महागामा: झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महागामा के मेहरमा प्रखंड में विभिन्न महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना एवं जनसुविधा से जुड़ी विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध सरकारी सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
इस दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने लगभग 6 करोड़ की लागत से निर्मित प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, पर्यवेक्षीय एवं तृतीय/चतुर्थ वर्ग कर्मचारी आवास, प्रखंड परिसर के विकास एवं विभिन्न निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया। साथ ही 25.73 लाख की लागत से बनने वाले ब्लॉक परिसर स्थित पार्किंग स्थल और ₹65.62 लाख की लागत से बनने वाले ईटहरी पंचायत के विवाह भवन का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर प्रशासन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और समयबद्ध सेवा वितरण का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय ग्रामीण जनता की उम्मीदों का केंद्र होते हैं। लोग अपनी समस्याओं के समाधान की आशा लेकर इन कार्यालयों में आते हैं। ऐसे में प्रशासनिक पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे हर जरूरतमंद व्यक्ति, महिला, पुरुष और बुजुर्ग को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के लिए सम्मानजनक आवास, कार्यालय और बेहतर कार्य वातावरण की व्यवस्था की है। अब यह अपेक्षा की जाती है कि उसी संवेदनशीलता के साथ अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे।
मंत्री ने कहा मेहरमा के भुस्खा पहाड़ को भी पर्यटन के नक्शे पर लाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो चुका है और जल्द ही उसका शिलान्यास किया जाएगा। जिस प्रकार भगैया पार्क विकसित हुआ है, उसी प्रकार मेहरमा में भी एक नया पर्यटन स्थल विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राशन, पेंशन, आवास, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के बेहतर भविष्य, हरित वातावरण और सामुदायिक सुविधाओं का भी विस्तार करना है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायतों को वर्षों से लंबित पंद्रहवें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने का काम किया गया है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने के बाद पेंशन, राशन, अबुआ आवास और मंईयां सम्मान योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। साथ ही जेएसएलपीएस के माध्यम से महिलाओं को बैंक क्रेडिट लिंकिंग, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है।झारखंड में जेएसएलपीएस की महिलाओं द्वारा बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यन से उगाए गए आम आज विदेशों में निर्यात हो रहे हैं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा भगौया सिल्क को जीआई टैक मिलना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब यह सुनिश्चित होगा कि हमारे बुनकरों को अच्छे दाम मिले।
पीने के पानी की समस्या का उल्लेख करते हुए उदीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कई जलापूर्ति योजनाएँ केंद्र सरकार से समय पर राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रभावित हुईं, लेकिन राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है और जल्द ही इन योजनाओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सभी नल-जल योजनाएँ पूरी तरह चालू नहीं हो जातीं, तब तक पंचायतों को उपलब्ध कराई गई राशि से चापाकलों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और कर्मियों को विशेष जिम्मेदारी निभानी होगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार से प्रखंड कार्यालयों में भीड़ कम हुई है और सरकार का प्रयास है कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए ग्रामीणों को प्रखंड या जिला कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने बताया कि जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्रों के लिए पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इससे पहले पेंशन, मंईयां सम्मान और अबुआ आवास के लिए भी शिविर लगाए गए थे। आने वाले समय में ड्राइविंग लाइसेंस और स्वास्थ्य बीमा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए भी पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएँगे।
उन्होंने कहा कि सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि महागामा, मेहरमा और ठाकुरगंगटी के लोगों को राज्य के अन्य विकसित क्षेत्रों जैसी सुविधाएँ अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें।
रांची : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर रांची प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। इस संबंध में सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्र के आसपास निषेधाज्ञा जारी की है।
जारी आदेश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा 21 जून 2026 को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जुटाकर या अन्य गतिविधियों के माध्यम से विधि-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्त आदेश से दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
परीक्षा केंद्र
परीक्षा का आयोजन में किया जाएगा।
200 मीटर की परिधि में ये गतिविधियां रहेंगी प्रतिबंधित
- पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्र होना (सरकारी कार्य में लगे कर्मियों एवं शवयात्रा को छोड़कर)।
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग।
- किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना।
- लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला, गड़ासा जैसे हथियार लेकर चलना।
- किसी प्रकार की सभा, बैठक या आमसभा का आयोजन।
प्रशासन ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के दौरान जारी निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री ने 18वीं झारखंड स्टेट सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली गोड्डा की उभरती मुक्केबाज से अपने रांची स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने शिक्षा कुमारी को उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि शिक्षा कुमारी ने स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह गोड्डा सहित पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां आज खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शिक्षा कुमारी की सफलता उन सभी युवतियों के लिए प्रेरणादायक संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं।
मुलाकात के दौरान शिक्षा कुमारी ने मंत्री को अपनी तैयारियों, प्रतियोगिता के अनुभवों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि शिक्षा आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड और देश का नाम रोशन करेंगी।
गौरतलब है कि झारखंड बॉक्सिंग एसोसिएशन एवं सरायकेला-खरसावां जिला बॉक्सिंग संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वीं झारखंड स्टेट सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 40-43 किलोग्राम भार वर्ग में शिक्षा कुमारी ने पश्चिम सिंहभूम की खिलाड़ी सिली को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करें।
शिक्षा कुमारी की इस उपलब्धि से गोड्डा जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। उनकी सफलता को झारखंड में महिला खेल प्रतिभाओं के उभरते हुए भविष्य का प्रतीक माना जा रहा है।
हावड़ा : वस्त्र, परिधान, हथकरघा एवं पारंपरिक उद्योगों के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य विभाग तथा शहरी विकास एवं नगर निकाय विभाग से जुड़े मंत्री ने JRGA Foundation की महत्वाकांक्षी “सिल्क कॉरिडोर” अवधारणा का समर्थन करते हुए इसे पूर्वी भारत के वस्त्र एवं रेशम उद्योग के लिए एक दूरदर्शी पहल बताया।
JRGA Foundation के प्रतिनिधिमंडल में संस्था के अध्यक्ष तथा महासचिव शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री उमेश राय को स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पारंपरिक गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच वस्त्र उद्योग, हथकरघा क्षेत्र, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक समुदाय से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कोलकाता की प्रतिष्ठित परिधान इकाई के प्रतिनिधि सहित कई उद्योग प्रतिनिधियों ने भी इस संवाद में भाग लिया।
चर्चा के दौरान मंत्री उमेश राय ने JRGA Foundation द्वारा झारखंड एवं पूर्वी भारत में वस्त्र, परिधान और पारंपरिक उद्योगों के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन, हथकरघा और परिधान उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता रखते हैं। ऐसे में “सिल्क कॉरिडोर” जैसी पहल क्षेत्रीय विकास और कारीगरों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मंत्री ने विशेष रुचि दिखाते हुए कहा कि JRGA Foundation को इस अवधारणा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा करनी चाहिए, ताकि राज्य स्तर पर संभावित सहयोग और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं वस्त्र मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित कराने में सहयोग करेंगे।
JRGA Foundation द्वारा प्रस्तावित “सिल्क कॉरिडोर” का उद्देश्य झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के अन्य रेशम उत्पादक क्षेत्रों को एक साझा आर्थिक एवं औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ना है। इस पहल के तहत रेशम उत्पादकों, बुनकरों, कारीगरों, डिजाइनरों, उद्यमियों और बाजारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे उत्पादन, विपणन और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सके।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि सिल्क कॉरिडोर केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक कला के संरक्षण का भी एक व्यापक अभियान है। इससे हजारों कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच वस्त्र, परिधान, हथकरघा, कौशल विकास तथा रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस संवाद को JRGA Foundation के सिल्क कॉरिडोर अभियान को गति देने और पूर्वी भारत के वस्त्र उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री से सरायकेला-खरसावाँ के ग्राम प्रधान महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली को लेकर समाज में फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी पहल करने की मांग की। साथ ही ग्राम प्रधानों के चयन से संबंधित अपनी मांगों और शंकाओं से भी मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उनकी सभी न्यायसंगत मांगों, सुझावों और शंकाओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली का मुख्य उद्देश्य झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकार प्रदान करना, स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करना है।
मंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं और ग्राम स्वशासन की परंपरा से है। राज्य सरकार इन परंपराओं को संरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य पारंपरिक ग्राम सभाओं को केवल अधिकार संपन्न बनाना ही नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों को उनके अधिकारों, परंपराओं और स्वशासन की भावना के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा ग्राम प्रधानों की भूमिका और अधिकारों को स्पष्ट करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी पक्षों की राय लेकर ऐसा वातावरण तैयार करेगी जिससे किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे और पेसा नियमावली का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
इस अवसर पर श्यामल पांडे, अरूप सिंह, वासुदेव महतो, लक्ष्मण गोप, महादेव सिंह, पद्मलोचन गोप, प्रेमचंद महतो, ज्ञानचंद महतो, कार्तिक चंद्र महतो, रामापति महतो, बी. गोराई, प्रभात रंजन महतो सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बरहरवा। महाविद्यालय बरहरवा में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष थॉमस रॉबर्ट की उपस्थिति एवं कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर की नेतृत्व में चार सूत्री मांगों को लेकर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य द्वारा सिद्धू कानू मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय को ज्ञापन सोपा गया। जिसमें यूजी के नए सत्र की नामांकन, परीक्षा प्रपत्र की तिथि विस्तृत एवं परीक्षा परिणाम में हो रही देरी की माँग शामिल है। ज्ञापन में बताया गया कि
1. यूजी सत्र 2026-30 की नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्दी शुरू किया जाए।
2. यूजी सेमेस्टर- 6 सत्र 2022-26 की परीक्षा प्रपत्र भरने की तिथि विलंब शुल्क रहित विस्तृत किया जाए। केवल 5 दिन में परीक्षा प्रपत्र भरना संभव नहीं है।
3. यूजी सेमेस्टर- 6 सत्र 2022-26 की परीक्षा Memo No.- SKMU/Exam/ 182/26 के अनुसार दिनांक 24 जून 2026 से प्रारंभ हो रही है परंतु इतने कम समय में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की पढ़ाई करना संभव नहीं है, जिससे छात्रों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। कृपया पाठ्यक्रम में कटौती की जाए अर्थात कोई विकल्पिक सुविधा छात्रों को दिया जाए ।
4. यूजी सेमेस्टर- 1 सत्र 2025-29 एवं यूजी सेमेस्टर- 4 सत्र 2023-27 की परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द जारी किया जाए सत्र अधिक विलंब से चल रही है।
कुलपति महोदय से एनएसयूआई ने अनुरोध किया कि उपरोक्त बिंदु पर अभिलंब ध्यान दें एवं त्वरित संज्ञान में लिया जाए।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने बताया कि परीक्षा परिणाम में राज्यपाल के आदेशों घोर उल्लंघन किया जा रहा एवं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। परीक्षा परिणाम 30 दिन के अंदर जारी करने का आदेश है, परंतु महीने दो महीने कभी-कभी 3 महीने भी बीत जाते हैं तब परीक्षा परिणाम आता है। जब छात्रा द्वारा मांग क्या जाता है तभी विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद खुलती है एवं वह अपनी कदम उठाती है। अन्यथा सोई हुई रहती है। परीक्षा प्रपत्र भरने में मात्र 5 दिन का समय दिया गया है जो संभव नहीं है क्योंकि यह ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्र है ज्ञात आर्थिक कमजोरी भी है एवं इतने कम समय में छात्रों द्वारा परीक्षा शुल्क एकत्रित करना संभव नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी का या खराब मानसिकता परीक्षा की तैयारी में मात्र 22 दिन का समय मिल रहा है। छात्रों पर मानसिक तनाव एवं प्रताड़ना है। जब छात्रा द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा निकलती है तो उन्हें झूठी आश्वासन देकर शांत कर दिया जाता है। इसके बावजूद भी छात्र पढ़ाई के साथ-साथ अपने हक और लापरवाह विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ लड़ रही है। सोयेब अख्तर ने अनुरोध किया कि हमारे संथाल परगना के जितने भी जनप्रतिनिधि है ऐसे शैक्षिक समस्याओं को त्वरित संज्ञान में ले एवं इसकी समाधान तथा आलोचना अपने स्तर से अवश्य करें।
मौके पर नगर अध्यक्ष सत्यम यादव, एनएसयूआई सदस्य जसीम अख्तर , शिवम भगत, रेबल इस्लाम, मो मुसलेद्दीन, आशु साह अक्षय भगत, सुरज ठाकुर, रौशन कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।
ब्यूरो। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बैनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा, जहां उनके सामने लोगों ने "चोर-चोर" के नारे लगाए। घटना के दौरान धक्का-मुक्की के साथ किसी चीज से हमला कर दिया गया जिसके बाद सांसद कल्याण बैनर्जी जमीन पर गिर गए और हंगामे की स्थिति बन गई, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन पर पत्थर, अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं तथा यह हमला पूर्व नियोजित था।
सूत्रों के अनुसार, हुगली में कल्याण बनर्जी के कार्यक्रम के दौरान विरोध कर रहे लोगों ने जोरदार नारेबाजी की। "चोर-चोर" के नारों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
लगातार दो दिनों में TMC के शीर्ष नेताओं के साथ हुई इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण और चुनाव बाद तनाव को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। TMC इन घटनाओं को विपक्षी दलों की साजिश बता रही है, जबकि विपक्ष आरोपों को खारिज कर रहा है।
रांची । झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू को मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 मे क्षेत्रीय भाषाओं में मगही अंगिका भोजपुरी को शामिल किए जाने संबंधी विस्तृत लिखित सुझाव सौंपा गया। इस दौरान मांग की गई कि राज्य की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को परीक्षा में उचित स्थान दिया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2008, 2012 और 2016 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में अंगिका, भोजपुरी और मगही जैसी भाषाओं को क्षेत्रीय भाषाओं के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन JTET 2026 की वर्तमान अधिसूचना में इन भाषाओं को स्थान नहीं दिया गया है। इसके अलावा मैथिली जैसी महत्वपूर्ण भाषा को भी परीक्षा से बाहर रखा गया है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों में निराशा है।
मांगकर्ताओं का कहना है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और पहचान को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। आज की युवा पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और क्षेत्रीय-जनजातीय भाषाओं को पढ़ने, लिखने और बोलने का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं में इन भाषाओं के विकल्पों का विस्तार आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जनजातीय भाषाओं की सूची में असुर, बिरहोर और माल्तो जैसी महत्वपूर्ण जनजातीय भाषाओं को शामिल नहीं किया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही संथाल परगना क्षेत्र के किसी भी जिले में कुरमाली भाषा को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल नहीं किया गया है, जबकि इस भाषा को बोलने वालों की संख्या लाखों में है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए सभी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। किसी भी भाषा की उपेक्षा राज्य की सांस्कृतिक पहचान और विरासत के साथ अन्याय है।
ज्ञापन के माध्यम से मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने आग्रह किया गया कि JTET 2026 की अधिसूचना पर पुनर्विचार करते हुए अंगिका, भोजपुरी, मगही, मैथिली, कुरमाली, असुर, बिरहोर, माल्तो सहित अन्य जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को परीक्षा में शामिल किया जाए, ताकि राज्य के सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके और झारखंड की भाषाई विविधता को उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त हो।
ब्यूरो। तेल कंपनी द्वारा हफ़्ते से भी कम समय में चौथी बार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी करने के बाद रांची, लखनऊ और पटना के लोगों ने बढ़ते आर्थिक बोझ पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है और इससे महंगाई और बढ़ेगी।
सोमवार को जारी ताज़ा दरों के अनुसार, झारखंड में पेट्रोल की औसत कीमत 103.28 रु प्रति लीटर और डीज़ल 98.23 रु प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल 99.20 रु और डीज़ल 92.56 रु प्रति लीटर तथा बिहार में पेट्रोल 112.18 रु और डीज़ल 98.24 रु प्रति लीटर दर्ज किया गया।
लोगों ने कहा कि ईंधन की कीमतों में हालिया बदलाव से न सिर्फ़ आना-जाना महंगा होगा, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ने से सब्ज़ियों, अनाज और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की कीमतें भी बढ़ जाएंगी।
रांची में आने-जाने वाले लोगों ने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों का असर घर के हर खर्च पर पड़ रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “इसका असर बहुत ज़्यादा है। सब कुछ महंगा हो गया है। अगर डीज़ल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर आने-जाने और खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर पड़ता है। टमाटर की कीमतें पहले से ही ज़्यादा हैं। जब ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, तो आलू और प्याज़ जैसी सब्ज़ियों से लेकर आटा और चावल तक सब कुछ महंगा हो जाता है। आम लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है।”
कुछ लोगों ने सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नाराज़गी भी जताई। उनका कहना था कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
रांची। झारखंड में लंबे समय से सड़क निर्माण का काम पूर्ण नहीं करने वाली एजेंसी या संवेदकों को अब नया काम मिलना आसान नहीं होगा । ग्रामीण कार्य विभाग राज्य भर में ऐसे सभी सड़कों की सूची तैयार कर डिबार की प्रक्रिया तेज करेगी । इतना ही नहीं काम में देरी कर रेट रिवीजन की चालाकी को भी विभाग ने गंभीरता से लिया है । हाल के महीनों में रेट रिवीजन होनी वाली योजनाओं को विभाग खंगालने का काम करेगी । ये निर्देश राज्य की ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित झारखंड सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीच्यूट के सभागार में ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिया है ।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सड़क और पुल निर्माण योजना की जिलावार जानकारी ली । मैराथन समीक्षा के दौरान ये बात स्पष्ट तौर पर सामने आई कि लंबे समय से कई जिलों में सड़क की निर्माण की योजना लंबित है । समय अवधि के अंदर काम पूरा नहीं करने के बावजूद ऐसी एजेंसी या संवेदकों के द्वारा सड़क निर्माण से जुड़ी दूसरी योजनाएं ली जा रही है । ऐसे में एक ही एजेंसी या संवेदकों के नाम कई काम लंबित है । विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य भर में ऐसी एजेंसी और संवेदकों की सूची तैयार कर उन्हें डिबार करने की प्रक्रिया बढ़ाई जाए । दरअसल कई बार रेट रिवीजन का लाभ लेने के उद्देश्य से ही काम को लंबित रखने की बात सामने आ चुकी है । समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को ये निर्देशित किया गया कि ऐसी एजेंसी और संवेदकों को नया काम नहीं दिया जाएगा ।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता से कही कोई समझौता नहीं होगा । सड़क निर्माण और पुल निर्माण से संबंधित किसी भी तरह की कोई अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए । उन्होंने झारखंड के माननीय विधायकों के द्वारा विभाग को भेजे गए लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए , उस पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है । उन्होंने कहा कि चाहे सड़क निर्माण में अनियमितता से संबंधित आवेदन हो या नई सड़क के निर्माण की मांग हो , माननीय विधायकों के आवेदन पर समय सीमा के अंदर पहल की जाए । शिकायतों पर पत्राचार की खानापूर्ति के बजाय आवश्यक जांच करने की जरूरत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बारिश से पहले राज्य के क्षतिग्रस्त पुलों की सूची तैयार कर , उसे दुरुस्त करने का काम तेज किया जाए । उन्होंने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ऐसे पुल का निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया ।
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के 6 जिलों में पलाश मार्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है । इसके लिए जिलों में जमीन चिन्हितिकरण का काम जिला प्रशासन की मदद से पूर्ण किया जाएगा । हाल के दिनों में पलाश ब्रांड के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने के साथ बाजार में मांग भी बढ़ी है । समीक्षा के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य की दीदियों को रोजगार से जोड़ने का मतलब सिर्फ उन्हें किराना की दुकान तक सीमित रखना नहीं है , बल्कि महिलाएं कैसे उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़े इस रणनीति के साथ कार्य योजना तैयार करने की जरूरत है । इसके लिए भी जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त पहल कर ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है । राज्य में अबुआ आवास के लाभुकों को उनका अंतिम किस्त दे कर उनके आशियाना का सपना साकार करने पर जोर दिया गया । अबुआ आवास के लिए इस बजट में 41 सौ करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है । समीक्षा बैठक के दौरान ये बात सामने आई की राज्य में अब बहुत कम घर ही ऐसे बचे है जहां SHG से जुड़ी कोई महिला सदस्य ना हो । राज्य भर में SHG ग्रुप की संख्या 3 लाख 19 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है । जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वावलंबन के नजरिए से बेहतर संकेत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समीक्षा बैठक के क्रम में JSLPS के काम से संतुष्ट नजर नहीं आई । उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के साथ - साथ JSLPS के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्देश दिया है । मनरेगा की योजनाओं की समीक्षा के क्रम में ये बात सामने आई की वी बी ग्राम जी योजना के लागू होने से झारखंड पर 1700 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा ।
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कहा कि एक से डेढ़ साल तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करने वालों की सूची जिला स्तर से मुख्यालय को भेजी जाए । इसके साथ ही रेट रिवीजन को लेकर भी एक SOP तैयार किया जाएगा , ताकि काम में देरी कर लाभ लेने वालों को रोका जा सके । सचिव ने विभागीय अधिकारियों को काम का स्थल निरीक्षण करने को भी कहा है । समीक्षा बैठक में मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहें ।
शेखपुरा।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पशु व पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने मंगलवार को जिले के जिला पदाधिकारी शेखर आनन्द, पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी,अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डाँ.राकेश कुमार,शेखपुरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार व अन्य को आवेदन देकर असमाजिक तत्वों द्वारा किए जा रहे गौ तस्करी,गौ वध व आगामी बकरीद पर्व पर संभावित गौ वध पर सख्ती के साथ रोक लगाने व ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ़ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की मांग की है.अरशद ने कहा कि बिहार सरकार ने पशु संरक्षण व सुधार अधिनियम -1955 के तहत पुरे राज्य मे गौ वध पर पुर्ण रूप से प्रतिबन्ध लागू करते हुए इसे संज्ञेय अपराध के श्रेणी में रखा है.अरशद ने बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए व कानून रोक के चलते तथा देश के सभी मुस्लिम धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं व इरादे की अपील व फतवे के मद्देनजर मुस्लिम समुदाय से आगामी बकरीद पर्व पर गाय की कुर्बानी से अलग रहने का आह्वान करते हुए आपसी भाईचारा व सौहार्द बनाएं रखनें की अपील की है तथा आगे भी गौ वध से बचने की सलाह दी है. अरशद के इस पहल से गौ तस्करों में हड़कंप व खलबली मच गया है तो दूसरी तरफ़ गौ भक्तों व पशु प्रेमियों ने अरशद के इस कदम की सरहाना की है.अब देखने की बात होगी की जिला पुलिस-प्रशासन अरशद के आवेदन पर गौ वध के रोक थाम के लिए किया कदम उठाती है.विदित हो कि अरशद ने इससे पुर्व भी गौ वध व तस्करी पर रोक को लेकर अभियान चलाया था।
रांची । 14 महीने पर जेल से बाहर आने के बाद चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर सोमवार को राज्य की राजधानी रांची पहुंच कर भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर कारोबारियों,माफियाओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ़ अभियान छेड़ दिया.अरशद ने सोमवार को हाईकोर्ट, लोकायुक्त,सीबीआई,ईडी, एसीबी,जेल आईजी,प्रदुषण बोर्ड,सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग का दौरा कर भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर कारोबारियों,माफियाओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ़ जेल जाने से पुर्व व जेल से निकलने के बाद स्पीड पोस्ट से भेजे व दिए आवेदन पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी लेने के साथ ही साथ नये तथ्यों से भी अवगत कराया,जहां अरशद को ठोस कार्रवाई का आश्वासन मिला.विदित हो कि साहिबगंज जिला के खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू के द्वारा अरशद के खिलाफ़ सरकारी काम में बाधा,रंगदारी, भयादोहन,ब्लैकमेल व एससी-एसटी एक्ट के तहत जिरवाबड़ी थाना मे कांड संख्या -104/24 तथा 204/24 दर्ज कराया था,जिसके पश्चात पुलिस ने अरशद को आनन-फानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था,जहां से अरशद हाल ही में नियमित जमानत पर बाहर आएं हैंं.जेल अवधि के दौरान साहिबगंज व मधुपुर जेल में भ्रष्ट जेल-प्रशासन के खिलाफ़ अरशद द्वारा किए गए आंदोलन भी चर्चा का विषय बना रहा,जिस को लेकर अरशद ने करीब 94 बिंदु पर जेल आईजी से सुचना की मांग की है साथ ही झुठा केस दर्ज कराने वाले डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू,झुठा केस को अनुसंधान व पर्यवेक्षण में सत्य करार देने वाले केस के अनुसंधानकर्ता दीपक दीपक क्रिएशन,लव कुमार व पर्यवेक्षण पदाधिकारी सह साहिबगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी किशोर तिर्की व अन्य के खिलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने व विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है साथ ही जिले में व्याप्त अवैध खनन,परिवहन व स्टोन क्रशर के खिलाफ़ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की है.अरशद द्वारा सोमवार को उपरोक्त केंद्रीय व राज्य जांच एजेंसी के साथ ही हाईकोर्ट,लोकायुक्त व अन्य राज्य स्तरीय विभाग का दौरा करने से भ्रष्ट पुलिस प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर कारोबारियों,माफियाओं व असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है तो दूसरी तरफ़ सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखी जा रही है.अरशद ने दहाड़ते हुए कहा है कि जेल जाने से उनका मनोबल गिरने के बजाय और ऊपर उठा है व भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर कारोबारियों,माफियाओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ़ उनका आंदोलन व संघर्ष अब और तेज़ होगा व न रोकें हैं न रोकेंग न झुकें हैं न झुकेंगे न डरें हैं न डरेंगे बल्कि उनका संघर्ष अनवरत बिना किसी डर-भय के आगे भी ज़ारी रहेगा.
नई दिल्ली/रांची: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पीएमएलए एक्ट के तहत दर्ज मामले में उन्हें जमानत दे दी है। उनके साथ उनके निजी सचिव संजीव लाल को भी बेल मिली है।
करीब दो साल से जेल में बंद आलमगीर आलम के लिए यह फैसला बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। सुप्रीम Court के आदेश के बाद अब उनके जल्द जेल से बाहर आने की संभावना जताई जा रही है।
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
छापेमारी में मिले थे 32.2 करोड़ रुपये कैश
गौरतलब है कि 6 मई 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। इस दौरान आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से करीब 32.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इस बरामदगी ने पूरे राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया था।
15 मई 2024 को हुई थी गिरफ्तारी
छापेमारी और शुरुआती जांच के बाद 15 मई 2024 को ईडी ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी टेंडर आवंटन के बदले कमीशन वसूलने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। इसी कथित नेटवर्क के जरिए अवैध धन लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया गया।
ईडी के अनुसार, यह पूरा मामला सरकारी योजनाओं और टेंडरों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसकी जांच लंबे समय से चल रही थी।
राजनीतिक हलचल तेज
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इसे कानूनी राहत और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, जबकि विपक्ष इसे गंभीर आरोपों से जुड़ा मामला बताते हुए सवाल उठा रहा है।
ब्यूरो। आसनसोल से अजीब मामला सामने आया है जहां आस्था जब राजनीति से जुड़ जाती है, तो नजारे कुछ अलग ही देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक अनोखा दृश्य पश्चिम बंगाल के आसनसोल दक्षिण में देखने को मिला, जहां स्थानीय निवासी सोमू भंडारी इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
9 मई को सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सोमू भंडारी ने अपनी वर्षों पुरानी मन्नत पूरी करने के लिए करीब 2 किलोमीटर तक दंडवत प्रणाम करते हुए घाघर बूढ़ी काली मंदिर तक यात्रा की और मां काली के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
क्या थी सोमू भंडारी की मन्नत?
