रांची। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने मामले में राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जवाब भी मांगा है।
नियुक्तियां रद्द किए जाने के खिलाफ दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पीएएस पति ने पक्ष रखा।
342 चयनित अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत
11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, विज्ञापन संख्या 1/2024 के तहत 342 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी जारी किया गया और वे प्रशिक्षण एवं सेवा प्रक्रिया में शामिल हो चुके थे।
सरकार की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के बाद इन नियुक्तियों पर संकट खड़ा हो गया था। अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद चयनित अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है।
दूसरी नौकरी छोड़कर झारखंड आई थीं सोनम कुमारी
याचिकाकर्ता सोनम कुमारी ने अदालत को बताया कि उन्होंने दूसरी जगह की नौकरी छोड़कर झारखंड में नियुक्ति स्वीकार की थी। उन्हें 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था और उन्होंने प्रशिक्षण भी पूरा किया। इसके बाद 18 अगस्त 2026 की सरकारी अधिसूचना के जरिए उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई।
याचिका में कहा गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और सेवा में शामिल होने के बाद अचानक नियुक्ति रद्द किए जाने से उनके करियर और भविष्य पर गंभीर असर पड़ा है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति पर भी रोक
तीसरी याचिका सौरव सिंह एवं अन्य की ओर से दायर की गई थी। इसमें JPSC की विज्ञापन संख्या 18/2023 के तहत आयोजित फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई।
हाईकोर्ट ने इस मामले में भी नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए राज्य सरकार और JPSC को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
CID जांच के बाद सरकार ने लिया था नियुक्तियां रद्द करने का फैसला
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने जांच का फैसला लिया है। CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया, जिनमें TDPL की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित भर्ती परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की भी जांच कराई जा रही है। कार्मिक विभाग की अधिसूचना के अनुसार कुल 45 परीक्षाओं को जांच एवं कार्रवाई के दायरे में रखा गया है। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को संभावित अनियमितताओं की जांच के दायरे में रखा गया है।
अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर
सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं चयनित अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन पूरी चयन प्रक्रिया में सफल अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश अंतरिम है। नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के फैसले पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। राज्य सरकार और JPSC को अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत मामले के कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं पर आगे सुनवाई करेगी। ऐसे में चयनित अभ्यर्थियों के साथ-साथ पूरे राज्य की नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है।
चक्रधरपुर/जमशेदपुर। । पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना प्रभारी सह पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), जमशेदपुर की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी जमशेदपुर थाना कांड संख्या 04/2026 के तहत की गई।
एसीबी के अनुसार, बंदगांव थाना क्षेत्र के निवासी बिजयराय मुंडू ने पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर को लिखित शिकायत देकर बताया था कि बंदगांव थाना कांड संख्या 07/2025, एनडीपीएस एक्ट के मामले में उनके बड़े भाई लाचो मुंडू उर्फ गुलज का नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता के अनुसार, नाम हटाने के एवज में थाना प्रभारी मनीष कुमार द्वारा 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने मामले का विधिवत सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान थाना प्रभारी द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जमशेदपुर थाना में कांड संख्या 04/2026 दर्ज कर धावा दल का गठन किया गया।
एसीबी की टीम ने बुधवार, 20 अगस्त 2026 को कार्रवाई करते हुए बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध विधि-सम्मत अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।
रांची। जिले के सोनाहातु प्रखंड के ग्राम नीमडीह के ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने महामहिम राज्यपाल, झारखंड सरकार को एक 5 सूत्री मांग-पत्र सौंपा है। यह मांग-पत्र 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन रांची में प्राप्त किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग, बुण्डू रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा (PESA) अधिनियम का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
मांग-पत्र के अनुसार ग्रामीण दिनांक 19 अगस्त 2026 को रांची के नागा बाबा खटाल के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और उसी मंच से राज्यपाल को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।
क्या है ग्रामीणों की मांगें ?
