीशा गौतम उरांव उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कौशल विकास कार्यक्रमों, विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप के अवसर, उद्योग–अकादमिक सहभागिता, फैशन एवं रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख अवसरों के सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। दोनों संस्थानों ने भविष्य में संयुक्त रूप से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों एवं अन्य नवाचार आधारित पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
JRGA Foundation के महासचिव उत्तम रॉय ने कहा कि यह सहयोग झारखंड के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच यह साझेदारी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक ज्ञान एवं रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाएगी तथा भविष्य में अनेक प्रभावशाली संयुक्त परियोजनाओं का आधार बनेगी।
बैठक के अंत में JRGA Foundation ने Arka Jain University की पूरी टीम के प्रति उनके सहयोग, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं रचनात्मक सहभागिता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा आशा जताई कि यह साझेदारी राज्य के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रांची । झारखंड सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को राजधानी रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित भव्य समारोह में 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कक्षा 6 से 12 तक के कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल सरकारी नौकरी नहीं मिली है, बल्कि झारखंड की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के बच्चों का भविष्य शिक्षकों के ज्ञान, व्यवहार और कार्यशैली पर निर्भर करेगा। इसलिए सभी शिक्षक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में नव नियुक्त सहायक आचार्यों को विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर काम करें तथा बच्चों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अमानवीय घटना या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय मॉडल ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने बताया कि जहां इन विद्यालयों में लगभग 9 से 10 हजार सीटें उपलब्ध हैं, वहीं प्रवेश के लिए 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। यह सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकारी विद्यालयों में विज्ञान शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी। इस नियुक्ति प्रक्रिया में 200 से अधिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की बहाली हुई है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर तथा अन्य क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
झारखंड की बौद्धिक संपदा हैं नव नियुक्त शिक्षक
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के बीच चयनित ये शिक्षक राज्य की बौद्धिक संपदा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कार्य कर रही है। पिछले कार्यकाल में 55 हजार से अधिक नियुक्तियां दी गईं और वर्तमान कार्यकाल में भी विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड को अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रतिभा और युवाओं की क्षमता के लिए भी पहचाना जाएगा।
नव नियुक्त शिक्षकों ने जताया आभार
समारोह में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई सहायक आचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए। रांची की सीता कुमारी ने कहा कि 22 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उन्हें नियुक्ति मिली है और यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल है।
मनोज कुमार वैद्य ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को नियुक्तियों का वर्ष घोषित करने का लाभ उन्हें भी मिला है और वे पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
वहीं प्रदीप कुमार यादव ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी मां ने नियुक्ति परिणाम के बाद अखबार में मुख्यमंत्री की तस्वीर देखकर तीन बार प्रणाम किया था। उन्होंने कहा कि बिना किसी लेन-देन के पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने आम लोगों का सरकार पर विश्वास मजबूत किया है।
इनकी रही उपस्थिति
समारोह में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारी, नव नियुक्त सहायक आचार्य एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
साहेबगंज: अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध तस्करी निषेध दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज श्री अखिल कुमार के मार्गदर्शन में पूरे जिले में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation) योजना के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, सामुदायिक स्थलों, मंडल कारा तथा बाल सुधार गृहों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के सदस्यों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री विश्वनाथ भगत ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर नशे से दूर रहने की अपील की गई।
अभियान के तहत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों का मंचन भी किया गया। इसके अलावा नालसा द्वारा जारी विशेष जिंगल "तुम मत गिरना" और DAWN कैंपेन वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। #SayNoToDrugsYesToLife, #DrugsFreeIndia, #YuddhNasheKeVirudh और #NashaMuktBharat जैसे हैशटैग के माध्यम से लोगों से नशामुक्त भारत के निर्माण में भागीदारी की अपील की गई।
सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी जिलेभर में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध साहेबगंज का निर्माण हो सके।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मानव संसाधन विकास विभाग (HRD) द्वारा चार नव-प्रवर्तित श्रम संहिताओं एवं उनके अंतर्गत बनाए गए नियमों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 26 जून, 2026 को (एमटीसी), एचआरडी, सीसीएल में किया गया। यह कार्यक्रम 26 एवं 27 जून, 2026 को आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में सीसीएल के सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, खान प्रबंधक, क्षेत्रीय मानव संसाधन अधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि (जेसीएससी, वेलफेयर बोर्ड, सेफ्टी बोर्ड), एससी-एसटी-बीसी काउंसिल, INMOSSA, CMOAI एवं ठेकेदारों के प्रतिनिधि सहित कुल 105 प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त डॉ. ओंकार शर्मा बतौर अतिथि संकाय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सीसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा श्रम संहिताओं को लागू किया गया है और कार्यस्थलों पर इनके प्रभावी अनुपालन के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी एवं सकारात्मक सहयोग आवश्यक है।
वहीं, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने बदलते औद्योगिक परिवेश में निरंतर ज्ञानवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने एवं श्रम संहिताओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों का अपडेट रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. ओंकार शर्मा द्वारा श्रम संहिताओं के विभिन्न प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं एवं उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा संचालित सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, संवादात्मक एवं व्यावहारिक रहे, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने प्रश्नों एवं विचारों को साझा किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम दिवस उपयोगी चर्चाओं एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पहल सीसीएल में श्रम कानूनों की बेहतर समझ विकसित करने, अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने एवं कार्यस्थल पर सुचारू औद्योगिक संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भागलपुर/सुल्तानगंज। : आगामी श्रावणी मेला-2026 को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनीष कुमार गुप्ता ने गुरुवार को विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारियों के साथ सुल्तानगंज एवं भागलपुर रेलवे स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा करना था।
डीआरएम ने निरीक्षण के दौरान यात्री सुविधाओं, पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालय, शौचालय, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, टिकटिंग सुविधाओं, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था समेत सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मेले के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रावणी मेले में सुल्तानगंज से देवघर तक जलार्पण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा को प्राथमिकता दे रहा है। डीआरएम ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए संभावित भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति पर जोर दिया।
सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर डीआरएम ने निर्माणाधीन 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। रेलवे के अनुसार यह नया एफओबी यात्रियों की आवाजाही को अधिक आसान बनाएगा तथा स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने भागलपुर-सुल्तानगंज रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया। भागलपुर स्टेशन पर उन्होंने यात्री सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों, स्वच्छता व्यवस्था और परिचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला अवधि में रेल सेवाओं का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहे और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले।
डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने तथा आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे का लक्ष्य श्रावणी मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और निर्बाध रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।
राजमहल (साहिबगंज): आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से राजमहल थाना परिसर में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विमलेश कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों तथा विभिन्न समुदायों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मुहर्रम पर्व के आयोजन से संबंधित सभी आवश्यक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मुहर्रम केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि त्याग, बलिदान और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजमहल क्षेत्र हमेशा से सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है तथा इस परंपरा को आगे भी बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने, शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
एसडीपीओ ने विशेष रूप से सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्व के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक, भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
बैठक में राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान निर्धारित मार्गों का पालन करना अनिवार्य होगा तथा सभी आयोजन समितियों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
थाना प्रभारी ने बताया कि जुलूस मार्गों पर पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की विशेष तैनाती की जाएगी। साथ ही भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया जाएगा। उन्होंने आयोजन समितियों से भी सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि प्रशासन और आम जनता के सामूहिक प्रयास से ही पर्व को सफल एवं शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।
बैठक के दौरान जुलूस मार्गों की स्थिति, सड़क सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाओं तथा यातायात संचालन जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ निरंतर गश्त की भी व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में विधायक प्रतिनिधि एमडी मारूफ गुड्डू, नगर परिषद अध्यक्ष एमडी केताबुद्दीन, शांति समिति के सदस्य, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ कार्यकर्ता सह वार्ड सदस्य मकसूद आलम ने कहा कि राजमहल की गंगा-जमुनी तहजीब पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के पर्व-त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि मुहर्रम पर्व भी इसी एकता और सामाजिक समरसता के वातावरण में मनाया जाएगा तथा सभी लोग मिलकर प्रशासन का सहयोग करेंगे।
बैठक के अंत में प्रशासन की ओर से सभी उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे शांति, अनुशासन और सौहार्द बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। अधिकारियों ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही मुहर्रम पर्व को सफल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सकता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे और किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रांची। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा दिनांक 19 जून, 2026 को “Reducing Plastic Waste for A Greener Tomorrow” विषय पर एक व्याख्यान एवं वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु प्लास्टिक अपशिष्ट में कमी लाने के उपायों को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर सीआईपीईटी (CIPET), रांची के निदेशक एवं प्रमुख श्री अवनीत कुमार जोशी ने विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्ट के बढ़ते पर्यावरणीय प्रभावों, सतत विकास में अपशिष्ट प्रबंधन की भूमिका तथा प्लास्टिक उपयोग में कमी लाने हेतु अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जनभागीदारी एवं व्यवहारगत परिवर्तन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक (अधिकारी स्थापना/कल्याण), सीसीएल, श्री संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता श्री जोशी का स्वागत किया तथा उनके बहुमूल्य विचारों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वच्छता पखवाड़ा के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति सभी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय, रांची से अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की, जबकि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने वेबिनार के माध्यम से ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रतिभागियों ने प्लास्टिक अपशिष्ट न्यूनीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी प्राप्त की तथा स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण हेतु अपने योगदान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के आयोजन में श्रीमती पूजा प्रसाद , प्रबंधक (सा. वि) एवं श्रीमती श्वेता हंसदा, प्रबंधक (सा.वि) की सक्रिय भूमिका रही ।यह कार्यक्रम स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
