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रामगढ़ : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री ने शुक्रवार को रामगढ़ सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मियों को "पीपुल फ्रेंडली" बनने की आवश्यकता है ताकि आम जनता का सरकार पर विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय सरकार का आईना होते हैं, जहां से ग्रामीणों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और विकास की सोच दिखाई देती है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण जनता को कम से कम प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़े, इसके लिए डिजिटल पंचायत की अवधारणा को तेजी से लागू किया जा रहा है। जाति, आवासीय एवं अन्य प्रमाण पत्रों की सुविधाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार प्रयास किए गए। वर्तमान में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए लगभग 35 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। राज्य वित्त आयोग की राशि मिलने के बाद यह राशि 50 लाख रुपये प्रति पंचायत से अधिक हो जाएगी।
मंत्री ने कहा कि डीएमएफटी (DMFT) मद से रामगढ़ समेत कई जिलों में पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं अब अपने उत्पादों और कार्यों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं।
इस मौके पर विधायक ममता देवी ने कहा कि नए भवन के निर्माण से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। क्षेत्र के लोगों को सरकारी कार्यों के लिए बेहतर व्यवस्था मिलेगी तथा कर्मचारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया तथा प्रखंड कार्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
उद्घाटन में उपायुक्त ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, बीडीओ, सीओ, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं JSLPS से जुड़ी महिलाओं सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रांची : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर रांची प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। इस संबंध में सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्र के आसपास निषेधाज्ञा जारी की है।
जारी आदेश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा 21 जून 2026 को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जुटाकर या अन्य गतिविधियों के माध्यम से विधि-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्त आदेश से दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
परीक्षा केंद्र
परीक्षा का आयोजन में किया जाएगा।
200 मीटर की परिधि में ये गतिविधियां रहेंगी प्रतिबंधित
प्रशासन ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के दौरान जारी निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
रांची। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा दिनांक 19 जून, 2026 को “Reducing Plastic Waste for A Greener Tomorrow” विषय पर एक व्याख्यान एवं वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु प्लास्टिक अपशिष्ट में कमी लाने के उपायों को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर सीआईपीईटी (CIPET), रांची के निदेशक एवं प्रमुख श्री अवनीत कुमार जोशी ने विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्ट के बढ़ते पर्यावरणीय प्रभावों, सतत विकास में अपशिष्ट प्रबंधन की भूमिका तथा प्लास्टिक उपयोग में कमी लाने हेतु अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जनभागीदारी एवं व्यवहारगत परिवर्तन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक (अधिकारी स्थापना/कल्याण), सीसीएल, श्री संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता श्री जोशी का स्वागत किया तथा उनके बहुमूल्य विचारों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वच्छता पखवाड़ा के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति सभी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय, रांची से अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की, जबकि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने वेबिनार के माध्यम से ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रतिभागियों ने प्लास्टिक अपशिष्ट न्यूनीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी प्राप्त की तथा स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण हेतु अपने योगदान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के आयोजन में श्रीमती पूजा प्रसाद , प्रबंधक (सा. वि) एवं श्रीमती श्वेता हंसदा, प्रबंधक (सा.वि) की सक्रिय भूमिका रही ।यह कार्यक्रम स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट रहे और गठबंधन की रणनीति के अनुरूप मतदान किया। साथ ही पार्टी ने इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार की समीक्षा करने की बात कही है।
झामुमो के महासचिव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पार्टी के सभी 34 विधायकों ने शत-प्रतिशत मतदान किया और गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाला। उन्होंने बताया कि वह स्वयं पार्टी एजेंट के रूप में मतदान केंद्र पर मौजूद थे और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थे।
विनोद पांडेय ने कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने गठबंधन दलों की कई बैठकें की थीं। मतदान को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई थी तथा विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि इन सभी तैयारियों और प्रयासों के बावजूद इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। ऐसे में महागठबंधन के स्तर पर चुनाव परिणामों की समीक्षा की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि किन कारणों से अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं हो सका।
