भागलपुर(कोलकाता): दक्षिण एवं उत्तर-पूर्व बिहार के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित विशेष ट्रेन के परिचालन की अवधि को बढ़ाकर 22 जून 2026 तक कर दिया है। यह ट्रेन अपने वर्तमान मार्ग, समय-सारिणी और निर्धारित ठहरावों के साथ संचालित होती रहेगी।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 10 जून से 16 जून 2026 तक यह विशेष ट्रेन नवगछिया से ही आंशिक रूप से प्रारंभ और समाप्त (शॉर्ट ओरिजिनेट/शॉर्ट टर्मिनेट) की जाएगी। इस दौरान ट्रेन भागलपुर तक नहीं जाएगी।
गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। इसके चलते दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भागलपुर और कटिहार के बीच यह अनारक्षित विशेष ट्रेन सेवा शुरू की थी। पहले इसका संचालन 4 जून 2026 तक निर्धारित था, लेकिन यात्रियों की जरूरत और लगातार मांग को देखते हुए इसकी अवधि अब 22 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है।
रेलवे के इस फैसले से भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और सीमांचल क्षेत्र के हजारों यात्रियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ब्यूरो। पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थान के बाहर जमा हो गए और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फायरिंग में एक सुरक्षा गार्ड के घायल होने की खबर है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
खान सर ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे कोचिंग संस्थानों की आपसी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पहले कर्मचारियों को धमकाया और फिर हमला किया। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी साजिश या प्रतिद्वंद्विता के एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है।
रांची । शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली हरमू नदी को स्वच्छ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने अब बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में 02.06.2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निगम की टीम के साथ वार्ड संख्या 23, हिंदपीढ़ी स्थित हरमू नदी क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नदी की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह में आ रही बाधाओं, नदी तट पर फैली गंदगी, अतिक्रमण, अवैध गतिविधियों तथा सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। कई स्थानों पर वर्षों से जमी गाद, झाड़ियां और अवरोधों को देखकर उन्होंने संबंधित शाखाओं को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने स्वच्छता शाखा को निर्देशित किया कि पूरे नदी क्षेत्र में पोकलेन एवं जेसीबी मशीनों की सहायता से गाद निकालने का कार्य तेजी से किया जाए, ताकि नदी की जलधारण क्षमता बढ़ सके और पानी का बहाव सुचारू हो। साथ ही, नदी किनारे जमी पुरानी गंदगी एवं अवरोधों को मैनुअल तरीके से हटाने का भी निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान नदी तट पर मौजूद अवैध खटाल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य अवैध संरचनाओं पर भी नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इनफोर्समेंट टीम को तत्काल कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने एवं अवैध संरचनाओं को हटाने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त भू-संपदा शाखा की टीम को शहर अंचल एवं अरगोड़ा अंचल के साथ संयुक्त रूप से हरमू नदी तट की मापी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। मापी के बाद अतिक्रमण की श्रेणी में आने वाली सभी संरचनाओं को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कई खाली स्थान भी चिन्हित किए गए। नगर आयुक्त ने इन स्थलों को आम नागरिकों के लिए उपयोगी एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से वहां बेंच लगाने, हरित क्षेत्र विकसित करने तथा आवश्यकतानुसार री-डेवलपमेंट कार्य करने का निर्देश दिया।
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि हरमू नदी के संरक्षण, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण मुक्ति को लेकर निगम गंभीर है और आने वाले दिनों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप बेहतर होगा, बल्कि शहर में जल-जमाव की समस्या कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
मौके पर उप नगर आयुक्त गौतम प्रसाद साहू, नगर प्रबंधक, स्वच्छता शाखा, इनफोर्समेंट टीम एवं भू-संपदा शाखा के कर्मी उपस्थित थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर में आज दिनांक 02 जून , 2026 को तीन दिवसीय आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का विधिवत उद्घाटन संजय कुमार ठाकुर, महाप्रबंधक (मानव संसाधन/कल्याण), सीसीएल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर आदिल हुसैन, प्रबंधक (खेल),सहित बड़ी संख्या में कर्मी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