ग्रामीणों ने अपने पत्र में 5 मुख्य मांगें रखी हैं -
1. जांच हो:* बुण्डू वन रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा अधिनियम के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. कानून का पालन:* गांव में पेसा अधिनियम को पूरी तरह लागू कराया जाए।
3. रास्ता खोला जाए:* ग्रामीण किसानों को अपने खेतों तक जाने और पशुओं को चारागाह तक ले जाने वाला पारंपरिक रास्ता बंद कर दिया गया है, उसे तुरंत खुलवाया जाए।
4. पौधा घोटाले की जांच:* आरोप है कि नर्सरी से बाहर दूसरे गांव से चुनकर लाए गए पौधों को गांव में लगाया गया है, इसकी जांच हो।
5. वनाधिकार कानून लागू हो:* वन अधिकार अधिनियम जैसे केंद्रीय कानूनों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
ग्रामीणों ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन हमारा अधिकार है और वन विभाग मनमानी कर रहा है। महामहिम से निवेदन है कि हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्याय दिलाया जाए।
रांची। चुटिया थाना पुलिस ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि चुटिया थाना क्षेत्र के अमरावती कॉलोनी में मई 2026 में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर करीब 23 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात, एक एक्सटेंशन लाइट तथा घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, अमरावती कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार के बंद मकान को 8-9 मई 2026 की रात अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया था। चोर दरवाजा एवं ताला तोड़कर घर में प्रवेश किए और सोना-चांदी के जेवरात, नकदी एवं अन्य सामान चोरी कर फरार हो गए। मामले में प्रदीप कुमार के लिखित आवेदन पर चुटिया थाना कांड संख्या 57/26, दिनांक 11 मई 2026, धारा 305(ए)/331(4) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने एआई तकनीक की मदद से संदिग्धों की तस्वीर तैयार कर विभिन्न स्थानों पर उनकी पहचान एवं पूछताछ की। इसके बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निखिल नायक (करीब 20 वर्ष), पिता छोटू नायक, निवासी काइंडीगाड़ा पिस्का मोड़, मधुकम थाना सुखदेवनगर, रांची तथा सुशांत लोहरा (करीब 19 वर्ष), पिता श्रवण लोहरा, निवासी मुंडाटोली हेसल बस्ती, गोंदलपोखर थाना अनगड़ा, रांची को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी कर चोरी के सामान बरामद किए।
करीब 23 लाख के जेवरात बरामद
पुलिस के अनुसार, निखिल नायक के घर से करीब 142.210 ग्राम सोने के जेवरात, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये, तथा 493.300 ग्राम चांदी के जेवरात, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये है, बरामद किए गए। इसके अलावा एक सफेद रंग का एक्सटेंशन लाइट (टॉर्च) भी बरामद हुई है।
घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए लाल रंग का टी-शर्ट, काला रंग का टी-शर्ट एवं भूरे रंग का चेकदार शर्ट भी पुलिस ने बरामद किया है। इन कपड़ों का मिलान सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्धों के कपड़ों से किया गया।
निखिल नायक का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी निखिल नायक का पूर्व से आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार उसके विरुद्ध अलग-अलग थानों में चोरी एवं अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
उसके खिलाफ दर्ज मामलों में—
- चुटिया थाना कांड संख्या 122/23, दिनांक 26.06.2023, धारा 341/323/325/34 भादवि।
- चुटिया थाना कांड संख्या 166/23, दिनांक 15.08.2023, धारा 394 भादवि।
- चुटिया थाना कांड संख्या 275/25, दिनांक 28.12.2025, धारा 303(2) बीएनएस।
- सुखदेवनगर थाना कांड संख्या 191/23, धारा 380/411/457 भादवि।
- रातू थाना कांड संख्या 236/25, दिनांक 26.06.2025, धारा 303(2)/317(5)/3(5) बीएनएस।
- नगरी थाना (दलादली टीओपी) कांड संख्या 01/26, दिनांक 01.01.2026, धारा 317(5)/3(5) बीएनएस शामिल हैं।
छापामारी दल में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
पूरे मामले के उद्भेदन एवं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित छापामारी दल में चुटिया थाना प्रभारी पुनम कुजूर, पुलिस अवर निरीक्षक जितेन्द्र मिश्रा, भवेश कुमार, नीरज कुमार महतो एवं मुकेश कुमार कुशवाहा, सहायक अवर निरीक्षक ब्रजेश कुमार तिवारी तथा चुटिया थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
रांची । झारखंड में विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका आभार जताया। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंगलवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित कांग्रेस के मंत्री एवं विधायक मुख्यमंत्री से मिले।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने 17 अगस्त 2026 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में छात्र हित में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लिए गए फैसले युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
TDPL परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का स्वागत
मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया। नेताओं का कहना था कि इन परीक्षाओं को लेकर प्रभावित विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के बीच भविष्य को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, सरकार के फैसले से उसे दूर करने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जनहित, छात्र हित और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विशेष कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को सरकार की संवेदनशीलता और विद्यार्थियों के प्रति जवाबदेही का उदाहरण बताया।
युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निर्णय लेती रही है और आगे भी विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाना भी है।
विकास और छात्र कल्याण के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, जनहित से जुड़े विषयों और छात्र कल्याण से संबंधित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार की ओर से युवाओं और विद्यार्थियों के लिए उठाए जा रहे कदमों पर अपनी बात रखी।
बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा लिए जा रहे जनहितकारी फैसलों को प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू करना आवश्यक है, ताकि इसका सीधा लाभ आम जनता, विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों तक पहुंच सके।
ये नेता रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक कल्पना सोरेन, रामेश्वर उरांव, प्रदीप यादव, कुमार जयमंगल, राजेश कच्छप, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी, भूषण बाड़ा और विधायक ममता देवी सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सिल्ली:-सिल्ली मुरी में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।अनवरत बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई है और कई इलाकों में जल जमाव की समस्या से आवागमन में परेशानियां हो रही है।बारिश के कारण व्यापार पर भी काफी असर पड़ा है।कई इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।कई घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोगों को काफी कठिनाइयां हो रही है।कई सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई है,जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से कई बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और व्यापार पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि हो रही बारिश से जहां गर्मी और उमस से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जल जमाव होने की समस्या खड़ी हो गई है।
सिल्ली -मुरी(संवाददाता)। सावन माह के अंतिम दिन सिल्ली -मुरी एवं आसपास के गांवों में मां मनसा की पूजा पारंपरिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा के साथ संपन्न हुई। नागों की अधिष्ठात्री देवी मानी जाने वाली मां मनसा की आराधना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया।ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई पूरी होने के बाद मां मनसा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। किसान अच्छी फसल, परिवार की सुख-समृद्धि तथा सर्पदंश से रक्षा की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। कई स्थानों पर परंपरा के अनुसार बकरे एवं बतख की बलि भी अर्पित की गई।पूजा के दौरान मक्का की खील, मिठाई, फूल, दूध, दही, मधु सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से मां मनसा का विधिवत पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने दिनभर व्रत रखकर शाम के समय सामूहिक रूप से तालाब में स्नान किया और पवित्र जल से भरा घट लेकर मंदिर एवं पूजा स्थल पहुंचे।सिल्ली -मुरी के अधिकांश घरों में तुलसी मंच के नीचे मां मनसा की पूजा की गई। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की। देर शाम तक पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
चतरा। जिले में वज्रपात की घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए विधानसभा में सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास द्वारा उठाई गई मांग पर सरकार ने सकारात्मक संज्ञान लिया है। चतरा जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों, प्रखंड मुख्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर उच्च क्षमता वाले तड़ित चालक (Lightning Arrester) लगाने की मांग विधानसभा में उठाई गई थी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि चतरा जिले के कुल 1,569 विद्यालयों में से 675 विद्यालयों में तड़ित चालक लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, शेष विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से तड़ित चालक लगाने का कार्य जारी है।
विधानसभा में यह मांग उठाने वाले विधायक ने कहा कि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से आमजनों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उनका प्रयास है कि चतरा जिले के प्रत्येक संवेदनशील और सार्वजनिक स्थान को सुरक्षित बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाना और उनके समाधान तक लगातार प्रयासरत रहना उनकी प्रतिबद्धता है। तड़ित चालक लगाए जाने से विद्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वज्रपात से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रांची। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा एवं रिजल्ट रद्द होने पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारे बच्चे कई दिनों से अपने हक और भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनकी पीड़ा और उनकी भावनाओं को देखते हुए लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक कदम पीछे हटने का निर्णय लिया है।
लगभग 6 घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से स्वीकार करते हुए JPSC-14, बैकलॉग 2023-25, JSSC-CGL और TDPL से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। साथ ही 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया गया है।