बरहरवा (साहिबगंज): बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और सामाजिक संस्था मंथन की संयुक्त कार्रवाई में चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। सभी बच्चे बिना अभिभावकों को बताए घर से निकलकर मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ जाने की तैयारी में थे।
जानकारी के अनुसार, 18 जून 2026 की रात इंस्पेक्टर आरपीएफ संजीव कुमार के पर्यवेक्षण में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान एवं मंथन संस्था की प्रतिनिधि आराधना मंडल द्वारा मानव तस्करी, घर से भागे बच्चों (TOPB) तथा अन्य संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए बरहरवा रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।
रात्रि लगभग 8:30 बजे स्टेशन परिसर स्थित सिग्नल ऑफिस के पास चार नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थिति में घूमते हुए पाए गए। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपनी उम्र 13, 14, 14 और 16 वर्ष बताई तथा सभी ने पाकुड़ जिले का निवासी होना स्वीकार किया।
गहन पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे बिना अपने परिजनों को सूचना दिए घर से निकल आए थे और मुरारोई रेलवे स्टेशन से बरहरवा पहुंचे थे। उनका उद्देश्य मजदूरी करने के लिए लखनऊ जाना था।
बच्चों की स्थिति और गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर आरपीएफ टीम उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से आरपीएफ पोस्ट लेकर आई। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों नाबालिगों को आगे की कार्रवाई, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए मंथन संस्था, साहिबगंज की प्रतिनिधि आराधना मंडल को सौंप दिया गया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर मानव तस्करी, बाल श्रम और घर से भागे बच्चों की पहचान एवं सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई से चार नाबालिग बच्चों को संभावित शोषण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में फंसने से बचाया जा सका।
बरहरवा (साहिबगंज): बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹53,488 बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब 2:15 बजे आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार अपने दल के साथ स्टेशन परिसर में गश्त और जांच अभियान चला रहे थे। टीम में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान और सिपाही सुजीत कुमार सिंह भी शामिल थे। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या-3 पर खड़ी विश्वभारती पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में दो संदिग्ध युवक घूमते नजर आए।
आरपीएफ टीम द्वारा पूछताछ के लिए रोके जाने पर दोनों युवक ट्रेन से कूदकर भागने लगे, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांद शेख (25 वर्ष) और इस्तेफाक शेख (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों झारखंड के पाकुड़ जिले के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद मोबाइल फोनों में से दो मोबाइल बरहरवा रेलवे स्टेशन के द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय में सो रहे यात्रियों से तथा दो मोबाइल टिकट काउंटर के पास सोए हुए लोगों से चोरी किए गए थे।
आरपीएफ ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में चारों मोबाइल फोन जब्त कर लिए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बरामद सामान और संबंधित दस्तावेजों के साथ आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी बरहरवा को सौंप दिया गया है।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चोरी, लूट एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी और गश्ती अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
शेखपुरा: शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी के तबादले के बाद जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने दावा किया है कि उन्होंने 8 जून को एडीजी एवं जिला नोडल पदाधिकारी अमित लोढ़ा को एक बंद लिफाफे में जिले के कुछ अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें और दस्तावेज सौंपे थे। इसके दस दिन बाद एसपी बलिराम कुमार चौधरी का तबादला कर उन्हें विशेष शाखा, पटना भेज दिया गया।
अरशद नसर का कहना है कि उनके द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े कई मामलों का उल्लेख था। उन्होंने दावा किया कि एडीजी अमित लोढ़ा ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
हालांकि, पुलिस मुख्यालय या राज्य सरकार की ओर से एसपी के तबादले को इन शिकायतों से जोड़ते हुए कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासनिक हलकों में इसे सामान्य तबादला प्रक्रिया का हिस्सा भी माना जा रहा है।
गौरतलब है कि एडीजी अमित लोढ़ा पूर्व में शेखपुरा के एसपी रह चुके हैं और अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी कार्यशैली चर्चा में रही है। उनके जिला नोडल प्रभारी बनने के बाद यह पहला बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।
इस बीच, सहरसा में तैनात तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हिमांशु को शेखपुरा का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। उनके जल्द ही पदभार ग्रहण करने की संभावना है।
एसपी के तबादले के बाद जिले में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं, लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि शिकायतों में उठाए गए अन्य मुद्दों पर कोई आगे की कार्रवाई होती है या नहीं।
रांची : राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब तेज हो गई है। घटना के बाद स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर प्रारंभिक जानकारी जुटाई है। हालांकि मामले को NIA द्वारा आधिकारिक रूप से अपने हाथ में लिए जाने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मालूम को की बुधवार देर रात करीब 12:38 बजे दो अज्ञात युवक RSS कार्यालय के पास पहुंचे और पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में एक युवक बोतल में आग लगाता दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा घटना की रिकॉर्डिंग करता नजर आ रहा है।
हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद भाजपा और RSS से जुड़े कई वरिष्ठ नेता मौके पर पहुंचे और इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
पुलिस ने आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं था।
रांची: राजधानी रांची में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था संधारण और यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची ने पुलिस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी तथा यातायात पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, जनसुरक्षा और पुलिसिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था का संधारण और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
SSP ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि थाना स्तर पर आम जनता के साथ नियमित संवाद स्थापित कर पुलिस-पब्लिक संबंधों को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में अपराधियों, असामाजिक तत्वों तथा जेल से बाहर आए अपराधियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही निगरानी (Surveillance) और डोजियर (Dossier) प्रस्तावों में तेजी लाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
SSP ने चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन, मोबाइल एवं बैग गुम होने से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया। थाना स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में चेन स्नैचिंग, अवैध हथियार, मादक पदार्थों (NDPS), चोरी, गृह भेदन तथा अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्ती और पुलिस गतिविधियों की सतत निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अपराध नियंत्रण के लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ निरोधात्मक और कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रात्रिकालीन गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस अधिकारियों को रात में क्षेत्र भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने को कहा गया।
बैठक में पॉक्सो (POCSO) मामलों की समीक्षा करते हुए अनुसंधान में तेजी लाने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी और ट्रेसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
SSP ने लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत और अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं के शीघ्र निष्पादन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता के साथ करें ताकि आम जनता का विश्वास पुलिस पर और मजबूत हो सके।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य के नवनियुक्त महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने शिष्टाचार मुलाकात की।
यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस दौरान महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य के महाधिवक्ता के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
महाधिवक्ता राज्य सरकार के प्रमुख विधि अधिकारी होते हैं और न्यायालयों में राज्य सरकार का पक्ष रखने के साथ-साथ विभिन्न कानूनी मामलों में सरकार को आवश्यक सलाह प्रदान करते हैं। ऐसे में राज्य के नए महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री और महाधिवक्ता के बीच हुई यह मुलाकात औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्य के विधिक एवं प्रशासनिक दायित्वों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई।
महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय अपने अनुभव और विधिक विशेषज्ञता के माध्यम से सरकार को प्रभावी कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे तथा राज्य के महत्वपूर्ण मामलों में न्यायालयों के समक्ष सशक्त पक्ष रखेंगे।
रांची: तकनीकी शिक्षा, डिजिटल नवाचार और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को नई दिशा देते हुए (जेयूटी), रांची परिसर में अत्याधुनिक कौशल एवं करियर विकास केंद्र (Skill & Career Development Center) का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। अनुदीप फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित यह केंद्र छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और उन्हें उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस अवसर पर जेयूटी के कुलपति तथा अनुदीप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से केंद्र का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों तथा बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति रही।
कुलपति डॉ. डी. के. सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल पारंपरिक तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं है। उद्योग जगत तेजी से बदल रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा तथा डेटा आधारित तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि यह नया केंद्र छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अनुदीप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष तन्मय मुखर्जी ने कहा कि यह केंद्र छात्रों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें करियर निर्माण, संचार कौशल, इंटरव्यू तैयारी और पेशेवर विकास से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता (Employability) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
इस अत्याधुनिक केंद्र में छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), साइबर सुरक्षा (Cyber Security), पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा विश्लेषण, डिजिटल तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोग तथा करियर प्रबंधन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य की तकनीकी मांगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से झारखंड के तकनीकी छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे अकादमिक शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच मौजूद अंतर को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही छात्रों को इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और स्टार्टअप के अवसरों तक बेहतर पहुंच भी प्राप्त होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह केंद्र आने वाले समय में क्षेत्रीय स्तर पर डिजिटल कौशल विकास का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र न केवल देश के उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाएंगे, बल्कि झारखंड को तकनीकी नवाचार और डिजिटल प्रतिभा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी योगदान देंगे।
यह पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने तथा युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।
