साहेबगंज (मालदा।) 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत, मालदा मंडल द्वारा दिनांक 21 मई 2026 को मुख्य स्वास्थ्य इकाई (एमएचयू), साहिबगंज एवं साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर तपेदिक (टीबी) जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा, डॉ. अनुपा घोष के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ।
मुख्य स्वास्थ्य इकाई, साहिबगंज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का संचालन डॉ. जी.पी. सिंह एवं डॉ. सुचित डी. एस., एडीएमओ/एमएचयू, साहिबगंज द्वारा जिला टीबी इकाई, साहिबगंज के समन्वय से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को तपेदिक, उसकी रोकथाम, शीघ्र पहचान, उपचार तथा समय पर जांच के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में 30 से अधिक रेलवे कर्मचारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा संवादात्मक जागरूकता सत्र से लाभान्वित हुए। अभियान के अंतर्गत जिला टीबी इकाई द्वारा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 25 से अधिक कर्मचारियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जिससे संभावित मामलों की शीघ्र पहचान एवं समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को निम्न विषयों पर जागरूक किया गया:
• तपेदिक के प्रारंभिक संकेत एवं लक्षण।
• समय पर जांच एवं उपचार के पालन का महत्व।
• सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की उपलब्धता।
• टीबी रोगियों हेतु उपलब्ध सरकारी प्रोत्साहन एवं सहायता प्रणाली।
अभियान के क्रम में साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर भी इसी प्रकार का टीबी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका संचालन डॉ. सुचित डी. एस. द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 25 से अधिक रेलवे कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने भाग लिया तथा जागरूकता गतिविधियों से लाभान्वित हुए। इस सत्र में टीबी के लक्षण, जांच की विधियाँ, स्क्रीनिंग प्रक्रिया, डॉट्स थेरेपी तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न प्रोत्साहनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।*
यह कार्यक्रम रेलवे कर्मचारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं साहिबगंज जिला टीबी इकाई के सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जो जनस्वास्थ्य जागरूकता एवं टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।
मालदा। रेल मंडल मालदा ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि रेलवे राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा यात्रियों के बीच वैध टिकट के साथ यात्रा करने के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, मालदा मंडल द्वारा मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में मंडल भर में नियमित टिकट जांच अभियान एवं यात्री हितैषी पहलें निरंतर संचालित की जा रही हैं, ताकि सभी यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
इसी क्रम में, मालदा मंडल द्वारा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मालदा, कार्तिक सिंह के पर्यवेक्षण में साहिबगंज–बड़हरवा खंड में सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया।
इस अभियान के अंतर्गत ट्रेन संख्या 53030 भागलपुर–आजीमगंज पैसेंजर, 13429 मालदा टाउन–आनंद विहार टर्मिनल साप्ताहिक एक्सप्रेस, 15658 ब्रह्मपुत्र मेल, 15734 फरक्का एक्सप्रेस सहित इस खंड में संचालित अन्य ट्रेनों एवं स्टेशनों को कवर किया गया।
वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सहयोग से संयुक्त रूप से यह अभियान संचालित किया, जिसके परिणामस्वरूप अनियमित यात्रा के 180 मामले पकड़े गए तथा 58,580 जुर्माने के रूप में वसूल किए गए।
इसके अतिरिक्त, तालझारी, साहिबगंज, तीनपहाड़, बड़हरवा एवं करणपुरातो स्टेशनों पर “रेलवन ऐप” के प्रति जागरूकता अभियान भी नियमित रूप से चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट बुकिंग हेतु रेलवन ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि सुविधाजनक, निर्बाध एवं पेपरलेस यात्रा को बढ़ावा दिया जा सके। इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों ने ऐप डाउनलोड किया तथा इस पहल के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
मालदा। पूरे देश में 15 मई से 5 जून 2026 तक मनाए जा रहे विश्व पर्यावरण दिवस 2026 अभियान के अंतर्गत, मालदा मंडल पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न जागरूकता एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से अपने सतत प्रयास जारी रखे हुए है। मामले में मालदा मंडल रेल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में अभियान उचित अपशिष्ट पृथक्करण (Waste Segregation), विशेष रूप से जैविक अपशिष्ट प्रबंधन तथा “प्लास्टिक को ना कहें” संदेश के प्रसार पर केंद्रित रहा।
वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (पर्यावरण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन), मालदा, प्रदीप दास के पर्यवेक्षण में न्यू फरक्का, बड़हरवा, हंसडीहा तथा अन्य रेलवे स्टेशनों पर जागरूकता अभियान आयोजित किए गए,* जहाँ रेलवे कर्मचारियों एवं यात्रियों को स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण के महत्व, विभिन्न प्रकार के कचरे हेतु निर्धारित डस्टबिन के उचित उपयोग, जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान की आदतों को अपनाने तथा रेलवे परिसरों को स्वच्छ, हरित एवं टिकाऊ बनाए रखने के लिए एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक जिम्मेदारी एवं जनभागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया तथा सभी हितधारकों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सके।
मालदा मंडल की ये सतत पहलें पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता तथा विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उद्देश्यों के अनुरूप टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने के संकल्प को दर्शाती हैं।
रांची। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, राँची के निर्देशन में झारखण्ड पुलिस, के०रि०पु० बल कोबरा एवं झारखण्ड जगुआर के द्वारा नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। झारखण्ड में भटके हुए नक्सलियों को पुनः मुख्य धारा में वापस लाने के लिए झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत झारखण्ड पुलिस लगातार कार्य कर रही है, जिसका परिणाम काफी सकारात्मक रहा है। अबतक भा०क०पा० (माओ०) सहित अन्य प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के कई बड़े ईनामी नक्सली कमाण्डरों से लेकर दस्ता सदस्य झारखण्ड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके है। भा०क०पा० (माओ०) संगठन के आंतरिक शोषण, भयादोहन एवं पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के कारण कई नक्सली मुख्य धारा में शामिल हो रहे है।
इसी क्रम में झारखण्ड राज्य में वर्ष 2026 में लगातार संचालित अभियान के फलस्वरूप अबतक कुल 44 नक्सलियों को गिरफ्तारी किया गया, कुल 29 नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया, पुलिस मुठभेड़ में कुल 22 नक्सली मारे गये है। चाईबासा जिलान्तर्गत नक्सल गतिविधि पर अंकुश लगाने हेतु नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्र में आम जन के मन में उपजे सुरक्षा भाव को संधारित रखने के लिए सारंडा क्षेत्र में कुल 21 नये Advance Camp Location (ACL) एवं Forward Operating Base (FOB) सुरक्षा कैम्पों का भी अधिष्ठापन किया गया है।
इस कड़ी में भा०क०पा० (माओ०) संगठन के विरूद्ध संयुक्त बलों के द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान, संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर तथा प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर ऑपरेशन "नवजीवन" के तहत भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी एवं असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य, कोल्हान् तथा सारंडा के सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे की जानकारी रखनेवाले कुल 25 कमांडर एवं दस्ता सदस्य (SZCM-06, ACM- 06, दस्ता सदस्य-13) कुल 16 हथियार एवं 2857 गोलियों के साथ आज दिनांक- 21.05.2026 को आत्मसमर्पण कर रहें है। इसके अतिरिक्त गुमला जिला में सक्रिय जेजेएमपी के कुल-02 कमांडर एवं सदस्य (SZCM-01, ACM-01) एक हथियार एवं 130 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
झारखण्ड पुलिस के द्वारा संचालित अभियान से नक्सली दबाव में आकर तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल राज्यों में भी आत्मसमपर्ण किये हैं।
उल्लेखनीय है कि भा०क०पा० (माओ०) के सभी सदस्य पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं गिरिडीह जिला के स्थानीय निवासी है और भा०क०पा० (माओ०) के द्वारा इनको पूर्व में दस्ता में शामिल कराया गया था और इनके आत्मसमर्पण से झारखण्ड राज्य विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं आस-पास के जिलों एवं राज्य में माओवादियों की गतिविधि पर अंकुश लगेगा। इन सभी का आत्मसमर्पण स्थानीय भा०क०पा० (माओ०) दस्ते के लिए एक बहुत ही करारा प्रहार है।
झारखण्ड पुलिस का शेष बचे माओवादियों से अपील है कि हिंसा और भयदोहन का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौटे और झारखण्ड सरकार की ,आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ उठाएं।
रांची । लालपुर थाना क्षेत्र स्थित डी-कोर मॉल पार्किंग में फायरिंग कर दहशत फैलाने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। घटना 20 मई 2026 की रात करीब 10:50 बजे की बताई गई है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां से एक कारतूस का खोखा बरामद किया गया, जिस पर HPM 25.32 अंकित था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि संतोष कुमार नामक व्यक्ति ने अपने लाइसेंसी हथियार से फायरिंग की थी। आरोप है कि उसने इलाके में अशांति और डर का माहौल बनाने के उद्देश्य से गोली चलाई।
