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साहेबगंज। विभिन्न स्थानों पर घटित अग्नि दुर्घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में जनहित एवं नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, साहेबगंज, दीपक कुमार दुबे द्वारा जिले के सभी होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) के अनुपालन की व्यापक जांच एवं फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में उपायुक्त द्वारा एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी, साहेबगंज एवं राजमहल (अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत), कार्यपालक दण्डाधिकारी, साहेबगंज तथा जिला अग्निशमन पदाधिकारी, साहेबगंज को शामिल किया गया है।
गठित जांच समिति जिले के सभी छोटे-बड़े होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों का स्थल निरीक्षण कर वहां उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत वायरिंग, जलापूर्ति व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा भवन निर्माण एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का अनुपालन किया जा रहा है अथवा नहीं।
जांच के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन अथवा आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव पाया जाएगा, उनके विरुद्ध National Building Construction Standards (NBCS)-2026, Building Bye-Laws-2016 एवं Fire Safety Rules के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
गठित समिति द्वारा एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन समर्पित किया जाना है, ताकि जिले में संचालित सभी होटल, लॉज एवं अतिथि गृहों में सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके।
साहिबगंज : साहिबगंज पुलिस केंद्र में बुधवार को तीन दिवसीय 70वीं संथाल परगना क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट-2026 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन 10 जून से 12 जून तक चलेगा, जिसमें संथाल परगना प्रमंडल के विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों के अधिकारी एवं जवान भाग ले रहे हैं।
ड्यूटी मीट में जामताड़ा, गोड्डा, देवघर, दुमका, पाकुड़ और साहिबगंज जिला बल के कुल 77 पुलिस पदाधिकारी एवं जवान अपनी पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। प्रतिभागियों में जामताड़ा और गोड्डा से 10-10, देवघर से 10, दुमका से 18, पाकुड़ से 14 तथा साहिबगंज से 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
आधुनिक पुलिसिंग कौशल पर होगा जोर
इस ड्यूटी मीट का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा पेशेवर कौशल को और निखारना है। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की क्षमता का आकलन निम्नलिखित विषयों में किया जाएगा—
बदलते अपराधों से निपटने की तैयारी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने कहा कि समय के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में ड्यूटी मीट पुलिसकर्मियों को नई तकनीकें सीखने, अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, ईमानदारी और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शुभकामनाएं दीं।
12 जून को होगा समापन
तीन दिवसीय प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। 12 जून 2026 को आयोजित समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशालय (मानव संसाधन प्रबंधन) के तत्वावधान में दिनांक 10 जून, 2026 को पिपरवार क्षेत्र में एक शिकायत निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों, उनके आश्रितों, ठेकेदारों एवं अन्य हितधारकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुमन रस्तोगी, महाप्रबंधक (समाधान प्रकोष्ठ) द्वारा की गई। इस अवसर पर गौतम चौधरी, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन), समाधान प्रकोष्ठ, तेजविंदर सिंह, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन), समाधान प्रकोष्ठ, स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन), पिपरवार क्षेत्र सहित मानव संसाधन विभाग के अधिकारीगण, स्टाफ अधिकारी (सिविल), खनन विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों, कर्मचारियों के आश्रितों, ठेकेदारों एवं अन्य हितधारकों द्वारा कुल 38 शिकायतें दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में प्रमुख रूप से आवास (क्वार्टर) अनुरक्षण, अनुकम्पा नियुक्ति, सीएमपीएफ से संबंधित ऑनलाइन डाटा अद्यतन तथा अन्य सेवा संबंधी विषय शामिल रहे।
प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक आयोजित इस शिविर में सभी उपस्थित व्यक्तियों को अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखने का अवसर प्रदान किया गया। प्राप्त सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण किया गया तथा अनेक मामलों में संबंधित व्यक्तियों को मौके पर ही आवश्यक जानकारी एवं समाधान उपलब्ध कराया गया। शेष मामलों में नियमानुसार औपचारिक उत्तर प्रदान करते हुए शिकायतों का यथोचित निस्तारण किया जाएगा।
यह शिकायत निवारण शिविर प्रबंधन एवं हितधारकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ। साथ ही, यह आयोजन त्वरित शिकायत निवारण, पारदर्शी प्रशासन तथा कर्मचारी कल्याण के प्रति सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
पटना: 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर पटना समाहरणालय में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिले में परीक्षा के लिए 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 46,029 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की है।
कदाचार पर जीरो टॉलरेंस
