रांची। झारखंड सरकार की छात्र हितैषी योजनाओं के तहत सोमवार को राजधानी रांची में निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कल्याण मंत्री चमरा लिण्डा ने TVS CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (SOE), जगन्नाथपुर क्लस्टर प्वाइंट पर 10 विद्यालयों के 693 छात्र-छात्राओं के बीच साइकिलों का वितरण किया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को संवारना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रही है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो।
मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विशेष पहल
कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को कोटा के प्रतिष्ठित संस्थानों, जैसे मोशन एजुकेशन, से जोड़कर विशेष कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
ड्रॉपआउट दर कम करने में मिलेगी मदद
मंत्री चमरा लिण्डा ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई छात्र-छात्राओं को विद्यालय की दूरी के कारण पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निःशुल्क साइकिल मिलने से उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी और विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति (ड्रॉपआउट) में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का प्रत्येक बच्चा बिना किसी बाधा के विद्यालय पहुंचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करे।
रांची जिले में 16,780 साइकिल वितरण का लक्ष्य
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2026-27 के लिए रांची जिले में कुल 16,780 साइकिलों के वितरण को स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से पात्र विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) रांची की परियोजना निदेशक मनीषा तिर्की, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, प्रखंड कल्याण पर्यवेक्षक एनुल हक, TVS CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, जगन्नाथपुर की प्राचार्य, विद्यालय प्रबंधन टीम तथा अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रांची । झारखंड सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को राजधानी रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित भव्य समारोह में 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कक्षा 6 से 12 तक के कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल सरकारी नौकरी नहीं मिली है, बल्कि झारखंड की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के बच्चों का भविष्य शिक्षकों के ज्ञान, व्यवहार और कार्यशैली पर निर्भर करेगा। इसलिए सभी शिक्षक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में नव नियुक्त सहायक आचार्यों को विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर काम करें तथा बच्चों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अमानवीय घटना या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय मॉडल ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने बताया कि जहां इन विद्यालयों में लगभग 9 से 10 हजार सीटें उपलब्ध हैं, वहीं प्रवेश के लिए 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। यह सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकारी विद्यालयों में विज्ञान शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी। इस नियुक्ति प्रक्रिया में 200 से अधिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की बहाली हुई है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर तथा अन्य क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
झारखंड की बौद्धिक संपदा हैं नव नियुक्त शिक्षक
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के बीच चयनित ये शिक्षक राज्य की बौद्धिक संपदा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कार्य कर रही है। पिछले कार्यकाल में 55 हजार से अधिक नियुक्तियां दी गईं और वर्तमान कार्यकाल में भी विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड को अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रतिभा और युवाओं की क्षमता के लिए भी पहचाना जाएगा।
नव नियुक्त शिक्षकों ने जताया आभार
समारोह में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई सहायक आचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए। रांची की सीता कुमारी ने कहा कि 22 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उन्हें नियुक्ति मिली है और यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल है।
मनोज कुमार वैद्य ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को नियुक्तियों का वर्ष घोषित करने का लाभ उन्हें भी मिला है और वे पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
वहीं प्रदीप कुमार यादव ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी मां ने नियुक्ति परिणाम के बाद अखबार में मुख्यमंत्री की तस्वीर देखकर तीन बार प्रणाम किया था। उन्होंने कहा कि बिना किसी लेन-देन के पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने आम लोगों का सरकार पर विश्वास मजबूत किया है।
इनकी रही उपस्थिति
