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रांची । जिले के इटकी प्रखंड स्थित मल्टी गांव में आदिवासी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शनिवार को डॉ. आशा लकड़ा स्वयं मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जांच-पड़ताल की।
शिकायतकर्ता सालखन लकड़ा ने आयोग से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उनकी 75 डिसमिल पैतृक भूमि पर कुछ स्थानीय दबंगों और दलालों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया कि परिवार के कुछ सदस्यों को बहला-फुसलाकर भूमि वापसी के नाम पर अंगूठा और हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पहले ही जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया था। मौके पर निरीक्षण के दौरान डॉ. आशा लकड़ा ने संबंधित डीएसपी को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित भूमि राजस्व अभिलेख में वकास्त भुइहरी महतोई किस्म की दर्ज है और पंजी-2 में मोकवा उरांव सहित अन्य लोगों के नाम दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि इस जमीन पर पूर्व में किसी प्रकार की लगान रसीद जारी नहीं की गई है।
स्थल निरीक्षण में पाया गया कि भूमि के एक हिस्से पर कुछ लोगों द्वारा मकान का निर्माण किया जा चुका है, जबकि शेष हिस्से पर चारदीवारी बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया गया है। शिकायत में येशु बेलरा, साकिर अंसारी एवं उनके सहयोगियों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है।
डॉ. आशा लकड़ा ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का संशोधित परिणाम (Revised Result) जारी कर दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संशोधित Answer Key के आधार पर की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 मार्च 2024 को आयोजित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रारंभिक परीक्षा (विज्ञापन संख्या-22/2023) का संशोधित परीक्षा परिणाम अब JPSC की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
क्या है पूरा मामला?
हाईकोर्ट में भी मामला लंबित
JPSC ने यह भी कहा है कि यह परिणाम झारखंड हाईकोर्ट में लंबित मामलों, जिनमें Civil Review (Filing) No. 1736/2026, W.P.(S) No. 6602/2024 और अन्य संबंधित याचिकाएं शामिल हैं, के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगा।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण
रांची : रांची पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी कथित तौर पर 50 लाख रुपये की लेवी (रंगदारी) वसूलने के लिए पहुंचे थे।
पुलिस के अनुसार, नगड़ी थाना क्षेत्र के साहेर गांव निवासी बजरंग महतो से PLFI के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में नगड़ी थाना कांड संख्या 84/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। रंगदारी की मांग और धमकी देने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल किया गया था।
विशेष टीम ने बिछाया जाल
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में डीएसपी (मुख्यालय) द्वितीय अजय आर्यन की अगुवाई में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। तकनीकी शाखा की मदद से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि लेवी की रकम लेने के लिए अपराधी तुपुदाना क्षेत्र स्थित सफायर स्कूल, बारहमाइल चौक के पास आने वाले हैं।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। कुछ देर बाद एक लाल रंग की अपाचे मोटरसाइकिल (JH01CX4239) पर सवार दो युवकों को रोका गया और पूछताछ की गई।
पूछताछ में कबूला लेवी लेने का मकसद
गिरफ्तार युवकों की पहचान अरुण लोहरा (19 वर्ष) और सूरज लोहरा (18 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों खूंटी जिले के बेलवादाग गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे लेवी की रकम लेने के लिए आए थे। तलाशी के दौरान अरुण लोहरा के पास से PLFI का दो पर्चा भी बरामद किया गया, जिस पर संगठन से जुड़ी जानकारी लिखी हुई थी।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
बरामद किए हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
रांची पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है ताकि संगठन की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपी
दोनों निवासी – बेलवादाग, थाना व जिला खूंटी।
रांची। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच रांची समर्पण शाखा द्वारा एक व्यक्ति एक पौधा स्लोगन के अंतर्गत शुक्रवार, 5 जून 2026 को सेवासदन के सामने स्थित पार्क में पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शाखा की बहनों ने पार्क में आए राहगीरों एवं स्थानीय नागरिकों को कुल 20 पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा हरित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। साथ ही उपस्थित लोगों को पौधों की देखभाल एवं पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
शाखा की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पौधों के वितरण के माध्यम से प्रकृति के प्रति प्रेम एवं सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
इस सफल आयोजन में अध्यक्षा शुभा अग्रवाल, अनिता सोमानी, पिंकी शर्मा सहित सभी सदस्याओं का विशेष सहयोग एवं योगदान सराहनीय रहा।यह जानकारी मीडिया प्रभारी वेदिका सिंघानिया ने दी।
