सिल्ली: रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को सिल्ली प्रखंड में प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष कार्तिक चंद्र महतो की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में रांची लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी एवं कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगारी, रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस के प्रभारी रियाज अंसारी तथा जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।जिला अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होते हैं और उनकी मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व हमेशा कार्यकर्ताओं के हितों और सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करने, आम जनता से लगातार संवाद बनाए रखने और कांग्रेस की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी सक्रियता के साथ जुटने की अपील की गई।बैठक में सिल्ली विधानसभा कांग्रेस प्रभारी मदन कुमार, जिला ग्रामीण कांग्रेस उपाध्यक्ष नागेश्वर महतो, मनीराम दास, सैय्यद कमर आलम, मंजूर मोमिन, भगीरथ महतो, प्रकाश मुंडा, शमशेर आलम, मो. कलाम, श्रीप्रसाद बड़ाईक, देवाशीष दत्ता, गुहीराम महतो, विकास रजक, रुस्तम उरांव, कृष्णा यादव, श्यामेश्वर करमाली, भूतनाथ मंडल, शाकिरुद्दीन, मो. खलील, मोहताब अंसारी, दुर्गा यादव, शालिग्राम पांडेय, पिनाकी बनर्जी, बिंदेश्वर महतो, लालू कोइरी, सोमरा मांझी, घासीराम पातर, सदानंद सोनार, लखींद्र बड़ाईक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सिल्ली/मूरी :रांची जिले के मूरी ओपी क्षेत्र में सात माह पूर्व हुई युवक इंदल लोहरा की हत्या के मामले का सिल्ली पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए मृतक की पत्नी रूपा देवी और उसके प्रेमी ओम प्रकाश मांझी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दोनों ने मिलकर गला दबाकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को सिल्ली थाना क्षेत्र के असुरकोड़ा गांव निवासी रूपा देवी ने अपने पति इंदल लोहरा की मौत को शराब के नशे में गिरने से हुई दुर्घटना बताया था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद सिल्ली थाना में अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान मृतक की पत्नी रूपा देवी और उसके प्रेमी ओम प्रकाश मांझी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किया। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच टीम में शामिल पुलिस उपाधीक्षक सिल्ली मनीषचन्द्र लाल,पु०अ०नि० विकाश कुमार पासवान, प्रभारी मूरी ओपी, पु०अ०नि० मणिभूषण पासवान, मूरी ओपी स०अ०नि० बलेन्द्र कुमार, तकनीकी शाखा, रांची हवलदार विजयकान्त चौबे आरक्षी रंजीत कुमार आरक्षी विरेन्द्र सिंह, तकनीकी शाखा, रांची पुलिस ने बताया कि इस चर्चित हत्या कांड के खुलासे में तकनीकी शाखा एवं विशेष जांच दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रांची, 25 अगस्त। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुलिस व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में 100 नए विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने, मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस एवं पीजी सीटें बढ़ाने तथा राज्य के 606 पुलिस थानों में 9,006 CCTV कैमरे लगाने समेत कई अहम फैसले लिए गए।
100 और स्कूल बनेंगे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय
मंत्रिपरिषद ने आदर्श विद्यालय योजना के तहत पहले से संचालित 80 विद्यालयों के अतिरिक्त राज्य के 100 और विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दी। इसके लिए 721 करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
एमजीएम और एसएनएमएमसीएच में बढ़ेंगी मेडिकल सीटें
जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने तथा नए स्नातकोत्तर विषय शुरू करने और पीजी सीटों में वृद्धि के लिए करीब 393.91 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई।
वहीं, धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) के विस्तार के लिए करीब 495.03 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की राशि से मेडिकल कॉलेज एवं शिक्षण अस्पताल के व्यापक उन्नयन के लिए करीब 275.18 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी मिली है।
606 थानों में लगेंगे 9,006 CCTV कैमरे
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राज्य के 606 पुलिस थानों में कुल 9,006 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए 90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। योजना का उद्देश्य पुलिस थानों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
सरकारी डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु 67 से घटकर 65 वर्ष
कैबिनेट ने झारखंड स्वास्थ्य सेवा के गैर-शैक्षणिक चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने की स्वीकृति दी है।
इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक और विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए नियमावली-2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई।
