नामकुम पुलिस की कार्रवाई में चार गोवंशीय पशु समेत एसयूवी, बुलेट, पल्सर और स्कूटी बरामद
रांची । नामकुम थाना पुलिस ने मवेशी चोरी के एक कथित संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल की गई एक एसयूवी, एक बुलेट मोटरसाइकिल, एक पल्सर और एक स्कूटी के अलावा चार गोवंशीय पशु—एक गाय और तीन बाछी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य मवेशियों की चोरी कर उन्हें अवैध तरीके से वध के लिए ले जाने का काम करते थे।
मामले में नामकुम थाना कांड संख्या 282/26, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा झारखंड गोवंशीय पशु वध निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
गाय और बछड़े की चोरी की शिकायत के बाद कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कांटाटोली के कुरैशी मोहल्ला निवासी इरशाद कुरैशी ने 7 अक्टूबर को नामकुम थाना में आवेदन देकर बताया कि सामलौंग पुरानी लोवाडीह इलाके से उनकी गाय और बछड़े को एक एक्सयूवी वाहन में लोड कर चोरी कर लिया गया है। शिकायत में पशुओं को अवैध तरीके से वध के लिए ले जाने की आशंका जताई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-प्रथम के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की।
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मो. शहनवाज उर्फ सन्नी (27), अमन कुरैशी (26), सैफ (29), अलताफ कुरैशी (26), शोयेब अहमद (21) और फिरोज कुरैशी उर्फ कुकु (50) को गिरफ्तार किया। सभी रांची जिले के विभिन्न इलाकों के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर गाय और बछड़ों की चोरी करने तथा उन्हें अवैध रूप से वध के लिए ले जाने की बात बताई।
चार गोवंशीय पशु बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और कार्रवाई के दौरान चार गोवंशीय पशु—एक गाय और तीन बाछी बरामद किए। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों को भी जब्त किया गया है।
जब्त सामान में एक एक्सयूवी वाहन (JH01BN-7798), एक बुलेट मोटरसाइकिल (JH01CW-1008), एक पल्सर मोटरसाइकिल (JH01FS-6583) और एक स्कूटी (JH01DC-0524) शामिल हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में सैफ और फिरोज कुरैशी उर्फ कुकु के पूर्व आपराधिक इतिहास का भी पुलिस ने उल्लेख किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह के तार किन-किन लोगों और स्थानों से जुड़े हैं।
पुलिस टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
छापेमारी दल का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-प्रथम अमर कुमार पांडेय ने किया। टीम में नामकुम थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक रामनारायण सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक शशि रंजन, जयदेव कुमार सराक और सोनु कुमार दास, सहायक अवर निरीक्षक उज्जवल कुमार सिंह और तारकेश्वर प्रसाद केशरी तथा नामकुम थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
धमकी मामले की जांच के दौरान संग्रामपुर ओवरब्रिज के पास पुलिस की कार्रवाई
रांची। कांके थाना पुलिस ने हथियार के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथ मौजूद दो किशोरों को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल, एक जिंदा गोली और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में कांके थाना कांड संख्या 206/26 दर्ज कर आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर को मनातु निवासी बबलू नायक ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हेमंत मुंडा और दो अन्य युवकों द्वारा उनके पुत्र को जान से मारने की धमकी दी गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सनहा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही थी।
इसी क्रम में 7 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे पुलिस को सूचना मिली कि संग्रामपुर ओवरब्रिज के पास कुछ संदिग्ध लोग खड़े हैं। सूचना के आधार पर कांके थाना पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की। पुलिस ने वहां से हेमंत मुंडा उर्फ हेमानंद मुंडा (21), पिता सरहुल मुंडा, निवासी होचर तथा दो किशोरों को पकड़ा।
हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान हेमंत मुंडा के पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल और इसी बोर की एक जिंदा गोली बरामद हुई। गोली पर ‘KF 7.65’ अंकित होने की बात पुलिस ने कही है। इसके अलावा एक स्मार्टफोन भी बरामद किया गया। वहीं, एक अन्य किशोर के पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस ने बरामद हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन को विधिवत जब्त कर लिया है।
आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस मामले में कांके थाना कांड संख्या 206/26, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-b)a/26/35 के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक हेमंत मुंडा उर्फ हेमानंद मुंडा को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है, जबकि दोनों किशोरों को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
छापेमारी दल में कांके थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी कुणाल कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक तंजील खान, अरविंद कुमार और सतीश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक भीम सिंह सहित कांके थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद हथियार आरोपियों के पास कैसे पहुंचा तथा धमकी की घटना से इसका क्या संबंध है।
रांची विधानसभा क्लब हाउस में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
रांची। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर रांची विधानसभा क्लब हाउस में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सह चतरा विधायक जनार्दन पासवान एवं पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और सामाजिक सरोकारों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान स्व. रामविलास पासवान एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रामविलास पासवान का सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, समानता, गरीबों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित तबकों की आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया।
सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा जीवन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। गरीबों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की आवाज को राजनीतिक एवं सामाजिक मंचों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नेताओं ने कहा कि पासवान के विचार आज भी सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और विकास का लाभ पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अधूरे सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान के अधूरे सपनों को पूरा करने तथा सामाजिक न्याय की उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में समान अवसर, सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करना आवश्यक है।
इस अवसर पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) झारखंड प्रदेश के प्रधान महासचिव विकास रंजन उर्फ पप्पू सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विभिन्न प्रदेश प्रकोष्ठों के नेता एवं पदाधिकारी तथा विशेष आमंत्रित सदस्य उपस्थित रहे।
विचार और आदर्श सदैव रहेंगे प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा और सामाजिक न्याय की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने स्व. रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माताजी स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर आज RKDF University, Ranchi परिसर में शोक एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में RKDF University, Ranchi का पूरा परिवार शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।
सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया।
नेमरा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने दी मुखाग्नि; गमगीन माहौल में संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
रामगढ़/नेमरा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन का गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से अपनी मां को अंतिम विदाई दी और उन्हें मुखाग्नि दी। जैसे ही मुख्यमंत्री ने मुखाग्नि दी, वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरा नेमरा गांव शोक और भावुकता में डूब गया।
रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दूर-दराज के इलाकों से आए ग्रामीणों, समर्थकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पैतृक गांव से श्मशान घाट तक उनके साथ चलते रहे।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपनी प्रिय ‘मां’ को अंतिम बार देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचा। अंतिम यात्रा के दौरान वातावरण बेहद गमगीन रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि रूपी सोरेन का अपने पैतृक क्षेत्र और समाज के लोगों से गहरा जुड़ाव था।
नेमरा गांव के लोगों के लिए यह भावुक क्षण था। अंतिम विदाई की बेला में गांव का माहौल पूरी तरह शोकाकुल रहा। लोग रूपी सोरेन के सादगीपूर्ण जीवन, संघर्ष और परिवार के प्रति उनके समर्पण को याद करते नजर आए।
मुखाग्नि देते समय भावुक हुए मुख्यमंत्री
मां के अंतिम संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच अपनी मां को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा माहौल शोक में डूबा रहा और लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सादगी, त्याग और संघर्ष के लिए याद की जाएंगी रूपी सोरेन
दिवंगत रूपी सोरेन को उनके परिजन और शुभचिंतक सादगी, त्याग और संघर्ष की प्रतिमूर्ति के रूप में याद कर रहे हैं। झारखंड आंदोलन के दौर से लेकर आगे तक उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपने परिवार को मजबूती दी। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ उनके पैतृक क्षेत्र में भी शोक की लहर है।
रूपी सोरेन के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
नेमरा ने नम आंखों से कहा—अंतिम विदाई
रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ के बीच हर चेहरा गमगीन था। अंतिम विदाई के इस भावुक अवसर पर नेमरा ने अपनी बेटी और क्षेत्र की जानी-पहचानी शख्सियत को नम आंखों से विदा किया। अंतिम संस्कार के बाद भी श्मशान घाट और आसपास का वातावरण लंबे समय तक शोकाकुल बना रहा।
रांची । झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को मोरहाबादी स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति, धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।
रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री आवास में शोक का माहौल है। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोग पहुंच रहे हैं।
गोवा। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और बॉलीवुड में नाना के के नाम से मशहूर फिल्ममेकर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नाना पाटेकर की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। बाद में उन्हें उनके घर पर बेहोश पाया गया। इसके बाद उन्हें तत्काल गोवा के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर सहित उन्हें बचाने के प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर को गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। हालांकि, मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम और संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में मेडिको-लीगल प्रक्रिया पूरी किए जाने और पोस्टमार्टम कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
चार दशक से अधिक का शानदार फिल्मी सफर
नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय, संवाद अदायगी और अलग अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उन्होंने वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं।
‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों से लेकर हास्य भूमिकाओं तक, नाना पाटेकर ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