सोमू भंडारी ने बताया कि राज्य में बढ़ती हिंसा, भ्रष्टाचार और दबंगई से वे बेहद परेशान थे। उन्होंने कहा,
"कुछ समय पहले मैं बाराबनी में अपने रिश्तेदार के घर गया था। वहां का माहौल देखकर मन काफी आहत हुआ। तभी मैंने ठान लिया कि बंगाल में बदलाव जरूरी है।"
इसके बाद उन्होंने घाघर बूढ़ी काली मंदिर पहुंचकर मां से चार शर्तों वाली मन्नत मांगी थी—
- बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो
- बीजेपी की सरकार बने
- सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनें
- बाराबनी से अर्जित राय बीजेपी विधायक बनें
4 मई को पूरी हुई मन्नत
4 मई को आए चुनाव परिणामों में बीजेपी को 207 सीटें मिलीं। सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने और बाराबनी सीट से अर्जित राय ने जीत दर्ज की।
चारों शर्तें पूरी होते ही सोमू भंडारी ने अपना प्रण निभाने की तैयारी शुरू कर दी।
2 किलोमीटर की दंडवत यात्रा
रविवार सुबह सोमू भंडारी अपने घर से दंडवत यात्रा पर निकले। करीब 2 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए वे घाघर बूढ़ी काली मंदिर पहुंचे। इस दौरान रास्ते में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उनके साथ जुड़ते गए।
मंदिर पहुंचकर उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की और मां काली का आशीर्वाद लिया।
"यह आस्था और विश्वास की जीत है"
सोमू भंडारी ने कहा,
"यह सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास की जीत है। मां काली ने मेरी पुकार सुन ली। अब बंगाल बदलेगा।"
मंदिर के पुजारी ने भी कहा कि इतनी लंबी दंडवत यात्रा उन्होंने वर्षों बाद देखी है।
चर्चा का विषय बना संकल्प
सोमू भंडारी की श्रद्धा और संकल्प अब आसनसोल से लेकर बाराबनी तक चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे आस्था, राजनीति और व्यक्तिगत विश्वास का अनोखा संगम बता रहे हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल आर एन रवि द्वारा पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल को भंग किए जाने के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यकाल समाप्त हो गया है और अब राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को बंगाल की राजनीति का बड़ा मोड़ माना जा रहा है। राज्यपाल के इस कदम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, नई सरकार के गठन को लेकर जल्द ही भाजपा राजनीतिक दल की बैठकों का दौर शुरू होने वाला है जहां 8 मई को विधायक दल का नेता चुना जाना है। भाजपा इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा रउरांव ने मुख्यमंत्री झारखंड सरकार, एवं उपायुक्त रांची को शहीद बिरसा मुंडा को न्याय दिलाने हेतु पत्र लिखा है ।हाल ही में 24 अप्रैल 2026 को जगन्नाथपुर मंदिर परिसर में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी बिरसा मुंडा की दुखद हत्या की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय घटना से उनके परिवार पर गहरा दुख एवं आर्थिक संकट आ पड़ा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं प्रतिनिधिमंडलों द्वारा भी इस मामले में न्याय एवं सहयोग की मांग की गई है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि—
1. शहीद बिरसा मुंडा के परिवार के कम से कम दो सदस्यों को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
2. परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 50 लाख (पचास लाख रुपये) का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए।
3. दोषियों को शीघ्र एवं कठोरतम सजा दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
4. मंदिर परिसर के आसपास झोपड़ी में रह रहे सभी गरीब परिवारों को साहू ग्रुप के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें।महोदय, यह सहायता न केवल पीड़ित परिवार को संबल देगी, बल्कि समाज में न्याय और विश्वास को भी मजबूत करेगी तथा क्षेत्र के गरीब परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगी।अतः आपसे पुनः निवेदन है कि इस विषय में सहानुभूतिपूर्वक एवं शीघ्र निर्णय लेने की कृपा करें।
रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने प्रेस बयान जारी कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से पूछा कि क्या सरना धर्म कोड मिलने से आदिवासियों को संविधान में लिखा 26 अनुच्छेदों में जो हक अधिकार प्राप्त है वह बरकरार रहेगा इस बाबत आप कैबिनेट से एक चिट्ठी निर्गत करें कि सरना धर्मकोड मिलने से 26 अनुच्छेदों से मिलने वाले हक अधिकार मिलते रहेंगे चूंकि सरना धर्म कोड की मांग चर्च की मांग है जिस दिन यह कोड मिल जाता है सभी जनजाति अल्पसंख्यक हो जाएंगे और 26 अनुच्छेदों का हक अधिकार छिन जाएगा। सन 1945 में चाईबासा की जगन्नाथपुर धर्म सम्मेलन में सर्वप्रथम सरना की बात आई वहीं से धीरे-धीरे सरना का प्रचलन हुआ, लोगों की मांग को देखते हुए सन 2013 में माननीय पूर्व सांसद सुदर्शन भगत जी ने सरना धर्म कोड की मांग की l केंद्र से जवाब आया यह संभव नहीं है। 2015 में पूर्व विधायक एवं मंत्री माननीय देव कुमार धान जी ने भी सरना धर्म कोड की मांग की, केंद्र से जवाब आया यह संभव नहीं है क्योंकि 105 छोटे-छोटे पथ अलग-अलग कोड की मांग कर रहे हैं यदि सभी को अलग-अलग कोड दिया जाए तो भारत टुकड़े-टुकड़े में बट जाएगा और इसी प्रकार समय बिता गया और वर्ष 2020 में चर्च की मांग पर विशेष सत्र बुलाकर आनन फानन में विधानसभा से सरना धर्मकोड आदिवासी/ धर्मकोड को पारित कर बिना महामहिम के हस्ताक्षर कराए सीधे दिल्ली भेज देना संविधान को हनन करते हुए लोगों के साथ छल करना और यह कहना कि आप सरना कोड मांग किया हमने पारित कर केंद्र भेजा ,अब केंद्र नहीं माना तो मैं क्या करूं पुनः लोगों को 2025 में यह कहना कि सरना धर्मकोड को पास कर राज्यपाल से हस्ताक्षर कराकर केंद्र भेजेंगे फिर वही छल की हम सरना धर्म कोड के लिए महामहिम एवं राज्यपाल को चिट्ठी लिखे हैं कि जनगणना में अलग सरना धर्म तालिका होना चाहिए जबकि भारत की सभी जनजातियों के लिए हिंदू धर्म के अभिन्न अंग या श्रेणी में होने का कारण हिंदू धर्म के अंतर्गत रखा है और सभी जनजाति हिंदू है जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 13, 17 ,25 ,340, 341 342, में हिंदू कहा गया है जिसके अंतर्गत निम्नलिखित कानून बनाए गए हैं 1. सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम1955
2 हिंदू विवाह अधिनियम 1955
3 हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956
4. हिंदू आप प्राप्त व्याप्त एवं संरक्षता अधिनियम 1956
5. हिंदू दत्तक पुत्र एवं भरण पोषण अधिनियम 1956
6. अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989
7. पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार अधिनियम 1996
8. राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित बीपी मंडल आयोग प्रतिवेदन अधिनियम 1990
9. झारखंड पंचायती राज अधिनियम 2001
जो सभी जनजाति हिंदू होते हुए भी अपनी अपनी रीति रिवाज कस्टम रूढ़ि प्रथा से फॉलो होते हैं ।क्योंकि संविधान में सरना, आदिवासी ,आदि, एवं सनातन धर्म अंकित नहीं है इसलिए जनगणना हो रहा है कॉलम में धर्म के स्थान पर ईसाई मुस्लिम को छोड़कर सभी लोगों से हिंदू लिखने का आग्रह किया विशेष कर जनजाति समाज से आग्रह करते हुए कहा कि अपना अपना हक अधिकार एवं बच्चों के भविष्य नौकरी को देखते हुए हिंदू ही लिखे अन्य दूसरा कोई नहीं लिखे ।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 में आदिवासी/सरना धर्म को अलग पहचान देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने जनगणना में सरना धर्म कोड को पृथक श्रेणी के रूप में शामिल करने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि झारखंड समेत देशभर के आदिवासी समुदाय लंबे समय से सरना धर्म को अलग पहचान दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनगणना में अलग कोड मिलने से आदिवासी समाज की वास्तविक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दर्ज हो सकेगी।
पत्र में सीएम ने यह भी उल्लेख किया कि 2027 की जनगणना देश के विकास और नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में आदिवासी समाज की पहचान को सही तरीके से दर्ज करना आवश्यक है, ताकि भविष्य की योजनाएं तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर बनाई जा सकें।
झारखंड सरकार पहले भी विधानसभा से इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज चुकी है। अब मुख्यमंत्री के इस पत्र के बाद एक बार फिर सरना धर्म कोड का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
आदिवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे समाज की सांस्कृतिक अस्मिता और अधिकारों की दिशा में अहम पहल बताया है।
रांची। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, रांची स्थित मुख्यालय के गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दरभंगा हाउस परिसर स्थित शहीद स्मारक पर वीर शहीद कोल कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुई।
सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में निदेशकगण- पवन कुमार मिश्रा (वित्त), हर्ष नाथ मिश्र (मानव संसाधन), श्री चंद्र शेखर तिवारी (तकनीकी/ऑपरेशन), अनुप हंजुरा (परियोजना एवं योजना), पंकज कुमार (मुख्य सतर्कता अधिकारी), क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, मुख्यालय के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीदों को नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
निलेंदु कुमार सिंह, सीएमडी, सीसीएल ने नवनिर्मित वर्किंग वॉशरी मॉडल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वॉशरी मॉडल से सम्बंधित कई प्रश्न किए और जानकारियां भी साझा की।
इसके पश्चात सभी ने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस थीम पर बने एक सेल्फी पॉइंट पर समूह चित्र भी खिंचवाया, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेते हुए यादगार तस्वीरें खिंचवाईं।
इसके पश्चात सीसीएल सभागार में सीआईएल कॉरपोरेट गीत के साथ दीप प्रज्वलन कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें सभी श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
अपने संबोधन में सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह ने सभी कर्मियों को श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब हम वातानुकूलित सभागार में कार्यक्रम कर रहे हैं, उसी समय हमारे कोल योद्धा खदानों में कार्यरत हैं और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कठिन परिस्थितियों में भी अपना योगदान दे रहे हैं, उन्हें मेरा सादर प्रणाम।
उन्होंने जानकारी दी कि बी एंड के, बरका-सयाल एवं अरगडा क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक सर्वाधिक उत्पादन दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त कंपनी ने भूमि के बदले 216 रोजगार प्रदान किए हैं तथा राजहरा ओपन कास्ट परियोजना का पुनः संचालन प्रारंभ किया गया है। उन्होंने पर्यावरण, सीएसआर एवं अन्य क्षेत्रों में कंपनी की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।
इसके अलावा सभी निदेशकगण, सीवीओ सर, जेसीएससी के केंद्रीय सचिव ने सभा को संबोधित किया। सभी ने श्रमिकों के समर्पण, साहस और उनके बलिदान को याद किया तथा कंपनी और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्मियों को पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने की बात कही।
इस अवसर पर ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि, सीएमओएआई, जेसीएससी, सेफ्टी बोर्ड, कल्याण विभाग, एसटी/एससी/ओबीसी काउंसिल, प्रेस प्रतिनिधि, महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम:
कार्यक्रम के दौरान डी ए वी स्कूल के बच्चों द्वारा गणेश वंदना, गायन तथा आशा भोसले को समर्पित नृत्य प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया और सांस्कृतिक विविधता को मंच पर सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
सीसीएल का ताऊ” – एआई अवतार हुआ लॉन्च
श्रमिक दिवस के अवसर पर एआई अवतार “सीसीएल का ताऊ” लॉन्च किया गया। सीसी एंड पीआर विभाग के विभागाध्यक्ष श्री आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि यह सीसीएल का AI अवतार कंपनी की नीतियों, परियोजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी रोचक तरीकों से साझा करने का माध्यम बनेगा।
‘उत्कर्ष’ पत्रिका का लोकार्पण:
कार्यक्रम में सीसीएल की वार्षिक पत्रिका ‘उत्कर्ष’ का लोकार्पण किया गया, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियों एवं कर्मचारियों की रचनात्मक अभिव्यक्तियों को स्थान दिया गया है।
पुरस्कार वितरण समारोह:
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों एवं एरिया इकाइयों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी निष्ठा, परिश्रम एवं संगठन के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
महाप्रबंधक (पी एंड आईआर) प्रतुल कुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रम शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
राँची/ बजरंग दल झारखण्ड प्रान्त के प्रान्त संयोजक रंगनाथ महतो ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि विगत दिनों राँची के धुर्वा स्थित प्रदेश के प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ स्वामी मन्दिर गर्भ गृह के प्रहरी बिरसा मुंडा के तीन हत्यारों को राँची जिला प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया है तथा एक हत्यारे की सघन तलाश की जा रही है। प्रशासन शीघ्र हत्या की पुरी गुथी सुलझाय। साथ ही मृतक के एक आश्रित को सरकारी नौकरी एवं परिवार को उचित मुआवजा देकर ढाढ़स बंधाए। आगे प्रान्त संयोजक रंगनाथ महतो ने कहा कि कुछ लोग मृतक बिरसा मुंडा की लाश पर राजनीति कर अपना चेहरा चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। हिन्दू संगठनों के खिलाफ अनर्गल बयान दे रहे हैं रहे हैं जो उचित नहीं है। हमारा काम सभी प्राचीन भारतीय समाज को, सभी प्रकृति पूजक समाज को जोड़ने का है, तोड़ने का नहीं। चुंकि घटना प्रदेश के प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर और मृतक मुंडा जनजाति समाज की बात है इसलिए इसे चर्च प्रेरित नेताओं व नेत्रियों द्वारा हवा देने की कोशिश की जा रही है। ताकि इनकी सरना और सनातन के बीच विद्वेष फैलाने की मंसा पूर्ण हो सके। परन्तु दुःख के इस कठिन समय में पूरा हिन्दू समाज मृतक के परिवार जनों के साथ खड़ा है। और इनके किसी भी षडयंत्र का शिकार सरना सनातन धर्मवालम्बी कभी नहीं होंगे।
रांची: बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रशासनिक और पुलिस सेवा में नव पदस्थापित अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई, जहां अधिकारियों ने अपने नए दायित्वों को लेकर मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मुलाकात करने वाले अधिकारियों में उपायुक्त चतरा रवि आनंद, उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज, उपायुक्त गढ़वा अनन्य मित्तल, उपायुक्त पाकुड़ मेघा भारद्वाज, उपायुक्त गोड्डा लोकेश मिश्रा, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामगढ़ मुकेश कुमार लुनायत तथा पुलिस अधीक्षक गढ़वा आशुतोष शेखर शामिल थे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं और राज्य में बेहतर प्रशासन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का निर्देश दिया।
साहिबगंज । जिला के 37वें उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (2019 बैच) के अधिकारी दीपक कुमार दुबे ने विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया।
समाहरणालय परिसर में आयोजित एक सादे किंतु गरिमामय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पदभार संभालते हुए जिले के सर्वांगीण विकास एवं सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत उपायुक्त श्री दुबे ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं त्वरित निष्पादन पर विशेष बल देते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आधारभूत संरचना एवं कानून-व्यवस्था के क्षेत्रों में निरंतर सुधार हेतु ठोस पहल की जाएगी। साथ ही, आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
इस अवसर जिले के तमाम पदाधिकार सहित मीडिया कर्मी उपस्थित थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा जिला प्रशासन, चतरा (झारखंड) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल सीसीएल की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य आदिम जनजातीय समूह (PVTGs) के जीवन स्तर में समग्र सुधार लाना है।
इस समझौते के अंतर्गत चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड स्थित धुना पंचायत में निवासरत बिरहोर समुदाय के 28 परिवारों के आवासों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। इस परियोजना के लिए सीसीएल द्वारा ₹28,49,700/- (अट्ठाईस लाख उनचास हजार सात सौ रुपये) की राशि जिला प्रशासन, चतरा को उपलब्ध कराई जाएगी।
एमओयू पर सीसीएल की ओर से श्री संजीव कुमार, महाप्रबंधक, आम्रपाली चंद्रगुप्त क्षेत्र तथा जिला प्रशासन, चतरा की ओर से जिला खनन पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी (CSR), श्री मनोज टोप्पो द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर जिला प्रशासन, चतरा की ओर से उपायुक्त सुश्री कीर्तिश्री, उप-विकास आयुक्त श्री अमरेंद्र कुमार सिन्हा एवं योजना पदाधिकारी श्री शिशिर पंडित सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
यह पहल बिरहोर समुदाय को सुरक्षित एवं टिकाऊ आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीसीएल, सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में निरंतर सार्थक पहल कर रही है। उनके मार्गदर्शन में बिरहोर जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के जीवन स्तर में सुधार हेतु आवास सुदृढ़ीकरण जैसी योजनाएं न केवल उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करती हैं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सशक्त जीवन की ओर अग्रसर करने का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं। यह पहल दर्शाती है कि सीसीएल विकास के साथ-साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक पहुंचने के अपने संकल्प के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पटना: बिहार के नए मुख्यमंत्री बनेंगे सम्राट चौधरी इसकी पुष्टि हो चुकी है, 14 अप्रैल को पटना में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक आयोजित हुई जहां केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा नाम पेश किया गया इसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में विधायकों ने सर्वसम्मति से फैसले पर मोहर लगा दी। मालूम के नीतीश कुमार लगभग 20 वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बाद उन्होंने 14 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया । वही सम्राट चौधरी के विधायक दल के नेता बनने के बाद 15 अप्रैल को शपथ लेने की बात सामने आ रही है।
चाईबासा। झारखंड में मुखिया सम्मेलन की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज चाईबासा में आयोजित कोल्हान प्रमंडल मुखिया सम्मेलन 2026 में बाल हितैषी, स्वस्थ, महिला हितैषी, स्वच्छ एवं हरित तथा सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायतों के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन जमीनी प्रयासों की पहचान है, जो गांवों को आत्मनिर्भर, संगठित और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 25 वर्षों से लंबित पेसा नियमावली को लागू कर झारखंड सरकार ने पारंपरिक ग्राम सभाओं को वैधानिक अधिकार प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करता है। इससे न केवल प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को मजबूती मिली है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना को जनभागीदारी के माध्यम से पुनर्स्थापित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि पेसा नियमावली के तहत महिलाओं को ग्राम सभा के सचिव पद पर नियुक्ति का प्रावधान राज्य में लैंगिक समानता को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनेगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर दिख रहे सकारात्मक परिवर्तन इस बात का प्रमाण हैं कि विकास अब केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय नेतृत्व, पारदर्शिता और सामूहिक सहभागिता पर आधारित एक सतत प्रक्रिया बन चुका है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार पंचायतों को प्रशासनिक इकाई से आगे बढ़ाकर विकास, सेवा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध और समर्पित है।
रांची । झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची की बैठक सेक्टर 3 ए टाइप धुमकुड़िया प्रांगण में समिति की मासिक बैठक के साथ सामूहिक विवाह एवं आगामी 24 मई 2026 को सांस्कृतिक समागम नई दिल्ली के लाल किला मैदान में होने वाले अर्थात डीलिस्टिंग महारैली में शामिल होने के लिए विचार मंथन किया गया है।
मेघा उरांव ने बताया कि संगठन की ओर से झारखंड से रांची, टाटानगर और दुमका से रिजर्व ट्रेन बुक हो रही है जिसमें झारखंड से हजारों लोग प्रस्थान करेंगे इसी तरह प्रत्येक राज्य से ट्रेन बुक हो रही है हजारों जनजाति समाज का समागम होगा और केंद्र सरकार का आंख खोलने का काम किया जाएगा अब बहुत हो गया जितना जल्दी हो सके धर्म परिवर्तित लोगों का आरक्षण और सूची से बाहर करने के लिए जिस तरह 341 में प्रावधान है उसी प्रकार 342 में भी प्रावधान हो ।
जनजातीय सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा है कि अभी तक रिपोर्ट है कि पूरे देश भर में लगभग दो लाख पंजीयन दिल्ली जाने के लिए हो चुका है। इसके लिए अब प्रचार प्रसार दीवार लेखन पोस्टर बैनर बाइक रैली इत्यादि के साथ-साथ एक साथ अपने देवी देवताओं की पूजा अर्चना के साथ-साथ अपने पारंपरिक वाद्य यंत्र के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे !
इस बैठक में मेघा उरांव लुथुरू उरांव, चंदा कच्छप, बिरसा भगत, जय मंत्री उरांव, राजु उरांव, कंचन होरो, महेश उरांव, वृंदावन उरांव , कुमुदिनी लकड़ा, सोनवा देवी,अंजली खलखो, रोपनी मिंज, मोनी तिर्की, लालमुनी देवी, सुशीला उरांव, तारक रजक, कावेरी देवी, एवं अन्य लोग उपस्थित थे।
रांची। 7 अप्रैल की संध्या समय करीब शाम 6.45 बजे ग़स्ती दल के द्वारा सूचना प्राप्त हुयी कि हरिहर सिंह रोड स्थित प्रीति ज्वेलर्स में लूटपाट की घटना हुयी है। अविलम्ब इसकी सूचना वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची को दी गयी। प्राप्त सूचना पर वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची घटना के उदभेदन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये पुलिस अधीक्षक नगर, रॉची के निर्देशन में छापामारी टीम का गठन किया गया एवं छापामारी प्रारंभ की गयी। छापामारी के कम में पुलिस उपाधीक्षक, सदर के नेतृत्व में थाना प्रभारी बरियातु एवं सदर तथा अन्य पदाधिकारी एवं तकनिकी शाखा प्रभारी के संयुक्त प्रयास से घटना में संलिप्त तीनों अपराधियों को लूट के सारे सामान, घटना में प्रयोग किये गये दोनो बाईक एवं घटना में प्रयुक्त हथियार गोली को बरामद किया गया। इस सबंध में बरियातु थाना कांड सं0-66/26 दिनांक-07.04.2026 धारा-309(4) BNS दर्ज किया गया है।
बरामदगीः
1. TVS राईडर मोटरसाईकिल सं०-JH10CM 2392
2. पल्सर 125 सी.सी मोटरसाईकिल सं०-BR46T 7371
3. मोबाईल फोन-05 पीस
4. सोना दुकान से लूटा हुआ सारा सोना/चाँदी,
5. एक देशी पिस्टल, दो मैग्जीन, चार जिन्दा कारतुस,
गिरफतार व्यक्तियों की सूची-
1. आशुतोष कुमार उम्र-26 वर्ष पिता बहादुर वर्णवाल पता ग्राम सिहोडी पोस्ट-सिरसिया
थाना-मुफसिल जिला-गिरीडीह
2. महेश कुमार वर्मा उम्र-22 वर्ष पिता ठाकुर महतो पता ग्राम-चचधरा पोस्ट जेरूवाडीह
थाना-जामुआ जिला-गिरीडीह
3. मो० सिराज अंसारी उर्फ शेरू उम्र 30 वर्ष पिता जहाँगीर अंसारी पता तितरिया टोला
पहाडपुरा थाना-झाझा जिला-जमुई बिहार
आपराधिक इतिहास- (
a). अभियुक्त अभिषेक कुमार वर्णवाल के उपर इस कांड के अतिरिक्त निम्न कांड दर्ज
1. गिरीडीह शहर थाना कांड सं0-07/25
2. गिरीडीह थाना कांड सं0-23/25
3. पचंबा थाना गिरीडीह थाना कांड सं0-21/25 4. पचंबा थाना गिरीडीह थाना कांड सं0-23/25
(b). मो० सिराज अंसारी उर्फ शेरू पूर्व में गिरीडीह से वर्ष 2023 में जेल गया था जिसमें 60 दिनों तक जेल में रहा था।
(c). महेश कुमार वर्मा गिरीडीह जमुआ थाना से 2021 में चोरी के केस में जेल गया था जिसमें कुल 06 महिना जेल में रहा था।
छापामारी दल के सदस्य
1. पुलिस उपाधीक्षक सदर रॉची श्री संजीव कुमार बेसरा
2. पुलिस उपाधीक्षक सह थाना प्रभारी बरियातु थाना श्री मनोज कुमार
3. पु०नि० सह थाना प्रभारी सदर श्री कुलदीप कुमार
4. पु०अ०नि० भानु कुमार भारती, बरियातु थाना राँची।
5. पु०अ०नि० अक्षय कुमार, बरियातु थाना।
6 पु०अ०नि० शिव नारायण तिवारी, बरियातु थाना।
7. पु०अ०नि० विश्वजीत कुमार बरियातु थाना।
8. पु०अ०नि० दिवाकर मिश्रा बरियातु थाना।
9. पु०अ०नि० प्रिंस कमार मिश्रा बरियातु थाना।
8. पु०अ०नि० जमील अंसारी सदर थाना राँची।
9. बरियातु थाना के सशस्त्र बल।
डूमडूमा (असम)। झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने असम विधानसभा चुनाव के संदर्भ में डूमडूमा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान एवं सभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की राजनीति अब केवल चुनावी दौरों, भाषणों और फोटोशूट तक सीमित रह गई है, जबकि ज़मीनी स्तर पर चाय बागान के मजदूरों, युवाओं और आम जनता की समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बार-बार बड़े वादे किए, लेकिन न तो रोजगार के अवसर बढ़े और न ही गरीब एवं मेहनतकश वर्ग को उनका हक मिला। हिंदी भाषी समाज के साथ भी दोहरा व्यवहार किया गया है तथा ज़मीन के पट्टों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब तक अधूरे हैं। जनता अब इस सच्चाई को समझ चुकी है कि भाजपा की राजनीति में वादे अधिक और काम कम है।
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में भ्रष्टाचार चरम पर है। जमीन घोटालों, सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण निर्णयों ने सरकार की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि आम जनता, विशेषकर चाय बागान के मजदूर और युवा, स्वयं को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस की गारंटियों का उल्लेख करते हुए श्रीमती सिंह ने कहा कि पार्टी एक स्पष्ट और जवाबदेह रोडमैप के साथ जनता के बीच है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 10 लाख एकसोनिया पट्टा को मियादी पट्टा में परिवर्तित करने, महिलाओं को ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा प्रत्येक नागरिक को ₹25 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। यह दिखावे की नहीं, बल्कि अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करने की राजनीति है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि असम की जनता बदलाव के लिए तैयार है और कांग्रेस पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस परिवर्तन का नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि राजनीति की दिशा बदलने का अवसर है।
रांची। विगत दिनों रांची कोकर के भाभा नगर में आदिवासी महिलाओं से कथित रूप से कालिख पोत कर पूरे मोहल्ले में घूमाने दुर्व्यवहार पर जनजाति सुरक्षा मंच ने कड़ा विरोध किया मामले को लेकर मंच के प्रदेश मिडिया प्रभारी सोमा उरांव ने कहा कि इस मामले की जितनी भी निंदा की जाए कम है मानवता को शर्मसार करने वाला यह हरकत है , कानून को हाथ में लेने के लिए किसी को भी खुली छूट नही मिलन चाहिए तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी हो और कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो , सभी आरोपितों का सामाजिक बहिष्कार हो तब जाकर समझ में आएगा कि इस तरीका का हरकत लोग ना करें सन्नी टोप्पो ने कहा की यह मामला के सामने आने से पूरे आदिवासी समाज को शर्मिंदगी महसूस कराने वाली स्थिति पैदा की गई है हेमंत सोरेन के राज में लगातार आदिवासियों के साथ शोषण अत्याचार बढ़ रहा है ,सरकारी तंत्र फेल है ।
रांची। हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी चैत पूर्णिमा 2 अप्रैल 2026 को महाराजा मदरा मुंडा सेवा संस्थान न्यास ट्रस्ट की ओर से सुतियांबे गढ़ पिठोरिया( परगना)में महाराजा मदरा मुंडा के जन्म जयंती के शुभ अवसर पर प्रदीप पहान के नेतृत्व में विधि विधान बाजे गाजे के साथ कंपार्ट में भेड़ा ,मुड़हर पहाड़ मरांगबुरू में बकरा एवं नव मुर्गे की बली जिसमें से एक रंगीली मुर्गी का बली लूटकुम हड़ाम, लूटकूम बुढ़ही/ पिलचु हड़ाम,पिलचु बुढ़ही में दिया । और सभी पूजा स्थलों पर विधि-विधान से पूजा की जाएगी। गढ़बारी मैं स्थापित महाराजा मदरा मुंडा की प्रतिमा पर बाजे गाजे के साथ प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। साथी साथ मुड़हर पहाड़ के नीचे स्थापित भगवान बिरसा मुंडा , महाराजा मदरा मुंडा,रिसा मुंडा एवं सुतिया मुंडा की प्रतिमाओं पर पूजा एवं माला अर्पण की गई। इस कार्यक्रम में अगल-बगल गांव के अलावा दूर-दराज से भी समाज की अगुवागण सभी जनजाति एवं मूलवासी शामिल हुए एवं प्रसाद ग्रहण कर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस शुभ अवसर पर समाज के कई गन्य मान्य एवं बुद्धिजीवी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष वीणा मुंडा, सर्रक्षक पहलवान मुंडा, सोमा उरांव, महेश्वर पहान, रवि पहान, विमल पहान, प्रेम पहान, मोहित पहान, सुनील पहान, रोहित पहान, विश्वकर्मा पहान,परना उराँव, शेखर पहान, झालो मुंडा, बीना देवी, रुक्मिणी देवी, व अन्य गन्य मान्य उपस्थित थे।
रांची। वित्तीय वर्ष 2025-26 का समापन हो गया है. इस वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सरकारी खजाने से करीब 3,616 करोड़ रुपये की निकासी हुई, जबकि पूरे मार्च महीने में करीब 19 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए.
हालांकि सरकार के विभाग राजस्व वसूली में लक्ष्य से काफी पीछे रहे. जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार अपने कुल बजट का सिर्फ 80 प्रतिशत ही खर्च कर सकी, जिसके चलते करीब 29 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने पड़े. हालांकि खर्च और राजस्व संग्रह का विभागवार आकलन किया जा रहा है, जो जल्द ही वित्त विभाग द्वारा जारी किया जाएगा.
मंत्री राधाकृष्ण किशोर और बीजेपी प्रवक्ता का बयान
योजना मद की करीब 80 प्रतिशत राशि खर्च
इन सबके बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि योजना मद की करीब 80 प्रतिशत राशि खर्च हुई है और यदि केंद्र सरकार सहयोग करती तो हम बजट के अनुरूप खर्च कर लेते. उन्होंने कहा कि बजट में राजस्व संग्रह अनुमान आधारित होते हैं, जिसमें केंद्रांश और राज्य मद शामिल है. हमें करीब 13,000 करोड़ अनुदान और टैक्स में राज्य का हिस्सा मद में नहीं प्राप्त हुआ है.
बीजेपी ने उठाए सवाल
इधर, बजट के अनुरूप राशि खर्च नहीं होने पर प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि भारी-भरकम बजट बनाकर जनता को भ्रमित करने का काम यह सरकार करती रही है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि बजट बनाने से पहले सरकार को सोचना चाहिए कि राजस्व कहां से आएगा और कितना हम खर्च कर पाएंगे. केंद्र से मिली राशि को भी राज्य सरकार खर्च नहीं कर पा रही है, इस वजह से राज्य में विकास का काम ठप पड़ा हुआ है, जिसका सीधा असर जनता पर पड़ रहा है.