मामले में लालपुर थाना कांड संख्या 100/26 दिनांक 21 मई 2026 को धारा 292 बीएनएस 2023 तथा 27/30 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष छापामारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संतोष कुमार (50 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से पलामू जिले के हमिदगंज का रहने वाला है और वर्तमान में रांची के पुंदाग स्थित साहू चौक में रह रहा था।
बरामद सामान
- फायर किया हुआ एक खोखा
- .32 बोर का काला ऑटोमेटिक पिस्टल
- मैगजीन सहित हथियार
- मैगजीन से 4 जिंदा गोलियां बरामद
छापामारी दल में शामिल अधिकारी
पुलिस टीम में पु०अ०नि० उत्तम कुमार, ऋषिकांत, सुनील पासवान, आशीष कुमार, दीपक कुमार सिन्हा, स०अ०नि० संजय केरकेट्टा, अमृत खलखो सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक घर तक संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र के बीएलओ पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निर्वाचन सदन से मीडिया के प्रतिनिधियों हेतु आयोजित एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम एवं प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
के रवि कुमार ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में 20 जून से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं आवश्यक मुद्रण कार्य किए जाएंगे। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और सत्यापन करेंगे जिसके बाद प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को होगा। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। नोटिस पीरियड तथा दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक चलेगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 7 अक्टूबर को किया जाएगा। इस विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में नए मतदाताओं के आवेदन दावा एवं आपत्तियां दर्ज करने के क्रम में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर संकलित किए जाएंगे। जिन मतदाताओं से बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा और लोगों को भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी।
के रवि कुमार ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है और विदेशी नागरिक इसमें शामिल नहीं होंगे। उन्होंने मतदाताओं, कर्मियों, मीडिया के प्रतिनिधियों, सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए, से अपील करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करें ताकि राज्य की मतदाता सूची अधिक स्वच्छ समावेशी एवं त्रुटिरहित बन सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार उपस्थित रहे।
रांची। राज्य में 25 साल के लंबे इंतजार के बाद PESA (पेसा) कानून लागू कर दिया गया है। पारंपरिक ग्राम सभा को उनका अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है । इसके लिए गाँव - गाँव तक पेसा नियमावली के बेहतर एवं मजबूत क्रियान्वयन की आवश्यकता है । पेसा कानून के दायरे में आने वाले जिलों के अधिकारियों को इसके लिए अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करना होगा । ये बातें ग्रामीण विकास विभाग , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के एनेक्सी सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला के दौरान कही । कार्यशाला का आयोजन पंचायती राज विभाग द्वारा PESA नियमावली के संबंध में किया गया था।
मंत्री ने कहा कि यह कानून मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा-निर्देश पर लागू किया गया है, जिनका सपना था कि राज्य में पारंपरिक ग्राम व्यवस्थाओं को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि इस कानून को धरातल पर उतारने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य करना आवश्यक है।
श्रीमती पाण्डेय ने बताया कि देश के 10 राज्यों में PESA कानून लागू होना था, जिनमें झारखंड का कानून सबसे बेहतर और प्रभावी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून को लेकर कुछ स्थानों पर भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है, ऐसे में सभी संबंधित लोगों को इसके प्रावधानों का गहन अध्ययन करना चाहिए। गांव के लोगों के हर सवालों और परेशानियों का जवाब पेसा नियमावली के पन्नों में दर्ज है ।
उन्होंने निर्देश दिया कि पारंपरिक व्यवस्था के तहत तीन महीने के भीतर ग्राम प्रधानों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से लागू की जा सकें।
मंत्री ने कहा कि यह कानून पारंपरिक ग्रामसभाओं को सशक्त बनाने वाला है और विभागीय स्तर पर इसके सफल क्रियान्वयन के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि पारंपरिक ग्राम प्रधान और राजस्व ग्राम प्रधान को समझने की जरूरत है । पारंपरिक तरीके से ही ग्राम सभा के जरिए ग्राम प्रधान के चयन को सुनिश्चित करना है ।
स्थानीय लोगों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे: सचिव
रांची में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने कहा कि PESA नियमावली लागू होने के बाद से ही इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ,स्थानीय लोगों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे इसके लिए नियमावली का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद कराया गया है।
