मालदा। वर्तमान ग्रीष्म ऋतु एवं भीषण गर्मी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा रेल मंत्रालय द्वारा यात्री सुरक्षा, तापीय आराम (Thermal Comfort) एवं चिकित्सा तत्परता पर दिए जा रहे विशेष बल के अनुरूप, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाएँ की गई हैं।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा चिकित्सा, वाणिज्य, परिचालन, सुरक्षा, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रियों को भीषण गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखने एवं उनकी यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए निरंतर निगरानी एवं सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।
ग्रीष्मकाल के दौरान स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मंडल के 34 ताप-संवेदनशील स्टेशनों पर कुल 92 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत प्रमुख स्टेशनों में मालदा टाउन (10), भागलपुर (08), साहिबगंज (05), तीनपहाड़ (01), जमालपुर (05), न्यू फरक्का (05), गोड्डा (05), सुल्तानगंज (05), बरहरवा (04), बांका (04), मंदार हिल (02), पीरपैंती (03), मुंगेर (03), जंगीपुर रोड (03), राजमहल (04) सहित अन्य कई स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को सुरक्षित एवं शीतल पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन सुविधाओं का नियमित निरीक्षण, रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, स्टेशनों पर अधिकृत स्टॉलों में निर्धारित मूल्य ₹14 पर एक लीटर पैकेज्ड पेयजल बोतलों सहित पर्याप्त पेयजल का भंडार उपलब्ध रखा गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान किफायती एवं सुविधाजनक रूप से पेयजल प्राप्त हो सके। यात्रियों को केवल अधिकृत स्टॉलों एवं विक्रेताओं से ही पेयजल खरीदने तथा अनधिकृत स्रोतों से बचने की सलाह दी गई है।
मालदा टाउन, साहिबगंज, भागलपुर, जमालपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, न्यू फरक्का, गोड्डा एवं अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। प्रतीक्षालयों, परिसंचरण क्षेत्रों तथा अन्य यात्री उपयोग क्षेत्रों में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, समुचित वेंटिलेशन एवं पर्याप्त पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालयों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि भीषण गर्मी के दौरान यात्रियों को आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मालदा टाउन, साहिबगंज, बरहरवा, भागलपुर, सुल्तानगंज एवं जमालपुर स्टेशनों पर वातानुकूलित एवं गैर-वातानुकूलित डॉरमेट्री तथा रिटायरिंग रूम उपलब्ध हैं, जिससे यात्रा के दौरान अल्पकालिक विश्राम एवं ठहराव की आवश्यकता वाले यात्रियों को विशेष सुविधा प्राप्त हो रही है।
ग्रीष्मकाल में चिकित्सा तत्परता के महत्व को देखते हुए मालदा, साहिबगंज, भागलपुर एवं जमालपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार, ओआरएस तथा शीतलन सहायता सहित चिकित्सा सुविधाओं की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, मालदा टाउन, भागलपुर एवं जमालपुर स्टेशनों पर उपलब्ध मेडिकल शॉप यात्रियों को आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा स्टेशन परिसरों में हीट स्ट्रोक की रोकथाम संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
रेल पटरियों, सिग्नलिंग प्रणालियों, ओवरहेड उपकरण (OHE), रोलिंग स्टॉक एवं स्टेशन परिसंपत्तियों की चौबीसों घंटे निगरानी एवं रखरखाव किया जा रहा है, ताकि अत्यधिक तापमान के कारण होने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं, ट्रैक विकृति अथवा सेवा व्यवधानों को न्यूनतम किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के 18 स्टेशनों पर यात्री उद्घोषणा प्रणाली (Passenger Announcement System) के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। वहीं, 15 स्टेशनों पर स्थापित 25 वीडियो वॉल स्क्रीन के माध्यम से मालदा टाउन, न्यू फरक्का, साहिबगंज, जंगीपुर रोड, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, गोड्डा सहित अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर हीटवेव संबंधी जागरूकता एवं यात्री परामर्श संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इन संदेशों का उद्देश्य यात्रियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम, पर्याप्त जल सेवन तथा किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना है।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य, परिचालन एवं सुरक्षा विभागों द्वारा यात्री आवागमन एवं ट्रेन परिचालन की वास्तविक समय (Real-Time) निगरानी की जा रही है। स्टेशनों एवं ट्रेनों में तैनात रेलवे कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी गर्मी संबंधी आपात स्थिति अथवा यात्री कल्याण से जुड़े मामले में शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विभागों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा जा रहा है। यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने साथ पानी की बोतल रखने की भी सलाह दी गई है।
