रांची: झारखंड की राजधानी रांची में हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोला सिंह और पूर्व हॉकी खिलाड़ी असुंता लकड़ा के बीच हुए विवाद अब बढ़ गया है मामले में पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, आदिवासी-मूलवासी संगठनों और विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को हॉकी प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और खिलाड़ियों के सम्मान की मांग को लेकर रांची में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला।
जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुआ यह मार्च अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। मार्च में बड़ी संख्या में वर्तमान और पूर्व खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल प्रेमी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हॉकी से जुड़े हालिया विवादों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान असुंता लकड़ा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और खिलाड़ियों का खेल व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
मार्च में शामिल पूर्व खिलाड़ियों ने हॉकी झारखंड में सदस्यता, चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि खेल संगठनों का संचालन खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए होना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत अभियान चलाना नहीं, बल्कि हॉकी में सुशासन, निष्पक्षता और खिलाड़ियों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की।
सामाजिक कार्यकर्ता निरंजना हेरेंज टोप्पो ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के बावजूद एक आदिवासी बेटी को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं अजय टोप्पो ने हॉकी प्रशासन में पारदर्शिता लाने की मांग करते हुए भोला सिंह को तत्काल पद से हटाने की मांग की।
विरोध मार्च में सामाजिक संगठनों के बाहा लिंडा, राहुल तिर्की, आकाश तिर्की, प्रेम शाही मुंडा, पीसी मुर्मू, राकेश बड़ाईक, बृज किशोर बेदिया, संगीता कच्छप, क्रिस्टो कुजूर सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी मनोहर टोपनो, कमल सोरों, जोसफ लुगुन, मनोहर कुल्लू, जयंत केरकेट्टा, वीरेंद्र लकड़ा, पुष्पा लकड़ा, कांति लकड़ा, विनय मुंडा, तिलोसफर एक्का, सुमराई टेटे, शशि टोपनो समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी शामिल हुए।
देवघर/रांची । विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर झारखंड सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आगामी 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सरकार इस बार सुरक्षा, सुविधा और तकनीक के बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में देवघर परिसदन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें देवघर और दुमका जिला प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 28 जुलाई तक मेला क्षेत्र की सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि बाबा की नगरी से श्रद्धालु अपने साथ मधुर अनुभव लेकर लौटें, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
VIP और VVIP दर्शन पर पूरी तरह रोक
बैठक का सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि श्रावणी मेला-2026 के दौरान आउट ऑफ टर्न (VIP और VVIP) दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मंत्री ने कहा कि बाबा के दरबार में सभी श्रद्धालु समान हैं और किसी भी विशेष व्यवस्था के कारण आम श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य लंबी कतारों में लगे श्रद्धालुओं को राहत देना और दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुचारु बनाना है।
श्रद्धालुओं के लिए विशाल टेंट सिटी और बेहतर आवास व्यवस्था
इस बार मेला क्षेत्र में तीन स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल टेंट सिटी बनाई जा रही है। इन टेंट सिटी में पहले की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, विश्राम स्थल, बिजली और सुरक्षा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गर्मी से राहत के लिए मिस्ट कूलिंग और इंद्र वर्षा सिस्टम
श्रावणी मेले के दौरान उमस और गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने मिस्ट कूलिंग सिस्टम और इंद्र वर्षा (Artificial Rain System) की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिलेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविरों और मेडिकल टीमों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि आपात स्थिति में तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
AI तकनीक से होगी पूरे मेले की निगरानी
श्रावणी मेला-2026 तकनीक के लिहाज से भी अत्याधुनिक होगा। पहली बार बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत—
- AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम
- AI कैमरे और फेस रिकग्निशन सिस्टम
- AI ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
- AI ड्रोन से निगरानी
- ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे
- हेड काउंटिंग सिस्टम
- डिजिटल पवेलियन
- लोकेशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम
का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
QR कोड से दर्ज होगी शिकायत, तुरंत होगा समाधान
