रांची। झारखंड राज्य की पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में अपराध एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। जिसके क्रम में निम्नांकित निर्देश दिये गए -
पूर्व में दर्ज धमकी, लेवी, आगजनी एवं तोड़फोड़ से संबंधित मामलों की समीक्षा कर फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
फरार अभियुक्तों के विरुद्ध कुर्की जप्ती की कार्रवाई कर पुरस्कार घोषित करने की प्रक्रिया अपनाई जाए।
प्राप्त आसूचना का शीघ्र सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नक्सल विरोधी अभियान एवं आत्मसमर्पण नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
स्थानीय नेटवर्क, मुखबिर तंत्र एवं डिजिटल निगरानी को सुदृढ कर आसूचना संकलन बढ़ाया जाए।
जमानत पर रिहा उग्रवादी/अपराधियों की विशेष निगरानी रखी जाए।
अपराधिक गिरोह या अन्य अपराधी की गिरफ्तारी हेतु कठोर कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। साथ ही साथ बैठक में लूट/हत्या/चोरी / डकैती / बलात्कार/पोक्सो एक्ट / साईबर अपराध एवं अन्य अपराध से संबंधित समीक्षा कर यथाशीघ्र वांछित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/क्षेत्रीय उप-महानिरीक्षक उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन अपनी देख-रेख में कराना सुनिश्चित करेंगे साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर अपने स्तर से संबंधित पुलिस पदाधिकारी / कर्मी को दिशा-निर्देश देना एवं उग्रवाद से संबंधित दर्ज कांडो की समीक्षा कर दिशा-निर्देश निर्गत करना सुनिश्चित करेंगे।
इस बैठक में टी० कंदसामी, अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान, झारखण्ड, मनोज कौशिक, अपर पुलिस महानिदेशक, अप०अनु०वि०, झारखण्ड, साकेत कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, सी०आर० पी०एफ०. राँची सेक्टर, प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा, झारखण्ड, डॉ माईकलराज एस०, पुलिस महानिरीक्षक, अभियान, झारखण्ड, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पलामू, अनुप बिरथरे, पुलिस महानिरीक्षक, एस०टी०एफ०, झारखण्ड, सुनिल भाष्कर, प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, बोकारो, पटेल मयूरकनैयालाल, पुलिस महानिरीक्षक, प्रोविजन, झारखण्ड के अतिरिक्त सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक भौतिक रूप से एवं पुलिस अधीक्षक, लातेहार / हजारीबाग / लोहरदगा / चतरा / पलामू वीडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें।
गोड्डा। 22 फरवरी को रात्रि महागमा थाना के दिग्धी गाँव में एक जेवर दुकान में ताला तोड़कर कुछ अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा आभूषण की चोरी कर ली गयी थी जिसमें महागामा थाना कांड सं0-33/2026 के सुसंगत धाराओं के तहत दर्ज की गयी थी। पुलिस अधीक्षक महोदय, गोड्डा के द्वारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, महागामा के नेतृत्व में एक SIT टीम का गठन किया गया था। गठित टीम द्वारा तत्काल अनुसंधान प्रारंभ किया गया। मानवीय एवं इलेक्ट्रोनिक साक्ष्य के आधार पर घटना कारित करने में संलिप्त छः अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने घटना कारित करने में अपनी-अपनी संलिप्तता स्वीकार किये तथा उनके निशानदेही पर चोरी गई आभूषण को बरामद किया गया।
गिरफ़्तार अपराधी का नाम :-
1. एनामुल उम्र-22 वर्ष पे०-जिब्राईल सा०-रामकोल, थाना-हनवारा, जिला-गोड्डा
2. मो0मिस्टर उर्फ मिस्टर आलम उम्र-21 वर्ष पे०-मो० मुख्तार, सा०-हनवारा, थाना-हनवारा, जिला-गोड्डा
3. आर्यन कुमार उर्फ विष्णु उम्र 22 वर्ष पे0-रामदेव साह, सा०-पलवा थाना-सन्हौला, जिला-भागलपुर, बिहार
4. मो0 साहुल उर्फ इमरान उम्र-26 वर्ष पे०-स्व० मो० सुल्तान, सा०-मंगाचक, थाना-सन्हौला जिला-भागलपुर, बिहार
5. राकेश कुमार उम्र-19 वर्ष पे०-प्रदीप साव सा०-सन्हौला, थाना-सन्हौला, जिला-भागलपुर, बिहार
6. मो० सरफराज आलम उम्र 21 वर्ष पे०-मो० नौशाद, सा०-रणगाँव बुजूर्ग, थाना-धोरैया, जिला-बाँका बिहार
बरामद सामानों का विवरण :-
1. सोना का आभूषण- 2.7 ग्राम लगभग।
2. चाँदी का आभूषण - 800 ग्राम लगभग।
3. चोरी में प्रयुक्त मोटरसाईकिल-03
4. घटना में इस्तेमाल किया गया खंति/सबल- 01
5. मोबाईल- कुल 07
छापामारी दल :-
1. पु०नि० उपेन्द्र कुमार महतो, महागामा प्रभाग।
2. पु०अ०नि० मनोज कुमार पाल, थाना प्रभारी महागामा थाना।
3. पु०अ०नि० ध्रुव कुमार, थाना प्रभारी हनवारा थाना।
4. पु०अ०नि० जुगनू महथा, महागामा थाना।
5. पु०अ०नि० रोमा कुमारी, महागामा थाना।
6. स०अ०नि० संजय सिंह, महागामा थाना।
7. स०अ०नि० अजय सिंह रवानी, महागामा थाना।