सरकारी स्कूलों की छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन
राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को हर माह अधिकतम 10 ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए 124.38 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
बिजली गिरने और हीट वेव को लेकर बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने वज्रपात और ग्रीष्म लहर को गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदाओं की सूची में शामिल किए जाने के बाद इन्हें झारखंड की विशिष्ट स्थानीय आपदा की सूची से हटाने की स्वीकृति दी। साथ ही प्राकृतिक एवं विशिष्ट स्थानीय आपदाओं से जुड़े पुराने प्रावधानों में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।
शिक्षा क्षेत्र में कई अहम फैसले
मंत्रिपरिषद ने झारखंड छात्र अनुसंधान और नवाचार नीति-2026 के गठन को मंजूरी दी। वहीं, राज्य के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए ज्ञानोदय योजना के तहत Bilingual Parental Calendar और कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए Student Diary उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
इसके अलावा राज्य के पांच नवसृजित प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय स्थापित करने और भवन निर्माण के लिए करीब 49.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए अंशकालीन शिक्षकों से सेवा लेने की अवधि बढ़ाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
सड़क और पुल परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़क निर्माण, मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण की कई योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी। इनमें चाईबासा क्षेत्र की करीब 38.65 किलोमीटर सड़क के लिए 29.87 करोड़ रुपये, चतरा क्षेत्र की 24.80 किलोमीटर सड़क के लिए 25.53 करोड़ रुपये, मनोहरपुर क्षेत्र की 19.149 किलोमीटर सड़क के लिए करीब 114.01 करोड़ रुपये और रामगढ़ में बरलंगा-गोला-मुरी पथ के लिए करीब 56.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है।
गिरिडीह में बरगंडा चौक से कॉलेज मोड़ तक सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए भी करीब 30.46 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
तोपचांची झील के सौंदर्यीकरण को हरी झंडी
धनबाद की तोपचांची झील एवं आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए Public Private Partnership (PPP) के DBFOT मॉडल पर करीब 184.29 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई।
जेलों में बनेंगे Open/Semi Open Barrack
सुप्रीम कोर्ट के न्यायादेश के आलोक में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, दुमका केंद्रीय कारा, घाघीडीह केंद्रीय कारा जमशेदपुर और हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में Open/Semi Open Barrack स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।
ग्रामीण पुलों के रखरखाव के लिए नई नीति
ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत निर्मित पुलों के रखरखाव एवं अनुरक्षण के लिए झारखंड ग्रामीण पुल अनुरक्षण नीति-2025 को मंजूरी दी गई है।
रोजगार और प्रशासन से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना को झारखंड में लागू करने की स्वीकृति दी। वित्त विभाग के Project Monitoring Unit को मजबूत करने के लिए पूर्व में सृजित 37 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए संविदा/बाह्यस्रोत के आधार पर 76 नए पदों पर मानव बल की सेवा लेने की अनुमति दी गई।
12 संविदा कनिष्ठ अभियंताओं के नियमितीकरण को मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में कृषि अभियंत्रण से जुड़े पूर्व संविदा आधारित 12 कनिष्ठ अभियंताओं के सेवा नियमितीकरण को भी मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति दी।
जल जीवन मिशन और जलवायु कार्ययोजना पर भी निर्णय
जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय जल मिशन के तहत झारखंड के लिए State Specific Action Plan (SSAP) तैयार करने हेतु NIH रुड़की के साथ संशोधित MoU करने की मंजूरी दी गई। वहीं, जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र सरकार के साथ किए गए MoU को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने झारखंड न्यायालय शुल्क विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी देते हुए राज्य में Court Fees Act, 1870 को निरस्त करने की स्वीकृति दी। झारखंड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक-2026 को अधिनियमित करने की भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना में संशोधन, गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की मार्गदर्शिका में संशोधन, झारखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2024 से पहले जमा आवेदन शुल्क एवं Endowment Fund की राशि लौटाने तथा चतरा में NDPS Act के तहत गठित विशेष न्यायालय के लिए जिला न्यायाधीश स्तर के एक पद के सृजन को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों में विभिन्न विभागों में सेवा नियमितीकरण, पदोन्नति, लंबित वेतन एवं वित्तीय लाभ के भुगतान, भूमि हस्तांतरण और पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे।