मेला क्षेत्र में जगह-जगह QR कोड आधारित फीडबैक एवं शिकायत प्रणाली विकसित की गई है। श्रद्धालु QR कोड स्कैन कर अपनी शिकायत या सुझाव सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर समस्या का समाधान करेगा।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक ओपी, स्वास्थ्य केंद्र, सूचना एवं सहायता केंद्र, विद्युत केंद्र, पर्यटन सहायता केंद्र और मातृत्व विश्राम गृह स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, कूड़ा प्रबंधन, पर्याप्त रोशनी, आकर्षक सजावट, तोरण द्वार और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
देवघर-बासुकीनाथ मार्ग होगा पूरी तरह व्यवस्थित
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देवघर से बासुकीनाथ तक श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
29 जुलाई को होगी अंतिम समीक्षा
मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि 29 जुलाई को एक बार फिर देवघर और दुमका में तैयारियों की अंतिम समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
सरकार का लक्ष्य—श्रद्धालुओं को मिले सुरक्षित, सुगम और यादगार अनुभव
बैठक के अंत में मंत्री श्रावणी मेला 2026.मंत्री सुदिव्य कुमार ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला झारखंड की पहचान है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण, बेहतर सुविधाओं और सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ जलार्पण कर संतोष और सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटे। इस उद्देश्य से सभी विभाग समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।
रांची : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इसे देश के युवाओं की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी केंद्र सरकार ने छात्रों और युवाओं की ताकत को कम आंकने की गंभीर भूल की।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जब देशभर के युवा निराशा और हताशा का सामना कर रहे थे, तब केंद्र सरकार सच्चाई स्वीकार करने के बजाय मामले को झुठलाने में लगी रही। लेकिन छात्रों और नौजवानों की एकजुटता ने आखिरकार सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि किसी भी जनआंदोलन को दमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता। आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठी और गोली का सामना करने वाले युवाओं को उन्होंने सच्चा देशभक्त बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के हित में भी संघर्ष किया है।
मंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने इस आंदोलन को दिशा और मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने इसे तानाशाही के खिलाफ एक छोटी जीत बताते हुए कहा कि आगे लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ी लड़ाई बाकी है। उन्होंने सभी लोगों से इस संघर्ष के लिए एकजुट होकर तैयार रहने की अपील की।
ब्यूरो। देश भर में हो रहे नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन के बीच आखिरकार देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया । उन्होंने अपना इस्तीफा लेटर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार पर बढ़ते दबाव और लगातार दिल्ली सहित अन्य राज्यों में हो रहे प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपना पद से इस्तीफा दिया।
कॉकरोच पार्टी में खुशी की लहर
जैसे ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफा की खबर आई कॉकरोच पार्टी में खुशी की लहर दौड़ पड़ी कॉकरोज पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपिके ने एक बड़ी जीत करार दिया और कहा कि यह हमारी लड़ाई का फल मिल गया है आगे छात्र अपने मुद्दे को लेकर लड़ते रहेंगे।
क्या है पूरा मामला
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा आयोजित 3 मई 2026 को नीट पेपर लीक हो गई थी जिसके बाद कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली वहीं सरकार के द्वारा इस मामले में जांच कमेटी का गठन किया गया था और परीक्षा को रद्द करते हुए दूसरी बार परीक्षा आयोजित की गई और उसके बाद वर्तमान में रिजल्ट भी निकाला जा चुका है लेकिन नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच पार्टी का दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन हुआ था सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुंग ने प्रदर्शन किया और 24 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे। वहीं संसद घेराव के दौरान दिल्ली पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई दिल्ली पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल भी हुए थे जिससे माहौल और बिगड़ गया और प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे तब तक किसी भी प्रकार का कोई प्रदर्शन नहीं रोका जाएगा।
केंद्र सरकार पर बढ़ते दबाव के कारण हुआ इस्तीफा
प्रदर्शनकरियो के प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ता गया कई दौर की बातचीत कॉकरोच पार्टी के साथ हुई जिसमें शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने एवं एनटीए को मजबूत करने और धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफा की मांग रखी गई जिसके बाद आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के विभिन्न क्षेत्रों के श्रेणी-1 कर्मचारियों के कौशल उन्नयन के उद्देश्य से बीटीटीआई, भुरकुंडा द्वारा 20 जुलाई, 2026 से 24 जुलाई, 2026 तक कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान सीसीएल के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग के मार्गदर्शन में बीटीटीआई द्वारा आयोजित की जा रही कौशल विकास पहलों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम का समापन समारोह आज 24 जुलाई, 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें रंजय सिन्हा, महाप्रबंधक (खनन), बरका-सयाल क्षेत्र, एम. एफ. हक, महाप्रबंधक (एचआरडी), सीसीएल तथा विकास कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (एचआरडी) सहित बीटीटीआई, भुरकुंडा के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त किया, उनसे संवाद स्थापित किया तथा उन्हें अपने कौशल का निरंतर विकास करने और भविष्य की कार्य आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ-साथ कंप्यूटर पर व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस कौशल विकास कार्यक्रम में कुल 63 कर्मियों ने भाग लिया।
