कोटालपोखर (साहिबगंज)। साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना अंतर्गत झारखंड- पश्चिम बंगाल चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने के दौरान कोटालपोखर पुलिस ने पहले पत्रकारों को थाना बुलाया और पीटा आगे चारों पत्रकारों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया ।
जानकारी के अनुसार, वसीम अकरम (WM 24/7 News), मो. मोहसिन (WM 24/7 News), लाल मोहम्मद शेख (JK 24/7 News) तथा मो. मोसर्रफ (सारी कथा) सोमवार की रात पश्चिम बंगाल के बेहुआ चेकनाका एवं झारखंड के राहीमटाड़ चेकनाका क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाने और समाचार संकलन के उद्देश्य से पहुंचे थे। जेल भेजे गए पत्रकारों का आरोप है कि इसी दौरान पेट्रोलिंग दल ने उन्हें कोटालपोखर थाना आने के लिए कहा। वे स्वयं अपने वाहन से थाना पहुंचे, जहां उन्हें बैठाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि थाना परिसर में मारपीट की गई, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो जबरन डिलीट कराए गए और बाद में उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
चारों पत्रकारों के विरुद्ध कोटालपोखर थाना कांड संख्या-47/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 126(2), 115(2), 117(2), 109(1), 132, 221, 308(2), 352, 351(2) एवं 3(5) लगाई गई हैं। इन धाराओं में स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, लोक सेवक को कार्य करने से रोकना, आपराधिक धमकी, हमला, उकसावा तथा सामूहिक कृत्य जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल
राजमहल प्रखंड में कार्यरत पंचायत सचिव दिनेश कुमार, जो घटना की रात राहीमटाड़ चेकनाका पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे, उन्होंने अपने लिखित आवेदन में चारों व्यक्तियों की पहचान पत्रकार के रूप नहीं बल्कि अन्य व्यक्ति के रूप में की है । पत्रकारों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम को अलग स्वरूप देते हुए रंगदारी, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप जोड़कर मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच, बिना संबंधित मीडिया संस्थानों से पहचान सत्यापित किए और बिना दोनों पक्षों की बात सुने जल्दबाजी में मामला दर्ज कर चारों पत्रकारों को जेल भेज दिया गया। मंगलवार सुबह उन्हें कोटालपोखर थाना से राधानगर थाना ले जाया गया, जहां कागजी प्रक्रिया और मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल
चेक नाका पर अवैध गतिविधि चलती है? डिलीट वीडियो में अवैध गतिविधि को रिकर्ड किया गया? क्या चेकनाका पत्रकारों ने तैनात मजिस्ट्रेट एवं पुलिसक साथ का दुर्व्यवहार किया था? पुलिस ने प्रेस को इस मामले कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की?
कोई पत्रकार संगठन ने आवाज नहीं उठाई?
जिले में कई पत्रकार संगठन चल रहे हैं लेकिन अब तक उनके द्वारा कोई आवाज नहीं उठाया गया है। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।इस सवाल में सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि पत्रकार संगठन है या पत्तलकार संगठन?
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक दिवस है। एक ऐसा दिवस, जब शोषण के विरूद्ध जबरदस्त आवाज उठाई गई थी। देश में शोषण से निकलने के लिए किसी के पास कोई रास्ता नहीं दिख रहा था, उस समय आदिवासी समाज के वीरों ने शोषण के विरुद्ध मोर्चा खोला। परिणाम क्या होगा इसकी चिंता किए बगैर हूल क्रांति के अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, वीरांगना फूलो-झानो ने देश के लोगों पर हो रहे शोषण के विरूद्ध बिगुल फूंका। उन्होंने कहा कि आज भी यह देखा जा रहा है कि कहीं-ना-कहीं क्रांति, संघर्ष जगह-जगह पर कमजोर वर्गों के शोषण के विरुद्ध प्रतिरोध से ही शुरू होता है। आज इन वीर सपूतों पर हम सभी को गर्व है। हमारे अमर वीर सपूत देश और समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन वीर सपूतों की बदौलत ही झारखंड को वीरों की धरती कही जाता है। राज्य में कई ऐसे अवसर हैं, जिस दिन हम सभी लोग महापुरुषों को याद करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने की प्रतिज्ञा लेते हैं। उन्होंने कहा कि क्रांति की आग बुझती नहीं है। बुझाई भी नहीं जा सकती। क्रांति की चिंगारी सदैव जलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह आज भी ऐसी क्रांति के स्मारक पर निरंतर दीप जलता रहता है। उन्होंने दिल्ली के राजघाट एवं इंडिया गेट में भी दीप जलते रहने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वीरों की इस पावन भूमि का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में 16 जून, 2026 से आयोजित ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ दिनांक 30 जून, 2026 को समारोहपूर्वक समापन किया गया। सीसीएल मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों में 16 जून को ‘स्वच्छता शपथ’ के साथ प्रारंभ हुए इस अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अनेक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
समापन समारोह में सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाप्रबंधक ,विभागाध्यक्ष सहित सीसीएल के अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीसीएल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है तथा सभी कर्मियों एवं हितधारकों के सहयोग से स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।
निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने कहा कि स्वच्छ कार्यस्थल न केवल बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि सुरक्षा और उत्पादकता को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी नियमित आदत बनाएं और इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नुक्कड़ नाटक "मिस्टर लापरवाह" ने दिया स्वच्छता का संदेश
समापन समारोह का प्रमुख आकर्षण "मिस्टर लापरवाह" नामक नुक्कड़ नाटक रहा। मनोरंजन के साथ महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देने वाले इस नाटक के माध्यम से लोगों की लापरवाहीपूर्ण आदतों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी संदेश दिया गया।
सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों का सम्मान
समारोह के अंत में सीसीएल के सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया गया। ये कर्मी निरंतर अपने समर्पण एवं मेहनत से कार्यस्थलों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निदेशक (मानव संसाधन) एवं निदेशक (तकनीकी/संचालन) द्वारा मंच पर सफाई मित्रों को स्वच्छता किट (कैनवास बैग, टी-शर्ट, ग्लव्स, मास्क, सैनिटाइजर, टिफिन बॉक्स, तौलिया आदि) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वच्छता पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रमुख गतिविधियां
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के दौरान सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों, कॉलोनियों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं श्रमदान जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए जागरूकता रैलियां निकाली गईं।
पखवाड़े के प्रमुख कार्यक्रमों में 28 जून को कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के सहयोग से आयोजित "स्वच्छता ऑन कैनवास-2026" चित्रकला प्रतियोगिता विशेष आकर्षण रही, जिसमें रांची के 30 विभिन्न विद्यालयों के 180 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
वहीं, अरगड़ा क्षेत्र की वर्कशॉप में अनुपयोगी सामग्री (स्क्रैप) से ‘मेक इन इंडिया’ की प्रतिमा तैयार कर "कबाड़ से कंचन" का प्रेरणादायी संदेश दिया गया। इसके अलावा रजरप्पा, कुजू एवं बरकासयाल क्षेत्रों में वॉल पेंटिंग, निबंध प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा कपड़े एवं जूट के थैलों के वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
पहाड़ी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतिम दिन रांची स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीसीएल के महाप्रबंधकों, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है। सीसीएल परिवार स्वच्छ, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में निरंतर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गोड्डा ( मालदा) । हिंदी भाषा एवं साहित्य के संवर्धन तथा महान साहित्यकारों की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा के मार्गदर्शन में, दिनांक 30 जून, 2026 को पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में गोड्डा रेलवे स्टेशन पर प्रख्यात हिंदी साहित्यकार एवं जनकवि बाबा नागार्जुन की जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्टेशन प्रबंधक श्री ज्योति सोरेन ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रेलकर्मियों एवं साहित्यप्रेमियों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वरिष्ठ अनुवादक विद्यासागर राम ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके उपरांत बाबा नागार्जुन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।* अध्यक्ष श्री ज्योति सोरेन ने आमंत्रित साहित्यकारों एवं वक्ताओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर ओम प्रकाश मंडल, प्रख्यात साहित्यकार श्री विनय सौरभ, अर्पणा कुमारी, विनिता प्रियदर्शिनी, मधुबाला शांडिल्य, शैलेन्द्र व्यास, इंद्राणी (बड़हरवा) तथा विनय कुमार झा 'विमल' (पटना) ने बाबा नागार्जुन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उन्हें हिंदी साहित्य का अद्वितीय साहित्यकार, विद्रोही जनकवि तथा जनसरोकारों के सशक्त स्वर के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को नई दिशा प्रदान की तथा सामाजिक चेतना को सुदृढ़ आधार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में बाबा नागार्जुन की रचनाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक एवं प्रेरणास्पद हैं। कार्यक्रम के दौरान कवियों द्वारा बाबा नागार्जुन की चुनिंदा रचनाओं का प्रभावपूर्ण काव्य-पाठ भी प्रस्तुत किया गया।
आगे आयोजक ने कहा, हिंदी साहित्य के प्रति जागरूकता, राजभाषा हिंदी के संवर्धन तथा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति मालदा मंडल की सतत प्रतिबद्धता का सशक्त परिचायक रहा।
