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रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने प्रेस बयान जारी कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से पूछा कि क्या सरना धर्म कोड मिलने से आदिवासियों को संविधान में लिखा 26 अनुच्छेदों में जो हक अधिकार प्राप्त है वह बरकरार रहेगा इस बाबत आप कैबिनेट से एक चिट्ठी निर्गत करें कि सरना धर्मकोड मिलने से 26 अनुच्छेदों से मिलने वाले हक अधिकार मिलते रहेंगे चूंकि सरना धर्म कोड की मांग चर्च की मांग है जिस दिन यह कोड मिल जाता है सभी जनजाति अल्पसंख्यक हो जाएंगे और 26 अनुच्छेदों का हक अधिकार छिन जाएगा। सन 1945 में चाईबासा की जगन्नाथपुर धर्म सम्मेलन में सर्वप्रथम सरना की बात आई वहीं से धीरे-धीरे सरना का प्रचलन हुआ, लोगों की मांग को देखते हुए सन 2013 में माननीय पूर्व सांसद सुदर्शन भगत जी ने सरना धर्म कोड की मांग की l केंद्र से जवाब आया यह संभव नहीं है। 2015 में पूर्व विधायक एवं मंत्री माननीय देव कुमार धान जी ने भी सरना धर्म कोड की मांग की, केंद्र से जवाब आया यह संभव नहीं है क्योंकि 105 छोटे-छोटे पथ अलग-अलग कोड की मांग कर रहे हैं यदि सभी को अलग-अलग कोड दिया जाए तो भारत टुकड़े-टुकड़े में बट जाएगा और इसी प्रकार समय बिता गया और वर्ष 2020 में चर्च की मांग पर विशेष सत्र बुलाकर आनन फानन में विधानसभा से सरना धर्मकोड आदिवासी/ धर्मकोड को पारित कर बिना महामहिम के हस्ताक्षर कराए सीधे दिल्ली भेज देना संविधान को हनन करते हुए लोगों के साथ छल करना और यह कहना कि आप सरना कोड मांग किया हमने पारित कर केंद्र भेजा ,अब केंद्र नहीं माना तो मैं क्या करूं पुनः लोगों को 2025 में यह कहना कि सरना धर्मकोड को पास कर राज्यपाल से हस्ताक्षर कराकर केंद्र भेजेंगे फिर वही छल की हम सरना धर्म कोड के लिए महामहिम एवं राज्यपाल को चिट्ठी लिखे हैं कि जनगणना में अलग सरना धर्म तालिका होना चाहिए जबकि भारत की सभी जनजातियों के लिए हिंदू धर्म के अभिन्न अंग या श्रेणी में होने का कारण हिंदू धर्म के अंतर्गत रखा है और सभी जनजाति हिंदू है जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 13, 17 ,25 ,340, 341 342, में हिंदू कहा गया है जिसके अंतर्गत निम्नलिखित कानून बनाए गए हैं 1. सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम1955
2 हिंदू विवाह अधिनियम 1955
3 हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956
4. हिंदू आप प्राप्त व्याप्त एवं संरक्षता अधिनियम 1956
5. हिंदू दत्तक पुत्र एवं भरण पोषण अधिनियम 1956
6. अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989
7. पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार अधिनियम 1996
8. राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित बीपी मंडल आयोग प्रतिवेदन अधिनियम 1990
9. झारखंड पंचायती राज अधिनियम 2001
जो सभी जनजाति हिंदू होते हुए भी अपनी अपनी रीति रिवाज कस्टम रूढ़ि प्रथा से फॉलो होते हैं ।क्योंकि संविधान में सरना, आदिवासी ,आदि, एवं सनातन धर्म अंकित नहीं है इसलिए जनगणना हो रहा है कॉलम में धर्म के स्थान पर ईसाई मुस्लिम को छोड़कर सभी लोगों से हिंदू लिखने का आग्रह किया विशेष कर जनजाति समाज से आग्रह करते हुए कहा कि अपना अपना हक अधिकार एवं बच्चों के भविष्य नौकरी को देखते हुए हिंदू ही लिखे अन्य दूसरा कोई नहीं लिखे ।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति से बड़ी खबर सामने आ रही है, भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ आगे बढ़ रही अब तक 208 सीटो पर बढ़त बना रखी है। वही भवानीपुर विधानसभा सीट से हुए मुकाबले में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया है।
यह नतीजा बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में इस सीट पर मिली हार को तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका और भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत के साथ शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल की सियासत में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी, इसलिए यह मुकाबला पूरे देश की नजरों में था।
नतीजे सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है, जबकि टीएमसी खेमे में मायूसी छा गई है। अब सबकी नजर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी है।
ब्यूरो। भागलपुर से नवगछिया को जोड़ने वाला बिहार का अहम लाइफलाइन पुल विक्रमशिला सेतु सोमवार तड़के बड़े हादसे का शिकार हो गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिलर नंबर 133 के पास स्लैब का एक हिस्सा अचानक ध्वस्त होकर गंगा नदी में गिर गया, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पुल पर सभी तरह की आवाजाही रोक दी। राहत की बात यह रही कि प्रशासन की सतर्कता के कारण हादसे के वक्त उस हिस्से पर कोई वाहन मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जान-माल का नुकसान टल गया।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, देर रात करीब 11:30 बजे के आसपास पिलर नंबर 133 में असामान्य हलचल देखी गई। इसके बाद पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को सूचना दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुल पर ट्रैफिक तुरंत रोक दिया गया। कुछ ही देर बाद स्लैब का हिस्सा भरभराकर गंगा में समा गया।
उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क बाधित
विक्रमशिला सेतु भागलपुर, नवगछिया, पूर्णिया, कटिहार और सीमांचल क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। पुल बंद होने से हजारों यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने फिलहाल यात्रियों को मुंगेर रूट से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।
बड़ा सवाल: रखरखाव में लापरवाही?
गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले भी पुल की संरचनात्मक स्थिति को लेकर सवाल उठे थे। उस समय अधिकारियों ने पुल को सुरक्षित बताया था, लेकिन ताजा हादसे ने रखरखाव और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।
प्रशासन का बयान
जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
जनता में नाराज़गी
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही और खराब रखरखाव का नतीजा बता रहे हैं।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 में आदिवासी/सरना धर्म को अलग पहचान देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने जनगणना में सरना धर्म कोड को पृथक श्रेणी के रूप में शामिल करने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि झारखंड समेत देशभर के आदिवासी समुदाय लंबे समय से सरना धर्म को अलग पहचान दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनगणना में अलग कोड मिलने से आदिवासी समाज की वास्तविक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दर्ज हो सकेगी।
पत्र में सीएम ने यह भी उल्लेख किया कि 2027 की जनगणना देश के विकास और नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में आदिवासी समाज की पहचान को सही तरीके से दर्ज करना आवश्यक है, ताकि भविष्य की योजनाएं तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर बनाई जा सकें।
झारखंड सरकार पहले भी विधानसभा से इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज चुकी है। अब मुख्यमंत्री के इस पत्र के बाद एक बार फिर सरना धर्म कोड का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
आदिवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे समाज की सांस्कृतिक अस्मिता और अधिकारों की दिशा में अहम पहल बताया है।
सीवान: बिहार पुलिस अपराधियों पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। रविवार अहले सुबह सीवान जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व भाजपा एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू यादव को मुठभेड़ में मार गिराया।
बताया जा रहा है कि 29 अप्रैल को भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पुलिस लगातार मुख्य आरोपी सोनू यादव की तलाश में जुटी थी।
रविवार सुबह पुलिस को आरोपी के ठिकाने की गुप्त सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया।
इस एनकाउंटर के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रांची। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, रांची स्थित मुख्यालय के गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दरभंगा हाउस परिसर स्थित शहीद स्मारक पर वीर शहीद कोल कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुई।
सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में निदेशकगण- पवन कुमार मिश्रा (वित्त), हर्ष नाथ मिश्र (मानव संसाधन), श्री चंद्र शेखर तिवारी (तकनीकी/ऑपरेशन), अनुप हंजुरा (परियोजना एवं योजना), पंकज कुमार (मुख्य सतर्कता अधिकारी), क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, मुख्यालय के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीदों को नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
निलेंदु कुमार सिंह, सीएमडी, सीसीएल ने नवनिर्मित वर्किंग वॉशरी मॉडल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वॉशरी मॉडल से सम्बंधित कई प्रश्न किए और जानकारियां भी साझा की।
इसके पश्चात सभी ने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस थीम पर बने एक सेल्फी पॉइंट पर समूह चित्र भी खिंचवाया, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेते हुए यादगार तस्वीरें खिंचवाईं।
इसके पश्चात सीसीएल सभागार में सीआईएल कॉरपोरेट गीत के साथ दीप प्रज्वलन कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें सभी श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
अपने संबोधन में सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह ने सभी कर्मियों को श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब हम वातानुकूलित सभागार में कार्यक्रम कर रहे हैं, उसी समय हमारे कोल योद्धा खदानों में कार्यरत हैं और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कठिन परिस्थितियों में भी अपना योगदान दे रहे हैं, उन्हें मेरा सादर प्रणाम।
