ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और नई योजनाओं के प्रस्ताव भेजने को कहा
रांची । ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन परिसर स्थित एनेक्सी भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा-DISHA) की राज्य स्तरीय बैठक हुई। बैठक में केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और जनभागीदारी की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में राजमहल के सांसद विजय हांसदा, देवघर के विधायक सुरेश पासवान, धनबाद के विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर के विधायक जगत माझी, जमुआ की विधायक मंजु कुमारी, लोहरदगा के सांसद प्रतिनिधि सीताराम भगत सहित समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सदस्यों और अतिथियों का स्वागत किया।
केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAMG), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
संबंधित विभागों ने ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी बाधाओं और क्षेत्रीय समस्याओं को उठाया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी धरातल पर जाकर जनता की समस्याओं को समझें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
नई योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को भेजने पर जोर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए नई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो सकेगा।
दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को दी आर्थिक सहायता की सौगात, किसान कल्याण के प्रति संकल्प दोहराया
साहेबगंज/रांची । आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए पावन अवसर पर देश के किसानों को बड़ी आर्थिक सौगात मिली है। इस अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव ने हर्ष जताते हुए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी है। इसके तहत देश के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
आगे श्री यादव ने कहा यह आर्थिक सहायता देश के अन्नदाताओं के सम्मान, स्वाभिमान और खेती-किसानी को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहयोग देकर उनकी कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद की जा रही है।
आने वाली दीपावली जैसे पावन त्योहार पर किसानों के खातों में सहायता राशि पहुंचने से उनके परिवारों में खुशियों का माहौल है। इस पहल को किसान कल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और कृषि क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया। इस अवसर पर किसान हित को सर्वोपरि बताते हुए संकल्प दोहराया गया कि किसान का सम्मान, किसान का कल्याण और किसान की समृद्धि ही प्राथमिकता है।साथ ही भगवान से प्रार्थना की गई कि दीपावली के पावन पर्व पर देश के हर किसान के घर खुशहाली का दीप जले, हर खेत में हरियाली हो और प्रत्येक किसान का भविष्य उज्ज्वल एवं समृद्ध बने।
आगे श्री यादव ने कहा देश के सभी किसान भाई-बहनों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा किसान खुशहाल तो देश खुशहाल।
200 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग, रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से दिया सत्यनिष्ठा एवं नैतिकता का संदेश
रांची। सतर्कता जागरूकता सप्ताह–2026 के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा आज दिनांक 30 अक्टूबर, 2026 को सीसीएल मुख्यालय, रांची में कर्मियों के बच्चों के लिए कविता पाठ, चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा एवं अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया।
इस वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” पर आधारित इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, ईमानदारी एवं नैतिक आचरण जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों के प्रति जागरूक किया गया। नन्हे प्रतिभागियों ने अपनी कविताओं, चित्रों एवं निबंधों के माध्यम से इन मूल्यों को बेहद सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को अपनी कल्पनाशीलता एवं रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उनमें बचपन से ही नैतिक मूल्यों और ईमानदारी की भावना विकसित करना था।
इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं नैतिक उत्तरदायित्व एक समृद्ध समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के मूल आधार हैं। भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी भारत के निर्माण में नई पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसकी शुरुआत बचपन से ही सही संस्कारों एवं मूल्यों के विकास से होती है।
इस आयोजन के माध्यम से सीसीएल ने एक बार फिर कार्यस्थल के साथ-साथ समाज में भी सत्यनिष्ठा की संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सीसीएल का विश्वास है कि आज के जागरूक एवं संस्कारवान बच्चे ही कल एक सत्यनिष्ठ, पारदर्शी और समृद्ध भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जमीन के दाखिल-खारिज में प्रतिकूल रिपोर्ट देने से नाराज थे आरोपी, साजिश रचकर की गई थी हत्या
