नई दिल्ली। डिजिटल पत्रकारिता और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि आज के समय में मोबाइल फोन और माइक्रोफोन लेकर लगभग हर व्यक्ति खुद को रिपोर्टर बताने लगा है। अदालत ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आधारशिला है, लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी नियामक व्यवस्था भी जरूरी है।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में बिना किसी पेशेवर मानकों के कई लोग खुद को पत्रकार बताकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं, जिससे गलत सूचना और भ्रामक खबरों का खतरा बढ़ सकता है।
सरकार को दिया सुझाव
अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाए जो एक ओर प्रेस की स्वतंत्रता को पूरी तरह सुरक्षित रखे और दूसरी ओर पेशेवर जवाबदेही, नैतिक मानकों तथा नागरिकों के अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित करे।
प्रेस की स्वतंत्रता पर जोर
दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की मजबूत नींव है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
डिजिटल पत्रकारिता पर बहस तेज
हाई कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद डिजिटल पत्रकारिता, यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया आधारित रिपोर्टिंग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने अपने प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि करीब 20 लाख रुपये की बीमा राशि पाने और प्रेमी के साथ रहने के लिए पति को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर जहरीले सांप का इस्तेमाल कर हत्या को सांप के काटने से हुई मौत जैसा दिखाने की कोशिश की गई। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे रची गई साजिश?
पुलिस जांच के मुताबिक, पति के सो जाने के बाद उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर जहरीले सांप को उसके बिस्तर में छोड़ा गया। इसके बाद महिला अपने बच्चे के साथ दूसरे कमरे में चली गई, ताकि किसी को उस पर शक न हो। शुरुआत में मौत को सामान्य सांप के काटने की घटना माना गया, लेकिन जांच और पोस्टमार्टम के बाद पूरा मामला पलट गया।
पोस्टमार्टम से खुला राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आया कि मामला संदिग्ध था। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की और पूछताछ में कथित साजिश का खुलासा हुआ। जांच के बाद महिला, उसके प्रेमी और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि यह हत्या पहले से सुनियोजित थी और आर्थिक लाभ तथा प्रेम संबंध इस कथित अपराध की प्रमुख वजह बताए जा रहे हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से जारी आंदोलन के बीच शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दिल्ली पुलिस ने लंबे समय से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद जंतर-मंतर धरना स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के अनुरूप की गई है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान धरना स्थल पर मौजूद समर्थकों ने इसका विरोध किया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल ले जाया गया, जबकि पुलिस का कहना है कि उनकी लगातार गिरती सेहत को देखते हुए चिकित्सकीय देखभाल आवश्यक थी।
इस घटनाक्रम के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि वह स्वयं अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और संसद सत्र के दौरान बड़े विरोध-प्रदर्शन की भी तैयारी की जा रही है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले करीब 20 दिनों से कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे। लगातार अनशन के कारण उनका वजन काफी कम हो गया था और डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को चिंताजनक बताया था।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति कैसी रहती है और आंदोलन का अगला चरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।
रांची। रांची पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए उसे सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने बिहार के गया से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बच्ची के अपहरण के बाद तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और रकम नहीं मिलने पर उसकी हत्या करने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से पीड़ित परिवार से पांच-पांच हजार रुपये की दो किश्तों में कुल 10 हजार रुपये भी वसूल लिए थे।
पुलिस के अनुसार, नगड़ी थाना कांड संख्या 120/26, दिनांक 16 जुलाई 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। सूचना मिली थी कि दलादली टीओपी क्षेत्र के सपारोम से पांच वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-02) अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने बिहार के गया में स्थानीय पुलिस के सहयोग से 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। घटना की सूचना मिलने के मात्र 12 घंटे के भीतर गया जंक्शन के समीप एक होटल से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। साथ ही इस पूरे षड्यंत्र में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
किरायेदार ने रची अपहरण की साजिश