रांची। ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि मई माह में दिनांक-27.05.2026 को केतारी बगान नामकुम स्थित दीपक कुमार उर्फ पिंटु के बंद घर का ताला तोड़कर घर के अंदर से लगभग 15,00,000/- (पंद्रह लाख) अनुमानित मूल्य के सोने चांदी के जेवर तथा किमती घड़ी एवं 30,000/- रूपये नगद की चोरी की घटना प्रतिवेदित हुई थी। इसके पूर्व भी नामकुम थाना क्षेत्र में कई बंद घरो में चोरी की घटना प्रतिवेदित हुई थी। लगातार हो रही चोरी घटना की संवेदनशीलता एवं गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के द्वारा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु०) प्रथम के नेतृत्व में नामकुम थाना प्रभारी एवं थाना अन्य पदाधिकारी को शामिल करते हुए कांडों के उद्भेदन एवं सामान की बरामदगी तथा संलिप्त अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया था। गठित टीम द्वारा आसूचना संकलन एवं अनुसंधान के क्रम में कांड में संलिप्त व्यक्ति शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल उम्र 24 वर्ष, पिता-शेख मसगुल उर्फ शेख मजबुल, सा०-जामबाद लघुरका थाना हुर्रा, जिला-पुरूलिया को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से चोरी की घटना के दौरान प्रयुक्त किये जाने वाले अवैध हथियार सहित चोरी किये गये जेवर से प्राप्त रकम नगद 1,00,000/- रूपये बरामद किये गये। गिरफ्तार उक्त अभियुक्त के द्वारा अपने अपराध स्वीकारोक्ति बयान में स्वीकार किया गया है कि अपने 6-7 अपराधिक सहयोगियों का गिरोह बनाकर बंद घरो से सोने चांदी के गहनो, रूपया एवं किमती सामान की चोरी करते है। चोरी किये गये जेवर को इनलोगों के द्वारा प्रायः लोवाडीह स्थित महारानी ज्वेलर्स में कम मूल्य पर बेचा जाता है। प्रासंगिक कांड में चोरी किये गये जेवर को छः लाख रूपया में बेचा गया था। इसके पूर्व भी नामकुम थाना क्षेत्र के अलावे सदर थाना क्षेत्र, लोअर बाजार थाना क्षेत्र में चोरी किये गये जेवरात को महरानी ज्वलेर्स के मालिक कृष्णा कुमार को बेचा करता था तथा उससे प्राप्त रकम को आपस में बांट लिया करता था। बेचे गये जेवरात को ज्वेलरी दुकान मालिक द्वारा गलाकर पुनः नये जेवर बना लिये जाते थे। इसके निशानदेही पर महरानी ज्वेलर्स से लगभग 212 ग्राम सोना एवं 18 किलो चांदी बरामद कर विधिवत जप्त किया गया है तथा ज्वेलरी शॉप के मालिक कृष्णा कुमार को विधिवत गिरफ्तार किया गया। चोरी के इस संगठित गिरोह का मुख्य सरगना शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल है जो चोरी 15 से अधिक अपराधिक कांडों में संलिप्त रहा है तथा कई बार न्यायिक भेजा गया है। यह एक अभ्यासिक अपराध कर्मी है। संगठित गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी हेतु लगातार छापामारी की जा रही है। साथ ही ज्वेलरी दुकान के मालिक कृष्णा कुमार के अपराधिक इतिहास के संबंध में छानबीन की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता-
1. शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल उम्र 24 वर्ष पिता शेख मसगुल उर्फ शेख मजबुल पता- स्थायी पता जामबाद लघुरका थाना हुर्रा जिला पुरुलिया राज्य पं० बंगाल,
वर्तमान पता ईलाहीबक्स कॉलोनी में सकिला बीबी के घर के नजदीक थाना सदर जिला रॉची तथा वर्तमान छोटा तालाब के नजदीक हिन्दपीढ़ी थाना हिन्दपीढी,
2. कृष्णा कुमार, उम्र-20 वर्ष, पिता-गणेश सोनी, सा०-फ्लैट नं0-403, ए० ब्लॉक, स्वर्ण रेखा गॉर्डेन, लोवाडीह, थाना-नामकुम, जिला-रांची।
बरामद सामाग्री :-
1. विभिन्न प्रकार के सोना के जेवर वजन लगभग 212 ग्राम,
2. विभिन्न प्रकार के चांदी के जेवर वजन लगभग 18 किलोग्राम
3. नगद रकम - 1,00,000/- रूपये,
4. देशी पिस्ट- 01,
5. जिन्दा गोली 03 अद्द,
6. घड़ी 01 अद्द
7. मोबाईल फोन-01 अद्द
अपराधिक इतिहास
शेख अफरोज उर्फ पुटी लाल का अपराधिक इतिहास
1. सदर थाना रॉची कांड सं0 458/20 धारा-461/379 भा०द०वि०
2. सदर थाना रॉची कांड सं0 269/21 धारा-414/34 भा०द०वि०
3. सदर थाना रॉची कांड सं0 229/21 धारा-452/341/323/427/506/34 भा०द०वि०
4. सदर थाना रॉची कांड सं0 131/21 धारा-392 भा०द०वि०
5. सदर थाना रॉची कांड सं0 204/21 धारा-454/380 भा०द०वि०
6. सदर थाना रॉची कांड सं0 93/23 धारा-356/382 भा०द०वि०
7. लोअर बाजार थाना रॉची कांड सं0 70/25 धारा-317 (5)/338 बी०एन०एस० एवं 25 (1-बी0) ए०/26/35 आर्म्स एक्ट
8. रेल थाना रॉची कांड सं0 13/22 धारा-379/511 भा०द०वि०
9. नामकुम थाना कांड सं0 143/21 धारा-457/380
10. नामकुम थाना कांड सं0 96/21 धारा-392 भा०द०वि०
11. नामकुम थाना कांड सं0 183/23 धारा 457/380 भा०द०वि०
12. नामकुम थाना कांड सं0 285/25 धारा-454/380/414/34 भा०द०वि०
13. नामकुम थाना कांड सं0 288/25 धारा-331 (4) / 305 (ए) भा०न्या०सं०
14. नामकुम थाना कांड सं0 20/26 धारा-331 (3) / 305 (ए) भा० न्या०सं०
15. नामकुम थाना कांड सं0 31/26 धारा-331 (3) / 305 (ए) भा० न्या०सं०
छापामारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी
1. श्री अमर कुमार पाण्डेय, वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु०) प्रथम, रांची,
2. श्री रामनारायण सिंह, पु०नि०-सह-थाना प्रभारी, नामकुम थाना, रांची,
3. पु०अ०नि०, शशि रंजन, नामकुम थाना,
4. पु०अ०नि०, जयेदव कुमार सराक, नामकुम थाना,
5. पु०अ०नि०, सोनू कुमार दास, नामकुम थाना,
6. स०अ०नि०, उज्जवल कुमार सिंह, नामकुम थाना,
7. स०अ०नि०, सत्येन्द्र सिंह, नामकुम थाना,
8. स०अ०नि०, तारकेश्वर प्रसाद केसरी, नामकुम थाना,
9. थाना के सशस्त्र बल।
पटना: राजधानी पटना को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन का विशेष अभियान लगातार दसवें दिन भी जारी रहा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर नगर निगम, पुलिस, यातायात, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, अग्निशमन, विद्युत तथा अन्य विभागों की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थलों पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अब केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि अनिवार्य रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को निर्देश दिया है कि अभियान में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध विधि-सम्मत एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शहर के कई इलाकों में चला विशेष अभियान
आज पटना नगर निगम के विभिन्न अंचलों और नगर परिषद क्षेत्रों में सुबह से दोपहर तक विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
नूतन राजधानी अंचल में विकास भवन से शेखपुरा मोड़ तक सड़क के दोनों किनारों से अतिक्रमण हटाया गया, जहां ₹17,000 का जुर्माना वसूला गया।
पाटलिपुत्र अंचल में अशोक राजपथ, राजापुर पुल, बोरिंग कैनाल रोड और बोरिंग रोड चौराहा क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां सबसे अधिक ₹23,000 का जुर्माना लगाया गया।
अजीमाबाद अंचल में जीरो माइल से एनएच-30 और ज्युडिशियल एकेडमी के आसपास अतिक्रमण हटाया गया तथा ₹5,500 का जुर्माना वसूला गया।
पटना सिटी अंचल में चौक थाना मोड़ से दीदारगंज चेकपोस्ट तक अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान 15 प्लास्टिक कैरेट और एक लोहे का स्टैंड जब्त किया गया तथा ₹3,500 का जुर्माना लगाया गया।
कंकड़बाग अंचल में ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के दौरान एक काउंटर और एक ठेला जब्त किया गया। यहां ₹3,300 का जुर्माना वसूला गया।
बांकीपुर अंचल में भीखना पहाड़ी और मुसल्लाहपुर हाट क्षेत्र में कार्रवाई की गई। ठेले, झोपड़ियां और अन्य अवैध संरचनाएं हटाई गईं तथा ₹3,000 का जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा दानापुर, फुलवारीशरीफ और खगौल क्षेत्रों में भी व्यापक अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए गए।
एक दिन में ₹56,300 का जुर्माना
जिला नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज के अभियान में विभिन्न अंचलों में कुल 56,300 का जुर्माना वसूला गया। साथ ही कई अवैध ढांचे, ठेले, काउंटर, झोपड़ियां और सड़क किनारे जमा मलबा हटाया गया।
दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां लगातार निगरानी रखी जाए। इसके लिए विशेष फॉलो-अप टीमों को सक्रिय किया गया है।
उन्होंने कहा कि आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति दोबारा अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यातायात व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना में सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिक्रमण, यातायात बाधा और यातायात नियमों के उल्लंघन के प्रति प्रशासन "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है।
उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक से भी अनुरोध किया है कि सभी थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण न हो तथा अभियान की जानकारी स्टेशन डायरी में भी दर्ज की जाए।
निगरानी के लिए बनाई गई विशेष मॉनिटरिंग सेल
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तार्किक परिणाम तक पहुंचे।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और आम नागरिकों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण उन्मूलन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पटना: केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 एवं 18 जून 2026 को पटना जिले के सभी 23 प्रखंडों में दो दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सरकार के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह शिविर 16 जून को पंचायत एवं वार्ड स्तर पर आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों के अतिरिक्त होगा। दो दिवसीय शिविर में विभिन्न योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए जाएंगे, जहां पात्र लाभार्थियों के आवेदन, निबंधन, ई-केवाईसी, सत्यापन और लंबित मामलों का निष्पादन किया जाएगा।
इन योजनाओं का मिलेगा लाभ
- आयुष्मान भारत एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
- लखपति दीदी योजना
- पीएम स्वनिधि योजना
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
- पीएम किसान सम्मान निधि
- मुख्यमंत्री कन्या उत्थान एवं छात्रवृत्ति योजनाएं
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना
- मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना
- दिव्यांग कल्याण योजनाएं
- निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाएं
- मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना सहित अन्य योजनाएं
हेल्प डेस्क की होगी व्यवस्था
शिविर स्थलों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित स्वयंसेवक एवं कर्मी लोगों को सही काउंटर तक पहुंचाने, आवेदन पत्र भरवाने तथा आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में सहायता प्रदान करेंगे।
जरूरी दस्तावेज साथ लाएं
प्रशासन ने लाभार्थियों से आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक एवं संबंधित प्रमाण पत्र साथ लेकर आने की अपील की है ताकि आवेदन एवं लाभ वितरण की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी की अपील
जिलाधिकारी ने आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में भाग लेकर सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है।
कोलकाता : रेल पटरियों पर होने वाले आंदोलनों और रेल रोको कार्यक्रमों के कारण आम यात्रियों को होने वाली परेशानियों को लेकर पूर्व रेलवे ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि ऐसे आंदोलन केवल ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित नहीं करते, बल्कि कई लोगों के जीवन, करियर और भविष्य पर भी गहरा असर डालते हैं। इसी संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए पूर्व रेलवे ने एक मार्मिक उदाहरण साझा किया है, जो बताता है कि कुछ घंटों का रेल अवरोध किसी व्यक्ति के सपनों को कैसे चकनाचूर कर सकता है।
पूर्व रेलवे के अनुसार, कुछ महीने पहले श्यामनगर की 24 वर्षीय लीना दास (परिवर्तित नाम) अपने जीवन के पहले नौकरी साक्षात्कार में शामिल होने के लिए सियालदह जा रही थीं। पिता के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर और उनकी मां पर आ गई थी। ऐसे में यह नौकरी उनके लिए केवल एक रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य और आर्थिक सुरक्षा की उम्मीद थी।
लेकिन रास्ते में अचानक हुए रेल रोको आंदोलन के कारण उनकी ट्रेन तीन घंटे से अधिक समय तक प्रभावित रही। नतीजतन लीना समय पर इंटरव्यू स्थल तक नहीं पहुंच सकीं। जब तक वे वहां पहुंचीं, साक्षात्कार प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी और उनके हाथ से नौकरी का अवसर निकल गया। रेलवे का कहना है कि यह घटना केवल एक उदाहरण है, जबकि हर दिन लाखों यात्री विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों के लिए रेल यात्रा करते हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेनों के बाधित होने से सबसे अधिक नुकसान उन लोगों को होता है जो किसी आपात स्थिति में अस्पताल जा रहे होते हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे छात्र होते हैं, नौकरी के साक्षात्कार के लिए यात्रा कर रहे युवा होते हैं या फिर अन्य जरूरी कार्यों के लिए सफर कर रहे होते हैं। ऐसे लोगों के लिए कुछ घंटों की देरी भी जीवन बदल देने वाली साबित हो सकती है।
पूर्व रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच उसके विभिन्न मंडलों में कुल 29 रेल रोको आंदोलन दर्ज किए गए। इनमें सबसे अधिक 22 घटनाएं सियालदह मंडल में हुईं। इसके अलावा मालदा मंडल में 4, हावड़ा में 2 और आसनसोल में 1 रेल अवरोध की घटना सामने आई। इसी अवधि में विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा 20 आम हड़तालें भी की गईं, जिनमें सियालदह में 12 और हावड़ा में 8 मामले दर्ज हुए। वहीं मालदा मंडल में एक राजनीतिक दल द्वारा चक्का जाम का मामला भी सामने आया।
रेलवे ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में भी यह समस्या बनी हुई है। अप्रैल 2026 से मई 2026 के बीच मात्र दो महीनों में ही दो नए रेल अवरोध के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें सियालदह और हावड़ा मंडल में एक-एक घटना शामिल है।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और आम जनता की समस्याओं को सुनने तथा उनका समाधान करने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशासन का कहना है कि अपनी मांगों और शिकायतों को रखने के लिए कई वैधानिक और शांतिपूर्ण माध्यम उपलब्ध हैं, इसलिए रेल सेवाओं को बाधित करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं माना जा सकता।
रेलवे ने यह भी याद दिलाया कि भारतीय रेल अधिनियम, 1989 की धारा 174 के तहत ट्रेन संचालन में जानबूझकर बाधा पहुंचाना दंडनीय अपराध है। रेल पटरियों पर बैठकर ट्रेनों को रोकना, सिग्नलिंग प्रणाली को नुकसान पहुंचाना या अन्य किसी प्रकार से रेल संचालन में व्यवधान पैदा करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम दो वर्ष तक की जेल, जुर्माना अथवा दोनों प्रकार की सजा का प्रावधान है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि रेलवे परिवार का हर यात्री उनके लिए महत्वपूर्ण है और प्रशासन संवाद के माध्यम से हर समस्या का समाधान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का एक घंटा कुछ लोगों को मामूली विरोध लग सकता है, लेकिन यह किसी छात्र की परीक्षा, किसी मरीज के इलाज, किसी युवा के रोजगार और किसी परिवार की उम्मीदों को हमेशा के लिए प्रभावित कर सकता है। इसलिए लोगों को रेल अवरोध जैसे गैरकानूनी कदमों से बचते हुए अपनी मांगों को वैधानिक और शांतिपूर्ण तरीकों से उठाना चाहिए, ताकि किसी और लीना दास के सपने रेलवे पटरियों पर अधूरे न रह जाएं।
साहेबगंज। विभिन्न स्थानों पर घटित अग्नि दुर्घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में जनहित एवं नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, साहेबगंज, दीपक कुमार दुबे द्वारा जिले के सभी होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) के अनुपालन की व्यापक जांच एवं फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में उपायुक्त द्वारा एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी, साहेबगंज एवं राजमहल (अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत), कार्यपालक दण्डाधिकारी, साहेबगंज तथा जिला अग्निशमन पदाधिकारी, साहेबगंज को शामिल किया गया है।
