टंडवा। टंडवा प्रखंड के बड़गांव में नाबालिग दलित युवती से जुड़े गंभीर मामले को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, नई दिल्ली को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन जांच कराने की मांग की है।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने आयोग को भेजे पत्र में कहा है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने प्राथमिकी में नामजद व्यक्तियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। विधायक ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं पाई जाती है तो उसे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचाया जाए। वहीं, जांच के दौरान जो भी वास्तविक दोषी सामने आएं, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि न्याय का मूल उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ-साथ निर्दोष लोगों के अधिकारों की रक्षा करना भी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष को झूठे आरोप या अनावश्यक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष एवं गहन जांच के निर्देश देने की मांग की है।
विधायक ने स्पष्ट कहा कि पीड़िता को न्याय मिले और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो—यही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निर्दोष लोगों को राहत दिलाने की मांग दोहराई।
रांची। झारखंड की ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने खनिज वहन भूमि उपकर ( JMBL Cess) एवं प्रस्तावित MMDR संशोधन विधेयक 2026 को राज्यों के अधिकार को खत्म करने की साजिश करार दिया है । उन्होंने कहा है कि इस संशोधन से झारखंड जैसे राज्य खनिज युक्त भूमि पर किसी प्रकार का कर , उपकर या अन्य लेवी केंद्र सरकार के निर्धारित शर्तों के बिना नहीं लगा सकेंगी । ये राज्यों के वित्तीय क्षमता को कम करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य जिसके गर्भ में प्रचुर खनिज संपदा मौजूद है , ऐसे प्रदेश राजस्व पर केंद्र सरकार की लगाम लगाना कहीं से भी जायज नहीं है । खनिज वहन भूमि उपकर कोई नई रॉयल्टी नहीं है और ना ही यह खनिज उत्पादन पर लगाया गया अतिरिक्त रॉयल्टी शुल्क है । यह उस भूमि पर लगाया गया उपकर है जिसके भीतर खनिज मौजूद है और जिनका खनन किया जा रहा है ।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जुलाई 2024 में सर्वोच्च न्यायालय की 9 न्यायाधीशों की संविधान पीठ मिनरल एरिया डेवलपमेंट ऑथोरिटी बनाम स्टील ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड मामले में निर्णय दे चुकी है । इस निर्णय के बाद झारखंड विधानसभा ने झारखंड मिनरल बेयरिंग के लैंड सेस अधिनियम 2024 पारित किया था । खनिज के मामले में राज्य की समृद्धि ही राज्यवासियों के लिए कई तरह की परेशानियों से भी जुड़ा है । विस्थापन , भूमि से बेदखल , पर्यावरण क्षति , जल एवं वायु प्रदूषण , वन क्षेत्र पर दवाब के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन का दंश भी झेल रहा है । राज्य सरकार ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही खनिज संपदाओं से प्राप्त आर्थिक लाभ का एक हिस्सा खनन प्रभावित क्षेत्रों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में लगाने का निर्णय लिया । वर्ष 2024 - 25 में 1 , 379 करोड़ , 2025 - 26 में 7 , 488 करोड़ एवं 2026 - 27 में अनुमानित 13 , 215 करोड़ की राशि इस बात का प्रमाण है कि JMBL सेस बहुत कम समय में प्रमुख राजस्व स्रोतों में शामिल है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा खनिज संपदाओं पर सेस से प्राप्त राशि स्वास्थ्य सेवाओं , शिक्षा , सामाजिक सुरक्षा , ग्रामीण विकास , पेयजल एवं स्वच्छता , कृषि एवं आजीविका , आधारभूत संरचना के साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च की जा रही है । JMBL सेस झारखंड के लिए केवल एक राजस्व का श्रोत नहीं है बल्कि ये खनिज क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण वित्तीय आधार भी है । झारखंड के हितों के मद्देनजर केंद्र सरकार को विचार करने की जरूरत है । हम झारखंड राज्य के साथ हो रही हकमारी पर चुपचाप बैठने वाले नहीं है । कांग्रेस और गठबंधन सरकार केंद्र सरकार के इस संशोधन विधेयक पर हर स्तर पर विरोध करेगी ।
सिल्ली /मुरी: सिल्ली थाना क्षेत्र के रांची–पुरुलिया मुख्य मार्ग पर सिल्ली ग्राम विकास से लेकर सिल्ली थाना तक लगभग एक किलोमीटर के दायरे में हर दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को मात्र एक किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे स्थित कई दुकानदारों ने सड़क पर ही अपना सामान रखकर अतिक्रमण कर लिया है। इससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है और वाहनों का आवागमन बाधित रहता है। सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जाम के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों तथा आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने या यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने प्रशासन से अविलंब अतिक्रमण हटाने, सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराने तथा नियमित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आम जनता को जाम की समस्या से राहत मिल सके।