उन्होंने जानकारी दी कि बी एंड के, बरका-सयाल एवं अरगडा क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक सर्वाधिक उत्पादन दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त कंपनी ने भूमि के बदले 216 रोजगार प्रदान किए हैं तथा राजहरा ओपन कास्ट परियोजना का पुनः संचालन प्रारंभ किया गया है। उन्होंने पर्यावरण, सीएसआर एवं अन्य क्षेत्रों में कंपनी की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।
इसके अलावा सभी निदेशकगण, सीवीओ सर, जेसीएससी के केंद्रीय सचिव ने सभा को संबोधित किया। सभी ने श्रमिकों के समर्पण, साहस और उनके बलिदान को याद किया तथा कंपनी और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्मियों को पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने की बात कही।
इस अवसर पर ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि, सीएमओएआई, जेसीएससी, सेफ्टी बोर्ड, कल्याण विभाग, एसटी/एससी/ओबीसी काउंसिल, प्रेस प्रतिनिधि, महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम:
कार्यक्रम के दौरान डी ए वी स्कूल के बच्चों द्वारा गणेश वंदना, गायन तथा आशा भोसले को समर्पित नृत्य प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया और सांस्कृतिक विविधता को मंच पर सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
सीसीएल का ताऊ” – एआई अवतार हुआ लॉन्च
श्रमिक दिवस के अवसर पर एआई अवतार “सीसीएल का ताऊ” लॉन्च किया गया। सीसी एंड पीआर विभाग के विभागाध्यक्ष श्री आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि यह सीसीएल का AI अवतार कंपनी की नीतियों, परियोजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी रोचक तरीकों से साझा करने का माध्यम बनेगा।
‘उत्कर्ष’ पत्रिका का लोकार्पण:
कार्यक्रम में सीसीएल की वार्षिक पत्रिका ‘उत्कर्ष’ का लोकार्पण किया गया, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियों एवं कर्मचारियों की रचनात्मक अभिव्यक्तियों को स्थान दिया गया है।
पुरस्कार वितरण समारोह:
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों एवं एरिया इकाइयों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी निष्ठा, परिश्रम एवं संगठन के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
महाप्रबंधक (पी एंड आईआर) प्रतुल कुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रम शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
ब्यूरो। पूरी दुनिया, जबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में एक मां और बच्चे की इस तस्वीर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। फिल्म टाइटैनिक में डूबते जहाज की जो तस्वीर दिखाई गई जहां एक प्रेमी और प्रेमिका की तस्वीर लोगो की आंखे नम कर देती है । लेकिन आज उससे सैकड़ों गुना दर्दनाक तस्वीर अपने बच्चे के प्रति मां का प्यार का चेहरा सामने आए वह काफी विचलित करने वाला है,जिसने भी इस तस्वीर को अपने आंखों से देखा, उसकी आंखें अपने आशु को रोक नहीं पाई,मौत के मंजर के बीच एक मां ने अपने बच्चे को बचाने के लिए हर वह प्रयास किया जहां अपने बच्चे को सीने से लगाए अपनी मौत की परवाह किए बैगर,जबकि उनकी मां लाइफ जैकेट पहनी थी और अपना जान बचा सकती थी लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था. वही जब बचाव दल के सदस्यों ने मां बच्चे के शव को निकाल रही थी तो वह निकाल नहीं पा रहे थे क्योंकि एक मां ने अपने सीने से लगाए बच्चे को इस प्रकार से जकड़े हुए थी वह मरने के बाद भी अपने बच्चे को छोड़ नहीं रही थी और जब बचाव दल के द्वारा मां और बच्चे को जब बाहर निकाला जाता है तब जो तस्वीर सामने आती है काफी विचलित, दर्दनाक और लोगों की आंखे नम करने वाली होती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त एक मां अपनी छोटी बच्ची को कसकर सीने से लपेटे रही ताकि उसे किसी भी तरह की चोट न पहुंचे। पानी और चीख-पुकार के बीच मां अपनी बच्ची की सुरक्षा के लिए डटी रही।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मां अपने बच्चे के लिए हर मुश्किल से लड़ सकती है। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और क्रूज संचालन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।ममता की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग मां के साहस को सलाम कर रहे हैं।
जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम के बैकवॉटर में हुए क्रूज हादसे के बाद से लगातार रेस्क्यू व सर्च ऑपरेशन जारी है. एसडीईआरएफ, एनडीआरएफ के साथ अब भारतीय सेना की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर रही हैं. हैदराबाद से सेना व कोलकाता से पैरामिलिट्री की टीमें भी पहुंची हैं. दोपहर तक 29 लोगों को बचाया जा चुका है और 9 के शव मिल चुके हैं लेकिन 4 लोग लापता हैं. क्रूज में तमिलनाडु का एक पूरा परिवार सवार था, जो जबलपुर के खमरिया क्षेत्र में रहता था और उनके कई परिजन तमिलनाडु से आए थे. वहीं, हादसे में बची दिल्ली की पर्यटक और 11 साल के जाफर ने बताया कि क्रूज तूफान के दौरान पानी घुसने से डूबा.
