बरहरवा (साहेबगंज): बरहरवा स्थित निशा मैरेज हॉल, बिन्दुधाम पथ में शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि बरकतुल्लाह खान की अध्यक्षता में SIR प्रशिक्षण सह संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के SIR संथाल परगना प्रभारी एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू मुख्य अतिथि तथा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार प्रजापति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्ष, नगर एवं वार्ड अध्यक्ष तथा सभी BLA-2 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान साहेबगंज जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की जिला, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर तक विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही कार्यकर्ताओं से ग्रामीणों की हरसंभव सहायता करने और अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा, तो कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटेगा। बैठक में BLA-2 एवं अन्य कार्यकर्ताओं को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. बलमुचू ने SIR अभियान की आवश्यकता, संगठन की रणनीति और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे तथा पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार प्रजापति ने भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने से युवाओं और उनके अभिभावकों की मेहनत तथा उम्मीदों को गहरा आघात पहुंच रहा है। उन्होंने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकारों और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
कार्यक्रम में अनीकुल मिश्रा, कमल कुमार आर्य, मो. नसीरुद्दीन, अशोक कुमार दास, मोहम्मद कलीमुद्दीन, बासुकीनाथ यादव, सरफराज आलम, नित्यानंद गुप्ता, मोरसलीन खान, हीरालाल शाह, रंजीत टुडू, विमल देव भगत, भोलानाथ महतो, नाबीद अंजुम, निहाल अख्तर, थॉमस रॉबर्ट, मिथुन मंडल, अनंत लाल भगत, निताई सरकार, सारिक रब्बानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
साहेबगंज: अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध तस्करी निषेध दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज श्री अखिल कुमार के मार्गदर्शन में पूरे जिले में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation) योजना के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, सामुदायिक स्थलों, मंडल कारा तथा बाल सुधार गृहों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के सदस्यों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री विश्वनाथ भगत ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर नशे से दूर रहने की अपील की गई।
अभियान के तहत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों का मंचन भी किया गया। इसके अलावा नालसा द्वारा जारी विशेष जिंगल "तुम मत गिरना" और DAWN कैंपेन वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। #SayNoToDrugsYesToLife, #DrugsFreeIndia, #YuddhNasheKeVirudh और #NashaMuktBharat जैसे हैशटैग के माध्यम से लोगों से नशामुक्त भारत के निर्माण में भागीदारी की अपील की गई।
सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी जिलेभर में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध साहेबगंज का निर्माण हो सके।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मानव संसाधन विकास विभाग (HRD) द्वारा चार नव-प्रवर्तित श्रम संहिताओं एवं उनके अंतर्गत बनाए गए नियमों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 26 जून, 2026 को (एमटीसी), एचआरडी, सीसीएल में किया गया। यह कार्यक्रम 26 एवं 27 जून, 2026 को आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में सीसीएल के सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, खान प्रबंधक, क्षेत्रीय मानव संसाधन अधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि (जेसीएससी, वेलफेयर बोर्ड, सेफ्टी बोर्ड), एससी-एसटी-बीसी काउंसिल, INMOSSA, CMOAI एवं ठेकेदारों के प्रतिनिधि सहित कुल 105 प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त डॉ. ओंकार शर्मा बतौर अतिथि संकाय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सीसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा श्रम संहिताओं को लागू किया गया है और कार्यस्थलों पर इनके प्रभावी अनुपालन के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी एवं सकारात्मक सहयोग आवश्यक है।
वहीं, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने बदलते औद्योगिक परिवेश में निरंतर ज्ञानवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने एवं श्रम संहिताओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों का अपडेट रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. ओंकार शर्मा द्वारा श्रम संहिताओं के विभिन्न प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं एवं उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा संचालित सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, संवादात्मक एवं व्यावहारिक रहे, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने प्रश्नों एवं विचारों को साझा किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम दिवस उपयोगी चर्चाओं एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पहल सीसीएल में श्रम कानूनों की बेहतर समझ विकसित करने, अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने एवं कार्यस्थल पर सुचारू औद्योगिक संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रांची। आप लोग बहुत लम्बे समय से के इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आप सभी ने लगभग 30 हफ्तों तक बहुत ही कड़ा और लंबा प्रशिक्षण लिया है। मुझे जानकारी दी गई है कि यहाँ बड़े पैमाने पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुए राज्य के जवान और जेपीएससी (JPSC) के माध्यम से डीएसपी के पद पर नियुक्त हुए अधिकारी शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक खुशी देने वाली बात यह है कि इस बैच में लगभग 25% महिलाओं की भागीदारी है। इस महिला पुलिस बल को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम चाहते हैं कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान और बराबर हो, जो यहाँ दिख भी रहा है। राज्य के पुलिस विभाग और हमारे पुलिस जवानों की भूमिका तथा जिम्मेदारियों को लेकर मुझे बहुत अधिक व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप सभी इसके महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज जैप 1 ग्राउंड, डोरंडा में आयोजित "बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026" को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जैप 1 ग्राउंड परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पारण परेड-2026 का निरीक्षण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने सी०टी०सी०, स्वासपुर, मुसाबनी में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक एवं विभिन्न जिला/इकाई से नव नियुक्त आरक्षियों का बुनियादी प्रक्षिणोपरांत आयोजित अंतिम परीक्षा का प्रकाशित परीक्षाफल के विभिन्न विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच पुरस्कार वितरण किया।
*आप सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले आप सभी ने झमाझम बारिश के बीच शपथ ली है। निश्चित रूप से हमारी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में शपथ ग्रहण करना सिर्फ एक प्रक्रिया या माध्यम नहीं है, इसी प्रतिज्ञा और शपथ के बदौलत हम लोगों ने इस देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का रूप दिया है। उन्होंने कहा कि यह शपथ सिर्फ वर्दी के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा के लिए भी है। चूंकि आप सभी वर्दीधारी राज्य के प्रहरी हैं, इसलिए यह शपथ आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज के बाद से आप एक व्यवस्था से बंध चुके हैं। अब सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। इस दौरान हो सकता है कि आपके सामने बहुत बड़ी चुनौतियां आकर खड़ी हो जाएं, यहाँ तक कि आपकी जान पर भी बन आए, पूर्व में इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आपके परिजनों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी है। आपके परिजनों के उसी अधूरे रास्ते और सफर को पूरा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने अब आपके कंधों पर सौंपने का निर्णय लिया है। हम सिर्फ नौकरी या तनख्वाह के लिए पुलिस बल में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि कुछ सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ इस व्यवस्था से बंध जाते हैं।
*प्रशिक्षण का परिणाम कानून एवं विधि-व्यवस्था के संधारण में दिखनी चाहिए*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आपको प्रशिक्षण के दौरान जिन अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग दी गई है, उसका परिणाम अब राज्य की कानून-व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और राज्य के भीतर घटने वाली या संभावित घटनाओं को नियंत्रित करने में दिखना चाहिए। अगर आप सभी पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे, तो हमारे बीच आने वाली हर चुनौती को समाप्त करते हुए उसका समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज मौसम अनुकूल न होने की वजह से इस पारण परेड कार्यक्रम को हमें पुलिस परिसर (Premises) के भीतर ही संपन्न करना पड़ा। लेकिन आपका उत्साह कम न हो और आपके परिजन हतोत्साहित न हों, इसके लिए हमारी सरकार लगातार आपके साथ खड़ी रहने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पुलिस विभाग के लिए अलग से आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस विभाग के अंतर्गत अलग से विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निश्चित रूप से, एक-एक करके हम अपनी सारी मंजिलों तक पहुंचेंगे। इसमें आपका भी प्रयास होना चाहिए और हमारी सरकार का भी पूरा सहयोग रहेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों एवं नव नियुक्त आरक्षियों को आज के इस बेहतरीन परेड प्रदर्शन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। साथ ही पुलिस विभाग को इस पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने *जय हिंद, जय झारखंड, जोहार।"* के साथ अपनी बातों का समापन किया।
प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवानों ने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं नव नियुक्त जवानों को अनुशासन, देश व राज्य सेवा, संविधान, पुलिस बल की गरिमा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति शपथ दिलाई गयी।
इस अवसर पर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी बर्बाद कर देता है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड को नशामुक्त करने का प्रण लिया है । और जो निर्णय लिया है उसे पूरे करने में सभी विभाग आपसी समन्वय बना झारखंड को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का काम हमलोग करेंगे । इसी उद्देश्य से पिछले 15 दिनों से नशामुक्ति हेतु जागरूकता अभियान पूरे राज्यभर में सरकार द्वारा चलाया जा रहा था जिसका आज समापन हो गया । उन्होंने कहा कि यह अभियान पिछले तीन वर्षों से चलाया जा रहा है । आने वाले समय में प्रयास रहेगा कि पूरे साल यह अभियान चलाया जाए। श्री इरफ़ान अंसारी गुरूवार को शौर्य सभागार में गृह,कारा एवं आपदा प्रबंधन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित निषिध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता अभियान के समापन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे ।
*अभियान की अच्छी शुरुआत हुई , मजबूती के साथ चलाया गया अभियान*