गठित जांच समिति जिले के सभी छोटे-बड़े होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों का स्थल निरीक्षण कर वहां उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत वायरिंग, जलापूर्ति व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा भवन निर्माण एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का अनुपालन किया जा रहा है अथवा नहीं।
जांच के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन अथवा आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव पाया जाएगा, उनके विरुद्ध National Building Construction Standards (NBCS)-2026, Building Bye-Laws-2016 एवं Fire Safety Rules के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
गठित समिति द्वारा एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन समर्पित किया जाना है, ताकि जिले में संचालित सभी होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों में सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके।
साहिबगंज : साहिबगंज पुलिस केंद्र में बुधवार को तीन दिवसीय 70वीं संथाल परगना क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट-2026 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन 10 जून से 12 जून तक चलेगा, जिसमें संथाल परगना प्रमंडल के विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों के अधिकारी एवं जवान भाग ले रहे हैं।
ड्यूटी मीट में जामताड़ा, गोड्डा, देवघर, दुमका, पाकुड़ और साहिबगंज जिला बल के कुल 77 पुलिस पदाधिकारी एवं जवान अपनी पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। प्रतिभागियों में जामताड़ा और गोड्डा से 10-10, देवघर से 10, दुमका से 18, पाकुड़ से 14 तथा साहिबगंज से 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
आधुनिक पुलिसिंग कौशल पर होगा जोर
इस ड्यूटी मीट का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा पेशेवर कौशल को और निखारना है। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की क्षमता का आकलन निम्नलिखित विषयों में किया जाएगा—
- अपराध अनुसंधान (Investigation)
- विधि-विज्ञान (Forensic Science)
- कंप्यूटर साक्षरता एवं साइबर दक्षता
- फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी
- अन्य पुलिसिंग एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यावहारिक कौशल
बदलते अपराधों से निपटने की तैयारी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने कहा कि समय के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में ड्यूटी मीट पुलिसकर्मियों को नई तकनीकें सीखने, अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, ईमानदारी और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शुभकामनाएं दीं।
12 जून को होगा समापन
तीन दिवसीय प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। 12 जून 2026 को आयोजित समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशालय (मानव संसाधन प्रबंधन) के तत्वावधान में दिनांक 10 जून, 2026 को पिपरवार क्षेत्र में एक शिकायत निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों, उनके आश्रितों, ठेकेदारों एवं अन्य हितधारकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुमन रस्तोगी, महाप्रबंधक (समाधान प्रकोष्ठ) द्वारा की गई। इस अवसर पर गौतम चौधरी, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन), समाधान प्रकोष्ठ, तेजविंदर सिंह, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन), समाधान प्रकोष्ठ, स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन), पिपरवार क्षेत्र सहित मानव संसाधन विभाग के अधिकारीगण, स्टाफ अधिकारी (सिविल), खनन विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों, कर्मचारियों के आश्रितों, ठेकेदारों एवं अन्य हितधारकों द्वारा कुल 38 शिकायतें दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में प्रमुख रूप से आवास (क्वार्टर) अनुरक्षण, अनुकम्पा नियुक्ति, सीएमपीएफ से संबंधित ऑनलाइन डाटा अद्यतन तथा अन्य सेवा संबंधी विषय शामिल रहे।
प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक आयोजित इस शिविर में सभी उपस्थित व्यक्तियों को अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखने का अवसर प्रदान किया गया। प्राप्त सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण किया गया तथा अनेक मामलों में संबंधित व्यक्तियों को मौके पर ही आवश्यक जानकारी एवं समाधान उपलब्ध कराया गया। शेष मामलों में नियमानुसार औपचारिक उत्तर प्रदान करते हुए शिकायतों का यथोचित निस्तारण किया जाएगा।
यह शिकायत निवारण शिविर प्रबंधन एवं हितधारकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ। साथ ही, यह आयोजन त्वरित शिकायत निवारण, पारदर्शी प्रशासन तथा कर्मचारी कल्याण के प्रति सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
पटना: 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर पटना समाहरणालय में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिले में परीक्षा के लिए 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 46,029 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की है।
कदाचार पर जीरो टॉलरेंस
डीएम ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर कदाचार, फर्जीवाड़ा या मालप्रैक्टिस की सूचना मिलती है तो दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे और उनकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सोशल मीडिया पर 24x7 निगरानी
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्णय लिया है। किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही असामाजिक तत्वों पर भी निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं
जिलाधिकारी एवं एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, मेडिकल सुविधा, वेटिंग एरिया और भीषण गर्मी को देखते हुए अभिभावकों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार नीट परीक्षार्थियों को बीएसआरटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यक समन्वय करने का निर्देश दिया गया है।
कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय
परीक्षा के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की जानकारी जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 0612-2219810 / 2219234, डायल-112 या पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9031825979 पर दी जा सकती है।
जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा को पूर्णतः कदाचारमुक्त, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
पटना : जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर पटना शहर में अतिक्रमण उन्मूलन अभियान लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान के तहत नगर निगम, पुलिस, ट्रैफिक, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण एवं अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण हटाया और कुल 89,700 का जुर्माना वसूला।
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को निर्देश दिया है कि अभियान का नियमित पर्यवेक्षण करें तथा जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए फॉलो-अप टीम लगातार सक्रिय रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुनः अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी तथा आदतन अतिक्रमणकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान मीठापुर सब्जी मंडी, पुलिस लाइन, अशोक राजपथ, राजापुर पुल, कुर्जी मोड़, दीघा पुल, डंका इमली सब्जी मंडी, जीरो माइल, भगत सिंह चौक, मालसलामी, ओल्ड बाइपास, बहादुरपुर, बाजार समिति, गोला रोड, फुलवारीशरीफ और खगौल सहित कई इलाकों से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान कई ठेले, स्टॉल, झोपड़ियां, अवैध पोस्टर और बैनर हटाए गए तथा कुछ सामान जब्त भी किए गए।
ट्रैफिक व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिक्रमण, यातायात बाधा और नियमों के उल्लंघन के मामलों में प्रशासन "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है। अभियान में बाधा पहुंचाने वालों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल गठित
अभियान की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल अभियान की प्रगति, पुनः अतिक्रमण की रोकथाम और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी।
वाहन जांच अभियान भी चला
अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ-साथ यातायात पुलिस द्वारा विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा।
पटना: केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से पटना जिले के सभी 23 प्रखंडों में 17 एवं 18 जून 2026 को दो दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बुधवार को इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिविरों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह विशेष शिविर 16 जून को आयोजित होने वाले नियमित सहयोग शिविरों से अलग और अतिरिक्त होगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी प्रखंडों में एक साथ इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
कई योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर
शिविर में आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान वय वंदना कार्ड (70 वर्ष से अधिक आयु), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, लखपति दीदी योजना, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, दिव्यांग कल्याण योजनाएं, निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड तथा मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना सहित अनेक योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए जाएंगे।
मौके पर होगा आवेदन, सत्यापन और लाभ वितरण
जिलाधिकारी ने कहा कि शिविरों में पात्र लाभुकों के आवेदन, निबंधन, ई-केवाईसी, सत्यापन सहित लंबित प्रक्रियाओं का निपटारा किया जाएगा। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभों का वितरण भी किया जाएगा। लोगों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था रहेगी, जहां प्रशिक्षित कर्मी एवं वॉलंटियर आवेदन भरने और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित सहायता प्रदान करेंगे।
दस्तावेज साथ लाने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शिविर में आते समय आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक तथा संबंधित योजनाओं के लिए आवश्यक अन्य दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि मौके पर ही प्रक्रिया पूरी की जा सके।
डीएम की अपील
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
पटना: जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन और 16 जून 2026 को आयोजित होने वाले अगले सहयोग शिविर की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लंबित आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिले में अब तक लगभग 10,500 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। शेष आवेदनों को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि केवल शिकायतों का निष्पादन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की संतुष्टि सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
16 जून को 41 पंचायतों और 17 नगर निकायों में शिविर
जिलाधिकारी ने बताया कि अगला सहयोग शिविर 16 जून 2026 को पटना जिले की 41 ग्राम पंचायतों और 17 नगर निकायों के विभिन्न वार्डों में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं और प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
अब अधिकारी पहुंच रहे हैं जनता के द्वार
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप "सबका सम्मान, जीवन आसान" संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहते हैं और लोगों की शिकायतों का समाधान करते हैं।
30 दिन के भीतर मिलेगा समाधान
जिला प्रशासन के अनुसार, शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों को जन शिकायत निवारण पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और 30 दिनों के भीतर उनके निष्पादन की लिखित सूचना आवेदकों को दी जाएगी।
जिला प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सहयोग शिविरों में भाग लेने और अपनी समस्याओं के समाधान का लाभ उठाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारी स्वयं उनके द्वार पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेंगे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा 09 जून, 2026 से खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) पर तीन दिवसीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिनियम में किए गए हालिया संशोधनों के संबंध में अधिकारियों को जागरूक करना तथा नियामकीय प्रावधानों की बेहतर समझ विकसित करना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक(मानव संसाधन), श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन), श्री चंद्र शेखर तिवारी, महाप्रबंधक (एचआरडी), श्री एम. एफ. हक, विभागाध्यक्ष (सुरक्षा), मेजर मनीष राज तथा अतिथि संकाय, आईपीएस (सेवानिवृत्त), श्री विपुल शुक्ला उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक, स्टाफ ऑफिसर (एचआर), स्टाफ ऑफिसर (माइनिंग), परियोजना पदाधिकारी, खान प्रबंधक एवं अन्य संबंधित अधिकारी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत महाप्रबंधक (एचआरडी) श्री एम. एफ. हक ने किया। कार्यक्रम में कुल 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया ।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र ने एम.एम.डी.आर अधिनियम के महत्व को रेखांकित करते हुए इसके प्रावधानों के अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी ने कार्यक्रम के आयोजन हेतु एचआरडी विभाग के प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि अवैध खनन के प्रति जागरूकता संगठनात्मक हितों की सुरक्षा एवं विधिसम्मत खनन संचालन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को एम.एम.डी.आर अधिनियम से संबंधित विभिन्न प्रावधानों, हालिया संशोधनों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे संगठन में अनुपालन संस्कृति को और सुदृढ़ किया जा सके।
कोलकाता। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और रेल सेवाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए पूर्व रेलवे ने बैंण्डेल–कटवा रेलखंड में व्यापक अवसंरचना उन्नयन कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 6 जून को आयोजित इस विशेष मेगा ब्लॉक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्माण और रखरखाव कार्य निर्धारित समय के भीतर संपन्न किए गए।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक के नेतृत्व तथा हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक की निगरानी में इंजीनियरिंग, ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन और पावर सप्लाई विभागों ने समन्वित रूप से इस अभियान को अंजाम दिया।