रांची: झारखंड सरकार के वित्त विभाग (कोषागार एवं सांख्यिक वित्त निदेशालय) ने राज्य के विभिन्न जिलों के कार्यालयों में वेतन मद से कोषागार के माध्यम से हो रही अवैध निकासी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त निर्देश जारी किया है।
मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कई कार्यालयों में कर्मचारी विवरण में छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकासी तथा राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
इन गड़बड़ियों को रोकने और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने वित्तीय कार्यों से जुड़े वरिष्ठ लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल और विपत्र लिपिक जैसे कर्मियों के लिए एक ही कार्यालय में 3 वर्ष से अधिक पदस्थापन होने पर अनिवार्य स्थानांतरण का निर्देश दिया है।
साथ ही, संविदा और एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखने को कहा गया है।
विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव एवं उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि इस आदेश के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट 30 मई 2026 तक वित्त विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
रांची: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 अप्रैल 2026 को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कर्मचारियों की पेंशन, रांची के ट्रैफिक समाधान, शिक्षा, तकनीक और छात्रों की विदेश पढ़ाई से जुड़े बड़े निर्णय लिए गए।
रांची को मिली ट्रैफिक जाम से राहत
कैबिनेट ने राजधानी रांची में दो बड़े फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी दी है।
पहला फ्लाईओवर अरगोड़ा चौक से हरमू होते हुए डिबडीह ब्रिज तक बनेगा, जिसकी लागत करीब 469.62 करोड़ रुपये होगी।
दूसरा फ्लाईओवर करमटोली से साइंस सिटी तक बनेगा, जिस पर 351.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को बड़ी राहत
हाईकोर्ट और लोक अदालत के आदेशों के आलोक में जिन कर्मियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, उनकी दैनिक वेतनभोगी अवधि को भी जोड़कर पेंशन और अन्य लाभ देने की स्वीकृति दी गई।
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 को मंजूरी
राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
Google LLC के साथ होगा AI MoU
राज्य में Artificial Intelligence Innovation और Adoption को बढ़ावा देने के लिए के साथ MoU करने की मंजूरी दी गई।
विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के कुल 50 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को हर वर्ष विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में एक वर्षीय मास्टर्स के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी।
स्कूल शिक्षा और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
अन्य बड़े फैसले
भागलपुर/सुल्तानगंज: बिहार राज्य के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण की हत्या के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस चर्चित हत्याकांड के कथित मास्टरमाइंड रामाधीन यादव को एनकाउंटर में मार गिराया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नगर परिषद उपाध्यक्ष नीलम देवी का पति रामाधीन यादव इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा था। बताया जा रहा है कि पुलिस को उसके ठिकाने की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद बुधवार सुबह-सुबह उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की गई।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम को देखते ही रामाधीन यादव ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और हुई मुठभेड़ में वह ढेर हो गया।
गौरतलब है कि कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण की हत्या के बाद पूरे सुल्तानगंज समेत भागलपुर जिले में सनसनी फैल गई थी। इस मामले को लेकर प्रशासन पर लगातार दबाव था कि मुख्य साजिशकर्ताओं को जल्द गिरफ्तार किया जाए। अब पुलिस की इस कार्रवाई को हत्याकांड में बड़ा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है।
हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से एनकाउंटर को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मामले की जांच तेज़ी से जारी है। मालूम हो की 28 अप्रैल शाम 4:00 बजे के आसपास टेंडर विवाद में कार्यपालक पदाधिकारी और सभापति को चेंबर में घूस कर गोली मार दी गई थी।
