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चांडिल। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मंगलवार को परिजनों के साथ चांडिल डैम के भ्रमण के दौरान उन्होंने डैम की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और इसके विकास को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री सोरेन सरायकेला-खरसावां जिले के धातकीडीह जाने के क्रम में प्रसिद्ध चांडिल डैम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डैम के विहंगम प्राकृतिक सौंदर्य और शांत परिवेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड की इस अनुपम प्राकृतिक धरोहर को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित किया जाना चाहिए।
डैम परिसर में मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त के साथ विकास कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने पर्यटन संवर्धन, जल प्रबंधन, चांडिल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने तथा बिजली उत्पादन और संवर्धन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन (बोटिंग) व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पर्यावरण अनुकूल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक एवं पर्यावरण अनुकूल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्य इस तरह किए जाएं कि प्राकृतिक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना क्षेत्र का कायाकल्प हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल के एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मालदा । दिवाली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने रांची और पूर्णिया कोर्ट के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
पूर्व रेलवे, मालदा मंडल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रेन संख्या 08625 रांची–पूर्णिया कोर्ट स्पेशल 6, 13 और 20 नवंबर 2026 (प्रत्येक शुक्रवार) को रांची से शाम 6 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:30 बजे पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी।
वहीं, ट्रेन संख्या 08626 पूर्णिया कोर्ट–रांची स्पेशल 7, 14 और 21 नवंबर 2026 (प्रत्येक शनिवार) को पूर्णिया कोर्ट से दोपहर 3 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9:45 बजे रांची पहुंचेगी।
दोनों दिशाओं में यह ट्रेन पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र में बांका, बाराहाट, भागलपुर, सुल्तानगंज, बरियारपुर और मुंगेर स्टेशनों पर रुकेगी।
इस विशेष ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी, स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। ट्रेन की बुकिंग रेलवे के यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) और इंटरनेट के माध्यम से की जा सकती है।
महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खेल मैदान में दिखाया दमखम, सीसीएल वॉरियर्स रही उपविजेता
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा आज दिनांक 03 नवंबर, 2026 को महात्मा गांधी क्रीड़ांगन, गांधीनगर, रांची में एकदिवसीय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। सीसीएल द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच खेलकूद को प्रोत्साहित करना तथा उनकी खेल प्रतिभा को एक बेहतर मंच प्रदान करना था।
प्रतियोगिता का शुभारंभ निदेशक (वित्त), श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन), श्री हर्ष नाथ मिश्र, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर सभी कोलकर्मियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और स्वयं पिच पर बल्लेबाजी एवं गेंदबाजी कर प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि खेल का मैदान महिला सशक्तिकरण का एक जीवंत प्रतीक है। ऐसी प्रतियोगिताएं महिलाओं के आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता को नई उड़ान देने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि सीसीएल की महिलाएं कार्यालय की जिम्मेदारियों से लेकर खेल के मैदान तक हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि खेलकूद जीवन में सकारात्मकता, अनुशासन एवं आत्मविश्वास का संचार करता है। उन्होंने कहा कि सीसीएल में महिला कर्मचारियों को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों एवं खिलाड़ियों को उनके उत्साह और खेल भावना के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर सीसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार ने कहा कि खेलकूद न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, आपसी सहयोग और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करता है। उन्होंने महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण बनाने के साथ-साथ महिलाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस प्रतियोगिता में सीसीएल पैंथर्स, सीसीएल टाइटन्स एवं सीसीएल वॉरियर्स की तीन टीमों ने हिस्सा लिया। लीग चरण के पहले मुकाबले में सीसीएल पैंथर्स (91/2) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीसीएल टाइटन्स (64/3) को 27 रनों से पराजित किया। दूसरे मुकाबले में सीसीएल पैंथर्स (64/4) ने सीसीएल वॉरियर्स को 30 रनों से हराया। वहीं, तीसरे लीग मुकाबले में सीसीएल वॉरियर्स (130/2) ने सीसीएल टाइटन्स (79/4) को 51 रनों से शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की।
दोपहर 12:30 बजे सीसीएल पैंथर्स एवं सीसीएल वॉरियर्स के बीच 10-10 ओवरों का फाइनल मुकाबला खेला गया। खिताबी मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए सीसीएल पैंथर्स ने शानदार प्रदर्शन किया और 137/1 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीसीएल वॉरियर्स की टीम निर्धारित ओवरों में 111/6 रन ही बना सकी। इस प्रकार सीसीएल पैंथर्स ने 26 रनों से जीत दर्ज कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, जबकि सीसीएल वॉरियर्स उपविजेता रही।
मैच के समापन के उपरांत मुख्य अतिथि द्वारा विजेता सीसीएल पैंथर्स एवं उपविजेता सीसीएल वॉरियर्स की टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस आयोजन ने सीसीएल की महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ आपसी सहयोग, टीम भावना और खेल भावना को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।