यह विशेष शिविर 02 जून, 2026 से 04 जून, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। शिविर में आधार नामांकन एवं अद्यतन की सुविधा तीन आयु वर्गों- 0 से 5 वर्ष, 5 से 18 वर्ष तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए उपलब्ध कराई गई है, जिससे कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को एक ही स्थान पर आधार संबंधी आवश्यक सेवाएं प्राप्त हो सकें।
शिविर के प्रथम दिन लोगों में उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिली। बड़ी संख्या में लाभार्थी आधार नामांकन एवं अद्यतन कराने के लिए शिविर में पहुंचे। पहले ही दिन लगभग 40 व्यक्तियों का आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
आधार सेवाओं के लिए शिविर में लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही तथा लाभार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए संतोष एवं प्रसन्नता व्यक्त की। सीसीएल द्वारा कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजित यह विशेष शिविर आधार संबंधी सेवाओं को सुगम, सुलभ एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीसीएल अपने कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण हेतु समय-समय पर ऐसी जनोपयोगी एवं सुविधापरक पहलें करता रहा है, जिससे आवश्यक सेवाएं उनके निकट उपलब्ध कराई जा सकें तथा उनकी दैनिक आवश्यकताओं का सरल समाधान सुनिश्चित हो सके।
रांची। जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी०आर० पाटिल ने की। इस समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन झारखंड मंत्रालय से ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए। समारोह का शुभारम्भ केंद्रीय मंत्री श्री सी० आर० पाटिल एवं झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के माननीय मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद के बीच अभिवादन आदान-प्रदान से हुई। समारोह में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री जल शक्ति मंत्रालय श्री वी० सोमन्ना, माननीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री, झारखंड श्री योगेंद्र प्रसाद, सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM), केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही झारखंड सरकार*
समझौता हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज जल जीवन मिशन के इस महत्वकांक्षी योजना के तहत राज्य एवं केंद्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। इस कार्यक्रम में हमसभी लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एमओयू आने वाले समय में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष, 2019 से जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ संकल्पित होकर आगे बढ़ रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार भी इस बात से सहमत है कि मिशन मोड में जल जीवन मिशन योजना का लाभ झारखंड के प्रत्येक घरों तक पहुंचाई जाए, राज्य सरकार इस निमित्त केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने को लेकर निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। यह बात सही है कि इस योजना के सफल संचालन के लिए झारखंड की भौगोलिक संरचना बहुत अनुकूल नहीं है। झारखंड प्रदेश की ग्रामीण संरचना वन क्षेत्रों में स्थापित है। सरकारी कार्यालय सहित एनएचआई, डीवीसी के कार्यों के साथ-साथ अन्य जलस्रोत स्पॉट पर जल सप्लाई का कार्य होता है, यही कारण है कि इस कार्य के लिए कभी-कभी एनओसी की समस्या होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के साझा प्रयास से एनओसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकला जा सकता है, एनओसी की समस्या का त्वरित समाधान से कार्य योजना को ससमय पूर्ण किया जा सकेगा। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 30 हजार जल सहियाओं की नियुक्ति की है। जल सहिया दीदियों द्वारा पेयजल व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार जल सहियाओं को प्रति माह दो हजार रुपए मानदेय देती है। माननीय मुख्यमंत्री ने जल सहियाओं के मानदेय हेतु केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता दिए जाने का आग्रह किया तथा जल जीवन मिशन योजना में जल सहिया कंपोनेंट को जोड़ने का भी आग्रह किया।
*समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:-*
▪️वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में कुल ₹24,635 करोड़ की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
▪️मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) पर विशेष जोर दिया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अब तक केंद्र से कोई पर्याप्त धनराशि जारी नहीं की गई है। अतएव स्वीकार्य केंद्रांश राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया गया।