रांची। विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर स्थित संगम सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वज फहराने (फ्लैग होस्टिंग) एवं वृक्षारोपण के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया तथा कोल इंडिया गीत का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात उपस्थित गणमान्य अतिथियों द्वारा शपथ एवं पर्यावरण विषयक पुस्तक ‘Nature’s Voice Vol-4’ का विमोचन किया गया।
अपने संबोधन में निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘जीरो प्लास्टिक’ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक की बोतलों एवं अन्य एकल-उपयोग प्लास्टिक सामग्री के प्रयोग से बचना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा, “Mother Earth has enough for everybody’s need, but not enough for everybody’s greed.” तथा पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने बताया कि विश्व के सर्वाधिक गर्म शहरों में बड़ी संख्या भारत के शहरों की है, जो पर्यावरणीय चुनौतियों की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी से जल संसाधनों के संरक्षण के लिए जागरूक और सक्रिय होने का आग्रह किया। उन्होंने “Each One, Teach One” का मंत्र देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण के प्रति कम-से-कम एक अन्य व्यक्ति को प्रेरित करे। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां भी खाली स्थान दिखाई दे, वहां पौधारोपण कर उसे हरित बनाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त सीसीएल कर्मियों के लिए आयोजित पर्यावरण जागरूकता प्रश्नोत्तरी के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष (पर्यावरण/वन) श्री प्रणव कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सीसीएल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम का सफल संचालन महाप्रबंधक ( पर्यावरण) श्रीमती संगीता द्वारा किया गया।
सीसीएल परिवार अपने सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-संतुलित भविष्य के निर्माण हेतु सीसीएल विभिन्न पर्यावरणीय पहलों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को प्रेरित करने के लिए कटिबद्ध है।"
साहिबगंज।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण व पशु प्रेमी सैयद अरशद नसर ने शुक्रवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ व सचिव न्यायधीश संजीव पांडेय,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन,राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,झारखंड के लोकायुक्त न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता, झारखंड के पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा,गृह व कारा विभाग,झारखंड के अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल,पुलिस महानिरीक्षक,दुमका पटेल मयुर कन्हैयालाल व पुलिस उप-महानिरीक्षक,दुमका अंबर लकड़ा को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेज कर साहिबगंज जेल गेट पर उनका जमा नगद रकम,मुलाकाती सामान,मेडिकल रिपोर्ट,बंदी आवेदन पत्र दिलाने का आग्रह करते हुए बीते 15 मई को साहिबगंज जेल गेट पर उनके साथ कई कारा कर्मीयों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार व बदसलूकी करने पर दोषी कारा कर्मी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी व विधि सम्मत कार्रवाई की मांग करते हुए उक्त तिथि का सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है ताकि आगे विधि सम्मत कार्रवाई के दौरान साक्ष्य के रूप में काम आएं.अरशद ने पत्र में आरोप लगाया है कि साहिबगंज जेल प्रशासन ने असंवैधानिक तरीके से साहिबगंज जेल से उनका स्थानांतरण बीते वर्ष 13 दिसंबर को मधुपुर जेल करने के दौरान साहिबगंज जेल गेट पर उनका जमा नगद रकम,मुलाकाती सामान,मेडिकल रिपोर्ट,बंदी आवेदन पत्र वापस नहीं किया था.विदित हो कि अरशद ने बीते 23 मई को भी झालसा,डालसा,मुख्य सचिव,गृह सचिव,जेल आईजी,डीसी व एसपी को पत्र भेज कर इस मामले में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई व इंसाफ का गुहार लगाया था.विदित हो की अभी हाल ही में झारखंड के कई जेल अपने कारनामों के चलते काफ़ी सुर्खियों में रहा है.अरशद ने कहा कि जब तक साहिबगंज जेल गेट पर जमा उनका सामान वापस नहीं मिल जाता है तथा 14 महीने साहिबगंज व मधुपुर जेल में जेल प्रशासन द्वारा उनका न्यायिक हिरासत के दौरान किए गए भारी शारीरिक,मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न शोषण,अत्याचार व टार्चर के खिलाफ दोषी कारा पदाधिकारी,कर्मी व कक्षपाल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी दंडात्मक कार्रवाई नहीं हो जाती है तब तक उनका दोनों जेल प्रशासन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.अरशद के द्वारा संघर्ष जारी रखने का एलान करने के चलते दोनों जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है तो दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ताओं व बंदियों में खुशी व हर्ष की लहर व्याप्त है.
ब्यूरो। पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में 2 जून की देर रात हुई फायरिंग और हिंसक घटना के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चर्चित शिक्षक खान सर के खिलाफ भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पटना एसएसपी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अब मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के पास मारपीट, पथराव और फायरिंग की घटना हुई थी। शुरुआती जानकारी में बाहरी हमलावरों द्वारा गोलीबारी की बात सामने आई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला नया मोड़ लेता दिखा। पुलिस को कुछ वीडियो और अन्य साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई है।
खान सर पर क्या आरोप?