राँची । राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत जोरार में अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकान्त मुण्डा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप गोसाई (38), अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई (34) और सिन्टु कुमार गोसाई (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर को लक्ष्मीकान्त मुण्डा (38), पिता बंगाली मुण्डा, निवासी ग्राम दलकीडीह, थाना बुण्डू, जो वर्तमान में अरगोड़ा अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे, की जोरार स्थित उनके आवास पर अज्ञात अपराधियों ने हत्या कर दी थी। इस संबंध में नामकुम थाना कांड संख्या 301/26, दिनांक 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 एवं 303(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-प्रथम), पुलिस उपाधीक्षक हटिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बुण्डू सहित नामकुम, टाटीसिलवे, खरसीदाग एवं अन्य थानों के पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया था।
पुलिस ने तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान और अनुसंधान में सामने आया है कि हत्या की घटना 23 अक्टूबर की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच अंजाम दी गई थी।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार, अरगोड़ा अंचल के मौजा बड़ा घाघरा स्थित खाता संख्या 29 की 96 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। गोसाई परिवार की ओर से जमीन की विभिन्न डीड के आधार पर बिक्री एवं दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने के लिए अरगोड़ा अंचल में अलग-अलग समय पर आवेदन दिए गए थे।
इन आवेदनों की स्थल जांच और दस्तावेजों का सत्यापन राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकान्त मुण्डा ने किया था। जांच के दौरान मूल दस्तावेजों और वंशावली में भिन्नता पाए जाने पर उन्होंने कई नामांतरण मामलों में प्रतिकूल जांच प्रतिवेदन देते हुए अंचल अधिकारी, अरगोड़ा को दाखिल-खारिज अस्वीकृत करने की अनुशंसा की थी। इसके आधार पर कई नामांतरण वाद अस्वीकृत कर दिए गए थे, जबकि कुछ मामले लंबित थे।
पुलिस के मुताबिक, इस कारण संबंधित जमीन की खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज में परेशानी हो रही थी। वहीं, जमीन के क्रेताओं की ओर से आरोपियों पर नामांतरण कराने और जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इससे आरोपी राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट से नाराज थे। इसी नाराजगी में साजिश रचकर लक्ष्मीकान्त मुण्डा की हत्या कर दी गई।
तीन आरोपी फरार, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल शेष तीन नामजद अप्राथमिकी अभियुक्तों भोला गोसाई, अमित सिंह और शैलेश के अलावा अन्य अज्ञात अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
- प्रदीप गोसाई, उम्र 38 वर्ष, पिता बृज गोसाई, निवासी बड़ा घाघरा देवी मंडप, थाना डोरंडा, राँची।
- अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई, उम्र 34 वर्ष, पिता स्व. राकेश टोप्पो, निवासी डंगरा टोली, थाना लालपुर, राँची।
- सिन्टु कुमार गोसाई, उम्र 31 वर्ष, पिता बृज गोसाई, निवासी बड़ा घाघरा देवी मंडप के पास, थाना डोरंडा, राँची।
बरामदगी: तीन मोबाइल फोन।
छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी
छापेमारी दल में वरीय पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पाण्डेय, पुलिस उपाधीक्षक नीरज कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओमप्रकाश, डोरंडा थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह, नामकुम थाना प्रभारी रामनारायण सिंह, बुण्डू थाना प्रभारी जयदीप टोप्पा, टाटीसिलवे थाना प्रभारी हंसे उराँव, खरसीदाग ओपी प्रभारी मनीष कुमार, दशमफॉल थाना प्रभारी कुन्दन कुमार एवं दलादली ओपी प्रभारित सत्यप्रकाश उपाध्याय सहित नामकुम थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी, तकनीकी शाखा के कर्मी एवं सशस्त्र बल शामिल थे।
सोनाहातु (रांची) | एक तरफ झारखंड सरकार नशा मुक्त झारखंड का नारा दे रही है, जगह-जगह नशा मुक्ति के लिए कैंप और प्रचार प्रसार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रांची जिले के सोनाहातु, राहे, बुंडू और तमाड़ प्रखंडों में अवैध देसी शराब की भट्ठियां जोरों पर चल रही हैं।
सैकड़ों भट्ठियां, बेखौफ माफिया
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इन चारों प्रखंडों में सैकड़ों की संख्या में अवैध शराब की भट्ठियां संचालित हो रही हैं। दिन-दहाड़े जंगलों, नदी किनारे और गांवों के बाहर महुआ से जहरीली शराब बनाई जा रही है।
शराब माफिया बेखौफ घूम रहे हैं। ट्रैक्टर, बाइक और साइकिल से खुलेआम देसी दारू की सप्लाई हो रही है। शाम होते ही हर गांव के चौक-चौराहे पर शराबियों की भीड़ लग जाती है।
उत्पाद विभाग क्यों है चुप?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उत्पाद विभाग (Excise Department) क्यों चुप बैठा है?
क्या उत्पाद विभाग को इन भट्ठियों की जानकारी नहीं है? या फिर सब कुछ जानकर भी आंखें बंद की हुई हैं?