कोलकाता। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दो विशेष ट्रेनों के परिचालन को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। पूर्व रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पटना–हावड़ा–पटना स्पेशल ट्रेन तथा गांधीधाम–भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन निर्धारित अवधि तक संचालित होती रहेंगी। रेलवे के अनुसार 02024/02023 पटना–हावड़ा–पटना स्पेशल ट्रेन अपने वर्तमान समय एवं सभी निर्धारित ठहरावों के साथ चलाई जाएगी। 02024 पटना–हावड़ा स्पेशल प्रत्येक रविवार 5 जुलाई 2026 से 27 सितंबर 2026 तक कुल 13 फेरे लगाएगी। वहीं 02023 हावड़ा–पटना स्पेशल भी इसी अवधि में प्रत्येक रविवार 13 फेरे संचालित होगी। इससे बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा रेलवे ने 09451/09452 गांधीधाम–भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन का परिचालन भी जारी रखने का निर्णय लिया है। हालांकि उत्तरी रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर ब्लॉक के कारण यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएगी।
अब यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल–फतेहपुर–प्रयागराज–ज्ञानपुर रोड–वाराणसी–औंड़िहार–गाजीपुर सिटी–छपरा–हाजीपुर होकर चलेगी। इस परिवर्तित मार्ग पर ट्रेन दोनों दिशाओं में फतेहपुर, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, औंड़िहार, गाजीपुर सिटी, छपरा और हाजीपुर स्टेशनों पर रुकेगी।
वहीं इस दौरान ट्रेन लखनऊ, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, बगहा, हरिनगर, नरकटियागंज, बेतिया, सगौली, बापूधाम मोतिहारी, चकिया और मुजफ्फरपुर जैसे पुराने मार्ग के स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
रेलवे के अनुसार 09451 गांधीधाम–भागलपुर स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार 3 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक कुल 5 फेरे लगाएगी। वहीं 09452 भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल प्रत्येक सोमवार 6 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक कुल 5 फेरे संचालित होगी।
कोलकाता। एक बेहद भावुक कर देने वाले समारोह में, जिसने कई लोगों की आँखों में आँसू ला दिए, 28 जून, 2026 को चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में एक गरिमामयी शहीद स्मारक समारोह का आयोजन किया गया। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) मिलिंद देउस्कर के संवेदनशील मार्गदर्शन में, यह समारोह रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जांबाज वीर, दिवंगत निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया था, जिन्होंने देश के आज के लिए अपना कल न्योछावर कर दिया।
पूरे रेलवे परिवार की ओर से, पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ए. एन. सिन्हा ने पुष्पचक्र अर्पित कर अपनी गहरी श्रद्धांजलि दी। शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े होकर, श्री सिन्हा ने सांत्वना के शब्द साझा किए और कहा कि निरीक्षक मीणा का असाधारण साहस, ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण आरपीएफ के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
समारोह का सबसे मर्मस्पर्शी क्षण तब आया जब शहीद के परिवार को अत्यंत सम्मान के साथ 'राष्ट्रीय पुलिस स्मारक' (National Police Memorial) भेंट किया गया। यह एक कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से गहरी कृतज्ञता का एक भारी और खामोश क्षण था। इस स्मारक को उनकी साहसी पत्नी श्रीमती ललिता मीणा, उनके ससुर श्री राम सुख मीणा और उनकी नन्ही बेटी दीक्षा मीणा ने प्राप्त किया, जो अपने प्रिय नायक को बल द्वारा सम्मानित किए जाने के दौरान मजबूती से खड़ी रहीं।
दिवंगत निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा वीरता और ईमानदारी के प्रतीक थे। उन्होंने 24 नवंबर, 2025 को आरपीएफ अजीमगंज टीम के साथ एक छापेमारी और जांच अभियान का निडरता से नेतृत्व करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने खुद से ऊपर कर्तव्य को चुना और अपनी आखिरी सांस तक उन नागरिकों की रक्षा की, जिनकी सेवा करने की उन्होंने कसम खाई थी।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का प्रदान किया जाना केवल एक औपचारिक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि एक वादा था कि आरपीएफ और यह देश अपने शहीद नायक को कभी नहीं भूलेगा और न ही उनके परिवार को कभी अकेला छोड़ेगा। उनकी स्मृति को नमन करते हुए, पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझी ने भावुक होकर कहा, "निरीक्षक मीणा का बलिदान हमारी सुरक्षा की कीमत की एक दिल दहला देने वाली याद दिलाता है, और उनके साहस की विरासत हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी।
जमशेदपुर । झारखंड में शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग–अकादमिक साझेदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand एवं Arka Jain University, गम्हरिया (जमशेदपुर) के बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति , कुल सचिव तथा विभिन्न विभागों के Heads of Departments (HODs) ने भाग लिया। वहीं JRGA Foundation की ओर से संस्था के अध्यक्ष अभिताभ श्रीवास्तव, महासचिव उत्तम रॉय, Lead – CSR सुजीत कुमार तथा Creative Head – Fashion & Apparel अलीशा गौतम उरांव उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कौशल विकास कार्यक्रमों, विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप के अवसर, उद्योग–अकादमिक सहभागिता, फैशन एवं रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख अवसरों के सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। दोनों संस्थानों ने भविष्य में संयुक्त रूप से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों एवं अन्य नवाचार आधारित पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
