मालदा /सुल्तानगंज । श्रावणी मेला-2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने सुल्तानगंज सहित प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षित एवं सुगम रेल सेवाएं सुनिश्चित कीं। 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चले मेला अवधि में सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर करीब 17.35 लाख तीर्थयात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 2.5 लाख अधिक है।
मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं निगरानी में रेलवे ने यात्री सुरक्षा, ट्रेन संचालन, चिकित्सा सुविधा, टिकटिंग, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक इंतजाम किए थे।
950 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें संचालित
बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए मालदा मंडल ने 950 जोड़ी ट्रेन सेवाएं संचालित कीं। इनमें 549 मेल/एक्सप्रेस स्पेशल, 225 TOD स्पेशल और 176 पैसेंजर स्पेशल ट्रेनें शामिल थीं। सुल्तानगंज स्टेशन पर नामित ट्रेनों के ठहराव की अवधि में भी 5 मिनट की वृद्धि की गई। इसके अलावा चुनिंदा नियमित ट्रेनों में जनरल सेकेंड क्लास कोचों की संख्या बढ़ाई गई।
हंसडीहा और नोनीहाट में भी भारी भीड़
बाबा बैद्यनाथ धाम के साथ बासुकीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई। हंसडीहा स्टेशन पर 75 हजार से अधिक, जबकि नोनीहाट भतुड़िया स्टेशन पर 60 हजार से अधिक कांवरियों एवं तीर्थयात्रियों की आवाजाही हुई।
स्काउट्स एंड गाइड्स ने संभाली जिम्मेदारी
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए मालदा मंडल की स्काउट्स एंड गाइड्स टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने पेयजल उपलब्ध कराने, यात्रियों को मार्गदर्शन देने, बुजुर्गों एवं महिलाओं की सहायता करने और भीड़ को व्यवस्थित करने में सहयोग किया। रेलवे सुरक्षा एवं स्वच्छता को लेकर भी यात्रियों को जागरूक किया गया।
मारवाड़ी युवा मंच, सुल्तानगंज के स्वयंसेवकों ने भी रेलवे के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को पेयजल और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
6.1 टन कचरे का प्रबंधन
सुल्तानगंज, हंसडीहा और नोनीहाट भतुड़िया स्टेशनों पर यात्री सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई। सुल्तानगंज स्टेशन पर 133 ट्विन-बिन डस्टबिन लगाए गए और मेला अवधि में लगभग 6.1 टन कचरे का संग्रह एवं प्रबंधन किया गया। नियमित सफाई, कचरे के पृथक्करण और उचित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया गया।
20 हजार कांवरियों को मिली चिकित्सा सहायता
मेला अवधि के दौरान करीब 20 हजार कांवरियों को चिकित्सा उपचार एवं सहायता प्रदान की गई। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए एटीवीएम के साथ अतिरिक्त एम-यूटीएस सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, जिससे अनारक्षित टिकट लेने में यात्रियों को सहूलियत मिली।
रेलवे के अनुसार, श्रावणी मेला-2026 का सफल संचालन मालदा मंडल के विभिन्न विभागों, अग्रिम पंक्ति के रेलकर्मियों, सुरक्षा एवं चिकित्सा दलों, स्काउट्स एंड गाइड्स, एनजीओ स्वयंसेवकों और अन्य संबंधित एजेंसियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा। मंडल ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और यात्री-केंद्रित रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए रेलवे प्रतिबद्ध है।
रांची। राजधानी रांची में सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, खुले में शराब पीने, नशाखोरी, लफंगई और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए रांची पुलिस ने शनिवार शाम बड़ा विशेष अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 50 से अधिक संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों पर एक साथ सघन जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों, खुले मैदानों, सुनसान इलाकों, निर्माणाधीन क्षेत्रों और शराब दुकानों के आसपास पुलिस की विशेष नजर रही। फिरायालाल चौक, अल्बर्ट एक्का चौक, मेन रोड, ओटीसी ग्राउंड, डीआईजी ग्राउंड, मोराबादी मैदान परिसर और स्मार्ट सिटी परिसर सहित कई स्थानों पर पुलिस टीमों ने जांच की।
इसके अलावा रिंग रोड से जुड़े सुनसान रास्तों, खाली प्लॉट और अंधेरे वाले संवेदनशील इलाकों के साथ-साथ देशी-विदेशी शराब दुकानों के आसपास स्थित ढाबों, गुमटियों और नुक्कड़ पर भी सघन चेकिंग की गई।
DSP से लेकर थाना प्रभारी तक रहे मैदान में
रांची पुलिस के इस समकालिक अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रियल टाइम में की। पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्वयं विभिन्न इलाकों में फील्ड पर मौजूद रहे। थाना प्रभारी और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी लेने के साथ वाहनों की जांच की।
पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से जमावड़ा लगाने वालों को भी हटाया और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों से पूछताछ की।