▪️ मुख्यमंत्री ने जानकारी से अवगत कराया कि अभी तक 55% परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि पूर्ण कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा केवल 46% अनुदान ही उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार से लगभग ₹6,500 करोड़ राशि की लंबित सहायता मांगी गई।
▪️ मुख्यमंत्री द्वारा योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की संस्थाओं से NOC देने में समय पर सहयोग की आवश्यकता देने पर बल दिया गया।
▪️राज्य स्तर पर सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के सतत संचालन पर बल दिया गया। सरकार ने प्रत्येक गांव में जल सहिया तैनात की है और उन्हें ₹2,500 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। इस हेतु केंद्र सरकार से समुचित सहयोग की अपेक्षा की गई।
▪️भविष्य की सभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में सभी घटकों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:-
• झारखंड के लिए विशेष रूप से ₹2,500 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। राज्य को JJM 2.0 के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा और दिशा-निर्देशों के अनुसार धनराशि जारी कराने का अनुरोध किया गया।
• जिलाधिकारियों (DM/DC) को JJM परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय निगरानी और भागीदारी करने के निर्देश दिए गए।
• 100 करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं की उच्चतम स्तर पर सख्त समीक्षा की जाएगी।
• झारखंड JJM के प्रबंध निदेशक पद को संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी द्वारा संभालने की सिफारिश की गई।
• समारोह में ₹1,400 करोड़ की अनुचित (inadmissible) लागत वाले ओवरसाइज्ड घटक की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
समझौता समारोह का समापन MOU के दिशा-निर्देशों के शीघ्र क्रियान्वयन और चल रही परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के आह्वान के साथ हुआ, ताकि झारखंड के हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाया जा सके।
रांची। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष की प्रगति और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनसुलभ बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार का उपयोग बढ़ाया जाए। उन्होंने राशन कार्ड से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने तथा अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया।
तकनीक आधारित निगरानी पर जोर सीएम ने खाद्यान्न वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश देते हुए कहा कि लाभुकों तक समयबद्ध और निर्बाध खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
शहरी श्रमिकों के लिए बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र
मुख्यमंत्री ने दाल-भात योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि वर्तमान में राज्य में 370 दाल-भात केंद्र संचालित हैं, जहां मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर नए दाल-भात केंद्र खोलने और मॉडल दाल-भात केंद्र विकसित करने का निर्देश दिया।
पीवीटीजी परिवारों को मिले खाद्यान्न की गारंटी
विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर-स्टेप डिलीवरी के माध्यम से सभी पात्र परिवारों तक खाद्यान्न नियमित रूप से पहुंचना चाहिए।किसानों से सीधे संवाद धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से बातचीत की। किसान ने बताया कि उन्होंने 160 क्विंटल धान पैक्स के माध्यम से बेचा था और भुगतान एक ही दिन में उनके खाते में प्राप्त हो गया।
गोदामों की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गोदामों की मरम्मत एवं नए गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अनाज के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए। साथ ही सोना-सोवरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना की भी विस्तृत समीक्षा की।बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह तथा विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के उपलक्ष्य में पर्यावरण विभाग द्वारा बच्चों के लिए चित्रकला, स्लोगन लेखन एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस वर्ष की वैश्विक थीम "प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए" के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।
