रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की सीएसआर पहल “सीसीएल विद्या सारथी-2026” का शुभारंभ सीसीएल के लाल हॉस्टल, गांधीनगर, रांची में किया गया। इसी के साथ सीसीएल के कमांड क्षेत्रों में स्थित सभी 10 डीएवी प्रशिक्षण केंद्रों पर भी इस पहल की शुरुआत हुई।
“सीसीएल विद्या सारथी-2026” के अंतर्गत 400 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक निःशुल्क JEE/NEET प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विषयगत प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री, डिजिटल लर्निंग सपोर्ट, नियमित टेस्ट एवं मूल्यांकन तथा निरंतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना और उनके सपनों को सही दिशा प्रदान करना है।
इस पहल के लिए सीसीएल के कमांड क्षेत्रों में स्थित 10 डीएवी प्रशिक्षण केंद्रों का चयन किया गया है। ये प्रशिक्षण केंद्र कुजू, बरकाकाना, ढोरी, गिरिडीह, रजरप्पा, कथारा, राँची, अरगड़ा, हजारीबाग एवं पिपरवार में स्थित हैं।
राँची केंद्र में 60 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता एवं अभिभावकों के साथ उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अपने भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीसीएल श्री पंकज कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। श्री मिश्र ने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वही श्री पंकज कुमार ने कहा कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सीएसआर), श्री एस एस लाल,महाप्रबंधक (कल्याण)श्री संजय कुमार ठाकुर , National Computer Saksharta Mission (NCSM) के प्रतिनिधिगण तथा सीसीएल के लाल एवं सीसीएल की लाडली के Faculty Members सहित सीसीएल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
National Computer Saksharta Mission (NCSM) के सहयोग से संचालित यह पहल सीसीएल के कमांड क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को JEE/NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सीएसआर प्रयास है। इसके माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास है।
सीसीएल अपने विभिन्न सीएसआर एवं शैक्षणिक पहलों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के कल्याण तथा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कंपनी द्वारा विद्यार्थियों के करियर और प्रशिक्षण को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही विभिन्न योजनाएं न केवल विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए अवसरों का विस्तार कर रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में भी सकारात्मक एवं गुणात्मक बदलाव की आधारशिला रख रही हैं।
रांची। झारखंड भर के 24 जिलों के सक्रिय एवं स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों/रक्तदान संगठनों एवं रक्तवीरों सहित रक्त विकार रोगियों/परिजनों एवं सामाजिक चिंतकों संग आज एकदिवसीय झारखंड राज्यस्तरीय आत्मचिंतन बैठक एवं प्रेस वार्ता रांची के मेन रोड़ स्थित होटल केन में
झारखंड भर के 24 जिलों के 150 स्वैच्छिक सक्रिय रक्तदान आयोजकों/संगठनों का समन्वय संगठन "झारखंड राज्य स्वैच्छिक रक्तदान संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी" के नेतृत्व में आयोजित है।
जिसकी अध्यक्षता राज्य संयोजक एवं संस्थापक लहू बोलेगा रक्तदान संगठन रांची के रक्तवीर नदीम खान ने की वहीं संचालन कोल्हान प्रभारी एवं कुरमी संस्कृति विकास समिति पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष रक्तवीर सपन कुमार महतो,विषय प्रवेश बोकारो ब्लड डोनर एसोसिएशन के महासचिव रक्तवीर शब्बीर अंसारी,प्रस्ताव पारित रामगढ़ के मुस्कुराहटे संस्था के अध्यक्ष रक्तवीर विवेकानंद वर्मा,धन्यवाद ज्ञापन सिमड़ेगा अलफलाह सोसाईटी के अध्यक्ष खुबैद शाहिद ने किया।
कार्यक्रम में रक्तदान आयोजकों, रक्तवीर, संगठनों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में रक्त विकार रोगी एवं परिजनों समेत सामाजिक चिंतक उपस्थित थे जिसमें सर्वसम्मति से आत्मचिंतन हॉल से 09 सूत्री प्रस्ताव पारित हुए।