JRGA Foundation के महासचिव उत्तम रॉय ने कहा कि यह सहयोग झारखंड के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच यह साझेदारी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक ज्ञान एवं रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाएगी तथा भविष्य में अनेक प्रभावशाली संयुक्त परियोजनाओं का आधार बनेगी।
बैठक के अंत में JRGA Foundation ने Arka Jain University की पूरी टीम के प्रति उनके सहयोग, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं रचनात्मक सहभागिता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा आशा जताई कि यह साझेदारी राज्य के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रांची। झारखंड सरकार की छात्र हितैषी योजनाओं के तहत सोमवार को राजधानी रांची में निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कल्याण मंत्री चमरा लिण्डा ने TVS CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (SOE), जगन्नाथपुर क्लस्टर प्वाइंट पर 10 विद्यालयों के 693 छात्र-छात्राओं के बीच साइकिलों का वितरण किया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को संवारना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रही है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई बाधित न हो।
मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विशेष पहल
कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को कोटा के प्रतिष्ठित संस्थानों, जैसे मोशन एजुकेशन, से जोड़कर विशेष कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
ड्रॉपआउट दर कम करने में मिलेगी मदद
मंत्री चमरा लिण्डा ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई छात्र-छात्राओं को विद्यालय की दूरी के कारण पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निःशुल्क साइकिल मिलने से उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी और विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति (ड्रॉपआउट) में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का प्रत्येक बच्चा बिना किसी बाधा के विद्यालय पहुंचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करे।
रांची जिले में 16,780 साइकिल वितरण का लक्ष्य
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2026-27 के लिए रांची जिले में कुल 16,780 साइकिलों के वितरण को स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से पात्र विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) रांची की परियोजना निदेशक मनीषा तिर्की, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, प्रखंड कल्याण पर्यवेक्षक एनुल हक, TVS CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, जगन्नाथपुर की प्राचार्य, विद्यालय प्रबंधन टीम तथा अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रांची । झारखंड सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को राजधानी रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित भव्य समारोह में 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कक्षा 6 से 12 तक के कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल सरकारी नौकरी नहीं मिली है, बल्कि झारखंड की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के बच्चों का भविष्य शिक्षकों के ज्ञान, व्यवहार और कार्यशैली पर निर्भर करेगा। इसलिए सभी शिक्षक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में नव नियुक्त सहायक आचार्यों को विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर काम करें तथा बच्चों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अमानवीय घटना या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय मॉडल ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने बताया कि जहां इन विद्यालयों में लगभग 9 से 10 हजार सीटें उपलब्ध हैं, वहीं प्रवेश के लिए 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। यह सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकारी विद्यालयों में विज्ञान शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी। इस नियुक्ति प्रक्रिया में 200 से अधिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की बहाली हुई है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर तथा अन्य क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
झारखंड की बौद्धिक संपदा हैं नव नियुक्त शिक्षक
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के बीच चयनित ये शिक्षक राज्य की बौद्धिक संपदा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कार्य कर रही है। पिछले कार्यकाल में 55 हजार से अधिक नियुक्तियां दी गईं और वर्तमान कार्यकाल में भी विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड को अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रतिभा और युवाओं की क्षमता के लिए भी पहचाना जाएगा।
नव नियुक्त शिक्षकों ने जताया आभार
समारोह में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई सहायक आचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए। रांची की सीता कुमारी ने कहा कि 22 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उन्हें नियुक्ति मिली है और यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल है।