डीएम ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर कदाचार, फर्जीवाड़ा या मालप्रैक्टिस की सूचना मिलती है तो दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे और उनकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सोशल मीडिया पर 24x7 निगरानी
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्णय लिया है। किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही असामाजिक तत्वों पर भी निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं
जिलाधिकारी एवं एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, मेडिकल सुविधा, वेटिंग एरिया और भीषण गर्मी को देखते हुए अभिभावकों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार नीट परीक्षार्थियों को बीएसआरटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यक समन्वय करने का निर्देश दिया गया है।
कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय
परीक्षा के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की जानकारी जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 0612-2219810 / 2219234, डायल-112 या पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9031825979 पर दी जा सकती है।
जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा को पूर्णतः कदाचारमुक्त, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
पटना : जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर पटना शहर में अतिक्रमण उन्मूलन अभियान लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान के तहत नगर निगम, पुलिस, ट्रैफिक, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण एवं अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण हटाया और कुल 89,700 का जुर्माना वसूला।
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को निर्देश दिया है कि अभियान का नियमित पर्यवेक्षण करें तथा जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए फॉलो-अप टीम लगातार सक्रिय रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुनः अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी तथा आदतन अतिक्रमणकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान मीठापुर सब्जी मंडी, पुलिस लाइन, अशोक राजपथ, राजापुर पुल, कुर्जी मोड़, दीघा पुल, डंका इमली सब्जी मंडी, जीरो माइल, भगत सिंह चौक, मालसलामी, ओल्ड बाइपास, बहादुरपुर, बाजार समिति, गोला रोड, फुलवारीशरीफ और खगौल सहित कई इलाकों से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान कई ठेले, स्टॉल, झोपड़ियां, अवैध पोस्टर और बैनर हटाए गए तथा कुछ सामान जब्त भी किए गए।
ट्रैफिक व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिक्रमण, यातायात बाधा और नियमों के उल्लंघन के मामलों में प्रशासन "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है। अभियान में बाधा पहुंचाने वालों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल गठित
अभियान की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल अभियान की प्रगति, पुनः अतिक्रमण की रोकथाम और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी।
वाहन जांच अभियान भी चला
अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ-साथ यातायात पुलिस द्वारा विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा।
पटना: केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से पटना जिले के सभी 23 प्रखंडों में 17 एवं 18 जून 2026 को दो दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बुधवार को इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिविरों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह विशेष शिविर 16 जून को आयोजित होने वाले नियमित सहयोग शिविरों से अलग और अतिरिक्त होगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी प्रखंडों में एक साथ इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
कई योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर
शिविर में आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान वय वंदना कार्ड (70 वर्ष से अधिक आयु), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, लखपति दीदी योजना, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, दिव्यांग कल्याण योजनाएं, निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड तथा मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना सहित अनेक योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए जाएंगे।
मौके पर होगा आवेदन, सत्यापन और लाभ वितरण
जिलाधिकारी ने कहा कि शिविरों में पात्र लाभुकों के आवेदन, निबंधन, ई-केवाईसी, सत्यापन सहित लंबित प्रक्रियाओं का निपटारा किया जाएगा। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभों का वितरण भी किया जाएगा। लोगों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था रहेगी, जहां प्रशिक्षित कर्मी एवं वॉलंटियर आवेदन भरने और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित सहायता प्रदान करेंगे।
दस्तावेज साथ लाने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शिविर में आते समय आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक तथा संबंधित योजनाओं के लिए आवश्यक अन्य दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि मौके पर ही प्रक्रिया पूरी की जा सके।
डीएम की अपील
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