सरकार का एक कदम पीछे हटना कमजोरी नहीं, बल्कि अपने बच्चों की आवाज सुनने, उनकी पीड़ा समझने और उनके भविष्य को प्राथमिकता देने की ताकत है। हमारी सरकार के लिए सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे छात्र-युवाओं का भविष्य है।
इस पूरे मामले में जननायक एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने लगातार युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों की पीड़ा को देखते हुए राज्य सरकार को पत्र भी लिखा और उनके हक की आवाज को आगे बढ़ाया। वहीं झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब ने भी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैं इस छात्र हितैषी और ऐतिहासिक फैसले के लिए लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी, जननायक राहुल गांधी जी और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब को विशेष रूप से बधाई एवं आभार व्यक्त करता हूं।
यह सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों छात्र-युवाओं की मेहनत, उनके सपनों और उनके भविष्य का सम्मान है।
अब सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी। गठित समिति छात्रों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और प्रतिष्ठित संस्थानों के सुझाव लेकर ऐसी व्यवस्था तैयार करेगी, जिसमें पारदर्शिता हो, निष्पक्षता हो और मेहनत करने वाले हर बच्चे को उसके अधिकार का भरोसा हो।
हमारे बच्चे हमारा भविष्य हैं। उनकी आवाज सुनना हमारी जिम्मेदारी है और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारा संकल्प है।
बरहरवा। बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा में छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रहित से जुड़े मामलों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मुख्य रूप से यूजी सेमेस्टर-4 के अंकपत्र में त्रुटि सुधार, आंतरिक परीक्षाओं में प्रशासनिक अनियमितताओं को दूर करने, यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया शुरू करने तथा आगामी परीक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
NSUI ने बताया कि हाल ही में जारी यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023-27) के ऑनलाइन अंकपत्र में माइनर पेपर ‘Disaster Management (आपदा प्रबंधन)’ की आंतरिक परीक्षा में शामिल होकर परीक्षा देने वाले कई विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाया गया है। संगठन ने मामले की तत्काल जांच कर दो दिनों के भीतर आवश्यक संशोधन कराने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।
प्रतिनिधिमंडल ने आंतरिक परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार की मांग भी रखी। NSUI का कहना है कि कई बार परीक्षा नोटिस पर प्राचार्य या परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर एवं आधिकारिक मुहर नहीं होती। इसके अलावा मेजर और माइनर विषयों की परीक्षाएं एक ही समय निर्धारित कर दी जाती हैं तथा कई बार जारी नोटिस अचानक रद्द कर दिए जाते हैं। कुछ विभागों में केवल व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दिए जाने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। संगठन ने आंतरिक परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-4 का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यूजी सेमेस्टर-5 (सत्र 2023-27) की नामांकन प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की गई।
ज्ञापन में 19 अगस्त 2026 से शुरू होने वाली यूजी सेमेस्टर-2 (सत्र 2025-29) एवं एक्स-रेगुलर (सत्र 2022-26, 2023-27 एवं 2024-28) NEP परीक्षाओं को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
दूर-दराज से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की सुविधा के लिए गर्ल्स कॉमन रूम एवं बॉयज कॉमन रूम को उपयोग योग्य बनाने, वहां बैठने, पंखा, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।
प्राचार्य ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगें जायज हैं और महाविद्यालय प्रशासन इन्हें जल्द पूरा करने का प्रयास करेगा। आंतरिक परीक्षा में विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाए जाने के मामले में रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आंतरिक परीक्षाओं के नोटिस से संबंधित व्यवस्था को लेकर सभी शिक्षकों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया को लेकर महाविद्यालय प्रशासन कार्यरत है और अगले कुछ दिनों में नामांकन शुरू होने की उम्मीद है।
प्राचार्य ने बताया कि परीक्षा एवं कक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध है। यदि किसी प्रकार की परेशानी आती है तो उसे जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्ल्स कॉमन रूम की स्थिति ठीक है और साफ-सफाई के बाद उसका उपयोग किया जा सकता है, जबकि बॉयज कॉमन रूम के लिए विज्ञान भवन में एक कमरे की व्यवस्था की जाएगी।
NSUI कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा, “छात्रों की समस्याओं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों को दी जाने वाली सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। छात्रहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए NSUI लगातार आवाज उठाता रहेगा।”
मौके पर NSUI मीडिया प्रभारी अफजल शेख, NSUI सदस्य फैसल आलम, मुसलेउद्दीन, रबीउल इस्लाम, सरफराज नवाज, राशिद आलम सहित छात्र आमिर सोहेल, तन्नू कुमारी, सबिता कुमारी, सानिया रागिब एवं अन्य मौजूद रहे।
