कोलकाता। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के नेतृत्व में, विभिन्न मंडलों और कारखानों में मेगा द्वितीय चरण के 'स्वच्छता जागरूकता अभियान' की शुरुआत की गई है। इस नए चरण में "30 मिनट के भीतर सफाई की गारंटी" (Cleaning Guarantee Within 30 Minutes) नामक एक क्रांतिकारी यात्री-केंद्रित पहल की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता संबंधी शिकायतों का तेजी से निवारण करना और पूरे जोन में स्वच्छता के मानकों को महत्वपूर्ण रूप से उन्नत करना है। इस अभियान की शुरुआत वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों, मुख्य कारखाना प्रबंधकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर जमीनी जागरूकता गतिविधियों के साथ एक साथ हुई। आसनसोल मंडल में, आसनसोल और दुर्गापुर स्टेशनों पर इस पहल का उद्घाटन मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री संग्रह मौर्य द्वारा किया गया, जिन्होंने यात्रियों के डिजिटल सुझावों के लिए एक अनूठी क्यूआर-कोड (QR-code) फीडबैक प्रणाली भी पेश की। इसी तरह का एक अभियान मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री यतीश कुमार के नेतृत्व में लिलुआ स्टेशन पर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस), मान्यता प्राप्त यूनियनों और खेल संघों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, कांचरापाड़ा स्टेशन पर मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री सुभाष चंद्र और कांचरापाड़ा कारखाने के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
16 मई से 30 मई, 2026 तक चलने वाला यह अभियान "स्पॉट इट, रिपोर्ट इट, वी आर ऑन इट" (Spot It, Report It, We Are On It - गंदगी देखें, रिपोर्ट करें, हम मुस्तैद हैं) के मूल विषय (थीम) के तहत संचालित हो रहा है। यह पहल यात्रियों को स्टेशन की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भागीदार बनने के लिए सशक्त बनाती है। यदि किसी यात्री को स्टेशन परिसर में कोई अस्वच्छ क्षेत्र दिखाई देता है, तो वे रेलमदद (RailMadad) ऐप पर एक तस्वीर अपलोड करके या हैशटैग #ERChallenge का उपयोग करके सोशल मीडिया पर रेलवे हैंडल को टैग करके तुरंत इसकी रिपोर्ट कर सकते हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने पर, रेलवे की समर्पित सफाई टीमें समस्या का समाधान करने और परिचालन व्यवहार्यता के अधीन, 30 मिनट के भीतर उस स्थान को साफ करने के लिए तत्पर हो जाएंगी।
इस अभियान में व्यापक सामुदायिक और युवा भागीदारी देखी गई है, जिसमें भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 120 से अधिक स्वयंसेवकों ने आसनसोल, लिलुआ और कांचरापाड़ा में यात्रियों को सक्रिय रूप से जागरूक किया। आसनसोल में, स्काउट्स ने एक प्रभावशाली 'नुक्कड़ नाटक' प्रस्तुत किया और यात्रियों को कचरे के उचित निपटान, थूकने की रोकथाम और बायो-टॉयलेट के जिम्मेदार उपयोग के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए सीधे संपर्क अभियान चलाया। पूर्व रेलवे ने इस बात पर जोर दिया कि पटरियों और प्लेटफार्मों को स्वच्छ रखना एक साझा जिम्मेदारी है और सभी रेल उपयोगकर्ताओं से कूड़ा-कचरा न फैलाने और लगातार डस्टबिन का उपयोग करने की अपील की है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिबराम माझी ने कहा कि जहां पहले चरण ने कॉलोनियों और ट्रेनों में जागरूकता का एक मजबूत आधार स्थापित किया, वहीं यह दूसरा चरण पूरी तरह से त्वरित जवाबदेही की ओर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रेलमदद और सोशल मीडिया जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर, रेलवे स्वच्छता के मुद्दों का वास्तविक समय (रियल-टाइम) में समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने अंत में कहा कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी है, और जनता के सक्रिय सहयोग से पूर्व रेलवे सभी के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक सुखद यात्रा वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रांची। यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है। खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।
पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।
मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।
दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं। पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