समारोह में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारी, नव नियुक्त सहायक आचार्य एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नई दिल्ली/रांची। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दूसरे दिन झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य की ओर से प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाए। उन्होंने महात्मा गांधी के नाम से नई ग्रामीण विकास योजना शुरू करने, मनरेगा के बकाया भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने, फैब्रिकेटेड आवास निर्माण, न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि तथा स्वयं सहायता समूहों (SHG) को रूरल इंडस्ट्री के माध्यम से सशक्त बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत सुझाव दिए।
सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड सरकार के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
महात्मा गांधी के नाम से शुरू हो नई योजना
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का योगदान ऐतिहासिक रहा है। ऐसे में उनके नाम को योजनाओं से हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि महात्मा गांधी के नाम पर नई जनहितकारी ग्रामीण विकास योजना प्रारंभ की जाए, ताकि उनके ग्राम स्वराज के सपने को नई दिशा मिल सके।
125 दिनों के रोजगार के लिए पर्याप्त बजट पर उठाए सवाल
सम्मेलन में मंत्री ने मनरेगा के तहत 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रोजगार के दिनों में वृद्धि की जा रही है, तो उसके अनुरूप पर्याप्त बजट भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मनरेगा के बजट में लगातार कटौती हुई है, ऐसे में अतिरिक्त रोजगार देने का दावा व्यावहारिक नहीं दिखता। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य के बीच 60:40 की वित्तीय हिस्सेदारी से झारखंड जैसे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने और फैब्रिकेटेड आवास का सुझाव
दीपिका पांडेय सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान लागत को देखते हुए यह समय की आवश्यकता है।
उन्होंने आवास निर्माण में देरी को दूर करने के लिए फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर आधारित मजबूत आवास निर्माण का सुझाव दिया। इस मॉडल के तहत लाभुकों को एकमुश्त राशि उपलब्ध कराने से निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा और तकनीकी व प्रशासनिक बाधाएं भी कम होंगी।
साथ ही उन्होंने अबुआ आवास योजना के निर्माण कार्य में मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव रखा। इस सुझाव पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया।
मनरेगा के 900 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की उठाई मांग
सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड के मनरेगा मटेरियल मद में केंद्र सरकार के पास लंबित लगभग 900 करोड़ रुपये के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राशि लंबित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए सबसे बड़ा रोजगार का सहारा बना था। इसलिए नई योजनाएं शुरू करने से पहले लंबित राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 433 रुपये करने की मांग
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बढ़ती महंगाई और श्रमिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए मनरेगा मजदूरी बढ़ाकर 433 रुपये प्रतिदिन करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में झारखंड में मनरेगा मजदूरों को 282 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जिसमें 255 रुपये केंद्र सरकार तथा 27 रुपये राज्य सरकार का अंशदान है। वर्तमान परिस्थितियों में यह राशि पर्याप्त नहीं है।
रूरल इंडस्ट्री से सशक्त होंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड में ग्रामीण उद्योगों की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 32 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़कर आजीविका और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए तो झारखंड की महिलाएं देश और दुनिया के बाजारों में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम उत्पादन की सफलता, पलाश एवं अदिवा ब्रांड की लोकप्रियता तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार 15 लाख नोटबुक का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड की महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मईयां सम्मान योजना ने भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीण उद्योगों के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए।
सोनाहातू (रांची): झारखंड में मानसून के दौरान लगातार हो रही वज्रपात की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। रविवार को रांची जिले के सोनाहातू प्रखंड क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे में खूंटी वन प्रमंडल के एक फॉरेस्ट गार्ड की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि विभाग के चालक समेत दो अन्य कर्मी घायल हो गए। घटना के बाद वन विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, खूंटी वन प्रमंडल के बुंडू वन प्रक्षेत्र में कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव रविवार को सोनाहातू थाना क्षेत्र के काला महादेव के समीप पहुंचे थे। यहां हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से वन विभाग की ओर से वॉच