सिल्ली: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गुरुवार को सिल्ली आगमन पर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कार्तिक चंद्र महतो के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन कर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी।स्वागत समारोह के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सिल्ली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। साथ ही आवश्यक सुधार एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस उपाध्यक्ष नगेंद्र नाथ गोस्वामी, सिल्ली प्रखंड कांग्रेस महासचिव मंजूर मोमिन, सैय्यद कमर आलम, भर्गीरथ महतो, शमशेर आलम, मो. कलाम, सिल्ली पश्चिमी मंडल अध्यक्ष गुहीराम महतो, सिल्ली विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष विकास रजक, पंचायत अध्यक्ष बिंदेश्वर महतो, मो. खलील, सदानंद सोनार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रांची : बरका-सयाल क्षेत्र के अंतर्गत उरीमारी ओपन कास्ट (ओसी) परियोजना में कार्यरत श्री महेश साव का दिनांक 24 सितंबर 2025 को कार्य के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में निधन हो गया था।
दिवंगत कर्मचारी की नामिनी एवं पत्नी श्रीमती सुनीता देवी को आज दिनांक 13 अगस्त 2026 को कोल इंडिया लिमिटेड की कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज (CSP) योजना के अंतर्गत ₹1 करोड़ की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। यह सहायता राशि दिवंगत कर्मचारी के परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने तथा उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
चेक प्रदान करने के अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के रीजनल मैनेजर श्री कुमार नीलोत्पल, चीफ मैनेजर (टीम लीडर, सैलरी पैकेज) श्री विकास कुमार पांडेय, सीसीएल मुख्यालय, रांची के विभागाध्यक्ष (HR&IR), चीफ मैनेजर (HR&IR) श्रीमती रूबी रंजन, चीफ मैनेजर (HR&IR) श्री पुष्पक लाला, बरका-सयाल क्षेत्र के स्टाफ ऑफिसर (HR&A) श्री अजय कुमार सहित सीसीएल एवं भारतीय स्टेट बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उपस्थित अधिकारियों ने स्वर्गीय श्री महेश साव के असामयिक निधन को कंपनी के लिए अपूरणीय क्षति बताया तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर ₹1 करोड़ की सहायता राशि का चेक उनकी नामिनी पत्नी श्रीमती सुनीता देवी को सौंपा गया।
श्रीमती सुनीता देवी ने सीसीएल प्रबंधन एवं भारतीय स्टेट बैंक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त सहायता राशि उनके परिवार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस सहयोग को परिवार के लिए आर्थिक संबल प्रदान करने वाली एक सराहनीय एवं संवेदनशील पहल बताया।
इस अवसर पर सीसीएल प्रबंधन ने दिवंगत कर्मचारी के परिवार के प्रति अपनी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि कंपनी अपने कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों के कल्याण, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज के अंतर्गत प्राप्त यह सहायता ऐसे कठिन समय में कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
साहिबगंज । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी साहिबगंज जिला के तत्वावधान में गुरुवार को जिला मुख्यालय में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिला अध्यक्ष गौतम यादव के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक अनंत ओझा, पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम, प्रदेश मंत्री कृष्णा महतो, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव तथा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गणेश प्रसाद, कृपानाथ मंडल और धर्मेंद्र कुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा के संयोजक जिला महामंत्री साखलू सोरेन तथा सह-संयोजक जिला महामंत्री धनंजय कुमार मंडल रहे। कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र मंडल समेत जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिला एवं युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।
यात्रा की शुरुआत शहीद चौक पर शहीदों को माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक पहुंची, जहां माल्यार्पण के साथ यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान मार्ग में स्थापित विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
तिरंगा यात्रा में एनसीसी की टीम के साथ जिले के सभी मंडलों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कार्यकर्ता, मातृशक्ति तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे यात्रा मार्ग पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से वातावरण देशभक्तिमय बना रहा।
तिरंगा लहराते हुए कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है।
भाजपा की इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