प्रमुख उपलब्धियां
- नबद्वीप धाम और अम्बिका कालना स्टेशनों के बीच पुल संख्या-92 का गर्डर अप एवं डाउन दोनों लाइनों से सुरक्षित रूप से हटाया गया।
- अम्बिका कालना स्टेशन पर नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) की स्थापना पूरी हुई।
- जिराट–गुप्तिपाड़ा तथा पूर्बस्थली–पाटुली खंडों में सीमित ऊंचाई वाले सबवे निर्माण के लिए दो आरसीसी बॉक्स स्थापित किए गए।
- कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही सामान्य रूप से बहाल कर दी गई।
ट्रैक और सुरक्षा कार्य भी पूरे
रेल परिसंपत्तियों की मजबूती के लिए गुप्तिपाड़ा, पूर्बस्थली, पाटुली, नबद्वीप धाम, बादशाहपुर और दाँईहाट क्षेत्रों में स्लीपर बदलने, रेल पाइलिंग, टैम्पिंग और अन्य तकनीकी कार्य किए गए। इससे ट्रैक की सुरक्षा और परिचालन क्षमता में सुधार होगा।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था हुई और मजबूत
ट्रेनों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ओवरहेड उपकरणों (OHE), सेक्शन इंसुलेटर, क्रॉस-ओवर और ट्रैक्शन सब-स्टेशन में व्यापक ओवरहॉलिंग और उपकरणों का प्रतिस्थापन किया गया।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि यह मेगा ब्लॉक यात्रियों को बेहतर स्टेशन सुविधाएं, अधिक सुरक्षित यात्रा और भविष्य के लिए मजबूत रेल अवसंरचना उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सभी कार्य न्यूनतम व्यवधान के साथ तय समय में पूरे किए गए।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा 09 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय समपार फाटक जागरूकता दिवस (International Level Crossing Awareness Day – ILCAD) 2026 मनाया गया। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय रेलवे संघ (UIC) के वैश्विक सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य रेलवे समपारों पर सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देना तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है।
मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम ताराचंद, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी, मालदा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। यह जागरूकता अभियान मंडल के सभी समपार फाटकों पर चलाया गया, जिसमें मालदा टाउन–न्यू फरक्का, न्यू फरक्का–जंगीपुर रोड, न्यू फरक्का–साहिबगंज, साहिबगंज–भागलपुर, भागलपुर–किऊल तथा भागलपुर–गोड्डा खंड शामिल थे।
इस अवसर पर मालदा टाउन एवं गौर मालदा स्टेशनों के मध्य स्थित समपार फाटक संख्या 64/E/Special पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सहयोग से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी, मालदा द्वारा किया गया। स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्थानीय निवासियों एवं सड़क उपयोगकर्ताओं को रेलवे सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण संदेश प्रभावी ढंग से प्रदान किए गए।
अभियान के दौरान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी, मालदा ने स्थानीय लोगों एवं क्षेत्रवासियों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर समपार फाटकों पर अनधिकृत रूप से रेलवे लाइन पार करने के खतरों के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सड़क उपयोगकर्ताओं के बीच सुरक्षा संबंधी पंपलेट भी व्यापक रूप से वितरित किए गए, जिनमें समपार फाटकों पर अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों का उल्लेख किया गया था।
पंपलेटों के माध्यम से लोगों को बताया गया कि फाटक बंद होने अथवा बंद होने की प्रक्रिया में होने पर उन्हें रुकना चाहिए, फाटक के बैरियर से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए, फाटक पूर्ण रूप से खुलने के बाद ही उसे पार करना चाहिए तथा रेलवे लाइन पार करते समय मोबाइल फोन अथवा ईयरफोन का उपयोग नहीं करना चाहिए।
मालदा मंडल में वर्तमान में कुल 103 समपार फाटक हैं तथा इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम एवं पंपलेट वितरण सभी समपार फाटकों पर आयोजित किए गए। स्थानीय लोगों एवं सड़क उपयोगकर्ताओं को रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 160 के प्रावधानों के बारे में भी अवगत कराया गया, जिसके अंतर्गत बंद समपार फाटक को बलपूर्वक खोलना अथवा उसे क्षति पहुँचाना दंडनीय अपराध है।
यह जागरूकता अभियान मंडल के सुरक्षा, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा परिचालन विभागों के समन्वित प्रयासों तथा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
मालदा रेल मंडल ने सभी नागरिकों से समपार फाटकों पर रेलवे नियमों का पूर्णतः पालन करने तथा सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने हेतु जिम्मेदार नागरिक के रूप में रेलवे प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
राहे:- झारखंड राज्य किसान सभा एवं माकपा के तत्वावधान में राहे ( नुरू),सोनाहातु, बुंडू सहित झारखंड भर में शहीद बिरसा मुंडा शहादत दिवस के अवसर पर बिरसा उलगुलान दिवस मनाया गया एवं जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा ,सी,एन,टी - एस,पी,की, एक्ट की रक्षा का लिया गया शपथ। शहीद बिरसा मुंडा प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा शहीद बिरसा मुंडा के रास्ते ही लूट, घोटाला, भ्रष्टाचार का खात्मा व समता,भाईचारा की बहाली संभव है, मोदी के 12 वर्षों के राज में सर्वाधिक महंगाई, बेरोजगारी,नीजिकरण, किसान आत्महत्याए बढ़ा है, आजादी के बाद देश सबसे गंभीर संकट में आ गया है। सार्वजनिक कारखाना, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, सार्वजनिक संपत्ति अंबानी - अंबानी के हाथों सौंपा जा रहा है, पेट्रोलियम,गैस , यूरिया खाद की गंभीर संकट व मुल्य वृद्धि से देश की जनता परेशान हैं। मोदी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में ईरान,रूस से पैट्रोलियम, गैस खरीदने से पीछे हट गई है, भारतीय संप्रभुता को दांव पर लगा दिया गया है।इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान कौंसिल सदस्य जयपाल सिंह मुंडा,बिसमबर महतो, उमेश महतो,अंचल कौंसिल सदस्य श्रवण मुंडा, शंकर मुंडा,राजू मुंडा, बुद्धदेव मुंडा, संजय मुंडा, मनसा मुंडा,सोमरा मुंडा,महाबीर मुंडा, महावीर कुम्हार,बुरू मुंडा,राशमनी कुमारी,किरण कुमारी, सहचरी कुमारी,हरी कुमारी,करमी देवी,लखीमनी देवी,पविता देवी, सुमित्रा देवी, कमिला देवी,पुरनी देवी, रोपनी देवी,शिला देवी, शांति देवी,मंजुड़ा देवी, विकास मुंडा पूर्णचंद्र महतो,गहन मुंडा, शिशुपाल मुंडा,यादव कुम्हार, कृष्ण मुंडा, सुदर्शन मुंडा,भोथु मुंडा, सुखराम मुंडा, मुकुंद मुंडा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।अध्यक्षता ग्राम प्रधान श्रवन मुंडा ने किया।
शेखपुरा। चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण व पशु प्रेमी सैयद अरशद नसर ने सोमवार को शेखपुरा परिसदन में आए अपर पुलिस महानिदेशक सह जिले के नोडल पदाधिकारी अमित लोढ़ा को एक बंद लिफाफा सौंपा.लिफाफे में जिले के कई भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों का पूरा काला चिट्ठा है.अरशद ने एडीजी अमित लोढ़ा से दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है.जिसपर कार्रवाई का आश्वासन मिला है.अरशद के इस पहल से जिले के भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है तो वहीं दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखी जा रही है.सुपर कॉप और सिंघम के नाम से मशहूर आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा के आगमन से जिले के अपराधियों, असमाजिक तत्वों व भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में साफ तौर पर दहशत व खौफ देखी जा रही है.विदित हो की नोडल प्रभारी बनने के बाद एडीजी अमित लोढ़ा का यह पहला जिला दौरा था.एडीजी अमित लोढ़ा जिले के एसपी भी रह चुके हैं और इन्होंने ही उस समय के फरार कुख्यात अपराधी अशोक महतो को गिरफ्तार कर जेल के सलाखों के पीछे बंद करवाया था.मौके पर जिले के डीएम शेखर आनन्द,एसपी बलिराम कुमार चौधरी,एसडीपीओ डॉ.राकेश कुमार,नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी व सुरक्षा कर्मी मौजूद थे.
मालदा। वर्तमान ग्रीष्म ऋतु एवं भीषण गर्मी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा रेल मंत्रालय द्वारा यात्री सुरक्षा, तापीय आराम (Thermal Comfort) एवं चिकित्सा तत्परता पर दिए जा रहे विशेष बल के अनुरूप, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाएँ की गई हैं।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा चिकित्सा, वाणिज्य, परिचालन, सुरक्षा, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रियों को भीषण गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखने एवं उनकी यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए निरंतर निगरानी एवं सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।
ग्रीष्मकाल के दौरान स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मंडल के 34 ताप-संवेदनशील स्टेशनों पर कुल 92 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत प्रमुख स्टेशनों में मालदा टाउन (10), भागलपुर (08), साहिबगंज (05), तीनपहाड़ (01), जमालपुर (05), न्यू फरक्का (05), गोड्डा (05), सुल्तानगंज (05), बरहरवा (04), बांका (04), मंदार हिल (02), पीरपैंती (03), मुंगेर (03), जंगीपुर रोड (03), राजमहल (04) सहित अन्य कई स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को सुरक्षित एवं शीतल पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन सुविधाओं का नियमित निरीक्षण, रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, स्टेशनों पर अधिकृत स्टॉलों में निर्धारित मूल्य ₹14 पर एक लीटर पैकेज्ड पेयजल बोतलों सहित पर्याप्त पेयजल का भंडार उपलब्ध रखा गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान किफायती एवं सुविधाजनक रूप से पेयजल प्राप्त हो सके। यात्रियों को केवल अधिकृत स्टॉलों एवं विक्रेताओं से ही पेयजल खरीदने तथा अनधिकृत स्रोतों से बचने की सलाह दी गई है।
मालदा टाउन, साहिबगंज, भागलपुर, जमालपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, न्यू फरक्का, गोड्डा एवं अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। प्रतीक्षालयों, परिसंचरण क्षेत्रों तथा अन्य यात्री उपयोग क्षेत्रों में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, समुचित वेंटिलेशन एवं पर्याप्त पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालयों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि भीषण गर्मी के दौरान यात्रियों को आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मालदा टाउन, साहिबगंज, बरहरवा, भागलपुर, सुल्तानगंज एवं जमालपुर स्टेशनों पर वातानुकूलित एवं गैर-वातानुकूलित डॉरमेट्री तथा रिटायरिंग रूम उपलब्ध हैं, जिससे यात्रा के दौरान अल्पकालिक विश्राम एवं ठहराव की आवश्यकता वाले यात्रियों को विशेष सुविधा प्राप्त हो रही है।
ग्रीष्मकाल में चिकित्सा तत्परता के महत्व को देखते हुए मालदा, साहिबगंज, भागलपुर एवं जमालपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार, ओआरएस तथा शीतलन सहायता सहित चिकित्सा सुविधाओं की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, मालदा टाउन, भागलपुर एवं जमालपुर स्टेशनों पर उपलब्ध मेडिकल शॉप यात्रियों को आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा स्टेशन परिसरों में हीट स्ट्रोक की रोकथाम संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
रेल पटरियों, सिग्नलिंग प्रणालियों, ओवरहेड उपकरण (OHE), रोलिंग स्टॉक एवं स्टेशन परिसंपत्तियों की चौबीसों घंटे निगरानी एवं रखरखाव किया जा रहा है, ताकि अत्यधिक तापमान के कारण होने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं, ट्रैक विकृति अथवा सेवा व्यवधानों को न्यूनतम किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के 18 स्टेशनों पर यात्री उद्घोषणा प्रणाली (Passenger Announcement System) के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। वहीं, 15 स्टेशनों पर स्थापित 25 वीडियो वॉल स्क्रीन के माध्यम से मालदा टाउन, न्यू फरक्का, साहिबगंज, जंगीपुर रोड, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, गोड्डा सहित अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर हीटवेव संबंधी जागरूकता एवं यात्री परामर्श संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इन संदेशों का उद्देश्य यात्रियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम, पर्याप्त जल सेवन तथा किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना है।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य, परिचालन एवं सुरक्षा विभागों द्वारा यात्री आवागमन एवं ट्रेन परिचालन की वास्तविक समय (Real-Time) निगरानी की जा रही है। स्टेशनों एवं ट्रेनों में तैनात रेलवे कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी गर्मी संबंधी आपात स्थिति अथवा यात्री कल्याण से जुड़े मामले में शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विभागों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा जा रहा है। यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने साथ पानी की बोतल रखने की भी सलाह दी गई है।
पेयजल सुविधाओं, प्रतीक्षालयों, पंखों, चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं अन्य यात्री सुविधाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
मालदा मंडल सभी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं यात्री-अनुकूल रेल सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर निगरानी, विभागीय समन्वय एवं सुदृढ़ ग्रीष्मकालीन तैयारियों के माध्यम से पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मालदा। वर्तमान ग्रीष्म ऋतु एवं भीषण गर्मी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा रेल मंत्रालय द्वारा यात्री सुरक्षा, तापीय आराम (Thermal Comfort) एवं चिकित्सा तत्परता पर दिए जा रहे विशेष बल के अनुरूप, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाएँ की गई हैं।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा चिकित्सा, वाणिज्य, परिचालन, सुरक्षा, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रियों को भीषण गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखने एवं उनकी यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए निरंतर निगरानी एवं सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।