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार चलना संभव नहीं है। किसके संरक्षण में चल रहा है यह काला कारोबार? क्या हर महीने मोटी रकम पहुंच रही है? या फिर विभाग सिर्फ कागजों में छापेमारी दिखाकर अपना काम चला रहा है?
सरकार के दावों की पोल
जब गांव-गांव में अवैध शराब बिकेगी तो नशा मुक्त झारखंड कैसे बनेगा? सरकार की तरफ से नशा मुक्ति के लिए करोड़ों रुपये के विज्ञापन और कैंप लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि युवा पीढ़ी इसी देसी दारू के नशे में बर्बाद हो रही है।
जनता का सवाल
1. सोनाहातु, राहे, बुंडू, तमाड़ में चल रही सैकड़ों अवैध भट्ठियों पर उत्पाद विभाग कब कार्रवाई करेगा?
2. इन शराब माफियाओं के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा कब होगा?
3. क्या DC रांची और उत्पाद विभाग के वरीय अधिकारी इस पर संज्ञान लेंगे?
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद और DC रांची से मांग की है कि इन चारों प्रखंडों में विशेष छापेमारी अभियान चलाकर अवैध शराब के अड्डों को ध्वस्त किया जाए।
रांची/साहेबगंज । भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव ने कांग्रेस पार्टी द्वारा लगातार EVM पर सवाल उठाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से सवाल करते हुए कहा कि जब बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ता है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
श्री यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार चुनाव प्रक्रिया और EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस द्वारा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की जा रही है। लेकिन कांग्रेस को पहले अपने चुनावी प्रदर्शन का आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बैलेट पेपर से चुनाव हुए। इन चुनावों में कांग्रेस ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, लेकिन उसे केवल महाराष्ट्र में एक सीट पर जीत मिली। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी चारों सीटों पर जीत हासिल नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से आने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के गृह राज्य में भाजपा-जेडीएस गठबंधन की जीत कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय है।
बजरंजी प्रसाद यादव ने राहुल गांधी से सवाल किया कि जब चुनाव बैलेट पेपर से हुआ, तब कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जीतने के लिए जनता और मतदाताओं का विश्वास जीतना जरूरी है। जनता के सुख-दुख में भागीदारी निभानी पड़ती है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जमीन पर काम करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि केवल EVM और चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाने से राजनीतिक सफलता नहीं मिल सकती। कांग्रेस पार्टी को चुनाव प्रणाली पर आरोप लगाने के बजाय अपने चुनावी प्रदर्शन, राजनीतिक रणनीति और परिवारवाद जैसे मुद्दों पर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए।
अंत में श्री यादव ने कहा कि चुनाव EVM से हो या बैलेट पेपर से, लोकतंत्र में जनता का निर्णय ही सर्वोपरि होता है। राजनीतिक दलों को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
15वें वित्त आयोग की योजना में बकाया भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत, एसीबी की टीम ने की कार्रवाई
हजारीबाग । हजारीबाग जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार को कराली पंचायत के पंचायत सचिव तालेश्वर राम को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर पंचायत में पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के बकाया भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, कराली पंचायत के ग्राम केमो निवासी दिवेश्वर पांडेय ने एसीबी से शिकायत की थी कि 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत केरेडारी प्रखंड के केमो गांव में कालिकरण पीसीसी सड़क से देवी मंडप तक पीसीसी पथ निर्माण की स्वीकृति मिली थी। योजना की कुल प्राक्कलित राशि 3 लाख 38 हजार रुपये थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस कार्य में करीब 2 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान हो चुका था, जबकि शेष राशि का भुगतान लंबित था।
आरोप है कि बकाया भुगतान कराने के लिए पंचायत सचिव तालेश्वर राम ने शिकायतकर्ता से 9 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से इसकी शिकायत की।
शिकायत के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने पर हजारीबाग एसीबी थाने में कांड संख्या 11/2026, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया।
इसके बाद 28 अक्टूबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की गठित ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव तालेश्वर राम को शिकायतकर्ता दिवेश्वर पांडेय से 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सिल्ली। रांची जिले के सिल्ली क्षेत्र में PDS डीलरों द्वारा राशन में कटौती का एक नया और शातिर तरीका सामने आया है। जहां इलेक्ट्रॉनिक तराजू में छेड़छाड़ कर उपभोक्ता को कम राशन दिया जा रहा है।
कैसे हो रहा है खेल?