SRFTI कोलकाता के सहयोग से युवाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय फिल्म और मीडिया प्रशिक्षण
रांची। झारखंड में फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) की स्थापना की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। प्रारंभिक चरण में यह संस्थान रांची स्थित सूचना भवन से संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में 22 जुलाई को झारखंड फिल्म एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच हुए एमओयू के बाद संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सूचना भवन पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर उपलब्ध संसाधनों एवं भवन का निरीक्षण किया।
पहले चरण में शुरू होंगे शॉर्ट टर्म कोर्स
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक आनंद ने बताया कि संस्थान के शुरुआती चरण में विद्यार्थियों और कामकाजी युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक, दो, तीन और छह महीने की अवधि वाले शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सों को पार्ट-टाइम, फुल-टाइम और ईवनिंग क्लास के रूप में संचालित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि SRFTI के तकनीकी सहयोग से विभाग के उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
इन विषयों में मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
JFTI में फिल्म और मीडिया उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- साउंड डिजाइनिंग
- फिल्म एडिटिंग
- एनीमेशन
- स्क्रिप्ट एवं स्क्रीनप्ले राइटिंग
- सिनेमैटोग्राफी
- फिल्म डायरेक्शन
- फिल्म प्रोडक्शन
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य झारखंड के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी कौशल से लैस करना है।
SRFTI देगा हर स्तर पर तकनीकी सहयोग
SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता ने कहा कि झारखंड में फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान की स्थापना राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्थान के ब्लूप्रिंट तैयार करने, क्लासरूम डिजाइन, तकनीकी ढांचा विकसित करने और गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था तक हर स्तर पर SRFTI सहयोग करेगा।
उन्होंने सुझाव दिया कि संस्थान के पूरी तरह शुरू होने के बाद राज्य के मीडियाकर्मियों के लिए भी शॉर्ट-टर्म प्रोफेशनल ट्रेनिंग आयोजित की जाए, ताकि वे आधुनिक फिल्म और मीडिया तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। साथ ही उन्होंने शुरुआत फिल्म एप्रिशिएशन कोर्स से करने की भी सलाह दी।
झारखंड की प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच
राज्य सरकार का मानना है कि JFTI की स्थापना से झारखंड की स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया उद्योग में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य में फिल्म निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक शाहिद आलम, राशिद अख्तर, बीरू कुशवाहा, सुनीता धान, अभय कुमार तथा SRFTI के एसोसिएट प्रो. नीलाजन बनर्जी एवं प्रो. इंद्रनील मुखर्जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
साहिबगंज: शहरवासियों के लिए रविवार, 26 जुलाई को मनोरंजन और प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर मिलने जा रहा है। मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के तत्वावधान में अ. म. ख. पंचायत भवन में दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक भव्य "फन फेट" का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए कई आकर्षक प्रतियोगिताएं एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी।
आयोजकों के अनुसार फन फेट में डांस प्रतियोगिता, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज़ प्रतियोगिता, हाऊजी, विभिन्न मनोरंजक गेम्स, फूड स्टॉल और कई अन्य आकर्षक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। आयोजन का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ शहरवासियों को पारिवारिक मनोरंजन उपलब्ध कराना है।
डांस प्रतियोगिता केवल कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएगी। वहीं, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता दो वर्गों में होगी। ग्रुप-ए (कक्षा 1 से 5) के प्रतिभागियों को "Independence Day" विषय पर चित्र बनाना होगा, जबकि ग्रुप-बी (कक्षा 6 से 10) के विद्यार्थियों को "Save Water, Save Earth" विषय पर अपनी कला का प्रदर्शन करना होगा।
कार्यक्रम में सभी प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के अध्यक्ष गोकुल टिबड़ेवाल एवं सचिव श्वेता चौधरी ने शहरवासियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि पूरे परिवार के लिए मनोरंजन का बेहतरीन अवसर भी साबित होगा। रविवार को होने वाले इस फन फेट को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है।
