गोड्डा । पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की 18 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आकाश भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। गुप्त सूचना और लगातार छापेमारी के बाद 31 जुलाई 2026 को यह बड़ी सफलता मिली।
गिरफ्तार आरोपी
- शहबाज अंसारी (धैनुकट्टा, पोड़ैयाहाट)
- शहनबाज अंसारी (देवडाड़)
- किस्नु रजक (गुंदली टोला, बाघमारा)
बरामद वाहन
- स्प्लेंडर – 7
- एचएफ डीलक्स – 3
- ग्लैमर – 2
- होंडा ड्रीम नियो – 1
- पैशन प्रो – 1
- होंडा डियो स्कूटी – 1
- बजाज CT-100 – 1
- कुल बरामद वाहन – 18
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी शहनबाज अंसारी के खिलाफ पहले से भी वाहन चोरी का मामला दर्ज है।
नगर थाना गोड्डा में कांड संख्या 138/2026 दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस कार्रवाई में नगर थाना सहित कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम शामिल रही।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, साहिबगंज नगर द्वारा JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के विरोध में आज साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य गेट पर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग पर एकजुट हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों की कठिन मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी तथा जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती, तब तक परिषद का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह ने अपने संबोधन में कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रिया में सामने आए गंभीर आरोप केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लाखों युवाओं के सपनों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करानी चाहिए तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज़ बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें दोहराईं। परिषद ने JPSC एवं JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने, उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद समाप्त नहीं करने, पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने, भविष्य में पूर्णतः पारदर्शी एवं डिजिटल ऑडिट योग्य परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री श्री बादल कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, मनीष कुमार, समीर, नीरज यादव, शिवम गुप्ता, सुमन कुमार, निधि सिंह, लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पायल कुमारी,मौसमी कुमारी,रिया, प्रिया, खुशी, अंकिता सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में परिषद ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे राज्य में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
रांची: राज्य के चर्चित शराब प्रकरण की जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के महत्वपूर्ण चरण में एसीबी ने तीन प्रमुख व्यक्तियों को 6 अगस्त 2026 को पूछताछ के लिए पुनः समन जारी किया है। एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजी साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और विभिन्न व्यक्तियों के बयानों के पारस्परिक सत्यापन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
एसीबी ने बताया कि पूर्व में जारी नोटिस का पालन नहीं करने के कारण श्यामजी शरण को एक बार फिर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। उन्हें 6 अगस्त को जांच में सहयोग करते हुए आवश्यक जानकारी और अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व प्रबंध निदेशक तथा छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी को भी दोबारा पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है। एसीबी उनके पूर्व बयानों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करेगी।
इसी क्रम में Nexgen Solution Pvt. Ltd. के सीईओ अरुण कुमार सिंह को भी पुनः तलब किया गया है। उनसे कंपनी की भूमिका, उससे जुड़े अनुबंधों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के साथ कारोबारी संबंधों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
एसीबी के अनुसार 6 अगस्त को होने वाली पूछताछ का उद्देश्य केवल बयान दर्ज करना नहीं है, बल्कि दस्तावेजी साक्ष्यों, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और पहले दर्ज बयानों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक कड़ी स्थापित करना है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध प्रत्येक तथ्य और साक्ष्य का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से सत्यापन किया जा रहा है। एसीबी का दावा है कि जांच पूरी तरह तथ्यपरक, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में आज एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जुलाई, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 06 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 77 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएँ एवं स्मृतियाँ साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- श्री अवनीश कुमार, महाप्रबंधक(खनन), भूविज्ञान विभाग; श्री प्रतुल कुमार, महाप्रबंधक(मानव संसाधन), मानव संसाधन & आईआर विभाग; श्री चंद्र भूषण प्रसाद, मुख्य प्रबंधक (खनन), सुरक्षा विभाग; श्रीमती पूनम देवी, ओ. एस. ग्रेड-A-1, ईई विभाग; श्री जनेश्वर राम, मुख्य फार्मासिस्ट- A-1, गांधीनगर अस्पताल एवं श्री बलराम सिंह मुंडा, सहायक फोरमैन, ई एंड एम।