8. स०अ०नि० खालिद अहमद खान, महागामा थाना।
9. स०अ०नि० विजय राम, हनवारा थाना।
10. महागामा थाना एवं हनवारा थाना के सशस्त्र बल।
राजमहल । थाना परिसर में होली पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों ने शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में होली पर्व मनाने की अपील की। थाना प्रभारी हसनैन अंसारी ने कहा कि पर्व-त्यौहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी और गड़बड़ी करने वालों पर पुलिस की नजर बनी रहेगी।
इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने कहा कि पूजा समितियों को विसर्जन जुलूस तय रूट के अनुसार ही निकालना होगा और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट न करने की अपील की गई।राजमहल थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में जहां होलिका दहन का पर्व मानाया जाता है वैसे जगहों में प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था किये जाने की निर्देश दिया गया है होली शान्ति समिति की बैठक में प्रखंड के हरेक पंचायत के गणमान्य व्यक्तियों को बुलाया गया था। बैठक में उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विमलेश कुमार त्रिपाठी, राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी ओर राजेश मंडल,
दुर्गा मण्डल, बिंदेश्वरी यादव, बरकत , कार्तिक साहा,आनंदी मंडल, मनोज साहा और सभी पंचायत के गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
रांची। 68वाँ वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह – 2025 का पुरस्कार वितरण सह समापन समारोह बरका-सयाल क्षेत्र, सीसीएल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खान सुरक्षा महानिदेशक श्री उज्ज्वल ता, निदेशक, Directorate General of Mines Safety (DGMS) की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में सभाध्यक्ष के रूप में सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री निलेंदु कुमार सिंह सहित निदेशकगण, खान सुरक्षा महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि, श्रमिक संगठनों के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
यह वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह दिसंबर माह में “सुरक्षा से उन्नति” थीम पर मनाया गया, जो खदान कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है। इस अवसर पर NTPC Limited, Tata Steel Limited तथा Fair Carbon सहित अन्य प्रतिष्ठित संगठनों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र में सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करना, सुरक्षित कार्य व्यवहार को प्रोत्साहित करना, ‘ज़ीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य को प्राप्त करना तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों एवं कर्मियों को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करना था। समारोह के दौरान सुरक्षा मानकों के अनुपालन, नवाचार, अनुशासन एवं उत्तरदायी कार्यसंस्कृति पर विशेष बल दिया गया।
विशेष आकर्षण के रूप में बरका सयाल क्षेत्र द्वारा प्रस्तुत सुरक्षा मॉडल- जो हाल के वर्षों में किए गए सतत (Sustainable) प्रयासों, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग एवं सुरक्षित उत्पादन पद्धतियों पर आधारित था, को सर्वश्रेष्ठ घोषित करते हुए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने क्षेत्र की सुरक्षा एवं सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया।
यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खनन उद्योग में “सुरक्षा सर्वोपरि” के संकल्प को पुनः सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।
सीसीएल अपने कार्यक्षेत्र में प्रत्येक श्रमिक एवं हितधारक की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उच्चतम सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए कृतसंकल्पित है।
रांची। कोल इंडिया लिमिटेड के अंतर कंपनी टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 का आज भव्य समापन हुआ। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता MECON स्टेडियम में खेली जा रही थी। फाइनल मुकाबला सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बीच खेला गया, जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया।
टॉस जीतकर सीसीएल ने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। एनसीएल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट पर 125 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए सीसीएल की टीम ने रोमांचक मुकाबले में आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर जीत दर्ज की और खिताब अपने नाम किया।