1.झारखंड में सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था, रक्तदान-महादान व्यवस्था,अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्था, बुनियादी मानवीय व्यवस्था को सुदृढ़-व्यवस्थित-सुसज्जित-वातानुकूलित कर मजबूती से राज्यहित में व्यवस्थित किया जाए।
जिसमें राज्य के 24 जिलों में 21 जिलों में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगाया जाए।
(जहां केवल हॉल ब्लड मिलता है)
हमलोगों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभिन्न दिनांक में झारखंड स्वास्थ्य विभाग को स्मार-पत्र दिया गया है।
2.झारखंड में सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था, रक्तदान-महादान व्यवस्था,जांच,शिविर,वितरण व्यवस्था का निजीकरण नही किया जाए। इन्हीं सभी कार्यों हेतु अभी झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने एम.ए. साइंस कंपनी के साथ एमओयू किया है,जिससे अविलंब रद्द किया जाए और झारखंड सरकार की जैसेक्स(झारखंड राज्य ऐड्स कंट्रोल सोसाईटी) को व्यवहारिक रूप से पोषित किया जाए।
3.झारखंड सरकार रक्तदान-महादान को प्रचारित-प्रसारित,प्रोत्साहित-उत्साहित-सम्मानित,जागरुक करें।
जिसपर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग का दो-दो आदेश है जो 2018 का है एवं एक घोषणा थी दिनांक 09 दिसंबर 2025 एवं 06 मार्च सहित 20 मार्च 2025 में जो झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में हुई थी इन्हीं आदेश/घोषणा को सख़्ती से लागू कर दिया जाए तो राज्यहित समेत रक्तदान में बहुआयामी सुधार हो जाएगा।
(झारखंड स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न दिनांक में प्रतिनिधिमंडल द्वारा स्मार-पत्र दिया गया है)
4.झारखंड सरकार राज्य भर के निजी- सामुदायिक ब्लड बैंक एवं रेड क्रॉस सोसाईटी के प्रोसेसिंग चार्ज को हाफ सब्सिडी युक्त करें एवं ब्लड बैग से 18 प्रतिशत जीएसटी मुक्त करें।
5.झारखंड सरकार राज्य भर के प्रतिष्ठित संस्था-संगठनों एवं सामुदायिक संस्थाओं सहित सामुदायिक हॉस्पिटलों में प्रोत्साहित कर सब्सिडी युक्त ब्लड बैंक खुलवाएं।
6.झारखंड भर के रक्त विकार रोग/असाध्य रोग थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया- हीमोफीलिया-अप्लास्टिक एनीमिया के पीड़ितों की बहुआयामी पीड़ा-समस्या पर दिनांक 09 दिसंबर 2025 को झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में घोषणा/आश्वासन को सख़्ती से लागू किया जाए। जो अभी तक धरातल पर लागू ही नही हुआ है।
(झारखंड सरकार को प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभिन्न दिनांक में स्मार-पत्र दिया गया है)
7.झारखंड भर के रक्त विकार रोगियों एवं असाध्य रोगियों हेतु थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया-हीमोफीलिया-अप्लाटिक एनीमिया-कैंसर-दिव्यांगों को झारखंड सरकार पोषित आहार दें एवं सभी को राशनकार्ड लालकार्ड/पीला कार्ड देना सुनिश्चित करें।
(दिव्यांगता कोटे के 2.5प्रतिशत राशनकार्ड देना सुनिश्चित हो,जो धरातल पर अधिक्तर नदारत है)
8.झारखंड सरकार राज्य भर के 24 जिलों के सक्रिय स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों/रक्तदान संगठनों/रक्तवीर/रक्त विकार पीड़ित/परिजनों संग अविलंब बैठक उनकी समस्याओं/समाधान/राज्यहित में आयोजित की जाए।जो आज तक आयोजित नही हुई है।
9.झारखंड सरकार रक्तदान-महादान को प्रचारित-प्रसारित-प्रोत्साहित-उत्साहित-जागरूक करने हेतु झारखंड रक्तदान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाए।
कार्यक्रम में झारखंड में ब्लड बैंक नेटवर्क के संस्थापक/रक्तमित्र ए. के.झा,रक्तमित्र एवं सामाजिक चिंतक नांदिता भट्टाचार्य,रक्तवीर मो बब्बर,गुरुनानक सेवक जत्था रांची के रक्तवीर सूरज झंडाई, रक्तवीर करण अरोड़ा,रक्तमित्र एज़ाज़ अंसारी धनबाद,सरायकेला-खरसावां के दिलीप कुमार महतो,अनूप कुमार महतो,रामगढ़ के रक्तवीर पॉवेल कुमार,रक्तवीर इंजीनियर शाहनवाज अब्बास,रक्तमित्र असफ़र खान,क़ाबिल हुसैन एवं रक्त विकार पीड़ितों के परिजनों में संजय टोप्पो,संजय महतो,देवकी देवी,फ़रिहाया बिलकिस, सीमा देवी,सुजाता कुमारी,नीलू टोप्पो,माजिदन खातून,पुनिया उरांव,तेज़लाल महतो,मन्नू सिंह एवं पीड़ितों में साक्षी सिंह,निशा कुमारी गुप्ता,अनीश टोप्पो,एलेक्स टोप्पो,सानिया प्रवीण समेत कई शामिल थे।