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सीवीओ श्री पंकज कुमार ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने कार्यकाल के दौरान संगठन की प्रगति में अमूल्य योगदान देता है। वर्षों की आपकी मेहनत, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी ने न केवल कंपनी की विकास यात्रा को गति दी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति की मिसाल कायम की है। सेवानिवृत्ति जीवन का एक नया अध्याय है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसरों के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के उत्तम स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा उज्ज्वल एवं आनंदमय जीवन की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची, 31 जुलाई: पूर्व मंत्री एवं झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक मुद्दों पर हल्ला-गुल्ला करने के बजाय झारखंड के छात्रों और युवाओं के हितों की भी आवाज उठाएं।
बंधु तिर्की ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों से केंद्र सरकार ने झारखंड के एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की बड़ी राशि जारी नहीं की है। इसके कारण राज्य सरकार लाखों छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद संसद परिसर में जेपीएससी मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि छात्रवृत्ति जैसी गंभीर समस्या पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। तिर्की ने दावा किया कि जेपीएससी अनियमितता मामले में राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
बंधु तिर्की ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संबंधित केंद्रीय मंत्री को कई बार पत्र लिखकर छात्रवृत्ति की बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, इसका असर झारखंड के करीब 32 लाख छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने छात्रवृत्ति से जुड़े आंकड़े भी जारी करते हुए कहा कि:
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): राज्य ने ₹45.91 करोड़ की मांग की, जबकि केंद्र से केवल ₹3.95 करोड़ मिले।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2024-25): ₹353.21 करोड़ की मांग के बदले ₹33.57 करोड़ जारी हुए।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): ₹370.87 करोड़ की मांग के मुकाबले केवल ₹58.22 करोड़ स्वीकृत हुए।
आगे बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा सांसदों को केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर झारखंड के छात्रों के हित में केंद्र सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता इन सभी तथ्यों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
गोड्डा। गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में ज्वेलरी दुकानों में हुई चोरी की घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के चांदी के आभूषण, तीन मोबाइल फोन तथा वारदात में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, महागामा के नेतृत्व में महागामा थाना कांड संख्या 33/26 की जांच के दौरान मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबसे पहले छोटू कुमार (निवासी सन्हौला, भागलपुर) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
छोटू कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने मो. मोकर्रम, जिया उर्फ जियाउर्रहमान और सूरज कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने महागामा कांड के अलावा हनवारा थाना क्षेत्र की दो ज्वेलरी दुकानों में चोरी की वारदात में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक चांदी का ब्रेसलेट, एक चांदी की गले की चेन, तीन मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में महागामा एवं हनवारा थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और चोरी की अन्य घटनाओं में भी आरोपियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 79 कैदियों की रिहाई से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। गहन समीक्षा के बाद 26 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी।
बैठक में राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद द्वारा अनुशंसित 37 नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत 42 मामलों पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ पात्रता, जेल में आचरण, सजा की अवधि, कानूनी प्रावधान, न्यायालय की टिप्पणियां, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक एवं प्रोबेशन पदाधिकारियों की रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी प्रमंडलों में ओपन जेल स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जेल से रिहा होने वाले व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और उनके पुनर्वास तथा सम्मानजनक जीवन-यापन के लिए हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सुधारात्मक दृष्टिकोण को भी समान महत्व दे रही है। उन्होंने मानसिक रूप से बीमार बंदियों का डाटाबेस तैयार कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून और नियमों के अनुरूप रिहा हुए व्यक्तियों को समाज में नई शुरुआत का अवसर मिलना चाहिए, जिससे उनके पुनर्वास के साथ-साथ सामाजिक समरसता भी मजबूत होगी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल, न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने मानव संसाधन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मानव संसाधन (HR) अधिकारियों के लिए "मानव संसाधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस प्रशिक्षण में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों और मुख्यालय से लगभग 50 मानव संसाधन अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सीसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संकाय देशबंधु मिश्रा तथा महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक भी उपस्थित रहे।
महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक ने अपने संबोधन में कहा कि आज के बदलते कार्य परिवेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली उपकरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन अधिकारियों के लिए AI की कार्यप्रणाली को समझना और उसके प्रभावी उपयोग के लिए स्वयं को तैयार करना समय की आवश्यकता है।
वहीं, निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी ने कहा कि AI तकनीक मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक दक्ष, तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI के उपयोग के साथ जुड़े नैतिक पहलुओं, संभावित चुनौतियों और ग्रे-एरिया पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है, ताकि इसका उपयोग जिम्मेदारी और संतुलन के साथ किया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने AI के विभिन्न आयामों, मानव संसाधन प्रबंधन में इसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव, सुझाव और जिज्ञासाएं साझा कीं। सीसीएल का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजिटल युग में मानव संसाधन प्रबंधन को तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आज रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में राज्य स्तरीय झारखंड इनक्यूबेटर प्रोग्राम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने झारखंड इनक्यूबेटर प्रोग्राम की आधिकारिक वेबसाइट और ठाकुर गंगटी मँडरो सखी सिल्क हैंडलूम वीवर्स की वेबसाइट का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि अब तक झारखंड की पहचान मुख्य रूप से खनिज संपदा के लिए होती रही है, लेकिन राज्य की महिलाओं ने अपनी मेहनत, कौशल और आत्मविश्वास के बल पर यह साबित किया है कि वे सफल उद्यमी बनने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन महिलाओं की प्रतिभा को पहचान दिलाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल 150 उद्यमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे राज्य में महिला उद्यमिता का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना आने वाले समय में और अधिक नॉलेज पार्टनर्स को जोड़कर इस पहल का विस्तार करने की है, ताकि JSLPS से जुड़े 1.54 लाख से अधिक उद्यमों को चरणबद्ध तरीके से बेहतर बाजार, तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
मंत्री ने कहा कि "हमारा राज्य अभी केवल 25 वर्ष पुराना है। लंबे समय तक हमने बुनियादी आवश्यकताओं और विकास की चुनौतियों का सामना किया है। अब समय आ गया है कि झारखंड केवल खनिजों के लिए नहीं, बल्कि अपने नवाचार, महिला उद्यमिता और सफल ग्रामीण एंटरप्राइजेज के लिए भी देशभर में पहचाना जाए।" उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10,000 से अधिक ऐसे उद्यम हैं जो उपलब्ध संसाधनों के साथ उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। इन्हीं महिलाओं के प्रयासों से पलाश और आजीविका जैसे ब्रांड राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। सरकार इन सफल मॉडलों को और सशक्त बनाकर राज्य में लाखों महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ना चाहती है।
दीपिका पांडेय सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि IIM कोलकाता इनोवेशन पार्क के तकनीकी सहयोग, JSLPS के मजबूत नेटवर्क तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता से झारखंड महिला-नेतृत्व वाली ग्रामीण उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIMCIP) के सहयोग से संचालित यह तीन वर्षीय राज्यव्यापी कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म एवं नैनो उद्यमों को पहचान, प्रशिक्षण, मेंटोरिंग, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव, ब्रांडिंग तथा औपचारिक स्वरूप प्रदान कर उन्हें प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में 150 महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों का चयन कर उन्हें तीन वर्षों तक व्यापक इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें व्यवसाय का मूल्यांकन, मेंटोरिंग, क्षमता निर्माण, प्रमाणन, वित्तीय एवं बाजार से जुड़ाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स, ब्रांडिंग और व्यवसाय विस्तार जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। कार्यक्रम के तहत रांची में एक केंद्रीय हब तथा संभागीय स्तर पर पाँच क्षेत्रीय स्पोक स्थापित किए जाएंगे, जिससे पूरे राज्य में उद्यमियों तक अंतिम छोर (Last Mile) तक गुणवत्तापूर्ण सहायता पहुंचाई जा सके। इस मौके पर विभागीय सचिव मनोज कुमार, जेएसएलपीएस सीईओ अनन्य मित्तल, झारक्राफ्ट एमडी गरिमा सिंह, अटल इनोवेशन मिशन के डायरेक्टर हिमांशु जोशी सहित विभागीय अधिकारी और महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं मौजूद रही.