गरिमामय उपस्थिति
फाइनल मुकाबले के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार उपस्थित रहे। इसके साथ ही सीआईएल एवं सीसीएल वेलफेयर बोर्ड के सदस्य तथा महाप्रबंधकगण भी समारोह में मौजूद रहे। सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, “मैं स्वयं एक खिलाड़ी रहा हूं, इसलिए खेल भावना को भली-भांति समझता हूं और उसे सलाम करता हूं। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी 10 टीमें मेरी हैं, चाहे कोई जीते या हारे, सभी विजेता हैं।”
पुरस्कार वितरण समारोह
फाइनल मुकाबले में सीसीएल के धनंजय सेदरिया को “मैन ऑफ द मैच” का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने मात्र 9 गेंदों में नाबाद 21 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, सीसीएल के हिमांशु धूमाश को पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “प्लेयर ऑफ द सीरीज” का पुरस्कार दिया गया।
एनसीएल के राहुल को “बेस्ट बैट्समैन” तथा सीसीएल के जिशान नवाज खान को “बेस्ट बॉलर” का अवॉर्ड प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि यह टूर्नामेंट 20 फरवरी, 2026 को भव्य उद्घाटन के साथ प्रारंभ हुआ था और 28 फरवरी, 2026 को फाइनल मुकाबले के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 20 से 28 फरवरी तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 10 टीमों ने भाग लिया। यह आयोजन कोल इंडिया परिवार में टीम भावना, कर्मचारी सहभागिता और सकारात्मक कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
सीसीएल सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में कोयला खनन के साथ-साथ सीएसआर, कल्याण, खेल एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों, श्रमिकों, ग्रामीणों एवं हितधारकों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय, राँची में आज एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फरवरी, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 3 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से कुल 123 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई। ज्ञात हो कि सीसीएल मुख्यालय के अलावा बरका-सयाल क्षेत्र से 16, पिपरवार क्षेत्र से 10, अरगड़ा क्षेत्र से 7, एनके क्षेत्र से 9, राजहरा क्षेत्र से 1, सीडब्लूएस से 3, कुजू से 4, हजारीबाग क्षेत्र से 6, बी एंड के क्षेत्र से 10, कथारा क्षेत्र से 22, ढोरी क्षेत्र से 20, रजरप्पा क्षेत्र से 10, गिरिडीह क्षेत्र से 1 तथा केंद्रीय अस्पताल, रामगढ़ से 1 कर्मी आज सेवा निवृत्त हुए।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएँ एवं स्मृतियाँ साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- श्री बृज मोहन रजक, लेखपाल ए-1, एम एंड एस विभाग; श्रीमती गीता सिंह, लिपिक ग्रेड-1, मानव संसाधन विभाग एवं श्री बंधन ऊरावं, हेड सिक्योरिटी गार्ड, सिक्योरिटी विभाग।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीसीएल के महाप्रबंधक (अधिकारी स्थापना/कल्याण) श्री संजय ठाकुर उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री संजय ठाकुर ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को उनके जीवन की अगली पारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह सीसीएल परिवार के लिए अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है कि आप सभी ने पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ अपने सेवाकाल को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। संगठन के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और योगदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।उन्होंने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति के उपरांत भी आप अपने बहुमूल्य अनुभव और ज्ञान का उपयोग समाज के उत्थान एवं जनकल्याण के कार्यों में करें तथा जीवन के आगामी चरण में धन एवं संसाधनों का विवेकपूर्ण और जिम्मेदार प्रबंधन करते हुए एक सकारात्मक एवं संतुलित जीवन व्यतीत करें।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को गरिमामय एवं आत्मीय वातावरण में विदाई दी गई। इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री तथा ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री, झारखंड सरकार, दीपिका पांडेय सिंह ने राष्ट्रपति को राज्य की सखी मंडल की दीदियों द्वारा स्नेहपूर्वक तैयार ‘ पलाश’ ब्रांड का विशेष उपहार भेंट किया।