कार्यक्रम में रांची,रामगढ़,धनबाद,पूर्वी सिंहभूम,चाईबासा ,सरायकेला-खरसावां,बोकारो,लातेहार एवं सभी जिलों ने अपनी फोन से सहमति दी।
रांची। मुकेश कुमार , पर्यटन सचिव ने कहा कि पर्यटक मित्र राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों को स्थानीय जानकारी, सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र पर्यटकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहयोगी है। पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले अन्य स्टेकहोल्डर्स भी अपनी डिजिटल पहुंच और रचनात्मक सामग्री के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध अनुभवों को देश-दुनिया के नए दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। वे रविवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राँची स्थित ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे । कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत मंत्री श्री सुदिव्य कुमार को पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
*झारखंड पर्यटन के सहयोगियों का हुआ सम्मान*
समारोह के दौरान राज्य में पर्यटन को बेहतर अनुभव और व्यापक पहचान देने में योगदान कर रहे पर्यटक मित्रों, और अन्य स्टेकहोल्डर्स को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर श्री मुकेश कुमार ने कहा यह सम्मान उन सभी साझेदारों के योगदान को पहचान देने का प्रयास रहा, जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से झारखंड को एक आकर्षक और यादगार पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
झारखंड पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में साझा प्रयास
पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस का यह आयोजन झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन संभावनाओं को व्यापक पहचान दिलाने के साझा संकल्प का प्रतीक बना है। पर्यटन विभाग द्वारा स्थानीय समुदायों, पर्यटक मित्रों, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र और अन्य स्टेकहोल्डर्स की सहभागिता के माध्यम से राज्य में पर्यटन अनुभव को और बेहतर बनाने तथा झारखंड के पर्यटन स्थलों की पहुंच व्यापक करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में प्रेम रंजन, प्रबंध निदेशक सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सिल्ली। पश्चिम बंगाल के झालदा हाई स्कूल मैदान में आयोजित तपन कांडू एवं पूर्णिमा कांडू मेमोरियल रनिंग फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 में सिल्ली स्पोर्ट्स एकेडमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया। 25 से 27 सितंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय नॉकआउट प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों की आठ टीमों ने हिस्सा लिया। सिल्ली स्पोर्ट्स एकेडमी ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में उसका सामना रांची ब्लैक टाइगर से हुआ। फाइनल में सिल्ली के खिलाड़ियों ने शुरू से ही बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबले के अंतिम दौर में सिल्ली स्पोर्ट्स एकेडमी ने लगातार दबाव बनाते हुए 3-0 से जीत दर्ज की और ट्रॉफी अपने नाम कर ली।प्रतियोगिता में पुरुलिया, बलरामपुर, झालदा, कोटशिला, मुरी एवं झारखंड के अन्य क्षेत्रों की टीमों ने भाग लिया। विजेता टीम को जिला खेल पदाधिकारी परिमल कुमार, भाजपा कोर कमेटी सदस्य एवं पुरुलिया के उपाध्यक्ष गौतम राय, चेयरमैन विजय कंडू तथा महासचिव सुजॉय बनर्जी सहित अन्य अतिथियों ने पुरस्कार एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।बताया गया कि यह फुटबॉल प्रतियोगिता झालदा के दिवंगत कांग्रेस पार्षद तपन कांडू तथा उनकी पत्नी एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा कांडू की स्मृति में आयोजित की जाती है। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में उत्साह रहा।मौके पर विकास महतो, नितेश महतो, लालू महतो, अरविंद नीरज समेत बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सिल्ली-मुरी। मुरी रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ट्रेन में छूटा एक बैग बरामद कर महिला यात्री को सुरक्षित सौंप दिया गया। बैग में सोने-चांदी के आभूषण, नकद राशि समेत करीब 5 लाख 25 हजार रुपये मूल्य का सामान था।