प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के लगभग 250 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने चित्रों, स्लोगनों एवं निबंधों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता, जैव विविधता संरक्षण तथा सतत जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचारों एवं चिंताओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों के बीच पर्यावरणीय चेतना विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही कल के सतत एवं हरित भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने में बच्चों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
यह आयोजन युवा प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने का एक सशक्त मंच प्रदान करने के साथ-साथ पृथ्वी की रक्षा एवं सतत विकास के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व के संदेश को भी सुदृढ़ करता है।
गौरतलब है कि प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 05 जून, 2026 को सीसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा 1जून दिन सोमवार को डीआरएम कार्यालय, मालदा स्थित मंदर कॉन्फ्रेंस हॉल में मई 2026 के दौरान रेलवे सेवा से सेवानिवृत्त हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को सम्मानित करने हेतु एक सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा अपर मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, श्री अमरेन्द्र कुमार मौर्य के नेतृत्व में आयोजित किया गया।कार्यक्रम का समन्वयन कार्मिक विभाग द्वारा वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, इन्द्रजीत के पर्यवेक्षण में किया गया।
इस अवसर पर वाणिज्य, विद्युत, लेखा, यांत्रिक तथा परिचालन विभागों सहित विभिन्न विभागों के कुल 06 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भारतीय रेल के प्रति उनकी दीर्घकालीन, समर्पित एवं निष्ठापूर्ण सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
अपर मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, अमरेन्द्र कुमार मौर्य ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति-चिह्न एवं सेवा संबंधी दस्तावेज प्रदान कर संगठन के प्रति उनके बहुमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
समारोह में शाखा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया, जो मालदा मंडल द्वारा अपने कर्मचारियों की निष्ठा एवं सेवाओं के प्रति सम्मान और सराहना की भावना को दर्शाता है।
मालदा मंडल इस परंपरा को निरंतर बनाए रखते हुए कर्मचारी कल्याण तथा सम्मान एवं कृतज्ञता की संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।
कोलकाता। एक मधुर संगीत की तरह, रेलवे नेटवर्क भी सामंजस्य पर आधारित होता है। प्लेटफॉर्म पर टिक-टिक करती हर घड़ी, वातावरण में गूंजती हर उद्घोषणा और चमकते हुए प्रत्येक डिस्प्ले बोर्ड मिलकर एक ऐसी लय का निर्माण करते हैं, जो सुरक्षित, आरामदायक और निर्बाध यात्रा का आधार बनती है। प्रत्येक यात्रा को यादगार बनाने के लिए चौबीसों घंटे कार्य करने के संकल्प के साथ, महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में पूर्व रेलवे ने अप्रैल 2026 के मात्र एक महीने के दौरान अपने स्टेशनों पर व्यापक परिवर्तन किए हैं। यह केवल तकनीकी उन्नयन की सूची नहीं है, बल्कि उन लाखों यात्रियों के प्रति एक भावनात्मक प्रतिबद्धता है जो प्रतिदिन अपने जीवन और सपनों के लिए रेलवे पर भरोसा करते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के हर चरण में यात्रियों को सुरक्षा, सुविधा और आत्मीयता का अनुभव हो।
व्यस्त रेलवे प्लेटफॉर्म पर कदम रखते समय यात्रियों को कभी-कभी भ्रम और असुविधा का सामना करना पड़ता है, लेकिन पूर्व रेलवे अब इस भ्रम को स्पष्टता और चिंता को विश्वास में बदल रहा है। ट्रेन के कोच की सही स्थिति जानना अब पूरी तरह आसान हो गया है। हावड़ा मंडल के साइंथिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 एवं 2 तथा आजिमगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर कुल 58 नए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे यात्री आत्मविश्वास के साथ अपने कोच के आगमन स्थल पर खड़े हो सकेंगे। वहीं, प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले प्रतिष्ठित सियालदह स्टेशन पर एक विशाल आउटडोर वीडियो वॉल स्थापित की गई है, जो वास्तविक समय में ट्रेन संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रदर्शित करेगी ताकि कोई भी यात्री आवश्यक जानकारी से वंचित न रहे। इसके साथ ही, कैनिंग स्टेशन पर सार्वजनिक संबोधन प्रणाली को सुदृढ़ बनाया गया है ताकि महत्वपूर्ण सुरक्षा घोषणाएं स्टेशन के हर कोने तक स्पष्ट रूप से पहुँच सकें। समय की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने और यात्रियों की यात्रा को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए कैनिंग एवं मध्यमग्राम स्टेशनों पर 10 अतिरिक्त जीपीएस आधारित प्लेटफॉर्म घड़ियां भी लगाई गई हैं।