‘पलाश’ ब्रांड झारखंड की महिलाओं की प्रतिबद्धता, परिश्रम और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। सखी मंडलों से जुड़ी हजारों महिलाएं स्थानीय संसाधनों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर न केवल अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। खाद्य सामग्री से लेकर हस्तशिल्प एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं तक, ‘पलाश’ आज विश्वसनीयता और गुणवत्ता का पर्याय बनता जा रहा है और घर-घर में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सखी मंडलों को प्रशिक्षण, विपणन मंच और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके। ‘पलाश’ केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर झारखंड की दिशा में बढ़ता हुआ एक सशक्त आंदोलन है।
झारखंड सरकार प्रदेशवासियों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने और ‘पलाश’ जैसे स्वदेशी ब्रांड को बढ़ावा देने का आह्वान करती है, ताकि सामुदायिक सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां मिल सकें।
रांची। भारतीय लोक कला की समृद्ध परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाली प्रख्यात मधुबनी कलाकार श्रीमती इंदु मिश्रा को मधुबनी पेंटिंग श्रेणी में ‘आर्टिस्ट ऑफ द ईयर’ सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान Adreneur Consultancy Services द्वारा प्रदान किया गया। यह उपलब्धि उनके समर्पण, साधना और भारतीय लोक कला के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है।
इस अवसर पर इंदु मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए विनम्रता और गर्व का क्षण है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, बच्चों, मित्रों एवं शुभचिंतकों के निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने कहा, “कला भले ही एक एकाकी यात्रा प्रतीत होती हो, पर मैंने यह सफर कभी अकेले तय नहीं किया। मेरी हर कूची की रेखा के पीछे मेरे अपनों का प्रेम और विश्वास है।”
विशेष रूप से उन्होंने यह सम्मान पूर्व क्रिकेट दिग्गज Chetan Sharma के हाथों प्राप्त करने को गौरवपूर्ण क्षण बताया, जिन्होंने विश्व कप में भारत की पहली हैट्रिक लेकर इतिहास रचा था।
*2013 से प्रारंभ हुई प्रेरक कलायात्रा*
इंदु मिश्रा की कला यात्रा वर्ष 2013 में एक स्वाभाविक रुचि के साथ शुरू हुई। स्वशिक्षित कलाकार के रूप में उन्होंने मधुबनी की पारंपरिक शैली को आत्मसात करते हुए उसे आधुनिक संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। मिथिला की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित उनकी कलाकृतियाँ सूक्ष्म रेखांकन, लयात्मक संरचना, प्रतीकात्मक कथात्मकता और जीवंत रंगों के लिए जानी जाती हैं।
*राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त उपस्थिति*
इंदु मिश्रा देश-विदेश में 40 से अधिक एकल एवं समूह प्रदर्शनियों में भाग ले चुकी हैं। उनकी एकल प्रदर्शनियाँ Lalit Kala Akademi (नई दिल्ली), Indira Gandhi National Centre for the Arts तथा India Habitat Centre जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित हो चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त उनकी कलाकृतियाँ National Crafts Museum & Hastkala Academy, Nehru Centre तथा जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कला मेलों सहित अनेक प्रमुख मंचों पर प्रदर्शित हो चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित इंडिया आर्ट फेस्टिवल में भारतीय लोक कला का प्रतिनिधित्व कर मधुबनी की वैश्विक पहचान को सशक्त किया।
सम्मान और उपलब्धियाँ
वर्ष 2019 में उन्हें मधुबनी कला के प्रचार-प्रसार के लिए ‘अग्निपथ कला रत्न सम्मान’ से नवाजा गया। वर्ष 2023 में Prabhat Khabar द्वारा ‘अपराजिता कला सम्मान’ प्रदान किया गया। उनकी उपलब्धियों को ‘इन्फ्लुएंशियल इंडियंस’ कॉफी टेबल बुक 2023 में भी स्थान मिला है।
उनकी कलाकृतियाँ प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक Prakash Jha तथा Prakash Pai सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों के निजी संग्रह में शामिल हैं। साथ ही Bank of India, Jharkhand High Court, Hindustan Petroleum Corporation Limited, Central Reserve Police Force तथा Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी उनकी कृतियाँ सुशोभित हैं।
*परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प*
श्रीमती इंदु मिश्रा की कला केवल चित्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है। ‘आर्टिस्ट ऑफ द ईयर’ सम्मान उनकी वर्षों की तपस्या, संघर्ष और रचनात्मक साधना का प्रमाण है।
अपने समर्पण और सृजनात्मक ऊर्जा के साथ इंदु मिश्रा मधुबनी कला की इस अमूल्य विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
