| Breaking News |
रांची। राजधानी रांची में देर रात रंगदारी वसूली की कोशिश कर रहे अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 12 मई की रात की है, जब रांची से नालंदा जा रही जीवन ज्योति बस अरगोड़ा चौक के पास नो-एंट्री के कारण रुकी हुई थी।
इसी दौरान तीन अपराधी बस के पास पहुंचे। इनमें से दो अपराधी बस में चढ़ गए और चालक की कनपटी पर हथियार सटाकर रंगदारी मांगने लगे। चालक द्वारा विरोध करने पर अपराधियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। हालांकि चालक बाल-बाल बच गया।
घटना के वक्त अरगोड़ा चौक पर मौजूद पुलिस गश्ती दल और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर एक अपराधी को अवैध हथियार के साथ दबोच लिया, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने लगातार छापेमारी कर फरार दो अन्य अपराधियों समेत हथियार उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
बरामद सामान
पुलिस ने इस मामले में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 114/26 दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी कुंदन कुमार पहले भी हत्या के मामले में आरोपी रह चुका है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी है।
रांची । कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चस्तरीय निरीक्षण दल द्वारा आज सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के रांची स्थित मुख्यालय में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन एवं प्रगामी प्रयोग की व्यापक समीक्षा की गई। यह निरीक्षण डॉ. माणिक चंद्र पंडित, आर्थिक सलाहकार एवं राजभाषा प्रभारी, कोयला मंत्रालय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
निरीक्षण दल में मंत्रालय के सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री विशाल तथा वरिष्ठ प्रबंधक (हिंदी) श्री दिलीप कुमार सिंह भी शामिल थे। दल ने सीसीएल मुख्यालय के विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग, राजभाषा नीति के अनुपालन तथा हिंदी के प्रोत्साहन हेतु किए जा रहे प्रयासों का गहन अवलोकन किया।
इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन )श्री हर्ष नाथ मिश्र सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण में प्रशासनिक, तकनीकी तथा डिजिटल कार्यों में हिंदी के बढ़ते उपयोग, राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं जनसंपर्क माध्यमों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की जानकारी साझा की गई।
मंत्रालय के अधिकारियों श्री विशाल एवं श्री दिलीप कुमार सिंह ने सीसीएल द्वारा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने हिंदी के प्रगामी प्रयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सीसीएल प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ तकनीकी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी हिंदी को प्राथमिकता दे रही है।
बैठक के दौरान हिंदी संवर्ग के रिक्त पदों को भरने की कार्ययोजना, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार तथा आगामी संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
निरीक्षण दल ने सीसीएल मुख्यालय के साथ-साथ रजरप्पा, बोकारो एवं करगली, कथारा तथा ढोरी क्षेत्रों में राजभाषा कार्यों की समीक्षा की। डॉ. माणिक चंद्र पंडित ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हिंदी के प्रयोग को और अधिक सरल, व्यवहारिक एवं जनसुलभ बनाने के लिए निरंतर नवाचार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि राजभाषा का प्रभावी क्रियान्वयन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जनसंपर्क को सशक्त बनाने का माध्यम है।
कंपनी द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में राजभाषा प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के क्षेत्र में सीसीएल ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। निर्धारित 18 कार्यशालाओं के लक्ष्य के से अधिक 19 कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जो 105 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण दल ने सीसी एव पीआर विभाग द्वारा राजभाषा हिंदी में प्रकाशित मासिक पत्रिका “अपनी बात “ एवं वार्षिक पत्रिका “उत्कर्ष “ की प्रशंसा की ।इस वर्ष कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी में किए गए पोस्ट्स की संख्या अंग्रेजी पोस्ट्स की तुलना में 77.45 प्रतिशत अधिक रही, जो हिंदी के बढ़ते प्रयोग और जनसंपर्क में उसकी प्रभावशीलता को दर्शाता है।
डॉ. माणिक चंद्र पंडित ने सीसीएल के प्रयासों को प्रेरणादायी बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि कंपनी भविष्य में भी राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन एवं संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट मानक स्थापित करती रहेगी।
कोलकाता । पूर्व रेलवे ने स्वच्छता को लेकर एक नई और तकनीक आधारित पहल शुरू की है। रेलवे ने घोषणा की है कि अब स्टेशन परिसर में कहीं भी गंदगी दिखने पर यात्री उसकी शिकायत करेंगे और 30 मिनट के भीतर सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पूर्व रेलवे ने 16 मई से 30 मई 2026 तक विशेष अभियान “#ईआर_चैलेंज” शुरू करने का फैसला किया है।
यह पहल 15 अप्रैल से 14 मई तक चले स्वच्छता जागरूकता अभियान की सफलता के बाद शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सीधे स्वच्छता अभियान से जोड़ना और रेलवे स्टेशनों को साफ-सुथरा बनाए रखना है।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे यात्रियों को केवल ग्राहक नहीं बल्कि अपने परिवार का हिस्सा मानता है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत शिकायत मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके।
कैसे करें शिकायत?