रांची: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संसद से पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill 2026) को झारखंड के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए भाजपा पर कड़ा प्रहार किया है।
डॉ. अंसारी ने कहा, “13 अगस्त 2026 का दिन झारखंड के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। भाजपा झारखंड की, आदिवासियों की और मूलवासी जनता के अधिकारों की दुश्मन है। खनिज हमारा है, जमीन हमारी है, लेकिन अधिकार छीनने का फरमान दिल्ली से जारी किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। राज्य के राजस्व अधिकारों को सीमित करने वाला कोई भी कदम झारखंड के विकास और गरीबों-कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए गंभीर चुनौती है।
डॉ. अंसारी ने कहा, “हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। सदन से सड़क तक और झारखंड से दिल्ली तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे। जरूरत पड़ी तो जंतर-मंतर तक जाएंगे और केंद्र सरकार के समक्ष झारखंड की जनता की आवाज मजबूती से रखेंगे।”
स्वास्थ्य मंत्री ने जननायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आदरणीय राहुल गांधी जी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। साथ ही मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी से आग्रह किया कि झारखंड के खनिज और वित्तीय अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार के इस फैसले का मजबूती से विरोध किया जाए।
उन्होंने कहा, “झारखंड को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। हमारे आदिवासी-मूलवासी भाइयों-बहनों ने अपने खून-पसीने से इस राज्य को बनाया है। हम किसी भी कीमत पर झारखंड के अधिकारों को छिनने नहीं देंगे।”
डॉ. अंसारी ने कहा, “झारखंड शांतिप्रिय है, लेकिन कमजोर नहीं। झारखंड झुकेगा नहीं और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आखिरी दम तक संघर्ष करेगा।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजटीय प्रावधान के विरुद्ध व्यय, भुगतान की स्थिति और योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मनरेगा एवं जेएसएलपीएस कर्मियों के लंबित वेतन का भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में प्रत्येक माह के वेतन का बिल 25 तारीख तक ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से भेज दिया जाए, ताकि सभी कर्मियों को प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा में लेबर एवं मटेरियल भुगतान में आ रही तकनीकी समस्याओं को भारत सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र दूर करने का निर्देश दिया, ताकि श्रमिकों एवं संबंधित एजेंसियों का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। इसी क्रम में ड्राई बोरवेल को सीपेज वाटर टैंक के रूप में विकसित करने की योजना को मनरेगा से जोड़ने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि जल संरक्षण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को बढ़ावा मिल सके।
साथ ही मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों का निर्माण नई तकनीक के माध्यम से कार्य शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा कि मनरेगा की योजनाओं में ऐसे नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ एवं उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।
बैठक में जेएसएलपीएस के अंतर्गत संचालित आजीविका एवं ग्रामीण महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने जोहार -2 एवं जायका जैसी योजनाओं को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को और मजबूत किया जा सके तथा स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण परिवारों को इन योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अबुआ आवास योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों आवास योजनाओं के लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए। पेसा कानून के धरातलीय क्रियान्वयन को लेकर मंत्री ने पारंपरिक ग्राम सभाओं के गठन की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान नई योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी करने और पूर्व से चल रही निविदाओं का निष्पादन इसी माह के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में विभाग के अंतर्गत प्राप्त बजटीय प्रावधानों के विरुद्ध हुए व्यय की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने तथा जनता से जुड़ी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से लाभुकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस दौरान ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, पंचायती राज निदेशक बी. राजेश्वरी, मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय वर्णवाल, जेएसएलपीएस के सीईओ श्री अनन्य मित्तल, अभियंता प्रमुख सहित विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची। टंडवा प्रखंड के बड़गांव में घटित घटना को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने झारखंड के मुख्य सचिव से मुलाकात कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। विधायक ने घटना से संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों को मुख्य सचिव के समक्ष रखते हुए निर्दोष व्यक्तियों को मामले में नामजद अभियुक्त बनाए जाने पर चिंता जताई और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान विधायक उज्जवल कुमार दास ने मुख्य सचिव को घटना से जुड़े विभिन्न प्रपत्र, दस्तावेज और उपलब्ध तथ्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की जांच निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए, ताकि वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और किसी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