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का मक़सद नशामुक्त झारखंड, युवा झारखंड बनाने का है और इस दिशा में पिछले तीन साल से लगातार यह अभियान चलाया जा रहा है ।युवा हमारे राज्य हमारे देश का भविष्य हैं और नशे में अपना जीवन बर्बाद कर देते हैं । नशे से सिर्फ़ वे अपना जीवन बर्बाद नहीं करते हैं बल्कि परिवार ,पूरे समाज देश राज्य को प्रभावित करते हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निदेश पर ही झारखंड के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए यह अभियान चलाया जा रह है । उन्होंने कहा कि नशा केवल झारखंड या भारत की समस्या नहीं बल्कि यह पूरे विश्व की समस्या है । युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए नए-नए इनिशिएटिव लेना होगा । उन्हें कई प्रकार के एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा । साथ ही सभी प्रकार के संसाधनों का उपयोग करके युवाओं में नशे की लत की समस्या को दूर करने का प्रयास करना होगा ।
*जागरूकता अभियान में जन भागीदारी और सहयोग जरूरी*
डॉ. अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में नशामुक्त एवं स्वस्थ झारखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अभियान तभी सफल होगा जब आम जनता भी सरकार का सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा नशे की लत के कारण रिनपास और सीआईपी जैसे संस्थानों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा देर रात रास्ते पर , फ्लाईओवर के नीचे विशेष रूप से सिरप और सॉल्यूशन का नशा करते युवा दिखाई देते है इसके प्रति पुलिस-प्रशासन को ध्यान रखने की जरूरत है ।
मेयर रांची श्रीमती रोशनी खलखो ने कहा कि नशामुक्ति अभियान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत और जब हर एक व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तब सचमुच हम लोग झारखंड को सिर्फ़ स्वस्थ और सुरक्षित नहीं बल्कि नशामुक्त झारखंड भी बना पाएंगे । साथ ही सभी के सहयोग सुरक्षित रांची ,सुरक्षित झारखंड बना सकते है।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अजय कुमार ने कहा कि वर्ष 2024 में शुरू हुआ यह अभियान लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल झारखंड या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक चुनौती है। उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने, जोखिमग्रस्त बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से ड्रग्स कारोबार की जानकारी मिलने पर टोल-फ्री और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की अपील भी की।
अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल ने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से यह जागरूकता अभियान सफल रहा । सूचना जनसंपर्क विभाग की भूमिका प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण रही। जागरूकता अभियान का मकसद सभी कटिबद्ध ,मुखर, होकर खुलकर नशे के दुष्प्रभाव पर बात करें। सरकार और प्रशासन आपके साथ खड़ी है । उन्होंने कहा कि पूरे साल यह अभियान विशेषकर युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया जाए इसे लेकर शिक्षा विभाग द्वारा कार्यकम बनाये गए हैं ।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल पुरवार ने कहा कि नशे की समस्या पर समय रहते नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में नशे से संबंधित गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। साथ ही नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने, नशा मुक्ति से संबंधित मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ इरफान अंसारी द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति जागरूकता हेतु तैयार पुस्तिका का विमोचन किया गया साथ ही उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों जिसमें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक श्री आनंद , श्रीमती उर्वशी पांडे डीपीआरओ रांची , सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक श्री अभय कुमार ,श्रीमती अंजना भारती डीपीआरओ गिरिडीह , डॉ असीम कुमार डीपीआरओ पलामू , डॉ लाल मांझी एनएचएम से , उच्च शिक्षा से श्री नोइनिता , आलोक रंजन, निर्मला सिन्ह, सहायक शिक्षिका,डॉ सजल आशीष नाग , रिनपास , पर्यटन से आशीष कुमार बनर्जी,मुकेश कुमार ,स्वास्थ्य से सुशांत कुमार , सहित विभिन्न व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया । साथ ही झारखंड में पहली बार राज्य में फाइनेंसियल सीजर की करवाई करने पर सनोज कुमार चौधरी को सम्मानित किया गया । इसके अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मान प्रदान किया गया ।
रांची। झारखंड को मादक पदार्थों के सेवन और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से मुक्त कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को राजधानी रांची में भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों युवाओं, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से अल्बर्ट एक्का चौक तक आयोजित मैराथन दौड़ को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैराथन में शामिल प्रत्येक युवा का कदम केवल दौड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि झारखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चला रही है और इस अभियान में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे राज्य के भविष्य को प्रभावित करता है। इसलिए सरकार का उद्देश्य केवल कानून के माध्यम से कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा कर नशे से दूर रहने की संस्कृति विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि जब युवा स्वयं आगे बढ़कर इस अभियान का हिस्सा बनेंगे, तभी झारखंड को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