लातेहार। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत दूरस्थ एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है । सीसीएल की बहुप्रशंसित स्वास्थ्य पहल “उपचार आपके द्वार” के अंतर्गत चौथे मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) का शुभारंभ आज सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन ) हर्ष नाथ मिश्र द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (CSR) सिद्धार्थ शंकर लाल सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह पहल सीसीएल की उस सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण था, जिसके माध्यम से कंपनी खनन क्षेत्रों के आसपास बसे ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्षों से सीसीएल अपने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम के माध्यम से दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक लोगों को उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराता रहा है। इसी सेवा भाव को और व्यापक स्वरूप देते हुए “उपचार आपके द्वार” योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचाया जा रहा है।
इससे पूर्व सीसीएल द्वारा आम्रपाली-चन्द्रगुप्त परियोजना के आसपास चतरा एवं लातेहार जिले के 33 गांवों में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट तथा हजारीबाग क्षेत्र अंतर्गत कोटरे-बसंतपुर परियोजना के 20 गांवों में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इन पहलों को ग्रामीणों से मिले सकारात्मक सहयोग और प्रभावशाली परिणामों ने इस अभियान को और विस्तारित करने की प्रेरणा दी है।
नव उद्घाटित चौथा मोबाइल मेडिकल यूनिट सीसीएल के मगध-संघमित्रा क्षेत्र अंतर्गत लातेहार जिले के बारीयातु एवं बालूमाथ प्रखंड के 23 गांवों में आगामी दो वर्षों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इस परियोजना से लगभग 37,000 ग्रामीण प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे, जिनमें परियोजना प्रभावित परिवार भी शामिल हैं। खनन परियोजना के समीप स्थित गणेशपुर पंचायत के आरा-चमातू तथा अमरवाडीह पंचायत के फुलबसिया, बनलात एवं बनवार जैसे गांव भी इस पहल के दायरे में आएंगे।
यह मोबाइल मेडिकल यूनिट आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें सामान्य ओपीडी सेवा, निःशुल्क दवा वितरण, मधुमेह जांच, CBC एवं सामान्य रक्त जांच, टीबी जांच हेतु RT-PCR सुविधा, AI आधारित पोर्टेबल एक्स-रे तथा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्कैनर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डॉक्टर, नर्स एवं कम्युनिटी मोबिलाइजर की टीम के साथ यह यूनिट सप्ताह में छह दिन विभिन्न गांवों का रोटेशन के आधार पर भ्रमण करेगी, ताकि ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उनके निकट उपलब्ध हो सकें।
सीसीएल की यह पहल केवल उपचार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान सुनिश्चित करना तथा “टीबी मुक्त भारत” जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत सहयोग प्रदान करना भी है। आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय से यह पहल उन क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का माध्यम बन रही है, जहां अब तक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित रही है।
सीसीएल अपने CSR प्रयासों के माध्यम से सदैव समावेशी विकास, समुदाय कल्याण एवं हितधारकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। “उपचार आपके द्वार” जैसी पहलें इस प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं तथा यह दर्शाती हैं कि सीसीएल केवल ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
रांची । सीसीएल मुख्यालय, रांची द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं खेल प्रतिभा के संवर्धन हेतु ग्रीष्मकालीन क्रिकेट एवं वॉलीबॉल प्रशिक्षण शिविर 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर दिनांक 18 मई 2026 से 31 मई 2026 तक प्रातः 6:00 बजे से 8:30 बजे तक गांधी नगर क्रीड़ागन, सीसीएल, रांची में आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में कुल 253 बच्चे उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
शिविर का उद्घाटन आज दिनांक 18 मई 2026 को प्रातः 6:00 बजे डी. देवी प्रसाद, महाप्रबंधक (वित्त), सीसीएल के करकमलों द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में श्री प्रसाद ने उपस्थित बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए खेलों में सक्रिय भागीदारी हेतु उत्साहपूर्वक प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्री प्रसाद ने कल्याण विभाग द्वारा शिविर के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं टीम भावना का विकास करते हैं, जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता की आधारशिला होते हैं। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण शिविर का पूरा लाभ उठाएं तथा खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का संकल्प लें।
उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण शिविर में बच्चों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। वॉलीबॉल प्रशिक्षण श्री निशिकांत पाठक, श्री संजय ठाकुर एवं श्री सतीश कुमार द्वारा दिया जा रहा है, जबकि क्रिकेट प्रशिक्षण श्री जीशान खान, श्री धनंजय सेंद्रिय एवं श्री लालन सिंह द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इन अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में बच्चों को तकनीकी दक्षता एवं खेल कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिविर के सुचारु एवं सफल आयोजन में श्री मोहित राज मिंज, श्री रवि शंकर मंडल एवं श्री राकेश कुमार पाठक सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। वे शिविर से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन एवं सफल आयोजन सुनिश्चित करने हेतु विशेष समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।
इस ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में इस वर्ष भारी उत्साह देखने को मिला है। शिविर में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं ने पंजीकरण कराया है, जो सीसीएल परिवार के बच्चों में खेलों के प्रति बढ़ती अभिरुचि को प्रदर्शित करता है।प्रतिभागियों के विवरण के अनुसार क्रिकेट में कुल 102 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 20 बालिकाएं और 82 बालक शामिल हैं। वॉलीबॉल में कुल 151 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 72 बालिकाएं और 79 बालक शामिल हैं। इस प्रकार दोनों खेलों में कुल 253 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 92 बालिकाएं और 161 बालक रहे।
सीसीएल का कल्याण विभाग प्रत्येक वर्ष इस प्रकार के ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करता है, जिसका उद्देश्य सीसीएल परिवार के बच्चों को ग्रीष्मावकाश में संगठित, अनुशासित एवं खेल-आधारित गतिविधियों से जोड़ना है। इस पहल से न केवल बच्चों की खेल प्रतिभा निखरती है, अपितु उनमें सामूहिक सहयोग, अनुशासन एवं नेतृत्व के गुणों का भी विकास होता है। सीसीएल इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से अपने कार्मिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।
साहिबगंज: चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी ने साहिबगंज जेल गेट पर अपने साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। 14 महीने बाद जेल से बाहर आने के बाद बीते शुक्रवार को अरशद अपना जमा पैसा, मुलाकाती सामान, मेडिकल रिपोर्ट और बंदी आवेदन पत्र की कॉपी लेने संबंधी जानकारी के लिए जेल अधीक्षक परमेश्वर भगत के सरकारी आवास पहुंचे।
अरशद के अनुसार, अधीक्षक ने उन्हें कार्यालय में मुलाकात करने को कहा। इसके बाद जब वे जेल गेट के अंदर प्रवेश कर अधीक्षक से मिलने जा रहे थे, तभी वहां तैनात चार-पांच जेल कर्मियों ने उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया और यह कहते हुए बाहर भगा दिया कि अधीक्षक के आदेश पर उन्हें जेल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अरशद ने आरोप लगाया कि एक जेल कर्मी मारपीट के लिए भी आगे बढ़ा।
घटना के बाद अरशद ने इसकी मौखिक शिकायत डालसा सचिव , एसडीजेएम , उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक से की। अरशद का कहना है कि सभी अधिकारियों ने उन्हें लिखित शिकायत देने और विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अरशद ने कहा कि 14 महीने जेल में रहने के दौरान उन्होंने जेल के भीतर कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसी कारण साहिबगंज और मधुपुर जेल प्रशासन द्वारा उनके साथ कई बार उत्पीड़न और शोषण किया गया। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने आरटीआई के तहत जेल आईजी झारखंड से 94 बिंदुओं पर सूचना मांगी है, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
अरशद ने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ और न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष बिना किसी डर और दबाव के लगातार जारी रहेगा।
साहेबगंज। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे द्वारा नगर क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न पर्यटन, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सार्वजनिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं एवं सौंदर्यीकरण योजनाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के क्रम में वेस्ट टू वंडर पार्क, गंगा विहार पार्क, मास्टर सोबरन मांझी अनुमंडलीय पुस्तकालय, टाउन हॉल, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर एवं महिला छात्रावास, बिरसा मुंडा घाट, मुक्तेश्वर घाट एवं नमामि गंगे घाट का जायजा लिया गया तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले के सार्वजनिक, शैक्षणिक एवं पर्यटन स्थलों का समुचित विकास न केवल नागरिकों एवं विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि साहिबगंज को एक आकर्षक एवं व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं जनहित के अनुरूप पूर्ण करने का निर्देश दिया।