पेयजल सुविधाओं, प्रतीक्षालयों, पंखों, चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं अन्य यात्री सुविधाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
मालदा मंडल सभी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं यात्री-अनुकूल रेल सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर निगरानी, विभागीय समन्वय एवं सुदृढ़ ग्रीष्मकालीन तैयारियों के माध्यम से पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मालदा। वर्तमान ग्रीष्म ऋतु एवं भीषण गर्मी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा रेल मंत्रालय द्वारा यात्री सुरक्षा, तापीय आराम (Thermal Comfort) एवं चिकित्सा तत्परता पर दिए जा रहे विशेष बल के अनुरूप, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाएँ की गई हैं।
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा चिकित्सा, वाणिज्य, परिचालन, सुरक्षा, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रियों को भीषण गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखने एवं उनकी यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए निरंतर निगरानी एवं सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।
ग्रीष्मकाल के दौरान स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मंडल के 34 ताप-संवेदनशील स्टेशनों पर कुल 92 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं। इस पहल के अंतर्गत प्रमुख स्टेशनों में मालदा टाउन (10), भागलपुर (08), साहिबगंज (05), तीनपहाड़ (01), जमालपुर (05), न्यू फरक्का (05), गोड्डा (05), सुल्तानगंज (05), बरहरवा (04), बांका (04), मंदार हिल (02), पीरपैंती (03), मुंगेर (03), जंगीपुर रोड (03), राजमहल (04) सहित अन्य कई स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को सुरक्षित एवं शीतल पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन सुविधाओं का नियमित निरीक्षण, रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, स्टेशनों पर अधिकृत स्टॉलों में निर्धारित मूल्य ₹14 पर एक लीटर पैकेज्ड पेयजल बोतलों सहित पर्याप्त पेयजल का भंडार उपलब्ध रखा गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान किफायती एवं सुविधाजनक रूप से पेयजल प्राप्त हो सके। यात्रियों को केवल अधिकृत स्टॉलों एवं विक्रेताओं से ही पेयजल खरीदने तथा अनधिकृत स्रोतों से बचने की सलाह दी गई है।
मालदा टाउन, साहिबगंज, भागलपुर, जमालपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, न्यू फरक्का, गोड्डा एवं अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। प्रतीक्षालयों, परिसंचरण क्षेत्रों तथा अन्य यात्री उपयोग क्षेत्रों में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, समुचित वेंटिलेशन एवं पर्याप्त पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालयों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि भीषण गर्मी के दौरान यात्रियों को आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मालदा टाउन, साहिबगंज, बरहरवा, भागलपुर, सुल्तानगंज एवं जमालपुर स्टेशनों पर वातानुकूलित एवं गैर-वातानुकूलित डॉरमेट्री तथा रिटायरिंग रूम उपलब्ध हैं, जिससे यात्रा के दौरान अल्पकालिक विश्राम एवं ठहराव की आवश्यकता वाले यात्रियों को विशेष सुविधा प्राप्त हो रही है।
ग्रीष्मकाल में चिकित्सा तत्परता के महत्व को देखते हुए मालदा, साहिबगंज, भागलपुर एवं जमालपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार, ओआरएस तथा शीतलन सहायता सहित चिकित्सा सुविधाओं की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, मालदा टाउन, भागलपुर एवं जमालपुर स्टेशनों पर उपलब्ध मेडिकल शॉप यात्रियों को आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंडल रेलवे अस्पताल, मालदा के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा स्टेशन परिसरों में हीट स्ट्रोक की रोकथाम संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
रेल पटरियों, सिग्नलिंग प्रणालियों, ओवरहेड उपकरण (OHE), रोलिंग स्टॉक एवं स्टेशन परिसंपत्तियों की चौबीसों घंटे निगरानी एवं रखरखाव किया जा रहा है, ताकि अत्यधिक तापमान के कारण होने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं, ट्रैक विकृति अथवा सेवा व्यवधानों को न्यूनतम किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, मालदा मंडल के 18 स्टेशनों पर यात्री उद्घोषणा प्रणाली (Passenger Announcement System) के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। वहीं, 15 स्टेशनों पर स्थापित 25 वीडियो वॉल स्क्रीन के माध्यम से मालदा टाउन, न्यू फरक्का, साहिबगंज, जंगीपुर रोड, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, गोड्डा सहित अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर हीटवेव संबंधी जागरूकता एवं यात्री परामर्श संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इन संदेशों का उद्देश्य यात्रियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम, पर्याप्त जल सेवन तथा किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक करना है।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य, परिचालन एवं सुरक्षा विभागों द्वारा यात्री आवागमन एवं ट्रेन परिचालन की वास्तविक समय (Real-Time) निगरानी की जा रही है। स्टेशनों एवं ट्रेनों में तैनात रेलवे कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी गर्मी संबंधी आपात स्थिति अथवा यात्री कल्याण से जुड़े मामले में शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विभागों के बीच सतत समन्वय बनाए रखा जा रहा है। यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने साथ पानी की बोतल रखने की भी सलाह दी गई है।