जांच में सामने आया है कि डीलर अब दिखावे के लिए इलेक्ट्रॉनिक तराजू रखते तो हैं, लेकिन उसका वजन भी पहले *पत्थर से सही कर के दिखा दिया जाता है*। लाभुक के सामने एक बार पत्थर रखकर सही वजन दिखा दिया जाता है ताकि उसे लगे कि कांटा सही है।
उसके तुरंत बाद जब लाभुक को राशन दिया जाता है, तब उसी इलेक्ट्रॉनिक तराजू में तकनीक से छेड़छाड़ कर या हाथ की सफाई से वजन काटकर* 2 से 3 किलो कम राशन दिया जाता है।
एक पीड़ित लाभुक ने बताया - "पहले हमको दिखाने के लिए पत्थर से कांटा सही दिखाते हैं, बोलते हैं देखो 1 किलो का बटखरा 1 किलो ही बता रहा है। फिर जब हमारा अनाज तौलते हैं तो उसी में काट देते हैं। रजिस्टर में 10 किलो लिख देते हैं, देते 7 किलो हैं।"
*रजिस्टर में सब पाक-साफ*
डीलरों ने कागजी कार्रवाई इतनी मजबूत कर रखी है कि रजिस्टर देखने पर सब कुछ पानी की तरह साफ लगता है। हर लाभुक का अंगूठा, पूरा वजन, पूरा हिसाब दर्ज। ताकि कभी BSO, DSO या कोई अधिकारी जांच करने आए तो वह पकड़ा न जाए।
लेकिन हकीकत जाननी है तो किसी भी गांव के किसी भी लाभुक से पूछ लीजिए, वो खुद बता देगा कि कैसे पत्थर से सही तौल दिखाकर बाद में राशन में कटौती की जाती है।
*सवाल प्रशासन पर*
स्थानीय लोगों ने BSO सिल्ली/सोनाहातू, DSO रांची, DC रांची से सवाल किया है कि क्या इलेक्ट्रॉनिक कांटों की भी औचक कैलिब्रेशन जांच होती है? क्या कभी लाभुकों से पूछकर तौल की जांच हुई है?
लोगों ने वर्तमान विधायक अमित कुमार महतो, सांसद संजय सेठ, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि दोषी डीलरों पर FIR कर इस पत्थर वाली सेटिंग के खेल को बंद कराया जाए।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर
रांची। सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की मांग को लेकर झारखंड सरकार के भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल से सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने शिष्टाचार भेंट की गई। इस दौरान सिमरिया में औद्योगिक पार्क की स्थापना की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।
भेंट के दौरान विधायक उज्ज्वल कुमार दास ने क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। औद्योगिक पार्क की स्थापना से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा होने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद जताई गई।
ज्ञापन के माध्यम से सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक पार्क स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देना, नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना और स्थानीय संसाधनों एवं मानव शक्ति का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
इस पहल को सिमरिया क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। औद्योगिक पार्क की स्थापना से निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की संभावना है।
खोजे मोबाइल’ अभियान के तहत नगर, मुफस्सिल समेत पांच थानों की पुलिस को मिली सफलता
साहेबगंज । साहेबगंज पुलिस ने ‘खोजे मोबाइल’ अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से गुम और चोरी हुए 16 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने तकनीकी शाखा और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से इन मोबाइलों को बरामद किया। सोमवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, साहेबगंज के कार्यालय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल उनके धारकों को सौंपे गए।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चलाए गए इस अभियान में नगर, मुफस्सिल, मिर्जाचौकी, जिरवाबाड़ी और बोरियो थाना पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बरामद मोबाइलों का वितरण अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में संबंधित थाना प्रभारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
जिरवाबाड़ी थाना पुलिस को मिली सबसे अधिक सफलता
पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र से आठ मोबाइल बरामद किए गए। वहीं नगर थाना, मुफस्सिल थाना, मिर्जाचौकी थाना और बोरियो थाना क्षेत्र से दो-दो मोबाइल बरामद हुए। इस तरह कुल 16 मोबाइल उनके वास्तविक धारकों तक पहुंचाए गए।
पुलिस ने तकनीकी शाखा और सीईआईआर पोर्टल की सहायता से गुम मोबाइलों का पता लगाने की कार्रवाई की। इस पहल से मोबाइल धारकों को उनके खोए हुए फोन वापस मिल सके।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें, ताकि तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की तलाश कर उसे बरामद किया जा सके।