विधायक ने मांग की कि बड़गांव की घटना की पूरी जांच तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर कराई जाए। साथ ही जिन लोगों को बिना पर्याप्त आधार के नामजद अभियुक्त बनाया गया है, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष समीक्षा की जाए और यदि वे निर्दोष पाए जाते हैं तो उन्हें मामले से मुक्त किया जाए।
मुख्य सचिव ने विधायक द्वारा उठाए गए मामले को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित किए जाने का भरोसा भी दिलाया।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि न्याय की लड़ाई में निर्दोषों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी दोषी को संरक्षण देने की नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक दोषियों की पहचान और निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की है।
बड़गांव की घटना को लेकर विधायक द्वारा सीधे मुख्य सचिव के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच को लेकर उम्मीद जगी है। विधायक ने कहा कि मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों का हनन न हो।
रांची । झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि शिक्षा माफियाओं को बचाने के लिए बीजेपी जानबूझ कर CBI जांच का दांव खेलना चाहती है । जबकि इतिहास गवाह है कि CBI ने जांच के नाम पर अब सभी मामलों में लटकाने और भटकाने के सिवाय कुछ भी नहीं किया ।
मंत्री ने कहा कि 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। यह देश की परीक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब तक कम से कम 17 परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन 2015 के बाद CBI जांच में अब तक एक भी मामले में दोषसिद्ध नहीं हुआ , मतलब CBI जांच का नतीजा शून्य है । उन्होंने कहा कि CBI ने NEET UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017 और Karnataka PSI 2021 सहित कम से कम नौ अन्य परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की जांच की है।
मंत्री ने कहा कि NEET-UG 2024 मामले में CBI 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा से चूक गई, जिसके चलते मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने का अवसर मिला। वहीं, UGC-NET 2024 में कथित पेपर लीक की जांच के बाद CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि संबंधित सबूत एक छेड़छाड़ किया हुआ स्क्रीनशॉट था। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2026 में जिस फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर खूब प्रचार किया गया, उसके पहले ही दिन CBI का वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि 2015 से अब तक इन सभी मामलों में केवल एक दोषसिद्धि हुई है, वह भी हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 का मामला है । इस मामले में फैसला अगस्त 2024 में दिल्ली की एक अदालत ने सुनाया था, जबकि इसकी जांच CBI ने नहीं, बल्कि चंडीगढ़ SIT ने की थी। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार द्वारा परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद छात्रों का आंदोलन सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस आंदोलन को राजनीतिक हवा देने और CBI के नाम पर वास्तविक गड़बड़ियों को छिपाने का प्रयास कर रही है।
मंत्री ने बताया कि मामले में अब तक करीब 20 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। राहुल गांधी को लेकर भाजपा की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो कल तक “राहुल गांधी कौन कहते थे , उनके सपने में सुबह-शाम राहुल गांधी ही आ रहे है । उनके खिलाफ फैलाया जा रहा षड्यंत्र अब ताश के पत्तों की तरह भरभरा चुका है।”
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर और रांची के छात्र आंदोलन के बीच बहुत बड़ा अंतर है । रांची में दिल्ली के जंतर मंतर की तरह छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज नहीं किया गया , उन्हें सड़कों पर बेरहमी से नहीं पीटा गया और न ही छात्राओं के साथ किसी तरह का कोई अभद्र व्यवहार किया गया। छात्रों की भीड़ में शामिल उपद्रवियों को खदेड़ने का प्रयास स्थानीय पुलिस ने जरूर किया है । सरकार छात्रों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान भी सरकार आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है। सरकार का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उनके आंदोलन को राजनीतिक रंग देना।
पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