सचिव ने जानकारी दी कि PESA कानून के विभिन्न प्रावधानों को राज्यभर में प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 125 मास्टर ट्रेनरों को तैयार किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जागरूकता बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नियमावली के निर्माण और क्रियान्वयन के लिए कई विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
इस दिशा में निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो कानून के लागू होने में आने वाली बाधाओं का अध्ययन कर रही है। मनोज कुमार ने कहा कि पारंपरिक न्याय व्यवस्था का भी गहन अध्ययन किया जा रहा है, ताकि स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नियमावली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि निरंतर प्रयासों से PESA कानून का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
रांची में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में पंचायती राज निदेशालय की निदेशक श्रीमती बी. राजेश्वरी ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि राज्य में PESA कानून का लागू होना एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि इस कानून को लागू करने से पहले कई आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं, लेकिन इसके क्रियान्वयन के दौरान विभिन्न प्रकार की चुनौतियां भी सामने आई हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर सुधार की प्रक्रिया जारी है।
कार्यशाला में आयोजित तीन तकनीकी सत्र का मुख्य उद्देश्य इन समस्याओं का समाधान निकालना था, ताकि संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक कुशलता और प्रभावशीलता के साथ कार्य कर सकें। सत्र में परंपरागत ग्रामसभा की भूमिका, सामुदायिक भागीदारी, और सशक्तिकरण में प्रशासन की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही शिक्षण एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में परंपरागत स्वशासन को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। PESA नियमावली के सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों के बीच खुला संवाद भी हुआ, जिससे अनुभव साझा करने और बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में ठोस सुझाव सामने आए।कार्यशाला में विभिन्न जिला के उप समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची। झारखंड में लंबे समय से सड़क निर्माण का काम पूर्ण नहीं करने वाली एजेंसी या संवेदकों को अब नया काम मिलना आसान नहीं होगा । ग्रामीण कार्य विभाग राज्य भर में ऐसे सभी सड़कों की सूची तैयार कर डिबार की प्रक्रिया तेज करेगी । इतना ही नहीं काम में देरी कर रेट रिवीजन की चालाकी को भी विभाग ने गंभीरता से लिया है । हाल के महीनों में रेट रिवीजन होनी वाली योजनाओं को विभाग खंगालने का काम करेगी । ये निर्देश राज्य की ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित झारखंड सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीच्यूट के सभागार में ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिया है ।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सड़क और पुल निर्माण योजना की जिलावार जानकारी ली । मैराथन समीक्षा के दौरान ये बात स्पष्ट तौर पर सामने आई कि लंबे समय से कई जिलों में सड़क की निर्माण की योजना लंबित है । समय अवधि के अंदर काम पूरा नहीं करने के बावजूद ऐसी एजेंसी या संवेदकों के द्वारा सड़क निर्माण से जुड़ी दूसरी योजनाएं ली जा रही है । ऐसे में एक ही एजेंसी या संवेदकों के नाम कई काम लंबित है । विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य भर में ऐसी एजेंसी और संवेदकों की सूची तैयार कर उन्हें डिबार करने की प्रक्रिया बढ़ाई जाए । दरअसल कई बार रेट रिवीजन का लाभ लेने के उद्देश्य से ही काम को लंबित रखने की बात सामने आ चुकी है । समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को ये निर्देशित किया गया कि ऐसी एजेंसी और संवेदकों को नया काम नहीं दिया जाएगा ।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता से कही कोई समझौता नहीं होगा । सड़क निर्माण और पुल निर्माण से संबंधित किसी भी तरह की कोई अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए । उन्होंने झारखंड के माननीय विधायकों के द्वारा विभाग को भेजे गए लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए , उस पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है । उन्होंने कहा कि चाहे सड़क निर्माण में अनियमितता से संबंधित आवेदन हो या नई सड़क के निर्माण की मांग हो , माननीय विधायकों के आवेदन पर समय सीमा के अंदर पहल की जाए । शिकायतों पर पत्राचार की खानापूर्ति के बजाय आवश्यक जांच करने की जरूरत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बारिश से पहले राज्य के क्षतिग्रस्त पुलों की सूची तैयार कर , उसे दुरुस्त करने का काम तेज किया जाए । उन्होंने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ऐसे पुल का निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया ।