सेस की वजह से खान विभाग में रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजस्व वसूली में राज्य सरकार के कुछ विभागों ने बेहतरीन काम किया है. माइंस एरिया में सेस और कोयले की कमर्शियल दर पर रॉयल्टी से खान विभाग ने 2025-26 में रिकॉर्ड 18,508 करोड़ रुपये की वसूली की है, जो संयुक्त बिहार और झारखंड गठन से लेकर अब तक का सर्वाधिक राजस्व है. अकेले राज्य सरकार को सेस से 7,454.30 करोड़ रुपये मिले हैं, वहीं खनिजों पर रॉयल्टी से 11,054.27 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं.
शराब से भी भरपूर कमाई
खान विभाग के बाद राज्य सरकार को शराब से भी भरपूर कमाई हुई है. जानकारी के मुताबिक उत्पाद विभाग ने पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व में 1,310 करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी की है. इसके तहत विभाग को 30 मार्च तक 4,020 करोड़ रुपये राजस्व मिला है, जो लक्ष्य से 135 करोड़ अधिक है.
बात यदि परिवहन विभाग की करें तो इस विभाग ने 2,196.66 करोड़ रुपये राजस्व वसूली की है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 से 282 करोड़ अधिक है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एक लाख 45 हजार 400 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था, जिसमें महिला एवं बाल विकास पर सबसे अधिक 22 हजार 23 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मैया सम्मान योजना के लिए 13 हजार 363 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे.
साहिबगंज (तीनपहाड़): विकास के दावों की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर तेतुलिया गांव से सामने आई है। किसानों की सुविधा के लिए बनाई गई तेतुलिया पुलिया महज एक वर्ष के भीतर ही जर्जर होकर ‘सफेद हाथी’ साबित हो रही है। घटिया निर्माण सामग्री और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह पुलिया अब बड़े हादसे को निमंत्रण देती दिख रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
भ्रष्टाचार की दरारें और गायब सुरक्षा
करीब एक वर्ष पहले बनी यह पुलिया क्षेत्र के किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जा रही थी, लेकिन अब इसकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
- पुलिया में जगह-जगह गहरी दरारें उभर आई हैं।
- सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के बैरियर (पाइप) रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके हैं।
- ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में भारी वित्तीय अनियमितता हुई है और प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है।
ग्रामीणों की तीखी प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है:
- अनंत साह: “यह साफ तौर पर घोटाला है, उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”
- बाबूराम सोरेन: “सरकारी संपत्ति की चोरी हो रही है, पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
- किशन साह (किसान): “एक साल में पुलिया का जर्जर होना हमारे जीवन के साथ मजाक है, खेती के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।”
मुआवजे का विवाद भी बना मुद्दा
मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है।
- स्थानीय निवासी बबलू सोरेन का दावा है कि पुलिया उनकी निजी जमीन पर बनाई गई।
- निर्माण के बावजूद अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला, जिससे विवाद और गहरा गया है।
- प्रशासन से ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। उनकी मांगें:
- पुलिया की निष्पक्ष तकनीकी जांच
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
- क्षतिग्रस्त पुलिया की तुरंत मरम्मत
- चोरी हुए लोहे के पाइप की बरामदगी और दोषियों की गिरफ्तारी
- प्रभावित जमीन का उचित मुआवजा भुगतान
रांची। संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच, झारखंड (रांची) के आह्वान पर आज 1 अप्रैल 2026 को रांची में मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं के खिलाफ “काला दिवस” कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन भी प्राप्त था।
आज शाम 5 बजे अल्बर्ट एक्का चौक, रांची में बड़ी संख्या में मजदूरों, कर्मचारियों, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने एकत्र होकर केंद्र सरकार की श्रम-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने काले बैज और काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा नारेबाजी और सभा के माध्यम से चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि ये श्रम संहिताएँ श्रमिकों के वर्षों के संघर्ष से हासिल अधिकारों को कमजोर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के माध्यम से कार्य समय को बढ़ाने, यूनियन बनाने के अधिकार को सीमित करने, हड़ताल के अधिकार को समाप्त करने, परमानेंट काम में ठेका आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देने एवं वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इन संहिताओं को लागू करने की जल्दबाजी कॉरपोरेट के हित में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और श्रमिक हितों की अनदेखी को दर्शाती है। उन्होंने मांग की कि चारों श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लिया जाए और श्रमिक संगठनों के साथ व्यापक परामर्श किया जाए।
इसके साथ ही वक्ताओं ने किसानों और खेत मजदूरों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने बिजली संशोधन विधेयक और बीज विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि ये कानून किसानों को कॉरपोरेट कंपनियों पर निर्भर बनाने और कृषि पर उनका नियंत्रण कमजोर करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। साथ ही उन्होंने मनरेगा (MGNREGS) में काम की गारंटी को कमजोर करने और ग्रामीण रोजगार के अवसरों में कटौती पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिससे खेत मजदूरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉमरेड शुभेंदु सेन ने की। सभा को एटक के पंकज कुमार और सरिता देवी, एआईसीसीटीयू के भीम साहू, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के गोपाल शरण सिंह, आईसा से त्रिलोकी नाथ, बेफ के एम एल सिंह, किसान सभा के मदुआ कच्छप, खेत मजदूर यूनियन के बीरेंद्र कुमार तथा सीटू के प्रतीक मिश्रा, हरेंद्र यादव और भवन सिंह ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में यह संकल्प लिया गया कि यदि सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कई दिनों की हड़ताल का आह्वान किया जाएगा।
रांची। 23 मार्च को शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस और डॉ. राममनोहर लोहिया के जयंती के अवसर पर झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा द्वारा आरक्षण बढ़ाओ-रोजगार दो सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन रांची के रेडियम रोड़ स्थित आलोका सभागार में किया गया. इस सम्मेलन में रांची, हजारीबाग, रामगढ़, चतरा, लोहरदगा, लातेहार एवं खूंटी जिला के लोग शामिल हुए. इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने किया, जबकि संचालन प्रधान महासचिव बीरेन्द्र कुमार एवं उप प्रधान महासचिव अशोक गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया. सर्वप्रथम केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु, वरीय उपाध्यक्ष अश्विनी कुमार साहु आदि ने दीप जला कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. फिर सभी लोगों दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. तत्पश्चात सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने कहा कि दोनों महान सपूत वैश्य मोर्चा के आदर्श हैं और उनके विचारों को ही आत्मसात कर आगे बढ़ा जा रहा है. शहीद भगत सिंह ने जहाँ देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी, वहीं डॉ. राममनोहर लोहिया ने ओबीसी, पिछड़े वर्ग के लिए देश की संसद में आवाज बुलंद किया था. 'पिछड़ा पावे सौ में साठ' का नारा डॉ. लोहिया ने ही लगाया था. श्री साहु ने कहा कि झारखंड में भी वैचारिक एवं धरातल की लड़ाई की जरूरत है. हमें अपनी मांगों को लेकर धारदार आंदोलन करना है, इसके लिए तैयारी की जा रही है. जब तक वैश्य-ओबीसी को हक और मान सम्मान नहीं मिल जाता है, वैश्य मोर्चा चुप नहीं बैठेगा.
इस सम्मेलन को झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष अश्विनी कुमार साहु, संजीव चौधरी, केंद्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मण साहु, लखन अग्रवाल, केंद्रीय महासचिव चतुर साहु, मनोज कुमार मानू, शिव प्रसाद साहु, संगठन महासचिव कृष्णा साहु, अनिल वैश्य, जगदीश साहु, मुख्य प्रवक्ता रोहित कुमार साहु, केंद्रीय सचिव राजेन्द्र साहु, जिलाध्यक्ष कृष्णदेव साहु (रांची), राजकुमार केशरी (रामगढ़), महेंद्र प्रसाद साहु (हजारीबाग), युवा मोर्चा के अध्यक्ष हलधर साहु, सचिव आदित्य पोद्दार, छात्र मोर्चा के उपाध्यक्ष मनोज चौरसिया आदि ने भी संबोधित किया.
सम्मेलन में दो प्रस्ताव भी पारित किए गए. पहले प्रस्ताव में कहा गया कि अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में एक बार फिर मुख्यमंत्री, मंत्रियों एवं सभी सांसदों, विधायकों को मांग पत्र सौंप कर अपनी बात रखी जायेगी. दूसरे प्रस्ताव में कहा गया कि आगामी 23 अप्रैल को रामगढ़ में वैश्य कार्यकर्ता महासम्मेलन आयोजित की जायेगी और आगे की रणनीति एवं कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे.
इस संगठन केंद्रीय महासचिव रामाशंकर राजन, सचिव बसंत प्रसाद साहु, नंदकिशोर साहु, प्रयाग साव, परितोष पोद्दार, बद्री साव, दिवाकर प्रसाद, दिलीप प्रसाद, भगवान साहु, बलराम प्रजापति, सूरज मोदी, रतनलाल साहु, सुशेन पाल, कौशल्या देवी, मुक्ता देवी, अनु कुमारी, अंजलि देवी, बबीता देवी, रूबी देवी आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे.
रांची/गोड्डा। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री एवं महागामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने आज दिनांक 22.03.2026 को मेहरमा एवं महागामा प्रखंड में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शिलान्यास कर क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत और प्रतिबद्ध कदम उठाया।
मेहरमा प्रखंड में प्रातः 10:00 बजे ब्लॉक परिसर में पार्क एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य (प्राक्कलित राशि 1.85 करोड़ रुपये) का शिलान्यास किया गया। इसके पश्चात 10:30 बजे ब्लॉक परिसर के चहारदीवारी निर्माण कार्य (प्राक्कलित राशि 1.57 करोड़ रुपये) की आधारशिला रखी गई। इन योजनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके बाद महागामा प्रखंड के अंतर्गत कार्यक्रमों की श्रृंखला में 11:00 बजे ग्राम पंचायत कुशमहारा में झारखंड में YHO पंचायत सशक्तिकरण ढांचा का उद्घाटन किया गया, जो पंचायत स्तर पर सशक्त शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
दोपहर 12:00 बजे ग्राम पंचायत लट्ठी में उन्नत सरकारी उच्च विद्यालय की चहारदीवारी निर्माण कार्य (प्राक्कलित राशि 64 लाख रुपये) का शिलान्यास किया गया, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
इसके उपरांत 01:00 बजे ग्राम पंचायत महादेवस्थान में नए पंचायत भवन निर्माण कार्य (प्राक्कलित राशि 99.89 लाख रुपये) की आधारशिला रखी गई। यह भवन स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू बनाने के साथ ग्रामीणों के लिए एक सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विकास केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि उनके धरातल पर क्रियान्वयन से साकार होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे और हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन मिले।
उन्होंने आगे कहा कि जल, सड़क, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना ही सच्चे अर्थों में ग्रामीण विकास का आधार है, और इसी संकल्प के साथ लगातार कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिनमें विकास कार्यों को लेकर उत्साह और विश्वास स्पष्ट रूप से देखा गया।
रांची । जिले के सिल्ली प्रखंड अंतर्गत कोकालागाम गांव से एक बेहद मार्मिक और सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कोकालगम गांव निवासी रंजीत मुंडा की सड़क दुर्घटना में मौत के लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी उनके परिवार को अब तक किसी प्रकार की मुआवजा राशि नहीं मिल सकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल 2024 को सिल्ली में हुए एक सड़क हादसे में रंजीत मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए रांची स्थित RIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 अप्रैल 2024 को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद से परिजन लगातार न्याय और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।
मृतक के परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। रंजीत मुंडा के दो छोटे बच्चे हैं, जिनका पालन-पोषण उनकी पत्नी सविता देवी किसी तरह दिहाड़ी मजदूरी कर कर रही हैं। परिवार के पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है।
परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना में शामिल बोलेरो (नंबर JH05CB8989) पूर्व विधायक Sudesh Kumar Mahto की बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने समय बाद भी न तो उन्होंने और न ही किसी अन्य जनप्रतिनिधि ने परिवार से मुलाकात की है।
इस मामले में क्षेत्र के सांसद Sanjay Seth और वर्तमान विधायक Amit Mahto पर भी परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि किसी ने न तो आर्थिक मदद दी और न ही हालचाल जानने की कोशिश की।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि 8 अप्रैल 2024 को जब वे न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब सिल्ली पुलिस द्वारा उन पर लाठीचार्ज किया गया। इसके बावजूद अब तक न तो किसी पर ठोस कार्रवाई हुई और न ही परिवार को न्याय मिला।
गांव के लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि नेता केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन मुश्किल की घड़ी में जनता को अकेला छोड़ देते हैं।
मृतक रंजीत मुंडा की धर्मपत्नी सविता देवी ने भावुक होकर कहा, “अगर यही घटना किसी मंत्री या नेता के परिवार के साथ होती, तो क्या उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाता? हम सिर्फ न्याय और अपने बच्चों के भविष्य के लिए मदद मांग रहे हैं।”
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या आम जनता को न्याय के लिए यूं ही दर-दर भटकना पड़ेगा, या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मामले में कोई ठोस पहल करेंगे?
कल्याणचक (साहिबगंज): जिले के कल्याणचक क्षेत्र स्थित सबडरा में रेलवे की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ कभी रेलवे फाटक हुआ करता था, जिसे हटाकर रेलवे ने यातायात सुगम बनाने के लिए अंडरपास (रेलवे पुल) का निर्माण किया। लेकिन यह अंडरपास अब स्थानीय लोगों के लिए सुविधा कम और मुसीबत ज्यादा साबित हो रहा है।
अंडरपास या स्विमिंग पूल?
अंडरपास में जलजमाव की स्थिति ऐसी है कि लोग इसे अब मजाक में 'छोटी गंगा' कहने लगे हैं। पानी निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण यहाँ हमेशा घुटनों तक पानी भरा रहता है। आलम यह है कि राहगीरों को मजबूरन इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह पुल अब केवल नहाने और जलक्रीड़ा के काम आ रहा है।
राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा का आश्वासन: "जल्द निकलेगा समाधान"
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब राजमहल लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद विजय कुमार हांसदा तक यह सूचना पहुँची, तो उन्होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सांसद विजय कुमार हांसदा ने कहा है कि:
वे इस समस्या को लेकर रेलवे के उच्च अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं।प्राथमिकता इस बात को दी जा रही है कि जलजमाव का स्थायी समाधान जल्द से जल्द निकाला जाए।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वर्तमान ढाँचे में सुधार संभव नहीं हुआ, तो अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।जनता के मन में संशय सांसद ने 'दूसरे उपाय' की बात तो की है, लेकिन वह विकल्प क्या होगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या इस समस्या का अंत होगा या उन्हें इसी 'छोटी गंगा' को पार कर अपना सफर तय करना होगा? फिलहाल, जलजमाव ने आम जनता की नाक में दम कर रखा है और लोग ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के झारखंड दौरे की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार को दिल्ली स्थित पंचशील भवन में अबुआ अधिकार मंच के फाउंडर वेदांत कौस्तव ने उनसे शिष्टाचार मुलाकात की।
इस दौरान रांची में प्रस्तावित पर्यावरण संरक्षण समिट को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। वेदांत कौस्तव ने केंद्रीय मंत्री को इस समिट में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भी दिया। बैठक में झारखंड से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों, पर्यावरणीय चुनौतियों और जनभागीदारी बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुलाकात के दौरान राज्य की राजनीति में युवाओं की भूमिका पर भी गंभीर चर्चा हुई। वेदांत कौस्तव ने कहा कि झारखंड जैसे युवा राज्य में नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से सकारात्मक बदलाव संभव है।
वहीं, चिराग पासवान ने युवाओं को राजनीति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की ऊर्जा और नई सोच अहम भूमिका निभाती है।
यदि मंत्री का कार्यक्रम तय होता है, तो रांची में होने वाला यह समिट राज्य में पर्यावरण और युवा भागीदारी के मुद्दों को नई दिशा दे सकता है।
साहेबगंज । जिला पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, साहेबगंज द्वारा 8 मार्च से 22 मार्च तक आयोजित जल महोत्सव के अंतर्गत आज जिले के विभिन्न प्रखंडों में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के अलग-अलग चौक-चौराहों, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, प्रखंड कार्यालय परिसरों तथा थाना क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक एवं जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण, स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल के महत्व, उसके संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनाने का था। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने सरल और प्रभावी तरीके से यह संदेश दिया कि जल ही जीवन है और इसकी एक-एक बूंद की बचत करना हम सभी का कर्तव्य है। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार लापरवाही और अनियंत्रित जल उपयोग के कारण भविष्य में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही, स्वच्छता की अनदेखी से होने वाली बीमारियों के प्रति भी लोगों को सचेत किया गया।
जागरूकता रथ ने भी विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा शौचालय के नियमित इस्तेमाल के प्रति प्रेरित किया। रथ के माध्यम से प्रचार-प्रसार सामग्री, पोस्टर, स्लोगन एवं ऑडियो संदेशों के जरिए लोगों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई गई। स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों, छात्रों एवं राहगीरों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना।
इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जल महोत्सव के तहत जिले में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं, जागरूकता अभियान एवं सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं स्वच्छता को जनआंदोलन बनाना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और पर्याप्त जल उपलब्ध हो सके।
स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग का भी इस आयोजन में सराहनीय सहयोग रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में लोगों से अपील की गई कि वे जल के महत्व को समझें, अनावश्यक जल व्यर्थ न करें तथा स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।जल महोत्सव के अंतर्गत इस प्रकार के कार्यक्रमों से न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ रही है, बल्कि समाज में जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश भी प्रसारित हो रहा है।
साहेबगंज। भारतीय जनता पार्टी साहिबगंज जिला अध्यक्ष गौतम कुमार यादव के नेतृत्व में साहिबगंज नगर अध्यक्ष की अध्यक्षता में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन किया गया हिन्दू आस्था के साथ हमेशा इंडी गठबंधन सरकार आए दिन हिन्दू विरोधी बयान से करोड़ों हिन्दू के आस्था के साथ खिलवाड़ करना इंडी सरकार की पेशा बन गई है। मौके पर जिला अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार सदन में मुख्यमंत्री बयान दिए सरस्वती मां , लक्ष्मी पूजा पर दिए बयान शर्मनाक बयान है जिनको देश के करोड़ों हिन्दू से माफ़ी मांगे मौके जिला अध्यक्ष श्री गौतम कुमार यादव, जिला उपाध्यक्ष रामानन्द साह, चंद्रभान शर्मा, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष श्री मति गरिमा साह प्रदेश कार्य समिति धर्मेंद्र कुमार साह नगर अध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी, साहिबगंज ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अनुराग राहुल, सिकंदर पोद्दार, मुकेश, संजीव ओझा, संतोष कुमार संगीता सिंहा, डोली शर्मा, जिला मंत्री चांदनी देवी, श्वेता श्रीवास्तव, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र मंडल, मनोज चौधरी, गौतम पंडित, जयकांत वर्मा, प्रकाश कुमार पंडित चेतन शर्मा, पप्पू राम अरेंदु बॉस, अरविंद सिन्हा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रांची नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर एवं वार्ड पार्षदों तथा बुंडू नगर पंचायत के अध्यक्ष एवं वार्ड सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आज समाहरणालय भवन, ब्लॉक-A के कमरा संख्या-207 एवं 608 में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका), रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं जनसेवा की भावना के साथ करने का संकल्प लिया।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रशासनिक पदाधिकारियों, संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम का आयोजन सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण तरीके से किया गया।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि नगर विकास, स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी जनप्रतिनिधि आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए शहर एवं क्षेत्र के समग्र विकास में सक्रिय योगदान देंगे।
शपथ ग्रहण के दौरान अपर समाहर्ता रांची, एडीएम (नक्सल), जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी-सह-पंचायती राज पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची। नगर निगम उपमहापौर एवं बुंडू नगर पंचायत उपाध्यक्ष पद हेतु चुनाव शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समाहरणालय सभागार में लोकतांत्रिक परंपराओं का अनुपालन करते हुए जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन किया गया।
रांची नगर निगम के उपमहापौर पद के लिए हुए चुनाव में नीरज कुमार ने 38 मत प्राप्त कर विजय हासिल की। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी परमजीत सिंह को 15 मत प्राप्त हुए। स्पष्ट बहुमत के साथ नीरज कुमार को उपमहापौर निर्वाचित घोषित किया गया।
निर्वाचन उपरांत रांची नगर निगम की महापौर रोशनी खलखो द्वारा समाहरणालय सभागार में नीरज कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नव-निर्वाचित उपमहापौर को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
वहीं, बुंडू नगर पंचायत में उपाध्यक्ष पद के लिए रवीन्द्र उरांव निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
इस दौरान प्रशासनिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
रांची। प्राकृतिक पर्व सरहुल को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया । जहां मामले की जानकारी देते हुए बताया गया कि,दिनांक 21 मार्च 2026 को सरहुल (खदी) पूजा अर्चना के पश्चात सरहुल शोभा यात्रा एवं 22 मार्च 2026 को फूल खुशी का कार्यक्रम को लेकर झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची की बैठक सेक्टर 3 एएन टाइप धूमकुड़िया भवन प्रांगण में समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव के अध्यक्षता में हुई।
मेघा उरांव ने कहा कि हमारे जनजाति/ आदिवासी समाज में डीजे का कोई स्थान नहीं है डीजे को समाज की ओर से प्रतिबंध लगा देना चाहिए अगर अपनी परंपरा संस्कृति को बचाना है तो अपने वाद्य यंत्र अर्थात मांदर ढांक नगड़ा और घंटा के साथ सरहुल शोभा यात्रा निकालना चाहिए और सरहुल ( खदी) पूजा अपने पुरखौती रुढ़िवादी परंपरा के अनुसार पहान, पुजार एवं पइनभरा के अगवाई में विधिवत सफेद , लाल रंगुवा , माला, मुर्गे की बलि देकर संपन्न कराया जाएगा।
समिति ने सरहुल पूजा विधिवत एवं हर्षोल्लास के साथ मने इसके लिए एक संचालन टोली का गठन किया है जिसमें बिरसा भगत, रामा उरांव, राजेंद्र मिंज , कलिंदर उरांव, लक्ष्मण उरांव, मुन्नी देवी, विनोद उरांव, मीणा लकड़ा, तारक नाथ, सीमा टोप्पो, रवि उराव, अंजलि लकड़ा, शांति भगत, अनीता मुंडा एवं सरहुल शोभायात्रा नृत्य टोली का नेतृत्व वृंदा उरांव, कर्मपाल उरांव, नारो उरांव, परनो होरो, लाल मुनी देवी, कावेरी उरांव, सुशीला उरांव, मिली उरांव, अनीता मुंडा, प्रोफेसर बुटन महली करेंगे। साथ ही वॉलिंटियर रिंकू महली विवेक भगत, अभिनव मुंडा एवं अन्य रहेंगे।
रांची। झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले झारखंड विधानसभा के समक्ष एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कहा ,जैक द्वारा बार-बार जांच के नाम पर स्कूल कॉलेजों को परेशान करने करने के विरोध में अप्रैल माह के द्वितीय सप्ताह में जैक कार्यालय का हजारों शिक्षकों के साथ घेराव करेगा ।यह निर्णय आज विधान सभा के सामने महा धरना स्थल पर उपस्थित हजारों शिक्षकों के बीच सर्व सम्मति से लिया गया ।मोर्चा के नेताओं का कहना था कि जैक बार-बार स्कूल कॉलेजो को जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेज देता है ।और जिला शिक्षा पदाधिकारी स्कूल कॉलेजों को परेशान करते हैं।
जैक स्वत शासी संस्था है । जांच करने का अधिकार उसके पास स्वयं है,तो फिर जिला शिक्षा पदाधिकारी क्यों ?
महा धरना पर शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि जब तक 75% अनुदान में वृद्धि, कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव ओम प्रकाश शाह के पत्र पर कार्रवाई नहीं होती है ,सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना की राशि इन संस्थानों में अध्यनरत छात्राओं को नहीं मिलेगा तब तक मोर्चा का आंदोलन आत्मक कार्यक्रम जारी रहेगा।
महा धरना स्थल पर भारी संख्या में महिलाएं आई थी । संस्कृत शिक्षक पीला वस्त्र पहने हुए थे । और मदरसा शिक्षक सर पर उजली टोपी पहने हुए थे ।
धरना स्थल पर अरविंद सिंह ,देवनाथ सिंह ,अनिल तिवारी , मनीष कुमार, गणेश महतो ने संबोधित करते हुए कहा कि मोर्चा के लिए यह चार सूत्री मांग जीवन मरण के लिए है।
शिक्षक इस महंगाई में इतना कम अनुदान राशि मिलने से काफी आर्थिक दबाव में है।
महा धरना को फजलुल कदीर अहमद ,संजय कुमार, देवराज मिश्र के साथ एक दर्जन से ज्यादा शिक्षकों ने संबोधित किया ।
महा धरना पर माननीय मांडू विधायक निर्मल महतो आए और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा की आपकी मांगों को लेकर मैं विधानसभा में संघर्ष कर रहा हूं ।
पहले भी आपके मांगों के संबंध में विधानसभा में प्रश्न दिया था ।और आज भी आपकी समस्याओं से संबंधित प्रश्न था। मैं सदन के बाहर और भीतर आपकी मांगों को लेकर लड़ता रहूंगा।
अगर आप मुख्यमंत्री आवास का घेराव का निर्णय लेंगे तो मैं घेराव में आपके साथ रहूंगा।
आप विगत 25_ 30 वर्षों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। इस राज्य के चार लाख से ज्यादा बच्चों को पढ़ा रहे हैं । यह स्कूल कॉलेज अधिकांश देहाती क्षेत्र में है । जहां पर कोई सरकारी विद्यालय नहीं है ।
इन संस्थाओं के परीक्षा फल भी बहुत अच्छे होते हैं। मेरा जब भी आपको आवश्यकता हो आप मुझे बुला सकते हैं। और मैं आपके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर लडूंगा । और उसमें आगे रहूंगा ।
उन्होंने कहा अभी 2 दिन सत्र है ।मैं आपको आश्वासन देता हूं कि आपकी समस्या को विधानसभा में शून्य काल हो या दूसरे माध्यमों से निश्चित रूप से उठाऊंगा ।
निर्णय :
1.आज महा धरना स्थल पर उपस्थित शिक्षकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में झारखंड अधिविध परिषद कार्यालय का मांगों को लेकर घेराव किया जाएगा।
2. सर्व समिति से तय किया गया कि जैक घेराव बाद राज्य भर के हजारों बीत रहीत शिक्षक कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे ।
3.बैठक में यह भी तय किया गया कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में राजभवन के सामने मोर्चा महा धरना देगा और महामहिम को ज्ञापन देगा।
अगर विभाग स्कूल कॉलेज के बिना कारण अनुदान को रोका गया तो मोर्चा जोरदार आंदोलन करेगा ।
बैठक में यह भी तय किया गया कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पोर्टल में बहुत से गड़बड़ी थी ।और जब भी कोई कागजात लोड किया जाता था तो उड़ जाता था ।इससे मोर्चा को संभावना है कि बहुत से स्कूल कॉलेज के कागजात लोड करने के बाद भी पोर्टल की गड़बड़ी से उड़ गया होगा।
बैठक में कहा गया कि जैक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी स्कूल कॉलेज के हार्ड कॉपी विभाग को भेज दिए हैं । अगर विभाग को कोई कमी दिखाई पड़े तो हार्ड कॉपी से मिलान कर सकता है।
जब जियो टैग द्वारा जांच कराया गया है और जिला शिक्षा पदाधिकारी सारे कागजात को लोड करके भेजे हैं तो फिर कागजात का बहाना बनाकर अनुदान रोकने का क्या औचित्य होगा ?