झामुमो महासचिव ने कहा कि समीक्षा के बाद भविष्य की रणनीति तय की जाएगी ताकि कमियों को दूर कर भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई में इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
बरहरवा (साहिबगंज): बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और सामाजिक संस्था मंथन की संयुक्त कार्रवाई में चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। सभी बच्चे बिना अभिभावकों को बताए घर से निकलकर मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ जाने की तैयारी में थे।
जानकारी के अनुसार, 18 जून 2026 की रात इंस्पेक्टर आरपीएफ संजीव कुमार के पर्यवेक्षण में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान एवं मंथन संस्था की प्रतिनिधि आराधना मंडल द्वारा मानव तस्करी, घर से भागे बच्चों (TOPB) तथा अन्य संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए बरहरवा रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।
रात्रि लगभग 8:30 बजे स्टेशन परिसर स्थित सिग्नल ऑफिस के पास चार नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थिति में घूमते हुए पाए गए। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपनी उम्र 13, 14, 14 और 16 वर्ष बताई तथा सभी ने पाकुड़ जिले का निवासी होना स्वीकार किया।
गहन पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे बिना अपने परिजनों को सूचना दिए घर से निकल आए थे और मुरारोई रेलवे स्टेशन से बरहरवा पहुंचे थे। उनका उद्देश्य मजदूरी करने के लिए लखनऊ जाना था।
बच्चों की स्थिति और गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर आरपीएफ टीम उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से आरपीएफ पोस्ट लेकर आई। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों नाबालिगों को आगे की कार्रवाई, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए मंथन संस्था, साहिबगंज की प्रतिनिधि आराधना मंडल को सौंप दिया गया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर मानव तस्करी, बाल श्रम और घर से भागे बच्चों की पहचान एवं सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई से चार नाबालिग बच्चों को संभावित शोषण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में फंसने से बचाया जा सका।
बरहरवा (साहिबगंज): बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹53,488 बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब 2:15 बजे आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार अपने दल के साथ स्टेशन परिसर में गश्त और जांच अभियान चला रहे थे। टीम में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान और सिपाही सुजीत कुमार सिंह भी शामिल थे। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या-3 पर खड़ी विश्वभारती पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में दो संदिग्ध युवक घूमते नजर आए।
आरपीएफ टीम द्वारा पूछताछ के लिए रोके जाने पर दोनों युवक ट्रेन से कूदकर भागने लगे, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांद शेख (25 वर्ष) और इस्तेफाक शेख (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों झारखंड के पाकुड़ जिले के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद मोबाइल फोनों में से दो मोबाइल बरहरवा रेलवे स्टेशन के द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय में सो रहे यात्रियों से तथा दो मोबाइल टिकट काउंटर के पास सोए हुए लोगों से चोरी किए गए थे।
आरपीएफ ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में चारों मोबाइल फोन जब्त कर लिए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बरामद सामान और संबंधित दस्तावेजों के साथ आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी बरहरवा को सौंप दिया गया है।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चोरी, लूट एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी और गश्ती अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
शेखपुरा: शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी के तबादले के बाद जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने दावा किया है कि उन्होंने 8 जून को एडीजी एवं जिला नोडल पदाधिकारी अमित लोढ़ा को एक बंद लिफाफे में जिले के कुछ अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें और दस्तावेज सौंपे थे। इसके दस दिन बाद एसपी बलिराम कुमार चौधरी का तबादला कर उन्हें विशेष शाखा, पटना भेज दिया गया।
अरशद नसर का कहना है कि उनके द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े कई मामलों का उल्लेख था। उन्होंने दावा किया कि एडीजी अमित लोढ़ा ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
हालांकि, पुलिस मुख्यालय या राज्य सरकार की ओर से एसपी के तबादले को इन शिकायतों से जोड़ते हुए कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासनिक हलकों में इसे सामान्य तबादला प्रक्रिया का हिस्सा भी माना जा रहा है।
गौरतलब है कि एडीजी अमित लोढ़ा पूर्व में शेखपुरा के एसपी रह चुके हैं और अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी कार्यशैली चर्चा में रही है। उनके जिला नोडल प्रभारी बनने के बाद यह पहला बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।
इस बीच, सहरसा में तैनात तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हिमांशु को शेखपुरा का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। उनके जल्द ही पदभार ग्रहण करने की संभावना है।
एसपी के तबादले के बाद जिले में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं, लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि शिकायतों में उठाए गए अन्य मुद्दों पर कोई आगे की कार्रवाई होती है या नहीं।
रांची: रांची के चुटिया थाना अंतर्गत निवारणपुर में स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के झारखंड प्रदेश कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं मुख्य आरोपी सैफ अंसारी पुलिस हिरासत से भागने के बाद मांडर में पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया।