टावर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए रोशन श्रीवास्तव अपने विभाग के चालक और एक अन्य कर्मी के साथ निरीक्षण पर पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान अचानक मौसम ने करवट ले ली। आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे पहले कि तीनों सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाते, अचानक जोरदार वज्रपात हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिजली सीधे उस स्थान के पास गिरी, जहां वन विभाग की टीम खड़ी थी। वज्रपात की चपेट में आने से फॉरेस्ट गार्ड रोशन श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही अचेत हो गए, जबकि उनके साथ मौजूद चालक और एक अन्य कर्मी भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के अन्य कर्मियों की मदद से तीनों को सोनाहातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रोशन श्रीवास्तव को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की भी तैयारी की गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने मृतक वनकर्मी के परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं पुलिस ने भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रोशन श्रीवास्तव लंबे समय से वन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने उन्हें एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार अधिकारी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
गौरतलब है कि झारखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और वज्रपात की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और निर्माणाधीन स्थलों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और समय पर सुरक्षा उपाय अपनाना कितना आवश्यक है।
बरहरवा (साहेबगंज): बरहरवा स्थित निशा मैरेज हॉल, बिन्दुधाम पथ में शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि बरकतुल्लाह खान की अध्यक्षता में SIR प्रशिक्षण सह संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के SIR संथाल परगना प्रभारी एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू मुख्य अतिथि तथा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार प्रजापति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्ष, नगर एवं वार्ड अध्यक्ष तथा सभी BLA-2 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान साहेबगंज जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की जिला, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर तक विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही कार्यकर्ताओं से ग्रामीणों की हरसंभव सहायता करने और अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा, तो कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटेगा। बैठक में BLA-2 एवं अन्य कार्यकर्ताओं को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. बलमुचू ने SIR अभियान की आवश्यकता, संगठन की रणनीति और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे तथा पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार प्रजापति ने भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने से युवाओं और उनके अभिभावकों की मेहनत तथा उम्मीदों को गहरा आघात पहुंच रहा है। उन्होंने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकारों और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
कार्यक्रम में अनीकुल मिश्रा, कमल कुमार आर्य, मो. नसीरुद्दीन, अशोक कुमार दास, मोहम्मद कलीमुद्दीन, बासुकीनाथ यादव, सरफराज आलम, नित्यानंद गुप्ता, मोरसलीन खान, हीरालाल शाह, रंजीत टुडू, विमल देव भगत, भोलानाथ महतो, नाबीद अंजुम, निहाल अख्तर, थॉमस रॉबर्ट, मिथुन मंडल, अनंत लाल भगत, निताई सरकार, सारिक रब्बानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
साहेबगंज: अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध तस्करी निषेध दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज श्री अखिल कुमार के मार्गदर्शन में पूरे जिले में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation) योजना के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, सामुदायिक स्थलों, मंडल कारा तथा बाल सुधार गृहों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के सदस्यों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री विश्वनाथ भगत ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर नशे से दूर रहने की अपील की गई।
अभियान के तहत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों का मंचन भी किया गया। इसके अलावा नालसा द्वारा जारी विशेष जिंगल "तुम मत गिरना" और DAWN कैंपेन वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। #SayNoToDrugsYesToLife, #DrugsFreeIndia, #YuddhNasheKeVirudh और #NashaMuktBharat जैसे हैशटैग के माध्यम से लोगों से नशामुक्त भारत के निर्माण में भागीदारी की अपील की गई।
सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी जिलेभर में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध साहेबगंज का निर्माण हो सके।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मानव संसाधन विकास विभाग (HRD) द्वारा चार नव-प्रवर्तित श्रम संहिताओं एवं उनके अंतर्गत बनाए गए नियमों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 26 जून, 2026 को (एमटीसी), एचआरडी, सीसीएल में किया गया। यह कार्यक्रम 26 एवं 27 जून, 2026 को आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में सीसीएल के सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, खान प्रबंधक, क्षेत्रीय मानव संसाधन अधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि (जेसीएससी, वेलफेयर बोर्ड, सेफ्टी बोर्ड), एससी-एसटी-बीसी काउंसिल, INMOSSA, CMOAI एवं ठेकेदारों के प्रतिनिधि सहित कुल 105 प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त डॉ. ओंकार शर्मा बतौर अतिथि संकाय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सीसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा श्रम संहिताओं को लागू किया गया है और कार्यस्थलों पर इनके प्रभावी अनुपालन के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी एवं सकारात्मक सहयोग आवश्यक है।
वहीं, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने बदलते औद्योगिक परिवेश में निरंतर ज्ञानवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने एवं श्रम संहिताओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों का अपडेट रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. ओंकार शर्मा द्वारा श्रम संहिताओं के विभिन्न प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं एवं उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा संचालित सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, संवादात्मक एवं व्यावहारिक रहे, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने प्रश्नों एवं विचारों को साझा किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम दिवस उपयोगी चर्चाओं एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पहल सीसीएल में श्रम कानूनों की बेहतर समझ विकसित करने, अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने एवं कार्यस्थल पर सुचारू औद्योगिक संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रांची। आप लोग बहुत लम्बे समय से के इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आप सभी ने लगभग 30 हफ्तों तक बहुत ही कड़ा और लंबा प्रशिक्षण लिया है। मुझे जानकारी दी गई है कि यहाँ बड़े पैमाने पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुए राज्य के जवान और जेपीएससी (JPSC) के माध्यम से डीएसपी के पद पर नियुक्त हुए अधिकारी शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक खुशी देने वाली बात यह है कि इस बैच में लगभग 25% महिलाओं की भागीदारी है। इस महिला पुलिस बल को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम चाहते हैं कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान और बराबर हो, जो यहाँ दिख भी रहा है। राज्य के पुलिस विभाग और हमारे पुलिस जवानों की भूमिका तथा जिम्मेदारियों को लेकर मुझे बहुत अधिक व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप सभी इसके महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज जैप 1 ग्राउंड, डोरंडा में आयोजित "बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026" को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जैप 1 ग्राउंड परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पारण परेड-2026 का निरीक्षण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने सी०टी०सी०, स्वासपुर, मुसाबनी में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक एवं विभिन्न जिला/इकाई से नव नियुक्त आरक्षियों का बुनियादी प्रक्षिणोपरांत आयोजित अंतिम परीक्षा का प्रकाशित परीक्षाफल के विभिन्न विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच पुरस्कार वितरण किया।
*आप सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले आप सभी ने झमाझम बारिश के बीच शपथ ली है। निश्चित रूप से हमारी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में शपथ ग्रहण करना सिर्फ एक प्रक्रिया या माध्यम नहीं है, इसी प्रतिज्ञा और शपथ के बदौलत हम लोगों ने इस देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का रूप दिया है। उन्होंने कहा कि यह शपथ सिर्फ वर्दी के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा के लिए भी है। चूंकि आप सभी वर्दीधारी राज्य के प्रहरी हैं, इसलिए यह शपथ आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज के बाद से आप एक व्यवस्था से बंध चुके हैं। अब सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। इस दौरान हो सकता है कि आपके सामने बहुत बड़ी चुनौतियां आकर खड़ी हो जाएं, यहाँ तक कि आपकी जान पर भी बन आए, पूर्व में इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आपके परिजनों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी है। आपके परिजनों के उसी अधूरे रास्ते और सफर को पूरा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने अब आपके कंधों पर सौंपने का निर्णय लिया है। हम सिर्फ नौकरी या तनख्वाह के लिए पुलिस बल में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि कुछ सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ इस व्यवस्था से बंध जाते हैं।