बैठक में तय किया गया कि अगर 23 मार्च तक अनुदान संस्थाओं के खाते में नहीं गया तो मोर्चा के सभी स्कूल कॉलेज अनुदान राशि लेने से इनकार कर देगा क्योंकि राशि लैंप्स होने की बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी ।
मोर्चा के मुख्य मांगे _
1. 75% अनुदान जो मंत्री परिषद में लंबित है उसे अभिलंब मंत्री परिषद की सहमति ली जाए ।
2.कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव ओम प्रकाश शाह के पत्र पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अभिलंब कार्रवाई करें ।
3.सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना के राशि अभिलंब स्कूल कॉलेज में भेजी जाए ।
4. 21 विद्यालयों जिसकी अनुदान की राशि 2024-25 के अभी तक विभाग में लंबित है उसे अभिलंब संस्थाओं को भेजी जाए।
परिवाद के नाम पर स्कूल कॉलेज के अनुदान रोकने की प्रवृत्ति को अभिलंब खत्म किया जाए। महा धरना की अध्यक्षता सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने किया। और संचालन गणेश महतो ने किया।
महाधरना के अंत में रघुनाथ सिंह ने कहा कि जब तक इन मांगों पर निर्णय नहीं होगा । मोर्चा का संघर्ष जारी रहेगा। तथा शिक्षक धरना प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेंगे ।महा धरना में प्रवक्ता मनीष कुमार सहित हजारों शिक्षक उपस्थित थे ।
रांची। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर आज झारखंड जनाधिकार महासभा द्वारा रांची में "धर्म सत्ता, पितृ सत्ता और महिलाओं की आजादी" पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजन में आदिवासी विमेंस नेटवर्क, कैथोलिक हेल्थ एसोसिएशन (बिहार- झारखंड- अंडमान), संभवा इंजोर, महिला मुक्ति संघर्ष (चतरा), शक्ति अभियान (झारखंड), महिला उत्पीड़न विरोधी एवं विकास समिति समेत कई संगठनों की प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों, धर्मों और राजनैतिक सोच से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया।
संचालन अलका आईंद, लीना और रोज़ मधु तिर्की ने किया। कार्यक्रम का आधार पत्र किरण ने प्रस्तुत किया। उन्होंने महिला दिवस के क्रांतिकारी इतिहास को याद दिलाया। उन्होंने बताया कि धर्म सत्ता, पितृ सत्ता और राज सत्ता महिलाओं को दोयम दर्जे का इंसान बनाकर रखते हैं। इसके विरुद्ध ही सभी एकजुट हुई हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता नीलम तिग्गा ने कहा कि पुरुष चाहते हैं कि महिला घर के कामों पर ही ध्यान दे और बाहर न जाएं। उनकी आजादी पर अंकुश लगाया जाता है। धार्मिक संगठनों में पुरुष ही निर्णयों को महिलाओं पर थोपते हैं। महिलाओं की जिम्मेवारी स्वागत तक सीमित कर दिया जाता है।
एपवा की नंदिता भट्टाचार्य ने कहा कि महिलाओं ने लड़ाई कर बहुत अधिकारों को जीती हैं। लेकिन आज के दिन देश की सत्ता इन सब अधिकारों को खत्म कर रही हैं। साथ ही, न्यायालय भी मनुवादी सोच के अनुसार एक के बाद एक महिला विरोधी निर्णय दे रही है। "राते और सड़कें हमारी है".
थेयोलॉजिकल कॉलेज से जुड़ी प्रोफ इदन टोपनो ने कहा कि सभी धर्म पितृसत्तात्मक हैं और उनकी आंतरिक समीक्षा होनी चाहिए कि महिलाओं को बराबर माना जाता है या हाशिए पर धकेला जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला ने कहा कि झारखंड में आदिवासी महिलाओं के अधिकारों के संघर्ष का सैंकड़ों सालों का इतिहास है। झारखंड अलग राज्य आंदोलन में महिलाओं की प्रमुख भागीदारी थी। लेकिन अलग राज्य बनने के बाद विभिन्न सत्ताओं में महिलाएं कहां हैं। बड़े बड़े कारोपोरेट घराने महिलाओं के जीवन के हर पहलुओं को तितर बितर कर रहे हैं। अब महिलाओं को राजनैतिक शक्ति अपने हाथ में लेकर इन सब के विरुद्ध लड़ने की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल से आई मनीषा ने कहा कि हिंदुस्तान में आजादी के साथ ही महिलाओं को वोट का अधिकार मिला था। लेकिन मोदी सरकार इसे खत्म कर रहीं है। चुनाव आयोग ने बंगाल में जो SIR किया है, उसमें एक करोड़ लोगों का नाम वोटर सूची से कट गया है जिसमें अधिकांश महिलाएं हैं।
शक्ति क्लब से जुड़ी निकी ने कहा कि धर्म में महिलाओं के लिए बहुत पाबंदी है। सभी समुदायों के महिलाओं के साथ मिलकर वे भी अपनी समुदाय में महिलाओं के अधिकारों के लिया संघर्ष करना चाहती हैं।
महिला मुक्ति संघर्ष समिति, चतरा की संजू देवी ने कहा कि महिलाएं कुछ भी करें लेकिन नाम पुरुषों का ही होता है।
आदिवासी जन परिषद की सेलीना लकड़ा ने कहा कि वे आदिवासी अधिकारों और जमीन के विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय रही हैं। लेकिन जब वे पार्षद चुनाव लड़ी, तब पुरुषों ने साथ नहीं दिया।
पाकुड़ से आई मीना मुर्मू ने कहा कि रोज़ महिलाओं के बलात्कार और कत्ल हो रहा है। वे लगातार दोषियों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
कैथोलिक हेल्थ एसोसिएशन की रश्मि , प्रियशीला बेसरा, हीरामनी व अन्य महिलाओं ने गानों और कविताओं के साथ अपनी बातों को रखा।
आलम आरा ने कहा कि विभिन्न धर्मों के पुरुष ठेकेदार ही आपस में लड़वाते रहते हैं। हर धर्म की महिलाएं एक हैं और उन सबका शोषण और उसके खिलाफ लड़ाई एक है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि समानता और आजादी के लिए संघर्ष करेंगे और धर्म सत्ता, पितृसत्ता और राज सत्ता दे महिलाओं पर नियंत्रण करने के हर प्रयास का विरोध किया जाएगा।
कार्यक्रम में अशिष्ण बागे, अमल पांडेय, एलिना होरो, बिल्कन डांग, रॉयल डांग, कुमुद, सिराज, टॉम कावला, भरत भूषण चौधरी, माला, नसरीन जमाल, श्रीनिवास, मंथन, सुधांशु शेखर, उत्तम, प्रवीर पीटर, आकांक्षा, मनोज, रोज खाखा आदि साथी भी उपस्थित रहे।
रांची। सरकारी योजनाओं की सफलता अक्सर केवल नीति या बजट से तय नहीं होती, बल्कि उस प्रशासनिक ढांचे की क्षमता से तय होती है जो इन योजनाओं को जमीन पर लागू करता है। यदि प्रशासनिक मशीनरी तेज, दक्ष और तकनीकी रूप से सक्षम हो, तो वही योजना जो कागज पर सीमित दिखाई देती है, लाखों लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती है।झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में इन दिनों एक ऐसी पहल आकार ले रही है, जिसे देश में प्रशासनिक सुधार के एक नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण देना शुरू किया है। इस पहल के साथ झारखंड देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां किसी सरकारी विभाग ने अपने कर्मचारियों के लिए AI आधारित क्षमता निर्माण को संस्थागत रूप दिया है।यह पहल केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है। यह उस सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में यह विचार है कि यदि प्रशासनिक तंत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए तो शासन व्यवस्था अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है।
इस पहल के पीछे ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की स्पष्ट सोच और दीर्घकालिक दृष्टि मानी जा रही है।प्रशासनिक सुधार की शुरुआत कर्मचारियों से झारखंड में ग्रामीण विकास विभाग का दायरा बहुत व्यापक है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन इसी विभाग के माध्यम से होता है।इन योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G), झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), वाटरशेड विकास कार्यक्रम, ग्रामीण सड़क और आधारभूत संरचना, तथा पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से संचालित विकास योजनाएं शामिल हैं।इन सभी योजनाओं का संचालन एक जटिल प्रशासनिक और सूचना तंत्र पर निर्भर करता है। लाभार्थियों की पहचान से लेकर योजना की स्वीकृति, बजट वितरण, कार्य की प्रगति और अंतिम रिपोर्ट तक हर स्तर पर डेटा और दस्तावेजों का आदान-प्रदान होता है।लंबे समय तक यह पूरा तंत्र पारंपरिक तरीकों पर आधारित रहा — फाइलें, नोटशीट, मैनुअल रिपोर्टिंग और एक्सेल शीट्स। इससे कामकाज चलता तो रहा, लेकिन कई बार निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो जाती थी और सूचनाओं के प्रवाह में देरी भी होती थी।इसी चुनौती को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक ढांचे को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाया।
17 अक्टूबर 2025: एक नई पहल की शुरुआत
इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम 17 अक्टूबर 2025 को उठाया गया, जब विभाग ने औपचारिक रूप से ग्रामीण AI सपोर्ट सेल की स्थापना की।इस सेल का उद्देश्य केवल तकनीक को अपनाना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में AI के उपयोग को व्यवस्थित और स्थायी रूप से स्थापित करना है।सेल के माध्यम से विभाग की योजना है कि आने वाले समय में प्रशासनिक कार्यों को डिजिटल टूल्स और डेटा आधारित प्रणालियों के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाया जाए।इस पहल को आगे बढ़ाने में विनोद कुमार पांडेय, जो कि The/Nudge Institute के साथ इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव फेलो के रूप में विभाग से जुड़े हैं, और चंद्र भूषण, जो विभाग में अवर सचिव हैं, की प्रमुख भूमिका रही है।इन दोनों अधिकारियों की पहल पर विभाग ने AI आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल प्रशासन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
AI सपोर्ट सेल के गठन के बाद विभाग ने सबसे पहले अपने कर्मचारियों को इस नई तकनीक से परिचित कराने का निर्णय लिया।जनवरी और फरवरी 2026 के बीच विभाग ने छह प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया, जिनमें 40 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता यह थी कि इसमें प्रशासनिक व्यवस्था के विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों को शामिल किया गया।
प्रशिक्षण पाने वालों में शामिल थे:
• कंप्यूटर ऑपरेटर
• डाटा एंट्री कर्मचारी
• अनुभाग अधिकारी
• सहायक अधिकारी
• अवर सचिव स्तर तक के अधिकारी
इसका उद्देश्य यह था कि तकनीक का लाभ केवल उच्च स्तर के अधिकारियों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशासनिक ढांचे के हर स्तर तक पहुंचे।प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को AI की मूलभूत अवधारणाओं के साथ-साथ उसके व्यावहारिक उपयोग के बारे में भी बताया गया।कर्मचारियों को यह सिखाया गया कि वे AI टूल्स का उपयोग करके अपने रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों को अधिक तेजी और दक्षता के साथ कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए —
• सरकारी नोटशीट और आधिकारिक पत्र तैयार करना
• लंबी फाइलों और दस्तावेजों का सारांश निकालना
• डेटा का विश्लेषण करना
• योजनाओं की प्रगति पर डैशबोर्ड तैयार करना
• रिपोर्ट और प्रस्तुतिकरण बनाना
इन प्रशिक्षण सत्रों में यह भी बताया गया कि AI का उपयोग करते समय डेटा सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग के सिद्धांतों का पालन कैसे किया जाए।
इन AI टूल्स का दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को कई आधुनिक AI टूल्स के उपयोग से परिचित कराया गया। इनमें शामिल हैं —
• Claude AI
• Microsoft Copilot
• Power BI
• Perplexity AI
• Gamma
इन टूल्स की मदद से कर्मचारी दस्तावेज तैयार करने, डेटा विश्लेषण करने और रिपोर्टिंग को अधिक प्रभावी बनाने में सक्षम हो रहे हैं।
योजनाओं की निगरानी में आएगा बड़ा बदलाव
AI आधारित प्रणाली लागू होने के बाद विभाग की प्रमुख योजनाओं की निगरानी में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।
विभाग की योजना है कि PMAY-G जैसी योजनाओं के लिए लाइव डैशबोर्ड विकसित किए जाएं, जिनके माध्यम से अधिकारियों को वास्तविक समय में योजना की प्रगति की जानकारी मिल सके।
इसके अलावा विभिन्न योजनाओं से जुड़े डेटा को एक ही मंच पर लाने के लिए इंटीग्रेटेड ग्रामीण डेटा हब विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
यदि यह योजना सफल होती है तो अधिकारियों को किसी भी जिले या प्रखंड में चल रही योजनाओं की स्थिति तुरंत देखने की सुविधा मिल सकेगी।
नागरिकों के लिए भी विकसित होंगे AI टूल्स
AI सपोर्ट सेल की योजना केवल प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं है। विभाग भविष्य में नागरिकों के लिए भी AI आधारित डिजिटल सेवाएं विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
इसमें एक महत्वपूर्ण पहल AI आधारित चैटबॉट विकसित करने की है, जिसके माध्यम से ग्रामीण नागरिक योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
यह चैटबॉट लोगों को यह बताने में मदद करेगा कि वे किसी योजना के लिए पात्र हैं या नहीं, उनका आवेदन किस स्थिति में है और उन्हें आगे क्या करना चाहिए।
इससे ग्रामीण नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
जिला और प्रखंड स्तर तक पहुंचेगा प्रशिक्षण
विभाग की योजना है कि AI प्रशिक्षण को केवल मुख्यालय तक सीमित न रखा जाए।
आने वाले चरणों में जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को भी इस प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।
इसमें उप विकास आयुक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अन्य फील्ड स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।
इसके साथ ही विभाग से जुड़े अन्य संस्थानों जैसे Rural Engineering Organisation (REO) और Jharkhand State Livelihood Promotion Society (JSLPS) के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया भविष्य का विजन
ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है।उनके अनुसार —“सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है जब उनका लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचे। इसके लिए जरूरी है कि हमारे अधिकारी और कर्मचारी आधुनिक तकनीक से सशक्त हों। AI प्रशिक्षण की यह पहल प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करेगी और झारखंड को तकनीक आधारित सुशासन का एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
कांके। सोमवार को काँके प्रखंड परिसर में, जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड प्रदेश के तत्वाधान में,झारखंड विधानसभा से डीलिस्टिंग बिल पास कर केंद्र भेजने सहित 11सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व बोड़या मुखिया सोमा उरांव ने किया . प्रदर्शन के बाद जनजाति सुरक्षा मंच के द्वारा मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार एवं राज्यपाल झारखंड के नाम धरना के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी कांके को मांग पत्र सौंपा गया।
मांग पत्र में मुख्य रूप से
1. झारखंड सरकार (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन) में वर्तमान समय में जो जाति प्रमाण पत्र निर्गत हो रहा है, उस जाति प्रमाण पत्र में केवल पिता का नाम होता है, अर्थात यह 2013 से चला आ रहा है। उस समय कैबिनेट से एक चिट्ठी निर्गत हुई थी जिसमें कोई जनजाति आदिवासी महिला यदि अन्य दूसरे पुरुष से शादी/विवाह करती है तो वह मायके से जाति प्रमाण पत्र बना सकता है। इसका दूर परिणाम 2013 से यह हो रहा है की जनजाति महिला दूसरे पुरुष से शादी कर रहे हैं और मायके से जाति प्रमाण पत्र बनाकर सबसे पहले धर्मांतरण, नौकरी, जमीन, सरकार की योजनाएं तथा एकल पद मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद तथा विधानसभा एवं लोकसभा के जनजातियों के रिजर्व सीट पर धर्मात्रित ईसाई और मुस्लिम काबिज हो रहे हैं। इसी के कारण बंगाला देशीय घुसबैठिया का भी बोलबाला हो गया है। इसी कारण जाति प्रमाण पत्र में पिता के नाम के साथ-साथ पति का नाम होना अनिवार्य हो ताकि जनजातियों का आरक्षण बच सके। नोट:- इस बावत झारखंड मंत्रालय से एक पत्र निर्गत की जाए।
2. झारखंड राज्य में सी.एन.टी. एवं एस.पी.टी. एक्ट होते हुए भी सदा पट्टा पर जमीनों की खरीद बिक्री हो रही है। सदा पट्टा पर लेन-देन होने के बाद नोटरी पब्लिक का मोहर लग रहा है, इस पर तुरंत रोक लगाई जाए।
3. पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र एक सप्ताह के अंदर देने की व्यवस्था करें। ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
4. ग्रामीणों को पंजी-कक में प्लॉट नम्बर, खाता नम्बर, रकबा तथा नाम में त्रुटि सुधार हेतू ग्रामीणों को सुविधा हो, अधिक भाग-दौड़ न हो और अधिकारी रूपयों की माँग न करें। इसे आम जन के लिए सरल बनाया जाए।
5. जनजातियों/आदिवासियों की सामाजिक व्यवस्थाओं की जमीन, सरना, मसना, हड़बोड़ी, अखरा, गाँवा देवती, जतरा पूजा स्थल, जमीन, भूईहरी, डाली कतारी, खूंटकटी, मुण्डा जमीन, महतो जमीन, पईनभोरा जमीन वगैरह जमीन की रक्षा एवं सवर्द्धन हेतू कड़ा कानून बनायें। आज प्राय: ऐसे जमीनों पर अपने ही समाज के लोग कब्जा किये हुए हैं या दूसरे व्यक्तियों के द्वारा कब्जा कर रहें है। बहुत ऐसे पूजा स्थल/जमीन अभी वर्तमान में है और वहाँ पूजा-पाठ परम्परागत से हो रहा है परन्तु खतियान एवं पंजी-कक में किसी दूसरे व्यक्ति/समुदाय के नाम से दर्ज है तथा रसीद भी कट रहा है जो कि आनेवाले दिनों में जनजातियों के लिए बहुत बड़ा समस्या खड़ा कर सकता है। यदि ऐसा जमीन ही नही रहेगा तो आदिवासी कहां जाएगा इसलिए ऐसे जमीनों को चिन्हित कर संरक्षण किया जाए।
6. पंचायत जनप्रतिनिधियों की आकस्मिक मृत्यु/दुर्घटना की स्थिति में 50,00,000/- (पचास लाख) रूपये का बीमा/मुआवजा दिया जाए एवं विधायकों की तरह सेवा समाप्ति के बाद पेंशन दी जाए और आत्मरक्षा हेतू अंगरक्षक एवं शस्त्र की लाईसेंस दी जाए।
7. भारत की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, और यह देश के संसाधनों और विकास पर भारी दबाव डाल रही है। जनसंख्या वृद्धि के कारण, देश में गरीबी, बेरोजगारी, और पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करना आवश्यक है। यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति, अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक के हों। इस कानून के तहत, प्रत्येक परिवार को दो बच्चों तक सीमित किया जाना चाहिए।
8. हिन्दुओं के मंदिर में दान पुण्य का पैसा का नियंत्रण सरकार के पास है, ठीक उसी प्रकार चर्च एवं मस्जिद में दान-पुण्य का पैसा का नियंत्रण भी सरकार के पास हो, नहीं तो मंदिर से भी नियंत्रण हटाया जाए।
9. ग्रामीण क्षेत्रों में जब से स्मार्ट मीटर लगा है, उसके बाद से ग्रामीणों का पाँच गुणा दस गुणा बिजली बिल आ रहा है जिससे ग्रामीण अत्यधिक परेशान है तथा शिकायत करने पर भी सुनवाई नही होती है। जनहित को देखते हुए इसे अति सरल बनाया जाए।
10. सरकार द्वारा प्रस्तावित नगड़ी में रिम्स-2 निर्माण हेतू भूमि को दुसरे जगह पर रिम्स-2 निर्माण किया जाए एवं नगड़ी के कृषि युक्त भूमि को आदिवासियों/मुलवासियों को वापस किया जाए जिससे ग्रामीण खेतीबारी कर जीवन यापन कर सके।
11. नोट:- झारखंड सरकार विधानसभा से डीलिस्टिंग का बिल पास कर महामहिम राज्यपाल महोदय से हस्ताक्षर कराकर केंद्र भेजें। केंद्र सरकार डीलिस्टिंग बिल अति शीघ्र पास करें। डीलिस्टिंग यानि जो जनजाति अपनी रुढ़ि प्रथा, संस्कृति, परंपरा छोड़कर ईसाई या इस्लाम धर्म अपना लिए है, वैसे लोगों को अनुसूचित जनजाति का आरक्षण का लाभ मिलना बंद हो। धरना सह ज्ञापन कार्यक्रम में समाज के अगुवागण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए। जिसमें महाराजा मदरा मुंडा सेवा संस्थान न्याय ट्रस्ट के संरक्षक पहलवान मुंडा, जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, जिला परिषद सदस्य किरण देवी एवं सुषमा देवी, जय मंगल उरांव, असवानी टोप्पो उराव,परना उराँव, विश्वकर्मा पहान, कैलाश मुंडा, झालो देवी, मालती देवी, ग्राम प्रधान सतीश तिग्गा, विक्रम उरांव समाजसेवी वीरेंद्र नारायण तिवारी व अन्य सभी ने कार्यक्रम में अपनी अपनी बातें रखी। कार्यक्रम का अध्यक्षता कर रहे जनजाति सुरक्षा मंच की मीडिया प्रभारी एवं बोड़ेया पंचायत के मुखिया सोमा उरांव ने अपने कड़ा शब्दों में कहा कि जनजाति से जो धर्म परिवर्तन करके क्रिश्चियन या मुसलमान बन गए हैं वैसे लोगों को जनजाति का आरक्षण का लाभ मिलना हर हाल में अब बंद होगा ,अभी भी समय है जनजाति से धर्म परिवर्तन करके अन्य जाति में जो चले गए हैं वे स्वयं अपने मूल धर्म पूर्वजों की पूजा पाठ रीति रिवाज रूढ़ि प्रथा में वापस चले आए अन्यथा उनका लगभग तय है। क्योंकि जनजाति सुरक्षा मंच आगामी 24 मई 2026 को देश के कोने-कोने से जनजातीय सांस्कृतिक समागम, गर्जना रैली, डीलिस्टिंग रैली लाल किला मैदान में दिल्ली जाएंगे और डीलिस्टिंग करा कर ही वापस लौटेंगे।
रांची। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को आगामी असम विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें झारखंड के वरिष्ठ नेताओं के साथ असम में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में व्यापक प्रचार अभियान की जिम्मेदारी दी है।
यह जिम्मेदारी उनके सशक्त नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता और पार्टी के प्रति समर्पण को दर्शाती है। कांग्रेस नेतृत्व ने उनके अनुभव और जनसंपर्क की क्षमता पर भरोसा जताते हुए उन्हें इस अहम अभियान का हिस्सा बनाया है।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले भी कांग्रेस संगठन के साथ असम में लगातार काम किया है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें सम्मान देते हुए स्क्रीनिंग कमेटी की सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने कहा कि इस बार भी पार्टी ने जो दायित्व दिया है, उसे वे पूरी प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य स्पष्ट है—असम में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना और राज्य में जनहित की राजनीति को मजबूत करना।
सहयोग के सवाल पर उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा महागठबंधन और इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि असम में भी सहयोग सकारात्मक और मजबूत रहेगा।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आज देश में आदिवासी समाज के सबसे मजबूत और सम्मानित नेताओं में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन का नाम अग्रणी रूप से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने भाजपा के सामने झुकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना और जेल जाना स्वीकार किया। यहां तक कि जब तक उन्हें हाईकोर्ट से क्लीन चिट नहीं मिली, तब तक उन्होंने मुख्यमंत्री पद भी वापस नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज में हेमंत सोरेन को एक बड़े नेता और प्रेरणा के रूप में देखा जाता है। यदि वे असम में चुनाव प्रचार के लिए जाते हैं, तो निश्चित रूप से भाजपा सरकार को हटाने की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
रांची। झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को रांची स्थित कांग्रेस भवन में संवाददाता सम्मेलन कर इंडो-यूएस ट्रेड डील के विरोध में 16 मार्च को दिल्ली में संसद घेराव करने की घोषणा की। संगठन के नेताओं ने इस डील को देश और किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसका विरोध तेज करने की बात कही।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रांची महानगर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते के कारण भारत की विदेशी नीति प्रभावित हो रही है और कई फैसलों में अमेरिका का दबाव दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार भारत के उत्पादों पर अमेरिका में लगभग 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जबकि अमेरिका के डेयरी और कृषि उत्पादों को भारत में बिना टैरिफ के बेचने की छूट मिल सकती है। इससे भारतीय किसानों के उत्पाद महंगे और अमेरिकी उत्पाद सस्ते हो जाएंगे, जिससे किसानों को नुकसान होगा।
गौरव सिंह ने कहा कि इस डील के विरोध में झारखंड युवा कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता 16 मार्च को दिल्ली पहुंचकर संसद घेराव में शामिल होंगे। इसके बाद राज्य के सांसदों के आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस की मांग है कि इंडो-यूएस ट्रेड डील को तत्काल रद्द किया जाए। यदि सरकार इस पर ध्यान नहीं देती है तो देशहित में जेल भरो आंदोलन भी चलाया जाएगा।
संवाददाता सम्मेलन में बाल संरक्षण आयोग के सदस्य उज्ज्वल तिवारी, अनुशासन समिति के अध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, उपाध्यक्ष शिल्पी वर्मा, दीपक साव, विवेक धान तथा महासचिव गौरव गोलू सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
आसाम/रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम द्वारा बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में आयोजित एक जनसभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि असम में निवास करने वाले गरीब-गुरबा, किसान, आदिवासी, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों पर लम्बे समय से अत्याचार एवं शोषण की बातें लगातार मैंने सुनी है। आप सभी लोगों ने यहां पर कई राजनीतिक एवं सामाजिक उतार-चढ़ाव देखे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों वर्षों से आप सिर्फ असम नहीं बल्कि इस देश के चाय व्यापार जगत का अभिन्न अंग है। आपके बूते ही चाय उद्योग चल रहा है। असम के आदिवासी समुदाय के वैसे भाई-बहन, माता एवं बुजुर्ग जो चाय उद्योग में कार्य करते हैं उन्हें कार्य के बदले मेहनताना के रूप में क्या मिलता है यह किसी से छिपा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आप लोगों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ते-लड़ते क्रांतिकारी नेता प्रदीप नाग जी ने अपने प्राण की आहुति दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य झारखंड में भी जल, जंगल, जमीन का संरक्षण एवं आदिवासी समुदाय की पहचान तथा उनके हक-अधिकार अधिकार के लिए लम्बा संघर्ष हुआ। लगभग 50 वर्ष के संघर्ष के बावजूद जब परिणाम सकारात्मक नहीं रहा तब हमारे अग्रणी नेता दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन सहित अनगिनत क्रांतिकारी नेताओं ने अलग राज्य लेने का निर्णय किया। अलग राज्य निर्माण का संकल्प उसे समय बहुत बड़ा संकल्प था। इस संकल्प को पूरा करने की शुरुआत धनबाद जिला यानी कि कोयला नगरी से प्रारंभ की गई। उस समय क्रांतिकारी नेता स्वर्गीय शक्ति नाथ महतो ने भी कहा था कि यह लड़ाई कोई छोटी लड़ाई नहीं है यह बहुत बड़ी लड़ाई है और इस लड़ाई में हम सभी लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि इस लड़ाई में शामिल पहली पंक्ति के लोग मारे जाएंगे तथा दूसरी पंक्ति के लोग जेल जाएंगे। उन्होंने कहा था कि तीसरी पंक्ति के लोग ही राज्य को सजाने-संवारने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठीक उसी तरह का घटनाक्रम भी हुआ। अलग झारखंड राज्य के निर्माण की लड़ाई में न जाने हमारे कितने क्रांतिकारी वीर शहीद हुए, उस संघर्ष में न जाने कितने माताओं-बहनों की मांग सुनी हुई, बच्चे अनाथ हुए। इतनी यातनाओं के बावजूद हमारे क्रांतिकारी सपूतों ने कभी भी पीठ नहीं दिखाई और संघर्ष को जारी रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग झारखंड राज्य बनने के बाद यह दुर्भाग्य रहा की हमारे आदिवासी समुदाय के लोग आर्थिक, बौद्धिक और सामाजिक रूप से मजबूत नहीं बन सके। हमारी सरकार अब झारखंड के आदिवासी समुदाय के लोगों को उनका हक-अधिकार देने का कार्य निरंतर कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में रहने वाले आदिवासी भाई-बहनों को यहां एक बड़े परिवर्तन की राह पर चलने की आवश्यकता है। इस परिवर्तन के लिए यह जरूरी है कि हम सभी लोगों को एक छत और एक छांव पर आना होगा। अब यहां के आदिवासी समुदाय को बौद्धिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोग उस समुदाय के लोग हैं जो संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटते हैं। आदिवासी समुदाय कभी भी किसी का बुरा नहीं चाहता है। किसी का शोषण या किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाना हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं रहा है। अब हम अपना हक-अधिकार कैसे लेंगे यह हम सभी को बिल्कुल पता है। आदिवासी समुदाय को संविधान में प्रदत्त हक-अधिकार के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि यह विडंबना है कि हजारों वर्षों से असम में निवास करने वाले आदिवासी समाज के साथ आखिर भेदभाव क्यों किया जा रहा है, उन्हें आदिवासी का दर्जा भी नहीं मिल रहा है। असम का एक बहुत बड़ा धड़ा कई यातनाओं से गुजर रहा है, इतना बड़ा समूह वर्तमान समय में अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थिति को बदलने के लिए हम सभी को चट्टान की तरह एकजुट रहना पड़ेगा। पूरे देश में आदिवासी, दलित, पिछड़ों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हर वह प्रयास करने की जरूरत है जो हम सभी लोग मिलजुल कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के भीतर कुछ वैसी शक्तियां हैं जो आदिवासी समुदाय को आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से कमजोर करने पर कोशिश करते हैं। इस समुदाय के लोगों को मजदूर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अब इन सब चीजों से हमें जागरूक रहने की आवश्यकता है। असम एक बेहतरीन एवं खूबसूरत वादियों वाला राज्य है। पर्यटन की दिशा में इस राज्य में असीम संभावनाएं हैं।
रांची। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में रांची के में राजकीय हस्तकरघा एवं सरस मेला 2026 का भव्य उद्घाटन किया गया। यह मेला राज्य के कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने तथा उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, बुनकर, कारीगर तथा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ उपस्थित रहीं। मेले में देशभर से आए कारीगरों और उद्यमियों के 650 स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ खादी, हस्तकरघा, हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों की विविधता देखने को मिल रही है। यह सरस मेला आगामी 20 दिनों तक चलेगा, जिससे लोगों को देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और शिल्प परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
मेले में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कुछ विदेशी स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहाँ खादी और हस्तकला से जुड़े उत्पादों के साथ ग्रामीण उद्योगों की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित किया जा रहा है।
मेले के दौरान पारंपरिक लोक नृत्य, गायन व वादन, हिंदी गायन, नृत्य नाटिका, आधुनिक फोक गायन तथा बैंड की प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जो मेले को सांस्कृतिक रूप से और अधिक जीवंत बनाएंगी।
इस अवसर पर (JSLPS), , , मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग तथा झारखंड हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प निदेशालय सहित विभिन्न सरकारी संस्थाओं के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहाँ राज्य की योजनाओं और उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कही कि प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से महिला उद्यमियों का इस मेले में आना गर्व और प्रेरणा की बात है। सरकार का स्पष्ट प्रयास है कि झारखंड के पारंपरिक उद्योग, हस्तशिल्प और महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिल सके और उनका उद्यम आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ उद्योग विभाग और (JSLPS) के माध्यम से की स्थापना की गई। यह पहल के उस विज़न का हिस्सा है, जिसके तहत झारखंड की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि आज JSLPS से जुड़ी लाखों महिलाएँ सखी मंडलों के माध्यम से न केवल आजीविका कमा रही हैं, बल्कि अपने कौशल, मेहनत और नवाचार के दम पर नए उद्यम भी खड़े कर रही हैं। पलाश ब्रांड के तहत झारखंड के हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य उत्पाद और वन आधारित उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक पहुँच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस मेले में देश के कोने-कोने से बुनकर और उद्यमी आए हैं, लेकिन इसका मुख्य आकर्षण JSLPS से जुड़ी सखी मंडल की महिलाएँ हैं। यहाँ लगाए गए 110 स्टॉल इन्हीं बहनों के हैं, जो अपने उत्पादों के माध्यम से झारखंड की समृद्ध परंपरा, कला और उद्यमिता की पहचान को सामने रख रही हैं।
मंत्री ने कहा कि आज ये महिलाएँ न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि झारखंड की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा रही हैं। सरकार का संकल्प है कि इन महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, बाजार, तकनीक और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका उद्यम और अधिक सशक्त हो और झारखंड महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरे।
नेमरा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन सपरिवार अपने पैतृक गांव नेमरा में आयोजित 'बाहा पर्व' में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ग्रामीणों के साथ नेमरा गांव स्थित जाहेर थान पहुंचे। मुख्यमंत्री वहां पारम्परिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उन्नति की कामना की। परंपरा के अनुरूप पूजन कार्य गांव के नाइके बाबा (पाहन) श्री चैतन टुडू एवं कुडम नाइके बाबा (उप पाहन) श्री छोटू बेसरा ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन नेमरा के ग्रामीणों के साथ 'बाहा पूजा' के लिए अपने निवास स्थान से पदयात्रा करते हुए जाहेर थान पहुंचे।
*मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों का उत्साह चरम पर*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 'बाहा पर्व' में शामिल होने अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर नेमरा सहित आस-पास क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित नजर आए। संस्कृति के अनुरूप नेमरा के ग्रामीण ढोल-नगाड़ा एवं मांदर बजाते हुए मुख्यमंत्री के साथ जाहेर थान पहुंचे। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने स्वयं मांदर बजाकर ग्रामीणों का उत्साहवर्द्धन किया। मौके पर उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया।
*मुख्यमंत्री सपरिवार पहुंचे नेमरा*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन अपनी धर्मपत्नी विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन सहित सपरिवार दो दिवसीय दौरे पर नेमरा पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में आस-पास क्षेत्र के लोग नेमरा गांव पहुंचे तथा मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री भी आत्मीयता के साथ लोगों से मिले एवं उनकी बातों को सुना। मौके पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को 'बाहा पर्व' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव के तहत महापौर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पदों के परिणाम आने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के चुनाव पर टिक गई है। (भाजपा और जेएमएम) इन पदों पर अपने समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर रणनीति बनाने में जुट गई है।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने बताया कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को अन्य दलों की तुलना में बेहतर सफलता मिली है। उनके अनुसार राज्य के नौ नगर निगमों में से पांच जगहों पर भाजपा समर्थित महापौर चुने गए हैं। ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि जहां महापौर भाजपा समर्थित हैं, वहां डिप्टी मेयर भी उसी विचारधारा का हो। वहीं जहां महापौर अन्य दलों के हैं, वहां भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को उपाध्यक्ष पद पर जीत दिलाने की रणनीति बनाई जा रही है।
हालांकि नगर निकाय चुनाव में भाजपा को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। राज्य के 48 शहरी निकायों में महापौर या अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित करीब 16 उम्मीदवार ही जीत दर्ज कर सके। नगर परिषद की 20 सीटों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को तीन, कांग्रेस समर्थित को दो, (झामुमो) समर्थित को चार और 11 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।
नगर पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत रही। यहां छह सीटों पर भाजपा समर्थित, चार पर झामुमो समर्थित और आठ सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए। वहीं धनवार नगर पंचायत में समर्थित उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए।
राजधानी में महापौर पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वहीं और नगर निगम की सीटें झामुमो के खाते में चली गईं। में भाजपा समर्थित उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा, जहां ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की।
डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के चुनाव में निर्वाचित पार्षदों की भूमिका अहम होती है। उदाहरण के तौर पर रांची नगर निगम में 53 वार्ड पार्षद चुने गए हैं, जो डिप्टी मेयर के चुनाव में मतदान करेंगे। जिस उम्मीदवार को सबसे अधिक मत मिलेंगे, उसे विजयी घोषित किया जाएगा।
के अनुसार सभी 48 नगर निकायों में डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया 10 मार्च से शुरू होकर 20 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।
- रांची नगर निगम – 19 मार्च
- धनबाद नगर निगम – 18 मार्च
- मानगो नगर निगम – 17 मार्च
- मेदिनीनगर नगर निगम – 14 मार्च
डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होता है। इसमें आम मतदाता हिस्सा नहीं लेते, बल्कि केवल निर्वाचित वार्ड पार्षद ही मतदान करते हैं। महापौर या अध्यक्ष इस चुनाव में मतदान नहीं कर सकते। निर्वाचित पार्षदों में से कोई भी सदस्य इन पदों के लिए नामांकन दाखिल कर सकता है।
रांची। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को गरिमामय एवं आत्मीय वातावरण में विदाई दी गई। इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री तथा ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री, झारखंड सरकार, दीपिका पांडेय सिंह ने राष्ट्रपति को राज्य की सखी मंडल की दीदियों द्वारा स्नेहपूर्वक तैयार ‘ पलाश’ ब्रांड का विशेष उपहार भेंट किया।
‘पलाश’ ब्रांड झारखंड की महिलाओं की प्रतिबद्धता, परिश्रम और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। सखी मंडलों से जुड़ी हजारों महिलाएं स्थानीय संसाधनों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर न केवल अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। खाद्य सामग्री से लेकर हस्तशिल्प एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं तक, ‘पलाश’ आज विश्वसनीयता और गुणवत्ता का पर्याय बनता जा रहा है और घर-घर में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सखी मंडलों को प्रशिक्षण, विपणन मंच और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके। ‘पलाश’ केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर झारखंड की दिशा में बढ़ता हुआ एक सशक्त आंदोलन है।
झारखंड सरकार प्रदेशवासियों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने और ‘पलाश’ जैसे स्वदेशी ब्रांड को बढ़ावा देने का आह्वान करती है, ताकि सामुदायिक सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां मिल सकें।
रांची। झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत 6,450 करोड़ के तृतीय अनुपूरक बजट को लेकर ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री ने झारखंड के ग्रामीण इतिहास में एक निर्णायक एवं दूरगामी प्रभाव वाला अध्याय बताया है।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधान नहीं, बल्कि झारखंड के गाँवों की तकदीर और तस्वीर बदलने का सशक्त संकल्प है। उन्होंने कहा, “यह झारखंड के स्वर्णिम ग्रामीण विकास की आधारशिला है। विकास अब कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गाँव-गाँव तक पहुँचेगा और धरातल पर दिखाई देगा।”
तृतीय अनुपूरक बजट की प्रमुख बातें:
ग्रामीण कार्य विभाग – 1,717.58 करोड़
इस ऐतिहासिक राशि से ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों एवं आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।
पंचायती राज विभाग – 658 करोड़
यह प्रावधान पंचायतों को वित्तीय, प्रशासनिक एवं संस्थागत रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्राम सभाओं की भूमिका सुदृढ़ होगी तथा स्थानीय स्तर पर विकास की निर्णय प्रक्रिया को नई ऊर्जा मिलेगी।
ग्रामीण विकास विभाग – ₹594.88 करोड़
इस राशि से ग्रामीण आजीविका मिशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण एवं गरीबों के उत्थान संबंधी कार्यक्रमों को गति मिलेगी।
मंत्री श्रीमती सिंह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि राज्य में पहली बार स्टेट फाइनेंस कमीशन (SFC) की अनुशंसा पर पंचायतों के लिए 605 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसे उन्होंने ग्राम स्वशासन को वास्तविक अर्थों में सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।
उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री के नेतृत्व एवं दूरदृष्टि के प्रति आभार व्यक्त किया तथा माननीय वित्त मंत्री श्री को धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनके सहयोग और प्रतिबद्धता से यह प्रावधान संभव हो सका।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि समग्र बजट पर दृष्टि डालने पर स्पष्ट है कि राज्य के शीर्ष विभागों में ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग को प्रमुख स्थान मिला है। यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता सत्ता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है।
उन्होंने कहा कि दोनों विभाग समर्पण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहे हैं। लक्ष्य स्पष्ट है—मजबूत पंचायतें, सुदृढ़ आधारभूत संरचना, सशक्त महिलाएँ, सुरक्षित आजीविका और आत्मनिर्भर गाँव।
यह तृतीय अनुपूरक बजट झारखंड के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। झारखंड का स्वर्णिम विकास गाँव-गाँव तक पहुँचेगा, पंचायतें परिवर्तन की धुरी बनेंगी और ग्रामीण समाज सशक्त होकर राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा।
साहिबगंज। नगर निकाय चुनाव को लेकर शहर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में (झामुमो) समर्थित उम्मीदवार रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान के समर्थन में पार्टी के केंद्रीय सचिव व प्रवक्ता ने साहिबगंज में भव्य रोड शो किया।
रोड शो के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख चौक-चौराहों पर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यकर्ताओं ने जोशपूर्ण नारेबाजी के साथ पूरे माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।
पंकज मिश्रा ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निकाय चुनाव सिर्फ प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं, बल्कि शहर के विकास की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मौका है। उन्होंने कहा कि रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे हैं और जल निकासी, सड़क मरम्मत, सफाई व्यवस्था तथा पेयजल संकट जैसी स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता से उठाते रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि झामुमो समर्थित उम्मीदवार नगर परिषद में आम लोगों की आवाज बनकर काम करेंगे तथा पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करेंगे।
वहीं, रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान ने मतदाताओं को आश्वस्त किया कि जनसमर्थन मिलने पर वे शहर के समग्र विकास, युवाओं के लिए रोजगारपरक पहल, स्वच्छता अभियान की मजबूती और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता देंगे।
रोड शो के अंत में कार्यकर्ताओं ने अधिक से अधिक मतदान कर विकास के पक्ष में निर्णय लेने की अपील की।
चतरा । नगर परिषद क्षेत्र से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संजय कुमार जायसवाल लगातार जनसंपर्क अभियान के तहत आम नागरिकों से मिलकर समर्थन मांग रहे हैं। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों से संवाद करते हुए कहा कि उनका परिवार पिछले लगभग 300 वर्षों से चतरा नगर परिषद क्षेत्र में निवास करता आ रहा है और सदैव सामाजिक सेवा से जुड़ा रहा है।
उन्होंने बताया कि उनके घर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, विनोबा भावे से लेकर कई प्रतिष्ठित सामाजिक एवं राजनीतिक व्यक्तित्वों का आगमन हो चुका है। उनका परिवार सामाजिक कार्यों की एक मजबूत और समृद्ध विरासत से जुड़ा हुआ है। उनके चाचा छात्रा नगर परिषद क्षेत्र के अध्यक्ष रह चुके हैं और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।
संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि वे वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हैं। उन्होंने 23 फरवरी को होने वाले नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में जनता से अपील करते हुए कहा:
“मैं चतरा नगर परिषद क्षेत्र की जनता से विनम्र निवेदन करता हूं कि मेरे सामाजिक कार्यों, पारिवारिक विरासत और विकास के संकल्प को देखते हुए 23 फरवरी को मुझे अपना अमूल्य मत ड्रिल छाप पर मोहर देकर विजयी बनाएं, ताकि चतरा के विकास को नई दिशा और नई ऊंचाई मिल सके।”
उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्र की जनता विकास, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प के साथ उनके साथ खड़ी होगी।
रांची। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने सोमवार को रांची में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुई।
बैठक में झारखंड कांग्रेस के सह प्रभारी , कांग्रेस विधायक दल के नेता , उपनेता सहित कांग्रेस के मंत्रीगण एवं विधायक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर विस्तृत एवं रणनीतिक चर्चा की गई। राज्य के समग्र विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक न्याय की सुदृढ़ता तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की भूमिका को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयास जारी रखने की बात कही।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी बजट सत्र के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ सदन में उठाया जाएगा तथा राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए समन्वित एवं प्रभावी रणनीति अपनाई जाएगी।
कांग्रेस विधायक दल ने विश्वास व्यक्त किया कि समन्वय, प्रतिबद्धता और जनभागीदारी के बल पर झारखंड को विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।
रांची/ नामकुम क्षेत्र में आयोजित संगठनात्मक बैठक में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कार्यकर्ताओं, माताओं, बहनों एवं युवाओं के साथ विस्तृत संवाद किया। बैठक में रांची नगर निकाय चुनाव 2026 के मद्देनज़र महापौर पद की उम्मीदवार रमा खलको के समर्थन में रणनीति तय की गई।
बैठक के दौरान घर-घर जनसंपर्क अभियान को तेज करने, प्रत्येक मतदाता तक विकास का संदेश पहुँचाने तथा संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त और सक्रिय बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह चुनाव केवल एक पद का चुनाव नहीं, बल्कि रांची के भविष्य, उसकी दिशा और विकास की गति तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे पूर्ण प्रतिबद्धता, अनुशासन और समर्पण के साथ जनता के बीच जाएँ। सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को घर-घर तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ, सशक्त और विकसित रांची के निर्माण के लिए संगठित प्रयास आवश्यक है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत से समर्थित प्रत्याशी रमा खलको भारी मतों से विजयी होंगी और रांची के समग्र एवं संतुलित विकास का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा।
रांची। झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी (JSLPS) की शासी निकाय की 7वीं बैठक रांची स्थित एफएफपी भवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने की।
बैठक में ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा कर अहम निर्णय लिए गए। विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं की आय को टिकाऊ और सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार की विभिन्न आपूर्ति आवश्यकताओं—जैसे सैनिटरी नैपकिन, स्कूलों के लिए कॉपी-किताबें एवं बैग, मिड-डे मील के लिए खाद्य सामग्री, दूध, फल एवं सब्ज़ियां आदि—का उत्पादन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से कराया जाएगा। इससे महिलाओं को स्थायी आय के अवसर उपलब्ध होंगे और स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि JSLPS एक स्वतंत्र सोसाइटी के रूप में विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करेगी। सिविल सोसाइटी संगठनों (CSOs) के सहयोग से महिलाओं की आजीविका, स्वास्थ्य और बुनियादी आवश्यकताओं को सशक्त करने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। ग्रामीण महिलाओं का समय पेयजल की व्यवस्था में व्यर्थ न हो, इसके लिए सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने से संबंधित कार्यों को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
सिंचाई एवं आजीविका को सशक्त करने के उद्देश्य से माइक्रो-लिफ्ट इरिगेशन परियोजनाओं के विस्तार का निर्णय लिया गया। वर्तमान में यह योजना 10 प्रखंडों में संचालित है, जिसे आगामी वर्ष में बढ़ाकर 50 प्रखंडों तक विस्तारित करने की योजना है। सिंचाई सुविधा मिलने के बाद महिलाओं की बागवानी गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और कई मामलों में उनकी आय में पाँच गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है।
अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिकाधिक स्वयं सहायता समूहों तक संसाधन और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर भी चर्चा हुई। कृषि विभाग के सहयोग से समूह की महिलाओं को ट्रैक्टर सहित विभिन्न कृषि संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि राज्य की सभी योजनाओं का लाभ अधिकतम महिलाओं तक पहुँचे और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
भ्रष्टाचार और कार्यों में देरी के मुद्दे पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट कहा कि कार्यों में और तेजी लाई जा सकती है। कुछ नॉन-फाइनेंशियल MoU, परियोजनाओं के विस्तार एवं विभागीय भर्ती से जुड़े लंबित मामलों को शीघ्र पूर्ण करने तथा प्रक्रियागत त्रुटियों को दूर कर कार्य में गति लाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि प्राप्त बजट राशि का समय-सीमा के भीतर प्रभावी उपयोग किया गया है और जहाँ भी कमियाँ रही हैं, उन्हें वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने का प्रयास किया गया है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता और परिणाम-उन्मुख कार्यशैली सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण और अधिक गति प्राप्त कर सके।
350 जरूरतमंदों का नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन, दीप आई हॉस्पिटल में चरणबद्ध इलाज
बजरंगी जैसे समाजसेवियों से ही जरूरतमंदों का हो रहा वास्तविक कल्याण : डॉ. विजय कुमार
साहिबगंज। सेवा और समर्पण का प्रेरक उदाहरण बुधवार को भरतिया कॉलोनी स्थित अयोध्या धाम परिसर में देखने को मिला, जहां समाजसेवी एवं भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव की पहल पर नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नेत्र रोगियों, उनके परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सूर्या सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. विजय कुमार, रेलवे के सेवानिवृत्त पदाधिकारी जी.पी. सिंह, समाजसेवी सुशील भरतिया, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक शंभू नाथ यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बजरंगी प्रसाद यादव ने कहा
मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की आंखों की रोशनी लौटाना ही मेरा जीवन संकल्प है। आगे उन्होंने बताया कि साहिबगंज एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। पूर्व में आयोजित शिविरों के माध्यम से हजारों लोगों की आंखों की जांच, दवा वितरण तथा लगभग दो हजार जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क चश्मा प्रदान किया जा चुका है।
इस शिविर में कुल 350 मोतियाबिंद मरीजों को चिन्हित किया गया, जिनका ऑपरेशन चरणबद्ध तरीके से दीप आई हॉस्पिटल, साहिबगंज में कराया जा रहा है। अब तक दर्जनों मरीजों का सफल ऑपरेशन हो चुका है। आयोजकों की ओर से मरीजों के रहने, खाने एवं देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई है।
मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार ने कहा,
बजरंगी यादव जैसे समाजसेवी व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके प्रयासों से सैकड़ों जरूरतमंदों को नेत्र रोग से राहत मिल रही है।उन्होंने भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं मरीजों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर के सफल आयोजन में कई समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।
पटना। बिहार की राजनीति में शुक्रवार देर रात उस वक्त हलचल मच गई, जब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने नाटकीय घटनाक्रम के बीच गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 31 साल पुराने धोखाधड़ी और मकान विवाद से जुड़े मामले में अदालत के सख्त रुख के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में दर्ज FIR संख्या 552/1995 में आरोप है कि पप्पू यादव ने किराए पर मकान लेकर उसे कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया और बाद में कथित रूप से उस पर अवैध कब्जा कर लिया। मकान मालिक विनोद बिहारी लाल की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ था, जो वर्षों से अदालत में लंबित चला आ रहा है।
कोर्ट की सख्ती के बाद हुई गिरफ्तारी
अदालत में लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए पहले गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया, फिर इश्तेहार चस्पा हुआ और अंततः संपत्ति कुर्की का आदेश दिया गया। इसी क्रम में पटना पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर शुक्रवार आधी रात पप्पू यादव को हिरासत में लिया। उन्हें फिलहाल पुलिस सेल में रखा गया है और शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
समर्थकों और पुलिस के बीच तनाव
गिरफ्तारी के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पप्पू यादव के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी बहस देखने को मिली, हालांकि स्थिति को नियंत्रण में रखा गया।
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव के गंभीर आरोप
हिरासत में लिए जाने के बाद पप्पू यादव ने कहा,मेरे साथ क्या होगा, कुछ पता नहीं
उन्होंने आरोप लगाया कि NEET छात्रा के समर्थन में आवाज उठाने के कारण बिहार सरकार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने यहां तक दावा किया कि डिप्टी सीएम उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं।
पप्पू यादव का कहना है कि सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों के रवैये से उन्हें डर लगा और उन्हें आशंका थी कि उन पर गोली भी चल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वे कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए खुद पटना आए थे।
1995 के केस में अहम मोड़
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, तीन दशक पुराने इस मामले में अब जाकर हुई गिरफ्तारी को न्यायिक प्रक्रिया का बड़ा मोड़ माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला इस मामले की दिशा तय करेगा, वहीं सियासी गलियारों में भी इसकी गूंज तेज होती दिख रही है।
रांची। नगरपालिका (आम) निर्वाचन–2026 के अंतर्गत रांची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत के विभिन्न पदों के लिए प्राप्त नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रुटनी) की प्रक्रिया गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह प्रक्रिया समाहरणालय के ब्लॉक-बी स्थित निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित तिथि एवं समय पर पूरी की गई।
संवीक्षा के उपरांत रांची नगर निगम अंतर्गत महापौर पद के लिए कुल 19 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए, जिनमें 5 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। वहीं नगर निगम क्षेत्र के 53 वार्डों के लिए पार्षद पद हेतु कुल 390 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए, जिनमें 242 महिला प्रत्याशी हैं।
इसी क्रम में बुंडू नगर पंचायत अंतर्गत अध्यक्ष पद के लिए 7 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए। जबकि वार्ड सदस्य पद के लिए कुल 50 अभ्यर्थी योग्य घोषित किए गए, जिनमें 27 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, अभ्यर्थी 6 फरवरी 2026 को अपना नाम वापस ले सकेंगे, जबकि 7 फरवरी 2026 को चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।
साहिबगंज। नगरपालिका (आम) निर्वाचन–2026 के तहत साहिबगंज जिले में आज नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। जिला जनसंपर्क कार्यालय, साहिबगंज से प्राप्त जानकारी के अनुसार संवीक्षा के उपरांत कुल 261 अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र विधिमान्य पाए गए हैं।
संवीक्षा की यह प्रक्रिया साहिबगंज नगर परिषद, राजमहल नगर पंचायत एवं बरहरवा नगर पंचायत के लिए सम्पन्न हुई, जिसमें अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद पद के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच की गई।
साहिबगंज नगर परिषद
- अध्यक्ष पद के लिए – 18 अभ्यर्थी
- वार्ड पार्षद पद (वार्ड संख्या 01 से 07) – 30 अभ्यर्थी
- वार्ड पार्षद पद (वार्ड संख्या 08 से 14) – 32 अभ्यर्थी
- वार्ड पार्षद पद (वार्ड संख्या 15 से 21) – 25 अभ्यर्थी
- वार्ड पार्षद पद (वार्ड संख्या 22 से 28) – 36 अभ्यर्थी
नगर पंचायत, राजमहल
- अध्यक्ष पद के लिए – 05 अभ्यर्थी
- वार्ड पार्षद पद (वार्ड संख्या 01 से 07) – 27 अभ्यर्थी
- वार्ड पार्षद पद (वार्ड संख्या 08 से 14) – 20 अभ्यर्थी
नगर पंचायत, बरहरवा
- अध्यक्ष पद के लिए – 06 अभ्यर्थी
- वार्ड पार्षद पद (वार्ड संख्या 01 से 07) – 29 अभ्यर्थी
- वार्ड पार्षद पद (वार्ड संख्या 08 से 14) – 33 अभ्यर्थी
प्रशासन के अनुसार संवीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं नियमानुसार सम्पन्न हुई। अब आगामी चरण में नाम वापसी एवं चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी।
रांची। नगरपालिका (आम) निर्वाचन–2026 के अंतर्गत नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया बुधवार को विधिवत रूप से संपन्न हो गई। अंतिम दिन रांची समाहरणालय एवं बुण्डू अनुमंडल कार्यालय में बनाए गए निर्वाची पदाधिकारियों के कक्षों में अभ्यर्थियों द्वारा बड़ी संख्या में नामांकन पत्र दाखिल किए गए। नामांकन के अंतिम दिन चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया और प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
महापौर पद के लिए कड़ा मुकाबला । अंतिम दिन महापौर पद के लिए 09 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस प्रकार कुल 19 अभ्यर्थियों ने रांची नगर निगम के महापौर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।
महापौर पद के लिए नामांकन करने वाले सभी 19 अभ्यर्थी इस प्रकार हैं—
रमा खलखो, सुनील फकीरा कच्छप, देवी दयाल मुण्डा, कथरीना तिर्की, सोनू खलखो, राजेन्द्र मुण्डा, सुजाता कच्छप, विनोद कुमार बड़ाईक, संजय कुमार टोप्पो, प्रवीण कच्छप, सुमन कांत तिग्गा, अजीत लकड़ा, किरण कुमारी, सुरेंद्र लिंडा, रौशनी खलखो, रामशरण तिर्की, सुजीत कुमार कुजूर, सुजीत विजय आनंद कुजूर एवं बीरू तिर्की।
वार्ड सदस्यों के लिए भारी संख्या में नामांकन
रांची नगर निगम के सभी 53 वार्डों के लिए आज कुल 167 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया। इनमें 96 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं, जो स्थानीय निकाय चुनावों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
वार्डवार नामांकन की स्थिति इस प्रकार रही—
(वार्ड 1 से वार्ड 53 तक विवरण यथावत)
बुण्डू नगर पंचायत में भी नामांकन संपन्न
बुण्डू नगर पंचायत अंतर्गत अध्यक्ष पद के लिए आज 03 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। वहीं वार्ड पार्षद पद के लिए कुल 23 अभ्यर्थियों ने नामांकन किया, जिनमें 08 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।
बुण्डू नगर पंचायत में वार्डवार नामांकन की स्थिति इस प्रकार है—
निर्वाचन विभाग के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी एवं चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न की जाएगी। इसके बाद चुनाव प्रचार का दौर तेज हो जाएगा और मतदाता अपने जनप्रतिनिधि चुनने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएंगे । नगरपालिका चुनाव–2026 को लेकर रांची और बुण्डू क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और इस बार मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।
साहेबगंज। नगर पालिका (आम) निर्वाचन–2026 के तहत साहिबगंज जिले के तीन प्रमुख नगर निकायों—साहिबगंज नगर परिषद, राजमहल नगर पंचायत एवं बरहरवा नगर पंचायत—में अभ्यर्थियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया आज अंतिम दिन संपन्न हो गई। अंतिम तिथि को लेकर प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।निर्वाचन कार्यालयों में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा, जहां अध्यक्ष पद के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। अब नामांकन की जांच, नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया के बाद चुनावी तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो जाएगी।
साहिबगंज नगर परिषद में अध्यक्ष पद के लिए कुल 18 प्रत्याशियों ने किया नामांकन
अशोक कुमार तुरी, रामनाथ पासवान, कपिल देव दास, दिनेश कुमार पासवान, संजय रविदास, मनोज कुमार पासवान, दारा पासवान, रविंद्र कुमार पासवान, पंकज रजक, अंकित कुमार पासवान, मनोज पासवान, रोहित कुमार रविदास, प्रमोद कुमार पासवान, अमृत कुमार रजक, अनूप लाल हरी, रामकुमार पासवान, विनोद कुमार चौधरी एवं महेंद्र पासवान शामिल हैं।
राजमहल नगर पंचायत (अध्यक्ष पद)
राजमहल नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए 6 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें—
भावना गुप्ता, मोहम्मद मखदुम शेख, केताबुद्दीन शेख, माधवी लता मंडल, मोहम्मद गुलाम सरवर एवं मोहम्मद जियाउल अंसारी के नाम प्रमुख हैं।
बरहरवा नगर पंचायत (अध्यक्ष पद)
बरहरवा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए 6 प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की है -
ललिता देवी, मिनती सरकार, मीनाक्षी कुमारी, रफत निसार, बबीता कुमारी एवं अर्पिता दास शामिल हैं।
चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार अध्यक्ष पद के लिए बड़ी संख्या में नामांकन होने से मुकाबला रोचक होने की पूरी संभावना है। अब सभी की निगाहें नामांकन पत्रों की जांच और उसके बाद शुरू होने वाले चुनाव प्रचार पर टिकी हैं।
साहेबगंज । नगर निकाय चुनाव को लेकर नगर परिषद साहिबगंज के वार्ड नंबर 27 में भी सियासी पारा तेज हो चुका है। इसी बीच नामांकन के अंतिम दिन कविता देवी ने वार्ड पार्षद प्रत्याशी के लिए नामांकन कर चुनावी रणभूमि में खलबली मचा दी है। नामांकन के बाद कविता देवी ने कहा की जनता की आवाज सुनकर उन्होंने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। वार्ड नंबर 27 की जनता का प्यार, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। कविता देवी ने कहा कि यदि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिलता है और वह वार्ड पार्षद बनती है तो हर गली में अच्छी सड़क, नाली और लाइट की व्यवस्था होगी। नल जल योजना से हर घर तक पीने का पानी का व्यवस्था किया जाएगा। हर महीने जनता दरबार लगाकर जनता की समस्याओं को सुनेंगे और तत्काल उनके समाधान करने का काम करेंगे। सरकार की सभी योजनाओं को वार्ड के हर व्यक्ति तक पहुंचाना उनका अंतिम लक्ष्य रहेगा।
रांची । झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस कमिटी के तत्वाावधान में प्रथम प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक फेलिसिटी बैंक्वेट हाॅल, डोरण्डा, बड़ा घाघरा में किया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव ने किया।
बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष उदय भानु चिब, युवा कांग्रेस के प्रदेश युवा प्रभारी मनीष शर्मा एवं झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रभारी के0 राजू, झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, सीएलपी लीडर प्रदीप यादव उप सीएलपी लीडर राजेश कश्यप , ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे ,कृषि मंत्रि शिल्पी नेहा तिर्की, सचेतक विधायक कुमार जयमंगल सिंह, युवा आयोग के अध्यक्ष कुमार गौरव , बाल आयोग के सदस्य उज्जवल प्रकाश तिवारी, रांची महानगर अध्यक्ष कुमार राजा,विधायकगण, युवा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारीगण शामिल हुए।
राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि ये महात्मा गांधी, बाबा साहेब अम्बेदकर का देश है जो संविघान से चलता है लेकिन वर्तमान केन्द्र सरकार संविधान विरोधी है। इस देश को बचाना है तो युवा साथियों को आगे आकर संविधान की रक्षा करना होगा।
प्रदेश युवा प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विचार धारा वाले युवा जो जोड़ने का काम करें और संगठन को मजबुत बनाये याद रखे युवा होना एक अवसर है इसे जिम्मेदारी समझे।
झारखण्ड प्रदेश के युवा कांग्रेस ने 100 दिनों संकल्प लिया जिसमें नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के समस्याओं को उजागर करते हुए संगठन को मजबूत करना है।
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्षगण एवं प्रदेश के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
रांची। नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 अंतर्गत आज दिनांक 02.02.2026 को रांची समाहरणालय एवं बुण्डू अनुमंडल कार्यालय में बनाये गये निर्वाची पदाधिकारियों के कक्ष से अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन दाखिल किया।
महापौर के लिए आज शून्य और सभी 53 वार्ड के लिए कुल 94 अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन दाखिल किया, इनमें 65महिलाएं हैं।