वेस्ट टू वंडर पार्क को बनाया जाएगा प्रमुख आकर्षण केंद्र
निरीक्षण के क्रम में सर्वप्रथम वेस्ट टू वंडर पार्क का अवलोकन किया गया। उपायुक्त ने पार्क में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इस स्थल को जिले के प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने पार्क में आकर्षक लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, वॉकवे, बच्चों के खेल क्षेत्र, सांस्कृतिक मंच, कैफेटेरिया एवं सेल्फी प्वाइंट को व्यवस्थित रूप से विकसित करने को कहा।
उन्होंने विशेष रूप से झारखंड की जनजातीय संस्कृति, स्थानीय विरासत एवं पारंपरिक कलाओं को कलात्मक रूप से प्रदर्शित करने पर बल दिया, ताकि यह पार्क स्थानीय पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन सके। उपायुक्त ने 15 अगस्त तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
गंगा विहार पार्क के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण पर जोर
इसके उपरांत उपायुक्त ने गंगा विहार पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्क की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसके समग्र पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा समुचित रखरखाव के अभाव में पार्क परिसर में झाड़ियां एवं बड़े-बड़े घास उग जाने से आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं परिवारों, की आवाजाही प्रभावित हुई है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पार्क परिसर की नियमित साफ-सफाई, घास कटाई एवं झाड़ियों की सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान पार्क में लगे कई झूलों एवं खेल उपकरणों में जंग लगने, कई स्थानों पर प्लास्टिक सामग्री टूटने तथा लोहे के ढांचों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति की समीक्षा की गई। इस पर उपायुक्त ने कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज को निर्देश दिया कि सभी झूलों एवं बच्चों के खेल उपकरणों की मरम्मत, पेंटिंग एवं आवश्यक रखरखाव कार्य शीघ्र कराया जाए, ताकि कम लागत में पार्क को पुनः सुचारू एवं उपयोगी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पार्क की आधारभूत संरचना अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में है तथा व्यवस्थित अनुरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के माध्यम से इसे पुनः जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में विकसित किया जा सकता है। उपायुक्त ने पार्क परिसर में सजावटी पौधारोपण, प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने, बैठने की सुविधाओं को बेहतर बनाने एवं नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पार्क के नियमित अनुरक्षण हेतु आउटसोर्सिंग के माध्यम से अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं पार्क को राजस्व-सक्षम मॉडल के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।
पुस्तकालय एवं टाउन हॉल में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश
मास्टर सोबरन मांझी अनुमंडलीय पुस्तकालय एवं टाउन हॉल निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पुस्तकालय भवन के ऊपरी तल पर जल रिसाव की समस्या को देखते हुए मरम्मत कार्य कराने, नए शौचालय निर्माण तथा विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त केबिन आधारित अध्ययन व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को शांत एवं एकाग्र अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने हेतु केबिन लाइब्रेरी की व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें व्यक्तिगत अध्ययन केबिन, लैपटॉप एवं मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, रीडिंग लैंप तथा वातानुकूलित सुविधा उपलब्ध हो।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पुस्तकालय में उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु जरूरी पुस्तकों की जानकारी ली तथा आवश्यक पुस्तकें एवं सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा एवं जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष से भी पुस्तकालय की आवश्यकताओं एवं विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
टाउन हॉल निरीक्षण के दौरान भवन की मरम्मत, सीपेज समस्या के समाधान, शौचालयों के नवीनीकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के उन्नयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही टाउन हॉल परिसर के पीछे चार कक्षों वाले अतिरिक्त भवन निर्माण की संभावनाओं पर विचार करते हुए संबंधित अभियंताओं को आवश्यक प्रस्ताव यथाशीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया। नगर परिषद को टाउन हॉल के बेहतर रख-रखाव एवं सौंदर्यीकरण हेतु कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का किया निरीक्षण