साहिबगंज। जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश महासचिव सह साहिबगंज जिला प्रभारी डॉ. मन्नान संजय की अध्यक्षता में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कांफ्रेंस में जिला अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान, अनुकूल मिश्रा और बासुकी यादव समेत कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे।
प्रेस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों और हालिया फैसलों के विरोध में पार्टी का पक्ष रखना था। कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितता के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। डॉ. मन्नान संजय ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे से जुड़े मामले में केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जवाब नहीं मिलने पर कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन करेगी।
उन्होंने खान एवं खनिज से संबंधित विधेयक का भी विरोध किया। डॉ. संजय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नए प्रावधानों के जरिए झारखंड के खनिज और प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जमीन और यहां के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार राज्य के लोगों का है।
कांग्रेस नेता ने कहा, “धूल खाएं हम, जमीन जाए हमारी और माल केंद्र सरकार ले जाए, यह हम होने नहीं देंगे।” उन्होंने कहा कि झारखंड की संपदा की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करेगी।
डॉ. मन्नान संजय ने घोषणा की कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो 27 अगस्त को साहिबगंज स्टेशन चौक पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि संबंधित विधेयक को वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस चरणबद्ध और सिलसिलेवार आंदोलन करेगी।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जनसमर्थन जुटाने की बात कही।
धनबाद। जेएलकेएम प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो का बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार से कथित गाली-गलौज का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद धनबाद में पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच विवाद गहरा गया है। वायरल ऑडियो-वीडियो की onthespot24 पुष्टि नहीं करता है। बताया जा रहा है कि यह व्हाट्सऐप कॉल की रिकॉर्डिंग है, जिसे दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया।
मामले को लेकर बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार ने विधायक जयराम महतो समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। यह मामला इसी थाने में पहले से दर्ज एक प्राथमिकी में जोड़ा गया है, जिसमें पहले से 50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
थाना प्रभारी की शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त की रात करीब 8:09 बजे वह थाना परिसर में सरकारी कार्य कर रहे थे। इसी दौरान विधायक जयराम महतो का व्हाट्सऐप कॉल आया। आरोप है कि विधायक ने अपने समर्थक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने और उसकी गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जतायी। थाना प्रभारी द्वारा मामले की जानकारी देने का प्रयास किये जाने के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज की गयी।
शिकायत में विधायक पर वर्दी उतरवाने और सरकार बदलने के बाद देख लेने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही ऑफ ड्यूटी मिलने पर कार्रवाई करने की बात कहने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
एफआईआर में जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो, महेंद्र साव और त्रिपुरी पांडेय को नामजद किया गया है। इनके साथ 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
फर्जी प्रमाण पत्र के आरोप से शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र तैयार करने के आरोप में जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लिये जाने के बाद शुरू हुआ। इसके बाद शुक्रवार की रात बरवाअड्डा थाने में पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी और झड़प की भी बात सामने आयी।
पुलिस मेंस एसोसिएशन ने जताया आक्रोश
मामले को लेकर धनबाद पुलिस मेंस एसोसिएशन भी बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के समर्थन में सामने आया है। एसोसिएशन ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन की ओर से यह भी कहा गया कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो धनबाद में पुलिसकर्मी काम नहीं करेंगे।
एसोसिएशन का कहना है कि पुलिसकर्मी माननीयों की सुरक्षा में बॉडीगार्ड के रूप में तैनात रहते हैं, लेकिन जब वे किसी गलत कार्य का समर्थन नहीं करते हैं तो उन्हें ही अपशब्द सुनने पड़ते हैं।
साहिबगंज। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि लोग घबराएं नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों को बाढ़ की आशंका से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करने की सलाह दी गई है। जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, टॉर्च, पीने का पानी, सूखा भोजन और अन्य आवश्यक सामान सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर रखने को कहा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ऊंचे स्थान पर रखें