बताया गया कि सिल्ली निवासी सपन कुमार दत्ता की पत्नी शोभा देवी (50) अपने परिवार के साथ ट्रेन संख्या 18427 पुरी–आनंद विहार एक्सप्रेस से यात्रा कर रही थीं। मुरी स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव के दौरान वह परिवार के सदस्यों और सामान के साथ नीचे उतर गईं। ट्रेन के रवाना होने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनका एक बैग ट्रेन में ही छूट गया है।बैग में दो सोने की चेन, एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने की बालियां, तीन सोने की अंगूठियां, अन्य स्वर्ण आभूषण, एक चांदी की वस्तु, 23,200 रुपये नकद तथा निजी सामान रखा था।मामले की जानकारी मिलते ही आरपीएफ पोस्ट मुरी के पोस्ट कमांडर संजीव कुमार के निर्देश पर टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों एवं जवानों ने आपसी समन्वय के साथ बैग की तलाश की और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।
सत्यापन के बाद बैग एवं उसमें मौजूद पूरा सामान शोभा देवी को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य यात्रियों के छूटे हुए सामान को सुरक्षित बरामद कर सत्यापन के बाद उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाना है।इस कार्रवाई में संजीव कुमार, एसआई रवि शंकर, अश्विनी कुमार, एस.के. सिंह, अनूप कुमार, धर्मेंद्र कुमार, कलीमुल्लाह खान एवं एस. सिंह समेत आरपीएफ कर्मियों की भूमिका रही।
रांची। सेलिब्रेशन बैंक्विट हॉल में Kanke Talks द्वारा आयोजित “संवाद” कार्यक्रम में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों को विशेष सम्मान मिला। इस अवसर पर RKDF University, Ranchi के Pro Vice Chancellor डॉ. अमित कुमार पांडेय को प्रतिष्ठित KankeTalks Samwad Samman 2026 से सम्मानित किया गया।
डॉ. अमित कुमार पांडेय को यह सम्मान उच्च शिक्षा के माध्यम से झारखंड के युवाओं को सशक्त बनाने, मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने तथा शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सकारात्मक पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया गया।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने मंच पर डॉ. अमित कुमार पांडेय को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री महेश पोद्दार, पद्म श्री से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री बलबीर दत्त तथा पद्म श्री से सम्मानित प्रसिद्ध नागपुरी लोक कलाकार एवं गायक श्री मुकुंद नायक सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
“प्रतिभा को पहचान, सम्मान और अवसर देना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी”
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अमित कुमार पांडेय ने कहा,
“राज्य के मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचान, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर दिलाना केवल हमारा दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। प्रतिभा को सही दिशा और उचित मंच मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। RKDF University, Ranchi विद्यार्थियों के हितों और उज्ज्वल भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, कौशल विकास, उचित मार्गदर्शन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं को ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
“आज की प्रतिभा ही कल का सशक्त झारखंड और मजबूत भारत बनाएगी”
डॉ. पांडेय ने कहा,
“RKDF University, Ranchi का संकल्प है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके कौशल, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का भी समग्र विकास हो। हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर अपने सपनों को साकार करें और झारखंड के विकास तथा देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”
उन्होंने आगे कहा,