इसके पश्चात उपायुक्त ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, आधुनिक प्रयोगशाला की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं हेतु बेहतर बैठने की सुविधा तथा खेल मैदान के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने विद्यालय परिसर से संबंधित भूमि, प्रवेश द्वार एवं बाउंड्री से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु अंचल पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालय परिसर में अवैध अतिक्रमण की संभावना को रोकने तथा उपलब्ध भूमि का उपयोग शैक्षणिक एवं छात्र हित से जुड़े कार्यों के लिए सुनिश्चित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में उपलब्ध पुराने बेंच-डेस्क एवं अन्य फर्नीचर की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि उपयोग योग्य पुराने संसाधनों की मरम्मत कर उन्हें पुनः उपयोग में लाया जाए, ताकि कम लागत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
## *घाटों के विकास, स्वच्छता एवं सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर*
इसके बाद उपायुक्त ने भगवन बिरसा मुंडा घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन घाट, चेंजिंग रूम एवं अन्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए फिसलन-रोधी टाइल्स लगाने, प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने, पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने तथा शौचालय एवं स्नानागार निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में घाट को गंगा आरती एवं धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी विकसित किया जा सकता है, जिससे पर्यटन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुक्तेश्वर घाट एवं नमामि गंगे घाट निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने घाटों की स्वच्छता, सीवेज प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था एवं समुचित रखरखाव पर विशेष बल दिया। उन्होंने नमामि गंगे घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती को और अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने तथा घाटों के सौंदर्यीकरण एवं आगंतुकों के लिए सुविधाओं के विस्तार को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही लंबित विकास योजनाओं से संबंधित डीपीआर एवं प्रस्तावों को शीघ्र अग्रसारित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज अभिषेक सिंह, जिला परियोजना पदाधिकारी नमामि गंगे अमित कुमार मिश्रा, सहायक अभियंता दिवाकर मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष एवं स्पेशल डिवीजन के कनीय अभियंता रामाशंकर सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे।
रांची । पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कटहल मोड़ निवासी छड़-सिमेंट व्यवसायी राधेश्याम साहु पर 20 लाख रुपये की सुपारी लेकर जानलेवा हमला कराने और चर्चित अनिल टाइगर हत्याकांड के मुख्य सरगना अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
मामला नगड़ी थाना कांड संख्या 160/25 से जुड़ा है। 15 अक्टूबर 2025 को कटहल मोड़ स्थित सांभवी इंटरप्राइजेज के मालिक राधेश्याम साहु पर दुकान के पास अंधाधुंध फायरिंग की गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद एसएसपी रांची के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही दो शूटरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड अभिषेक सिन्हा फरार था। गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने कोलकाता में छापेमारी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 20 लाख रुपये की सुपारी लेकर राधेश्याम साहु पर हमला कराया था।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अभिषेक सिन्हा अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड का भी मुख्य साजिशकर्ता है। कांके चौक स्थित एक होटल के पास 26 मार्च 2025 को अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस पहले ही छह आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
अनुसंधान में सामने आया कि जमीन विवाद को लेकर देवव्रत नाथ शाहदेव ने अभिषेक सिन्हा के साथ मिलकर अनिल टाइगर की हत्या की साजिश रांची और कोलकाता में रची थी। हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, जिसकी कुछ राशि बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपी के खाते में भेजी गई थी।