प्रशासन ने सलाह दी है कि बाढ़ की आशंका होने पर फ्रिज, वाटर पंप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बिजली के पैनल को ऊंचे स्थान पर रखा जाए। घर की नालियों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए मोटी जाली या सीवर ट्रैप लगाने की भी सलाह दी गई है।
लोगों से अपने अंचल और प्रखंड के अधिकारियों से संपर्क कर बांध, तटबंध और फ्लड वाल आदि की जानकारी पहले से रखने को कहा गया है। बेसमेंट में पानी के रिसाव को रोकने के लिए उसे वाटरप्रूफ कम्पाउंड से सुरक्षित करने की सलाह भी दी गई है।
अचानक आ सकती है बाढ़, सुरक्षित स्थान पर जाएं
प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति में रेडियो, टीवी और प्रशासनिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर लगातार ध्यान दें। अचानक बाढ़ आने की स्थिति में किसी निर्देश की प्रतीक्षा किए बिना ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
नदी, नाले, घाट और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की गई है। करीब छह इंच या उससे अधिक बहते पानी में पैदल चलने से बचने की सलाह दी गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वाहन नहीं चलाने और वाहन पानी में फंसने पर सुरक्षित अवसर मिलते ही उसे छोड़कर ऊंचे स्थान पर जाने को कहा गया है।
बिजली के उपकरणों से रहें दूर
बाढ़ के पानी में बिजली के उपकरणों को नहीं छूने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति गीला है या पानी में खड़ा है, तो उसे विद्युत उपकरणों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
मछुआरों और नाविकों से विशेष अपील
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने मछुआरों और छोटी नावों के नाविकों से नदी से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नदी, घाट और तेज जलधारा वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “बाढ़ से डरें नहीं, तैयार रहें—सुरक्षित रहें।” साथ ही लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
बाढ़ की स्थिति में संपर्क करें
साहिबगंज जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर:
9006963963, 9631155933, 9065370630
06436-356485, 06436-222101, 06436-222202
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की पहली बैठक हुई। बैठक में राज्य की आर्द्रभूमियों के संरक्षण, सीमांकन, दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेटलैंड राज्य की जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण को सरकार प्राथमिकता दे रही है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इसरो से प्राप्त एटलस के आधार पर झारखंड में 2119 संभावित वेटलैंड की सूची मिली है। अब जिला स्तरीय आर्द्रभूमि समितियों के माध्यम से इन स्थलों का भौतिक एवं तथ्यात्मक सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद चिन्हित वेटलैंड का सीमांकन और नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राज्य की सभी आर्द्रभूमियों की पहचान, गहन अध्ययन और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने वेटलैंड की सूची नियमित रूप से अपडेट करने तथा उनका व्यापक डेटाबेस तैयार कर संधारित करने को कहा।
अतिक्रमण और अनियमित गतिविधियों पर रहेगी नजर
बैठक में तय किया गया कि संभावित वेटलैंड के सत्यापन के दौरान आर्द्रभूमि नियमों के अनुपालन, अतिक्रमण की स्थिति और वहां संचालित गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। जिला स्तरीय समितियां अपनी रिपोर्ट राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण को देंगी। इसके आधार पर राज्य स्तरीय समिति वेटलैंड की पहचान और सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक महत्वपूर्ण वेटलैंड के लिए उसकी आवश्यकता के अनुसार मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। इसमें जल स्रोत, आसपास की गतिविधियों, वर्तमान स्थिति और समय के साथ हुए बदलावों का व्यवस्थित रिकॉर्ड शामिल किया जाएगा।
जल संकट से निपटने में अहम भूमिका
बैठक में कहा गया कि प्राकृतिक जल निकायों और आर्द्रभूमियों का संरक्षण राज्य के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ जल संकट से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए वेटलैंड के संरक्षण के लिए उपलब्ध आंकड़ों और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर प्रभावी प्रबंधन योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
प्राधिकरण के संचालन को लेकर भी चर्चा
बैठक में झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के प्रभावी संचालन से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। टेंडर एवं प्रोक्योरमेंट दस्तावेजों की स्क्रीनिंग और टेंडर अनुमोदन के लिए समिति गठित करने, तकनीकी समिति बनाने तथा जनता से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई कर अनुशंसा के साथ मामलों को प्राधिकरण के समक्ष भेजने के लिए समिति गठन पर चर्चा हुई।