पेयजल सुविधाओं, प्रतीक्षालयों, पंखों, चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं अन्य यात्री सुविधाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
मालदा मंडल सभी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं यात्री-अनुकूल रेल सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर निगरानी, विभागीय समन्वय एवं सुदृढ़ ग्रीष्मकालीन तैयारियों के माध्यम से पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कोलकाता । पूर्व रेल मंडल ने जानकारी दी है कि पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में नवादा और तिलैया स्टेशनों के बीच लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) निर्माण कार्य के लिए 09 जून 2026 को सुबह 09:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक 8 घंटे का ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इसके चलते कई ट्रेनों के परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।
रेलवे के अनुसार निम्नलिखित ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है:
19604 गोड्डा-दौराई एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) किऊल-नदवान-गया मार्ग के बजाय किऊल-पटना-जहानाबाद-गया मार्ग से चलेगी।
63387 जमालपुर-गया मेमू (09 जून को प्रस्थान करने वाली) लखीसराय-नवादा-मानपुर मार्ग के स्थान पर शेखपुरा-बिहारशरीफ-राजगीर-तिलैया मार्ग से संचालित होगी।
13024 गया-हावड़ा एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) वजीरगंज-शेखपुरा-किऊल मार्ग के बजाय गया-जहानाबाद-पटना-किऊल मार्ग से चलेगी।
15619 गया-कामाख्या एक्सप्रेस (09 जून को प्रस्थान करने वाली) तिलैया-शेखपुरा-किऊल मार्ग के स्थान पर गया-जहानाबाद-पटना-किऊल मार्ग से संचालित होगी।
इसके अतिरिक्त 63388 गया-जमालपुर मेमू को 09 जून 2026 को गया स्टेशन से 2 घंटे विलंब (री-शेड्यूल) कर रवाना किया जाएगा।
पूर्व मध्य रेल मंडल ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
रांची । जेसीआई रांची द्वारा ' *वन टीम वन विजन' और 'लीड कनेक्ट इवॉल्व '26'* के तहत नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए *"स्पीक टू लीड" (Speak to Lead)* प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन जेसीआई कार्यालय में किया गया।
इस विशेष सत्र को इस तरह डिजाइन किया गया है जिससे *स्कूली छात्रों के वर्तमान और भविष्य* को एक नई दिशा मिल सके:
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को मंच पर बोलने के डर (Stage Fear) से उबरने, प्रभावी पब्लिक स्पीकिंग की कला सीखने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि बेहतर संवाद कौशल न केवल स्कूल स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, समूह चर्चाओं एवं प्रस्तुतियों में सहायता करता है, बल्कि भविष्य में कॉलेज प्रवेश एवं नौकरी के साक्षात्कारों में भी विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, निर्णय लेने की योग्यता बढ़ाने, टीम प्रबंधन की समझ विकसित करने तथा अकादमिक एवं व्यावसायिक जीवन में बेहतर संचार के महत्व से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
विशेषज्ञ फैकल्टी द्वारा मार्गदर्शन
कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक (Faculty) के रूप में क्षेत्र के अनुभवी ट्रेनर्स मौजूद रहे: जेसी सीए अभिषेक केडिया (पूर्व जोन प्रेसिडेंट 2016 एवं जोन ट्रेनर) और जेसी सीए निखिल अग्रवाल (जोन ट्रेनर)
दोनों विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों और मजेदार गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को प्रभावी संवाद के गुर सिखाए।
यह कार्यक्रम जेसीआई रांची की मुख्य टीम की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य रूप से: अध्यक्ष जेसी अभिषेक जैन, सचिव जेसी साकेत अग्रवाल, जेसी आदित्य जालान (वीपी - ट्रेनिंग), जेसी ऋषभ अग्रवाल (डायरेक्टर - ट्रेनिंग), जेसी अभिनव अनूप गर्ग (प्रोजेक्ट चेयरमैन), जेजे आद्यंत टांटिया (जेजे चेयरमैन) उपस्थित रहे । यह जानकारी JCI रांची के प्रवक्ता जेसी रवि सामोता द्वारा दी गई l
बरहरवा। महाविद्यालय बरहरवा में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष थॉमस रॉबर्ट की उपस्थिति एवं कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर की नेतृत्व में चार सूत्री मांगों को लेकर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य द्वारा सिद्धू कानू मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय को ज्ञापन सोपा गया। जिसमें यूजी के नए सत्र की नामांकन, परीक्षा प्रपत्र की तिथि विस्तृत एवं परीक्षा परिणाम में हो रही देरी की माँग शामिल है। ज्ञापन में बताया गया कि