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा ने स्वीकार किया कि वह पीड़िता के घर के पास किराये के मकान में रहता था। पैसों की लालच में उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ बिहार के गया ले गया और परिजनों से तीन लाख रुपये की फिरौती मांगने लगा। उसने धमकी दी कि यदि फिरौती नहीं दी गई तो बच्ची की हत्या कर दी जाएगी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के दो सहयोगी सचिन कुमार और मोनु कुमार ने बच्ची को छिपाने तथा फिरौती की रकम हासिल करने में उसकी मदद की। आरोपियों ने परिजनों को डरा-धमकाकर ऑनलाइन माध्यम से कुल 10 हजार रुपये अपने खातों में मंगवा लिए।
मां से मिलते ही खिल उठी बच्ची की मुस्कान
पुलिस ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। बरामदगी के बाद जब उसे उसकी मां को सौंपा गया तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची सकुशल अपने घर लौट सकी।
गिरफ्तार आरोपी
- रमेश कुमार मिश्रा (20 वर्ष), निवासी दिग्गी, थाना कोंच, जिला गया (बिहार)
- सचिन कुमार (19 वर्ष), निवासी खजुरी, थाना कोंच, जिला गया (बिहार)
- मोनु कुमार (19 वर्ष), निवासी मखदुमपुर, जिला जहानाबाद (बिहार)
बरामद सामान
- घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन।
छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी
इस सफल अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-02) अजय आर्यन ने किया। टीम में दलादली टीओपी प्रभारी सत्य प्रकाश उपाध्याय, पु.अ.नि. संदीप राज, स.अ.नि. शिवलाल मुर्मु, महिला आरक्षी मेरी जयंती तिर्की, आरक्षी पंकज कुमार चौधरी के अलावा तकनीकी शाखा रांची के जुनुल सुरीन, विरेन्द्र सिंह, समसोन संगा, क्रिस्टेफर डुंगडुंग, सूरज तिग्गा तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सहायता के कारण बच्ची को 12 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा "Role of AI in Financial Decision" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय निर्णय प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग से अधिकारियों को अवगत कराना था। प्रशिक्षण में सीसीएल के 52 वित्त अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) एवं संकाय सुरेश बेहरा, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक तथा निदेशक (वित्त) के तकनीकी सचिव संजय सिंह उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि एआई के उपयोग से वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और समयबद्ध निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बेंचमार्किंग और एआई आधारित कौशल संगठन के प्रदर्शन तथा प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत बनाएंगे।
तकनीकी सचिव संजय सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से निरंतर प्रणालीगत सुधार के लिए एआई को अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) सुरेश बेहरा ने वित्तीय निर्णय प्रक्रिया और प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन में एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम संवादात्मक रहा और डिजिटल लर्निंग तथा नवाचार के माध्यम से भविष्य के लिए सक्षम कार्यबल विकसित करने की दिशा में सीसीएल की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
रांची। झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची में JCI Ranchi Udaan द्वारा आयोजित Glitz & Glam Exhibition का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा उनसे संवाद कर उनके उत्पादों, नवाचारों और उद्यमिता के अनुभवों की जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी महिला उद्यमिता, स्थानीय प्रतिभाओं और स्वरोज़गार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, उत्पादों के लिए नए बाज़ार उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का सशक्त अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा, "Glitz & Glam Exhibition एक बेहद प्रतिष्ठित और लंबे समय से आयोजित होने वाला आयोजन है। JCI Ranchi Udaan की महिलाओं द्वारा इसका सफल आयोजन किया जाता है। इस प्रदर्शनी में महिला उद्यमिता की प्रेरणादायक झलक देखने को मिलती है, जहाँ महिलाएँ अपने स्टार्टअप और नवाचारों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। चाहे ज्वेलरी हो, गारमेंट्स हों या होम डेकोर से जुड़े उत्पाद यहाँ महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिलता है। हर वर्ष लोग इस प्रदर्शनी का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय महिला उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने और अधिक लोगों तक पहुँच बनाने का अवसर भी देते हैं।"
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्वरोज़गार के अवसर बढ़ाने तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण आजीविका मिशन और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में और अधिक महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने, नए उद्यम स्थापित करने तथा झारखंड की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने JCI Ranchi Udaan की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसी पहल आत्मनिर्भर झारखंड के निर्माण को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी।
इस अवसर पर JCI Ranchi Udaan की प्रेसिडेंट जेएफ़एम डॉ. प्रिया लखोटिया, सेक्रेटरी पूजा बुधिया, फाउंडर प्रेसिडेंट जीएफएस राखी जैन सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहें।