उनकी प्रभावशाली संवाद अदायगी और अभिनय शैली ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग और यादगार कलाकारों में स्थापित किया। उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले। उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से भी सम्मानित किया था।
अभिनय के साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे
नाना पाटेकर केवल फिल्मों तक सीमित रहने वाले कलाकार नहीं थे। वे सामाजिक कार्यों और किसानों से जुड़े मुद्दों के प्रति अपनी संवेदनशीलता के लिए भी जाने जाते थे। उनके निधन के साथ भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी पहचान सिर्फ पर्दे पर निभाए किरदारों से नहीं, बल्कि उनके सहज और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व से भी थी।
नाना पाटेकर का निधन फिल्म जगत के लिए एक बड़ी क्षति हुई है । उनके दमदार किरदार, संवाद और अभिनय की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगी। वहीं उनके निधन के बाद बॉलीवुड में शोक की लहर है और सभी उनको याद कर रहे हैं।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार शाम रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर थी और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर रखा गया था।
रूपी सोरेन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें 18 सितंबर को रांची के हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने रद्द किए कार्यक्रम
मां की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के कई निर्धारित कार्यक्रम रद्द किए गए तथा राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक भी स्थगित कर दी गई।
शिबू सोरेन की जीवनसंगिनी और सोरेन परिवार की महत्वपूर्ण सदस्य थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन झारखंड के प्रमुख आदिवासी नेता और झामुमो के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा वह सोरेन परिवार के अन्य सदस्यों की भी मां थीं। झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी रूपी सोरेन का नाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के रूप में दर्ज है।
शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार के लिए रूपी सोरेन एक महत्वपूर्ण पारिवारिक स्तंभ के रूप में बनी रहीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। विभिन्न दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त करते हुए सोरेन परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
हेमंत सोरेन ने जताया गहरा भावनात्मक दुख
मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पिता के निधन के बाद मां उनकी सबसे बड़ी छांव थीं और अब वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गई।
रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ-साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार एवं अन्य कार्यक्रमों को लेकर परिवार की ओर से आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
साहिबगंज। साहिबगंज पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 8 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 45,600 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पुलिस अधीक्षक, साहिबगंज को गुप्त सूचना मिल रही थी कि राज्य के बाहर से अवैध गांजा की खेप साहिबगंज लाई जा रही है। इसके बाद अवैध गांजा के कारोबार में संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए विशेष छापामारी दल का गठन किया गया था।
7 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नॉर्थ कॉलोनी, कलिंगा के सामने वाली गली से मोटरसाइकिल सवार मो. फिरोज अख्तर (लगभग 38 वर्ष) को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से सेलोटेप की सहायता से बंडल के रूप में रखा गया 8 बंडल गांजा, जिसका कुल वजन करीब 8 किलोग्राम बताया गया है, बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से 45,600 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी:
मो. फिरोज अख्तर, उम्र करीब 38 वर्ष, पिता—मो. मोफिल, निवासी—छोटी कोदरजन्ना, थाना—मुफस्सिल, जिला—साहिबगंज।
बरामदगी:
- 8 बंडल गांजा — करीब 8 किलोग्राम
- नकद राशि — ₹45,600
- एक मोबाइल फोन
- एक मोटरसाइकिल
छापामारी दल में साहिबगंज सदर के अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू, नगर थाना प्रभारी अमित गुप्ता सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
धनबाद। रांची से टोरी होते हुए शिवपुर तक पैसेंजर ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू कराने की मांग को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अखिलेश मिश्रा से मुलाकात कर इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
मुलाकात के दौरान विधायक उज्ज्वल कुमार दास ने बताया गया कि रांची-टोरी-शिवपुर रेलखंड पर यात्री ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू होने से सिमरिया विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, व्यापारियों एवं आम यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। लंबे समय से टोरी से शिवपुर तक कोयला मालवाहक ट्रेनों का परिचालन हो रहा है, लेकिन यात्री ट्रेन की सुविधा अब तक क्षेत्रवासियों को नहीं मिल पाई है।
DRM अखिलेश मिश्रा ने इस जनहित से जुड़े विषय को गंभीरता से लेते हुए पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू कराने की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई करने तथा मामले को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यात्री ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू होने से सिमरिया समेत आसपास के ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार के लिए रांची एवं अन्य प्रमुख शहरों तक आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।
जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर आगे भी निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही गई है।