पटना: जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन और 16 जून 2026 को आयोजित होने वाले अगले सहयोग शिविर की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लंबित आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिले में अब तक लगभग 10,500 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। शेष आवेदनों को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि केवल शिकायतों का निष्पादन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की संतुष्टि सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
16 जून को 41 पंचायतों और 17 नगर निकायों में शिविर
जिलाधिकारी ने बताया कि अगला सहयोग शिविर 16 जून 2026 को पटना जिले की 41 ग्राम पंचायतों और 17 नगर निकायों के विभिन्न वार्डों में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं और प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
अब अधिकारी पहुंच रहे हैं जनता के द्वार
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप "सबका सम्मान, जीवन आसान" संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहते हैं और लोगों की शिकायतों का समाधान करते हैं।
30 दिन के भीतर मिलेगा समाधान
जिला प्रशासन के अनुसार, शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों को जन शिकायत निवारण पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और 30 दिनों के भीतर उनके निष्पादन की लिखित सूचना आवेदकों को दी जाएगी।
जिला प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सहयोग शिविरों में भाग लेने और अपनी समस्याओं के समाधान का लाभ उठाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारी स्वयं उनके द्वार पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेंगे।
देवघर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए देवघर जिले के करौं प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ACB की टीम ने यह कार्रवाई शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कर की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिंडाकोली (लकरछरा) गांव निवासी भीम कुमार राणा ने ACB दुमका से शिकायत की थी कि मनरेगा योजना के तहत उनकी जमीन पर ट्रेंच सह बांध निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। योजना की कुल लागत 45,379 रुपये थी, जिसमें 41,444 रुपये का भुगतान पहले ही हो चुका था। अंतिम बिल निकासी के लिए एमबी (मेजरमेंट बुक) जमा करने के एवज में कनीय अभियंता द्वारा 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी अभियंता को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए करौं प्रखंड परिसर स्थित सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ACB टीम अपने साथ ले गई है और उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। झारखंड में ACB लगातार रिश्वतखोरी के मामलों पर कार्रवाई कर रही है और हाल के महीनों में कई सरकारी अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
रांची: अहमदाबाद में आयोजित में स्वर्ण पदक जीतकर झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले खिलाड़ी का मंगलवार को रांची एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, पदाधिकारियों और योगासना संघ के सदस्यों ने जोरदार उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया।
प्रतियोगिता में दुनिया के 78 देशों के करीब 400 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। कड़े मुकाबले के बीच रोशन थापा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और देश के साथ-साथ झारखंड का गौरव बढ़ाया।
इस अवसर पर के अध्यक्ष , सचिव , कोषाध्यक्ष तथा मुख्य सलाहकार ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।
वहीं की ओर से जिला अध्यक्ष , सचिव , कार्यकारी अध्यक्ष , कोषाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों एवं खेल प्रेमियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।
स्वागत समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि रोशन थापा की यह उपलब्धि झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और इससे राज्य में योगासना खेल को नई पहचान मिलेगी।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन और नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने तथा समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी ग्रामीण घरों तक दिसंबर 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और समय पर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
जल सहियाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल सहियाओं को समूहवार आईटीआई में प्लंबर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही उन्हें खराब चापाकलों की मरम्मत, सोलर वाटर सप्लाई सिस्टम के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जाए। बेहतर कार्य करने वाली जल सहियाओं को पुरस्कृत करने की भी बात कही गई।
रियल टाइम मॉनिटरिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने बड़ी पेयजल योजनाओं के ठेकेदारों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन कार्य प्रगति की रिपोर्ट अपडेट करने और उसकी नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए मजबूत फ्रेमवर्क और बैकअप प्लान तैयार किया जाए।
जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग को रिचार्ज पिट के रूप में उपयोग करने तथा सोक पिट निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वाले समुदायों को सरकार की ओर से प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में जल जीवन मिशन, हर घर जल, जल गुणवत्ता निगरानी, बहु ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं, नलकूप योजनाएं, , ओडीएफ प्लस गांव, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन तथा गोबरधन योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त तथा विभागीय सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