शिवनारायणपुर। (मालदा) भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में शुक्रवार को एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के जालंधर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया। लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इन स्टेशनों का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और भारतीय रेलवे को आधुनिक स्वरूप देना है।
इसी कड़ी में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को भी पुनर्विकसित कर "अमृत स्टेशन" के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया गया। लगभग 17.94 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं, आकर्षक वास्तुकला और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम बनकर उभरा है।
उद्घाटन समारोह में उमड़ा जनसैलाब
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित भव्य समारोह में भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल, कहलगांव के विधायक शभानंद मुकेश, मालदा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार मौर्य, रेल अधिकारियों, जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों, रेल यात्रियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत शिवनारायणपुर स्टेशन के पुनर्विकास पर आधारित एक विशेष प्रस्तुति दिखाई गई। मालदा मंडल की ओर से आयोजित निबंध, चित्रकला और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंच से सम्मानित किया गया।
इसके उपरांत उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा, जिसमें शिवनारायणपुर स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ शिवनारायणपुर स्टेशन
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का कायाकल्प किया गया है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
नई सुविधाओं में शामिल हैं—
- आकर्षक एवं आधुनिक स्टेशन भवन और भव्य फ़ासाद।
- विशाल कॉनकोर्स और उन्नत टिकट बुकिंग काउंटर।
- आधुनिक प्रतीक्षालय, आरक्षित लाउंज एवं स्वच्छ शौचालय।
- नए सर्कुलेटिंग एरिया एवं समर्पित पार्किंग सुविधा।
- अत्याधुनिक यात्री सूचना प्रणाली और दिशा-सूचक संकेतक।
- स्टेशन परिसर एवं बाहरी क्षेत्र में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था।
- यात्रियों की सुविधा के लिए दो आधुनिक लिफ्ट।
- दिव्यांग यात्रियों के लिए बाधारहित आवागमन की विशेष व्यवस्था।
- मधुबनी कला, विक्रमशिला महाविहार और भागलपुर की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित आकर्षक आंतरिक सज्जा।
विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम
राष्ट्रीय राजमार्ग-80 के समीप तथा ऐतिहासिक विक्रमशिला महाविहार के नजदीक स्थित शिवनारायणपुर स्टेशन को इस तरह विकसित किया गया है कि यहां आने वाला प्रत्येक यात्री बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का अनुभव कर सके।
स्टेशन के डिज़ाइन में मधुबनी पेंटिंग, भागलपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय स्थापत्य कला को विशेष स्थान दिया गया है। आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कला के इस मेल ने स्टेशन को केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बना दिया है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों को पहले से अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही—
- क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- पर्यटन को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
- स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- रोजगार एवं आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
- आसपास के क्षेत्रों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेज होगा।
विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना, स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अवसंरचना विकसित करना है।
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास इसी सोच का उदाहरण है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बिहार की सांस्कृतिक विरासत को भी पूरी गरिमा के साथ संरक्षित किया गया है। यह स्टेशन अब न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि क्षेत्र की पहचान, पर्यटन और आर्थिक प्रगति का भी नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
भागलपुर/कोलकाता। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिहार के भागलपुर जिले के लिए बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसी क्रम में मालदा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का भी लोकार्पण होगा।
करीब 17.94 करोड़ रुपये की लागत से विकसित शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन पूर्व रेलवे का सातवां अमृत भारत स्टेशन होगा, जिसे प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ बिहार की सांस्कृतिक विरासत को भी खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है।
बदली स्टेशन की तस्वीर
पुनर्विकास के बाद स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आधुनिक फ़साड, आकर्षक हरित परिसर, चौड़ी आवाजाही व्यवस्था, बेहतर पार्किंग, नया फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं।
मधुबनी कला और विरासत की झलक
स्टेशन के अंदरूनी हिस्सों को मधुबनी पेंटिंग और बिहार की सांस्कृतिक धरोहर से प्रेरित कलाकृतियों से सजाया गया है। वहीं स्टेशन की डिजाइन में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति का भी अनुभव होगा।
भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन भागलपुर जिले का एक महत्वपूर्ण रेल प्रवेश द्वार माना जाता है। स्टेशन के आधुनिकीकरण से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