“हमारा विश्वास है कि आज का प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल का सशक्त झारखंड और मजबूत भारत बनाएगा। हमारा संकल्प है—झारखंड की प्रतिभा को अवसर देना, युवाओं को सक्षम बनाना और उनके सपनों को उड़ान देना। विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके परिवार, समाज, झारखंड और देश की प्रगति की शक्ति बनेगी। विद्यार्थियों की सफलता ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि और हमारी प्रतिबद्धता की सबसे सशक्त पहचान होगी।”
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा “संवाद”
Kanke Talks का “संवाद” कार्यक्रम शिक्षा, सामाजिक सरोकार, युवा सशक्तिकरण और झारखंड की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन, युवाओं के लिए बेहतर अवसरों के निर्माण तथा झारखंड की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
रांची/साहिबगंज । रांची रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर से अगवा किए गए चार वर्षीय बच्चे को रांची पुलिस ने करीब दो दिनों के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्चे की बरामदगी साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र से हुई है। पुलिस अब पूरे अपहरण नेटवर्क और इसके पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, 24 सितंबर की सुबह रांची रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर से चार वर्षीय बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। घटना के समय बच्चे की मां आसपास मौजूद नहीं थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले के उद्भेदन के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी अनुसंधान के साथ-साथ मानवीय गुप्तचर तंत्र के माध्यम से लगातार सूचनाएं जुटाईं। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की।
धनबाद स्टेशन के पास से पहली गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर की रात मिले मुख्य सुराग के आधार पर धनबाद पुलिस के सहयोग से धनबाद रेलवे स्टेशन के आसपास छापेमारी की गई। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और जांच में मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस को बच्चे के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद रांची पुलिस की टीम ने साहिबगंज पुलिस के सहयोग से तीनपहाड़ में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से अपहृत चार वर्षीय बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
बच्चे को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी
पुलिस ने बताया कि बरामद बच्चा सुरक्षित है। उसे उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चे के अपहरण की पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और सघन अनुसंधान कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई जिलों की पुलिस ने मिलकर चलाया अभियान
बच्चे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी में धनबाद पुलिस, जामताड़ा पुलिस और साहिबगंज पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पुलिस महानिरीक्षक, संथाल परगना के स्तर से भी अभियान में विशेष सहयोग उपलब्ध कराया गया।
रांची पुलिस के अनुसार, देर रात और विषम परिस्थितियों में भी विभिन्न जिलों की पुलिस इकाइयों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आवश्यक सहयोग दिया। अलग-अलग जिलों के बीच बेहतर समन्वय के कारण पुलिस को मामले में तेजी से सुराग मिले और अपहृत बच्चे तक पहुंचने में सफलता मिली।
रांची पुलिस ने अभियान में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है।
सिल्ली-मुरी। सिल्ली नगर कमिटी की ओर से विभिन्न जनसमस्याओं एवं संगठनात्मक मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिल्ली के राजा साहब पुष्पेंद्र नाथ सिंह देव ने की। संचालन भरत देव साईं ने किया।बैठक में केंद्रीय कमेटी के सचिव संजय सिद्धार्थ एवं सुनील कुमार सिंह, नगर प्रभारी सह केंद्रीय सचिव गौतम कृष्णा साहू, पंचायत प्रभारी सुरेश मुंडा समेत संजीत सिंह देव, निर्मल मंडल, दीपक सेन गुप्ता, भानु प्रताप सिंह, रवि सिंह, असित नाग, विपुल राय, प्रसनजीत दुबे, सुभाष मुंडा, आनंद कालिंदी और मनोज साव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।बैठक के दौरान सिल्ली-मुरी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने तथा संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।वक्ताओं ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आम लोगों से निरंतर संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने का आह्वान किया गया।यदि चाहें तो मैं इसका और ज्यादा दमदार फ्रंट-पेज शैली का संस्करण भी तैयार कर सकता हूं।