गिरफ्तार अभिषेक कुमार सिन्हा का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रांची, बोकारो और हजारीबाग समेत कई जिलों में हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और हत्या की साजिश जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
रांची पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
रांची। झारखंड में पेसा नियमावली 2025 के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को माझी परगना महल, पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावाँ के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से उनके रांची स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और इसके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार आदिवासी समाज की परंपराओं, अधिकारों और स्वशासन की भावना के सम्मान के साथ पेसा नियमावली को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत करने और जनजातीय समुदाय को उनके अधिकारों के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कृतसंकल्पित है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग ग्राम सभा और समाज के स्तर से मिलने वाले सभी तर्कपूर्ण एवं नियमानुकूल सुझावों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि स्वशासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभाग हर सकारात्मक सुझाव पर विचार करने को तैयार है।
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में मांग रखी कि ग्राम सभा के गठन, सत्यापन, सीमांकन और प्रकाशन की प्रक्रिया में परगना बाबा, मानकी बाबा, हातु मुंडा एवं माझी बाबा जैसे पारंपरिक आदिवासी स्वशासन प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जनविश्वास के अनुरूप हो।
साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि पेसा नियमावली के प्रावधानों के अनुसार पारंपरिक ग्राम सभा की अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति समुदाय के योग्य व्यक्ति द्वारा की जाए तथा स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण देकर पारंपरिक नेतृत्व को ग्राम सभा संचालन के लिए सक्षम बनाया जाए।
बैठक में दुर्गा चरण मुर्मू, नवीन मुर्मू, शत्रुघ्न मुर्मू, लखन मुर्डी, दुर्गा चरण हेम्ब्रम, बबलू मुर्मू, जीतू मुर्मू समेत अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य बातें:
• पेसा नियमावली 2025 के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा
• पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने पर जोर
• आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को मिलेगी प्राथमिकता
• सरकार ने सभी तर्कपूर्ण सुझावों पर विचार का दिया भरोसा
रांची: राजधानी रांची में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने मॉनिटर लिजार्ड (गोह) तस्करी मामले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में बीजेपी नेता राजीव रंजन मिश्रा, उनके बेटे अविनाश आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान होटल से 30 मृत गोह बरामद किए गए हैं, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि रांची के लेक रोड बड़ा तालाब के आसपास रहने वाले कुछ लोग दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी में संलिप्त हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां एक होटल से बड़ी मात्रा में मृत मॉनिटर लिजार्ड बरामद हुए।
जांच में सामने आया है कि इन जीवों की तस्करी कथित तौर पर अवैध बाजारों में की जाती थी। मॉनिटर लिजार्ड को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति माना जाता है और इसकी तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के तार राज्य के बाहर तक जुड़े हो सकते हैं। पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है, वहीं पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मुख्य बिंदु:
- होटल से 30 मृत गोह बरामद
- बीजेपी नेता राजीव रंजन मिश्रा समेत 3 गिरफ्तार
- वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
- राज्य के बाहर कनेक्शन की आशंका
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज रांची के बोरेया स्थित ब्लेसिंग बैंक्वेट एंड रिसॉर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता धीरज दुबे एवं पोटका की अंचल अधिकारी निकिता बाला के विवाह उपरांत आयोजित आशीर्वाद समारोह में शिरकत की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवविवाहित दंपति को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और मंगलमय दाम्पत्य जीवन की कामना की। उन्होंने दोनों को वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभाशीष देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह में कई राजनीतिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के आगमन से समारोह का माहौल और भी खास हो गया।