100 से अधिक लोगों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान खुले में शराब पीने, संदिग्ध रूप से घूमने और हुड़दंग करने वाले 100 से अधिक लोगों को पुलिस ने पकड़ा। पुलिस के अनुसार सभी को भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति नहीं करने की सख्त चेतावनी और आवश्यक हिदायत देकर छोड़ा गया। साथ ही संबंधित लोगों के नाम-पते पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राजधानी में असामाजिक तत्वों, मनचलों और आदतन अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है, ताकि खुले में नशाखोरी, फब्तियां कसने, उपद्रव और सड़क पर होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके।
महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा पर जोर
रांची पुलिस ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य राजधानी में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी शहरवासियों के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
पुलिस ने की आम लोगों से अपील
रांची पुलिस ने आम लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि, उपद्रव या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना को दी जाए।
रांची । रांची पुलिस ने 26 अगस्त की रात हुई हत्या और लूट समेत लगातार हुई तीन आपराधिक घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान तीनों घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू और लूट-चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 26 अगस्त को औघड़ बाबा आश्रम के समीप झाड़ियों में एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद मृतक की पहचान उपेन्द्र कुमार मिश्रा (32 वर्ष), पिता त्रिलोकीनाथ मिश्रा, निवासी कुम्हार टोली, कृष्णा वाडो, सुखदेवनगर, रांची के रूप में की।
परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर कोतवाली थाना में कांड संख्या 189/26 दर्ज किया गया। आरोप है कि उपेन्द्र कुमार मिश्रा की चाकू मारकर हत्या करने के बाद उनका मोबाइल और मोटरसाइकिल लूट ली गई थी।
एक ही रात में तीन वारदातों से पुलिस के उड़े होश
जांच के दौरान पुलिस को अरगोड़ा थाना क्षेत्र में भी इसी रात हुई दो अन्य घटनाओं की जानकारी मिली। सहजानंद चौक के पास एक ट्रक चालक पर चाकू से हमला कर मोबाइल लूटने का मामला सामने आया। इस संबंध में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 230/26 दर्ज किया गया।
इसी रात अरगोड़ा थाना क्षेत्र के बसंत बिहार रोड नंबर-5 स्थित निर्माणाधीन भवन में दो लोगों द्वारा घुसकर मोबाइल चोरी करने की घटना भी सामने आई। इस मामले में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 232/26 दर्ज किया गया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को तीनों घटनाओं के बीच समानता मिली। पुलिस के अनुसार, वारदातों को एक ही रात और एक ही प्रकार की अपराध शैली में अंजाम दिया गया था। अपराधियों की कार्यशैली शातिर और खतरनाक पाए जाने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
SIT ने दो आरोपियों को दबोचा
वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में SIT गठित की गई। टीम ने मानवीय और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सुजीत कुमार गुप्ता उर्फ पीटर और राकेश कुमार यादव को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने तीनों घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल फोल्डेबल स्टेनलेस स्टील का चाकू, लूटे गए मोबाइल फोन और चोरी का मोबाइल बरामद किया गया।
चार मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें मृतक और ट्रक चालक से लूटे गए मोबाइल, मजदूर से चोरी किया गया मोबाइल तथा एक की-पैड मोबाइल शामिल है। इसके अलावा घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े और चप्पल भी बरामद किए गए हैं।
पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार, सुजीत कुमार गुप्ता उर्फ पीटर का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चोरी, लूट और एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामले दर्ज हैं। वहीं राकेश कुमार यादव भी चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है।
सुजीत कुमार गुप्ता के खिलाफ सुखदेवनगर, अरगोड़ा और चुटिया थानों में चोरी, लूट और मादक पदार्थ से जुड़े कई मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं राकेश कुमार यादव के खिलाफ सुखदेवनगर थाना में चोरी से संबंधित मामला दर्ज है।
रांची। राज्य में H1N1 (स्वाइन फ्लू) को लेकर झारखंड सरकार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को राज्यभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षक/प्राचार्य एवं जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा सतत् निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने संभावित मामलों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, निगरानी एवं आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर एवं प्रतिबद्ध है।
*“स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जाएगी”*
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा—
*“स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। राज्य में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान से लेकर जांच, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल तक हर स्तर पर व्यवस्था को मजबूत किया गया है। हमारा संकल्प है कि स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जाएगी।”*
स्वास्थ्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों एवं राज्य के विभिन्न जिलों के सिविल सर्जनों से संवाद कर तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