1. यूजी सत्र 2026-30 की नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्दी शुरू किया जाए।
2. यूजी सेमेस्टर- 6 सत्र 2022-26 की परीक्षा प्रपत्र भरने की तिथि विलंब शुल्क रहित विस्तृत किया जाए। केवल 5 दिन में परीक्षा प्रपत्र भरना संभव नहीं है।
3. यूजी सेमेस्टर- 6 सत्र 2022-26 की परीक्षा Memo No.- SKMU/Exam/ 182/26 के अनुसार दिनांक 24 जून 2026 से प्रारंभ हो रही है परंतु इतने कम समय में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की पढ़ाई करना संभव नहीं है, जिससे छात्रों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। कृपया पाठ्यक्रम में कटौती की जाए अर्थात कोई विकल्पिक सुविधा छात्रों को दिया जाए ।
4. यूजी सेमेस्टर- 1 सत्र 2025-29 एवं यूजी सेमेस्टर- 4 सत्र 2023-27 की परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द जारी किया जाए सत्र अधिक विलंब से चल रही है।
कुलपति महोदय से एनएसयूआई ने अनुरोध किया कि उपरोक्त बिंदु पर अभिलंब ध्यान दें एवं त्वरित संज्ञान में लिया जाए।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने बताया कि परीक्षा परिणाम में राज्यपाल के आदेशों घोर उल्लंघन किया जा रहा एवं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। परीक्षा परिणाम 30 दिन के अंदर जारी करने का आदेश है, परंतु महीने दो महीने कभी-कभी 3 महीने भी बीत जाते हैं तब परीक्षा परिणाम आता है। जब छात्रा द्वारा मांग क्या जाता है तभी विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद खुलती है एवं वह अपनी कदम उठाती है। अन्यथा सोई हुई रहती है। परीक्षा प्रपत्र भरने में मात्र 5 दिन का समय दिया गया है जो संभव नहीं है क्योंकि यह ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्र है ज्ञात आर्थिक कमजोरी भी है एवं इतने कम समय में छात्रों द्वारा परीक्षा शुल्क एकत्रित करना संभव नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी का या खराब मानसिकता परीक्षा की तैयारी में मात्र 22 दिन का समय मिल रहा है। छात्रों पर मानसिक तनाव एवं प्रताड़ना है। जब छात्रा द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा निकलती है तो उन्हें झूठी आश्वासन देकर शांत कर दिया जाता है। इसके बावजूद भी छात्र पढ़ाई के साथ-साथ अपने हक और लापरवाह विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ लड़ रही है। सोयेब अख्तर ने अनुरोध किया कि हमारे संथाल परगना के जितने भी जनप्रतिनिधि है ऐसे शैक्षिक समस्याओं को त्वरित संज्ञान में ले एवं इसकी समाधान तथा आलोचना अपने स्तर से अवश्य करें।
मौके पर नगर अध्यक्ष सत्यम यादव, एनएसयूआई सदस्य जसीम अख्तर , शिवम भगत, रेबल इस्लाम, मो मुसलेद्दीन, आशु साह अक्षय भगत, सुरज ठाकुर, रौशन कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।
ब्यूरो। शिवपुरी में सोशल मीडिया पर सोना, नकदी और लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रदर्शन करना एक महिला इन्फ्लुएंसर को भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले इन्फ्लुएंसर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सोने के आभूषण, नकदी और आलीशान जीवनशैली से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए थे। इसके बाद चोरों ने उनके घर को निशाना बना लिया।
बताया जा रहा है कि चोरों ने देर रात के समय घर की दीवार पर लगे सुरक्षा तार काटकर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने अलमारी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर महंगी वस्तुओं, नकदी और निजी जानकारी का अत्यधिक प्रदर्शन अपराधियों को मौका दे सकता है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
भागलपुर : रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और तत्परता से भागलपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया। मालदा मंडल के अंतर्गत भागलपुर स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान एक RPF अधिकारी ने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही महिला की जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, 07 जून की रात करीब 9:52 बजे भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर RPF पोस्ट भागलपुर के सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार प्लेटफॉर्म पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन संख्या 13072 डाउन जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना हो चुकी थी।