सोनाहातू, । वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गुरुवार को सोनाहातू थाना परिसर में जन शिकायत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना था।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश उपस्थित रहे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर बेझिझक थाना आएं। पुलिस जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है और विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा प्राथमिकता है।
शिविर के दौरान कुल दो मामलों की सुनवाई की गई। पहला मामला दुलमी गांव का था, जो प्रेम प्रसंग से संबंधित था। परिजनों की शिकायत पर दोनों पक्षों को थाना बुलाकर समझाइश दी गई, जिसके बाद आपसी सहमति से विवाद का समाधान हो गया।
दूसरा मामला तिलाईपीड़ी गांव का जमीन विवाद से जुड़ा था। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में डीएसपी एवं थाना प्रभारी की मौजूदगी में भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। बातचीत और आपसी सहमति के बाद मामले का सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया गया।
इस अवसर पर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप कुमार, एएसआई दलगोविंद महतो, उपप्रमुख प्रतिनिधि निशिकांत गौंझू, सुदामा पुरान सहित कई गणमान्य लोग एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जन शिकायत समाधान शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
रांची। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या AI इंसानों की जगह ले लेगा? इसी महत्वपूर्ण विषय पर गुरुवार को रांची में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (एनआईपीएम) रांची चैप्टर द्वारा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय के नवीन भवन स्थित प्रकाश हॉल में "इंटीग्रेटिंग ए.आई. विद एच.आई." विषय पर एक विशेष ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य AI बनाम Human Intelligence का नहीं, बल्कि AI और Human Intelligence के समन्वय का होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र रहे। वहीं एनआईपीएम पूर्वी क्षेत्र के उपाध्यक्ष संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता और अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
AI नहीं, ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस है भविष्य'
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जी.पी. राव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवीय बुद्धिमत्ता के संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI को इंसानों का प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में देखा जाना चाहिए। जब AI और Human Intelligence का संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग किया जाता है, तब वह "ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस" (Augmented Intelligence) का स्वरूप लेता है, जो निर्णय क्षमता, कार्यकुशलता और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने कार्यस्थलों पर AI के नैतिक, उत्तरदायित्वपूर्ण और प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए मानव संसाधन प्रबंधन (HR Management) में इसके बढ़ते महत्व और संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
डिजिटल युग में AI और मानवीय संवेदनशीलता का संतुलन जरूरी
मुख्य अतिथि हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है। यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ मानवीय संवेदनशीलता, अनुभव और विवेक का समावेश किया जाए, तो किसी भी संगठन की कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।उन्होंने एनआईपीएम रांची चैप्टर की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।बड़ी संख्या में पहुंचे विशेषज्ञ और अधिकारी
इस कार्यक्रम में एनआईपीएम के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एवं निजी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों, मानव संसाधन विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने सत्र को अत्यंत समसामयिक, उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए वक्ता की प्रस्तुति और आयोजन की सराहना की।
ज्ञान साझा करने का बना प्रभावी मंच
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस आयोजन को ज्ञान साझा करने का एक सफल मंच बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी एनआईपीएम रांची चैप्टर ऐसे समसामयिक विषयों पर नियमित रूप से संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
AI के तेजी से बदलते दौर में यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि भविष्य मशीनों का नहीं, बल्कि मशीनों और इंसानों की साझी बुद्धिमत्ता का होगा।
नई दिल्ली। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की घटना के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के निकट जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई सांसद और नेता भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा था, लेकिन सरकार ने लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र उच्च सुरक्षा वाला इलाका है, जहां बिना अनुमति प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से नेताओं को हिरासत में लिया गया।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है।
फिलहाल, हिरासत में लिए गए नेताओं को बाद में पुलिस द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सड़कों पर भी घमासान देखने को मिल सकता है।