यदि किसी यात्री को स्टेशन परिसर में गंदगी दिखाई देती है, तो वह उस स्थान की तस्वीर लेकर संबंधित मंडल के आधिकारिक X हैंडल—
@drmhowrah, @drmsdah, @drmmalda, @DrmAsansol
को टैग करते हुए #ईआर_चैलेंज हैशटैग के साथ पोस्ट कर सकता है।
इसके अलावा यात्री फेसबुक अकाउंट्स या के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि स्वच्छ स्टेशन का सपना तभी पूरा होगा जब यात्री भी इसे अपना घर समझकर साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें।
रेलवे ने याद दिलाया है that रेलवे परिसर में गंदगी फैलाना या थूकना दंडनीय अपराध है। नियमों के अनुसार ऐसा करने पर 500 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
भागलपुर(मालदा) यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता निभाते हुए मालदा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ऑपरेशन अमानत के तहत एक यात्री को उसका खोया हुआ बैग वापस दिलाकर सराहनीय कार्य किया है। बैग में करीब 50 हजार रुपये मूल्य का लैपटॉप और अन्य सामान मौजूद था।
यह कार्रवाई 13 मई 2026 को उस समय शुरू हुई जब रेल मदद के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई कि एक यात्री ट्रेन संख्या 13071 अप हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस के बी-2 कोच में अपना बैग भूल गया है। यात्री भागलपुर रेलवे स्टेशन पर उतर चुका था।
मामले की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज आरपीएफ पोस्ट की टीम तुरंत सक्रिय हुई। ट्रेन के सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पहुंचते ही ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवानों ने संबंधित कोच की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान लावारिस बैग बरामद कर उसे सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट लाया गया।
इसके बाद आवश्यक सत्यापन और पहचान की प्रक्रिया पूरी कर बैग उसके असली मालिक को सौंप दिया गया। बैग में रखा लैपटॉप समेत अन्य जरूरी सामान सुरक्षित मिलने पर यात्री ने आरपीएफ का आभार जताया।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और आरपीएफ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीम कुमार कुल्लू की निगरानी में यह कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अमानत के तहत यात्रियों की खोई वस्तुओं को जल्द से जल्द खोजकर उन्हें वापस लौटाने का अभियान लगातार जारी है, जिससे यात्रियों का रेलवे पर भरोसा और मजबूत हो रहा है।
रांची : झारखंड में ऊर्जा ट्रांजिशन और हरित विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत राज्य सरकार एवं सस्टेनेबल स्टार्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स की ओर से ‘ग्रीन गोल्ड : अनलॉकिंग ग्रेफिन इन झारखंड’ रिपोर्ट का विमोचन किया गया। यह रिपोर्ट झारखंड में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर ग्रेफिन की संभावनाओं और उससे जुड़े औद्योगिक नवाचारों को लेकर तैयार की गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रेफिन एक उन्नत कार्बन मैटेरियल है, जिसका उपयोग स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी स्टोरेज, हेल्थ टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। झारखंड में इसके प्रमुख स्रोतों के रूप में अग्रेड, कोल्डेड मेथन और लाख आधारित प्राकृतिक संसाधनों की पहचान की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, झारखंड भविष्य में करीब 5,500 टन ग्रेफिन उत्पादन क्षमता विकसित कर सकता है, जिससे राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लाख आधारित ‘ग्रीन ग्रेफिन’ उत्पादन से ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी समुदायों के लिए बड़े आर्थिक अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की अपार क्षमता है और ग्रेफिन जैसे नवाचार राज्य को हरित औद्योगिक विकास की दिशा में आगे ले जा सकते हैं।
वहीं प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने कहा कि लाख और अन्य जैव-आधारित संसाधनों के माध्यम से ग्रेफिन उत्पादन सामुदायिक उद्यमशीलता को बढ़ावा देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।
तकनीकी सत्र में शामिल विशेषज्ञों ने कहा कि झारखंड में रिसर्च, इंडस्ट्री और सरकार के बीच मजबूत साझेदारी बनाकर ग्रेफिन इकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है। इसके लिए नीति समर्थन, निवेश आकर्षण और कौशल विकास पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है।