तभी उनकी नजर एक महिला पर पड़ी, जो चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास कर रही थी। ट्रेन से उतरने के दौरान महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म एवं ट्रैक के बीच के गैप की ओर फिसलने लगी।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने तुरंत कार्रवाई की और महिला को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और महिला की जान बच गई।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम शिद्रा वेगम (25 वर्ष) बताया। उन्होंने बताया कि वह अपने एक रिश्तेदार को ट्रेन में विदा करने के लिए भागलपुर रेलवे स्टेशन आई थीं। महिला ने समय पर मदद और जीवन बचाने के लिए RPF का आभार व्यक्त किया।
यह घटना एक बार फिर मालदा मंडल के RPF जवानों की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है। रेलवे प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेलवे परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए RPF लगातार निगरानी और सतर्कता बरत रही है।
रांची: मांडर थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 8 घंटे के भीतर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध किशोर को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को ग्राम कर्रो की एक महिला के लिखित आवेदन के आधार पर मांडर थाना कांड संख्या 58/2026 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक, खलारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
गठित टीम ने मांडर, चान्हो एवं बेड़ो थाना क्षेत्र में लगातार छापेमारी अभियान चलाया। इसके परिणामस्वरूप घटना में संलिप्त 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस ने पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय जांच एवं उपचार के लिए रांची सदर अस्पताल भेजा। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि अनुसंधान पूरा होने के बाद आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
पुलिस ने यह भी बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया जाएगा।
गिरफ्तार अभियुक्त
- आयुष उरांव (22 वर्ष)
- पापड़ मुंडा उर्फ प्रकाश मुंडा (19 वर्ष)
- रामलुस कुजूर (23 वर्ष)
- रंजीत उरांव (24 वर्ष)
- उमेश भगत (23 वर्ष)
- दीपक उरांव (19 वर्ष)
- राम उरांव (19 वर्ष)
- विकास उरांव (23 वर्ष)
इसके अलावा एक 15 वर्षीय विधि-विरुद्ध किशोर को भी निरुद्ध किया गया है।
रांची । जिले के इटकी प्रखंड स्थित मल्टी गांव में आदिवासी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शनिवार को डॉ. आशा लकड़ा स्वयं मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जांच-पड़ताल की।
शिकायतकर्ता सालखन लकड़ा ने आयोग से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उनकी 75 डिसमिल पैतृक भूमि पर कुछ स्थानीय दबंगों और दलालों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया कि परिवार के कुछ सदस्यों को बहला-फुसलाकर भूमि वापसी के नाम पर अंगूठा और हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पहले ही जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया था। मौके पर निरीक्षण के दौरान डॉ. आशा लकड़ा ने संबंधित डीएसपी को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित भूमि राजस्व अभिलेख में वकास्त भुइहरी महतोई किस्म की दर्ज है और पंजी-2 में मोकवा उरांव सहित अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि इस जमीन पर पूर्व में किसी प्रकार की लगान रसीद जारी नहीं की गई है।
स्थल निरीक्षण में पाया गया कि भूमि के एक हिस्से पर कुछ लोगों द्वारा मकान का निर्माण किया जा चुका है, जबकि शेष हिस्से पर चारदीवारी बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया गया है। शिकायत में येशु बेलरा, साकिर अंसारी एवं उनके सहयोगियों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है।
डॉ. आशा लकड़ा ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का संशोधित परिणाम (Revised Result) जारी कर दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संशोधित Answer Key के आधार पर की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 मार्च 2024 को आयोजित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक परीक्षा (विज्ञापन संख्या-22/2023) का संशोधित परीक्षा परिणाम अब JPSC की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
क्या है पूरा मामला?
- सुप्रीम कोर्ट में लंबित SLP (Civil) No. 21079/2025 एवं अन्य संबंधित मामलों में दिए गए आदेश के आलोक में संशोधित Answer Key तैयार की गई।
- उसी संशोधित Answer Key के आधार पर परीक्षा परिणाम दोबारा प्रकाशित किया गया है।
- आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की त्रुटि या टंकण त्रुटि पाए जाने पर सुधार का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।
हाईकोर्ट में भी मामला लंबित
JPSC ने यह भी कहा है कि यह परिणाम झारखंड हाईकोर्ट में लंबित मामलों, जिनमें Civil Review (Filing) No. 1736/2026, W.P.(S) No. 6602/2024 और अन्य संबंधित याचिकाएं शामिल हैं, के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगा।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण
- संशोधित रिजल्ट JPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- अभ्यर्थी अपने परिणाम और संशोधित Answer Key की जांच कर सकते हैं।
- आगे की चयन प्रक्रिया न्यायालय के अंतिम आदेशों के अधीन रहेगी