रांची : JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित अंकित सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने कार्रवाई करते हुए तीन प्राथमिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार (पिता—सीताराम प्रसाद), निवासी नंदुडीह, थाना सतगावां, जिला कोडरमा, संजय कुमार (पिता—मनोज साव), निवासी पिहरा, थाना गांवा, जिला गिरिडीह तथा रामाकृष्णा कुमार सिंह (पिता—अजय कुमार सिंह), निवासी कटारियाटांड़, थाना धनवार, जिला गिरिडीह शामिल हैं।
सीआईडी के अनुसार, तीनों आरोपियों ने JSSC-CGL परीक्षा में अनुचित लाभ प्राप्त किया था। गिरफ्तारी के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की सीएसआर पहल “नन्हा सा दिल” के अंतर्गत 300 सफल जन्मजात ह्रदय रोग (Congenital Heart Disease) सर्जरी पूरी होने के अवसर पर सीसीएल मुख्यालय स्थित स्पंदन सभागार में सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने लाभान्वित बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की एवं उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
सीसीएल, इस पहल के जरिए फरवरी 2027 तक कुल 500 बच्चों के जन्मजात ह्रदय रोग की सर्जरी करा उन्हें, नया जीवन देने का लक्ष्य है। ज्ञात हो कि सर्जरी के पूर्व झारखंड के विभिन्न जिलों में उपरोक्त रोग से पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग, प्राथमिक उपचार, इसके उपरांत प्रभावित बच्चों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उनके परिजनों के साथ भेजकर, उनका पूर्णत: निशुल्क इलाज कराना एवं सर्जरी के बाद होने वाले देखभाल का पूरा जिम्मा सीसीएल के द्वारा ही किया जाता है।
इस दौरान पीड़ित बच्चों के परिजनों ने सीसीएल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब उन्होंने अपने बच्चों के जीवित रहने की उम्मीद तक छोड़ दी थी, लेकिन सीसीएल की “नन्हा सा दिल” पहल ने न केवल उनके बच्चों को नया जीवन दिया, बल्कि पूरे परिवार को भी उम्मीद और खुशी के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से उनके बच्चों को स्वस्थ जीवन की नई राह मिली है, जिसके लिए वे सीसीएल के सदैव आभारी रहेंगे।
इस अवसर पर सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह के साथ निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी तथा निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा भी उपस्थित रहे। सभी ने लाभार्थी बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और बच्चों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं तथा आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के दौरान 1 वर्ष से 11 वर्ष की आयु के पांच लाभार्थी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सफल उपचार और स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत के लिए “Gift of Life Certificates” प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि आज हमारे लिए यह सिर्फ 300 सर्जरी पूरी होने का दिवस नहीं है, बल्कि यह 300 नन्हे दिलों की धड़कनों में नई उम्मीद जुड़ने का दिन है। इन बच्चों की मुस्कान और उनके माता-पिता की आंखों में दिख रही खुशी हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। जब किसी बच्चे को स्वस्थ जीवन का अवसर मिलता है, तो उसके साथ पूरे परिवार के सपनों को भी एक नई जिंदगी मिलती है। पीड़ित बच्चों के माता-पिता की तारीफ करते हुए कहा कि सीसीएल अपने आप को भी इस पहल के संचालन के लिए सौभाग्यशाली मानता है।
सीसीएल अपने सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर मजबूत कर रहा है। कंपनी द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न CSR पहलों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। ‘नन्हा सा दिल’ इसी मानवीय सोच का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