रांची। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन (IHRO) के तत्वावधान में रांची में एक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर रक्तदान किया और मानवता की सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।यह विशेष मिशन डॉ. नेम सिंह प्रेमी (वर्ल्ड चेयरमैन, IHRO) एवं राज अंजुम (नेशनल एडवाइजर, बिहार–झारखंड प्रभारी) द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के आधार पर प्रारंभ किया गया। उनके मार्गदर्शन और संकल्प से ही इस अभियान को पूरे झारखंड में व्यापक स्तर पर चलाने की रूपरेखा तैयार की गई।संगठन ने घोषणा की कि झारखंड के प्रत्येक जिले में रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए 100 अतिरिक्त सक्रिय सदस्यों को जोड़ा जाएगा। ये सदस्य IHRO की जिला कमेटी का हिस्सा बनकर गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहेंगे।
इस आयोजन में प्रमुख पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही:
???? डॉ. नेम सिंह प्रेमी – वर्ल्ड चेयरमैन, IHRO
???? रोहित साहा – कन्वेनर एवं जिला उपाध्यक्ष
???? राज अंजुम – नेशनल एडवाइजर (बिहार–झारखंड प्रभारी)
???? मुकेश कुमार अग्रवाल – स्टेट जनरल सेक्रेटरी, झारखंड
सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से संदेश दिया कि:
“रक्तदान महादान है — यह किसी को नया जीवन देने का सबसे पवित्र माध्यम है।”इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन (IHRO) का लक्ष्य है कि पूरे झारखंड में नियमित रूप से रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और सामाजिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि हर जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।यह अभियान मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में एक सशक्त पहल है।
रांची: समाजसेवा और मानवता के प्रति समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए इंटरनेशनल ह्यूमन राइट एवं अराउंड केयर फाउंडेशन की संयुक्त पहल पर रांची के बिरसा मुंडा जेल पार्क स्थित में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए दर्जनों युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य रक्त की कमी से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना था। शिविर के दौरान उपस्थित चिकित्सकीय टीम द्वारा रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया। पूरे आयोजन में अनुशासन, पारदर्शिता और सेवा भावना का विशेष ध्यान रखा गया।
इस अवसर पर इंटरनेशनल हमंस राइट संगठन के स्टेट जनरल सेक्रेटरी मुकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान महादान है और यह किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि संस्था का प्रयास है कि झारखंड के हर जिले में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आपात स्थिति में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े।
उन्होंने आगे कहा कि समाज के सहयोग और युवाओं की भागीदारी से ही ऐसे मानवीय कार्य सफल होते हैं। संस्था का लक्ष्य केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाना भी है।
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि संगठन झारखंड के विभिन्न जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। विशेष रूप से में बिरहोर समुदाय के उत्थान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बिरहोर समुदाय उन आदिम जनजातीय समूहों में शामिल है जो विलुप्ति के कगार पर हैं। संस्था द्वारा वहां शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में युवा वर्ग की भागीदारी उल्लेखनीय रही। इसके साथ ही कई जाने-माने सामाजिक हस्तियां एवं सेवानिवृत्त आर्मी कर्मी भी शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने रक्तदान कर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया।
शिविर के समापन अवसर पर रक्तदान करने वाले सभी दाताओं को फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति-पत्र (सर्टिफिकेट) एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त कर रक्तदाताओं ने कहा कि उन्हें इस मानवीय कार्य का हिस्सा बनकर गर्व महसूस हो रहा है और भविष्य में भी वे ऐसे अभियानों से जुड़ते रहेंगे।
यह रक्तदान शिविर न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए सहारा बना, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का मजबूत संदेश भी छोड़ गया। आयोजकों ने भविष्य में और भी बड़े स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस नेक पहल से जुड़ सकें।इस अवसर पर कई कार्यकता मौजूद थे।