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान कथित तौर पर भीड़ पर फायरिंग करने के लिए उकसाने जैसी बातें कही गईं। इसी आधार पर खान सर को भी मामले में नामजद किया गया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो गार्ड गिरफ्तार, हथियार जब्त
पुलिस ने खान सर के दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार किया है। उनके पास मौजूद हथियार भी जब्त किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और किसके निर्देश पर हुई।
खान सर का पक्ष
खान सर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि यदि किसी गार्ड ने गोली चलाई होगी तो वह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई हो सकती है। वहीं उन्होंने भी कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और घटना के पीछे साजिश होने की आशंका जताई है।
पुलिस की जांच जारी
पटना पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सभी पहलुओं की जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर(कोलकाता): दक्षिण एवं उत्तर-पूर्व बिहार के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित विशेष ट्रेन के परिचालन की अवधि को बढ़ाकर 22 जून 2026 तक कर दिया है। यह ट्रेन अपने वर्तमान मार्ग, समय-सारिणी और निर्धारित ठहरावों के साथ संचालित होती रहेगी।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 10 जून से 16 जून 2026 तक यह विशेष ट्रेन नवगछिया से ही आंशिक रूप से प्रारंभ और समाप्त (शॉर्ट ओरिजिनेट/शॉर्ट टर्मिनेट) की जाएगी। इस दौरान ट्रेन भागलपुर तक नहीं जाएगी।
गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। इसके चलते दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भागलपुर और कटिहार के बीच यह अनारक्षित विशेष ट्रेन सेवा शुरू की थी। पहले इसका संचालन 4 जून 2026 तक निर्धारित था, लेकिन यात्रियों की जरूरत और लगातार मांग को देखते हुए इसकी अवधि अब 22 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है।
रेलवे के इस फैसले से भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और सीमांचल क्षेत्र के हजारों यात्रियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ब्यूरो। पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थान के बाहर जमा हो गए और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फायरिंग में एक सुरक्षा गार्ड के घायल होने की खबर है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
खान सर ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे कोचिंग संस्थानों की आपसी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पहले कर्मचारियों को धमकाया और फिर हमला किया। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी साजिश या प्रतिद्वंद्विता के एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है।
रांची । शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली हरमू नदी को स्वच्छ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने अब बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में 02.06.2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निगम की टीम के साथ वार्ड संख्या 23, हिंदपीढ़ी स्थित हरमू नदी क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नदी की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह में आ रही बाधाओं, नदी तट पर फैली गंदगी, अतिक्रमण, अवैध गतिविधियों तथा सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। कई स्थानों पर वर्षों से जमी गाद, झाड़ियां और अवरोधों को देखकर उन्होंने संबंधित शाखाओं को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने स्वच्छता शाखा को निर्देशित किया कि पूरे नदी क्षेत्र में पोकलेन एवं जेसीबी मशीनों की सहायता से गाद निकालने का कार्य तेजी से किया जाए, ताकि नदी की जलधारण क्षमता बढ़ सके और पानी का बहाव सुचारू हो। साथ ही, नदी किनारे जमी पुरानी गंदगी एवं अवरोधों को मैनुअल तरीके से हटाने का भी निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान नदी तट पर मौजूद अवैध खटाल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य अवैध संरचनाओं पर भी नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इनफोर्समेंट टीम को तत्काल कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने एवं अवैध संरचनाओं को हटाने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त भू-संपदा शाखा की टीम को शहर अंचल एवं अरगोड़ा अंचल के साथ संयुक्त रूप से हरमू नदी तट की मापी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। मापी के बाद अतिक्रमण की श्रेणी में आने वाली सभी संरचनाओं को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कई खाली स्थान भी चिन्हित किए गए। नगर आयुक्त ने इन स्थलों को आम नागरिकों के लिए उपयोगी एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से वहां बेंच लगाने, हरित क्षेत्र विकसित करने तथा आवश्यकतानुसार री-डेवलपमेंट कार्य करने का निर्देश दिया।
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि हरमू नदी के संरक्षण, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण मुक्ति को लेकर निगम गंभीर है और आने वाले दिनों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप बेहतर होगा, बल्कि शहर में जल-जमाव की समस्या कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
मौके पर उप नगर आयुक्त गौतम प्रसाद साहू, नगर प्रबंधक, स्वच्छता शाखा, इनफोर्समेंट टीम एवं भू-संपदा शाखा के कर्मी उपस्थित थे।