इसके अलावा प्राधिकरण के कार्यालय संचालन के लिए आवश्यक राशि, पर्याप्त बजट और मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा आर्द्रभूमि संरक्षण एवं प्रबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-वन बल प्रमुख संजीव कुमार, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी., राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची। झारखंड के उन मासूम बच्चों के लिए सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उनके माता-पिता महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार की पहल पर आज ऐसे 20 बच्चों को निःशुल्क हृदय ऑपरेशन एवं समुचित इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना किया गया।
बच्चों को रवाना करते समय कई गरीब परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को दिल से आशीर्वाद देते हुए कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण वे अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगाई है। परिजनों ने भावुक होकर कहा, “मंत्री हो तो डॉ. इरफान अंसारी जैसा, जिन्हें गरीब की पीड़ा का एहसास है।”
“हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा” — भावुक हुए परिजन
इस अवसर पर बच्चों के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भावुक होकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे और हम सभी गरीब परिवार से हैं। 4 से 5 लाख रुपये का खर्च हमारे लिए जुटाना संभव नहीं था। आपके इस सराहनीय प्रयास से हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार, पूरा खानदान आपको और आपकी सरकार को दिल से बधाई और आशीर्वाद दे रहा है।”
परिजनों ने आगे कहा, “सरकार ने हमारे बच्चों को मुफ्त में कोच्चि ले जाने और वापस लाने, इलाज, ऑपरेशन, जांच, दवा, रहने और खाने तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चों का इतना महंगा इलाज बिना किसी खर्च के हो पाएगा। आपने हमारी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार आपके और झारखंड सरकार के हमेशा ऋणी रहेंगे।”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “जब से मैंने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली है, मेरा प्रयास रहा है कि झारखंड के किसी भी गरीब बच्चे को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े। दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के माता-पिता को दूसरे राज्यों में जाकर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब झारखंड सरकार ऐसे बच्चों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क कराएगी।”
उन्होंने बताया कि कोच्चि के अमृता अस्पताल के साथ स्वास्थ्य विभाग का सहयोग स्थापित हुआ है। इसके तहत लगभग 100 बच्चों को उपचार के लिए भेजने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में आज 20 बच्चों को इलाज के लिए कोच्चि भेजा गया है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पहले ऐसे बच्चों के हृदय ऑपरेशन में लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद मुश्किल था। अब झारखंड सरकार की पहल से पात्र बच्चों का ऑपरेशन, जांच, दवा, रहने-खाने सहित उपचार की आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है। आज जब बच्चों के माता-पिता ने मुझे दिल से दुआ दी, तो यह मेरे लिए किसी सम्मान से कम नहीं है।”
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इससे पूर्व भी विभाग के प्रयास से 75 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया जा चुका है। आज 20 और बच्चों को उपचार के लिए रवाना किया गया है।
उन्होंने राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके क्षेत्र में यदि कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं। सरकार उनका निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन सुनिश्चित करेगी।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “मेरा उद्देश्य है कि झारखंड के किसी भी गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद बच्चे को इलाज के अभाव में अपनी जिंदगी से समझौता न करना पड़े। हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और नया जीवन देना हमारी प्राथमिकता है।”
निःशुल्क मिलेंगी ये सुविधाएं
- हृदय की जांच एवं आवश्यक परीक्षण
- ऑपरेशन की पूरी सुविधा
- आवश्यक दवाएं
- अस्पताल में रहने एवं भोजन की सुविधा
- बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए आवश्यक यात्रा सुविधा
- कोच्चि आने-जाने की यात्रा व्यवस्था
- ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप एवं घर वापसी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
यह पूरी प्रक्रिया आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम के सहयोग से की जा रही है, ताकि बच्चों की पहचान से लेकर उपचार, ऑपरेशन और घर वापसी तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे विभाग ने भी की स्वास्थ्य विभाग की पहल की सराहना
बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन से कोच्चि रवाना करने के दौरान रेलवे विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को नया जीवन देने के लिए किया जा रहा यह कार्य वास्तव में अनोखा और सराहनीय है।