रांची। समाहरणालय में सोमवार को जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
जनता दरबार में भूमि विवाद, पंजी-2 सुधार, दाखिल-खारिज, दखल-कब्जा, घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े मामले प्रमुख रूप से सामने आए। डीसी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
गैस सिलेंडर पर दिया सुझाव
एलपीजी गैस की किल्लत की शिकायत पर डीसी ने आम नागरिकों को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बाजार से 5 किलो का सिलेंडर लेने का सुझाव दिया।
सोनाहातू की जमीन पर कब्जे का मामला
सोनाहातू में बाजार समिति की जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास की शिकायत पर डीसी ने एसडीओ को जमीन को संरक्षित करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पेंशन भुगतान पर जानकारी
सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर डीसी ने बताया कि रांची जिले में लगभग 50 प्रतिशत लाभुकों को भुगतान किया जा चुका है। शेष लाभुकों के खातों में आ रही तकनीकी बाधा को दूर कर जल्द भुगतान किया जाएगा।
डीसी ने सभी अंचल अधिकारियों और बीडीओ को निर्देश दिया कि आम लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और आवेदनों का निष्पादन समय-सीमा के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
रांची। राजभवन में आज एक साहित्यिक कार्यक्रम के तहत श्री उपेंद्र पाठक द्वारा संकलित पुस्तक *“संचित विचार”* का विमोचन झारखंड के महामहिम माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार जी द्वारा किया गया।
इस पुस्तक में जीवन, समाज, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जुड़े विविध विचारों को संकलित किया गया है, जो पाठकों को नई दिशा और प्रेरणा देगी।
विमोचन के अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदय ने पुस्तक के लेखक उपेंद्र पाठक को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह की रचनाएं समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि विचारों का संचय ही व्यक्ति को बड़ा बनाता है और "संचित विचार" इसी का एक सुंदर उदाहरण है।
लेखक उपेंद्र पाठक ने इस अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यस्ततम समय में से समय निकालकर उन्होंने पुस्तक का विमोचन कर लेखक समुदाय का मनोबल बढ़ाया है। इसके लिए वे हृदय से कृतज्ञ हैं।
इस गरिमामय अवसर पर डॉ एच. पी. नारायण, अरविंद कुमार, रंजय ओझा, अशोक कुमार राय, सुधांशु पाठक, संध्या पाठक, नीलम पाठक, वेदांत कौस्तव और तेजस कुमार सहित शहर के कई बुद्धिजीवी, साहित्यकार और परिवारजन उपस्थित थे। सभी ने लेखक को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
राँची । माण्डर थाना क्षेत्र के टिको टोली गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई रामु उरांव (55) की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपियों को 30 अक्टूबर को ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, जबकि दो अन्य आरोपियों को रविवार को ठाकुरगांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर को टिको टोली गांव स्थित डेयरी के पास सेवाडीह निवासी रामु उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही माण्डर थाना प्रभारी, खलारी के पुलिस उपाधीक्षक और आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन पर माण्डर थाना कांड संख्या 113/26 दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में खलारी के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का उद्भेदन किया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक और उनके बीच जमीन को लेकर पिछले दस वर्षों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस ने इस मामले में राम जनम सिंह (50), तेज नारायण सिंह उर्फ तेजना सिंह (32), धुरवा सिंह उर्फ धुरू सिंह (27), कुलदीप सिंह (करीब 40) और राजेन्द्र सिंह उर्फ विपीन सिंह (करीब 29) को गिरफ्तार किया है। पहले तीन आरोपी अड़ा गांव, थाना ठाकुरगांव के निवासी हैं। कुलदीप सिंह और राजेन्द्र सिंह भी इसी गांव के निवासी बताए गए हैं।
छापेमारी दल में खलारी के पुलिस उपाधीक्षक रामनारायण चौधरी, माण्डर अंचल के पुलिस निरीक्षक जय प्रकाश राणा, माण्डर थाना प्रभारी मनोज करमाली, ठाकुरगांव थाना प्रभारी शुभम कुमार, चान्हो थाना प्रभारी टिंकु रजक, बुढ़मू थाना प्रभारी नवीन कुमार सहित माण्डर और ठाकुरगांव थानों के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल थे।पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर की ओर से आगामी 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाले “अराजकता रोको, लोकतंत्र बचाओ – छात्र गर्जना” कार्यक्रम की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इंद्रजीत साह उपस्थित रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, विद्यार्थियों की सहभागिता एवं संगठनात्मक तैयारियों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में देश की एकता एवं अखंडता के विरुद्ध उठने वाली आवाजों, भारत के विभाजन की बातें करने वाले विचारों तथा चिकन नेक जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र को लेकर दिए जा रहे विवादित बयानों सहित विभिन्न भारत विरोधी गतिविधियों के विरुद्ध परिषद द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी आंदोलन पर चर्चा हुई। आगामी 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाली छात्र गर्जना में पूरे झारखंड के विभिन्न जिलों से 5000 से अधिक विद्यार्थियों के जुटने की संभावना है। इस विशाल छात्र समागम में प्रदेशभर के विद्यार्थी एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। साहिबगंज जिले से भी 300 से अधिक विद्यार्थियों के राँची पहुँचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इंद्रजीत साह ने कहा कि, “भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जब देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर सवाल खड़े होते हैं, तब विद्यार्थियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित के साथ राष्ट्रहित के विषयों पर अपनी आवाज बुलंद करती रही है। 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाली छात्र गर्जना प्रदेश के विद्यार्थियों की एकजुटता और लोकतांत्रिक सहभागिता का एक बड़ा उदाहरण बनेगी।”
नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि, “साहिबगंज जिले के विद्यार्थियों में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह है। हम जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों तक इस कार्यक्रम का संदेश पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि साहिबगंज से 300 से अधिक विद्यार्थी राँची पहुँचकर छात्र गर्जना में सहभागिता करें। 3 नवंबर को राँची की धरती पर झारखंड के हजारों विद्यार्थी एकजुट होकर छात्र शक्ति का परिचय देंगे।”
बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर प्रदेश छात्रा सह प्रमुख सुश्री निधि सिंह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, नगर सह मंत्री लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पूर्णव कुमार, अनुप्रासन कुमार, अमन भगत, नीरज यादव, समीर कुमार, अविनाश साह, बादल कुमार, रोशन कुमार, राजा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा 01 नवंबर, 2026 को कोल इंडिया लिमिटेड एवं अपना 52वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची में आयोजित समारोह में निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं हितधारकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक, सीवीओ एवं अन्य उपस्थित कोलकर्मियों के द्वारा शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर में सीसीएल ध्वज एवं क्षेत्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगीत एवं सीआईएल कॉर्पोरेट गीत का सामूहिक गायन किया गया। इस अवसर पर उत्साह एवं उमंग के प्रतीक स्वरूप गुब्बारे भी छोड़े गए।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में सीआईएल एवं सीसीएल के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों और विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी की सफलता के पीछे इसके प्रत्येक कर्मी का समर्पण, कठिन परिश्रम और टीम भावना है। उन्होंने कहा कि सीसीएल केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामाजिक एवं सतत आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने सभी कर्मियों से सुरक्षा, गुणवत्ता, नवाचार एवं पर्यावरण संरक्षण को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार ने अपने संबोधन में सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक ताकत उसकी कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों में निहित होती है। उन्होंने कहा कि कोल कर्मियों की मेहनत, समर्पण और सामूहिक योगदान से ही कोयला उत्पादन के साथ-साथ देश के विकास और ऊर्जा आवश्यकताओं को गति मिलती है। सभी कर्मियों की निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं सकारात्मक सोच ही संस्थान को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सीआईएल तथा सीसीएल की यह 52 वर्षों की यात्रा निरंतर मेहनत, समर्पण, नवाचार और राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक है। कंपनी ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास एवं सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में भी निरंतर महत्वपूर्ण पहल कर रही है। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभाने के लिए मिलेगा पदक, मां भी बेटे की उपलब्धि पर गौरवान्वित
साहिबगंज -केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इस वर्ष दक्षता पदक के लिए चयनित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों में साहिबगंज जिले के अमित कुमार पासवान का नाम शामिल होने से जिले में खुशी की लहर है। मूल रूप से साहिबगंज जिला मुख्यालय के जयप्रकाश चौक स्थित गैस गोदाम क्षेत्र के रहने वाले अमित कुमार पासवान वर्तमान में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर क्षेत्र में पुलिस सेवा दे रहे हैं वह जराइकेला थाना के थाना प्रभारी के पद पर पदस्थापित हैं।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी चयन सूची के अनुसार अमित कुमार पासवान का चयन सारंडा क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए किया गया है। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया था। इसमें अहम योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को दक्षता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
अमित कुमार पासवान की इस उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद साहिबगंज के लोगों ने खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि जिले की धरती से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर सम्मान हासिल किया है, जो पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। वहीं, अमित की माता भी अपने पुत्र की इस उपलब्धि से काफी गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। बेटे की मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को मिले इस सम्मान से परिवार में खुशी का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि दक्षता पदक के लिए मनोहरपुर के पुलिस निरीक्षक अमित रोशन कुल्लू, पूर्व डीएसपी जयदीप लकड़ा समेत कई अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का भी चयन हुआ है। मनोहरपुर डीएसपी डेविड ए. डोडराय ने चयनित अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी है एवं पुलिस परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया/
सोनाहातु। विद्या ज्योति इंग्लिश मीडियम स्कूल, सोनाहातु के संस्थापक तरुण महतो के आकस्मिक निधन से पूरे सोनाहातु क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
बताया जा रहा है कि उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक, शिक्षक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
तरुण महतो एक सरल, मिलनसार और सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी थे। वे शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के साथ-साथ पूर्व में एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंने अपने विद्यालय के माध्यम से कई लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया और हमेशा जरूरतमंद एवं गरीब परिवारों की मदद के लिए तत्पर रहते थे।
उनका मानना था कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। अपने व्यवहार और सामाजिक कार्यों के कारण उन्होंने लोगों के दिलों में एक अलग पहचान बनाई थी।
उनके आकस्मिक निधन से न केवल उनके परिवार और विद्यालय परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक मिलनसार, मददगार और शिक्षाप्रेमी व्यक्तित्व को खो दिया है।