ग्रीष्मकाल के दौरान स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मंडल के 34 ताप-संवेदनशील स्टेशनों पर कुल 92 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत प्रमुख स्टेशनों में मालदा टाउन (10), भागलपुर (08), साहिबगंज (05), तीनपहाड़ (01), जमालपुर (05), न्यू फरक्का (05), गोड्डा (05), सुल्तानगंज (05), बरहरवा (04), बांका (04), मंदार हिल (02), पीरपैंती (03), मुंगेर (03), जंगीपुर रोड (03), राजमहल (04) सहित अन्य कई स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को सुरक्षित एवं शीतल पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन सुविधाओं का नियमित निरीक्षण, रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, स्टेशनों पर अधिकृत स्टॉलों में निर्धारित मूल्य ₹14 पर एक लीटर पैकेज्ड पेयजल बोतलों सहित पर्याप्त पेयजल का भंडार उपलब्ध रखा गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान किफायती एवं सुविधाजनक रूप से पेयजल प्राप्त हो सके। यात्रियों को केवल अधिकृत स्टॉलों एवं विक्रेताओं से ही पेयजल खरीदने तथा अनधिकृत स्रोतों से बचने की सलाह दी गई है।
मालदा टाउन, साहिबगंज, भागलपुर, जमालपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, न्यू फरक्का, गोड्डा एवं अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। प्रतीक्षालयों, परिसंचरण क्षेत्रों तथा अन्य यात्री उपयोग क्षेत्रों में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, समुचित वेंटिलेशन एवं पर्याप्त पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालयों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि भीषण गर्मी के दौरान यात्रियों को आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मालदा टाउन, साहिबगंज, बरहरवा, भागलपुर, सुल्तानगंज एवं जमालपुर स्टेशनों पर वातानुकूलित एवं गैर-वातानुकूलित डॉरमेट्री तथा रिटायरिंग रूम उपलब्ध हैं, जिससे यात्रा के दौरान अल्पकालिक विश्राम एवं ठहराव की आवश्यकता वाले यात्रियों को विशेष सुविधा प्राप्त हो रही है।
ग्रीष्मकाल में चिकित्सा तत्परता के महत्व को देखते हुए मालदा, साहिबगंज, भागलपुर एवं जमालपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार, ओआरएस तथा शीतलन सहायता सहित चिकित्सा सुविधाओं की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, मालदा टाउन, भागलपुर एवं जमालपुर स्टेशनों पर उपलब्ध मेडिकल शॉप यात्रियों को आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा स्टेशन परिसरों में हीट स्ट्रोक की रोकथाम संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
रेल पटरियों, सिग्नलिंग प्रणालियों, ओवरहेड उपकरण (OHE), रोलिंग स्टॉक एवं स्टेशन परिसंपत्तियों की चौबीसों घंटे निगरानी एवं रखरखाव किया जा रहा है, ताकि अत्यधिक तापमान के कारण होने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं, ट्रैक विकृति अथवा सेवा व्यवधानों को न्यूनतम किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के 18 स्टेशनों पर यात्री उद्घोषणा प्रणाली (Passenger Announcement System) के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। वहीं, 15 स्टेशनों पर स्थापित 25 वीडियो वॉल स्क्रीन के माध्यम से मालदा टाउन, न्यू फरक्का, साहिबगंज, जंगीपुर रोड, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, गोड्डा सहित अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर हीटवेव संबंधी जागरूकता एवं यात्री परामर्श संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इन संदेशों का उद्देश्य यात्रियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम, पर्याप्त जल सेवन तथा किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना है।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य, परिचालन एवं सुरक्षा विभागों द्वारा यात्री आवागमन एवं ट्रेन परिचालन की वास्तविक समय (Real-Time) निगरानी की जा रही है। स्टेशनों एवं ट्रेनों में तैनात रेलवे कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी गर्मी संबंधी आपात स्थिति अथवा यात्री कल्याण से जुड़े मामले में शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विभागों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा जा रहा है। यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने साथ पानी की बोतल रखने की भी सलाह दी गई है।
पेयजल सुविधाओं, प्रतीक्षालयों, पंखों, चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं अन्य यात्री सुविधाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
मालदा मंडल सभी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं यात्री-अनुकूल रेल सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर निगरानी, विभागीय समन्वय एवं सुदृढ़ ग्रीष्मकालीन तैयारियों के माध्यम से पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रांची । जेसीआई रांची द्वारा ' *वन टीम वन विजन' और 'लीड कनेक्ट इवॉल्व '26'* के तहत नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए *"स्पीक टू लीड" (Speak to Lead)* प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन जेसीआई कार्यालय में किया गया।
इस विशेष सत्र को इस तरह डिजाइन किया गया है जिससे *स्कूली छात्रों के वर्तमान और भविष्य* को एक नई दिशा मिल सके:
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को मंच पर बोलने के डर (Stage Fear) से उबरने, प्रभावी पब्लिक स्पीकिंग की कला सीखने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि बेहतर संवाद कौशल न केवल स्कूल स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, समूह चर्चाओं एवं प्रस्तुतियों में सहायता करता है, बल्कि भविष्य में कॉलेज प्रवेश एवं नौकरी के साक्षात्कारों में भी विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, निर्णय लेने की योग्यता बढ़ाने, टीम प्रबंधन की समझ विकसित करने तथा अकादमिक एवं व्यावसायिक जीवन में बेहतर संचार के महत्व से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
विशेषज्ञ फैकल्टी द्वारा मार्गदर्शन
कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक (Faculty) के रूप में क्षेत्र के अनुभवी ट्रेनर्स मौजूद रहे: जेसी सीए अभिषेक केडिया (पूर्व जोन प्रेसिडेंट 2016 एवं जोन ट्रेनर) और जेसी सीए निखिल अग्रवाल (जोन ट्रेनर)
दोनों विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों और मजेदार गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को प्रभावी संवाद के गुर सिखाए।
यह कार्यक्रम जेसीआई रांची की मुख्य टीम की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य रूप से: अध्यक्ष जेसी अभिषेक जैन, सचिव जेसी साकेत अग्रवाल, जेसी आदित्य जालान (वीपी - ट्रेनिंग), जेसी ऋषभ अग्रवाल (डायरेक्टर - ट्रेनिंग), जेसी अभिनव अनूप गर्ग (प्रोजेक्ट चेयरमैन), जेजे आद्यंत टांटिया (जेजे चेयरमैन) उपस्थित रहे । यह जानकारी JCI रांची के प्रवक्ता जेसी रवि सामोता द्वारा दी गई l
भागलपुर : रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और तत्परता से भागलपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया। मालदा मंडल के अंतर्गत भागलपुर स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान एक RPF अधिकारी ने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही महिला की जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, 07 जून की रात करीब 9:52 बजे भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर RPF पोस्ट भागलपुर के सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार प्लेटफॉर्म पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन संख्या 13072 डाउन जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना हो चुकी थी।
तभी उनकी नजर एक महिला पर पड़ी, जो चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास कर रही थी। ट्रेन से उतरने के दौरान महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म एवं ट्रैक के बीच के गैप की ओर फिसलने लगी।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने तुरंत कार्रवाई की और महिला को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और महिला की जान बच गई।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम शिद्रा वेगम (25 वर्ष) बताया। उन्होंने बताया कि वह अपने एक रिश्तेदार को ट्रेन में विदा करने के लिए भागलपुर रेलवे स्टेशन आई थीं। महिला ने समय पर मदद और जीवन बचाने के लिए RPF का आभार व्यक्त किया।
यह घटना एक बार फिर मालदा मंडल के RPF जवानों की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है। रेलवे प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेलवे परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए RPF लगातार निगरानी और सतर्कता बरत रही है।
रांची । जिले के इटकी प्रखंड स्थित मल्टी गांव में आदिवासी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शनिवार को डॉ. आशा लकड़ा स्वयं मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जांच-पड़ताल की।
शिकायतकर्ता सालखन लकड़ा ने आयोग से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उनकी 75 डिसमिल पैतृक भूमि पर कुछ स्थानीय दबंगों और दलालों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया कि परिवार के कुछ सदस्यों को बहला-फुसलाकर भूमि वापसी के नाम पर अंगूठा और हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पहले ही जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया था। मौके पर निरीक्षण के दौरान डॉ. आशा लकड़ा ने संबंधित डीएसपी को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित भूमि राजस्व अभिलेख में वकास्त भुइहरी महतोई किस्म की दर्ज है और पंजी-2 में मोकवा उरांव सहित अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि इस जमीन पर पूर्व में किसी प्रकार की लगान रसीद जारी नहीं की गई है।
स्थल निरीक्षण में पाया गया कि भूमि के एक हिस्से पर कुछ लोगों द्वारा मकान का निर्माण किया जा चुका है, जबकि शेष हिस्से पर चारदीवारी बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया गया है। शिकायत में येशु बेलरा, साकिर अंसारी एवं उनके सहयोगियों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है।
डॉ. आशा लकड़ा ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रांची। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच रांची समर्पण शाखा द्वारा एक व्यक्ति एक पौधा स्लोगन के अंतर्गत शुक्रवार, 5 जून 2026 को सेवासदन के सामने स्थित पार्क में पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शाखा की बहनों ने पार्क में आए राहगीरों एवं स्थानीय नागरिकों को कुल 20 पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा हरित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। साथ ही उपस्थित लोगों को पौधों की देखभाल एवं पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
शाखा की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पौधों के वितरण के माध्यम से प्रकृति के प्रति प्रेम एवं सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
इस सफल आयोजन में अध्यक्षा शुभा अग्रवाल, अनिता सोमानी, पिंकी शर्मा सहित सभी सदस्याओं का विशेष सहयोग एवं योगदान सराहनीय रहा।यह जानकारी मीडिया प्रभारी वेदिका सिंघानिया ने दी।
साहिबगंज।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण व पशु प्रेमी सैयद अरशद नसर ने शुक्रवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ व सचिव न्यायधीश संजीव पांडेय,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन,राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,झारखंड के लोकायुक्त न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता, झारखंड के पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा,गृह व कारा विभाग,झारखंड के अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल,पुलिस महानिरीक्षक,दुमका पटेल मयुर कन्हैयालाल व पुलिस उप-महानिरीक्षक,दुमका अंबर लकड़ा को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेज कर साहिबगंज जेल गेट पर उनका जमा नगद रकम,मुलाकाती सामान,मेडिकल रिपोर्ट,बंदी आवेदन पत्र दिलाने का आग्रह करते हुए बीते 15 मई को साहिबगंज जेल गेट पर उनके साथ कई कारा कर्मीयों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार व बदसलूकी करने पर दोषी कारा कर्मी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी व विधि सम्मत कार्रवाई की मांग करते हुए उक्त तिथि का सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है ताकि आगे विधि सम्मत कार्रवाई के दौरान साक्ष्य के रूप में काम आएं.अरशद ने पत्र में आरोप लगाया है कि साहिबगंज जेल प्रशासन ने असंवैधानिक तरीके से साहिबगंज जेल से उनका स्थानांतरण बीते वर्ष 13 दिसंबर को मधुपुर जेल करने के दौरान साहिबगंज जेल गेट पर उनका जमा नगद रकम,मुलाकाती सामान,मेडिकल रिपोर्ट,बंदी आवेदन पत्र वापस नहीं किया था.विदित हो कि अरशद ने बीते 23 मई को भी झालसा,डालसा,मुख्य सचिव,गृह सचिव,जेल आईजी,डीसी व एसपी को पत्र भेज कर इस मामले में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई व इंसाफ का गुहार लगाया था.विदित हो की अभी हाल ही में झारखंड के कई जेल अपने कारनामों के चलते काफ़ी सुर्खियों में रहा है.अरशद ने कहा कि जब तक साहिबगंज जेल गेट पर जमा उनका सामान वापस नहीं मिल जाता है तथा 14 महीने साहिबगंज व मधुपुर जेल में जेल प्रशासन द्वारा उनका न्यायिक हिरासत के दौरान किए गए भारी शारीरिक,मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न शोषण,अत्याचार व टार्चर के खिलाफ दोषी कारा पदाधिकारी,कर्मी व कक्षपाल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी दंडात्मक कार्रवाई नहीं हो जाती है तब तक उनका दोनों जेल प्रशासन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.अरशद के द्वारा संघर्ष जारी रखने का एलान करने के चलते दोनों जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है तो दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ताओं व बंदियों में खुशी व हर्ष की लहर व्याप्त है.
ब्यूरो। पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में 2 जून की देर रात हुई फायरिंग और हिंसक घटना के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चर्चित शिक्षक खान सर के खिलाफ भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पटना एसएसपी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अब मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के पास मारपीट, पथराव और फायरिंग की घटना हुई थी। शुरुआती जानकारी में बाहरी हमलावरों द्वारा गोलीबारी की बात सामने आई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला नया मोड़ लेता दिखा। पुलिस को कुछ वीडियो और अन्य साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई है।
खान सर पर क्या आरोप?