*सभी जिलों में सर्विलेंस मजबूत करने का निर्देश*
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों में Influenza Like Illness (ILI) एवं Severe Acute Respiratory Infection (SARI) के मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि संभावित एवं गंभीर मामलों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो, ताकि मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
*अस्पतालों में अतिरिक्त बेड एवं आवश्यक संसाधन सुरक्षित रखने के निर्देश*
स्वास्थ्य मंत्री ने RIMS, रांची सहित सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों एवं सदर अस्पतालों में अतिरिक्त 10 बेड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही अस्पतालों में—
- ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता,
- आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक,
- जांच की सुविधा,
- ICU/HDU की तैयारी,
- प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल टीम
की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने सभी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि संभावित मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।
*एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर विशेष निगरानी*
राज्य के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम अथवा सांस संबंधी परेशानी जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों का आवश्यकतानुसार Clinical Assessment किया जाएगा। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार Influenza/H1N1 की जांच कराई जाएगी तथा गंभीर मरीजों को तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
*समय पर जांच और उपचार पर विशेष जोर*
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि H1N1 एक Respiratory Viral Infection है और समय पर पहचान एवं उचित चिकित्सकीय उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज स्वस्थ हो जाते हैं। इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सतर्क रहते हुए लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने से बचें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें।
*“सतर्क रहें, घबराएं नहीं”*
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी मशीनरी को सक्रिय रखा गया है।
उन्होंने कहा—
झारखंड सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग की सभी इकाइयां अलर्ट मोड में हैं और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील है कि सतर्क रहें, सावधानी बरतें और लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
रांची। शनिवार को स्थानीय - सरना भवन नगड़ा टोली रांची में इंटेग्रेटेड रूलर वेलफेयर सोसाइटी (IRWS) गैर सरकारी संगठन (संस्था) के शाखा कार्यालय का उदघाटन मुख्य अतिथि पूर्व थाना प्रभारी श्रीमती शीला टोप्पो जी के द्वारा किया गया। संगठन की सचिव निरंजना हेरेंज टोप्पो ने बताया के एन.जी.ओ के माध्यम से झारखण्ड के सभी जिलों में कार्यालय खोला जाएगा और प्रखण्ड, पंचायत से लेकर गांव -गाव तक राज्य सरकार और केन्द्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे विकास योजनाओं को धरातल तक पहुंचायेंगे। संस्था के अध्यक्ष सुशील कुजूर ने बताया कि सोसाइटी एक्ट 1860, के 2012-13 में निबंधित है और संस्था का उद्देश्य राज्य के लोगों का समग्र विकास करने के हम-सब तत्पर हैं। संस्था कार्यालय के उद्घाटन समारोह में अध्यक्ष सुशील कुजूर, सचिव - निरंजना हेरेंज टोप्पो, मेम्बर आफ सेक्रेटरी राजू उरांव, कोषाध्यक्ष अरविन्द उरांव, सहित विनोद कच्छप, कर्मा उरांव, गीता तिर्की, जलेश्वर उरांव, कुसुम मुंडा, रीना किस्पोट्टा, विनीता टोप्पो, मनीला किस्पोट्टा, दीपू टोप्पो, मुन्ना टोप्पो मुख्य रूप से उपस्थित थे।
कोलकाता भागलपुर। श्रावणी मेला एवं आगामी पूजा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के परिचालन को 30 नवंबर 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
रेलवे के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस विशेष ट्रेन का परिचालन वर्तमान समय-सारणी और निर्धारित ठहराव के साथ जारी रहेगा। इससे भागलपुर, मुंगेर और कटिहार समेत मार्ग के विभिन्न स्टेशनों के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
ट्रेन संख्या 03407 भागलपुर–कटिहार अनारक्षित स्पेशल प्रतिदिन भागलपुर से सुबह 7:00 बजे रवाना होगी और उसी दिन दोपहर 1:00 बजे कटिहार जंक्शन पहुंचेगी।
वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 03408 कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल प्रतिदिन कटिहार जंक्शन से दोपहर 2:10 बजे रवाना होगी और उसी दिन रात 8:20 बजे भागलपुर पहुंचेगी।
रेलवे के अनुसार, दोनों दिशाओं में यह ट्रेन अकबरनगर, सुल्तानगंज, कल्याणपुर रोड, बरियारपुर, रतनपुर और मुंगेर सहित निर्धारित स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे के इस निर्णय से श्रावणी मेला एवं आगामी पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
सिमरिया। सिमरिया प्रखंड के हुरनाली पंचायत अंतर्गत ग्राम पुंडरा स्थित प्रसिद्ध दासी पहाड़ी मंदिर के समीप शुक्रवार को DMFT योजना के तहत प्रस्तावित फुटब्रिज सह शेड निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह के साथ सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास भी उपस्थित रहे।