मनोज कुमार वैद्य ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को नियुक्तियों का वर्ष घोषित करने का लाभ उन्हें भी मिला है और वे पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
वहीं प्रदीप कुमार यादव ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी मां ने नियुक्ति परिणाम के बाद अखबार में मुख्यमंत्री की तस्वीर देखकर तीन बार प्रणाम किया था। उन्होंने कहा कि बिना किसी लेन-देन के पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने आम लोगों का सरकार पर विश्वास मजबूत किया है।
इनकी रही उपस्थिति
समारोह में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारी, नव नियुक्त सहायक आचार्य एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नई दिल्ली/रांची। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दूसरे दिन झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य की ओर से प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाए। उन्होंने महात्मा गांधी के नाम से नई ग्रामीण विकास योजना शुरू करने, मनरेगा के बकाया भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने, फैब्रिकेटेड आवास निर्माण, न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि तथा स्वयं सहायता समूहों (SHG) को रूरल इंडस्ट्री के माध्यम से सशक्त बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत सुझाव दिए।
सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड सरकार के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
महात्मा गांधी के नाम से शुरू हो नई योजना
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का योगदान ऐतिहासिक रहा है। ऐसे में उनके नाम को योजनाओं से हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि महात्मा गांधी के नाम पर नई जनहितकारी ग्रामीण विकास योजना प्रारंभ की जाए, ताकि उनके ग्राम स्वराज के सपने को नई दिशा मिल सके।
125 दिनों के रोजगार के लिए पर्याप्त बजट पर उठाए सवाल
सम्मेलन में मंत्री ने मनरेगा के तहत 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रोजगार के दिनों में वृद्धि की जा रही है, तो उसके अनुरूप पर्याप्त बजट भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मनरेगा के बजट में लगातार कटौती हुई है, ऐसे में अतिरिक्त रोजगार देने का दावा व्यावहारिक नहीं दिखता। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य के बीच 60:40 की वित्तीय हिस्सेदारी से झारखंड जैसे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने और फैब्रिकेटेड आवास का सुझाव
दीपिका पांडेय सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान लागत को देखते हुए यह समय की आवश्यकता है।
उन्होंने आवास निर्माण में देरी को दूर करने के लिए फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर आधारित मजबूत आवास निर्माण का सुझाव दिया। इस मॉडल के तहत लाभुकों को एकमुश्त राशि उपलब्ध कराने से निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा और तकनीकी व प्रशासनिक बाधाएं भी कम होंगी।
साथ ही उन्होंने अबुआ आवास योजना के निर्माण कार्य में मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव रखा। इस सुझाव पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया।
मनरेगा के 900 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की उठाई मांग
सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड के मनरेगा मटेरियल मद में केंद्र सरकार के पास लंबित लगभग 900 करोड़ रुपये के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राशि लंबित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए सबसे बड़ा रोजगार का सहारा बना था। इसलिए नई योजनाएं शुरू करने से पहले लंबित राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 433 रुपये करने की मांग
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बढ़ती महंगाई और श्रमिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए मनरेगा मजदूरी बढ़ाकर 433 रुपये प्रतिदिन करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में झारखंड में मनरेगा मजदूरों को 282 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जिसमें 255 रुपये केंद्र सरकार तथा 27 रुपये राज्य सरकार का अंशदान है। वर्तमान परिस्थितियों में यह राशि पर्याप्त नहीं है।
रूरल इंडस्ट्री से सशक्त होंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड में ग्रामीण उद्योगों की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 32 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़कर आजीविका और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए तो झारखंड की महिलाएं देश और दुनिया के बाजारों में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम उत्पादन की सफलता, पलाश एवं अदिवा ब्रांड की लोकप्रियता तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार 15 लाख नोटबुक का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड की महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मईयां सम्मान योजना ने भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीण उद्योगों के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए।