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान कथित तौर पर भीड़ पर फायरिंग करने के लिए उकसाने जैसी बातें कही गईं। इसी आधार पर खान सर को भी मामले में नामजद किया गया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो गार्ड गिरफ्तार, हथियार जब्त
पुलिस ने खान सर के दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार किया है। उनके पास मौजूद हथियार भी जब्त किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और किसके निर्देश पर हुई।
खान सर का पक्ष
खान सर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि यदि किसी गार्ड ने गोली चलाई होगी तो वह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई हो सकती है। वहीं उन्होंने भी कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और घटना के पीछे साजिश होने की आशंका जताई है।
पुलिस की जांच जारी
पटना पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सभी पहलुओं की जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रांची । शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली हरमू नदी को स्वच्छ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने अब बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में 02.06.2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निगम की टीम के साथ वार्ड संख्या 23, हिंदपीढ़ी स्थित हरमू नदी क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नदी की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह में आ रही बाधाओं, नदी तट पर फैली गंदगी, अतिक्रमण, अवैध गतिविधियों तथा सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। कई स्थानों पर वर्षों से जमी गाद, झाड़ियां और अवरोधों को देखकर उन्होंने संबंधित शाखाओं को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने स्वच्छता शाखा को निर्देशित किया कि पूरे नदी क्षेत्र में पोकलेन एवं जेसीबी मशीनों की सहायता से गाद निकालने का कार्य तेजी से किया जाए, ताकि नदी की जलधारण क्षमता बढ़ सके और पानी का बहाव सुचारू हो। साथ ही, नदी किनारे जमी पुरानी गंदगी एवं अवरोधों को मैनुअल तरीके से हटाने का भी निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान नदी तट पर मौजूद अवैध खटाल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य अवैध संरचनाओं पर भी नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इनफोर्समेंट टीम को तत्काल कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने एवं अवैध संरचनाओं को हटाने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त भू-संपदा शाखा की टीम को शहर अंचल एवं अरगोड़ा अंचल के साथ संयुक्त रूप से हरमू नदी तट की मापी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। मापी के बाद अतिक्रमण की श्रेणी में आने वाली सभी संरचनाओं को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कई खाली स्थान भी चिन्हित किए गए। नगर आयुक्त ने इन स्थलों को आम नागरिकों के लिए उपयोगी एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से वहां बेंच लगाने, हरित क्षेत्र विकसित करने तथा आवश्यकतानुसार री-डेवलपमेंट कार्य करने का निर्देश दिया।
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि हरमू नदी के संरक्षण, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण मुक्ति को लेकर निगम गंभीर है और आने वाले दिनों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप बेहतर होगा, बल्कि शहर में जल-जमाव की समस्या कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
मौके पर उप नगर आयुक्त गौतम प्रसाद साहू, नगर प्रबंधक, स्वच्छता शाखा, इनफोर्समेंट टीम एवं भू-संपदा शाखा के कर्मी उपस्थित थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर में आज दिनांक 02 जून , 2026 को तीन दिवसीय आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का विधिवत उद्घाटन संजय कुमार ठाकुर, महाप्रबंधक (मानव संसाधन/कल्याण), सीसीएल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर आदिल हुसैन, प्रबंधक (खेल),सहित बड़ी संख्या में कर्मी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
यह विशेष शिविर 02 जून, 2026 से 04 जून, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। शिविर में आधार नामांकन एवं अद्यतन की सुविधा तीन आयु वर्गों- 0 से 5 वर्ष, 5 से 18 वर्ष तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए उपलब्ध कराई गई है, जिससे कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को एक ही स्थान पर आधार संबंधी आवश्यक सेवाएं प्राप्त हो सकें।
शिविर के प्रथम दिन लोगों में उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिली। बड़ी संख्या में लाभार्थी आधार नामांकन एवं अद्यतन कराने के लिए शिविर में पहुंचे। पहले ही दिन लगभग 40 व्यक्तियों का आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
आधार सेवाओं के लिए शिविर में लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही तथा लाभार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए संतोष एवं प्रसन्नता व्यक्त की। सीसीएल द्वारा कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजित यह विशेष शिविर आधार संबंधी सेवाओं को सुगम, सुलभ एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीसीएल अपने कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण हेतु समय-समय पर ऐसी जनोपयोगी एवं सुविधापरक पहलें करता रहा है, जिससे आवश्यक सेवाएं उनके निकट उपलब्ध कराई जा सकें तथा उनकी दैनिक आवश्यकताओं का सरल समाधान सुनिश्चित हो सके।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के उपलक्ष्य में पर्यावरण विभाग द्वारा बच्चों के लिए चित्रकला, स्लोगन लेखन एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस वर्ष की वैश्विक थीम "प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए" के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।
प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के लगभग 250 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने चित्रों, स्लोगनों एवं निबंधों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता, जैव विविधता संरक्षण तथा सतत जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचारों एवं चिंताओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों के बीच पर्यावरणीय चेतना विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही कल के सतत एवं हरित भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने में बच्चों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
यह आयोजन युवा प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने का एक सशक्त मंच प्रदान करने के साथ-साथ पृथ्वी की रक्षा एवं सतत विकास के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व के संदेश को भी सुदृढ़ करता है।
गौरतलब है कि प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 05 जून, 2026 को सीसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा 1जून दिन सोमवार को डीआरएम कार्यालय, मालदा स्थित मंदर कॉन्फ्रेंस हॉल में मई 2026 के दौरान रेलवे सेवा से सेवानिवृत्त हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को सम्मानित करने हेतु एक सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा अपर मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, श्री अमरेन्द्र कुमार मौर्य के नेतृत्व में आयोजित किया गया।कार्यक्रम का समन्वयन कार्मिक विभाग द्वारा वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, इन्द्रजीत के पर्यवेक्षण में किया गया।
इस अवसर पर वाणिज्य, विद्युत, लेखा, यांत्रिक तथा परिचालन विभागों सहित विभिन्न विभागों के कुल 06 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भारतीय रेल के प्रति उनकी दीर्घकालीन, समर्पित एवं निष्ठापूर्ण सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
अपर मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, अमरेन्द्र कुमार मौर्य ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति-चिह्न एवं सेवा संबंधी दस्तावेज प्रदान कर संगठन के प्रति उनके बहुमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
समारोह में शाखा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया, जो मालदा मंडल द्वारा अपने कर्मचारियों की निष्ठा एवं सेवाओं के प्रति सम्मान और सराहना की भावना को दर्शाता है।
मालदा मंडल इस परंपरा को निरंतर बनाए रखते हुए कर्मचारी कल्याण तथा सम्मान एवं कृतज्ञता की संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।
पटना। अबुआ अधिकार मंच के संस्थापक वेदांत कौस्तव ने पटना स्थित 7, सर्कुलर रोड आवास पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने श्री नीतीश कुमार को एक विशेष पोर्ट्रेट भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुलाकात के दौरान युवाओं की राजनीति में भागीदारी, सामाजिक सहभागिता, जनसेवा तथा समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। वेदांत कौस्तव ने कहा कि श्री नीतीश कुमार का सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और विकासोन्मुख सोच युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक एवं सामाजिक अनुभवों से युवाओं को समाज और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलती है। वेदांत कौस्तव ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
इस अवसर पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विभिन्न सामाजिक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सोनाहातू: बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर सोनाहातु थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप एवं एसआई राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
बैठक में थाना प्रभारी ने लोगों से बकरीद पर्व को आपसी भाईचारे, शांति और सद्भावना के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या असामाजिक गतिविधियों से दूर रहें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा नहीं करने की भी सलाह दी गई।
एसआई राकेश कुमार ने कहा कि सोनाहातु थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या समस्या की सूचना तुरंत थाना प्रशासन को देने की अपील की गई।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने भी प्रशासन को सहयोग करने का भरोसा दिलाया। शांति समिति की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बकरीद पर्व को सौहार्दपूर्ण, सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना है। इससे क्षेत्र में आपसी एकता और भाईचारे का संदेश भी मजबूत हुआ।
मालदा। पूर्व रेलवे मालदा रेल मंडल द्वारा रेलवे राजस्व की सुरक्षा एवं यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न रेलखंडों में लगातार गहन टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में रविवार को वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के नेतृत्व में भागलपुर–गोड्डा रेलखंड के गोड्डा खंड के कोईली खुटाहा हाल्ट, गोनू धाम हाल्ट, हाटपुरैनी हॉल्ट, टिकानी, मंदार हिल, गोड्डा समेत विभिन्न स्टेशनों पर विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। अभियान में वाणिज्य निरीक्षक, टिकट जांच कर्मचारी एवं रेलवे सुरक्षा बल के जवान भी मौजूद रहे।
इसके अलावा भागलपुर–जमालपुर तथा भागलपुर–साहिबगंज रेलखंडों में भी ट्रेनों एवं स्टेशनों पर समानांतर रूप से टिकट जांच अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान टिकट रहित एवं अनियमित यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक जांच की गई।
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अभियान में कुल 527 टिकट रहित एवं अनियमित यात्रा के मामले पकड़े गए, जिससे 3,10,945 का जुर्माना राजस्व प्राप्त हुआ।
मालदा मंडल ने कहा है कि भविष्य में भी रेलवे राजस्व की सुरक्षा तथा वास्तविक यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार के अभियान जारी रहेंगे। यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट खरीदने की अपील की गई है।
रांची। लायंस क्लब रांची कैपिटल एवं लायंस क्लब रांची दिवास द्वारा 24 मई 2026 को स्वर्णभूमि बैंक्वेट्स, डंगराटोली, रांची में 25 जरूरतमंद जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। यह प्रेरणादायी सेवा कार्यक्रम क्लब के पूर्व अध्यक्ष लायन अशोक गुलगुलिया एवं राखी गुलगुलिया की 25वीं वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें सेवा, संस्कार एवं सामाजिक समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
समारोह के मुख्य अतिथि संजय कुमार थे। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन लायंस की सेवा भावना का श्रेष्ठ उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी है, जिससे जरूरतमंद परिवार सम्मानपूर्वक अपने बच्चों का विवाह संपन्न करा पाते हैं। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को बधाई दी।
पूर्व अध्यक्ष पंकज मिढा ने कहा कि लायंस क्लब सदैव समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है तथा सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सहयोग, समानता एवं मानवता की भावना को सशक्त करते हैं।
इस अवसर पर लायन दीपक लोहिया, जो डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन – मास कम्युनिटी मैरिज हैं, ने अपने संबोधन में इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में बढ़ते सामाजिक एवं आर्थिक दबाव के बीच सामूहिक विवाह समाज के जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लायंस क्लब केवल सेवा नहीं करता, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी कार्य करता है।
पूरे समारोह में भारतीय संस्कृति एवं पारंपरिक वैवाहिक रीति-रिवाजों की सुंदर झलक देखने को मिली। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी 25 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया। विवाह स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था तथा अतिथियों एवं परिजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई थीं।
सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत हेतु आवश्यक उपहार एवं घरेलू सामग्री प्रदान की गई, जिनमें बर्तन, पलंग, पंखे, वस्त्र एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल थीं। क्लब द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि सभी जोड़े सम्मान एवं आत्मविश्वास के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत करें।
कार्यक्रम की सफलता में लायन दीपक लोहिया, लायन पंकज मिढ़ा, लायन पायल जैन, लायन संदीप पारख, साक्षी, नमन एवं अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था को विभिन्न टीमों ने अत्यंत समर्पण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया।
इस समारोह में झारखंड एवं बिहार के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में लायंस सदस्य उपस्थित हुए। कार्यक्रम में पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर राहुल वर्मा, अशोक खंडेलवाल, अशोक सिन्हा, मंजू सिंह, पुष्पलता, मनोज घोष सहित अनेक वरिष्ठ लायंस नेताओं एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में क्लब पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों, दानदाताओं एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
साहिबगंज। ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, साहिबगंज के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि संगठन को जिला स्तर पर व्यापारियों का सबसे बड़ा और सक्रिय मंच बनाने के लिए सदस्यता विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