रेलवे कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को इस पहल के लिए दिल से साधुवाद दिया। बच्चों की यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में रेलवे विभाग की ओर से भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
इस अवसर पर एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों को उपहार देकर उन्हें कोच्चि के लिए रवाना किया।
रांची। समाहरणालय रांची में आयोजित जनता दरबार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में पैर से दिव्यांग कार्तिक खलखो ने आवागमन में हो रही परेशानी और परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की। उनकी स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल की चाबी सौंपी। ट्राईसाइकिल मिलने के बाद कार्तिक के चेहरे पर खुशी और उम्मीद साफ नजर आई। साथ ही दिव्यांगता पेंशन के लिए उनका आवेदन भी लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि दिव्यांगजनों की सुविधा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशासन जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है।
राशन कार्ड रद्द नहीं करने का निर्देश
रातू प्रखंड के बानीपीड़ी निवासी एक दिव्यांग ने पीला राशन कार्ड रद्द किए जाने की आशंका को लेकर जनता दरबार में शिकायत की। मामले की जानकारी मिलते ही उपायुक्त ने जिला आपूर्ति कार्यालय के संबंधित कर्मी को बुलाकर जानकारी ली और राशन कार्ड डिलीट नहीं करने का निर्देश दिया। उन्होंने पात्र लाभुकों को खाद्यान्न और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने को कहा।
चिकित्सकीय लापरवाही की होगी जांच
अनगड़ा प्रखंड की निर्मला इंदवार ने अपनी बहन की इलाज के दौरान हुई मौत को चिकित्सकीय लापरवाही बताते हुए कार्रवाई और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उन्होंने रांची के डंगराटोली स्थित आईवीएफ टेस्ट ट्यूब सेंटर में इलाज के दौरान आवश्यक दवाइयां एवं इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया। साथ ही केसी राय मेमोरियल अस्पताल में रक्त एवं प्लाज्मा के समुचित उपयोग नहीं किए जाने की शिकायत की।
उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन, रांची को पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आवेदिका को अपनी शिकायत वरीय पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी रखने को कहा गया।
सेवानिवृत्त आपूर्ति निरीक्षक की पेंशन का होगा पुनरीक्षण
नामकुम प्रखंड से आपूर्ति निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त बसंत कुमार साहू ने सातवें वेतन आयोग के अनुरूप पेंशन पुनरीक्षण का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में आवेदन देने के बावजूद अब तक मामले का निष्पादन नहीं हुआ है। उपायुक्त ने संबंधित लिपिक से आवेदन लंबित रहने का कारण पूछा और पेंशन पुनरीक्षण का कार्य यथाशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
जमीन और बीएसएनएल टावर से जुड़े मामले भी पहुंचे
बुंडू के जिला परिषद सदस्य ने अपनी खतियानी जमीन पर बीएसएनएल द्वारा अवैध रूप से टावर लगाए जाने की शिकायत की। उपायुक्त ने बीएसएनएल के संबंधित पदाधिकारी से पत्राचार कर मामले का निष्पादन करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में पंजी-2 में सुधार, दोहरी जमाबंदी रद्द करने, लंबित दाखिल-खारिज, जमीन पर अवैध कब्जा और भू-माफियाओं द्वारा भूमि कब्जाने सहित राजस्व एवं भूमि से जुड़े कई मामले भी सामने आए। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को मामलों की जांच कर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आम लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवेदक को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
सिल्ली। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार तथा अपर समाहर्ता सह निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी राम नारायण सिंह के मार्गदर्शन में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत सिल्ली अंचल कार्यालय में दावा-आपत्ति निराकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है।
अभियान के अंतर्गत दावा-आपत्ति से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 150 नागरिकों को नोटिस तामिल किया गया। नोटिस के आलोक में संबंधित नागरिक अपने दस्तावेजों के साथ सिल्ली अंचलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उनके अभिलेखों की सुनवाई की गई।
दावा-आपत्ति के निष्पादन के लिए प्रखंड कार्यालय में छह काउंटर बनाए गए थे। इन काउंटरों पर मतदाता सूची के साथ नागरिकों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का मिलान कर उनकी सुनवाई की गई।श्रम अधीक्षक एतवारी महतो एवं सिल्ली अंचलाधिकारी अरुणिमा एक्का ने बताया कि दावा-आपत्ति निराकरण से संबंधित जनसुनवाई 24 अगस्त से 14 अक्टूबर तक चलेगी। इसका उद्देश्य योग्य मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना तथा किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से अनावश्यक रूप से हटने से रोकना है।अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे सभी आवश्यक एवं समुचित दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखें, ताकि पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रह सके।