फुटब्रिज सह शेड का निर्माण क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दासी पहाड़ी मंदिर के समीप इस सुविधा की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार यहां फुटब्रिज निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसे अब DMFT योजना के माध्यम से पूरा करने की पहल शुरू कर दी गई है।
फुटब्रिज के निर्माण से पुंडरा सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर बरसात के मौसम में रास्ते में होने वाली परेशानियों से ग्रामीणों को राहत मिलेगी। वहीं, प्रसिद्ध दासी पहाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह निर्माण काफी उपयोगी साबित होगा।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सांसद कालीचरण सिंह और विधायक उज्जवल कुमार दास ने क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फुटब्रिज निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। इसके निर्माण की स्वीकृति और शिलान्यास से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा होने के बाद उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की स्थायी सुविधा मिल सकेगी।
बताया गया कि DMFT योजना के तहत क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पुंडरा में फुटब्रिज सह शेड का निर्माण ग्रामीणों की जरूरत और स्थानीय मांग को ध्यान में रखते हुए कराया जा रहा है।
मौके पर विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक योजनाओं को प्राथमिकता के साथ धरातल पर उतारा जाएगा। ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।
फुटब्रिज सह शेड के शिलान्यास के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सांसद और विधायक के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि यह निर्माण कार्य केवल आवागमन की सुविधा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि दासी पहाड़ी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।
जनता की सुविधा, क्षेत्र का विकास और बेहतर भविष्य—इसी उद्देश्य के साथ पुंडरा में शुरू हुआ फुटब्रिज सह शेड निर्माण स्थानीय विकास की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।
रांची/धनबाद। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को रांची और धनबाद में पांच ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान हुई। अधिकारियों पर कुल 48,400 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि मामला CISF के Pay and Accounts Office से जुड़ा है। CBI ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए अधिकारियों को पकड़ा गया।
CBI की टीम ने कार्रवाई के दौरान संबंधित दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की भी जांच की। रांची और धनबाद स्थित कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा भ्रष्टाचार का नेटवर्क कितना बड़ा है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में CBI की जांच आगे जारी है।
सिल्ली-मुरी। सिल्ली प्रखंड स्थित चिराग पब्लिक स्कूल में गुरुवार को सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का संदेश दिया। इस दौरान विद्यालय परिसर रक्षाबंधन के उल्लास से सराबोर रहा।विद्यालय के निदेशक दिनेश महतो ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सम्मान, कृतज्ञता और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के महत्व को समझाना है। साथ ही, इसके माध्यम से बच्चों में आपसी प्रेम और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देना भी है। विद्यालय के प्राचार्य वी. सुधीर राव ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें भारतीय परंपराओं व संस्कारों से जोड़ते हैं।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साह और उल्लास से भरा रहा। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन पर्व के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी।
सिल्ली। सिंहपुर चौक स्थित मैरिज हॉल में सिल्ली-मुरी कुड़मी/कुरमी समाज के की बैठक हुई। बैठक में आगामी 6 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर चर्चा की गई। समाज के सदस्यों ने लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। समाज के शशि रंजन महतो ने कहा कि कुड़मी जाति को 6 सितंबर 1950 को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची से हटाए जाने के विरोध में लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ब्रिटिश शासनकाल में छोटानागपुर क्षेत्र में कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया गया था। स्वतंत्र भारत में एसटी, एससी और ओबीसी श्रेणियां बनने के दौरान कुड़मी समाज को एसटी सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज की मांग है कि कुड़मी को पुनः अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जाए। 6 सितंबर के धरना-प्रदर्शन में झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से हजारों लोगों के शामिल होने की बात कही गई। इसे समाज ने ‘अन्याय दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। बैठक से पूर्व सदस्यों ने सिंहपुर चौक स्थित समाजसेवी स्व. विष्णु चरण महतो की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर रघुनाथ महतो, कृष्णा महतो, जितेंद्र महतो, घनेश्याम महतो, नंदलाल महतो, रतन लाल महतो, गोकुल महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