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी देते हुए कहा कि,16 जून की रात चुटिया के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंककर हमला किया गया था। घटना के बाद चुटिया थाना में यूएपीए (UAPA), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने नगर और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के संयुक्त नेतृत्व में SIT का गठन किया।
CCTV और तकनीकी जांच से खुलासा
SIT ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घटना में शामिल सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है।
आरोपियों की निशानदेही पर घटना के समय पहने गए कपड़े भी लोअर बाजार थाना क्षेत्र के एक नाले के पास से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एक सेंट्रो कार और चार स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से संबंध की जांच
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में संकेत दिया है कि आरोपियों के किसी अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल या संगठित नेटवर्क से जुड़े होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जांच अब झारखंड ATS (आतंकवाद निरोधी दस्ता) को सौंप दी गई है।
पुलिस हिरासत से फरार हुआ आरोपी
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब गिरफ्तार आरोपी सैफ अंसारी गुरुवार सुबह कोतवाली थाना परिसर स्थित शौचालय गया और वहां तैनात पुलिसकर्मी को चकमा देकर वेंटिलेशन की ग्रिल और शीशा तोड़कर फरार हो गया।
फरारी की सूचना मिलते ही पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया। कुछ घंटों बाद मांडर थाना क्षेत्र के चामा मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
हथियार छीनकर भागने की कोशिश, पुलिस ने मारी गोली
पुलिस के अनुसार दोबारा गिरफ्तारी के बाद सैफ अंसारी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर फिर से भागने का प्रयास किया। इस दौरान आत्मरक्षा और आरोपी को रोकने के लिए पुलिस ने सीमित फायरिंग की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
ATS करेगी आगे की जांच
रांची पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं, फंडिंग, साजिश और संभावित नेटवर्क की जांच अब ATS करेगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हमले के पीछे कोई बड़ा संगठन या आतंकी मॉड्यूल तो सक्रिय नहीं था।
इस बीच RSS कार्यालय पर हमले और फिर मुख्य आरोपी के पुलिस हिरासत से फरार होने की घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ATS की जांच से आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
रांची : झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को करारी शिकस्त देकर जीत हासिल की है। इस परिणाम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
चुनाव परिणाम के अनुसार परिमल नाथवाणी को कुल 28 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को मात्र 20 वोट मिले। मतदान के आंकड़े सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि महागठबंधन के भीतर क्रॉस वोटिंग हुई है, जिसके कारण कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। राजनीतिक जानकार इसे महागठबंधन के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।
वहीं पहली सीट पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज कर अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने में सफलता हासिल की। उन्हें 30 वोट प्राप्त हुए। हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने गठबंधन की रणनीति और समन्वय पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस चुनाव परिणाम में सबसे बड़ा सवाल यही है को महागठबंधन के पास कुल 56 वोट थे तो फिर अन्य 28 वोट कहां गए यह सबसे बड़ा सवाल है। वही NDA के पास 24 वोट थे लेकिन कुल 30 वोट मिले उनमें 2 बीजेपी के वोट रिजेक्ट हो गए। इसका मतलब महागठबंध के 6 विधायक विधायकों ने अपने ही दल के साथ खेला कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने यह संकेत दिया है कि झारखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरण बन सकते हैं। परिमल नाथवाणी की जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी मानी जा रही है। वहीं महागठबंधन के लिए यह परिणाम आगामी चुनावों से पहले आत्ममंथन का विषय बन गया है।
रांची: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रांची स्थित प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई सवाल उठने लगे हैं। घटना के करीब 36 घंटे बीत जाने के बावजूद हमलावरों की पहचान और उनके नेटवर्क को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
VHP नेता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रांची पुलिस से हमले में शामिल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन अब तक उनके नाम और हमले के पीछे की साजिश का खुलासा नहीं किया गया है।
विनोद बंसल ने अपने पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि हमले के षड्यंत्रकारियों के तार कहां-कहां से जुड़े हैं, उन्हें किसकी प्रेरणा या निर्देश प्राप्त थे और इस घटना के पीछे की पूरी साजिश क्या है, इसका शीघ्र खुलासा होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संघ कार्यालय पर आधी रात के बाद पेट्रोल बम से हमला अत्यंत गंभीर, चिंताजनक और निंदनीय घटना है तथा दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।
उधर, रांची पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने भी संघ कार्यालय पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए कई जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं। लेकिन घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और हमले के पीछे की मंशा पर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