पूर्ण सुरक्षा के बिना वास्तविक सुविधा संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से पूर्व रेलवे ने पर्दे के पीछे रहकर ऐसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जो यात्रियों और उनके प्रियजनों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करते हैं। रेलवे फाटकों पर सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए हावड़ा मंडल के मसाग्राम और गुराप सहित सियालदह मंडल के बनगांव, बारासात, काकद्वीप तथा लक्ष्मीकांतपुर स्टेशनों के अंतर्गत कुल 12 इंटरलॉक्ड समपार फाटकों पर वॉयस रिकॉर्डिंग सुविधा युक्त उन्नत गेट टेलीफोन लगाए गए हैं। इससे गेटकीपर और स्टेशन मास्टर के बीच होने वाला संचार सुरक्षित, स्पष्ट और रिकॉर्डेड रहेगा। डिजिटल सेवाओं को भी और अधिक सशक्त बनाया गया है। सियालदह स्टेशन पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों के लिए कनेक्टिविटी को उन्नत किया गया है, जिससे टिकट लेने के लिए लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी। वहीं, आवश्यक माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आसनसोल और दुर्गापुर गुड्स शेडों में 8 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रेलवे संचार प्रणाली को निर्बाध बनाए रखने के लिए सोदपुर ऑप्टिकल फाइबर हट में पुराने बैटरी सेटों को बदलकर अत्यधिक विश्वसनीय नई प्रणालियां स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के बसुदेवपुर में नव-निर्मित इंटरमीडिएट ब्लॉक हट (IBH) में डेटा लॉगर और सुरक्षा प्रणालियों सहित अत्याधुनिक दूरसंचार उपकरण सफलतापूर्वक चालू किए गए हैं, जो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और दुर्घटनाओं की संभावना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अप्रैल 2026 के दौरान बिछाई गई प्रत्येक तार, स्थापित किया गया प्रत्येक कैमरा और समन्वित की गई प्रत्येक घड़ी पूर्व रेलवे और उसके यात्रियों के बीच गहरे भावनात्मक संबंध का प्रतीक है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि रेलवे स्टेशन केवल कंक्रीट और लोहे की संरचना नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, मिलन और नई शुरुआतों का केंद्र है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में किए गए प्रत्येक तकनीकी उन्नयन का उद्देश्य यात्रियों के लिए एक मौन संरक्षक के रूप में कार्य करना है। चाहे वह किसी यात्री को अपना कोच नंबर स्पष्ट रूप से देखने में मदद करना हो या किसी गेटकीपर को स्टेशन मास्टर से तुरंत बात करने में सक्षम बनाना हो। पूर्व रेलवे चौबीसों घंटे यात्रियों की सेवा में तत्पर है क्योंकि यात्री सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च कर्तव्य है और यात्री सुविधा उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि।
रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति कार्यक्रमों, रोजगार सृजन, आवासीय विद्यालयों और कौशल विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और लक्ष्य आधारित तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया। उन्होंने लाभुकों से प्राप्त ऋण, व्यवसाय की स्थिति, आय, रोजगार सृजन और बैंकिंग सहयोग से जुड़ी जानकारी ली।
लाभुकों ने बताया कि यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हुई है। मुख्यमंत्री ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन और लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया। साथ ही लाभुकों की समस्याओं और फीडबैक के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्देश दिया।
विद्यार्थियों को मिल सकती है ई-साइकिल
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक साइकिल के स्थान पर विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह पहल शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान बनाएगी।
एकलव्य विद्यालय और छात्रावासों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राज्य के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों तथा आदिवासी छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
SIR और जनगणना पर जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम चलाकर विद्यार्थियों को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान संचालित करने पर जोर दिया गया।
कौशल विकास कार्यक्रमों को बनाया जाएगा रोजगारोन्मुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें बाजार की मांग और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उद्योगों और स्थानीय उद्यमों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया।
जिला अस्पतालों में बनेगा विशेष हेल्प डेस्क
मुख्यमंत्री ने रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया। यहां प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती कर मरीजों को पंजीकरण, जांच और उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