पूर्व रेलवे में तेजी से हो रहा आधुनिकीकरण
पूर्व रेलवे के अंतर्गत अमृत भारत स्टेशन योजना में कुल 64 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है। इनमें से छह स्टेशन पहले ही राष्ट्र को समर्पित किए जा चुके हैं और अब शिवनारायणपुर इस सूची में शामिल होने जा रहा है। रेलवे का कहना है कि यह परियोजना "विरासत भी, विकास भी" की सोच को साकार करते हुए आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित रेल अवसंरचना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
देशभर में 75 स्टेशनों का लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन स्टेशनों का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और भारतीय रेलवे को आधुनिक स्वरूप देना है।
रांची: रांची पुलिस ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे किसी भी आपराधिक मामले की जांच पूरी होने तक ऐसी संवेदनशील या अप्रमाणित जानकारी का प्रसारण या प्रकाशन न करें, जिससे पुलिस की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने कहा कि समाज को जागरूक करने और सच्चाई सामने लाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मीडिया हमेशा से पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है।
रांची पुलिस द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि हाल के कुछ मामलों में यह संज्ञान में आया है कि कुछ मीडिया चैनलों और समाचार पत्रों द्वारा चल रही पुलिस जांच (Ongoing Investigation) से जुड़ी बारीक और संवेदनशील जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं। इनमें पुलिस की आगामी कार्रवाई, संदिग्धों के नाम, छापेमारी के संभावित स्थान तथा जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों जैसी जानकारियां शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकार की सूचनाओं के सार्वजनिक होने से जांच की दिशा और गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। साथ ही अपराधियों और आरोपियों को सतर्क होने का अवसर मिल जाता है, जिससे वे फरार होने, साक्ष्य नष्ट करने या पुलिस कार्रवाई से बचने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा ऐसे मामलों में गवाहों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
रांची पुलिस ने सभी मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच पूरी होने तक ऐसी संवेदनशील जानकारियां साझा करने से बचें, जो पुलिस की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि समय-समय पर आधिकारिक माध्यमों से प्रमाणित और तथ्यात्मक जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
रांची पुलिस ने अपने प्रेस रिलीज में कहा कि न्याय सुनिश्चित करने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के इस साझा प्रयास में मीडिया का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। पुलिस ने उम्मीद जताई कि सभी मीडिया संस्थान जिम्मेदार पत्रकारिता का परिचय देते हुए जांच की गोपनीयता बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
साहिबगंज । जिले के बरहेट थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोप है कि एक 22 वर्षीय मुस्लिम युवक ने शिवगादी मंदिर में एक नाबालिग हिंदू किशोरी से विवाह कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर प्रबंधन समिति ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ को थाना ले गई । वही किशोरी की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने युवक और किशोरी दोनों को अपने संरक्षण में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बरहेट के मोमिन टोला निवासी 22 वर्षीय मनोवर अंसारी पर आरोप है कि उसने बुधवार को प्रसिद्ध शिवगादी मंदिर में एक नाबालिग हिंदू किशोरी से विवाह कर लिया। बताया जा रहा है कि किशोरी रांगा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और बरहेट में अपने रिश्तेदार के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी वर्ष उसने 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। बुधवार सुबह दोनों शिवगादी मंदिर पहुंचे, जहां युवक ने मंदिर में रखे सिंदूर से किशोरी की मांग भर दी। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और कर्मचारियों ने जब यह दृश्य देखा तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद तुरंत मंदिर प्रबंधन समिति को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद मंदिर प्रबंधन समिति ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज में दोनों के मंदिर में मौजूद होने की पुष्टि होने के बाद बरहेट थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई। इसके बाद किशोरी की मां ने पुलिस को लिखित शिकायत दी, जिसमें बेटी के नाबालिग होने का उल्लेख करते हुए युवक पर गंभीर आरोप लगाए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरहेट थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने किशोरी को सुरक्षा के मद्देनजर अपने संरक्षण में रखा है। उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा मेडिकल और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी की जा रही हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगा।
बरहेट के शिवगादी मंदिर में हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच में जुटी है। किशोरी की उम्र, दोनों के संबंधों की प्रकृति और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