सखी सिल्क को लेकर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा*
हमने सखी सिल्क का वेब पोर्टल लॉन्च किया है। इसके माध्यम से ठाकुरगंगटी के भगैया सिल्क बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हमारी दीदियों को एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिलेगा। एफपीओ के माध्यम से उनके उत्पाद लिए जाएंगे, उनकी ब्रांडिंग सखी सिल्क के तहत की जाएगी और उन्हें पलाश एवं अदिवा स्टोर्स के माध्यम से भी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। यह हमारे लिए लंबे समय से एक सपना था कि झारखंड के सिल्क को उसकी वास्तविक पहचान मिले। अब तक भगैया सिल्क को लोग भागलपुर सिल्क के नाम से जानते थे, जबकि इसके असली बुनकर गोड्डा और दुमका के विभिन्न प्रखंडों में हैं। जीआई टैग मिलने के बाद अब इन बुनकरों और हमारी महिला दीदियों को उनकी मेहनत का उचित सम्मान और पहचान मिलेगी।मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल न केवल भगैया सिल्क को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएगी, बल्कि हमारे बुनकर परिवारों और महिला उद्यमियों की आय बढ़ाने के साथ-साथ झारखंड की पारंपरिक हस्तशिल्प विरासत को भी नई पहचान दिलाएगी।
रांची, 28 जुलाई। रांची पुलिस ने जुलाई माह में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना के उद्भेदन में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई वैज्ञानिक जांच के आधार पर पुलिस ने चोरी के मामले में गिरफ्तार सोना व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान की निशानदेही पर बिहार के मुजफ्फरपुर से करीब 400 ग्राम सोने एवं मोती के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 65 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई के बाद इस कांड में अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकदी और आभूषण बरामद किए जा चुके हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर निवासी निशित केसरी एवं अखिलेश पांडेय के घरों में चोरी की बड़ी घटना हुई थी। मामले में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 172/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने तत्काल एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर अपराधियों की पहचान की दिशा में तेजी से कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले घटना में प्रयुक्त जगुआर कार (UP78EM0101) को जब्त किया। साथ ही चोरी की गई ₹17,36,200 नकद राशि और कई सोने के आभूषण भी बरामद किए गए। इसके बाद जांच की कड़ी आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सोना व्यवसायी समीर खान उर्फ कबीर खान को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित आरोपी की ससुराल बिजय स्टोर गली, वार्ड संख्या-40, नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। वहां से करीब 400 ग्राम सोने एवं मोती के आभूषण बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत लगभग 65 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार, अब तक इस चोरी कांड में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की जा चुकी है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इस मामले में आगे भी कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान समीर खान उर्फ कबीर खान, पिता स्वर्गीय अब्दुल्लाह खान, निवासी शुक्ला रोड, रमना, नगर थाना, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) के रूप में हुई है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) निखिल राय और वरीय पुलिस उपाधीक्षक (हटिया) नीरज कुमार ने किया। छापेमारी दल में अरगोड़ा, डेली मार्केट, नामकुम, पुंदाग, तुपुदाना, गोंदा, बुंडू, लोअर बाजार, कोतवाली, बरियातु और जगन्नाथपुर सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे।
रांची पुलिस ने कहा है कि अनुसंधान अभी जारी है। चोरी के नेटवर्क, बरामद आभूषणों के स्रोत तथा इस अपराध से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और बरामदगी हो सकती है।