श्री अग्रवाल ने बताया कि जब उन्होंने चैंबर की जिम्मेदारी संभाली थी, उस समय सदस्य संख्या मात्र 35 से 40 थी। आज व्यापारियों के सहयोग से यह संख्या बढ़कर 133 सम्मानित सदस्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सदस्य संख्या इससे कहीं अधिक होनी चाहिए थी, लेकिन संरक्षक द्वारा लाए गए नियम “हम सदस्य बनाने नहीं जाएंगे, जो खुद आएंगे उन्हें ही बनाया जाएगा” के कारण विस्तार सीमित रहा। इसको कार्यकारिणी समिति में पास करवा दिया गया था।
उन्होंने संकल्प जताया कि यदि चैंबर के सदस्यों द्वारा उन्हें दोबारा सेवा का अवसर मिलता है, तो वे 2 साल के अंदर कम से कम 500 सदस्य बनाने का प्रयास करेंगे। साथ ही आगामी चुनाव में कम से कम 500 सदस्यों के बीच कराने का लक्ष्य रखा जाएगा, ताकि चैंबर सच में पूरे जिले के व्यापारियों का प्रतिनिधित्व कर सके।
श्री अग्रवाल ने जानकारी दी कि उनके कार्यकाल में राजमहल, तालझाड़ी, मिर्जा चौकी, सकरीगली बोरियो, तीन पहाड़ जैसे क्षेत्रों में सदस्यता अभियान चलाया गया। साथ ही राजमहल एवं मिर्जा चौकी में पुलिस-पब्लिक समन्वय बैठकें आयोजित की गईं, जहां व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे।
आगे की योजना बताते हुए उन्होंने कहा कि साहिबगंज में जिला स्तरीय सदस्यों की बैठक आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा अगली वार्षिक आम बैठक [AGM] टाउन हॉल में कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि हर सदस्य अपनी बात सीधे मंच पर रख सके।
श्री अग्रवाल ने कहा, “चैंबर की ताकत उसकी सदस्य संख्या और एकजुटता में है। मेरा उद्देश्य है कि साहिबगंज का हर व्यापारी, चाहे वह बड़ा हो या छोटा, चैंबर से जुड़े और अपनी आवाज बुलंद करे।
साहिबगंज।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण व पशु प्रेमी सैयद अरशद नसर ने शनिवार को झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,रांची के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद व सचिव कुमारी रंजना अस्थाना,राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार,राज्य के गृह सचिव वंदना दादेल,सुदर्शन प्रसाद मंडल,कारा महानिरीक्षक ,झारखंड,रांची, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,साहिबगंज के अध्यक्ष अखिल कुमार व सचिव विश्वनाथ भगत व साहिबगंज जिले के उपायुक्त दीपक कुमार दुबे व पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह व कारा अधीक्षक परमेश्वर भगत को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेज कर साहिबगंज जेल गेट पर उनका जमा नगद रकम,मुलाकाती सामान,मेडिकल रिपोर्ट,बंदी आवेदन पत्र दिलाने का आग्रह करते हुए बीते 15 मई को साहिबगंज जेल गेट पर उनके साथ कई कारा कर्मीयों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार व बदसलूकी करने पर दोषी पर कड़ी कानूनी व विधि सम्मत कार्रवाई की मांग करते हुए उक्त तिथि का सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है ताकि आगे विधि सम्मत कार्रवाई के दौरान साक्ष्य के रूप में काम आवे.अरशद ने पत्र में आरोप लगाया है कि साहिबगंज जेल प्रशासन ने असंवैधानिक तरीके से साहिबगंज जेल से उनका स्थानांतरण बीते वर्ष 13 दिसंबर को मधुपुर जेल करने के दौरान साहिबगंज जेल गेट पर उनका जमा नगद रकम,मुलाकाती सामान,मेडिकल रिपोर्ट,बंदी आवेदन पत्र वापस नहीं किया था.अरशद ने कहा है कि जब तक साहिबगंज जेल गेट पर जमा उनका सामान वापस नहीं मिल जाता है तथा 14 महीने साहिबगंज व मधुपुर जेल में दोनों जेल प्रशासन द्वारा उनका न्यायिक हिरासत के दौरान किए गए भारी शारीरिक,मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न शोषण,अत्याचार व टार्चर के खिलाफ दोषी कारा पदाधिकारी,कर्मी व कक्षपाल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी दंडात्मक कार्रवाई नहीं हो जाती है तब तक उनका जेल प्रशासन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.अरशद ने कहा कि आगे पुरे मामले की जानकारी राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,नई दिल्ली व राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी दी जाएगी दुसरी तरफ अरशद ने पत्र भेजने के साथ ही साथ शनिवार को ही सूचना अधिकार अधिनियम- 2005 के तहत आवेदन भेज कर जन सूचना पदाधिकारी सह कारा अधीक्षक परमेश्वर भगत से बीते 15 मई का साहिबगंज जेल में विभिन्न जगहों में लगें सभी सीसीटीवी कैमरे का फुटेज पेन ड्राइव में व दोषी कारा कर्मी का नाम-पद की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है.अरशद के द्वारा भेजें गये पत्र मांगें गये सूचना व संघर्ष जारी रखना का एलान किया है।
साहेबगंज (मालदा।) 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत, मालदा मंडल द्वारा दिनांक 21 मई 2026 को मुख्य स्वास्थ्य इकाई (एमएचयू), साहिबगंज एवं साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर तपेदिक (टीबी) जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा, डॉ. अनुपा घोष के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ।
मुख्य स्वास्थ्य इकाई, साहिबगंज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का संचालन डॉ. जी.पी. सिंह एवं डॉ. सुचित डी. एस., एडीएमओ/एमएचयू, साहिबगंज द्वारा जिला टीबी इकाई, साहिबगंज के समन्वय से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को तपेदिक, उसकी रोकथाम, शीघ्र पहचान, उपचार तथा समय पर जांच के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में 30 से अधिक रेलवे कर्मचारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा संवादात्मक जागरूकता सत्र से लाभान्वित हुए। अभियान के अंतर्गत जिला टीबी इकाई द्वारा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 25 से अधिक कर्मचारियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जिससे संभावित मामलों की शीघ्र पहचान एवं समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को निम्न विषयों पर जागरूक किया गया:
• तपेदिक के प्रारंभिक संकेत एवं लक्षण।
• समय पर जांच एवं उपचार के पालन का महत्व।
• सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की उपलब्धता।
• टीबी रोगियों हेतु उपलब्ध सरकारी प्रोत्साहन एवं सहायता प्रणाली।
अभियान के क्रम में साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर भी इसी प्रकार का टीबी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका संचालन डॉ. सुचित डी. एस. द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 25 से अधिक रेलवे कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने भाग लिया तथा जागरूकता गतिविधियों से लाभान्वित हुए। इस सत्र में टीबी के लक्षण, जांच की विधियाँ, स्क्रीनिंग प्रक्रिया, डॉट्स थेरेपी तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न प्रोत्साहनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।*
यह कार्यक्रम रेलवे कर्मचारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं साहिबगंज जिला टीबी इकाई के सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जो जनस्वास्थ्य जागरूकता एवं टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।
मालदा। रेल मंडल मालदा ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि रेलवे राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा यात्रियों के बीच वैध टिकट के साथ यात्रा करने के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, मालदा मंडल द्वारा मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में मंडल भर में नियमित टिकट जांच अभियान एवं यात्री हितैषी पहलें निरंतर संचालित की जा रही हैं, ताकि सभी यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
इसी क्रम में, मालदा मंडल द्वारा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मालदा, कार्तिक सिंह के पर्यवेक्षण में साहिबगंज–बड़हरवा खंड में सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया।
इस अभियान के अंतर्गत ट्रेन संख्या 53030 भागलपुर–आजीमगंज पैसेंजर, 13429 मालदा टाउन–आनंद विहार टर्मिनल साप्ताहिक एक्सप्रेस, 15658 ब्रह्मपुत्र मेल, 15734 फरक्का एक्सप्रेस सहित इस खंड में संचालित अन्य ट्रेनों एवं स्टेशनों को कवर किया गया।
वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सहयोग से संयुक्त रूप से यह अभियान संचालित किया, जिसके परिणामस्वरूप अनियमित यात्रा के 180 मामले पकड़े गए तथा 58,580 जुर्माने के रूप में वसूल किए गए।
इसके अतिरिक्त, तालझारी, साहिबगंज, तीनपहाड़, बड़हरवा एवं करणपुरातो स्टेशनों पर “रेलवन ऐप” के प्रति जागरूकता अभियान भी नियमित रूप से चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट बुकिंग हेतु रेलवन ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि सुविधाजनक, निर्बाध एवं पेपरलेस यात्रा को बढ़ावा दिया जा सके। इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों ने ऐप डाउनलोड किया तथा इस पहल के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
मालदा। पूरे देश में 15 मई से 5 जून 2026 तक मनाए जा रहे विश्व पर्यावरण दिवस 2026 अभियान के अंतर्गत, मालदा मंडल पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न जागरूकता एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से अपने सतत प्रयास जारी रखे हुए है। मामले में मालदा मंडल रेल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में अभियान उचित अपशिष्ट पृथक्करण (Waste Segregation), विशेष रूप से जैविक अपशिष्ट प्रबंधन तथा “प्लास्टिक को ना कहें” संदेश के प्रसार पर केंद्रित रहा।
वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (पर्यावरण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन), मालदा, प्रदीप दास के पर्यवेक्षण में न्यू फरक्का, बड़हरवा, हंसडीहा तथा अन्य रेलवे स्टेशनों पर जागरूकता अभियान आयोजित किए गए,* जहाँ रेलवे कर्मचारियों एवं यात्रियों को स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण के महत्व, विभिन्न प्रकार के कचरे हेतु निर्धारित डस्टबिन के उचित उपयोग, जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान की आदतों को अपनाने तथा रेलवे परिसरों को स्वच्छ, हरित एवं टिकाऊ बनाए रखने के लिए एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक जिम्मेदारी एवं जनभागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया तथा सभी हितधारकों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सके।
मालदा मंडल की ये सतत पहलें पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता तथा विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उद्देश्यों के अनुरूप टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने के संकल्प को दर्शाती हैं।
साहिबगंज। ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, साहिबगंज के निवर्तमान अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बुधवार, 20 मई 2026 को सत्र 2026-2028 के लिए अपनी पूरी टीम के साथ चुनाव पदाधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन के दौरान चैंबर के विभिन्न पदों एवं कार्यकारिणी सदस्यों के नाम घोषित किए गए। टीम में अध्यक्ष पद के लिए राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष पद के लिए राकेश कुमार एवं संजय भुवानिया, सचिव पद के लिए मोहित बेगराजका, सहसचिव पद के लिए पिंटू शाह एवं मोहम्मद कैसर अली का नाम शामिल है।इसके अलावा कोषाध्यक्ष पद के लिए विवेक कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है। कार्यकारिणी सदस्यों में रवि पोद्दार, शंकर शाह, नवल किशोर मंडल, प्रकाश झुनझुनवाला, प्रवीण अग्रवाल, राहुल जायसवाल, विकास कौशिक एवं अंकित तमाखुवाला के नाम शामिल हैं।
नामांकन के अवसर पर चैंबर से जुड़े कई व्यापारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने नई टीम को आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
लातेहार। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत दूरस्थ एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है । सीसीएल की बहुप्रशंसित स्वास्थ्य पहल “उपचार आपके द्वार” के अंतर्गत चौथे मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) का शुभारंभ आज सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन ) हर्ष नाथ मिश्र द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (CSR) सिद्धार्थ शंकर लाल सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह पहल सीसीएल की उस सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण था, जिसके माध्यम से कंपनी खनन क्षेत्रों के आसपास बसे ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्षों से सीसीएल अपने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम के माध्यम से दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक लोगों को उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराता रहा है। इसी सेवा भाव को और व्यापक स्वरूप देते हुए “उपचार आपके द्वार” योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचाया जा रहा है।
इससे पूर्व सीसीएल द्वारा आम्रपाली-चन्द्रगुप्त परियोजना के आसपास चतरा एवं लातेहार जिले के 33 गांवों में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट तथा हजारीबाग क्षेत्र अंतर्गत कोटरे-बसंतपुर परियोजना के 20 गांवों में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इन पहलों को ग्रामीणों से मिले सकारात्मक सहयोग और प्रभावशाली परिणामों ने इस अभियान को और विस्तारित करने की प्रेरणा दी है।
नव उद्घाटित चौथा मोबाइल मेडिकल यूनिट सीसीएल के मगध-संघमित्रा क्षेत्र अंतर्गत लातेहार जिले के बारीयातु एवं बालूमाथ प्रखंड के 23 गांवों में आगामी दो वर्षों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इस परियोजना से लगभग 37,000 ग्रामीण प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे, जिनमें परियोजना प्रभावित परिवार भी शामिल हैं। खनन परियोजना के समीप स्थित गणेशपुर पंचायत के आरा-चमातू तथा अमरवाडीह पंचायत के फुलबसिया, बनलात एवं बनवार जैसे गांव भी इस पहल के दायरे में आएंगे।
यह मोबाइल मेडिकल यूनिट आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें सामान्य ओपीडी सेवा, निःशुल्क दवा वितरण, मधुमेह जांच, CBC एवं सामान्य रक्त जांच, टीबी जांच हेतु RT-PCR सुविधा, AI आधारित पोर्टेबल एक्स-रे तथा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्कैनर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डॉक्टर, नर्स एवं कम्युनिटी मोबिलाइजर की टीम के साथ यह यूनिट सप्ताह में छह दिन विभिन्न गांवों का रोटेशन के आधार पर भ्रमण करेगी, ताकि ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उनके निकट उपलब्ध हो सकें।
सीसीएल की यह पहल केवल उपचार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान सुनिश्चित करना तथा “टीबी मुक्त भारत” जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत सहयोग प्रदान करना भी है। आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय से यह पहल उन क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का माध्यम बन रही है, जहां अब तक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित रही है।
सीसीएल अपने CSR प्रयासों के माध्यम से सदैव समावेशी विकास, समुदाय कल्याण एवं हितधारकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। “उपचार आपके द्वार” जैसी पहलें इस प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं तथा यह दर्शाती हैं कि सीसीएल केवल ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।