महापौर के लिए अब तक 21 अभ्यर्थी नाम निर्देशन पत्र खरीद चुके हैं तथा किसी भी अभ्यर्थी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। आज महापौर पद के लिए अन्तु तिर्की, अजय मुण्डा, सुरेन्द्र लिण्डा, सुजित विजय आनंद कुजूर और सेनेन डेजी सुरिन ने नाम निर्देशन पत्र खरीदे।
सभी 53 वार्डों में नामांकन दाखिल करने की संख्या निम्न है:-
वार्ड 1 - 00
वार्ड 2 - 02
वार्ड 3 - 05
वार्ड 4 - 06
वार्ड 5 - 04
वार्ड 6 - 03
वार्ड 7 - 01
वार्ड 8 - 00
वार्ड 9 - 03
वार्ड 10 - 01
वार्ड 11 - 01
वार्ड 12 - 01
वार्ड 13 - 02
वार्ड 14 - 02
वार्ड 15 - 00
वार्ड 16 - 01
वार्ड 17 - 02
वार्ड 18 - 03
वार्ड 19 - 00
वार्ड 20 - 00
वार्ड 21 - 01
वार्ड 22 - 00
वार्ड 23 - 03
वार्ड 24 - 02
वार्ड 25 - 01
वार्ड 26 - 01
वार्ड 27 - 01
वार्ड 28 - 02
वार्ड 29 - 02
वार्ड 30 - 03
वार्ड 31 - 02
वार्ड 32 - 06
वार्ड 33 - 02
वार्ड 34 - 05
वार्ड 35 - 01
वार्ड 36 - 01
वार्ड 37 - 01
वार्ड 38 - 00
वार्ड 39 - 00
वार्ड 40 - 02
वार्ड 41 - 01
वार्ड 42 - 04
वार्ड 43 - 00
वार्ड 44 - 01
वार्ड 45 - 03
वार्ड 46 - 03
वार्ड 47 - 00
वार्ड 48 - 01
वार्ड 49 - 03
वार्ड 50 - 04
वार्ड 51 - 00
वार्ड 52 - 01
वार्ड 53 - 00
*बुण्डू नगर पंचायत में वार्ड पार्षद के लिए नामांकन दाखिल करने की संख्या निम्न है:-*
वार्ड 1 - 01
वार्ड 2 - 00
वार्ड 3 - 01
वार्ड 4 - 00
वार्ड 5 - 02
वार्ड 6 - 00
वार्ड 7 - 00
वार्ड 8 - 02
वार्ड 9 - 00
वार्ड 10 - 00
वार्ड 11 - 03
वार्ड 12 - 02
वार्ड 13 - 00
तिनसुकिया। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रविवार को असम के तिनसुकिया जिला में ऑल आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ आसाम द्वारा आयोजित "21वीं आदिवासी महासभा-2026" को संबोधित करते हुए कहा कि यहां आप सभी आदिवासी समुदाय के लोग जो लगभग डेढ़ सौ वर्षों से यहां रह रहे हैं उनसे रू-ब-रू होने का आज मुझे मौका मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के वैसे सभी आदिवासी-मूलवासी समुदाय के जनमानस जो असम में रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं उनकी तकलीफों, उनपर हो रहे अत्याचारों और व्यथा को सुनने के लिए हम आज यहां आए हैं। हम लोग झारखंड से आए हैं, कहीं न कहीं आप सभी का जुड़ाव भी झारखंड से बहुत पुराना रहा है। झारखंड एक ऐसा प्रदेश है जब देश के लोग आजादी का सपना भी नहीं देखे थे, उस समय आजादी की लड़ाई हमारे पूर्वज अंग्रेजों के साथ लड़ रहे थे। देश की आजादी में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, तिलका मांझी सहित झारखंड के अनगिनत वीर सपूतों का अहम योगदान रहा है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सपूतों ने पीढ़ियों को बचाने, जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया है। आदिवासी समाज के लोगों ने ही अंग्रेजों से सबसे पहले लोहा लेने का काम किया था।आखिर किस कारण से आज देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी समाज के लोग अपने हक-अधिकार की लड़ाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़ा वैसे वर्ग है जो समाज के सबसे कमजोर एवं नीचे पायदान में रहने वाले लोग हैं। ऐसी क्या परिस्थिति आ गई जो यहां के आदिवासी-मूलवासी अलग-थलग होकर बिखरने को मजबूर हुए हैं। कई जगहों पर आदिवासी समुदाय के लोग हाशिए पर रहकर अपना जीवन जी रहे हैं। इन विषयों पर गंभीर चिंतन की जरूरत है।मौके पर मुख्यमंत्री ने असम के कद्दावर आदिवासी नेता स्व० प्रदीप नाग एवं प्रसिद्ध गायक स्व० जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की।
*राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचने का हुआ कार्य*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश आजाद हुए 75 साल हो गए हैं। देश में कई नीतियां-कानून बने। देश के संविधान से हमें रक्षा कवच मिला उसके बावजूद आज हम कहां खड़े हैं। आज हमारा समाज कितना संघर्ष कर रहा है यह बहुत बेहतर तरीके से आप सभी लोग जानते हैं। आज सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से आदिवासी समुदाय कमजोर है और इसी कमजोरी का फायदा बड़े एवं सामंती विचारधारा वाले लोग बहुत चालाकी से उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी आज हमारे बीच नहीं हैं, जब उन्होंने अलग राज्य की परिकल्पना की तो कुछ लोग मजाक उड़ाते थे कि आदिवासी लोग अलग राज्य बनाएंगे। आज सच्चाई पूरे देश के सामने हैं। वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य झारखंड बना। यह बात सही है कि उस समय क्या नारा लगता था, कैसे लेंगे झारखंड, लड़के लेंगे झारखंड। उस समय न मोबाइल, न गाड़ी, न मोटर उसके बावजूद झारखंड के लोग जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए चीटियों की तरह एकजुट हो जाते थे। राज्य अलग हुआ लेकिन इसका फायदा आदिवासी समुदाय को नहीं मिला। हम लोगों को तो राज्य लेना था, हमारे अग्रणी नेताओं ने सोचा कि राज्य अलग होगा तो यहां के आदिवासियों-मूलवासियों का विकास होगा। झारखंड राज्य अलग होने के बाद बौद्धिक रूप से मजबूत लोगों ने 15 वर्ष से ज्यादा समय तक झारखंड को पीछे धकेलने का काम किया, नतीजा यह हुआ कि राशन कार्ड लेकर लोग भात-भात-कहते हुए भूख से मरने को विवश हुए, फिर हमने प्रखंड-प्रखंड, गांव-गांव, टोला-टोला पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का काम किया फिर लोगों ने हमें राज्य की बागडोर संभालने का मौका दिया। राज्य का बागडोर संभालते ही हमने 5 साल के भीतर स्थिति को बदलने की कोशिश की और हमें सफलता भी मिली। वैसे गरीब, पीड़ित, शोषित, आदिवासी-मूलवासी समुदाय के लोग जो कभी जिला ऑफिस, प्रखंड कार्यालय नहीं देखे थे, बीडीओ, सीओ, डीसी, एसपी को नहीं जानते थे उनतक हमने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का काम किया है।
आदिवासी अपना हक-अधिकार, अपनी मान्यता के लिए कर रहे संघर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में रहते हुए हमारे यहां के आदिवासी अपना हक-अधिकार, अपनी मान्यता के लिए संघर्षशील हैं। आज आदिवासियों के हितैषी बनने वाले लोग आदिवासियों को ही हाशिए पर रखने के लिए उतारू हैं। वे जानते हैं कि आदिवासी समाज अगर आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत हो गया तो वे अपनी हक-अधिकार, जल-जंगल-जमीन की बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा की जरूरत पड़ने पर आसाम में रहने वाले आदिवासियों की मदद करने के लिए पूरा झारखंड का आदिवासी समाज आगे आकर खड़ा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय की एकजुटता ही हमारी पहचान है। पहले दुनिया हमारी एकजुटता का लोहा मानती थी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी वर्ग-समुदाय के लोगों की एकजुटता देश को मजबूती प्रदान करती है, लेकिन पिछले कुछ समय से बौद्धिक और आर्थिक रूप से समृद्ध लोगों ने हमारी एकजुटता पर प्रहार करने का काम किया है।
*राज्य में महिलाएं हुई सशक्त*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य है। हमारी सरकार ने यह तय किया है कि इस राज्य ने बहुत कुछ दिया है अब इस राज्य के लोगों को वापस देने की जरूरत है। हमारे राज्य के संसाधन का सही मूल्य मिले इस पर हम बेहतर कार्यपद्धति से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के वार्षिक सम्मेलन में एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड ने अपनी ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज किया है। आज झारखंड ने वैश्विक पटल पर अपनी बातें पहुंचाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य की आधी आबादी को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाने का काम कर दिखाया है। प्रत्येक माह राज्य की लगभग 55 लाख महिलाओं को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत उनके बैंक खाते में 2500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारे विकास मॉडल की कॉपी दूसरे राज्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की राशि पिछले दो वर्षों से निरंतर यहां की महिलाओं को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने झारखंड के नौजवानों के लिए गए महत्वाकांक्षी स्कीम्स लागू किए हैं। यहां के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लख रुपए तक का एजुकेशन लोन बिना कोई गारंटी के उपलब्ध कराई जा रही है।
इस अवसर पर मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा, विधायक मो० ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, ASSAA सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष रेजन होरो, उपाध्यक्ष डेविड तिर्की , अमरजीत केरकेट्टा, अल्बर्ट ओरिया सहित अन्य सदस्यगण, असम के कोने-कोने से बड़ी संख्या में पहुंचे महिला, पुरुष, नौजवान, बच्चे, बच्चियां सहित आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित थे।
रांची। श्री श्याम परिवार रांची द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्री श्याम निशान अमृत महोत्सव 2026 दिनांक 1.02.2026 प्रातः 4:00 बजे श्री गणेश महाराज एवं सारे देवी देवताओं सहित प्रभु श्री श्याम के अध्यक्ष श्रवण जालान (सपरिवार) के द्वारा पूजन आरंभ किया गया प्रभु श्री श्याम की अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई भारत के विभिन्न कोनो से अनेकों तरह के रंग-बिरंगे फूलों से प्रभु श्री श्याम की मनमोहक श्रृंगार किया गया श्री श्याम परिवार रांची द्वारा विधिवत भजनों के साथ महेश सैन, मंटू जालान, विष्णु शर्मा, विशाल शर्मा, जयदीप राज आदि सभी ने श्री श्याम परिवार की तरफ से प्रभु गुणगान किया महाभोग, 56 भोग, खीर - चूरमा, तथा विभिन्न विभिन्न प्रकार के फलों एवं मेवों का भोग प्रभु को अर्पण किया।
प्रातः 8:00 बजे स स्वर श्री सुंदरकांड पाठ का आरंभ श्री सुरेश बजाज जी के द्वारा किया गया करीब 300 भक्तों ने श्री सुंदरकांड पाठ में भाग लिया तथा 4:00 बजे से स्थानीय धार्मिक संस्थाओं ने प्रभु श्री श्याम को अपने भजनों की भेंट प्रस्तुत कि, प्रभु की सवामणि का प्रसाद तकरीबन 2000 भक्तों ने प्राप्त किया श्री रानी सती मंडल, रांची ने प्रसाद खिलाने की जिम्मेवारी को बड़े ही सहजता पूर्वक निभाया।
किसके साथ ही शाम 4:00 बजे से सर्वप्रथम वाराणसी से श्री कृष्णा दाधीच ने सभी भक्तों को खूब झुमाया एवं आनंद दिलाया जिसमें श्याम भगवान की श्रृंगार, अरदास एवं उनकी महिमा का बखान किया गया। जिसमें उनके द्वारा गया गया भजन - कीर्तन में पधारो म्हारा श्याम धनी......... जो पांडव कुल अवतार बढ़ो अलबेलो है...... और खाटू को श्याम रंगीला रे...... आदि भजनों की प्रस्तुति दी तत्पश्चात भारत के सुप्रसिद्ध भजन प्रवाहक श्री संजय सैन जो कि सूरजगढ़ धाम राजस्थान के है उन्होंने अपनी प्रस्तुति प्रभु श्री श्याम और भक्तों के समक्ष रखी हम मेरे शीश के दानी का ..... सिद्ध श्री शुभ उपमा थान्न ....... खाटू को श्याम रंगीला रे खाटू को एसो तो रंगीला ......जैसे भजनों से प्रभु की महिमा का गुणगान करके भक्तों को खूब झुमाया। ग्वालियर मध्य प्रदेश से पधारी ज्योति पाल ने प्रभु के महिमा का गुणगान के साथ प्रभु को प्रसन्न करने के लिए धमाल फागुन तथा होली के भजनों से सारे भक्तों को तथा प्रभु को खूब झुमाया और पूरे माहौल को श्री श्याम मय हो गया है और फागुन के रंग में ऐसा रंगा की लगा की श्री श्याम हवेली दुर्गाबाड़ी, रांची आज खाटू धाम जैसा लग रहा है जिसमें उनकी प्रस्तुति श्री श्याम के दरबार मची रे होली..... हाथों में लेकर निशान चला रे.....
नैना नीचा करले श्याम से मिलावली क्यां ......
होली आई रे कन्हाई रंग बरसे....... आदि भजनों की प्रस्तुति से सारे भक्त खूब झूमे नाचे और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस श्री श्याम निशान अमृत महोत्सव 2026 में विश्व प्रसिद्ध खाटू धाम से विशेष रूप से पधारे महाराज शक्ति सिंह जी चौहान (अध्यक्ष श्री खाटू धाम, मंदिर कमेटी, राजस्थान) ने विशेष पूजा अर्चना की तथा सभी भक्तों को खूब आशीर्वाद दिया तथा मोर छड़ी का झाड़ा दिया।
मुख्य आकर्षक स्वरूप भजनों के मध्य इत्र की वर्षा तथा पुष्पों की होली का एक अनूठा कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया जिसमें सारे भक्तों ने नाचते झूमते हुए खूब आनंद लिया तत्पश्चात 101 वैवाहिक जोड़ों ने महा आरती में भाग लेकर प्रभु श्री श्याम की आरती की कथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अध्यक्ष श्रवण जालान ने बाहर से आमंत्रित सारी मंडल को सम्मानित किया । महोत्सव को सफल बनाने में मुख्य रूप से महामंत्री मंटू जालान, महोत्सव संयोजक पवन लोहिया, अशोक धानुका, महेश सैन, आतिश सिंह, अजय जालान, पवन शर्मा, कमल जालान (बंकट), जयदीप राज, राजेश अग्रवाल, पवन जालान, पवन लोहिया, अरविंद मंगल, मनोज अग्रवाल, मदन सोनी, विनय राज भाटिया, रमेश अग्रवाल, बालचंद जैन, गोपाल चांगल, पवन जालान, आशीष शर्मा (मोनू ),वरुण जालान, रजत जालान, अमित सोनी, शंभू अग्रवाल, नमन चांगल, रोहित चांगल, आदि सभी श्री श्याम परिवार के सदस्य का योगदान सराहनीय रहा।यह जानकारी प्रचार संयोजक अमित चौधरी ने दी
साहिबगंज। जिले के अंतर्गत पढ़ने वाले नगर निकाय चुनाव की घोषणा होने के साथ ही गुरुवार से पत्र विपत्र बिक्री विभागीय स्तर पर शुरू हो गया है इस क्रम में साहिबगंज जिला के समाहरणालय में अपर समाहर्ता ऑफिस के पास साहिबगंज नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए रसीद के साथ-साथ फॉर्म की बिक्री शुरू हो गई इस क्रम में अभ्यर्थियों ने नामांकन के लिए फार्म लेने के साथ-साथ अन्य आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत कर आवेदन को लिया इस क्रम में अध्यक्ष पद के लिए अशोक कुमार तुरी और रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान ने फार्म लिया वहीं वार्ड के लिए फार्म की बिक्री अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में क्रम संख्या 1 से 5,6 से 10, 11 से 15 ,16 से 20, 21 से 25 और 26 से 30 अलग-अलग पदाधिकारी के निगरानी में बिक्री के लिए रखी गई थी वार्ड के लिए फार्म का दर 500 निर्धारित किया गया था वही अध्यक्ष पद के लिए 2500 जमा करना अनिवार्य किया गया था।
रांची। झारखण्ड राज्य में उग्रवादी संगठन / संगठित अपराधिक गिरोह / अन्य अपराध पर झारखण्ड पुलिरा के द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उक्त राराहनीय कार्य हेतु गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा झारखण्ड पुलिस के कुल-12 पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों को पुलिस पदक सम्मानित किया गया है। सम्मानित पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों का विस्तृत विवरणी निम्न प्रकार है:-
विशिष्ट सेवा के लिए पदक :-
1 सुधीर कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, झारखण्ड जगुआर, राची।
उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक :-
1. अनुप बिरथरे, पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर, रांची।
2 पटेल मयूर कनैयालाल, पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजन), पुलिस मुख्यालय, झाररखण्ड, रांची।
3. संजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, (जैप-01, राची)
4. हव0/927 श्री कृष्णा कुमार क्षेत्री (जैप-01, रांबी)
5 हव0/215 श्री अरुण कुमार ओझा (झारखण्ड जगुआर)
6. हव0/233 श्री मारकुस सुनवार (झारखण्ड जगुआर)
7. आरक्षी / 1674 श्री जयदेव प्रधान (जैप-01, रांची)
8. मा०आरक्षी / 329 श्रीमती जेनेट मार्गरेट लकड़ा (जैप-10, होटवार, रांची)
9. मा० आरक्षी /429 श्रीमती कुमुदिनी कुजूर (जैप-10, होटवार, राची)
10 आरक्षी / 1622 श्री सुफल ओड़ेया (झारखण्ड जगुआर)
11. आरक्षी/2773 श्री गो० वसीम अख्तर (झारखण्ड जगुआर) शामिल हैं
यूके/रांची। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में झारखंड प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ आयोजित बैठक में शामिल हुआ। आयोजित सभी बैठकों का मूल विषय झारखंड की प्राचीन मेगालिथ, मोनोलिथ विरासत का संरक्षण, पुनर्स्थापन (Conservation & Restoration), वैज्ञानिक प्रबंधन तथा वैश्विक मान्यता पर रहा।
ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रयास
बैठक में मेगालिथिक स्थलों के वैज्ञानिक दस्तावेज़ीकरण, संरचनात्मक संरक्षण, परिदृश्य प्रबंधन, समुदाय की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप दीर्घकालिक संरक्षण रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि आदिवासी समुदायों से जीवंत रूप से जुड़ी इन ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए एक ठोस और विश्वसनीय प्रस्तुति कैसे तैयार की जाए।
इन संवादों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व, विरासत संरक्षण, इंजीनियरिंग और परामर्श के अनुभवों का लाभ उठाने तथा संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में संभावित सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की गई। राज्य सरकार इन विशेषज्ञ सुझावों के आधार पर एक स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगी, जिससे झारखंड की मेगालिथिक विरासत का संरक्षण संरचनात्मक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक तीनों स्तरों पर सुदृढ़ हो सके।
आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरोहर सुरक्षित रह सके
इस मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार राज्य की अमूल्य मेगालिथिक/मोनोलिथिक विरासत के संरक्षण, पुनर्स्थापन एवं सतत प्रबंधन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विरासत को केवल एक पुरातात्विक धरोहर नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों की जीवंत सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखती है और इसके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों, सामुदायिक सहभागिता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएंगे।
प्रमुख बैठकें
Museum of London Archaeology (MOLA)
एंड्रयू हेंडरसन-श्वार्ट्ज़; डॉ. सारा पेरी (University College London), Wardell Armstrong / SLR Consulting डॉ. रोड्री गार्डनर, डॉ. लिंडसे लॉयड स्मिथ, जॉन ट्रेही, Simpson & Brown, सू व्हिटल, जॉन सैंडर्स, टॉम ऐडमैन, AECOM, नील मैकनैब, Wessex Archaeology, डॉ. स्टू ईव, मैट लीवर्स, Arup, ऑटिली थॉर्नहिल, सीनियर कंसल्टेंट।
रांची।जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित उत्तर मध्य क्षेत्र की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला 17-18 जनवरी को शगुन मैरेज लॉन, चिरौंदी, रांची में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
कार्यशाला का विधिवत शुभारम्भ वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय सत्येंद्र सिंह जी, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री भगवान सहाय जी, जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत , राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ. राजकिशोर हंसदा , राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्य नारायण सूरी , क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत एवं क्षेत्रीय संयोजक संदीप उराँव जी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा, भारत माता एवं बाबा कार्तिक उराँव की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन कर किया गया।
कार्यशाला का केंद्र बिंदु जनजाति समाज की सांस्कृतिक सुरक्षा, उसके ऐतिहासिक योगदान तथा D-Listing की संवैधानिक माँग रहा, जिस पर सभी सत्रों में गंभीर एवं विचारोत्तेजक विमर्श हुआ।
भगवान सहाय जी ने अपने संबोधन में कहा कि जनजाति समाज भारतीय इतिहास की मूल धारा रहा है, जिसने रामायण-महाभारत काल से लेकर मुग़ल, अंग्रेज़ी शासन और स्वतंत्रता संग्राम तक संघर्ष और बलिदान की परंपरा को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद संविधान में जनजातीय संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की रक्षा के लिए किए गए प्रावधान इसी ऐतिहासिक योगदान की स्वीकृति हैं। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक दृष्टिकोण, 10 जुलाई 1967 की संसदीय माँग तथा 17 नवम्बर 1969 की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए D-Listing आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को स्पष्ट किया।
सूर्य नारायण सूरी जी ने कहा कि अब जनजाति समाज को अपनी माँगों के साथ संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि D-Listing को लेकर गाँव-गाँव तक स्पष्ट संवाद, ग्राम सभाओं में प्रस्ताव, जनप्रतिनिधियों से संपर्क, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सांस्कृतिक माध्यमों से जनजागरण ही आंदोलन की वास्तविक ताकत बनेगा।
द्वितीय सत्र में गणेश राम भगत जी ने कहा कि D-Listing की माँग कोई नई नहीं है, किंतु इस प्रकार की कार्यशालाएँ संगठन और समाज में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। उन्होंने आत्मीय संवाद और निरंतर संपर्क के माध्यम से इस विषय को जन-जन तक पहुँचाने पर बल देते हुए कहा कि संगठित प्रयास ही आंदोलन को निर्णायक दिशा देंगे।
डॉ. सत्येन्द्र सिंह जी ने जनजातियों से संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज सनातन परंपरा का अभिन्न अंग रहा है और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना भारतीय सभ्यता की मूल आत्मा से गहराई से जुड़ी हुई है।
समापन सत्र में प्रफुल्ल आकांत जी ने कहा कि लंबे समय से जनजाति समाज को दिग्भ्रमित करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। आक्रमणों और औपनिवेशिक नीतियों के माध्यम से उसकी सांस्कृतिक विरासत को कमजोर किया गया तथा जनजातीय वीरों के बलिदानों को इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। उन्होंने युवाओं को आंदोलन से जोड़ने और ग्राम स्तर को इसकी मजबूत नींव बताते हुए संगठित तैयारी का आह्वान किया।
डॉ. राजकिशोर हंसदा ने कहा कि जनजाति समाज का उत्थान उसकी सांस्कृतिक शक्ति और सामूहिक एकता से ही संभव है। उन्होंने 1970 के दशक में कार्तिक उराँव द्वारा चलाए गए D-Listing आंदोलन को स्मरण करते हुए कहा कि आने वाला समय जनजाति समाज के लिए निर्णायक है और संगठित चेतना ही वर्षों से हो रहे अन्याय का उत्तर दे सकती है।
कार्यशाला में उत्तर मध्य क्षेत्र के तीनों प्रांत, बिहार, संथाल एवं झारखंड, से लगभग 100 कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। विचार-विमर्श और संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से आंदोलन की भावी रणनीति पर सहमति बनी।
कार्यशाला के अंत में यह सर्वसम्मत निष्कर्ष निकला कि जनजाति समाज को अपने स्वाभिमान, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। गाँव से उठने वाली संगठित चेतना ही राजधानी तक प्रभावी स्वर में पहुँचेगी और भविष्य की दिशा तय करेगी।
कार्यशाला में मुख्य रूप से संदीप उराँव, सोमा उराँव, मेघा उराँव, कामेश्वर साहू, हिंदुआ ओराँव, दीनबन्धु सिंह, प्रदीप महतो, अंजली लकड़ा, आरती कुजूर, मेघा ओराँव, जगन्नाथ भगत, सन्नी टोपो अंजलि लकड़ा, सुनील उरांव , प्रदीप टोप्पो अजय सिंह भोक्ता व अन्य उपस्थित थे।
रांची। रांची नगर निगम वार्ड संख्या-31 से भावी प्रत्याशी अमृतेश पाठक ने प्रेसवार्ता कर वार्ड नंबर 31 को एक आदर्श वार्ड के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से विस्तृत विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जिसमें सुरक्षा, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के अंतर्गत कुल 15 बिंदुओं पर कार्य किए जाने का संकल्प लिया गया है।योजना के अनुसार, वार्ड में महिला सभा और सोशल ऑडिट टीम का गठन किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और स्वच्छता समितियों का गठन भी किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने हेतु वार्ड के संवेदनशील स्थलों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और मोहल्ला सुरक्षा मित्र बनाए जाएंगे। वहीं, नशा और अपराध के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
वार्ड के सभी परिवारों का आर्थिक और सामाजिक सर्वेक्षण कर जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं जैसे – राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन, आवास योजना, छात्रवृत्ति आदि का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वच्छता के क्षेत्र में प्रत्येक 25 से 30 घरों के बीच कूड़ेदान लगाने, नियमित कचरा उठाव, जलजमाव वाले स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने की योजना है। इसके साथ ही सड़कों, गलियों और नालियों के निर्माण व मरम्मत पर भी जोर दिया गया है।
जनसुविधाओं का होगा विस्तार
वार्ड में सामुदायिक भवन, विवाह मंडप, मीटिंग हॉल और 24x7 जनसुविधा केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही शुद्ध पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक शौचालय, पार्क, व्यायाम स्थल और बच्चों के लिए खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।सरकारी स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के सौंदर्यीकरण का भी प्रावधान किया गया है।
रांची। विश्व आर्थिक सम्मेलन 2026 में पहली बार झारखण्ड की उपस्थिति कई मायनों में अहम है। झारखण्ड औद्योगिक क्षमता और इनफ़िनाइट ऑपर्च्युनिटी स्टेट का संदेश तो देगा ही साथ ही, यह भी स्पष्ट करेगा कि जब आधी आबादी नेतृत्व करती हैं, तो अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होती हैं, लोग अप्रत्याशित बदलावों का सामना करने वाले बनते हैं और विकास स्थायी होता है। कुछ ऐसा ही संदेश झारखण्ड की बेटी और झारखण्ड विधानसभा के महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना सोरेन दावोस में आयोजित होने वाली विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में और यूनाइटेड किंगडम की अपनी यात्रा के दौरान वैश्विक मंच से देंगी। कल्पना सोरेन महिला नेतृत्व, लैंगिक समानता और समावेशी विकास से संबंधित कई उच्च स्तरीय मंचों पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर झारखण्ड की आधी आबादी के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और नेतृत्व कौशल का प्रमाण प्रस्तुत करेंगी। वे आदिवासी, ग्रामीण और आर्थिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं की वास्तविकताओं और आकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर साझा कर बतायेंगी कि ये वे समूह हैं जो अब झारखण्ड के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की वाहक बन रहीं हैं।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार राज्य की महिलाओं के उत्थान के लिए कई कार्य कर रही है। उसी कड़ी में दावोस में कल्पना सोरेन महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व, आर्थिक भागीदारी और सभी को समान अवसर देने पर केंद्रित नीतिगत संवादों और अंतर्राष्ट्रीय मंचों से संबोधित करेंगी। इनमें महिला सशक्तिकरण पर ब्रिक्स पैनल, ईटी महिला सशक्तिकरण संवाद और एलायंस फॉर ग्लोबल गुड का 'वी लीड' मंच और भारत पवेलियन में आधिकारिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं। राज्य सरकार का महिला विकास के प्रति दृष्टिकोण कल्पना सोरेन इन वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करेंगी। वे बतायेंगी कि महिला विकास प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व पर आधारित नहीं है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण और संस्थागत शक्ति पर आधारित है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहीं महिलाएं
दावोस में दुनिया को बताया जाएगा कि झारखण्ड राज्य आजीविका संवर्धन समिति (JSLPS ) के माध्यम से राज्य में 35 लाख से अधिक महिलाएं दो लाख 80 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं हैं। हाल के वर्षों में इन महिलाओं के सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से ₹5000 करोड़ से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया है। ये महिलाएं अब किसान, उद्यमी, बैंकर, कारीगर और विभिन्न आजीविका की सृजनकर्ता के साथ सम्मानजनक जीवन यापन करने वाली हैं। हाल के वर्षों में लखपति दीदी, पलाश, जोहार, झिमडी (JICA समर्थित सूक्ष्म ड्रिप सिंचाई), अदिवा और आजीविका कैफे जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने हजारों महिलाओं को 1 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा पार करने में सक्षम बनाया है, जिससे झारखण्ड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महिलाएं अपने नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रहीं हैं। पलाश ब्रांड के उत्पाद अब झारखण्ड को खुदरा बाजार के साथ साथ वैश्विक बाजारों में जा रहे हैं, उम्मीद है 2026 तक इस ब्रांड के तहत 45 करोड़ रुपये तक कारोबार पहुंचने का अनुमान है। साथ ही, झारखण्ड सरकार की मंईयाँ सम्मान योजना के तहत हर वर्ष लाखों महिलाओं को मिल रही 17 हजार करोड़ रुपये की सम्मान राशि से महिलाएं युवा झारखण्ड को सशक्त बनाने में महती भूमिका निभा रहीं हैं।
यूके में शिक्षा और कौशल विकास के मुद्दों पर होगी चर्चा
दावोस बैठक के बाद कल्पना सोरेन अपनी यात्रा के अगले चरण में यूनाइटेड किंगडम में प्रस्तावित विभिन्न बैठक में भाग लेंगी। इसके तहत शिक्षा, कौशल विकास, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक विरासत पर राउंड टेबल चर्चाओं के साथ-साथ यूके सरकार के अधिकारियों और प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ बैठक में शामिल होंगी है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ कल्पना सोरेन मरांग गोमके स्कॉलरशिप के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे झारखण्ड के युवाओं से मुलाकात करेंगी। आने वाले दिनों में ये गतिविधियाँ समावेशी विकास, महिला नेतृत्व और संस्थागत क्षमता निर्माण के प्रति भारत-यूके की साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगी।
रांची। 12 जनवरी 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के कांके रोड स्थित आवास के सभागार में रांची जिला अंतर्गत सभी स्तर के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई | उक्त बैठक में संगठनात्मक विषयों पर चर्चा तथा संगठन के कार्यों की समीक्षा की गई| बैठक की अध्यक्षता पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन जी ने तथा संचालन केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पांडेय ने की | केंद्रीय अध्यक्ष श्री हेमंत सोरेन जी के साथ-साथ बैठक में मुख्य रूप से केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, केंद्रीय सचिव अभिषेक प्रसाद "पिंटू", केंद्रीय सदस्य पवन जेडीया, अश्विनी शर्मा, अंतु तिर्की, समनूर मंसूरी, हेमलाल मेहता, रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम के साथ नयनतारा उरांव, संध्या गुड़िया, सुषमा वरदेवा, अंकिता वर्मा, रांची जिला संयोजक मंडली के सदस्य गण, रांची महानगर संयोजक मंडली के सदस्य गण, रांची जिला अंतर्गत सभी प्रखंड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव तथा रांची महानगर अंतर्गत सभी वार्ड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव शामिल हुए |
साहेबगंज । रविवार 11 जनवरी 2026 को भारतीय वैश्य महासभा की ओर से साहिबगंज पहाड़ की चोटी पर अवस्थित पहाड़िया गांव करम पहाड़, बेतौना पहाड़ एवं देव पहाड़ में गरीब आदिवासी पहाड़िया समाज के लोगों के बीच गर्म वस्त्र जैसे स्वेटर, जैकेट, शाल, बच्चों के लिए ऊनी टोपी, बिस्कुट, चाकलेट एवं अन्य सामग्री का वितरण किया गया. इस अवसर पर भारतीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ने कहा कि भारतीय वैश्य महासभा प्रत्येक वर्ष गर्म कपड़े वितरण कार्यक्रम के लिए साहिबगंज से सुदूर ऐसे स्थानों पर गर्म वस्त्रों का वितरण करती हैं, जहां कोई नहीं पहुंच पाता. करम पहाड़, बतौना पहाड़ साहिबगंज पहाड़ियों की चोटी पर अवस्थित छोटे-छोटे गांव हैं. दुर्गम रास्तों के कारण यहां पहुंचने में काफी कठिनाई होती है. हम लोग आगे भी ऐसे ही स्थानों पर पहुंचेंगे जहां लोग नहीं पहुंच पाते हों. इस कार्यक्रम में भारतीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष नरेश कुमार उर्फ बंटी, जिला सचिव श्रवण कुमार मोदी, जिला महासचिव बासुकीनाथ साह, युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनुराग राहुल, विजय कुमार गुप्ता, अमित कुमार, रोहित कुमार, चेतन राज, अभिषेक गुप्ता, प्रणव कुमार, अजीत कुमार, अभिषेक कुमार मोदी एवं अमित कुमार साह तथा करम पहाड़ के गांव प्रधान प्रेम कुमार माल्टो मुख्य रूप से उपस्थित थे।
रांची। देश के महान स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी किसी परिचय का मोहताज नहीं थे बावजूद केंद्र सरकार ने 2022 में गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम गजट नोटिफिकेशन करके उन्हें सम्मान देने का काम किया, संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की।मामले में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के सचिव सह प्रवक्ता मो बारीक ने कहा कि राज्य के निर्माता झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को राज्य सरकार से मांग की है कि जाति, पार्टी ,धर्म की भावनाओं से ऊपर उठकर
उनके जयंती 11 जनवरी को गजट नोटिफिकेशन कर झारखंड आंदोलनकारी का सर्वोच्च सम्मान देकर आंदोलनकारियों को गौरवान्वित करें.झारखंड राज्य के सरकार के लिए यह उत्कृष्ट व सर्वोच्च सम्मान देने का कार्य है, प्राथमिकता के साथ गुरु जी के राज्य सरकार गजट नोटिफिकेशन कर सम्मान देने का काम करें गुरुजी के सम्मान देने के पश्चात थी उनकी जन्म जयंती मनाई जाने से एक अच्छा मिसाल एवं देश और दुनिया के समक्ष एक बेहतर संदेश जाएगा. मो बारीक आज एक प्रेस बयान जारी करते हुए अबुआ सरकार से उक्त मांगे की है.
उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन देश और दुनिया के अंदर आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है. झारखंड के एक-एक झारखंड आंदोलनकारी झारखंडी जनमानस के दिलों में राज करते हैं. वर्ष 1973 एवं उससे भी पूर्व उनके संघर्ष का इतिहास महाजनी प्रथा के खिलाफ से लेकर झारखंड अलग राज्य के आंदोलन तक एक दस्तावेजी प्रमाण हैं. देश और दुनिया के में सम्मान पाने के बावजूद अगर किसी को अपने ही घर में सम्मान नहीं मिलता है तो पीड़ा होती है. देश के महान स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी किसी परिचय का मोहताज नहीं थे बावजूद केंद्र सरकार ने 2022 में गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम गजट नोटिफिकेशन करके उन्हें सम्मान देने का काम किया, संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की. झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भी झारखंड की अबुआ सरकार गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत गजट नोटिफिकेशन कर पूर्ण सम्मान दे, तदपश्चात ही 11 जनवरी 2026 को उनकी जयंती श्रद्धापूर्वक धूमधाम से मनाई जाए. झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान से ही संपूर्ण झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान है.
बरहेट। शुक्रवार को प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर,बरहेट में किया गया जिसका उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष मोनिका किस्कू ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष मोनिका किस्कू व विशिष्ट अतिथि प्रखण्ड प्रमुख बर्नाड मरांडी,झामुमो जिला प्रवक्ता राजाराम मरांडी,प्रखण्ड सचिव मुजीबुर्रहमान एवं बरहेट बाजार मुखिया बेनीफ्रेड मुर्मू ने संयुक्त रूप द्वीप प्रज्वलित कर किया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा गुलदस्ता भेंट कर व माला पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया गया. जिप अध्यक्ष मोनिका किस्कू ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड सरकार के निदेशानुसार 6 से 10 जनवरी के बीच झारखण्ड के सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जा रहा है और आज इसी कड़ी में बरहेट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह मेला लगाया गया है। उन्होंने सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य मेला का आयोजन कराना झारखंड सरकार का एक महत्वपूर्ण पहल है। झारखण्ड के हर एक पंचायत में जिस तरह से जनता दरबार का आयोजन कर इस क्षेत्र के स्थानीय माननीय विधायक व सूबे के माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपनी योजनाओं का लाभ आमजनों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। इसी तर्ज पर स्वास्थ्य मेले के माध्यम से सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आमजनों तक कैसे पहुंचे इसके लिए भी वो प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आमजनों से सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का भरपूर लाभ लेने हेतु अपील किया। मौके पर अस्पताल प्रभारी डॉ०पंकज कुमार,डॉ० संतोष टुडू,झामुमो प्रखण्ड उपाध्यक्ष लखीराम हेंब्रम,अस्पताल बीपीएम प्रियरंजन कुमार, अकाउंटेंट चंदन कुमार,समदा सोरेन,जीसू मरांडी व अन्य मौजूद थे।
साहेबगंज। भारतीय जनता पार्टी साहेबगंज जिला को नया नेतृत्व मिल गया है। पार्टी के सक्रिय एवं युवा कार्यकर्ता गौतम यादव को निर्विरोध रूप से भाजपा साहेबगंज जिला अध्यक्ष चुना गया। उनके चयन पर जिले के कई वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष गौतम यादव ने कहा कि संगठन ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करूंगा। मेरे जैसे सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष श्री आदित्य साहू, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री कर्मवीर सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र तथा अपने अभिभावक एवं पूर्व विधायक श्री अनन्त ओझा जी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा युवाओं को राजनीति में आगे आने का जो आह्वान किया गया था, उसी का परिणाम है कि आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने एक युवा कार्यकर्ता को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
ज्ञात हो कि भाजपा प्रदेश नेतृत्व द्वारा साहेबगंज जिला अध्यक्ष चयन हेतु 9 जनवरी को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव जजवाड़े को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को जिला महामंत्री श्री गौतम यादव ने जिला भाजपा कार्यालय में चुनाव अधिकारी श्री संजीव जजवाड़े के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया।जिला अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र नामांकन होने के कारण 9 जनवरी को उन्हें निर्विरोध भाजपा साहेबगंज जिला अध्यक्ष घोषित किया गया।इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष विनोद चौधरी के नेतृत्व में जिला कार्यालय में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष गौतम यादव का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी यादव, जिला उपाध्यक्ष रामानंद साह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गणेश तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष उज्ज्वल मंडल, प्रदीप अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष श्री चन्द्रभान शर्मा, राजेश मंडल, गरिमा साह, धर्मेन्द्र मंडल, ललिता पासवान, चौकीदार हासदा, मनोज यादव, चांदनी देवी,जयप्रकाश सिन्हा, शिव शंकर यादव, शलखु सोरेन सहित जिले के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भाजपा नेता श्री प्रेमनाथ मंडल उर्फ मनटा मंडल ने कहा कि युवा गौतम यादव के रूप में भाजपा साहेबगंज जिला को ऊर्जावान नेतृत्व मिला है और उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा। नगर अध्यक्ष श्री विनोद चौधरी ने कहा कि सभी कार्यकर्ता मिलकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे तथा आने वाले नगर निकाय चुनाव सहित सभी आगामी चुनावों में भाजपा को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत से कार्य करेंगे। उल्लेखनीय है कि नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष गौतम यादव इससे पूर्व भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री, भाजपा जिला मंत्री एवं भाजपा जिला महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर संगठनात्मक दायित्व निभा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को जिला से लेकर बूथ स्तर तक मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। राज्य सरकार की विफलताओं और जिले की आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सह झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के अध्यक्ष सोमा उराँव ने प्रेस बयान जारी कर प्रशासन से मांग की है कि सामाजिक कार्यकर्ता पड़हा राजा सोमा मुंडा की निर्मम हत्या कि आलोचना/ घोर निंदा करते हुए हत्या करने वाले दोषियों को अभिलंब गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए।
मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी से पूछना चाहता हूं कि जब से आपकी सरकार, गठबंधन की सरकार अभी बनी है और इससे पूर्व सब मिलकर जब से आपकी सरकार बनी है, तब से आदिवासी/ जनजाति महिला एवं बच्चे, का शोषण और बलात्कार हो रहा है अत्यधिक मात्रा में। साथ ही साथ समाज के अगुवागनों को, जो सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर के हिस्सा लेते हैं वैसे सामाजिक भाइयों को चुन चुन के मारा जा रहा है। आदिवासी मुख्यमंत्री होते हुए आदिवासी महिलाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का ही बलात्कार एवं हत्या हो रही है आखिर ऐसा क्यों ?।
झारखंड की आदिवासी/ जनजाति समाज माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जानना चाहती है कि आने वाले 4 वर्षों में और कितने आदिवासी महिलाओं का बलात्कार होगा साथ ही साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं का कितनों की हत्या होगी। प्रेस और प्रिंट मीडिया के माध्यम से सूची जारी करें। आपकी सरकार में विधि व्यवस्था बिल्कुल चौपट, माताएं बहने बिल्कुल ही असुरक्षित महसूस कर रही हैं, आखिरकार इन सबों में कब सुधार होगा जनता को बताएं ?।सोमा मुंडा की हत्या करने वाले दोषियों को 24 घंटा के अंदर गिरफ्तार कर चौक चौराहे पर फांसी लटका दी जाए ताकि इस प्रकार की पुनरावृत्ति ना हो और आप सही में आदिवासियों का हितैषी है इसका प्रमाण भी मिल जाएगा नहीं तो आप आदिवासियों का अहितेषी हैं।
रांची। अखिल भारतीय रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा संचालन समिति के द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया मामले में जानकारी देते हुए बताया गया ,रोहतासगढ़ किला रोहतास (बिहार) जिला में अवस्थित है। मान्यता है, इतिहास साक्षी है, रोहतासगढ़ जनजाति समाज के पूर्वजों का प्राचीन धरोहर है। यहाँ मुगल आक्रमणकारियों के पूर्व उराँव, खरवार और चेरो जनजाति राजाओं का एक समय में साम्राज्य हुआ करता था जिसमें उराँव राजा के शासन काल को स्वर्णकाल भी माना गया। उराँव समाज के पूर्वज यहीं के थे अर्थात् समाज के मान्यताओं के अनुसार उराँव” का उद्भव यही से हुआ है। “उरगन ठाकुर उराँव राजा, यहाँ के राजा थे। राजा हरिषचन्द्र एवं उनके सुपुत्र रोहिताष्व को भी उराँव’ समाज ने अपना पूर्वज मानता है। कालातंर में रोहतासगढ़ किला, मुगल पठान व अंग्रेज शासकों के अधीन में चला गया। उराँव’’ वीरांगना सिनगी दई-कैली दई के नेतृत्व में मुगल पठानों के बीच तीन-तीन बार युद्ध विजय के पश्चात् उराँव समाज अपने पूर्वजों के धरोहर रोहतासगढ़ से पलायन कर गये और इसीलिए उराँव समाज में महिलाओं के चेहरों मे तीन लकीर गोदना की परम्परा प्रारंभ यहीं से हुई। जनी षिकार’’ की कथा और गीत आज भी गायी जाती है। जनी षिकार’’ हर बारह साल में महिलाएं-पुरूष वेष धारण कर जनी षिकार’ उत्सव मनाती है।
जनजाति समाज महादेव को अपना बड़ा देवता और भगवान मानते हैं, पार्वती माँ को देवी के रूप में आराधना व उनकी पूजा की जाती है। विशेषकर उराँव समाज में पूजन-अर्चन व्यवहार में है। और उन्हें धार्मिक गुरू भी मानते हैं। रोहतासगढ़’’ में महादेव-पार्वती का मन्दिर आज भी विराजमान है। रोहतासगढ़’’ के भव्य परिसर में करम’’ वृक्ष देवता के रूप में विद्यमान है। जनजाति समाज करम पर्व परम्परागत रूप में आज भी अपने गाँव में मनाते हैं। रोहतासगढ़ में करम देवता की भी पूजा की जाती है। जनजाति समाज रोहतासगढ़’’ को पूर्वजों का प्राचीन धरोहर सिर्फ मानते ही नही बल्कि अपना श्रद्धा स्थान व देव स्थान मानते हैं। अपने समाज के लोक कल्याण के निमित वहाँ की पवित्र धरती रोहतासगढ़ का नाम स्मरण करते हैं, यही समाज की मूल मान्यता है।
‘‘रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा का उदेष्य’’ - सन् 2006 से श्रद्धेय जगदेवराम उराँव पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, कल्याण आश्रम जषपुर के प्रेरणा से रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा प्रारंभ हुआ है, जो आज तक चल रहा है और अब सामाजिक-धार्मिक अभियान यात्रा बन चुका है। जनजाति समाज अपने पूर्वजों के देव-धारा रोहतासगढ़ प्राचीन धरोहर का दर्षन-पूजन कर पूण्य के भागी बनें और अपने पूर्वजों की अस्मिता-अस्तित्व को स्मरण कर हर तीर्थ यात्री का स्वाभिमान का भाव जागरण हो तथा अपने समाज, अपनी संस्कृति-परम्परा-पहचान, तीज-त्यौहार की रक्षा, समाज संगठित होकर कर सके। युगों-युगों तक भावी पीढ़ी भी रोहतासगढ़ की महिमा का गुणगान करता रहे। रोहतासगढ़ किला एक राष्ट्रीय स्मारक मात्र न होकर विष्व विख्यात पर्यटक स्थल हो, इसका सम्पूर्ण संरक्षण-संवर्द्धन हो एवं पठारी क्षेत्र के समाज में रोटी-कपड़ा-मकान जैसी सुविधाओं का पूर्ण विकास की शासकीय योजना बने, यह आवाज जन-जन की बने। इसीलिए हर साल माघी पूर्णिमा के पवित्र दिन में रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा का आयोजन होता है। सड़क, बिजली, षिक्षा की सुविधा गांव-गांव में पहुँच रही है। यातायात सुगम होता जा रहा है। यह यात्रा की ही उपलब्धी हम मानते हैं।
20वाँ रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा- आगामी महीना माघी पूर्णिमा (रविवार) 1 फरवरी 2026 को 20वाॅ रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा महोत्सव का आयोजन रोहतासगढ़ के भव्य प्रांगन में होने जा रहा है। देष के 10 राज्यों से एवं देष के कोने-कोने से 5,000 तीर्थ यात्रीगणों का 31 जनवरी 2026 को सायं के पूर्व सरस्वती षिषु विद्या मंदिर तिलैथू प्रांगन में होने जा रहा है और दूसरे दिन 1 फरवरी 2026 (दिन-रविवार) को सभी तीर्थ यात्री रोहतासगढ़ तीर्थ धाम का दर्षन महादेव-पार्वती-करम वृक्ष देवता का पूजन-अर्चन हेतु प्रस्थान करेंगे और रोहतासगढ़ तीर्थ महोत्सव में भाग लेकर उसे सफल करेंगे। इस प्रेसवार्ता में संदीप उरांव, मेघा उरांव, सोमा उरांव, अंजली लकड़ा, सन्नी टोप्पो, हिन्दुवा उरांव, जगरनाथ भगत, आरती कुजूर, साजन मुंडा, कैलाश मंडा, बिसू उरांव, प्रदीप लकड़ा, नकुल तिर्की, दुर्गा उरांव, प्रदीप टोप्पो इत्यादि उपस्थित रहे।
रांची। केन्द्रीय सरना समिति के द्वारा आयोजित 3 जनवरी से मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर फुटबॉल प्रतियोगिता शुभारंभ हुआ। इस खेल का आयोजन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय फुटबॉल मैदान में हुआ ।केन्द्रीय सरना समिति द्वारा आयोजित मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य सभा सांसद डॉ प्रदीप वर्मा के द्वारा शुभारंभ की गई। विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय सरना समिति अध्यक्ष अजय तिर्की, बैंक ऑफ इंडिया सोसाइटी के सचिव, समाजसेवी संजय कुमार राय, बैंक ऑफ़ इंडिया का ब्रांच मैनेजर मनीष कुमार, समाजसेवी शंकर दुबे, आदि उपस्थित हुए। आज का पहला मैच मरंग बुरू एवं बरियातू राजा स्पोर्ट्स क्लब साथ मुकाबला हुआ। जिसमें विजेता बरियातू राजा स्पोर्ट्स क्लब विजेता हुआ।दूसरा मैच बंध गाड़ी फुटबॉल क्लब के साथ एन एच 33 फुटबॉल क्लब के साथ हुआ। जिसमें विजेता एन एच 33 फुटबॉल क्लब विजेता हुआ। दोनों विजेता टीम के साथ मुकाबला हुआ जिसमें प्लेंटी में बरियातू राजा स्पोर्ट्स से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में पहुंच।कल दिनांक 5/1/2026 को पहला मैच अभिमन्यु मुंडा फुटबॉल क्लब नामकुम के साथ मुंडा राजा ब्रदर्स के बीच मुकाबला होगा। दूसरा मैच पहन ब्रदर्स और आदर्श ब्रदर्स टेंडर रातू के बीच मुकाबला होगा।आज के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा, मुख्य पहान श्री जगलाल पहान,प्रधान महासचिव अशोक मुंडा महासचिव महादेव टोप्पो अमर टोप्पो शशि टोप्पो शंभू टोप्पो सागर राणा संदीप मंडल मुन्ना हेंब्रम रवि सागर पवन लोहार राजीव रंजन सुनील केरकेट्टा रमेश उरांव,शोभा कच्छप किरण तिर्की मुकेश मुंडा संतोष मुंडा आशीष मुंडा महादेव मुंडा आदि उपस्थित थे।
रांची। केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय कार्यालय 13 आर आई टी बिल्डिंग कचहरी परिषद रांची में पेसा नियमावली को लेकर अहम बैठक रखी गई बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने किया बैठक में पेसा नियमावली को लेकर विचार-विमर्श किया गया केंद्रीय सरना समिति केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि पेसा कानून पेसा नियमावली में झारखंड सरकार आदिवासियों को छलने का काम किया है जी पीआर ए 2001 नियमावली जो राज्य सरकार का कानून है उसको पेसा के साथ जोड़ दिया गया है जो की बिल्कुल अनुचित है पेसा नियमावली हुबहु 1996 भूरिया कमेटी द्वारा जो नियमावली बनाए गए थे वे ही रूढ़िवादी परंपरा संस्कृति के अधीन थे पंचायत विस्तार अधिनियम 2001 के अनुसार मुखिया सरपंच जिला परिषद जैसे पदों पर निर्वाचन के द्वारा किया जाना है जबकि रूढ़िवादी प्रथा में सर्व सहमति की जरूरत पड़ती है ऐसे में सिर्फ राजनीतिक के लिए पेसा कानून लागू किया है मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुवनेश्वर लोहरा बिमल कच्छप प्रमोद एक्का सोहन कच्छप पंचम तिर्की एवं अन्य शामिल थे
खरसावां। झारखंड की मिट्टी शहादत की गाथाओं से भरी है। जितना समृद्ध इतिहास हमारे राज्य का है, उतना किसी अन्य प्रदेश का नहीं।” अनगिनत लोगों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी अस्मिता के लिए अपनी जानें न्योछावर कीं। “हम लड़े हैं, तभी बचे हैं। हमारे वीर सपूतों ने कभी हार नहीं मानी।” उक्त बातें खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर आज सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां स्थित शहीद पार्क में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहीं। मौके पर मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक (शहीद बेदी) तथा वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति-चिह्न पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अमर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मंत्री दीपक बिरुवा, सांसद जोबा मांझी, विधायक दशरथ गगराई, विधायक सुखराम उरांव, विधायक सविता महतो, विधायक जगत मांझी तथा पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर खरसावां के अमर वीरों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
*_खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने हेतु विशेष आयोग का होगा गठन_*
झारखंड की धरती शौर्य और बलिदान की प्रतीक रही है। इस मिट्टी की हर कण में आदिवासियों और मूलनिवासियों के संघर्ष की गाथा समाई हुई है। इसी गौरवशाली परंपरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है कि खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में निर्णायक कदम की घोषणा करते हुए कहा कि एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगा, जिसमें रिटायर्ड जज, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। यह आयोग सभी दस्तावेजों, ऐतिहासिक अभिलेखों और स्थानीय परंपराओं के आधार पर शहीद परिवारों की पहचान करेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन परिवारों को उचित सम्मान, मान्यता और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना है, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार की प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करते हुए कहा, “हमारा यह नैतिक दायित्व है कि जिनकी कुर्बानी से झारखंड की अस्मिता और स्वतंत्र पहचान बची, उनके वंशजों को गर्व और सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले।” उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष तक सभी शहीद परिवारों की शिनाख्त कर समारोहपूर्वक सम्मानित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पहल केवल श्रद्धांजलि मात्र नहीं, बल्कि एक इतिहास-संरक्षण अभियान है। इस अभियान से युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान की जानकारी मिलेगी तथा उनमें राज्य के प्रति आत्मसम्मान की भावना प्रबल होगी। राज्य सरकार ने पहले भी स्वतंत्रता सेनानियों, आंदोलनकारियों एवं शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। अब खरसावां के वीरों के प्रति यह संवेदनशील कदम झारखंड की पहचान को और सशक्त करेगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “हमारा संघर्ष जीवित रहेगा, जब तक हर शहीद के परिवार को उसका सम्मान नहीं मिल जाता। यही हमारे राज्य की असली दिशा और पहचान है।”
*_आदिवासियों की अस्मिता के रक्षक, हमारे पथप्रदर्शक बाबा शिबू सोरेन को विनम्र नमन_*
मुख्यमंत्री ने कहा — “आज हमारे बीच झारखंड आंदोलन के दिशा-निर्देशक, हमारे बाबा, हमारे पथप्रदर्शक गुरुजी शिबू सोरेन नहीं हैं। हमने एक ऐसा वृक्ष खो दिया जिसकी छांव में राज्य के आदिवासियों और मूलवासी समाज ने अपना मार्ग पाया। गुरुजी हमारे लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेंगे।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि झारखंड के हर आंदोलनकारी, हर आदिवासी, हर ग्रामीण के दिल में गुरुजी का स्थान अमिट है। उन्होंने झारखंड की राजनीति में मानवीयता, सरलता और संघर्षशीलता की मिसाल कायम की। “गुरुजी केवल एक व्यक्ति नहीं, एक विचारधारा हैं — जो न्याय, समानता और आत्मसम्मान की राह दिखाती है।” उन्होंने आगे कहा कि गुरुजी के सान्निध्य में झारखंड के आदिवासी समाज ने अपनी पहचान को पहचाना और उसे संविधान के दायरे में दर्ज कराया। हमने उनका मार्गदर्शन हमेशा अपने लिए ऊर्जा की तरह महसूस किया। उनका संघर्ष ही हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। गुरुजी अब हमारे बीच भले नहीं हैं, लेकिन उनकी छांव, उनका आशीर्वाद और उनका मार्गदर्शन हमेशा रहेगा।
*_पेसा कानून से सशक्त होगा ग्राम स्वराज_*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड में पेसा कानून को लागू कर दिया है, जिससे अब ग्रामसभा और ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि “यह कानून हमारे जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा का आधार है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने संसाधनों पर स्वयं निर्णय ले सकेंगे और स्वशासन की भावना सशक्त होगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का प्रयास रहेगा कि पेसा अधिनियम से संबंधित जानकारी प्रत्येक गांव तक पहुंचे। इसके लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि हर ग्रामीण अपने अधिकारों को जान सके और उनका उपयोग कर सके। उन्होंने कहा कि पेसा कानून हमारे पूर्वजों के संघर्ष और अधिकार भावना का प्रतीक है, जो ग्राम स्वराज के वास्तविक स्वरूप को साकार करेगा।
*_झारखंड का 25वां वर्ष, नए विकास और सशक्तिकरण का प्रतीक_*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य को बने 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और अब यह युवा झारखंड विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाए। ”मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है, क्योंकि “एक शिक्षित पीढ़ी ही मजबूत राज्य की नींव होती है।” उन्होंने बताया कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र 15 लाख रुपये तक का ऋण 4% ब्याज दर पर लेकर पढ़ाई कर सकते हैं, जिसकी वापसी नौकरी लगने के बाद ही करनी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताते हुए कहा कि इससे राज्य की बेटियां शिक्षित, आत्मनिर्भर और समाज में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलकर झारखंड के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
*_इस अवसर पर मंत्री श्री दीपक बिरुवा, सांसद श्रीमती जोबा मांझी, विधायक श्री दशरथ गगराई, विधायक श्री सुखराम उरांव, विधायक श्री समीर मोहंती, विधायक श्रीमती सविता महतो, विधायक श्री जगत मांझी एवं पूर्व विधायक श्री लक्ष्मण टुडू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सभी विभागों के पदाधिकारी तथा हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने उपस्थित होकर शहीदों को नमन किया।
रांची। आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने सोशल मीडिया फेसबुक पर पर झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी फोटो डाली है, जिसमें वह जामताड़ा के नारायणपुर प्रखंड के ग्राम धनजोरी में आयोजित एक कार्यक्रम में बिना हेलमेट स्कूटी चला रहे हैं। उनके पीछे जिप सदस्य दीपिका बेसरा बैठी नजर आ रही हैं।
प्रवीन प्रभाकर ने तंज कसा है कि कुछ दिनों पूर्व ट्रैफिक नियम भंग करने पर मंत्री पुत्र का चालान कटा था। तो फिर मंत्री पिता पीछे कैसे रहे।
प्रवीन प्रभाकर ने कहा है कि मंत्री इरफान अंसारी ने अपने पुत्र का चालान कटने के बाद भी सबक नहीं सीखा है। नियम कानून की धज्जियां उड़ाने में अपनी शान समझते हैं। श्री प्रभाकर ने कहा कि इरफान अंसारी कंबल बांटने में भी अपनी अकड़ दिखाते हैं और फेंक फेंक कर कंबल बांटते हैं।
प्रभाकर ने कहा कि जामताड़ा जिला प्रशासन को तत्काल इसपर संज्ञान लेना चाहिए और मंत्री जी का ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करना चाहिए, ताकि समाज में सही संदेश जाए।
रांची। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्रीमती तदाशा मिश्रा ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डीजीपी तादाशा मिश्रा को पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नियुक्ति एवं पदस्थापन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
रांची। एचईसी (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) में सप्लाई कर्मियों से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इसके पीछे प्रबंधन, खासकर एचईसी निदेशक की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। समय रहते जरूरी निर्णय नहीं लिए जाने के कारण सैकड़ों सप्लाई कर्मियों का भविष्य अधर में लटक गया है। एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमा शंकर का कहना है कि जानबूझकर टेंडर प्रक्रिया में देरी की गई ताकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी कमियों को छिपा सके । चर्चा है कि इसी उद्देश्य से वर्करों को जानबूझकर आंदोलन की राह पर धकेला जा रहा है, ताकि सारा ठीकरा मजदूरों के सिर फोड़ा जा सके और असली जिम्मेदारी से बचा जा सके।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब टेंडर प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सकती थी, तो फिर इसे क्यों लटकाया गया? क्या यह महज प्रशासनिक चूक है या फिर किसी बड़े खेल की तैयारी? मजदूर संघ के महामंत्री का यह भी कहना है कि यदि निदेशक स्तर पर ईमानदारी से पहल होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। वर्करों का कहना है कि वे मजबूरी में आंदोलन की राह चुनने को विवश हैं। रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है, लेकिन प्रबंधन आंख मूंदे बैठा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एचईसी प्रबंधन मजदूरों को ढाल बनाकर अपनी नाकामी छिपाना चाहता है?