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के 6 जिलों में पलाश मार्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है । इसके लिए जिलों में जमीन चिन्हितिकरण का काम जिला प्रशासन की मदद से पूर्ण किया जाएगा । हाल के दिनों में पलाश ब्रांड के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने के साथ बाजार में मांग भी बढ़ी है । समीक्षा के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य की दीदियों को रोजगार से जोड़ने का मतलब सिर्फ उन्हें किराना की दुकान तक सीमित रखना नहीं है , बल्कि महिलाएं कैसे उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़े इस रणनीति के साथ कार्य योजना तैयार करने की जरूरत है । इसके लिए भी जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त पहल कर ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है । राज्य में अबुआ आवास के लाभुकों को उनका अंतिम किस्त दे कर उनके आशियाना का सपना साकार करने पर जोर दिया गया । अबुआ आवास के लिए इस बजट में 41 सौ करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है । समीक्षा बैठक के दौरान ये बात सामने आई की राज्य में अब बहुत कम घर ही ऐसे बचे है जहां SHG से जुड़ी कोई महिला सदस्य ना हो । राज्य भर में SHG ग्रुप की संख्या 3 लाख 19 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है । जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वावलंबन के नजरिए से बेहतर संकेत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समीक्षा बैठक के क्रम में JSLPS के काम से संतुष्ट नजर नहीं आई । उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के साथ - साथ JSLPS के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्देश दिया है । मनरेगा की योजनाओं की समीक्षा के क्रम में ये बात सामने आई की वी बी ग्राम जी योजना के लागू होने से झारखंड पर 1700 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा ।
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कहा कि एक से डेढ़ साल तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करने वालों की सूची जिला स्तर से मुख्यालय को भेजी जाए । इसके साथ ही रेट रिवीजन को लेकर भी एक SOP तैयार किया जाएगा , ताकि काम में देरी कर लाभ लेने वालों को रोका जा सके । सचिव ने विभागीय अधिकारियों को काम का स्थल निरीक्षण करने को भी कहा है । समीक्षा बैठक में मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहें ।
साहिबगंज। ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, साहिबगंज के निवर्तमान अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बुधवार, 20 मई 2026 को सत्र 2026-2028 के लिए अपनी पूरी टीम के साथ चुनाव पदाधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन के दौरान चैंबर के विभिन्न पदों एवं कार्यकारिणी सदस्यों के नाम घोषित किए गए। टीम में अध्यक्ष पद के लिए राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष पद के लिए राकेश कुमार एवं संजय भुवानिया, सचिव पद के लिए मोहित बेगराजका, सहसचिव पद के लिए पिंटू शाह एवं मोहम्मद कैसर अली का नाम शामिल है।इसके अलावा कोषाध्यक्ष पद के लिए विवेक कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है। कार्यकारिणी सदस्यों में रवि पोद्दार, शंकर शाह, नवल किशोर मंडल, प्रकाश झुनझुनवाला, प्रवीण अग्रवाल, राहुल जायसवाल, विकास कौशिक एवं अंकित तमाखुवाला के नाम शामिल हैं।
नामांकन के अवसर पर चैंबर से जुड़े कई व्यापारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने नई टीम को आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
रांची । पुलिस ने नामकुम थाना क्षेत्र में सक्रिय संगठित मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 12 चोरी की मोटरसाइकिल, कटे हुए इंजन-पार्ट्स और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 18 मई की शाम गुप्त सूचना मिली थी कि चोरी की एक नीले रंग की अपाची बाइक रामपुर की ओर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर सिदरौल जोड़ा मंदिर के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को बाइक सहित दबोच लिया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अभय सिंह उर्फ मन्नु सिंह ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर रांची के हाट-बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी करता था। गिरोह चोरी की मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट बदलकर फर्जी नंबर लगाता था और फिर उन्हें दूसरे लोगों को बेच देता था।
अभय की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों वसीम ओहदार, दानिस आलम, सरीफ खान, नसीम अंसारी, तौहिर अंसारी और मोईन खान को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड जेल में ही अपराधियों के संपर्क में आया था और बाहर निकलने के बाद संगठित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। छापेमारी टीम का नेतृत्व ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में वरीय पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पाण्डेय ने किया।