इस मौके पर विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शोधकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ और सामुदायिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में झारखंड को ग्रीन ग्रेफिन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
लखनऊ । समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के पुत्र थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।प्रतीक यादव भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे। निधन की खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। मौत के कारणों को लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है, वही शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा हो सकता है।
सोनाहातु:- प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। गुरुवार शाम हुई भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवा के कारण सोनाहातु थाना क्षेत्र स्थित सोनाहातु अस्पताल के समीप एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर पड़ा, जिससे मुख्य सड़क पर घंटों तक आवागमन बाधित रहा।पेड़ गिरने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग बारिश के बीच घंटों सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने स्थिति को देखते हुए तत्काल पहल की और सामूहिक प्रयास से सड़क पर गिरे पेड़ को काटकर हटाने का कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद पेड़ को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद आवागमन फिर से सामान्य हो सका।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है। तेज हवा और बारिश के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे जर्जर और कमजोर पेड़ों की पहचान कर समय रहते उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।बारिश और तूफान के कारण क्षेत्र में बिजली व्यवस्था भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही, जिससे लोगों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कोलकाता। 85 वर्षीय ललिता घोष (नाम बदला हुआ) के लिए ट्रेन यात्रा कभी सहनशक्ति की परीक्षा हुआ करती थी। हर हफ्ते, वह अपने चिकित्सीय जाँच के लिए 50 किलोमीटर की यात्रा करती हैं, लेकिन जैसे ही बंगाल की गर्मी शुरू होती, उन्हें अक्सर चिंता सताने लगती थी। पहले, चिलचिलाती गर्मी, पर्याप्त प्रतीक्षा क्षेत्रों की कमी और पर्याप्त पंखे या ठंडे पानी की अनुपलब्धता उन्हें अपनी उम्र का एहसास कराती थी। "मैं गर्मी के कारण यात्रा करने से डरती थी," वह याद करती हैं। "पर्याप्त छाया या बैठने की जगह नहीं होती थी, और मुझे लंबे इंतजार की चिंता सताती थी।" लेकिन अब पूर्व रेलवे में स्थिति पूरी तरह बदल गई है और पिछले अप्रैल में यह उपलब्धि और भी बड़ी हो गई। हाल ही में जब ललिता देवी ने प्लेटफार्म पर कदम रखा, तो उनका स्वागत ताजगी भरी हवा और स्नेहपूर्ण व्यवहार से हुआ, जिससे वे बेहद प्रसन्न हुईं। उन्होंने गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनके जैसे यात्रियों के लिए यात्रा आसान और आरामदायक हो गई है। यह परिवर्तन कोई संयोग नहीं है; यह पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के दूरदर्शी नेतृत्व में चलाए गए एक माह लंबे व्यापक अभियान का परिणाम है।
बढ़ते तापमान से निपटने के लिए पूर्व रेलवे ने अप्रैल माह में पूरे क्षेत्र में 78 नए वाटर कूलर लगाए गए। इनमें 6 सियालदह मंडल, 6 मालदा मंडल और 66 आसनसोल मंडल में लगाए गए। मालदा मंडल के राजमहल स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा हेतु प्लेटफॉर्म पर चार नए एयर-सर्कुलेटिंग पंखे लगाए गए, जबकि जंगीपुर रोड स्टेशन के एबीएसएस भवन में पाँच स्प्लिट एसी यूनिट स्थापित किए गए। पीने के पानी की विश्वसनीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुंगेर स्टेशन पर नया 2 एचपी सबमर्सिबल पंप लगाया गया। रात्रिकालीन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सियालदह और मालदा मंडल के अधिक दैनिक यात्री आवागमन वाले 10 स्टेशनों पर प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। इसके अलावा, उखड़ा यार्ड और न्यू स्टॉक साइडिंग यार्ड में सात हाई-मास्ट टावर चालू किए गए।