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उच्च स्तर से कब हस्तक्षेप होगा और क्या टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कर सप्लाई कर्मियों को राहत दी जाएगी, या फिर एचईसी में यह संकट और गहराता जाएगा।
रांची। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) झारखंड का 26वां प्रदेश अधिवेशन गढ़वा में अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक गरिमा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रदेश अधिवेशन में झारखंड के सभी जिलों से लगभग 1500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की, जबकि साहिबगंज जिले से करीब 45 कार्यकर्ता एवं छात्र प्रतिनिधि अधिवेशन में शामिल हुए। अधिवेशन के दौरान छात्रहित, शिक्षा, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा संगठन को भविष्य की दिशा देने वाले महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रदेश अधिवेशन के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें साहिबगंज एवं राजमहल क्षेत्र के कई कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए। इनमें साहिबगंज के श्री इन्द्रोजीत साह को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक, कुमारी निधि सिंह को प्रदेश छात्रा सह प्रमुख, राजमहल के श्री आदित्य गुप्ता को प्रदेश कला मंच सह संयोजक तथा तलझारी के श्री गौरव कुमार सुमन को प्रदेश SFS सह संयोजक बनाया गया। वहीं बरहेट के श्री कन्हाई ढोली, बोरियो के श्री अंकित कुमार, राजमहल के श्री अभी यादव, साहिबगंज के श्री अविनाश कुमार एवं राजमहल की कुमारी दिशा हलदार को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में दायित्व प्रदान किया गया।
नव नियुक्त प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इन्द्रोजीत साह ने अपने वक्तव्य में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल छात्र संगठन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की वैचारिक प्रयोगशाला है। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा सौंपे गए दायित्व का निर्वहन वे पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं तकनीकी दक्षता के साथ करेंगे तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए अभाविप की राष्ट्रवादी विचारधारा को प्रत्येक छात्र तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।
प्रदेश अधिवेशन में नवदायित्व प्राप्त सभी कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ एवं पूर्व कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाएँ दीं। पूर्व केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं राजमहल विधानसभा के पूर्व विधायक श्री अनंत कुमार ओझा ने कहा कि नई प्रदेश कार्यकारिणी संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा साहिबगंज–राजमहल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को मिला दायित्व उनके निरंतर संगठनात्मक परिश्रम का परिणाम है। पूर्व प्रदेश मंत्री श्री धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि यह नई टीम छात्रहित और राष्ट्रहित में संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का कार्य करेगी। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री शरवन कुमार रमण ने सभी नवदायित्व प्राप्त कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि अभाविप की शक्ति उसकी अनुशासित कार्यशैली और समर्पित कार्यकर्ता हैं, और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि नई टीम संगठन की गौरवशाली परंपरा को और आगे बढ़ाएगी। इसके साथ ही अन्य अनेक पूर्व कार्यकर्ताओं एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी शुभकामनाएँ देते हुए उज्ज्वल संगठनात्मक भविष्य की कामना की।
अभाविप झारखंड का 26वां प्रदेश अधिवेशन संगठन की वैचारिक मजबूती, छात्र शक्ति की एकजुटता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
रांची। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, झारखंड के तत्वावधान में रविवार, 28 दिसंबर 2025 को रांची विश्वविद्यालय स्थित आर्यभट्ट सभागार, मोराबादी में प्रादेशिक अधिवेशन सह संगोष्ठी (विषय— सामाजिक समरसता) का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय रहे। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, संवाद स्थापित करने तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है।इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से पधारे सभी साहित्यकारों, कवियों एवं रचनाकारों को परिषद की ओर से प्रमाण पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत आत्मीय और उत्साहपूर्ण बन गया।संगोष्ठी एवं काव्य पाठ सत्र में साहित्यकारों ने सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों, राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक समरसता से जुड़े विषयों पर सारगर्भित विचार एवं रचनाएँ प्रस्तुत कीं, जिन्हें उपस्थित श्रोताओं ने सराहा।कार्यक्रम का समापन आयोजक समिति द्वारा सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार ज्ञापन के साथ किया गया।
रांची। इंडियन यूथ कांग्रेस ने झारखंड प्रदेश यूथ कांग्रेस में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कुमार गौरव को झारखंड प्रदेश यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि कुलदीप कुमार रवि को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और आशुतोष कुमार को उपाध्यक्ष बनाया गया है ।
इस नियुक्ति के साथ ही, इंडियन यूथ कांग्रेस ने विश्वास जताया है कि ये पदाधिकारी संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस पार्टी को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देंगे। यह नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में की गई है।
रांची। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) और क्षेत्रीय फेडरेशनों/एसोसिएशनों के संयुक्त मंच ने प्रेस को निम्नलिखित बयान जारी किया है। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) और क्षेत्रीय फेडरेशनों/एसोसिएशनों के संयुक्त मंच ने कठोर श्रम संहिताओं और केन्द्र सरकार द्वारा जनता के अधिकारों और हकों पर किए जा रहे बहुआयामी हमलों के विरोध में 12 फरवरी 2026 को आम हड़ताल का आह्वान करने का संकल्प लिया है।
हड़ताल की तारीख का अनुमोदन औपचारिक रूप से 9 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के एचकेएस भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय मजदूर कन्वेंशन में किया जाएगा।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों और क्षेत्रीय फेडरेशने / एसोसिएशने के सयुक्त मंच की बैठक 22 दिसंबर 2025 को हाइब्रिड मोड में हुई। बैठक में इस दौरान संसद के अंदर और बाहर मोदी सरकार द्वारा किए गए खुले हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
सस्टेनेबल हार्नसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) अधिनियम", जो निजी और विदेशी कम्पनियों को मुनाफे के उद्देश्य से अत्यधिक जोखिम भरे और खतरनाक परमाणु ऊर्जा उत्पादन में प्रवेश करने की अनुमति देगाः इसने दुर्घटनाओं/आपदाओं की स्थिति में उपकरणों के विदेशी और राष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं की जवाबदेही को समाप्त कर दिया है निश्चित रूप से, यह हमारे देश की परमाणु सुरक्षा और सम्प्रभुता पर हमला है।
महात्मा गांधी एनआरईजी अधिनियम को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया है। यह नया अधिनियम, केन्द्रीय प्राधिकरण के विवेकाधिकार से, अधिकार-आधारित ग्रामीण रोजगार गारंटी को उस समय प्रतिस्थापित करता है जब जनता अत्यधिक बेरोजगारी से जूझ रही है और वित्तीय बोझ राज्यों पर डालता है। यह अधिनियम फसल कटाई के मौसम के दौरान अधिनियम के संचालन पर प्रतिबंध लगाता है, जिससे जमींदारों को सस्ता श्रम सुनिश्चित होता है।
बीमा क्षेत्र में 100 फीसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दे दी गई है, जिससे व्यावहारिक रूप से विदेशी कम्पनियों को घरेलू बीमा कम्पनियों पर कब्जा करने का अधिकार मिल गया है।
केन्द्र सरकार ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को संसद के दोनों सदनों में पेश किया था, हालांकि यह इस सत्र में पारित नहीं हो सका।
सरकार ने बीज विधेयक का मसौदा और विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 का मसौदा पेश किया है। यदि ये विधेयक पेश किए जाते हैं और पारित हो जाते है, तो इनका कृषि, घरेलू और लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के बिजली उपभोक्ताओं और हमारे देश के सार्वजनिक विद्युत क्षेत्र पर विनाशकारी प्रभाव पडेगा।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत के उत्तरी भाग में मौजूदा पर्यावरणीय संकट, दिल्ली-एनसीआर में असहनीय प्रदूषण और अरावली पहाड़ियों के लगभग 90 फीसद हिस्से के विनाश की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के खतरनाक आदेश का गंभीरता से संज्ञान लिया, जो उत्तरी भारत को थार रेगिस्तान के विस्तार से बचाने का काम करती रहीं हैं।
सीटीयू उन सभी लोगों और आन्दोलनों के प्रति अपनी मजबूत एकजुटता व्यक्त करता है जो इन सभी क्रूर हमलों के खिलाफ लड़ रहे हैं।
सीटीयू (केन्द्रीय ट्रेड यूनियन), आम हड़ताल को बिना शर्त समर्थन देने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) को सलाम करता है।
नेशनल कॉर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिीसिटी एम्पलाईज एण्ड इंजिनियर्स (एनसीसीओईईई) ने भी उसी दिन पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी क्षेत्रीय राष्ट्रीय हड़ताल आयोजित करने की घोषणा की है।
एनसीसीओईईई, केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच और एसकेएम की संयुक्त बैठक में शांति अधिनियम के खिलाफ 23 दिसंबर 2025 को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। जनवरी और फरवरी 2026 के महीनों में बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के साथ संयुक्त बैठकें और कन्वेंशन आयोजित किए जाएंगे।
एसकेएम ने बीज विधेयक 2025, बिजली (संशोधन) विधेयक 2025, वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 और अन्य माँगों के समर्थन में 16 जनवरी 2026 को गांवों और ब्लॉक स्तर पर प्रतिरोध दिवस मनाने का निर्णय लिया है। केन्द्रीय ट्रेड यूनियन इस आन्दोलन में पूरी ताकत से भाग लेंगे।
श्रम संहिताएँ अधिसूचित हो चुकी हैं और सरकार इन संहिताओं के समर्थन में सकारात्मक सहमति बनाने के लिए अपनी सभी संस्थागत व्यवस्थाओं, मीडिया और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधन का उपयोग करने का प्रयास कर रही है। लेकिन मजदूर वर्ग सरकार द्वारा एकतरफा थोपी गई इन संहिताओं के खिलाफ लड़ने और इन्हें रद करवाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों की बैठक में 12 फरवरी 2026 को एक दिवसीय हड़ताल आयोजित करके मोदी सरकार को कड़ा संदेश देने का निर्णय लिया है। हड़ताल की तारीख को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया जाएगा और 9 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे नई दिल्ली के एचकेएस सुरजीत भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय मजदूर कन्वेंशन में विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी।
यदि सरकार अभी भी संहिताओं के तहत नियमों की अधिसूचना जारी करने का प्रयास करती है और संहिताओं को निरस्त नहीं करती है, तो केन्द्रीय ट्रेड यूनियनें क्षेत्रीय प्रतिरोधी कार्रवाइयों के अलावा, कई दिनों की आम हड़ताल सहित और भी कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होंगी।
सीटीयू पूरे मजदूर वर्ग और मेहनतकश जनता के अन्य सभी तबकों से आगामी आम हड़ताल के लिए कमर कसने, व्यापक रूप से अभियान शुरू करने और अपने संगठनों को एक तीखे संघर्ष के लिए तैयार करने का आह्वान करता है।
हम संसद में सभी विपक्षी दलों और जनता के विभिन्न तबकों, विशेष रूप से युवाओं और छात्रों से आह्वान करते हैं कि वे मेहनतकश जनता के बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने और देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को सुरक्षित रखने के लिए इस हड़ताल के समर्थन और एकजुटता में आगे आएँ।
रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्षों और कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को कांग्रेस भवन स्थित लंबोदर पाठक सभागार में संपन्न हुई। बैठक में अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश प्रभारी राहुल राज, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान प्रमुख रूप से शामिल थे।
बैठक का संचालन कमिटी के प्रदेश कार्यालय प्रभारी राजू राम ने की तथा धन्यवाद कामता प्रसाद पासवान ने किया।
बैठक के दौरान अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश प्रभारी राहुल राज ने कहा कि राज्य में कांग्रेस को मजबूत बनाने हेतु अनुसूचित जाति विभाग संगठन को सशक्त बनाने के बिंदुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श किया गया। साथ ही तय किया गया कि राज्य में अनुसूचित वर्ग को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए विभाग सुनियोजित तरीके से अपनी बातें और मांगे सरकार के समक्ष रखने का काम करेगी।
बैठक के दौरान अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान ने कहा गया कि राज्य में अनुसूचित जाति वर्ग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विचारधाराओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मुस्तादी से काम करेगा। इस मुहिम में एआईसीसी एवं प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा जो भी निर्देश प्राप्त होगा उसे पूरी ईमानदारी निर्वह्न करने का काम करेंगे।
बैठक प्रदेश अनुसूचित जाति विभाग के सभी जिलों के अध्यक्ष और पदाधिकारी उपस्थित थे जिन्होंने अपना अपना मंतव्य प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष रखा। इस अवसर पर मुख्य रूप से राजू दास, पिंटू कुमार तुरी, भुनेश्वर राम, मुकेश कुमार पासवान, सुदेश राम, दशरथ पासवान, सोनू नायक, मनोज कुमार पासवान, प्रशांत किशोर अमल दास शंभू रविदास, संजय पासवान, सुनिता मुखी, उषा पासवान, अरविंद राम, सुरज मुखी, प्रेम कुमार दत्ता, आदि सैकड़ो कांग्रेसजन शामिल थे।
साहेबगंज। नगर स्थित रेलवे स्टेशन चौक पर झामुमो का एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय कमिटी के निर्देश पर शनिवार को रेलवे स्टेशन चौक पर झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मनरेगा योजना में महात्मा गांधी का नाम हटाकर बीजी राम जी किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा योजना को अब केवल उन्हीं क्षेत्रों में लागू करना चाहती है, जहां उनकी सीधी देखरेख हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि नए बीजी राम जी के लागू होने से मजदूर और गरीब तबके के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अरुण कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मजदूरों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता झामुमो पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस विरोध प्रदर्शन में झामुमो जिलाध्यक्ष के अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। आईए जानते हैं झामुमों जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने अपने बयान में मजदूर के हित में समझौता नहीं करने का बात कही।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता अमर वीर शहीद निर्मल महतो की जयंती दिवस पर जेल मोड़ रांची स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। राज्य के आदिवासी-मूलवासियों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले एवं झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता वीर शहीद निर्मल महतो जी की 75वीं जयंती है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे राज्य में वीर सपूत शहीद निर्मल महतो जी को लोग याद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य अलग हुए 25 वर्ष हो चुका है, ऐसे वीर सपूतों का हमारे बीच आना गौरव का विषय है। झारखंड राज्य आंदोलन में वीर शहीद निर्मल महतो जी का अमूल्य योगदान रहा है। उनके आदर्श एवं विचारों को आत्मसात करते हुए राज्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस समय शहीद निर्मल महतो जी की शहादत हुई उस समय वे युवा थे। आज हमारे राज्य के नौजवान उन्हें अपने मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत के रूप में देखते हैं। राज्य का एक-एक युवा उन पर गर्व करता है। आने वाले समय में भी उनके विचारों को जिंदा रखते हुए हम सभी राज्यवासी आगे बढ़ते रहेंगे।
रांची । गुरुवार को कांके प्रखण्ड के हुंदुर पंचायत के ग्राम हुंदुर मे रईसका डूबा जतरा ऐतिहासिक मेला का भव्य उद्घाटन किया गया जिसमे पाहन के दोवारा बिधि वध तरीके से पूजा पाठ किया गया l इसके बाद जतरा के कार्यकम को आगे बढ़ाया गया इस जतरा मे मुख्य अतिथि श्री मेधा उराव धुर्वा सरना समिति के अध्ययक्ष का आगमन हुआ उन्होंने जतरा मे रईसका पहान के बारे मे बिस्तार से जानकारी दिये और समाज के धर्म संस्कृति को कैसे बचना है इस के बारेे बताया इसके बाद मुखिया संघ के अध्ययक्ष श्री सोमा oraon ने व भी अपनी धर्म. सस्कृति की रक्षा कैसे करनी है उन्होंने अपने संबोधन में कहां थी इस प्रकार सिखों के गुरु गोविंद सिंह के दो पुत्र को वजीर खान के द्वारा धर्म नहीं बदलने पर दीवाल में जिंदा जोड़ दिए लेकिन गुरु गोविंद सिंह के पुत्र अपनी धर्म के प्रति कटता दिखाते हुए बलिदान हो गए। साथ ही साथ रईसका पहान के द्वारा रीति रिवाज पूजा पाठ रूढि प्रथा को बचाने और संरक्षण के लिए बलिदान हो गया इस प्रकार हम सबों को अपनी धर्म के प्रति कट्टरता दिखाते हुए किसी भी हाल में धर्मांतरण नहीं करना चाहिए बात अपनी पूर्वजों की पूजा पाठ रीति विवाद रूडी प्रथा को आगे बचा कर रखना ही आज संकल्प लिया गया। इस जतरा महोत्सव मे समाज के बुद्धिजीवी और गणमान्य लोग उपस्थित हुवे और जतरा को सफल बनाया । कार्यक्रम में संदीप उरांव मुनेश्वर मुंडा बालेसर पहन दिलीप उरांव तुलसी गुप्ता रंजनी देवी हुंदुर मुखिया मीनू देवी महावीर उरांव जगन्नाथ उरांव विश्वकर्मा पहन राम लखन मुंडा प्रधान पूर्व सरपंच गोविंद महतो सनोज महतो थ्रो बॉल चैंपियन मीडिया प्रभारी राजेश कुमार ,रघु पहन, गुरु चरण मुंडा, चांदी पंचायत मुखिया शुक्र करमाली सहित अन्य लोग मौजूद थे।
साहेबगंज। नगर स्थित रेलवे जनरल इंस्टिट्यूट मैदान में सांसद खेल महोत्सव का समापन समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद आदित्य साहू और प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम सिन्हा शामिल हुए।यह सांसद खेल महोत्सव राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के द्वारा ही कराया गया. कार्यक्रम मैं उपस्थित खेल प्रेमी, खिलाड़ी और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सर्वप्रथम ऑनलाइन प्रधानमंत्री द्वारा सांसद खेल महोत्सव समापन समारोह का लाइव कार्यक्रम देखा और उनका संवाद सुनकर देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के एक सौ वी जयंती पर नमन किया।कार्यक्रम में राजमहल लोकसभा क्षेत्र से आए खिलाड़ियों को खेल प्रतियोगिता के साथ प्रतिस्पर्धा में जीते खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण भी किया गया।श्री साहू ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के साथ दौड़ लगाकर खिलाड़ियों की हौसला आफजाई की और उन्हें खेल से जुड़ने और खेलने के लिए ढेर सारी अपनी शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम में पूर्व भाजपा विधायक अनंत ओझा,राष्ट्रीय किसान मोर्चा के मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष उज्जवल मंडल सहित भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणा से पूरे देश भर में जहां बीजेपी के सांसद हैं और जहां बीजेपी के सांसद नहीं है वहां पूर्व सांसदों के द्वारा खेल प्रतियोगिता का कार्यक्रम किया गया। हमारे प्रधानमंत्री देश के ऐसे प्रधानमंत्री हैं कि वह सभी समाज सभी वर्गों की चिंता करते हैं संसदीय क्षेत्र में विभिन्न गांव मोहल्ले कस्बा में रहने वाले लोगों को खेल से जोड़ने का काम किया है देश के एक करोड़ से अधिक युवाओं ने बड़ी उत्साह के साथ खेल में भाग लेने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है।
रांची। पेसा नियमावली को राज्य मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिलने का जश्न पूरा राज्य मना रहा है। इस कड़ी में राज्य के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र से आए पारंपरिक प्रधान/ प्रमुख/ मुखिया के साथ सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को पेसा नियमावली लागू करने की दिशा में लिए गए निर्णायक फैसले के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने भी नगाड़ा बजाकर अपनी खुशियों का इजहार किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज पेसा दिवस भी मना रहे हैं। इस विशेष अवसर पर राज्य सरकार ने पेसा नियमावली को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया था, वह साकार हो रहा है। पेसा कानून धरातल पर उतरने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जो नियम- कानून बनाती है, उसमें विसंगतियां नहीं होती है, लेकिन उसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी होने से सुखद परिणाम नहीं मिल पाता है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पेसा नियमावली के तहत पंचायतों को जो अधिकार प्राप्त होंगे, उसका ईमानदारी से पालन और क्रियान्वयन हो, तभी यह सफल होगा।
पूर्वजों के सपने को कर रहे हैं साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने झारखंड राज्य के लिए जो सपना देखा था, उसे हमारी सरकार पूरा करने का लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में जल - जंगल- जमीन की रक्षा, अपनी सभ्यता- संस्कृति और पहचान को बरकरार रखने एवं पारंपरिक स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करना हमारे सरकार की शुरू से प्राथमिकता रही है। इसी सिलसिले में पेसा कानून को लागू करने का जो निर्णय लिया था, वह आकार लेने जा रहा है। अब हमारे पारंपरिक ग्राम प्रधानों और प्रमुखों को उनका हक- अधिकार मिलने जा रहा है। यह अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
पेसा सिर्फ कानून नहीं, यह हमारी भावनाओं का परिचायक है
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा सिर्फ एक कानून नहीं है। इसके साथ हमारी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। लंबे समय से पेसा कानून की मांग हो रही थी। इसमें अड़चनें भी आती रही, लेकिन जन प्रतिनिधियों, आम जन तथा सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों से प्राप्त विचारों एवं सुझावों के आधार पर इसका ड्राफ्ट तैयार किया गया, जिसे कानूनी दर्जा देने के साथ इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुझे विश्वास है कि झारखंड का पेसा नियमावली पूरे देश के लिए नाजीर बनेगा। मुख्यमंत्री ने पेसा नियमावली का ड्राफ्ट तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वालों को धन्यवाद दिया।
पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य हो रहा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने का हमारा जो लक्ष्य था, वह पूरा होने जा रहा है। अब जनजातीय समुदायों को अपनी परंपराओं, संस्कृति, भूमि, जल और प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल का हक- अधिकार मिल सकेगा। इस नियमावली के लागू होने से अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभाएँ शक्तिशाली होंगी और निर्णय लेने का अधिकार भी प्राप्त होगा।
आने वाली पीढ़ी का भविष्य कर रहे सुरक्षित
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो, इस दिशा में हमारी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके लिए सामाजिक- आर्थिक-शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत बना रहे हैं। मेरा मानना है कि जब हमारी आने वाली पीढ़ी सशक्त होगी तभी राज्य आगे बढ़ेगा।
गांव मजबूत होगा तभी राज्य का सर्वांगीण विकास संभव है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य का गौरवशाली इतिहास रहा है । हमारे पूर्वजों, वीर शहीदों, आंदोलनकारियों एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी ने इस राज्य को लेकर जो परिकल्पना की थी, उसे साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मेरी स्पष्ट सोच है कि जब तक गांव मजबूत नहीं होगा, तब तक इस राज्य को सशक्त करने का सपना साकार नहीं होगा । यही वजह की हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है।
बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड 25 वर्ष का हो चुका है। अब हमारा राज्य बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। हमारी सरकार नौजवानों को नौकरी दे रही है। वहीं, हमारी सरकार ने हाल ही में आदिवासी बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने के लिए निः शुल्क कोचिंग संस्थान की शुरुआत की है । यहां वैसे बच्चे तैयारी कर सकेंगे, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। मुझे पूरा विश्वास से कि यहां से पढ़कर बच्चे देश के अच्छे मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिला लेने के लिए सफल होंगे।
गाढ़ी एवं लंबी लकीर खींचने को हैं तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने मुझे जो आशीर्वाद दिया है। मुझपर जो भरोसा जताया है, उसे कदापि भूल नहीं सकते हैं। मैं यकीन दिलाता हूं कि इस राज्य में हर किसी को उसका मान- सम्मान और हक अधिकार मिलेगा। हमारी सरकार विकास के क्षेत्र में ऐसी लंबी और गाढ़ी लकीर खींचने के लिए तैयार है जो झारखंड को देश का अग्रणी और विकसित राज्य बनाएगा।
सीमित संसाधनों में कैसे आगे बढ़े, इसकी योजना हो रही तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना से जुड़कर राज्य की 50 लाख महिलाएं अपने पैरों पर खड़ा हो रही हैं। वे खुद के साथ अपने परिवार को सशक्त बना रही है ।ऐसे में अब सरकार ऐसी कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिसके तहत सीमित संसाधनों के बीच कैसे आगे बढ़े, यह ना सिर्फ बताया जाएगा, बल्कि उसे धरातल पर उतारा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग हमारी आलोचना करते हैं । मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं आलोचनाओं से डरता नहीं हूं । लेकिन, इस बात से जरूर डर लगता है कि कहीं हमारी योजनाएं असफल ना हो। यही वजह है कि हमारी सरकार गंभीरता के साथ अपनी योजनाओं को अमलीजामा बनाने का कार्य करने में विश्वास करती है।
अनुसूचित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री को दी बधाई
गुमला जिला अनुसूचित क्षेत्र मुखिया संघ के अध्यक्ष श्री राम प्रसाद बड़ाईक, सरायकेला- खरसावां जिले के मुखिया दिवाकर सोरेन, गुमला जिला के घाघरा प्रखंड के मुखिया योगेंद्र भगत, पूर्वी सिंहभूम जिले के केराडूंगरी पंचायत के प्रधान कान्हू मुर्मू समेत कई ग्राम प्रधान/ प्रमुख/ मुखिया ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि पेसा नियमावली से राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था को एक नया मुकाम मिलेगा। इससे अनुसूचित ग्राम पंचायतों को उनका हक - अधिकार के साथ निर्णय लेने की शक्ति मिलेगी। इस पहल से अनुसूचित क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को पूरा मान- सम्मान प्राप्त होगा। वर्षों से हमारी मांग पेसा कानून को लागू करने की थी जो अब साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री को इस निर्णायक पहल के लिए हार्दिक बधाई देते हैं और आभार जताते हैं।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार और पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी के अलावा राज्य के अलग-अलग क्षेत्र से ग्राम प्रधान प्रमुख मुखिया और पेसा मोबलाइजर्स मौजूद थे।