उन्होंने उपस्थित युवाओं को नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई। मंत्री ने कहा कि आज के युवाओं ने यह संदेश दिया है कि वे केवल अपने भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के बेहतर भविष्य के लिए भी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त झारखंड की पहचान बनेंगे और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
मैराथन दौड़ में रांची के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राओं के अलावा खिलाड़ियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी संदेश दिए और लोगों से मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की।
अल्बर्ट एक्का चौक पर मैराथन के समापन के बाद विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नशामुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं संस्थाओं को भी सम्मान देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाने वाले ऐसे लोगों को आगे भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
साइकिल प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में शरद अहीर ने प्रथम, सुभास उरांव ने द्वितीय तथा गुलशन डूंगडूंग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं महिला वर्ग में पूजा सिंह प्रथम, निशा कुमारी द्वितीय और मंजू कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम स्थल पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति विषय पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, उनके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा नशे से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि झारखंड का भविष्य उसके युवा हैं और यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ेंगे तो राज्य निश्चित रूप से स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नशामुक्त झारखंड के निर्माण के इस अभियान में सहभागी बनें और समाज में जागरूकता फैलाने का काम करें।
भागलपुर/सुल्तानगंज। : आगामी श्रावणी मेला-2026 को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनीष कुमार गुप्ता ने गुरुवार को विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारियों के साथ सुल्तानगंज एवं भागलपुर रेलवे स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा करना था।
डीआरएम ने निरीक्षण के दौरान यात्री सुविधाओं, पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालय, शौचालय, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, टिकटिंग सुविधाओं, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था समेत सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मेले के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रावणी मेले में सुल्तानगंज से देवघर तक जलार्पण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा को प्राथमिकता दे रहा है। डीआरएम ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए संभावित भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति पर जोर दिया।
सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर डीआरएम ने निर्माणाधीन 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। रेलवे के अनुसार यह नया एफओबी यात्रियों की आवाजाही को अधिक आसान बनाएगा तथा स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने भागलपुर-सुल्तानगंज रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया। भागलपुर स्टेशन पर उन्होंने यात्री सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों, स्वच्छता व्यवस्था और परिचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला अवधि में रेल सेवाओं का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहे और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले।
डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने तथा आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे का लक्ष्य श्रावणी मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और निर्बाध रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।
प्रयागराज। देश के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर के कोचिंग संस्थान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रयागराज में संचालित खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) के एक कोचिंग सेंटर को स्थानीय प्रशासन ने सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच हलचल मच गई है तथा सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनऊ स्थित एक लाइब्रेरी में आग लगाने से कई युवक की मौत हो गई जिसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है इसी क्रम में प्रयागराज प्रशासन ने हाल ही में शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण अभियान चलाया। यह अभियान सुरक्षा मानकों, भवन अनुमति और अग्निशमन (फायर सेफ्टी) नियमों के अनुपालन की जांच के लिए शुरू किया गया था। जांच के दौरान कई संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रशासन ने पाया कि बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना आवश्यक फायर एनओसी (No Objection Certificate) और अन्य सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे थे।
इसी क्रम में खान ग्लोबल स्टडीज के प्रयागराज स्थित एक सेंटर पर भी कार्रवाई की गई। आरोप है कि संस्थान आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों से संबंधित कुछ नियमों का पालन नहीं कर रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने उसे सील कर दिया।
प्रशासन का बड़ा अभियान
प्रयागराज में किए गए निरीक्षण में 93 कोचिंग संस्थानों की जांच की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से केवल 16 संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी पाई गई। सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर तीन संस्थानों को सील कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या बंद हो जाएगी खान सर की कोचिंग?