पूर्व रेलवे की सुरक्षा और दक्षता के प्रति प्रतिबद्धता केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसके बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों के कल्याण तक भी विस्तारित है। इस माह सियालदह, आसनसोल, हावड़ा, मालदा, जमालपुर, लिलुआ और कांचरापाड़ा क्षेत्रों में 2,461 ऊर्जा-संरक्षण करने वाले बीएलडीसी सीलिंग फैन वितरित किए गए। तकनीकी ढांचे को और मजबूत करने के लिए मालदा में 2 टन क्षमता वाले 24 स्प्लिट एसी तथा सियालदह में नौ स्टार-रेटेड एसी लगाए गए। बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। तलझारी, धरहरा और मुंगेर स्टेशनों पर नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए, जबकि आसनसोल के कोचिंग कॉम्प्लेक्स में तीन नए एलटी पैनल स्थापित किए गए। निवासियों और भवनों की सुरक्षा के लिए मालदा में 405 रखरखाव-मुक्त अर्थिंग पॉइंट स्थापित किए गए तथा रेलवे क्वार्टरों में 96 स्मार्ट प्री-पेड ऊर्जा मीटर लगाए गए। दूरदराज के स्टेशनों तक विकास पहुँचाते हुए जगदीशपुर, बेला हॉल्ट और तेलिया स्टेशनों का विद्युतीकरण पूरा किया गया, जबकि बरहरवा, तिलडांगा और मोनिग्राम स्टेशनों पर आपातकालीन इन्वर्टर उपलब्ध कराए गए।
इन उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि उनका मिशन केवल ट्रेनों को चलाना नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को जोड़ना और हर यात्री को घर जैसा अनुभव देना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंखा, वाटर कूलर और प्रकाश व्यवस्था आम आदमी के लिए सुरक्षित, आरामदायक और भावनात्मक रूप से सुखद यात्रा अनुभव की दिशा में एक कदम है। आज जब ललिता देवी आराम से बैठकर अपनी ट्रेन की प्रतीक्षा करती हैं, तो वह उन लाखों यात्रियों का प्रतिनिधित्व करती हैं जिनके लिए पूर्व रेलवे ने कठिन यात्रा को सहज और सम्मानजनक अनुभव में बदल दिया है।
भागलपुर: मालदा मंडल ने रेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में भागलपुर रेलवे स्टेशन के शंटिंग नेक के समीप नई स्टेबलिंग लाइन का सफलतापूर्वक विकास किया गया है।
इस नई स्टेबलिंग लाइन की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए आज सफलतापूर्वक लाइट इंजन ट्रायल भी सम्पन्न किया गया। इसके शुरू होने से स्टेशन क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन और प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं सुचारु बनाया जा सकेगा।
रेल अधिकारियों के अनुसार यह नई सुविधा कोचिंग रेकों के बेहतर स्टेबलिंग एवं प्रबंधन में सहायक होगी। साथ ही इससे परिचालन संबंधी भीड़भाड़ कम होगी और भागलपुर स्टेशन पर समग्र ट्रेन परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को मालदा मंडल के इंजीनियरिंग, परिचालन, सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) सहित विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया। यह कार्य मंडल की आधुनिकीकरण, परिचालन सुधार और यात्री सेवाओं के सतत उन्नयन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंडल रेल प्रबंधक ने इस उपलब्धि पर सभी संबंधित विभागों की सराहना करते हुए कहा कि मालदा मंडल सुरक्षित, सुगम और अधिक दक्ष रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से रेल अवसंरचना विकास कार्यों को आगे बढ़ाता रहेगा।
जमालपुर (मालदा) । पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत लोको शेड, जमालपुर में शनिवार को गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर की 165वीं जयंती उत्साह, श्रद्धा और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डीजल) कृष्ण कुमार दास के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरुदेव को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद गीत, कविता-पाठ, नृत्य और संगीत सहित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के जीवन, उनके आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को याद किया गया।
इस अवसर पर भगवान प्रसाद जेना, सहायक विद्युत अभियंता/ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन, डॉ. गौरी शंकर दास, रेलवे मुख्य चिकित्सालय (कारखाना), तथा श्री मृणाल कुमार, AWM/जमालपुर वर्कशॉप सहित कई गणमान्य अधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ लोको शेड के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन हेतु उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राओं और योगदानकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन मालदा मंडल की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा राष्ट्रीय महापुरुषों के सम्मान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बना।