*प्रशिक्षण का परिणाम कानून एवं विधि-व्यवस्था के संधारण में दिखनी चाहिए*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आपको प्रशिक्षण के दौरान जिन अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग दी गई है, उसका परिणाम अब राज्य की कानून-व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और राज्य के भीतर घटने वाली या संभावित घटनाओं को नियंत्रित करने में दिखना चाहिए। अगर आप सभी पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे, तो हमारे बीच आने वाली हर चुनौती को समाप्त करते हुए उसका समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज मौसम अनुकूल न होने की वजह से इस पारण परेड कार्यक्रम को हमें पुलिस परिसर (Premises) के भीतर ही संपन्न करना पड़ा। लेकिन आपका उत्साह कम न हो और आपके परिजन हतोत्साहित न हों, इसके लिए हमारी सरकार लगातार आपके साथ खड़ी रहने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पुलिस विभाग के लिए अलग से आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस विभाग के अंतर्गत अलग से विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निश्चित रूप से, एक-एक करके हम अपनी सारी मंजिलों तक पहुंचेंगे। इसमें आपका भी प्रयास होना चाहिए और हमारी सरकार का भी पूरा सहयोग रहेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों एवं नव नियुक्त आरक्षियों को आज के इस बेहतरीन परेड प्रदर्शन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। साथ ही पुलिस विभाग को इस पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने *जय हिंद, जय झारखंड, जोहार।"* के साथ अपनी बातों का समापन किया।
प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवानों ने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं नव नियुक्त जवानों को अनुशासन, देश व राज्य सेवा, संविधान, पुलिस बल की गरिमा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति शपथ दिलाई गयी।
इस अवसर पर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी बर्बाद कर देता है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड को नशामुक्त करने का प्रण लिया है । और जो निर्णय लिया है उसे पूरे करने में सभी विभाग आपसी समन्वय बना झारखंड को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का काम हमलोग करेंगे । इसी उद्देश्य से पिछले 15 दिनों से नशामुक्ति हेतु जागरूकता अभियान पूरे राज्यभर में सरकार द्वारा चलाया जा रहा था जिसका आज समापन हो गया । उन्होंने कहा कि यह अभियान पिछले तीन वर्षों से चलाया जा रहा है । आने वाले समय में प्रयास रहेगा कि पूरे साल यह अभियान चलाया जाए। श्री इरफ़ान अंसारी गुरूवार को शौर्य सभागार में गृह,कारा एवं आपदा प्रबंधन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित निषिध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता अभियान के समापन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे ।
*अभियान की अच्छी शुरुआत हुई , मजबूती के साथ चलाया गया अभियान*
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का मक़सद नशामुक्त झारखंड, युवा झारखंड बनाने का है और इस दिशा में पिछले तीन साल से लगातार यह अभियान चलाया जा रहा है ।युवा हमारे राज्य हमारे देश का भविष्य हैं और नशे में अपना जीवन बर्बाद कर देते हैं । नशे से सिर्फ़ वे अपना जीवन बर्बाद नहीं करते हैं बल्कि परिवार ,पूरे समाज देश राज्य को प्रभावित करते हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निदेश पर ही झारखंड के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए यह अभियान चलाया जा रह है । उन्होंने कहा कि नशा केवल झारखंड या भारत की समस्या नहीं बल्कि यह पूरे विश्व की समस्या है । युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए नए-नए इनिशिएटिव लेना होगा । उन्हें कई प्रकार के एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा । साथ ही सभी प्रकार के संसाधनों का उपयोग करके युवाओं में नशे की लत की समस्या को दूर करने का प्रयास करना होगा ।
*जागरूकता अभियान में जन भागीदारी और सहयोग जरूरी*
डॉ. अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में नशामुक्त एवं स्वस्थ झारखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अभियान तभी सफल होगा जब आम जनता भी सरकार का सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा नशे की लत के कारण रिनपास और सीआईपी जैसे संस्थानों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा देर रात रास्ते पर , फ्लाईओवर के नीचे विशेष रूप से सिरप और सॉल्यूशन का नशा करते युवा दिखाई देते है इसके प्रति पुलिस-प्रशासन को ध्यान रखने की जरूरत है ।
मेयर रांची श्रीमती रोशनी खलखो ने कहा कि नशामुक्ति अभियान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत और जब हर एक व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तब सचमुच हम लोग झारखंड को सिर्फ़ स्वस्थ और सुरक्षित नहीं बल्कि नशामुक्त झारखंड भी बना पाएंगे । साथ ही सभी के सहयोग सुरक्षित रांची ,सुरक्षित झारखंड बना सकते है।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अजय कुमार ने कहा कि वर्ष 2024 में शुरू हुआ यह अभियान लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल झारखंड या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक चुनौती है। उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने, जोखिमग्रस्त बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से ड्रग्स कारोबार की जानकारी मिलने पर टोल-फ्री और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की अपील भी की।
अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल ने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से यह जागरूकता अभियान सफल रहा । सूचना जनसंपर्क विभाग की भूमिका प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण रही। जागरूकता अभियान का मकसद सभी कटिबद्ध ,मुखर, होकर खुलकर नशे के दुष्प्रभाव पर बात करें। सरकार और प्रशासन आपके साथ खड़ी है । उन्होंने कहा कि पूरे साल यह अभियान विशेषकर युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया जाए इसे लेकर शिक्षा विभाग द्वारा कार्यकम बनाये गए हैं ।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल पुरवार ने कहा कि नशे की समस्या पर समय रहते नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में नशे से संबंधित गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। साथ ही नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने, नशा मुक्ति से संबंधित मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ इरफान अंसारी द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति जागरूकता हेतु तैयार पुस्तिका का विमोचन किया गया साथ ही उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों जिसमें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक श्री आनंद , श्रीमती उर्वशी पांडे डीपीआरओ रांची , सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक श्री अभय कुमार ,श्रीमती अंजना भारती डीपीआरओ गिरिडीह , डॉ असीम कुमार डीपीआरओ पलामू , डॉ लाल मांझी एनएचएम से , उच्च शिक्षा से श्री नोइनिता , आलोक रंजन, निर्मला सिन्ह, सहायक शिक्षिका,डॉ सजल आशीष नाग , रिनपास , पर्यटन से आशीष कुमार बनर्जी,मुकेश कुमार ,स्वास्थ्य से सुशांत कुमार , सहित विभिन्न व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया । साथ ही झारखंड में पहली बार राज्य में फाइनेंसियल सीजर की करवाई करने पर सनोज कुमार चौधरी को सम्मानित किया गया । इसके अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मान प्रदान किया गया ।
रांची। झारखंड को मादक पदार्थों के सेवन और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से मुक्त कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को राजधानी रांची में भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों युवाओं, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से अल्बर्ट एक्का चौक तक आयोजित मैराथन दौड़ को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैराथन में शामिल प्रत्येक युवा का कदम केवल दौड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि झारखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चला रही है और इस अभियान में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे राज्य के भविष्य को प्रभावित करता है। इसलिए सरकार का उद्देश्य केवल कानून के माध्यम से कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा कर नशे से दूर रहने की संस्कृति विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि जब युवा स्वयं आगे बढ़कर इस अभियान का हिस्सा बनेंगे, तभी झारखंड को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
उन्होंने उपस्थित युवाओं को नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई। मंत्री ने कहा कि आज के युवाओं ने यह संदेश दिया है कि वे केवल अपने भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के बेहतर भविष्य के लिए भी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त झारखंड की पहचान बनेंगे और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
मैराथन दौड़ में रांची के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राओं के अलावा खिलाड़ियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी संदेश दिए और लोगों से मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की।
अल्बर्ट एक्का चौक पर मैराथन के समापन के बाद विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नशामुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं संस्थाओं को भी सम्मान देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाने वाले ऐसे लोगों को आगे भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
साइकिल प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में शरद अहीर ने प्रथम, सुभास उरांव ने द्वितीय तथा गुलशन डूंगडूंग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं महिला वर्ग में पूजा सिंह प्रथम, निशा कुमारी द्वितीय और मंजू कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम स्थल पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति विषय पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, उनके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा नशे से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि झारखंड का भविष्य उसके युवा हैं और यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ेंगे तो राज्य निश्चित रूप से स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नशामुक्त झारखंड के निर्माण के इस अभियान में सहभागी बनें और समाज में जागरूकता फैलाने का काम करें।