फिलहाल यह कार्रवाई प्रशासनिक और तकनीकी कमियों को लेकर की गई बताई जा रही है। यदि संस्थान आवश्यक दस्तावेज, फायर सेफ्टी व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों को पूरा कर देता है तो सील हटने की संभावना बन सकती है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
छात्रों में चिंता
कोचिंग सेंटर सील होने की खबर के बाद वहां पढ़ने वाले हजारों छात्रों में असमंजस की स्थिति बन गई है। कई छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बीच इस कार्रवाई से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। वहीं अभिभावक भी प्रशासन और संस्थान दोनों से जल्द समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।
प्रदेशभर में चल रही है कार्रवाई
प्रयागराज ही नहीं, उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी कोचिंग संस्थानों की जांच तेज कर दी गई है। कानपुर में भी सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर दर्जनों कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि हाल की घटनाओं के बाद सभी शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
पटना। जिलाधिकारी, पटना कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में पटना समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में समन्वय समिति की साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था संधारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन एवं अनुश्रवण के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी करने, किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप प्रबंधन सुनिश्चित करने, सहयोग शिविरों का विधिवत संचालन करने एवं प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने, अंतर्विभागीय मामलों का त्वरित समाधान कर विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ पूर्ण पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ जनहित के कार्यों को निष्पादित करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई भी शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में जीरो टॉलरेंस की नीति का अनुपालन किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभागों में समन्वय स्थापित कर कार्यों को सुगमतापूर्वक करने का निदेश दिया, साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि विधि-व्यवस्था या आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी दिए गए दायित्वों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने निदेश दिया कि जिले में आयोजित होने वाले राजकीय समारोहों के लिए कैलेण्डर पहले से तैयार कर लें तथा उसके अनुकूल तैयारी रखें।
सभी कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति जरूरी है ताकि कर्मी व पदाधिकारी कार्यालय कार्यों में तेजी लाएँ तथा कार्यालय में अनुशासन बना रहे।
जिला पदाधिकारी के द्वारा कई विभागों यथा सात निश्चय, जल-जीवन-हरियाली, आरटीपीएस, राजस्व में जिला की राज्यवार रैंकिंग पर संबंधित पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया तथा रैंकिंग में अपेक्षित सुधार अगले 10 दिनों के अंदर करने का निदेश दिया।
जिला पदाधिकारी ने सहयोग पोर्टल पर कुल 2,424 लंबित मामलों पर असंतोष व्यक्त किया तथा इसे तुरंत ही निष्पादित करने का निदेश दिया। जिला, अनुमंडल, प्रखंड स्तर पर लंबित मामलों पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निदेश दिया गया कि वे अगली बैठक तक शत-प्रतिशत निष्पादन करें।
जिला पदाधिकारी ने एमजेसी, सीडब्ल्यूजेसी, एलपीए, राज्य एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, सीपीग्राम तथा माननीय मुख्यमंत्री सचिवालय, लोक शिकायत निवारण के लंबित मामलों पर भी काफी रोष व्यक्त किया तथा अगले 10 दिनों में लंबित मामलों में कम-से-कम 25 प्रतिशत मामले निष्पादित करने का लक्ष्य दिया है।
उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त, सभी अपर समाहर्ता सहित सभी जिला-स्तरीय विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा अनुमंडल व प्रखंड स्तर से सभी पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा समीक्षा में भाग लिया।
पटना : आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने समाहरणालय सभाकक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अनुमंडलवार एवं विभागवार तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को आसूचना तंत्र मजबूत रखने, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को मुहर्रम समितियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जुलूस मार्गों का सत्यापन कर लें तथा यह सुनिश्चित करें कि बिना अनुमति कोई भी जुलूस नहीं निकले।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से जुलूसों की निगरानी करने का फैसला किया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) से भी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। सभी जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा प्रत्येक जुलूस के साथ पुलिस बल की एस्कॉर्ट टीम तैनात रहेगी।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी और एसएसपी ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रखने का निर्देश देते हुए कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों का तत्काल खंडन किया जाए। अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम के अवसर पर डीजे के प्रयोग पर शत-प्रतिशत प्रतिबंध रहेगा। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
क्यूआरटी और स्ट्राइकिंग फोर्स रहेगी तैनात
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष में पर्याप्त संख्या में स्ट्राइकिंग फोर्स तैनात रहेगी, ताकि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर डायल-112 सेवा का भी प्रभावी उपयोग किया जाएगा।
स्वास्थ्य, बिजली और अग्निशमन विभाग को भी निर्देश
प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों, पारा मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और जीवन रक्षक दवाओं के साथ अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल और सदर अस्पताल मुहर्रम के दौरान पूरी तरह तैयार रहेंगे।
वहीं बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जुलूसों के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। नगर निकायों को साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा अग्निशमन विभाग को आवश्यक फायर दस्ते तैनात करने का निर्देश दिया गया है।
शांति और भाईचारे का पर्व है मुहर्रम
बैठक के अंत में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुहर्रम शांति, अनुशासन और भाईचारे का प्रतीक पर्व है। प्रशासन का उद्देश्य है कि पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो तथा उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, सुचारू यातायात और मजबूत विधि-व्यवस्था के साथ लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों को सतर्क, सक्रिय और जिम्मेदार बने रहने का निर्देश दिया गया है।
